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                <title> Weather: आसमान से बरसते अंगारों के बीच आई रही है खुशखबरी, हरियाणा से लेकर पंजाब, यूपी तक होगी बारिश, मौसम विभाग का आया ताजा अपडेट</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर भारत में लू से राहत के आसार, मगर आँधी-बारिश और धूलभरी हवाओं का अलर्ट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/good-news-is-coming-amidst-the-embers-raining-from-the/article-85554"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/weather1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong> Weather: संदीप सिंहमार। नई दिल्ली/हिसार </strong>उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पिछले एक सप्ताह से जारी भीषण गर्मी और लू से अब कुछ राहत मिलने की संभावना बनती दिख रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 28 से 31 मई के बीच सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उससे बनने वाली ट्रफ के असर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्सों में अधिकतम तापमान में 7-8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि यह राहत अस्थायी होगी और इसके साथ ही कई जगहों पर आँधी, तेज हवाएं, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के कारण स्थानीय स्तर पर परेशानियाँ बढ़ने की आशंका है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले 24 घंटों के तापमान आँकड़े बताते हैं कि राजस्थान के श्रीगंगानगर में 48.2 डिग्री सेल्सियस के साथ देश में सर्वाधिक पारा रिकॉर्ड किया गया। पंजाब व हरियाणा के कई शहरों बठिंडा, फिरोजपुर, लुधियाना, पटियाला, हिसार, रोहतक, सिरसा, नारनौल और करनाल में तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच बना रहा। मेरठ, मुरादाबाद और अलीगढ़ में भी पारा 42 डिग्री से ऊपर रहा। सिरसा और रोहतक जैसे क्षेत्रों में तापमान लगभग 46 डिग्री तक पहुँचने से जनजीवन और कृषि दोनों पर गंभीर प्रभाव दिखाई दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">स्काईमेट वेदर व भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के बुलेटिनों के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) शीघ्र ही जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में पहुँचने वाला है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी भागों में प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बनेगा तथा एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ गंगा के मैदानी इलाकों से होते हुए दक्षिणी झारखंड व छत्तीसगढ़ के आस-पास तक विस्तारित होगी। इन प्रणालियों के कारण 28-31 मई के बीच व्यापक क्षेत्रों में मौसम गतिविधियाँ तेज होंगी और अधिक तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश के लिए 28 से 31 मई के बीच मॉनसून-पूर्व गतिविधियों का प्रसार होने का अनुमान जताया है। इन दिनों इन राज्यों के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ स्थान-विशेष पर तेज बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएँ सम्भव हैं। साथ ही तेज और झोंकेदार हवाओं के कारण धूलभरी आँधियाँ भी उठ सकती हैं, जो कि सड़कों पर विजिबिलिटी घटाने और परिवहन व्यवस्था प्रभावित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ (खासकर श्वसन संबंधी) उत्पन्न कर सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर में भी इन तीन-चार दिनों में गरज के साथ बारिश और धूलभरी हवाओं के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट की संभावना जताई गई है। यदि ऐसी परिस्थितियाँ बनती हैं तो शहरवासियों को दो-तीन दिन की राहत मिलेगी, पर साथ ही अचानक बदलते मौसम से आवागमन व विद्युत आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। कृषि क्षेत्रों के लिए यह अल्पकालीन राहत फसल के दृष्टिकोण से मायने रख सकती है। हालाँकि ओलों की संभावना कुछ फ़सलों के लिए जोखिम भी पैदा कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विशेषज्ञों ने नागरिकों से सावधानी बरतने का आग्रह किया है। विशेष सुझावों में शामिल हैं:</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"> तेज हवाओं और ओलावृष्टि वाले समय में खुली जगहों पर न रुकें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।</li>
<li style="text-align:justify;"> किसान अपने नाजुक फसलों को सुरक्षित करने के लिए स्थानीय कृषि अधिकारियों की सलाह लें और आवश्यक कवर/संरक्षण का प्रबंध करें।</li>
<li style="text-align:justify;">श्वसन रोगियों और वयस्कों तथा बच्चों को धूलभरी परिस्थितियों में बाहर निकलने से बचायें; जरूरी होने पर मास्क का प्रयोग करें।</li>
<li style="text-align:justify;">यदि विजली कट या पेड़ों के गिरने जैसी आपात स्थितियाँ हों तो स्थानीय आपदा प्रबंधन और नगर निकायों को सूचित करें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह राहत अस्थायी है और जून के पहले सप्ताह से एक बार फिर गर्मी वापस बढ़ सकती है, इसलिए लम्बी अवधि की योजना बनाते समय 1–2 सप्ताह का अंतराल ध्यान में रखना जरूरी होगा। जिले व राज्य प्रशासन को ऐसे अल्पकालिक मौसम बदलावों के मद्देनजर कृषि, स्वास्थ्य और परिवहन से जुड़े संसाधनों की तैनाती पहले से सुनिश्चित करनी चाहिए। नागरिकों को मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी ताज़ा चेतावनियों पर नजर रखने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए कहा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 10:55:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उफ ये गर्मी, कब होगी झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने की भविष्यवाणी</title>
                                    <description><![CDATA[ देशभर में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और लोगों का जनजीवन प्रभावित होने लगा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/oops-when-will-this-summer-rain-meteorological-department-has-predicted/article-85481"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/weather.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/संदीप सिहंमार। </strong>देशभर में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और लोगों का जनजीवन प्रभावित होने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भीषण से अति भीषण गर्मी तथा लू चलने की चेतावनी जारी की है। बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">इन राज्यों में लू का सबसे ज्यादा असर</h4>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार 26 से 29 मई के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने की संभावना है। विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ में गंभीर लू की स्थिति बनी रह सकती है। विभाग ने यह भी बताया कि पश्चिमी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में अति भीषण लू चलने के आसार हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी</h4>
<p style="text-align:justify;">राजधानी दिल्ली में बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 28 मई तक दिल्ली का अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। इसके बाद मौसम में कुछ बदलाव आने और तापमान में गिरावट की संभावना जताई गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मई के अंत में मिल सकती है राहत</h4>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में 28 मई तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। हालांकि 29 से 31 मई के बीच अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गर्मी से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां</h4>
<p style="text-align:justify;">दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।<br />पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।<br />हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें।<br />धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का उपयोग करें।<br />बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।<br />चक्कर आना, सिरदर्द या अत्यधिक कमजोरी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।</p>
<p style="text-align:justify;">लगातार बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है। आने वाले कुछ दिन उत्तर भारत सहित कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं, इसलिए सावधानी ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/weather.jpg" alt="Weather" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:50:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के माथे पर खिंची चिंता की लकीरें, 1 अप्रैल तक रह सकता है मौसम में बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़/हिसारसच कहूँ/संदीप सिंहमार। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। आसमान में घुमड़ रहे बादल किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रहे हैं। क्योंकि इस वक्त सरसों की फसल जहां कटाई होने के बाद खेतों में है, वहीं गेहूं की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/lines-of-worry-etched-on-farmers-foreheads-weather-changes-likely-to-persist-until-april-1st/article-82850"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/weather.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/हिसारसच कहूँ/संदीप सिंहमार।</strong> हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। आसमान में घुमड़ रहे बादल किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रहे हैं। क्योंकि इस वक्त सरसों की फसल जहां कटाई होने के बाद खेतों में है, वहीं गेहूं की फसल भी पक कर तैयार है। ऐसे में बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत मौसम विभाग के मुताबिक मौसम का यह बदलाव अब 1 अप्रैल तक बना रहने की संभावना है। इस दौरान हरियाणा, पंजाब व राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। स्काईमेट वेदर के मुताबिक 30-31 मार्च तक बारिश का विस्तार उत्तर मध्य प्रदेश और केंद्रीय उत्तर प्रदेश तक दिखाओ दे सकता है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं और असमय बारिश खड़ी फसलों के लिए खतरा मंडरा सकता है। बारिश से तापमान में गिरावट, गर्मी से राहत और मौसम का संतुलन भी बना रहेगा। फरवरी और मार्च के पहले हिस्से में मौसम काफी शुष्क रहा, लेकिन अब उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दौर शुरू हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ दिनों से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं देखी गई हैं। एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से न केवल उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बल्कि मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम प्रभावित होगा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के उत्तर और उत्तर-पश्चिम हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक शुरू हो सकती है। 29 मार्च तक बारिश की तीव्रता और फैलाव बढ़ने की संभावना है, जिससे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के अधिकांश जिलों में मौसम सक्रिय होगा। इसके बाद बारिश की पट्टी धीरे-धीरे पूर्व और दक्षिण की ओर बढ़ेगी, और 30-31 मार्च तक यह उत्तर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों तक पहुंचेगी। इस दौरान कई जगहों पर मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना रहेगी। यह बारिश का दौर 1 या 2 अप्रैल तक जारी रह सकता है, हालांकि बीच-बीच में छोटे ब्रेक हो सकते हैं। कुल मिलाकर, इस मौसम की गतिविधियों से तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी की तीव्रता कम होगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 11:35:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आफत बनकर आसमान से बरसी बर्फ घरौंडा क्षेत्र में आधी रात को बरसे ओले, खेतों में बिछी सफ़ेद बर्फ की चादर और सरसों की फसलों को नुकसान, सब्जियों पर भी पड़ी मार, तापमान में आई गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[घरौंडा (सच कहूँ न्यूज़)। Gharaunda Weather News: घरौंडा क्षेत्र में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात मौसम ने अचानक करवट ली और आधी रात को तेज ओलावृष्टि हुई। पहले हल्की बारिश हुई, इसके बाद कुछ ही मिनटों में आसमान से ओले बरसने लगे। करीब 8 से 10 मिनट तक हुई ओलावृष्टि से खेतों में सफेदी छा गई। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/hailstorm-lashes-gharaunda-region-fields-covered-in-white-snow/article-80892"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/gharaunda-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>घरौंडा (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Gharaunda Weather News: घरौंडा क्षेत्र में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात मौसम ने अचानक करवट ली और आधी रात को तेज ओलावृष्टि हुई। पहले हल्की बारिश हुई, इसके बाद कुछ ही मिनटों में आसमान से ओले बरसने लगे। करीब 8 से 10 मिनट तक हुई ओलावृष्टि से खेतों में सफेदी छा गई। तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग की ओर से नुकसान का सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार-रविवार की रात पहले हल्की बारिश हुई, जिससे लोगों को ठंड का अहसास बढ़ गया। रात 12 बजकर 25 मिनट पर अचानक ओलावृष्टि शुरू हो गई। शुरुआत में ओले छोटे थे, लेकिन कुछ ही देर में ताबड़तोड़ ओले गिरने लगे। गलियों, छतों और खेतों में ओलों की मोटी परत जम गई। अचानक हुई इस प्राकृतिक घटना से लोग नींद से जाग गए और घरों के बाहर निकलकर हालात देखने लगे। ओलावृष्टि के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है, जबकि सरसों की फसल पर ओलों का ज्यादा असर पड़ा है। सब्जियों की फसलें भी ओलावृष्टि की चपेट में आई हैं, आलू में करीब 30 प्रतिशत का नुकसान बताया जा रहा है, वहीं टमाटर को भी नुकसान है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कृषि विभाग का आकलन, सर्वे होगा शुरू | Gharaunda News</h3>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग के अनुसार गेहूं की फसल में 10 से 15 प्रतिशत और सरसों की फसल में 25 से 30 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। घरौंडा के खंड कृषि अधिकारी डा. राहुल दहिया ने बताया कि ओलावृष्टि से गेहूं व सरसों की फसलों को 10 से 30 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र का सर्वे करवाया जाएगा, ताकि वास्तविक नुकसान का सही आकलन किया जा सके। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि अभी बरसात का मौसम है, इसलिए फसलों में सिंचाई न करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तापमान में गिरावट, ठंडी हवाओं से बढ़ेगी ठिठुरन</h3>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाए रहने के कारण रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। हालांकि बारिश के बाद चलने वाली उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं रात की ठंड बढ़ा देंगी। आने वाले दिनों में आसमान साफ होने पर रात के तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Parenting Tips: सोने से पहले बच्चों से रोज पूछें ये 6 सवाल, फिर देखना जिंदगी बदल जाएगी" href="http://10.0.0.122:1245/six-questions-to-ask-your-children-every-day-before-bed/">Parenting Tips: सोने से पहले बच्चों से रोज पूछें ये 6 सवाल, फिर देखना जिंदगी बदल जाएगी</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/hailstorm-lashes-gharaunda-region-fields-covered-in-white-snow/article-80892</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:48:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Weather: हरियाणा, यूपी, पंजाब, राजस्थान में शीतलहर का अलर्ट, सर्द हवाओं ने गिराया तापमान, इस दिन से बदलेगा मौमस</title>
                                    <description><![CDATA[Weather:नई दिल्ली/हिसार सच कहूँ/संदीप सिंहमार। देशभर में रविवार से मौसम करवट लेने वाला है। इस बदलते मौसम का असर उत्तर से दक्षिण भारत तक देखने को मिलेगा। भारत मौसम विभाग के अनुसार रविवार से एक नया पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है, जिसके चलते 22 दिसंबर तक दक्षिण भारत से लेकर उत्तर और पहाड़ी इलाकों तक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cold-wave-alert-issued-for-haryana-uttar-pradesh-punjab-and-rajasthan/article-79445"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/weather-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Weather:नई दिल्ली/हिसार सच कहूँ/संदीप सिंहमार। देशभर में रविवार से मौसम करवट लेने वाला है। इस बदलते मौसम का असर उत्तर से दक्षिण भारत तक देखने को मिलेगा। भारत मौसम विभाग के अनुसार रविवार से एक नया पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है, जिसके चलते 22 दिसंबर तक दक्षिण भारत से लेकर उत्तर और पहाड़ी इलाकों तक बारिश, तेज हवाएं, कोहरा, शीतलहर और बर्फबारी का असर देखने को मिलेगा। लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंड और तेज होने के आसार हैं। इस दौरान कश्मीर व लद्दाख सहित पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी से मैदानों में 24 दिसंबर से शीत लहर चल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बदलाव का असर यातायात, उड़ानों और रेल सेवाओं पर भी पड़ सकता है। कई इलाकों में विजिबिलिटी कम होने से लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ 20 दिसंबर को सक्रिय होगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/hair-fall-and-breakage-will-stop-just-apply-this-oil/">Winter Hair Growth: सिर्फ 7 दिन, बाल झड़ना टूटना बंद हो जाएगा! बस लगा ले ये तेल, घर पर करें तैयार</a></p>
<p style="text-align:justify;">इसका प्रभाव 3 दिनों तक रहेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है। अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान और गिर सकता है, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ मदन खीचड़ ने बताया कि 20 से 22 दिसंबर के दौरान हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी बूंदाबांदी हो सकती है। उन्होंने बताया कि कहीं भी तेज बारिश की संभावना नहीं है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिल्ली में 125 से अधिक उड़ानें रद्द</h4>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर तथा पूर्वी भारत के कई हिस्सों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम रहने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह 125 से अधिक उड़ानें रद्द की गई। दिल्ली हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि सुबह 10 बजे तक प्रस्थान करने वाली 63 और यहां उतरने वाली 66 उड़ानें रद्द कर दी गई। इसके अलावा कुछ उड़ानों में देरी की भी सूचना है। इसके अलावा रेल व सड़क मार्ग भी प्रभावित रहे।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/cold-wave-alert-issued-for-haryana-uttar-pradesh-punjab-and-rajasthan/article-79445</link>
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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 12:17:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather: घर से निकले से पहले मौसम विभाग की ये चेतावनी जरूर पढ़ लेना, फिर ना कहना कि बताया नहीं&amp;#8230;पंजाब सबसे ठंडा प्रदेश</title>
                                    <description><![CDATA[Weather:  चंडीगढ़/हिसार सच कहूँ/संदीप सिंहमार। उत्तरी भारत में सर्दी ने दस्तक तेज कर दी है। 3 दिसम्बर की सुबह पंजाब‑हरियाणा सहित उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक नीचे चला गया, जिससे ठिठुरन और शीतलहर जैसे हालात बनते दिख रहे हैं। चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला और अमृतसर सहित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/north-india-reels-under-cold-punjab-the-coldest-state/article-78856"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/weather.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Weather:  चंडीगढ़/हिसार सच कहूँ/संदीप सिंहमार।</strong> उत्तरी भारत में सर्दी ने दस्तक तेज कर दी है। 3 दिसम्बर की सुबह पंजाब‑हरियाणा सहित उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक नीचे चला गया, जिससे ठिठुरन और शीतलहर जैसे हालात बनते दिख रहे हैं। चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला और अमृतसर सहित पंजाब के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2–5 डिग्री कम है। पंजाब के फऱीदकोट में मैदानों में देश का सबसे कम पारा 2.6 डिग्री पर पहुँच गया है। हरियाणा के लिए जारी न्यूनतम तापमान बुलेटिन में चंडीगढ़, करनाल, रोहतक, नारनौल आदि स्थानों पर सुबह का तापमान 5 से 7 डिग्री के आस‑पास रहा, जो सामान्य से 2–5 डिग्री कम है। गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान लगभग 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने से यह हरियाणा का सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि हिसार, भिवानी और सिरसा जैसे पश्चिमी ज़िलों में भी ठंडी उत्तर‑पश्चिमी हवाओं के कारण कड़ाके की सर्दी दर्ज की गई।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/sugar-is-making-the-body-weak-learn-how-this-sweet-poison-is-slowly-hollowing-out-the-body/">Sugar Substitutes: चीनी बना रही है शरीर को कमजोर, जानें कैसे धीरे-धीरे शरीर को खोखला कर रहा है ये मीठा जहर</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">शीतलहर की चेतावनी और उत्तर भारत पर असर | Weather</h3>
<p style="text-align:justify;">भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 3 से 5 दिसम्बर के बीच पंजाब और उत्तर‑पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति विकसित हो सकती है, जबकि राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में भी ठंड का एक नया दौर सक्रिय होने की संभावना है। विभाग के मौसमी परिदृश्य के अनुसार इस बार दिसम्बर से फरवरी के बीच उत्तर‑पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम तथा शीतलहर वाले दिनों की संख्या सामान्य से 4–5 दिन अधिक रह सकती है, जिसका सीधा असर खेती, स्वास्थ्य और ऊर्जा मांग पर पड़ेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">दिल्ली‑एनसीआर और आमजन पर पड़ने वाला प्रभाव</h5>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली‑एनसीआर क्षेत्र में भी 1-2 दिन में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी में पारा 9–10 डिग्री तक पहुंच गया जो सामान्य से कम है और आगे और गिरावट का अनुमान है। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी जल्दी शुरू हुई सर्दी से खुले में काम करने वाले मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों में सर्दी‑ज़ुकाम, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए रात में अतिरिक्त परत वाले गर्म कपड़े, सुबह‑शाम घर से निकलते समय मफलर‑टोपी और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खेतों, धुंध और बिजली खपत की स्थिति</h3>
<p style="text-align:justify;">मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान में और 2–3 डिग्री तक गिरावट संभव है, जिससे हरियाणा‑पंजाब की सरसों, गेहूं और सब्जी वाली फसलों पर एक ओर तो लाभकारी ठंड का असर होगा, वहीं देर‑देर तक छाए रहने वाली धुंध‑कोहरे की स्थिति बनी तो रोग‑कीट और नमी से जुड़ी समस्याएं भी उभर सकती हैं। सर्दी बढ़ने के साथ शहरों और कस्बों में बिजली की मांग तेज़ी से बढ़ने की आशंका जताई गई है, जबकि घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण सड़क‑रेल यातायात पर भी आने वाले दिनों में असर पड़ सकता है; मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित ड्राइविंग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/north-india-reels-under-cold-punjab-the-coldest-state/article-78856</link>
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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 12:14:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>IMD Alert: इस बार देश में सर्दी के दिन बढ़ेंगे, धूप भी कम निकलेगी</title>
                                    <description><![CDATA[Weather:हिसार सच कहूँ/संदीप सिंहमार।। हरियाणा व दिल्ली सहित उत्तरभारत में में उत्तर-पश्चिमी हवाओं की सक्रियता के चलते तापमान में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई है। भारत मौसम विभाग व विश्व मौसम संगठन पहले ही संभावना बता चुका है कि इस बार भारत में सर्दी के दिनों में बढ़ोतरी होगी। सर्दी के दिनों में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/this-time-the-winter-days-will-increase-in-the-country-the-sun-will-also-decrease/article-76826"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/imd-alert.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Weather:हिसार सच कहूँ/संदीप सिंहमार।।</strong> हरियाणा व दिल्ली सहित उत्तरभारत में में उत्तर-पश्चिमी हवाओं की सक्रियता के चलते तापमान में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई है। भारत मौसम विभाग व विश्व मौसम संगठन पहले ही संभावना बता चुका है कि इस बार भारत में सर्दी के दिनों में बढ़ोतरी होगी। सर्दी के दिनों में धूप भी पहले के वर्षों के अपेक्षा कम निकलेगी। वर्तमान में हिसार, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद जैसे इलाकों में तापमान 17 डिग्री के करीब पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दोपहर के वक्त 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ये हवाएं अधिकतम तापमान को सामान्य से 1 से 2 डिग्री तक कम रख सकती हैं। अक्टूबर के पहले 9 दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हरियाणा में लगभग 30 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो 2004 के पूरे अक्टूबर की 58.4 मिलीमीटर बारिश के करीब आधी है। बारिश के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है, और रात के समय ठंडक ने कूलर व एसी बंद करने पर मजबूर कर दिया है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ का कहना है कि 14 अक्टूबर तक मौसम सामान्यतः खुश्क रहने की संभावना है। यह मौसम दिन में धूप के साथ और रात को ठंडी हवा के कारण किसानों के लिए रबी फसलों की बुआई के लिहाज से बिल्कुल उपयुक्त है। IMD Alert</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/bullet-train-will-go-to-the-moon-earths-gravity-will-be-used-know/#google_vignette">Bullet Train to Moon: चंद्रमा तक जाएगी बुलेट ट्रेन… धरती की ग्रैविटी का होगा उपयोग, जानें…</a></p>
<h4 style="text-align:justify;">उत्तर बंगाल की खाड़ी में चक्रवातीय परिसंचरण बना | IMD Alert</h4>
<p style="text-align:justify;">स्काईमेट वेदर के मुताबिक उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवातीय परिसंचरण विकसित हुआ है। यह सिस्टम नीचे और मध्यम स्तरों पर दिखाई दे रहा है और ऊँचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। हालांकि यह बहुत शक्तिशाली प्रणाली नहीं लगती, इसलिए यह समुद्र की सतह पर लो प्रेशर एरिया नहीं बनने वाली। फिर भी, यह सिस्टम मौसम के पैटर्न में बदलाव ला सकता है और दक्षिण-पश्चिम मानसून से पूर्वोत्तर मानसून की ओर संक्रमण को गति दे सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अगले 2 दिनों में अधिकांश समय समुद्र में रहेगा</h3>
<p style="text-align:justify;">यह चक्रवातीय परिसंचरण अगले 2 दिनों तक मुख्य रूप से समुद्र में ही रहेगा। हालांकि, इसके ओडिशा और आंध्र प्रदेश की तटरेखा के साथ दक्षिण की ओर स्थानांतरित होने की संभावना है। मौसम गतिविधि जमीन पर गहराई तक नहीं पहुँचेगी, लेकिन गंगीय पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों और ओडिशा व आंध्र के तटीय भागों में बिखरी हुई बारिश और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। यह गतिविधि तमिलनाडु के तटीय और भीतरी हिस्सों तक भी फैल सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कृषि विशेषज्ञों के सुझाव</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. मदन खीचड़ ने किसानों को सलाह दी है कि वे इस मौसम का लाभ उठाते हुए जल्द ही सरसों, चना और गेहूं की बुआई करें। रबी फसलों के लिए यह मौसम विशेष रूप से अनुकूल माना जाता है क्योंकि धूप के साथ ठंडक से फसलों की बढ़वार अच्छी होती है। उन्होंने कहा कि ठंडी रातें फसलों को मजबूती प्रदान करती हैं, जिससे पैदावार में वृद्धि होती है। इसके अलावा मौसम में आ रहे बदलाव के अनुसार किसानों को अपने बीज, खाद, एवं कीटनाशकों की सही मात्रा एवं समय पर उपयोग ध्यानपूर्वक करना चाहिए। साथ ही खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध किया जाना आवश्यक है ताकि बारिश का पानी निकाला जा सके और फसलों को नुकसान न पहुंचे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फसलों की नियमित निगरानी जरूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी जिलों में तापमान गिराव के साथ ही किसानों को बीमारियों से बचाव हेतु फसलों की नियमित निगरानी भी करना जरूरी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम का सही सदुपयोग करके किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। हरियाणा में वर्तमान सर्दी और मौसम की अनुकूलता किसानों के लिए नयी उम्मीदें लेकर आई है, पर सावधानी और विशेषज्ञ सलाह के साथ ही खेती करना सफल साबित होगा। किसानों को अपने स्थानीय कृषि अधिकारियों से भी संपर्क में रहकर मौसम व कृषि संबंधी नवीनतम जानकारी प्राप्त करते रहना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/this-time-the-winter-days-will-increase-in-the-country-the-sun-will-also-decrease/article-76826</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 10:16:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Weather: यूपी सहित इन राज्यों में अलर्ट, कहां-कहां होगी बारिश और ओले? मौसम की ताजा अपडेट</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम डेस्क (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Weather: मानसून ट्रफ समुद्र तल पर फिरोज़पुर, चंडीगढ़, देहरादून, गोरखपुर, जलपाईगुड़ी होते हुए अरुणाचल प्रदेश की ओर उत्तर-पूर्व दिशा में हिमालय की तराई के करीब गुजर रही है। एक चक्रवाती परिसंचरण बांग्लादेश के मध्य भागों पर बना हुआ है। एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण मध्य महाराष्ट्र पर सक्रिय है। स्काईमेट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/alert-in-many-states-including-up-where-will-it-rain-and-hail-weather-update/article-74404"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/weather.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मौसम डेस्क (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। </strong>Weather: मानसून ट्रफ समुद्र तल पर फिरोज़पुर, चंडीगढ़, देहरादून, गोरखपुर, जलपाईगुड़ी होते हुए अरुणाचल प्रदेश की ओर उत्तर-पूर्व दिशा में हिमालय की तराई के करीब गुजर रही है। एक चक्रवाती परिसंचरण बांग्लादेश के मध्य भागों पर बना हुआ है। एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण मध्य महाराष्ट्र पर सक्रिय है। स्काईमेट वेदर के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में, उत्तर तमिलनाडु तट से सटे समुद्री क्षेत्र में, 1.5 से 3.1 किमी ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण हिमाचल प्रदेश और उससे सटे उत्तराखंड पर सक्रिय है। इसी प्रकार पश्चिमी विक्षोभ पंजाब और आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आज उत्तरप्रदेश सहित इन इलाकों में होगी बारिश | Weather</h3>
<p style="text-align:justify;">अगले 24 घंटे के दौरान उत्तरप्रदेश,उत्तराखंड,अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी असम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी वर्षा संभव है। तटीय कर्नाटक, मराठवाड़ा, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ एक-दो स्थानों पर तीव्र वर्षा हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लक्षद्वीप, कोंकण और गोवा, मध्य प्रदेश, दक्षिण गुजरात, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हल्की बरसात की संभावना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पंजाब में दिल्ली में अगले सप्ताह से बदलेगा मौसम</h3>
<p style="text-align:justify;">मानसून ट्रफ फिलहाल बारिश की मुख्य वजह है, लेकिन ‘ब्रेक-इन-मॉनसून की मौजूदा स्थिति में यह ट्रफ दिल्ली के उत्तर में खिसक गई है, जिससे य अच्छी बारिश की संभावना कम हो गई है। ऐसी स्थिति में बारिश पहाड़ी इलाकों तक सीमित हो जाती है, जैसे कि बीते दो दिनों से उत्तराखंड में खराब मौसम और तेज़ बारिश हो रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खाड़ी से नए सिस्टम की जरूरत तभी होगी बारिश</h3>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल देश की राजधानी दिल्ली में मानसून पर ब्रेक लगा हुआ है। जिसका असर दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा पंजाब व चंडीगढ़ में भी दिखाई दे रहा है। ‘ब्रेक मॉनसून’ को खत्म करने के लिए बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्ट बनना जरूरी है। ऐसे सिस्टम बनने पर ही दिल्ली और आसपास सामान्य मानसून गतिविधि लौटती है। 11-12 अगस्त 2025 को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। यह सिस्टम अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर पूर्वी हिस्सों से अंदरूनी इलाकों में प्रवेश करेगा। Weather</p>
<h3 style="text-align:justify;">मानसून टर्फ दक्षिण की तरफ खिसकने का इंतजार</h3>
<p style="text-align:justify;">इस सिस्टम की आगे की गति से हवाओं का पैटर्न बदलेगा और मानसून ट्रफ दक्षिण की ओर खिसकेगी। इससे देशभर में ‘ब्रेक मॉनसून’ की स्थिति खत्म होगी और दिल्ली-एनसीआर में भी सामान्य बारिश फिर से शुरू हो जाएगी। अगले हफ्ते के मध्य से बारिश तेज होने की संभावना है। तब तक सप्ताहभर एक या दो बार हल्की बारिश होगी। हालांकि, मानसून ट्रप के उतार-चढ़ाव के कारण शुक्रवार से सोमवार के बीच एक-दो बार मध्यम बारिश हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">राजस्थान में 15 से 21 अगस्त तक होगी बारिश</h3>
<p style="text-align:justify;">पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह बारिश की गतिविधियों में कमी बने रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पश्चिमी भागों में 10 अगस्त से कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में भी आगामी एक सप्ताह बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना है। हालांकि 9 अगस्त से उत्तर-पूर्वी भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। Weather</p>
<p style="text-align:justify;">9-12 अगस्त के दौरान भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर व जयपुर संभाग के कुछ भागों में हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। आगामी एक सप्ताह राज्य में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। द्वितीय सप्ताह 15-21 अगस्त के दौरान राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान राज्य के दक्षिणी भागों में सामान्य से अधिक व शेष भागों में सामान्य के आसपास बारिश होने की संभावना है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="सरकारी स्कीम में लोन दिलाने के नाम पर 90 लाख की ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार" href="http://10.0.0.122:1245/ninety-lakh-fraud-in-the-name-of-getting-loan-under-government-scheme/">सरकारी स्कीम में लोन दिलाने के नाम पर 90 लाख की ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/alert-in-many-states-including-up-where-will-it-rain-and-hail-weather-update/article-74404</link>
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                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 15:05:26 +0530</pubDate>
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                <title>Weather: उत्तर भारत में आज से 4 दिन भारी बारिश के आसार</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के दौरान पहाड़ों पर यात्रा करने से बचें, नदियों से भी रहें दूर हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Weather: उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रविवार से लेकर बुधवार तक बारिश का दौर चलता रहेगा। इस दौरान जहां विशेष कर पहाड़ी इलाकों हिमाचल प्रदेश,उत्तराखंड व मैदानी इलाकों हरियाणा,उत्तर-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/heavy-rain-expected-in-north-india-for-four-days/article-74204"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/weather-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बारिश के दौरान पहाड़ों पर यात्रा करने से बचें, नदियों से भी रहें दूर</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)।</strong> Weather: उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रविवार से लेकर बुधवार तक बारिश का दौर चलता रहेगा। इस दौरान जहां विशेष कर पहाड़ी इलाकों हिमाचल प्रदेश,उत्तराखंड व मैदानी इलाकों हरियाणा,उत्तर-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। वहीं हरियाणा,पंजाब,देश की राजधानी दिल्ली व उत्तर प्रदेश में भी बारिश होगी। चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ़ की उत्तरी सीमा अब श्रीगंगानगर, रोहतक, बांदा, सीधी, रांची, डायमंड हार्बर से उत्तरपूर्व बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। Weather</p>
<p style="text-align:justify;">अब यह मानसून टर्फ रेखा उत्तर की तरफ बने रहने की संभावना है,जिससे नमी वाली मानसूनी हवाएं बंगाल की खाड़ी से लगातार आने की संभावना से मानसून आगामी 4 दिनों तक सक्रिय रह सकता है। इस दौरान हरियाणा सहित एनसीआर में 6 अगस्त तक बारिश की गतिविधियों जारी रहने की संभावना है। इस दौरान बीच बीच में अरबसागर की तरफ से भी नमी वाली हवाएं भी आने की संभावना से पश्चिमी हरियाणा के जिलों में कहीं कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। परंतु उत्तर क्षेत्र के जिलों में कहीं कहीं मध्यम से तेज बारिश भी हो सकती है। इस दौरान वातावरण में नमी बढ़ने तथा दिन के तापमान में गिरावट बने रहने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत मौसम विभाग के जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में 3 से 6 अगस्त के दौरान मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश व शेष भागों में कहीं कहीं हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसी प्रकार पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह बारिश की गतिविधियों में कमी होने के आसार है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पहाड़ दरक रहे हैं तो गंगा,यमुना सहित कई नदियाँ उफान पर |  Weather</h3>
<p style="text-align:justify;">मानसूनी सीज़न में उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों-खासकर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश की वजह से लगातार लैंडस्लाइड और सड़कें धंसने की घटनाएं हो रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड के कारण कई मार्ग बाधित हैं। अकेले हिमाचल में 250 से अधिक मार्ग बंद है। हिमाचल के मंडी, सोलन, कांगड़ा, सिरमौर, शिमला, चंबा आदि जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश व लैंडस्लाइड की संभावना जताई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैदानी क्षेत्रों में, गंगा, यमुना, सतलुज, ब्यास, चंबल, और पार्वती जैसी नदियाँ उफान पर हैं, जिससे उत्तरप्रदेश के प्रयागराज व राजस्थान के मध्यप्रदेश के साथ लगते जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थितियाँ बनी हुई हैं, जिससे किसानों की फसलें और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जुलाई-अगस्त 2025 में औसत से अधिक बारिश की वजह से जलस्तर बढ़ा है। भारत मौसम विभाग ने अगस्त के लिए भी उत्तरी व पूर्वी भारत में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। अगस्त में भी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान आदि राज्यों में मॉनसून सक्रिय रहेगा। Weather</p>
<h3 style="text-align:justify;">एडवाइजरी का पालन व सावधानी जरूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">पहाड़ों की यात्रा से फिलहाल बचें, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें व सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। किसान जलभराव और फसल खराबी से नुकसान के लिए सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी रखें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="भविष्य निधि के लिए चक्कर कटा रहा बाबू, सीडीओ से शिकायत" href="http://10.0.0.122:1245/babu-has-been-accused-of-harassing-in-withdrawing-provident-fund-amount/">भविष्य निधि के लिए चक्कर कटा रहा बाबू, सीडीओ से शिकायत</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 18:57:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Haryana-Punjab Rain News: उमस भरी गर्मी के बीच मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी, अलर्ट जारी</title>
                                    <description><![CDATA[Haryana-Punjab Rain News: हिसार (संदीप सिंहमार)। देश में बीते सप्ताह कुल बारिश में 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब बारिश की मात्रा औसत से कम रिकॉर्ड की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 23 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में देशभर में 57.3 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/haryana-punjab-rain-news/article-73891"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/haryana-punjab-rain-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Haryana-Punjab Rain News: हिसार (संदीप सिंहमार)। देश में बीते सप्ताह कुल बारिश में 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब बारिश की मात्रा औसत से कम रिकॉर्ड की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 23 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में देशभर में 57.3 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई जबकि सामान्य वर्षा का औसत 66.7 मिलीमीटर का है। इससे साफ है कि देश में बारिश कम हो रही है और यह कमी 14 प्रतिशत की है। इस साल पूरे जुलाई महीने के आंकड़ा देखें तो पता चलता है कि बारिश औसत से 5 फीसदी ज्यादा है। इसलिए बारिश के कुल आंकड़े फिलहाल संतोषजनक कहे जा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हरियाणा-पंजाब में 27 जुलाई से झमाझम बारिश</h3>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा-पंजाब में 27 जुलाई से बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के तहत हरियाणा केमहेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम विभाग के तहत हरियाणा में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है जो कि 19 प्रतिशत ज्यादा है। प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर में 472.3 टट दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश कैथल में 95.9 टट बारिश दर्ज हुई है। वहीं यमुनानगर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूहं और चरखी दादरी में 300 टट बारिश का आंकड़ा पार हो चुका है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भारी बारिश की चेतावनी के बाद मुंबई में आॅरेंज अलर्ट जारी</h4>
<p style="text-align:justify;">भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए आॅरेंज अलर्ट आज तक बढ़ा दिया है और कुछ स्थानों पर बहुत भारी से लेकर बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस बीच, पड़ोसी पालघर जिले में रेड अलर्ट जारी है। मुंबई में आज भी भारी बारिश जारी रही, रात भर हुई बारिश के बाद सुबह-सुबह कई इलाकों में तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित और बाढ़ की आशंका फिर से बढ़ गई है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/national/haryana-punjab-rain-news/article-73891</link>
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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 11:44:29 +0530</pubDate>
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                <title>Weather: इस तारीख को बंद हो जाएगी बारिश!, मौसम विभाग ने दी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[Haryana-punjab, UP, Rajasthan, Weather: सच कहूँ/संदीप सिंहमार। हिसार। उत्तर भारत के राज्यों में दक्षिण पश्चिम मानसून के तहत बारिश का दौर 19 जुलाई तक नॉनस्टॉप चलेगा। इस दौरान राजस्थान व पंजाब में बुधवार को तो हरियाणा में वीरवार को भारी बरसात होने के आसार हैं। बुधवार को पंजाब के फाजिल्का, मुक्तसर, भटिंडा, मानसा, पठानकोट, होशियारपुर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/rain-will-stop-on-this-date-meteorological-department-gave-information/article-73466"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/weather.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Haryana-punjab, UP, Rajasthan, Weather:<strong> सच कहूँ/संदीप सिंहमार। हिसार।</strong> उत्तर भारत के राज्यों में दक्षिण पश्चिम मानसून के तहत बारिश का दौर 19 जुलाई तक नॉनस्टॉप चलेगा। इस दौरान राजस्थान व पंजाब में बुधवार को तो हरियाणा में वीरवार को भारी बरसात होने के आसार हैं। बुधवार को पंजाब के फाजिल्का, मुक्तसर, भटिंडा, मानसा, पठानकोट, होशियारपुर में भारी बारिश होगी तो वहीं वीरवार को हरियाणा व पंजाब की राजधानी चंडीगढ़,पंचकुला व यमुनानगर में तेज बारिश की संभावना है। इस दौरान हरियाणा,पंजाब व राजस्थान में बिखरी हुई बारिश भी चलती रहेगी। वहीं पिछले 24 घंटो में राजस्थान के अधिकांश स्थानों पर मेघगर्जन/वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम व कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश बिजोलिया भीलवाड़ा में 183.0 मिमी. दर्ज हुई है। heavy rainfall alert</p>
<h3 style="text-align:justify;">कहाँ कितनी हुई बारिश</h3>
<p style="text-align:justify;">बिजोलिया (भीलवाडा) :183 मिमी<br />
भैंसरोडगढ़ (चित्तौड़गढ़) : 174 मिमी<br />
मकराना (नागौर) : 136 मिमी<br />
निवाई (टोंक) : 127 मिमी<br />
मंडाना(कोटा) :117.0 मिमी<br />
सांभर (जयपुर ) : 102 मिमी</p>
<h4 style="text-align:justify;">हरियाणा के 7 जिलों में झमाझम बारिश</h4>
<p style="text-align:justify;">हिसार (संदीप सिंहमार)। हरियाणा में बारिश का दौर लगातार जारी है। मंगलवार को गुरुग्राम, हिसार, सरसा, नारनौल, नूंह, झज्जर और करनाल के घरौंडा में झमाझम बारिश हुई। अकेले सरसा जिले में दो दिनों के भीतर 74 मिलीमटर बारिश हो चुकी है। हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, चरखी दादरी, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पलवल, फरीदाबाद में हल्की बारिश की संभावना है। विभाग ने राज्य में 18 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई। वहीं सरसा और हिसार में बारिश के बाद पानी की निकासी न होने से लोगों में रोष नजर आया।<br />
घग्घर नदी में बढ़ रहा जलस्तर</p>
<p style="text-align:justify;">पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण घग्घर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। घग्घर जल सेवा मंडल के कार्यकारी अभियंता अजीत हुड्डा ने बताया कि ओटू हेड में पानी का स्तर 648.95 तक पहुंच गया है, जिसे नियंत्रित करने के लिए गेटों से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। इससे ओटू से जुड़ी माइनर नहरों में पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है, जो किसानों के लिए खरीफ फसलों की सिंचाई में मददगार साबित होगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">यूपी में बारिश का अलर्ट</h4>
<p style="text-align:justify;">यूपी का मौसम 16 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 48 घंटो के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का आॅरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 21 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी है। इसी क्रम में 16 जुलाई को प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्से में अनेक स्थान पर बारिश और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Jul 2025 10:51:29 +0530</pubDate>
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                <title>सावधान: मानसूनी सीजन में आकाशीय बिजली कड़कने पर खुले आसमान के नीचे रहना उचित नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। IMD Alert: बारिश के मौसम में बादलों की गर्जना के कारण आकाश के बिजली गिरने की भी संभावना बनी रहती है। यदि थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो आकाशीय बिजली गिरने के दौरान बचाव किया जा सकता है। इसी बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग भारत सरकार विशेष एडवाइजरी जारी कर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/it-is-not-advisable-to-stay-under-the-open-sky-when-there-is-lightning-during-the-monsoon-season/article-73170"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/at-least-14-people-died-due-to-lightning-in-bangladesh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)।</strong> IMD Alert: बारिश के मौसम में बादलों की गर्जना के कारण आकाश के बिजली गिरने की भी संभावना बनी रहती है। यदि थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो आकाशीय बिजली गिरने के दौरान बचाव किया जा सकता है। इसी बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग भारत सरकार विशेष एडवाइजरी जारी कर चुका है। भारत सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बारिश के मौसम में अक्सर आसमान में बिजली कड़कने लगती है, जो न केवल एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, बल्कि एक गंभीर खतरा भी हो सकता है। बिजली की कड़क से बचने के लिए हमें सावधानियों का पालन करना चाहिए। सबसे पहले, खुले आसमान के नीचे रहना उचित नहीं है। Weather</p>
<p style="text-align:justify;">बारिश में भीगने के साथ-साथ, बिजली की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, जब आसमान में बिजली कड़के, तो तुरंत किसी सुरक्षित घर या बिल्डिंग में शेल्टर लेना चाहिए। इसके अलावा, टीन या धातु के शेड वाले घरों से दूरी बनाना आवश्यक है। धातु बिजली का अच्छे से संवाहक होता है, और इससे बचने के लिए इनसे दूर रहना बेहतर होता है। यदि आप सफर कर रहे हैं, तो वाहन के शीशे चढ़ाकर रखना चाहिए, ताकि भीतर सुरक्षित रहें। खुली छत वाले वाहन में सवारी करना इस समय में विशेष तौर पर खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसमें बिजली गिरने का खतरा अधिक होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पेड़ के नीचे खड़ा होना भी रिस्क | Weather</h3>
<p style="text-align:justify;">बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना भी एक अनियोजित रिस्क है। पेड़ सीधे बिजली के बिन्दु की तरह काम कर सकते हैं, और इससे गुजरने वाला व्यक्ति गंभीर चोटों का शिकार हो सकता है। इसी तरह, खेतों और तालाबों के निकट रहना भी खतरनाक है, क्योंकि यहां बिजली गिरने की संभावना अधिक होती है। मोबाइल टॉवर और बिजली के खंबों से भी दूर रहना चाहिए। बारिश के समय बिजली कड़कने पर इन सरल लेकिन प्रभावशाली सावधानियों का पालन करके हम अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहना हमेशा महत्वपूर्ण होता है, ताकि हम सुरक्षित और स्वस्थ रह सकें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="‘कांवड़ यात्रा में माहौल बिगाड़ा तो बख्शे नही जाएंगे खुरापाती’" href="http://10.0.0.122:1245/sdm-and-co-called-a-meeting-with-service-camp-and-dhaba-operators-and-public-representatives-in-view-of-kanwar-yatra/">‘कांवड़ यात्रा में माहौल बिगाड़ा तो बख्शे नही जाएंगे खुरापाती’</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 20:49:15 +0530</pubDate>
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