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                <title>Gaganyaan Mission - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Gaganyaan Mission RSS Feed</description>
                
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                <title>ISRO News: इसरो का एक और नया कीर्तिमान, EOS-05 को कक्षा में पहुंचाकर सफलतापूर्वक मिशन किया पूरा</title>
                                    <description><![CDATA[इसरो ने GSLV-F17 के जरिए EOS-05 उपग्रह को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया। जानिए मिशन की खासियत, उपग्रह की इमेजिंग क्षमता और गगनयान की तैयारियों का ताजा अपडेट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/isro-news-another-new-record-of-isro-successfully-completed-mission/article-90641"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/isro.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने GSLV-F17 रॉकेट के जरिए EOS-05 उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित कर मिशन की सफलता दर्ज की है। इस उपलब्धि के बाद इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने कहा कि यह प्रक्षेपण संगठन की बढ़ती तकनीकी क्षमता और भारी उपग्रहों को अंतरिक्ष में पहुंचाने की क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। </p>
<p style="text-align:justify;">इसरो प्रमुख के अनुसार, GSLV-F17 ने 2,367 किलोग्राम वजनी EOS-05 को सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंचाया। उन्होंने बताया कि यह श्रीहरिकोटा से 107वां प्रक्षेपण और GSLV का 19वां मिशन है। समय के साथ रॉकेट के ढांचे और प्रणोदन प्रणाली में किए गए सुधारों से इसकी क्षमता में वृद्धि हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">EOS-05 से मिलेंगी उन्नत पृथ्वी संबंधी तस्वीरें</h3>
<p style="text-align:justify;">EOS-05 एक अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है। इसके माध्यम से दृश्य, अवरक्त, बहु-वर्णक्रमीय और अति-वर्णक्रमीय बैंड में उन्नत इमेजिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इसरो प्रमुख ने कहा कि उपग्रह से प्राप्त आंकड़े नागरिकों की सुरक्षा और देश की निगरानी संबंधी आवश्यकताओं में उपयोगी साबित हो सकते हैं। डॉ. वी. नारायणन ने गगनयान कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि यह मानव सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण मिशन है। इसके लिए रॉकेट की मानव-उड़ान क्षमता का परीक्षण, क्रू एस्केप सिस्टम और पर्यावरण नियंत्रण प्रणाली का विकास आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 8,000 परीक्षण पूरे किए जा चुके हैं। मानवयुक्त उड़ान से पहले तीन बिना चालक दल वाले मिशन की योजना है। पहला बिना चालक दल वाला मिशन इस वर्ष प्रक्षेपण के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके परिणामों की समीक्षा के बाद दो और परीक्षण मिशन होंगे, फिर मानवयुक्त मिशन की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी पर जोर</h3>
<p style="text-align:justify;">इसरो प्रमुख ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के निर्माण की जिम्मेदारी सरकार की है, जबकि संचालन के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उपग्रह से मिलने वाला डेटा देश की सुरक्षा और अन्य उपयोगी कार्यों में मददगार हो सकता है। परमाणु ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने EOS-05 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करती है और देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम की प्रगति को दर्शाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                            <category>टेक - ऑटो</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 09:19:12 +0530</pubDate>
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                <title>Gaganyaan Mission: प्रधानमंत्री ने मानव को चंद्रमा पर 2040 तक भेजने का रखा लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के गगनयान मिशन की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें आने वाले समय में अंतरिक्ष में खोज के भारत के प्रयासों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गयी। प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, भारत 2035 तक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/prime-minister-sets-a-target-of-sending-humans-to-the-moon-by-two-thousand-forty/article-53791"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-10/gaganyaan-mission.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के गगनयान मिशन की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें आने वाले समय में अंतरिक्ष में खोज के भारत के प्रयासों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गयी। प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, भारत 2035 तक अंतरिक्ष में अपना स्टेशन (केन्द्र) स्थापित करेगा और 2040 तक चंद्रमा पर मानव को पहुंचाएगा। भारत इस समय मंगल और शुक्र ग्रहों के अध्ययन के अभियान में भी लगा हुआ है। Gaganyaan Mission</p>
<p style="text-align:justify;">आज की समीक्षा बैठक में अंतरिक्ष विभाग ने प्रधानमंत्री के समक्ष गगनयान मिशन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। विभाग ने इस दिशा में अब तक विभिन्न नयी प्रौद्योगिकियों के विकास में हुयी प्रगति की जानकारी दी। मनुष्य को अंतरिक्ष में ले जाने वाले में प्रयोग किए जा सकने वाले प्रक्षेपण वाहनों की प्रौद्योगिकी और उपयुक्त प्रणालियों के विकास में प्रगति शामिल है। बैठक में बताया गया कि अंतरिक्ष में मानव भेजने के तैयारियों के सिलसिले में बड़े परीक्षण किए जाएंगे, जिनमें तीन परीक्षण मनुष्यों की अंतरिक्ष यात्रा के लिए उपयुक्त प्रक्षेपणयान (एचएलवीएम3) के प्रक्षेपण की योजना है। एचएलवीएम3 के तीन अभियान मानवरहित होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंतरिक्ष अभियान के क्षेत्र में भारत की अब तक की सफलताओं की नींव पर अब देश को नये महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए, उन्होंने इसी सन्दर्भ में 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और 2040 तक चाँद पर भारत का पहला मानव मिशन भेजने का लक्ष्य रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि भारत ने चंद्रयान तीन मिशन और आदित्य एल वन मिशन के साथ अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में लम्बी छलांग लगाई है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के इस सपने को पूरा करने के लिए अंतरिक्ष विभाग चन्द्रमा पर खोज कार्यों के लिए वृहद् योजना तैयार करेगा, इसके तहत कई चंद्रयान मिशन शुरू किये जाएंगे, एक नयी पीढ़ी का प्रक्षेपण यान (एनजीएलवी) विकसित किया जरएगा, एक नया प्रक्षेपण मंच का निर्माण किया जाएगा और मानव केंद्रित प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी तथा उनसे जुड़ी प्रौद्योगिकी का विकास किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों को शुक्र की परिक्रमा करने वाले उपग्रह और मंगल पर उतरने वाले यंत्र ‘मार्स लैंडर’ की तैयारी करने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं पर विश्वास जताया और कहा कि भारत इस दिशा में नयी ऊचाइंयों को छूने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="चौकी प्रभारी ने परखी बैंक शाखा की सुरक्षा-व्यवस्था" href="http://10.0.0.122:1245/outpost-incharge-examined-the-security-arrangements-of-the-bank-branch/">चौकी प्रभारी ने परखी बैंक शाखा की सुरक्षा-व्यवस्था</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Oct 2023 18:22:37 +0530</pubDate>
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