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                <title>Gulabi Sundi - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Gulabi Sundi: कपास की फसल मे गुलाबी सुंडी की जांच करने ढुकड़ा पहुंची कृषि विभाग की टीम, नहीं दिखा गुलाबी सूँडी का प्रकोप</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्रीय केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र फ़रीदाबाद की टीम ने किया निरीक्षण चोपटा (सच कहूँ/भगत सिंह)। Sirsa News: क्षेत्र के गाँव ढुकड़ा मे पिछले दिनों किसानों ने कपास की फसल पर गुलाबी सूँडी का प्रकोप बताकर फसल को नष्ट कर दिया था। इसको लेकर कृषि विभाग की टीम ने ढुकड़ा के खेतों में निरीक्षण किया। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-team-of-agriculture-department-reached-dhukda-to-check-the-pink-caterpillar-in-the-cotton-crop/article-59366"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/chopta-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">क्षेत्रीय केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र फ़रीदाबाद की टीम ने किया निरीक्षण</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चोपटा (सच कहूँ/भगत सिंह)।</strong> Sirsa News: क्षेत्र के गाँव ढुकड़ा मे पिछले दिनों किसानों ने कपास की फसल पर गुलाबी सूँडी का प्रकोप बताकर फसल को नष्ट कर दिया था। इसको लेकर कृषि विभाग की टीम ने ढुकड़ा के खेतों में निरीक्षण किया। यह जानकारी देते हुए कृषि विकास अधिकारी शैलेंद्र सहारण ने बताया कि कृषि मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से क्षेत्रीय केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र फ़रीदाबाद से आई हुई टीम सुनील चंद्रा, सहायक निदेशक, लक्ष्मी चंद, वनस्पति संरक्षण अधिकारी और सूरज बरनवाल, सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी व कृषि विभाग नाथूसरी चोपटा कृषि विकास अधिकारी शैलेंद्र सहारण पौध संरक्षण अधिकारी सन्त लाल बेनीवाल, मदन लाल, सुरेंद्र</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीवाइजर द्वारा गाँव-दुकड़ा, के किसान नरसी पुत्र टोडर मल, दलबीर पुत्र मुंशी राम व राजकुमार के खेत में “कपास के खेत मे गुलाबी सूँडी का हमला और 40 फीसदी तक फसल बर्बाद” सर्वेक्षण करा गया और पाया गया कि गुलाबी सूँडी का प्रकोप अभी कपास पर बिल्कुल भी नहीं है। और इस पर कपास की खेती करने वाले किसानों को यह सलाह भी दी गई की जिन किसानों ने अपने खेत मे नरमे की लकड़ियों को भंडारित कर रखा है, उन किसानों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि इन किसानों के खेतों मे गुलाबी सूँडी का प्रभाव अधिक होता है इसके अलावा उन्हे सुझाव दिया जाता है कि नरमे की लकड़ियों को खेत मे इकट्ठा ना करे और अगर करते है तो उन्हे प्लास्टिक की शीट से ढक कर रखे साथ ही फसल की शुरुवाती अवस्था मे गुलाबी सूँडी से प्रभावित नीचे गिरे रोसेट फूल, फूल डोडी व टिंडों आदि को एकत्रित कर</p>
<p style="text-align:justify;">जला दे। किसानों को ये भी सलाह दी जाती है कि लगातार अपनी फसल की निगरानी करे तथा फसल के 60 दिन के हो जाने पर एन.एस.के.ई 5% का छिड़काव करे। फसल की बिजाई के 40-50 दिनों के बाद दो फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ लगाए तथा रोजाना खेत मे जाकर ट्रैप को देखे कि उसमे कीटों की कितनी संख्या रहती है। इनमे 5-8 कीट प्रति ट्रैप लगातार तीन दिन तक आने पर ही कीट का आर्थिक हानि स्तर माना जाता है और ऐसी स्थिति होने पर किसान तुरंत केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड और पंजीकरण समिति द्वारा गुलाबी सूँडी के लिए अनुशंसित कीटनाशकों का अनुशंसित मात्रा पर छिड़काव करे और अपनी फसल बचाए। इसके अलावा टीम के सदस्यों द्वारा मित्र कीटों जैसे कि ट्राईकोग्रामा, लेडी बर्ड बीटल एवं क्राइसोपर्ला आदि का संरक्षण करे ये भी बताया गया। Sirsa News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Family ID: फैमिली आईडी को लेकर प्रदेश की जनता परेशान: राठी" href="http://10.0.0.122:1245/people-of-the-state-are-worried-about-family-id-jagdish-rathi/">Family ID: फैमिली आईडी को लेकर प्रदेश की जनता परेशान: राठी</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 21:41:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गुलाबी सुंडी व बेमौसमी बारिश से फसल में हुए खराबे का मिले मुआवजा</title>
                                    <description><![CDATA[जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्टर को सौंपा मांगपत्र हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। जिला कांग्रेस कमेटी ने गुलाबी सुंडी (Gulabi Sundi) व बारिश-आंधी की वजह से खराब हुई नरमा, ग्वार व मूंग की गिरदावरी करवाकर प्रभावित किसानों (Farmers) को मुआवजा दिलवाने की मांग जिला प्रशासन से की है। इस संबंध में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/demand-for-compensation-for-crop-damage/article-52979"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/district-colector.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्टर को सौंपा मांगपत्र</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जिला कांग्रेस कमेटी ने गुलाबी सुंडी (Gulabi Sundi) व बारिश-आंधी की वजह से खराब हुई नरमा, ग्वार व मूंग की गिरदावरी करवाकर प्रभावित किसानों (Farmers) को मुआवजा दिलवाने की मांग जिला प्रशासन से की है। इस संबंध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों ने गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी के नेतृत्व में जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी ने कहा कि हनुमानगढ़ जिले के किसानों, व्यापारियों व आमजन की अनेकों समस्याएं हैं। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इन समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होने के कारण बड़े जन आंदोलन की स्थिति पैदा हो जाती है और आंदोलन में आमजन के लिए बहुत बड़ी असुविधा हो जाती है। अनहोनी होने की बहुत बड़ी संभावना बनी रहती है। जन भावना भी ऐसी बनी हुई है और ऐसा कई बार हुआ भी है कि आंदोलन के बाद समस्याओं का समाधान हुआ है। बिना वजह सरकार की बदनामी होती है। दादरी ने कहा कि केन्द्र सरकार की वजह से नरमा के बीटी बीज में नॉन बीटी बीज मिला देने से नरमा की पूरी फसल में गुलाबी सुंडी का भयंकर प्रकोप हो गया है। प्रत्येक टिंडे में गुलाबी सुंडी (Gulabi Sundi) है। ऐसे में केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर नरमा में गुलाबी सुंडी की वजह से हुए नुकसान का मुआवजा किसान को दिलवाया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">दादरी ने बताया कि ग्वार व मूंग की फसल भी अच्छी तरह से पककर तैयार थी। कुछ किसानों की ओर से फसल को काट भी लिया गया था परन्तु सितम्बर माह में लगातार बेमौसमी बारिश के कारण मूंग व ग्वार की फसल में भारी नुकसान हुआ है। मूंग तो वर्षा के कारण उग गए और काला होकर सडऩे लगा है। इसलिए ग्वार व मूंग फसल की भी गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दिलवाया जाए। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा मांगपत्र में समय पर मूंग की सरकारी खरीद शुरू करवाने, रबी की बिजाई के लिए भाखड़ा क्षेत्र की नहरों को 1650 क्यूसेक पानी दिलवाने, शराब के अवैध ठेकों को बंद करवाने, मृतक प्रकरण में आम्र्स लाइसेंस जारी करने तथा जल जीवन मिशन के अधूरे पड़े कार्य शीघ्र पूर्ण करवाने की मांग की गई। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर ओबीसी वित्त आयोग अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) पवन गोदारा, जिला प्रमुख कविता मेघवाल, पीसीसी सचिव मनीष गोदारा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष जिनेंद्र जैन, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देहात अध्यक्ष संदीपसिंह सिद्धू, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गुरमीत सिंह चंदड़ा, पार्षद मनोज सैनी, पूर्व विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष अश्विनी पारीक, पूर्व महामंत्री जगदीश राठौड़, कोषाध्यक्ष बलराज सिंह, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरपंच नवनीत कौर, रोहित स्वामी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। Hanumangarh News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गहलोत ने दिए फसल खराबे पर गिरदावरी दस दिन में हो पूरी करने के निर्देश" href="http://10.0.0.122:1245/gehlot-gave-instructions-to-complete-girdawari-on-crop-failure-in-ten-days/">गहलोत ने दिए फसल खराबे पर गिरदावरी दस दिन में हो पूरी करने के निर्देश</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/demand-for-compensation-for-crop-damage/article-52979</link>
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                <pubDate>Thu, 28 Sep 2023 14:52:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>किसानों ने डाला जिला कलक्ट्रेट के सामने डेरा</title>
                                    <description><![CDATA[हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। गुलाबी सुंडी (Gulabi Sundi) के प्रकोप से नरमा की फसल में हुए खराबे की विशेष गिरदावरी करवाकर प्रति बीघ 50 हजार रुपए मुआवजा देने की मांग को लेकर नरमा उत्पादक किसानों ने मंगलवार को पूर्व घोषणानुसार जिला कलक्ट्रेट (District Collectorate) के सामने पड़ाव डाल दिया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/farmers-camped-in-front-of-the-district-collectorate/article-52890"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/farmers-in-fromt-colectrate.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> गुलाबी सुंडी (Gulabi Sundi) के प्रकोप से नरमा की फसल में हुए खराबे की विशेष गिरदावरी करवाकर प्रति बीघ 50 हजार रुपए मुआवजा देने की मांग को लेकर नरमा उत्पादक किसानों ने मंगलवार को पूर्व घोषणानुसार जिला कलक्ट्रेट (District Collectorate) के सामने पड़ाव डाल दिया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले डाले गए पड़ाव में काफी संख्या में किसान शामिल हुए। इस दौरान सभा कर किसान प्रतिनिधियों ने ठोस आश्वासन न मिलने पर बेमियादी समय के लिए पड़ाव जारी रखने की चेतावनी दी। Hanumangarh News</p>
<h3>खराबे की विशेष गिरदावरी करवा प्रति बीघ 50 हजार रुपए मुआवजा देने की मांग</h3>
<p style="text-align:justify;">पड़ाव स्थल पर हुई सभा में किसान नेता रेशमसिंह मानुका ने कहा कि यहां कीट वैज्ञानिक आए। उन्होंने सर्वे किया लेकिन किसानों के साथ रिपोर्ट सांझा नहीं की। इसी बीच बारिश और आंधी की वजह से शेष बची नरमा की फसल भी पूर्णतया नष्ट हो गई। ग्वार और मूंग की फसल भी खराब हो गई। रेशमसिंह मानुका ने बताया कि संबंधित अधिकारियों से मूंग की खरीद को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि 1 नवंबर से मूंग की सरकारी खरीद शुरू होगी। यानि अभी पूरा अक्टूबर माह पड़ा है। Farmers Protest</p>
<p style="text-align:justify;">बारिश की वजह से मूंग की अधिकतर फसल बर्बाद हो चुकी है। जिन किसानों ने मूंग की फसल काट ली है, उनकी मजबूरी औने-पौने दामों में बाजार में बेचने के लिए जाने की है जबकि अधिकारी कह रहे हैं कि 1 नवंबर से मूंग की खरीद शुरू की जाएगी। मूंग की फसल कटकर तैयार है और बाजार में पहुंच चुकी है। तब तक किसान अपने घर पर फसल नहीं रख सकता। उन्होंने बताया कि 11 सितम्बर को प्रशासन के साथ तय हुई बातों पर अमल नहीं हुआ। इसके खिलाफ किसानों ने जिला कलक्ट्रेट के समक्ष पड़ाव डाला है। Farmers Protest</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी मांग है कि गुलाबी सुंडी व बारिश-आंधी से खराब हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करवाकर नरमा का प्रति बीघा 50 हजार रुपए मुआवजा दिया जाए। खराब हुई ग्वार, मूंग, मोठ, बाजरा की फसल का भी उचित मुआवजा प्रभावित किसानों को दिया जाए। धान, मूंग और नरमा की खरीद एमएसपी पर तुरंत शुरू हो। रामेश्वर वर्मा ने कहा कि गुलाबी सुंडी व बेमौसमी बारिश-आंधी की वजह से किसान की नरमा की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में जो नरमा मंडी में पहुंच रहा है उसे कोई खरीदने वाला नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि किसान बर्बादी की कगार पर खड़ा है, ऊपर से सरकार उनकी जमीन की कुर्की करवा रही है। कुर्की की कार्यवाही बंद कर किसान की फसल की खरीद एमएसपी पर हो। उन्होंने कहा कि अगर सरकार-प्रशासन ने बात नहीं सुनी तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। Hanumangarh News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="भुगतान न होने से सरपंच नाराज, जिला कलक्ट्रेट के समक्ष धरना-प्रदर्शन" href="http://10.0.0.122:1245/sarpanch-angry-over-non-payment-protest-in-front-of-district-collectorate/">भुगतान न होने से सरपंच नाराज, जिला कलक्ट्रेट के समक्ष धरना-प्रदर्शन</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/farmers-camped-in-front-of-the-district-collectorate/article-52890</link>
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                <pubDate>Tue, 26 Sep 2023 16:32:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गुलाबी सुंडी व टिंडा ग्लन की बीमारी से गांव नांगल के किसानों की 80 से 100 प्रतिशत फसल खराब</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों की मांग: कपास की बर्बाद फसल का सर्वे करवाकर प्रति एकड़ मुआवजा दिलवाए प्रशासन गांव के 700 से 800 एकड़ कपास की फसल हुई है बर्बाद : नांगल सरपंच | Gulabi Sundi भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। भिवानी जिला के गांव नांगल के ग्रामीणों ने आज बड़ी संख्या में अपनी बर्बाद हुई कपास की फसल (Cotton […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/crops-of-farmers-of-village-nangal-spoiled-due-to-pink-bollworm/article-52620"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/bhiwani-news.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">ग्रामीणों की मांग: कपास की बर्बाद फसल का सर्वे करवाकर प्रति एकड़ मुआवजा दिलवाए प्रशासन</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;">गांव के 700 से 800 एकड़ कपास की फसल हुई है बर्बाद : नांगल सरपंच | Gulabi Sundi</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)।</strong> भिवानी जिला के गांव नांगल के ग्रामीणों ने आज बड़ी संख्या में अपनी बर्बाद हुई कपास की फसल (Cotton Crop) को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर पहुंच बर्बाद फसल का सर्वे करवाकर मुआवजा दिए जाने की मांग की। गांव के सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हाथों में कपास की बर्बाद फसल व कीड़ा लगे कपास के टिंडों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा तथा उन्हे अपनी खराब फसल की भरपाई की मांग की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बर्बाद फसलों के साथ उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीण | Gulabi Sundi</h3>
<p style="text-align:justify;">गांव के सरपंच कुलदीप, बुजुर्ग राजमल व युवा किसान मोहित ने बताया कि उनके गांव की लगभग 700 से 800 एकड़ कपास की फसल गुलाबी सुंडी व बीमारी के लगने से 80 से 100 प्रतिशत के लगभग खराब हो गई। गांव के सभी कपास उत्पादक किसानों पर इन बीमारियों का प्रभाव पड़ा। इससे गांव में कपास की फसल को बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि भिवानी जिला प्रशासन जल्द से जल्द गांव नांगल की बर्बाद हुई कपास की फसल का कृषि विभाग के माध्यम से सर्वे करवाकर मुआवजे की व्यवस्था करें। ग्रामीणों ने मांग की कि प्रति एकड़ कपास की बिजाई, खाद, दवाई व सिंचाई खर्च को देखते हुए प्रशासन जल्द से जल्द सर्वे करवा किसानों को 40 से 45 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिलवााएं। Gulabi Sundi</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने कहा कि गांव के किसानों को सर्वे करवाने के बाद बीमा कंपनियों के माध्यम से क्लेम दिलवाने का कार्य जिला प्रशासन करवाएं, ताकि किसान कपास की बीामरी की मार आर्थिक रूप से सहन करने में सक्षम हो पाएं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने बीमा नहीं करवाया है, उनके लिए भी प्रशासन अन्य माध्यमों से मुआवजे की व्यवस्था करें, ताकि 80 से 100 प्रतिशत तक कपास के खराबे की भरपाई की जा सकें। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन गांव की बर्बाद फसलों के मुआवजे की व्यवस्था नहीं करता है तो ग्रामीणों को मजबूरन आंदोलन पर उतरना होगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="महिलाओं ने ‘नारी अधिनियम’ को बताया क्रांतिकारी कदम" href="http://10.0.0.122:1245/women-called-womens-act-a-revolutionary-step/">महिलाओं ने ‘नारी अधिनियम’ को बताया क्रांतिकारी कदम</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Sep 2023 17:43:50 +0530</pubDate>
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                <title>गुलाबी सुंडी के प्रकोप से किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[हताश किसान नरमे की खड़ी फसल पर चला रहे ट्रेक्टर | Gulabi Sundi गोरीवाला (सच कहूँ/अनिल)। नरमे की बुआई के समय बरसात उचित समय पर हुई, जबकि फसल पकने के अंतिम कगार पर जाकर गुलाबी सुंडी (Gulabi Sundi) ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। फसल की पकाव के समय को ध्यान में रखते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-troubled-by-outbreak-of-gulabi-sundi/article-52422"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/gulabi-sundi-1.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">हताश किसान नरमे की खड़ी फसल पर चला रहे ट्रेक्टर | Gulabi Sundi</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>गोरीवाला (सच कहूँ/अनिल)।</strong> नरमे की बुआई के समय बरसात उचित समय पर हुई, जबकि फसल पकने के अंतिम कगार पर जाकर गुलाबी सुंडी (Gulabi Sundi) ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। फसल की पकाव के समय को ध्यान में रखते हुए किसानों ने उच्च क्वालिटी की पेस्टिसाइड व कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव निरंतर जारी रखा। अंतिम पड़ाव पर जाकर किसान की अरमान चकनाचूर हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">जिससे हताश होकर 10 फु ट की ऊंचाई के नरमे की बुआई कर दी गई। गुलाबी सुंडी (Gulabi Sundi) होने के कारण मजदूर कटाई करने के लिए तो सहमत हो जाते है, परंतु नरमे की लकड़ियों को ट्राली में भरने के लिए आनाकानी करते है। गुलाबी सुंडी से निजात पाने के लिए किसानों ने करीब 7 स्प्रे उत्तम क्वालिटी का छिड़काव किया। परंतु गुलाबी सुंडी की भरमार निरंतर बढ़ती चली जा रही है। किसान इससे पूरी तरह से हताहत हो गए है। किसान रवि कुमार ने बताया की चार एकड़ में शुरूआती दौर में नरमे की फसल बहुत अच्छी पैदावार देने के लिए तैयार थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे-जैसे नरमा पकाव की तरफ गया तो किसान के चेहरे खिले हुए थे। कुछ उम्मीदें भी बढ़ने लगी थी। जैसे ही अचानक पौधे पर लगे टिंडे पकाव की तरफ अग्रसर होने लगे तो उसमें गुलाबी सुंडी की भरमार हो गई। जिसको नष्ट करने के लिए महंगी स्प्रे आदि की गई। एक नहीं बल्कि 7-7 स्प्रे कर दी गई। लेकिन गुलाबी सुंडी पर इसका बिल्कुल भी असर नहीं दिखाई नहीं दे रहा। अनेक प्रकार के गुलाबी सुंडी से बचाव के उपचार किए गए, परंतु गुलाबी सुंडी का कहर निरंतर जारी रहा। जिसे हताश होकर मजदूरों द्वारा लड़कियों की पटाई न करने के चलते करीब 10 फीट ऊंचाई के नरमें को ट्रैक्टर के द्वारा जमीन में ही बुआई कर दी गई।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="मथुरा में सड़क हादसे में चार मरे" href="http://10.0.0.122:1245/four-died-in-road-accident-in-mathura/">मथुरा में सड़क हादसे में चार मरे</a></p>
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                <pubDate>Sat, 16 Sep 2023 16:15:45 +0530</pubDate>
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