<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/1000-currency-notes/tag-27853" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>1000 currency notes - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/27853/rss</link>
                <description>1000 currency notes RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>1000 Currency Notes: फिर से वापस आ रहा है 1000 रुपये का नोट? चर्चाएं तेज</title>
                                    <description><![CDATA[1000 Currency Notes: नई दिल्ली। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बार फिर से एक हजार रुपये के नोट को लेकर तेजी से चर्चाएं चल रही है। इसमें कहा जा रहा है कि 15 जून को मार्किट में एक हजार रुपये का नोट जारी हो सकता है। हालांकि अभी तक रिजर्व बैंक की तरफ से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/1000-currency-notes-news/article-71306"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/1000-currency-notes-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>1000 Currency Notes: नई दिल्ली।</strong> इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बार फिर से एक हजार रुपये के नोट को लेकर तेजी से चर्चाएं चल रही है। इसमें कहा जा रहा है कि 15 जून को मार्किट में एक हजार रुपये का नोट जारी हो सकता है। हालांकि अभी तक रिजर्व बैंक की तरफ से पुष्टि नहीं हो पाई है। व्यक्तियों द्वारा तरह-तरह के अंदाजे लगाए जा रहा है कि अगर नया नोट आता है, तो उसका रंग नीला, बैंगनी या हरे रंग में हो सकता है। कुछ वायरल पोस्ट्स में तो नोट की कथित तस्वीरें भी शेयर की जा रही हैं, जिनमें नया डिजाइन दिखाए जा रहे हैं। गौरतलब हैं कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नोटबंदी का ऐलान किया जिसके बाद से 500 और 1000 के नोट चलन से बाहर कर दिए गए। ग्राहकों को 23 मई से लेकर 30 सितंबर के बीच किसी भी बैंक में जाकर नोट बदलने की सुविधा दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, इसी तरह के उपायों को भारत की स्वतंत्रता के बाद लागू किया गया था। जनवरी 1946 में, 1000 और 10,000 रुपए के नोटों को वापस ले लिया गया था और 1000, 5000 और 10,000 रुपए के नए नोट 1954 में पुनः शुरू किए गए थे। 16 जनवरी 1978 को जनता पार्टी की गठबंधन सरकार ने फिर से 1000, 5000 और 10,000 रुपए के नोटों का विमुद्रीकरण किया था ताकि जालसाजी और काले धन पर अंकुश लगाया जा सके।[4]</p>
<p style="text-align:justify;">28 अक्टूबर 2016 को भारत में ₹17.77 लाख करोड़ (यूएस$260 बिलियन) मुद्रा परिसंचरण में थी। मूल्य के आधार पर 31 मार्च 2016 को आई रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट अनुसार, परिसंचरण में नोटों की कुल कीमत ₹16.42 लाख करोड़ (यूएस$240 बिलियन) है, जिसमें से 86% (अर्थात ₹14.18 लाख करोड़ (यूएस$210 बिलियन)) 500 और 1000 के नोट हैं। वॉल्यूम के आधार पर रिपोर्ट अनुसार, 9,026.6 करोड़ नोटों में से 24% (अर्थात 2,203 करोड़) बैंक नोट परिसंचरण में हैं। [5] प्रधानमंत्री मोदी की आधिकारिक घोषणा के बाद रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सभी मूल्यवर्ग के नोटों की आपूर्ति में 2011 और 2016 और बीच में 40% की वृद्धि हुई थी, ₹ 500 और ₹ 1000 पैसों में इस अवधि में क्रमश: 76% और 109% की वृद्धि हुई। इस जाली नकदी को भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया था। इसके परिणाम स्वरुप नोटों को खत्म करने का निर्णय लिया गया था। 1000 Currency Notes</p>
<p style="text-align:justify;">अतीत में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नोटबंदी का जोरदार विरोध किया था। भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने 2014 में कहा था कि ‘आम औरत और आदमी, जो लोग अनपढ़ हैं और बैंकिंग सुविधाओं तक जिनकी पहुँच नहीं है ऐसे लोग इस तरह के उपायों से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। मुख्य रूप से कुछ समय के अंतराल में स्वयं जनता 2000 के नोट को चलन से बाहर कर देगी, क्योंकि जहाँ कम मुल्य की वस्तु खरीदनी हो तब दुकानदार आपसे 2000 के नोट नहीं लेगा। परिणाम स्वरूप 2000 के नोट की या तो जमाखोरी होगी अथवा काले धन का ही सृजन करेंगें। सरकार को इस विषय पर प्रारंभिक समय से सचेत रहने की आवश्यकता है</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/1000-currency-notes-news/article-71306</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/business/1000-currency-notes-news/article-71306</guid>
                <pubDate>Fri, 23 May 2025 16:52:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-05/1000-currency-notes-1.jpg"                         length="42129"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        