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                <title>chikungunya - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Chikungunya: संगरूर ज़िले में संभावित चिकनगुनिया का प्रकोप, मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[संगरूर (सच कहूँ न्यूज़)। Chikungunya: पिछले एक महीने से सुनाम और आसपास के क्षेत्रों में एक रहस्यमयी बुखार फैल रहा था। कई समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, इन मरीजों के चिकनगुनिया, डेंगू और यहाँ तक कि टायफॉइड के टेस्ट भी अक्सर निगेटिव आ रहे थे, जिससे डॉक्टर और मरीज दोनों उलझन में थे। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/possible-chikungunya-outbreak-in-sangrur-district/article-76421"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/sangrur-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chikungunya: पिछले एक महीने से सुनाम और आसपास के क्षेत्रों में एक रहस्यमयी बुखार फैल रहा था। कई समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, इन मरीजों के चिकनगुनिया, डेंगू और यहाँ तक कि टायफॉइड के टेस्ट भी अक्सर निगेटिव आ रहे थे, जिससे डॉक्टर और मरीज दोनों उलझन में थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>इसके बावजूद, मरीजों में जो लक्षण दिख रहे थे, वे स्पष्ट रूप से चिकनगुनिया से मेल खाते थे | Sangrur News</strong><br />
• तेज़ बुखार<br />
• शरीर में अत्यधिक कमजोरी<br />
• हाथ-पाँव में अकड़न और दर्द<br />
• पैरों पर वजन डालने में कठिनाई<br />
• जोड़ों में सूजन<br />
• भूख की कमी<br />
• शरीर पर लाल चकत्ते और खुजली</p>
<p style="text-align:justify;">अब पिछले 6–7 दिनों से यही बीमारी संगरूर ज़िले में भी तेजी से फैलती दिखाई दे रही है। बड़ी संख्या में मरीज इन्हीं लक्षणों के साथ अस्पतालों में पहुँच रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति डराने वाली ज़रूर है परन्तु घबराने की नहीं। कई मामलों में टेस्ट रिपोर्ट अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन लक्षण चिकनगुनिया की ओर ही संकेत कर रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जनता के लिए महत्वपूर्ण संदेश | Sangrur News</h3>
<p style="text-align:justify;">• बुखार सामान्यत: 1–3 दिनों में उतर जाता है।<br />
• जोड़ों का दर्द और अकड़न 1 हफ़्ते तक रह सकता है, कुछ दुर्लभ मामलों में 3–4 हफ़्तों तक भी।<br />
• धैर्य रखें और घबराएँ नहीं।<br />
• अपने भरोसेमंद पारिवारिक डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लें।<br />
• बार-बार डॉक्टर बदलने या स्वयं दवा लेने से बचें।<br />
• खून की जाँच ज़रूरी है, ताकि प्लेटलेट्स और अन्य कोशिकाओं की संख्या में कमी न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">यह समय अफ़वाहों और डर से बचने का है। जागरूकता और संयम ही इस प्रकोप से निपटने का सबसे बड़ा हथियार है।<br />
<strong>— डॉ. अमनदीप अग्रवाल</strong><br />
प्रो. आर. डी. अग्रवाल मैमोरियल हॉस्पिटल, संगरूर<br />
नाभा गेट के बाहर, संगरूर, 📞 9872192793</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="इंदिरापुरम में लगातार हो रहे हैं विकास कार्य: महापौर" href="http://10.0.0.122:1245/the-mayor-laid-the-foundation-stone-for-the-sewer-line-project/">इंदिरापुरम में लगातार हो रहे हैं विकास कार्य: महापौर</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Oct 2025 15:15:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>डेंगू एवं चिकनगुनिया के लक्षण ओर बचाव के बारे किया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर/यमुनानगर (सच कहूँ न्यूज)। Bilaspur News: तीर्थराज श्री कपाल मोचन मेला में प्रशासन द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य से संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें डेंगू जैसे रोगों के बारे में भी जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाई गई स्टॉल पर एएनएम रजविन्दर कौर तथा काउंसलर राकेश कुमार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/awareness-created-about-symptoms-and-prevention-of-dengue-and-chikungunya/article-64352"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/bilaspur-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बिलासपुर/यमुनानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Bilaspur News: तीर्थराज श्री कपाल मोचन मेला में प्रशासन द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य से संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें डेंगू जैसे रोगों के बारे में भी जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाई गई स्टॉल पर एएनएम रजविन्दर कौर तथा काउंसलर राकेश कुमार द्वारा डेंगू, एचआईवी, एड्स एवं टीबी के बारे में जागरूक किया गया। डेंगू व चिकनगुनिया फैलाने वाला ऐडीज मच्छर दिन में काटता है व रुके हुए साफ पानी में ही पनपता है। Yamunanagar News</p>
<p style="text-align:justify;">एएनएम कौर ने बताया कि अकस्मात तेज बुखार, सिर में तेज दर्द, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है। उन्होने बताया कि डेंगू बुखार की रोकथाम सरल, सस्ती और बेहतर है। जरूरत है कुछ सामान्य उपायों का प्रयोग करने का। जिनमें एडीज मच्छरों का प्रजनन (पनपना) रोकने के साथ उनके काटने से बचाव करना। एएनएम रजविन्द्र कौर ने बताया कि इनमें से कोई भी लक्षण होने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सा केन्द्र एवं सरकारी अस्पताल में खून की जांच करवाएं। चिकित्सक की सलाह से ही दवा खाएं। डेंगू व चिकनगुनिया की जांच सभी जिला अस्पतालों में नि:शुल्क उपलब्ध है। Yamunanagar News</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="खाद जमाखोरी पर नकेल: पंजाब में डीएपी अन्य खाद की पर्याप्त उपलब्धता के लिए उड़नदस्ते की 5 टीमें गठित" href="http://10.0.0.122:1245/punjab-action-against-fertilizers-hoarders/">खाद जमाखोरी पर नकेल: पंजाब में डीएपी अन्य खाद की पर्याप्त उपलब्धता के लिए उड़नदस्ते की 5 टीमें गठित</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Nov 2024 17:00:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी अस्पताल में डेंगू मरीजों के 60 बैड आरक्षित, प्लेटलेट्स भी उपलब्ध</title>
                                    <description><![CDATA[मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के प्रति प्रशासन हुआ संजीदा उपायुक्त बोले, रोगों से बचाव व रोकथाम के लिए 50 टीमें कार्यरत | Sirsa News सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जिला में निरंतर अपने पांव फैलाता मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया (Chikungunya) जैसे रोगों के प्रति प्रशासन पूरी तरह से संजीदा नजर आ रहा है। उपायुक्त पार्थ गुप्ता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sixty-beds-reserved-for-dengue-patients-in-government-hospital/article-52723"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/dengue1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के प्रति प्रशासन हुआ संजीदा</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>उपायुक्त बोले, रोगों से बचाव व रोकथाम के लिए 50 टीमें कार्यरत | Sirsa News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)।</strong> जिला में निरंतर अपने पांव फैलाता मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया (Chikungunya) जैसे रोगों के प्रति प्रशासन पूरी तरह से संजीदा नजर आ रहा है। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने आमजन से आह्वान किया कि वे इन रोगों से बचाव के लिए अपने आसपास मच्छर पैदा ही न होने दें तथा नागरिक अपने घरों में सीमेंट से बनी टंकियों को पूरी तरह ढक कर रखें। सप्ताह में एक बार टंकियों, कूलरों, गमलों, शौचालयों में पड़े घड़ों, छतों पर पड़े बेकार टायरों, पशु-पक्षियों के पानी पीने के बर्तनों व अन्य पानी के स्त्रोतों को खाली करें व रगड़कर साफ करें व फिर पानी भरें।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। जमा पानी में मच्छर अंडे देता हैं, जो 7 दिनों में पुन: मच्छर बनकर मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैलाता है। रात को सोते समय कीटनाशक मच्छरदानी या आॅडोमास का प्रयोग करें। शरीर को पूर्ण रूप से ढकने वाले वस्त्र पहने, बुखार होने की स्थिति में अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपना ईलाज करवा सकता है तथा मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम में सहयोग करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अब तक जिला में 124 मरीज मिले डेंगू पॉजिटिव | Sirsa News</h3>
<p style="text-align:justify;">नोडल अधिकारी डॉ. गौरव अरोड़ा ने बताया कि जिला में अब तक कुल 124 मरीज डेंगू के पॉजिटिव मिले हैं जिनमें से 123 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके है। उन्होंने बताया कि अगर किसी को बुखार, सिर दर्द जैसे लक्षण मिलते हंै तो वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपना ईलाज करवा सकता है। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि इसमें घबराने की जरूरत नहीं है तथा डेंगू के मरीजों के ईलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में 60 बैड आरक्षित किए गए हैं तथा प्लेटलेट भी उपलब्ध हैं। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के लिए 50 टीमें लगातार कार्य कर रही है जो घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और मच्छर का लार्वा पाए जाने पर उसे तुरंत प्रभाव से कीटनाशक दवा डालकर नष्ट किया जाता है। उन्होंने बताया कि पॉजिटिव मरीजों के एरिया में नगर परिषद, सरपंच व नंबरदार द्वारा फोगिंग भी करवाई जा रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने डीसी कार्यालय के समक्ष दिया धरना" href="http://10.0.0.122:1245/farmers-protest-in-front-of-dc-office/">संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने डीसी कार्यालय के समक्ष दिया धरना</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sixty-beds-reserved-for-dengue-patients-in-government-hospital/article-52723</link>
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                <pubDate>Fri, 22 Sep 2023 19:57:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>डेंगू व चिकनगुनिया से बचना है तो मच्छरों से रहें सावधान</title>
                                    <description><![CDATA[चिकनगुनिया और डेंगू का मच्छर पूरा दिन सक्रिय रहता है, खासतौर से सुबह और दोपहर में। इसलिए इन जगहों पर जाने से बचें, जहां मच्छर ज्यादा हो। अपनी शरीर पर मच्छर को दूर भगाने वाले उत्पाद या रात को सोते समय नेट का इस्तेमाल करें। पेय पदार्थ को ज्यादा से ज्यादा अपने आहार में शामिल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/beware-of-mosquitoes-if-you-want-to-avoid-dengue-and-chikungunya/article-86965"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/dengu-and-chicken-gunia.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चिकनगुनिया और डेंगू का मच्छर पूरा दिन सक्रिय रहता है, खासतौर से सुबह और दोपहर में। इसलिए इन जगहों पर जाने से बचें, जहां मच्छर ज्यादा हो। अपनी शरीर पर मच्छर को दूर भगाने वाले उत्पाद या रात को सोते समय नेट का इस्तेमाल करें। पेय पदार्थ को ज्यादा से ज्यादा अपने आहार में शामिल करें। मच्छरों द्वारा काटे जाने से बचें, क्योंकि मच्छर आपको काटने के बाद आपके शरीर का इंफेक्शन दूसरे व्यक्ति के शरीर में संक्रमित कर सकता है। बुखार और जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए पेन किलर ले सकते हैं वो भी डॉक्टर की सलाह पर लें।</p>
<p style="text-align:justify;">डेंगू संक्रामक रोग नहीं है और न ही यह एक व्यक्ति से दूसरे तक छूने, साथ खाने और छींकने-खांसने से नहीं पहुंचता। इसमें तेज बुखार आता है, 104 डिग्री तक भी, और सिर-दर्द व बदन-दर्द होता है। चकत्ते भी दिखाई पड़ते हैं और खुजली होती है। कई बार मिचली आती है और उल्टी तक हो जाती है। यदि पेट में दर्द, काला मल, और घबराहट महसूस हो, नाक, मुंह से खून आए तो स्थिति को गंभीर डेंगू कहा जा सकता है। यदि रक्तस्राव हो या प्लेटलेट काउन्ट 10 हजार से नीचे चला जाए तो चिंता का विषय है। पपीते के कोमल पत्तों का रस लेने से और बकरी के दूध का सेवन करने से प्लेटलेट तेजी से बढ़ते हैं। अधिक ठंड के मौसम में डेंगू का खतरा कम हो जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है चिकनगुनिया और डेंगू बुखार</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">डेंगू और चिकनगुनिया दोनों ही बुखार एडिस एजिप्ट मच्छर के काटने से फैलता है। दोनों ही बीमारियों में संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे तक प्रत्यक्ष तौर पर तो नहीं फैलता, लेकिन डेंगू और चिकनगुनिया वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से यह तेजी से फैलता है। डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छर दिन में काटते हैं. आपको बता दें, चिकनगुनिया तथा डेंगू बुखार के बीच अंतर करना कठिन हो सकता है लेकिन हम आपको कुछ बारीक फर्क बता रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मच्छर आता कहां से है?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिकनगुनिया और डेंगू दोनों बीमारियां एक ही वायरस से होती हैं। इस वायरस वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है जो आपके कूलर या गमले में कहीं भी हो सकता है। बरसात की वजह से वातावरण में जो नमी होती है उससे चिकुनगुनिया और डेंगू के मच्छर और ज्यादा पनपते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिकुनगुनिया और डेंगू के लक्षण तकरीबन एक जैसे ही हैं। जैसे की त्वचा पर रैशेज पड़ना, बुखार आना और कमजोरी. लेकिन डेंगू में जहाँ प्लेटलेट्स घट जाते हैं वहीं चिकुनगुनिया में मसल्स और बोन में पेन बहुत ज्यादा होता है। मच्छर काटने के दो से एक सप्ताह बाद इसके लक्षण नजर आते हैं। चिकनगुनिया बुखार आमतौर पर जानलेवा नहीं होता लेकिन पहले से बीमार, बुजुर्गों और बच्चों के जीवन के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। बदन दर्द, ज्वाइंट में दर्द, चकते निकलना, बुखार, सिर दर्द, कमजोरी, भूख न लगना और उल्टी, खांसी, जुकाम इसके प्रमुख लक्षण हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>चिकनगुनिया और डेंगू की पहचान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिकनगुनिया का पता ब्लड टेस्ट और कुछ जरूरी चिकित्सा परिक्षाओं से किया जा सकता है, जिसमें सेरोलॉजिकल और विरोलॉजिकल टेस्ट शामिल हैं. वहीं एनएस 1 टेस्ट डेंगू के लक्षण सामने आने पर शुरूआती पांच दिनों के अंदर किया जाना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कैसे बचें चिकनगुनिया और डेंगू से</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिकनगुनिया और डेंगू का मच्छर पूरा दिन सक्रिय रहता है, खासतौर से सुबह और दोपहर में। इसलिए इन जगहों पर जाने से बचें, जहां मच्छर ज्यादा हो। अपनी शरीर पर मच्छर को दूर भगाने वाले उत्पाद या रात को सोते समय नेट का इस्तेमाल करें। पेय पदार्थ को ज्यादा से ज्यादा अपने आहार में शामिल करें।</p>
<p style="text-align:justify;">मच्छरों द्वारा काटे जाने से बचें, क्योंकि मच्छर आपको काटने के बाद आपके शरीर का इंफेक्शन दूसरे व्यक्ति के शरीर में संक्रमित कर सकता है। बुखार और जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए पेन किलर ले सकते हैं वो भी डॉक्टर की सलाह पर लें। घर पर आराम करें और अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें। मच्छरों से बचें- घरों में रखे गमलों और मनी प्लांट के पौधे से पानी को बदलते रहना चाहिए. घर में रखे पानी से भरे सजावटी सामान से डेंगू के मच्छर पैदा होते. कूलर और वॉथरूम में बाल्टी में पानी नहीं जमने देना चाहिए। शरीर को ढक कर रखें।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अफ्रीका से आई चिकनगुनिया की बीमारी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिकनगुनिया सबसे पहले अफ्रीका स्थित तंजानिया और मोजांबिक के पास मकोंडे नामक स्थान पर 1952-53 में फैला था। उसके बाद यह फिलीपींस में आया। भारत में 1960 के बाद इसके फैलने की रिपोर्ट है। यह एक वायरल बुखार है जो एडीज एजिप्टी नाम के मच्छर के काटने से फैलता है। यह बीमारी सीधे एक मनुष्य से दूसरे में नहीं फैलती। चिकनगुनिया वायरस की चपेट में आए बीमार व्यक्ति को एडीज मच्छर के काटने के बाद फिर स्वस्थ व्यक्ति को काटने से फैलता है। इसका मच्छर दिन में ही काटता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>यह भी हैं बचाव के कुछ उपाय</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">रोगग्रसित मरीज का तुरंत उपचार शुरू करें व तेज बुखार की स्थिति में पेरासिटामाल की गोली दें। एस्प्रिन या डायक्लोफेनिक जैसी अन्य दर्द निवारक दवाई न लें। खुली हवा में मरीज को रहने दें व पर्याप्त मात्रा में भोजन-पानी दें जिससे मरीज को कमजोरी न लगे। फ्लू एक तरह से हवा में फैलता है अत: मरीज से 10 फुट की दूरी बनाए रखें तो फैलने का खतरा कम रहता है। जहां बीमारी अधिक मात्रा में हो, वहां फेस मॉस्क पहनना चाहिए। घर के आसपास मच्छरनाशक दवाइयां छिड़काएं। एडिस मच्छर दिन में काटते हैं, अत: शरीर को पूर्ण रूप से ढंकें। पानी के फव्वारों को हफ्ते में एक दिन सुखा दें। घर के आसपास छत पर पानी एकत्रित न होने दें। घर का कचरा सुनिश्चित जगह पर डालें, जो कि ढंका हो।</p>
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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2020 20:00:03 +0530</pubDate>
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