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                <title>Farmers News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Farmers News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरसा की अनाज मंडियां गेहूं से लबालब, नहीं हो रहा उठान, किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[80 लाख मीट्रिक टन से अधिक आवक, उठान मात्र 10 प्रतिशत सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जिले की अनाज मंडियां गेहूं से लबालब भरी हुई हैं, लेकिन उठान की धीमी रफ्तार और ऑनलाइन पोर्टल की गड़बड़ी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है। इसमें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/sirsas-grain-markets-overflowing-with-wheat-lifting-stalled-farmers-distressed/article-83554"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/wheat-mandi-fuill.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">80 लाख मीट्रिक टन से अधिक आवक, उठान मात्र 10 प्रतिशत</h3>
<p style="text-align:justify;">सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जिले की अनाज मंडियां गेहूं से लबालब भरी हुई हैं, लेकिन उठान की धीमी रफ्तार और ऑनलाइन पोर्टल की गड़बड़ी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है। इसमें से करीब आधी खरीद हो चुकी है, लेकिन उठान महज 10 प्रतिशत ही हो पाया है। बाकी गेहूं खुले में पड़ा हुआ है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि पोर्टल पिछले कई दिनों से सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, जिससे खरीद एजेंसियों को भुगतान का सटीक आंकड़ा भी नहीं मिल पा रहा। Sirsa News</p>
<h3 style="text-align:justify;">ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी खराबी, भुगतान प्रक्रिया भी प्रभावित</h3>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, एक ही पोर्टल पर खरीद, गेटपास, उठान और वेरिफिकेशन जैसे सभी काम होने से सिस्टम पर अधिक लोड है और यही समस्या की मुख्य वजह बन रहा है। आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर तक 78 लाख 55 हजार 510 क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है। इसमें से 37 लाख 44 हजार 61 क्विंटल की खरीद हुई, जबकि केवल 4 लाख 81 हजार 837 क्विंटल का ही उठान हो सका। करीब 41 लाख 11 हजार 199 क्विंटल गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा है। किसानों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि फसल बेचने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं मिला है। नियम के अनुसार, खरीद, उठान और गोदाम में स्टॉक दर्ज होने के बाद जे-फॉर्म कटने पर ही किसानों के खातों में पैसा आता है। ऐसे में किसान अपनी छह महीने की मेहनत की कमाई के इंतजार में हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मार्केट कमेटीवार स्थिति | Sirsa News</h3>
<p style="text-align:justify;">मार्केट कमेटीवार आंकड़ों के अनुसार सरसा मार्केट कमेटी में 16,02,867 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, जिसमें से 10,07,788 क्विंटल की खरीद की गई और 1,50,834 क्विंटल का उठान हुआ, जबकि 5,94,829 क्विंटल गेहूं अनसोल्ड रहा। डबवाली मार्केट कमेटी में 17,18,569 क्विंटल आवक के मुकाबले 7,25,331 क्विंटल खरीद हुई, 95,639 क्विंटल उठान हुआ और 9,93,238 क्विंटल गेहूं अभी भी पड़ा है। कालांवाली मार्केट कमेटी में 16,39,694 क्विंटल आवक में से 8,93,574 क्विंटल खरीदा गया, 1,14,538 क्विंटल उठान हुआ और 7,46,120 क्विंटल अनसोल्ड रहा। ऐलनाबाद मार्केट कमेटी में 6,67,476 क्विंटल आवक के मुकाबले 2,96,433 क्विंटल खरीद, 43,315 क्विंटल उठान और 3,71,043 क्विंटल गेहूं शेष है।</p>
<p style="text-align:justify;">रानियां मार्केट कमेटी में 16,63,138 क्विंटल आवक हुई, जिसमें से 5,14,409 क्विंटल खरीदा गया, 36,531 क्विंटल उठान हुआ और 11,48,729 क्विंटल अभी भी मंडी में पड़ा है। डिंग मार्केट कमेटी में 5,63,766 क्विंटल आवक में से 3,06,526 क्विंटल खरीद हुई, 40,980 क्विंटल उठान हुआ और 2,57,240 क्विंटल अनसोल्ड रहा। कुल मिलाकर 78,55,510 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, जिसमें 37,44,061 क्विंटल की खरीद और 4,81,837 क्विंटल का उठान हो सका, जबकि 41,11,199 क्विंटल गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऑनलाइन पोर्टल में दिक्कत के चलते किसानों के भुगतान का सटीक आंकड़ा नहीं मिल पा रहा। पिछले 4-5 दिनों से समस्या बनी हुई है। उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।<br />
<strong>— राजेश कुमार, डीएम, हैफेड</strong></p>
<h3 style="text-align:justify;">खरीद ज्यादा, उठान कम: एजेंसियां फेल</h3>
<p style="text-align:justify;">सरसा मार्केट कमेटी द्वारा सरसा अनाज मंडी सहित 18 परचेज सेंटरों पर खरीद की जा रही है। यहां के आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता को दशार्ते हैं। 16 अप्रैल तक 23,111 किसानों ने गेटपास कटवाए और 14 लाख 67 हजार 72 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। इसके मुकाबले केवल 1 लाख 31 हजार 378 क्विंटल का उठान हुआ, जबकि 13 लाख 35 हजार 694 क्विंटल गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा है। यानी करीब 91 प्रतिशत गेहूं उठान के इंतजार में है। एजेंसीवार स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। हैफेड ने 7 लाख 16 हजार 721 क्विंटल गेहूं खरीदा, लेकिन केवल 33,761 क्विंटल का उठान किया। हरियाणा वेयरहाउस ने 1 लाख 65 हजार 592 क्विंटल खरीद में से महज 4,985 क्विंटल उठाया। वहीं डीएफएससी ने 5 लाख 84 हजार 759 क्विंटल खरीद के मुकाबले 92,632 क्विंटल का ही उठान किया है। Sirsa News</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सरसा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/sirsas-grain-markets-overflowing-with-wheat-lifting-stalled-farmers-distressed/article-83554</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 12:14:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmers News: किसानों ने की ओलावृष्टि से बर्बाद हुई गेहूँ की फसल की स्पेशल गिरदावरी की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[तेज बारिश व ओलों से गेहूं की फसल चौपट, प्रशासन से मुआवजे की लगाई गुहार Farmers News: डबवाली/गोरीवाला (सच कहूँ न्यूज)। गांव लंबी के किसानों ने हाल ही में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को हुए भारी नुकसान (Crops Destroyed) को लेकर प्रशासन से स्पेशल गिरदावरी करवाने की मांग उठाई है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/farmers-demand-special-survey-of-wheat-crops-destroyed-by-hailstorm/article-83180"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/lambi-farmers.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<h3>तेज बारिश व ओलों से गेहूं की फसल चौपट, प्रशासन से मुआवजे की लगाई गुहार</h3>
<p>Farmers News: डबवाली/गोरीवाला (सच कहूँ न्यूज)। गांव लंबी के किसानों ने हाल ही में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को हुए भारी नुकसान (Crops Destroyed) को लेकर प्रशासन से स्पेशल गिरदावरी करवाने की मांग उठाई है। किसानों ने इस संबंध में उपमंडल अधिकारी डबवाली को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया। Sirsa News</p>
<p>किसानों के अनुसार 2 अप्रैल से 4 अप्रैल 2026 के बीच हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी फसलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, जबकि कुछ की फसल आंशिक रूप से खराब हुई है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।</p>
<p>किसानों ने बताया कि उन्होंने कड़ी मेहनत और लागत से गेहूं की फसल तैयार की थी, लेकिन अचानक आई ओलावृष्टि ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ऐसे में अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए, ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके। साथ ही हरियाणा सरकार से उचित मुआवजा देने की भी अपील की गई है, जिससे उन्हें इस कठिन परिस्थिति से राहत मिल सके। Sirsa News</p>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>सरसा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:20:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmers News: खुशखबरी! किसानों को मिलेगा सरकार से एक करोड़ तक का अनुदान!</title>
                                    <description><![CDATA[नर्सरी, टिश्यू कल्चर यूनिट, बीज उत्पादन तथा बागवानी प्रबंधन के लिए सरकार दे रही 50 प्रतिशत तक सब्सिडी Farmers News: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। उद्यान विभाग हरियाणा द्वारा किसानों को बागवानी क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। विभाग ने नर्सरी, टिश्यू कल्चर यूनिट, बीज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/good-news-farmers-to-receive-government-subsidies-of-up-to-one-crore/article-83146"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/farmers.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">नर्सरी, टिश्यू कल्चर यूनिट, बीज उत्पादन तथा बागवानी प्रबंधन के लिए सरकार दे रही 50 प्रतिशत तक सब्सिडी</h3>
<p style="text-align:justify;">Farmers News: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। उद्यान विभाग हरियाणा द्वारा किसानों को बागवानी क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। विभाग ने नर्सरी, टिश्यू कल्चर यूनिट, बीज उत्पादन तथा बागवानी प्रबंधन से जुड़े कार्यों पर किसानों के लिए सब्सिडी की योजना क्रियांवित की जा रही है, जिससे किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। योजना के तहत लघु नर्सरी (0.4 से 1 हेक्टेयर) स्थापित करने पर प्रति हेक्टेयर 20 लाख रुपये की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके तहत किसानों को प्रति इकाई 10 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, साथ ही प्रतिवर्ष 50,000 गुणवत्ता वाले पौधों के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार, 1 से 2 हेक्टेयर क्षेत्र में दीर्घ नर्सरी स्थापित करने पर 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर लागत के साथ 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जिसमें अधिकतम 24 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। वर्तमान नर्सरी को उन्नत बनाने के लिए भी विभाग 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 2 लाख रुपये) प्रदान कर रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">टिश्यू कल्चर यूनिट और बीज उत्पादन को बढ़ावा</h3>
<p style="text-align:justify;">नई टिश्यू कल्चर इकाई स्थापित करने पर 250 लाख रुपये की लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम 100 लाख रुपये तक की सहायता संभव है। इसके लिए प्रति वर्ष न्यूनतम 10 लाख पौधों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन, हैंडलिंग, प्रोसेसिंग और पैकिंग के लिए 300 लाख रुपये की लागत पर 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम 150 लाख रुपये तक की सहायता शामिल है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सब्जी और मसाला बीज उत्पादन पर भी सहायता | Sirsa News</h3>
<p style="text-align:justify;">ओपन पॉलिनेटेड तकनीक के तहत 1 से 2 हेक्टेयर में सब्जी/मसाला बीज उत्पादन करने वाले किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान के साथ 7,000 रुपये प्रति एकड़ (अधिकतम 5 एकड़ तक) सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं उच्च तकनीक लघु नर्सरी के लिए 1,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम सीमा 60 लाख रुपये प्रति इकाई निर्धारित की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि सरकार किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर बागवानी और आधुनिक कृषि तकनीकों की ओर प्रेरित कर रही है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले पौधों और बीजों का उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने किसानों से अपील की गई है कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति औ? मजबूत करें। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सरसा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 14:27:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Farmers News: मार्च में किसान करें ये खेती, हो जाएंगे मालामाल, जानिये यहां पर</title>
                                    <description><![CDATA[Farmers News: भगत सिंह। मार्च का महीना कृषि के लिहाज से खास महत्व रखता है, क्योंकि यह जायद की फसलों की बुवाई के लिए उपयुक्त मौसम माना जाता है। हालांकि, इस वर्ष तेज गर्मी ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है, खासकर गेहूं की फसल को लेकर। सरकार ने गेहूं की फसल पर मौसम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/best-sowing-options-for-farmers-in-march-profitable-farming-methods/article-81956"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/farmers-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Farmers News: भगत सिंह। मार्च का महीना कृषि के लिहाज से खास महत्व रखता है, क्योंकि यह जायद की फसलों की बुवाई के लिए उपयुक्त मौसम माना जाता है। हालांकि, इस वर्ष तेज गर्मी ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है, खासकर गेहूं की फसल को लेकर। सरकार ने गेहूं की फसल पर मौसम के प्रभावों पर नजर रखने के लिए निगरानी कमेटी गठित की है, ताकि बंपर उत्पादन की उम्मीद को बनाए रखा जा सके। अगर आप मार्च में खेती करने की सोच रहे हैं तो जानिए कौन सी फसलें इस माह में सबसे उपयुक्त हैं, जो आपको बेहतर लाभ दे सकती हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">1. ग्वार फली की खेती | Farmers News</h4>
<p style="text-align:justify;">ग्वार फली की खेती मार्च माह में लाभकारी हो सकती है, क्योंकि इस महीने में इसकी बुवाई जायद की फसल के रूप में की जा सकती है। ग्वार की कई किस्में हैं जो अच्छे उत्पादन देती हैं, जैसे शरद बहार, पूसा नवबहार, दुर्गापुर सफेद, और मरू ग्वार। यह फसल विशेष रूप से शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में अच्छे परिणाम देती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">2. लोबिया की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">लोबिया की खेती भी मार्च माह में की जा सकती है। इसके दाने, चारे और हरी फलियों के लिए अलग-अलग किस्में उपलब्ध हैं, जिनका चयन किसान अपनी जरूरत के हिसाब से कर सकते हैं। प्रमुख किस्मों में सी-152, पूसा फाल्गुनी और जीएफसी-1 शामिल हैं। लोबिया की खेती से अच्छा मुनाफा मिल सकता है, क्योंकि इसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">3. खीरा की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">खीरा की खेती एक और बेहतरीन विकल्प है। इसका बाजार में अच्छा दाम मिलता है और इसे सलाद के रूप में अधिक खाया जाता है। खीरे की उन्नत किस्मों में स्वर्ण अगती, पूसा उदय और जापानी लौंग ग्रीन शामिल हैं। किसान इन किस्मों की बुवाई करके अच्छा लाभ कमा सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">4. ककड़ी की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">गर्मी के मौसम में ककड़ी का सेवन शरीर को ठंडक प्रदान करता है। ककड़ी की खेती करके किसान अच्छे दाम पर इसे बेच सकते हैं। प्रमुख किस्मों में प्रिया, हाइब्रिड-1 और पंजाब स्पेशल शामिल हैं, जो अच्छा उत्पादन देती हैं। यह फसल जल्दी तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी डिमांड भी काफी रहती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">5. करेला की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">करेला की खेती भी किसानों के लिए लाभकारी हो सकती है, क्योंकि यह डायबिटीज के मरीजों के लिए औषधि का काम करता है। इसके अच्छे बाजार भाव के कारण किसान इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। उन्नत किस्मों में पूसा विशेष, कल्याणपुर बारहमासी और हिसार सलेक्शन प्रमुख हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">6. लौकी की खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">लौकी का सेवन पाचन के लिए लाभकारी होता है और यह सर्दियों और गर्मियों दोनों मौसमों में उगाई जा सकती है। लौकी की उन्नत किस्मों में अर्का नूतन, पूसा संतुष्टि और पूसा संदेश शामिल हैं। यह फसल जल्दी तैयार होती है और किसान इसे बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">7. तुरई (तोरई) की खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">तोरई की खेती में भी बहुत संभावनाएं हैं। यह फसल जल्दी तैयार होती है और इसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है। पूसा चिकनी, कल्याणपुर चिकनी और पूसा सुप्रिया जैसी किस्में इसके बेहतर उत्पादन देती हैं। किसान इन किस्मों की बुवाई कर अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">8. पालक की खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">पालक की खेती भी सर्दी और गर्मी दोनों में की जा सकती है और इसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है। पालक की प्रमुख किस्में जैसे जोबनेर ग्रीन, पूसा पालक और पूसा ज्योति जल्दी तैयार हो जाती हैं। यह पौष्टिक होने के साथ-साथ सलाद में भी उपयोगी होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">9. भिंडी की खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">गर्मियों में भिंडी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। भिंडी की बाजार में उच्च मांग रहती है, और इसके लिए कई किस्में उपलब्ध हैं जैसे अर्का अभय, हिसार उन्नत और परभानी क्रांति। इस फसल से अच्छा मुनाफा मिल सकता है, क्योंकि इसकी खेती और देखभाल आसान होती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">10. पेठा की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">पेठा का सेवन शीतल और स्वादिष्ट होता है, और इसे मिठाई के रूप में बाजार में अच्छा दाम मिलता है। पेठा की खेती करने से भी किसानों को अच्छा मुनाफा हो सकता है। इसके लिए पूसा हाइब्रिड1, पूसा विकास और काशी हरित कद्‌दू जैसी उन्नत किस्में उपयोगी हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">11. तरबूज और खरबूजे की खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">गर्मियों में तरबूज और खरबूजे की मांग बाजार में बहुत अधिक रहती है। इनकी खेती से किसानों को बहुत अच्छा मुनाफा हो सकता है। तरबूज की किस्मों में शुगर बेबी, अर्का ज्योति और आशायी यामातो प्रमुख हैं। खरबूजे की उन्नत किस्में जैसे पूसा शरबती और हरा मधु किसानों के लिए लाभकारी हो सकती हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/best-sowing-options-for-farmers-in-march-profitable-farming-methods/article-81956</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Mar 2026 12:43:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmers News: खेत में रखवाली कर रहे किसान पर फायरिंग, पैर में लगी गोली</title>
                                    <description><![CDATA[टाउन थाना में हत्या प्रयास के आरोप में मुकदमा Farmers News: हनुमानगढ़। टाउन थाना क्षेत्र में देर रात खेत की रखवाली कर रहे एक किसान पर बाइक सवार दो युवकों ने फायरिंग कर दी। घटना में किसान के पैर में गोली का छर्रा लगने से वह घायल हो गया। टाउन थाना पुलिस ने पीड़ित की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/a-farmer-guarding-his-field-was-shot-in-the-leg/article-81720"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/hanumangarh-town-police-sta.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">टाउन थाना में हत्या प्रयास के आरोप में मुकदमा</h3>
<p style="text-align:justify;">Farmers News: हनुमानगढ़। टाउन थाना क्षेत्र में देर रात खेत की रखवाली कर रहे एक किसान पर बाइक सवार दो युवकों ने फायरिंग कर दी। घटना में किसान के पैर में गोली का छर्रा लगने से वह घायल हो गया। टाउन थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार लालचंद उर्फ लाल (42) पुत्र फूसाराम जाट निवासी चक सात एमजेडडब्ल्यू ने रिपोर्ट दी कि मंगलवार रात करीब 2.30 बजे वह अपनी जमीन चक 7-8 एमजेडडब्ल्यू में पड़ोसी सतनाम गोदारा और भीमसेन के साथ खेतों की रखवाली कर रहे थे। तीनों खाला की पुलिया के पास बैठकर निगरानी कर रहे थे। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार अलसुबह करीब 4.15 बजे मिर्जावाली से रणजीतपुरा जाने वाली सड़क की ओर से एक बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि सड़क पर खड़ा देखकर बाइक सवारों ने अचानक बाइक तेज की और उनकी दिशा में फायर कर दिया। गोली सड़क पर लगी, जिससे चिंगारियां उठीं और एक छर्रा लालचंद के दाहिने पैर के घुटने के पास जा लगा। इससे वह घायल हो गए और खून बहने लगा। वारदात के बाद आरोपी रणजीतपुरा की ओर फरार हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के तुरंत बाद साथियों ने घायल लालचंद को टाउन के राजकीय जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। टाउन थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच एएसआई किशोर सिंह कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। Hanumangarh News</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 11:55:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmer News: सीएम की किसानों के लिए बड़ी सौगात, खातों में ट्रांसफर की गई करोड़ों की धनराशि</title>
                                    <description><![CDATA[अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी रहेगी डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री योगी लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/crores-of-rupees-were-transferred-directly-into-the-accounts-of-farmers/article-81547"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/yogi-adityanath.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी रहेगी डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री योगी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की। Farmers News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज और भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास भवन व लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी किया। उन्होंने होली की शुभकामनाएं देते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अन्नदाता किसान उन्नत खेती के माध्यम से प्रदेश की समृद्धि में योगदान देते रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी ने कहा कि कल ही उत्तर प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट पारित हुआ है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से बजट के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के लिए ढेर सारी योजनाएं पास कराई गई हैं। जब बजट होता है तो लाभार्थियों के अकाउंट में सीधे पैसा जाता है और उन्हें लाभ प्राप्त होता है। आज एक बटन दबाते ही 460 करोड़ रुपए किसानों के खाते में पहुंच रहे हैं, बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई। लखनऊ समेत प्रदेश के सभी जनपदों में लाभार्थी परिवारों को इन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से 2.51 लाख किसान परिवारों को मिली 285 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति को संबल बताया। उन्होंने कहा कि फसल को सूखे-अतिवृष्टि के कारण नुकसान हुआ है। जब हम फसल का बीमा कराते हैं तो जरूरत पर रिटर्न भी मिलता है। आपदा के कारण नुकसान हुआ तो भरपाई होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि योजना के तहत पहले केवल किसान कवर होता था। उसके परिवार के सदस्य, बटाईदार और सह-किसान कवर नहीं होते थे। हमारी सरकार में 1000 करोड़ से अधिक की धनराशि के जरिए किसान या उसके परिवार के सदस्यों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि किसी मनुष्य की कमी की भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन सरकार संबल देने के लिए खड़ी हो सकती है। आपदा प्रभावित 3500 पीड़ित किसानों, सह किसानों, पारिवारिक सदस्यों, बटाईदारों आदि को आज लाभान्वित किया गया है। इससे पहले 16 जून 2025 को 11,690 किसानों व आश्रितों को 561.86 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि कल तक यह पैसा सभी किसानों या आश्रित परिवारों के खाते में पहुंच जाए। Farmers News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर आपदा मित्र हो सकता है। पीएम मोदी ने इस संबंध में बड़ा अभियान चलाया है। उत्तर प्रदेश ने पीएम की इस पहल को बढ़ाने का कार्य किया। 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित कर आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है। इन स्वयंसेवकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण के साथ भी जोड़ा गया है। इन्हें इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट, आपदा मित्र ट्रेनिंग, मॉड्यूल आईडी, आईडी कार्ड व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट में लाइफ जैकेट, सर्च टॉर्च, फर्स्ट-एड बॉक्स, सेफ्टी हेलमेट, चश्मा समेत 15 आइटम हैं। प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों का तीन वर्ष का जीवन व चिकित्सा बीमा करने का निर्णय लिया है। 10 फरवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू किया गया है, जिसमें आपदा मित्र को तीन वर्ष के लिए 5 लाख का बीमा कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में अभी तक 2959 युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं, शेष का प्रशिक्षण भी आगे बढ़ाया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम ने कहा कि पहले आपदा आने पर वर्षों तक पीड़ितों को कोई पूछता तक नहीं था। उन्हें क्षतिपूर्ति तक नहीं मिल पाती थी। 2015-16 में एक बार किसी किसान के खाते में दो रुपए और किसी के खाते में चार रुपए आए थे। हमारा प्रयास है कि बाढ़, आकाशीय बिजली, आगजनी जैसी आपदा आते ही 24 घंटे के भीतर पीड़ित के खाते में पैसा पहुंच जाए। 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसमें से फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़ रुपए का कृषि निवेश अनुदान, जनहानि के 5398 पीड़ितों को 216 करोड़ रुपए और मकान क्षति के 27448 प्रभावितों को 24 करोड़ रुपए सरकार वितरित कर चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना होने जा रही है। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में 45 हजार होमगार्ड्स की भर्ती में आपदा मित्रों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अभी आपदा मित्र की सेवा स्वैच्छिक है, लेकिन जब वे होमगार्ड के रूप में कार्य करेंगे तो उन्हें सरकार की ओर से मानदेय भी दिया जाएगा। प्रदेश में 19 हजार आपदा मित्रों को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से प्रशिक्षित किया जा चुका है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्नातक-परास्नातक विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय आपदा प्रबंधन इंटर्नशिप कार्यक्रम चलाया जा रहा है। Farmers News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Jharkhand: गिरिडीह में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष की हत्या, जंगल से अधजला शव बरामद" href="http://10.0.0.122:1245/former-zila-parishad-chairman-murdered-in-giridih-jharkhand/">Jharkhand: गिरिडीह में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष की हत्या, जंगल से अधजला शव बरामद</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/crores-of-rupees-were-transferred-directly-into-the-accounts-of-farmers/article-81547</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 15:22:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भिवानी के 84 किसानों का निकला ड्रा</title>
                                    <description><![CDATA[1209 ने ट्रैक्टर पर सब्सिडी के लिए किया था आवेदन लिस्ट में नाम आने पर खुश नजर आए लाभार्थी भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। Bhiwani News: भिवानी के 84 किसानों को ट्रैक्टर पर सब्सिडी देने के लिए बुधवार को पंचायत भवन में ड्रा निकाला गया। ऑनलाइन माध्यम से यह ड्रा हुआ। ट्रैक्टर पर सब्सिडी पाने के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/draw-of-lots-for-eighty-four-farmers-of-bhiwani/article-81438"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/bhiwani-news-10.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">1209 ने ट्रैक्टर पर सब्सिडी के लिए किया था आवेदन</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>लिस्ट में नाम आने पर खुश नजर आए लाभार्थी</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Bhiwani News: भिवानी के 84 किसानों को ट्रैक्टर पर सब्सिडी देने के लिए बुधवार को पंचायत भवन में ड्रा निकाला गया। ऑनलाइन माध्यम से यह ड्रा हुआ। ट्रैक्टर पर सब्सिडी पाने के लिए 1209 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। जिसमें से फाइनल ड्रा में 168 किसानों का नाम शामिल किया गया। इन 168 में से 84 किसान चयनित किए हैं, जिनका नाम ड्रा निकला है और 84 किसानों को वेटिंग में रखा गया है। अगल ड्रा लिस्ट में नाम आने वाले लाभार्थियों में से अगर किसी के दस्तावेज पूरे नहीं होते हैं या किसी अन्य कारण से वह लाभ नहीं ले पाता है तो वेटिंग वाले किसानों को मौका दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि राज्य योजना (एसबी-89) वर्ष 2025-26 के अंतर्गत अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी के किसानों को 45 एचपी एवं उससे अधिक क्षमता के ट्रैक्टर पर तीन लाख प्रति इकाई अनुदान प्रदान किए जाने हेतु विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर 15 जनवरी 2026 तक आॅनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। जिला परिषद के सीईओ अजय चौपड़ा की मौजूदगी में आॅनलाइन ड्रॉ निकाला गया। अजय चौपड़ा ने कहा कि यह स्कीम किसानों के लिए फायदेमंद हैं। कुल 1209 आवेदन आए थे। जिनमें से 84 किसानों का नाम ड्रा निकाला गया है। उन्होंने कहा कि किसान सरकार द्वारा चलाई जाने वाली इस तरह की स्कीम का लाभ उठाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">डीडीए विनोद फौगाट ने बताया कि पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा आवेदन भिवानी में आए हैं। वहीं सब्सिडी देने का टारगेट भी सबसे ज्यादा भिवानी जिले का था। 84 को सब्सिडी देनी थी और उनके खिलाफ दोगुने ड्रा में नाम निकाले हैं। अब नाम आने वाले किसानों को सूचना दी जाएगी। साथ ही अब किसान अपना ट्रैक्टर खरीदकर बिल को आॅनलाइन अपलोड करें। इसके बाद किसान प्रक्रिया को पूरा करेंगे और उनके खाते में पैसे डाल दिए जाएंगे। इस योजना के तहत 3 लाख रुपए तक सब्सिडी है। किसान को ट्रैक्टर की आधी राशि या 3 लाख रुपए जो भी कम होगा, वह सब्सिडी दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव धारण के सरपंच जयभगवान ने बताया कि वह भी इस ड्रा में शामिल होने के लिए आया था। उनके गांव महाबीर का ड्रा में नाम आया है। सरकार द्वारा जो सब्सिडी दी जा रही है, उससे वे काफी खुश हैं। एक गरीब परिवार का ड्रा निकला है और निस्वार्थ भाव से ड्रा निकला है, उसके लिए धन्यवाद। इससे किसान को काफी फायदा होगा। इसमें 3 लाख या 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। Bhiwani News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="CM Rekha Gupta: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जनता के प्रति उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए 50वें मातृश्री अवॉर्ड से किया सम्मानित" href="http://10.0.0.122:1245/chief-minister-rekha-gupta-was-honored-with-the-matrishree-award/">CM Rekha Gupta: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जनता के प्रति उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए 50वें मातृश्री अवॉर्ड से किया सम्मानित</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 17:21:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Farmers News: चक्काजाम को लेकर 15 किसान नेताओं पर मुकदमा दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[Cases filed on farmers: हनुमानगढ़। अटल भूजल योजना के तहत किसानों की ओर से निर्मित डिग्गियों की लंबित सब्सिडी के भुगतान की मांग को लेकर 6 फरवरी को रावतसर रोड स्थित कोहला टोल प्लाजा पर चक्काजाम करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के खिलाफ टाउन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/cases-have-been-filed-against-15-farmer-leaders-in-connection-with-the-road-blockade/article-81107"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/hanumangarh-police-station.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Cases filed on farmers: हनुमानगढ़। अटल भूजल योजना के तहत किसानों की ओर से निर्मित डिग्गियों की लंबित सब्सिडी के भुगतान की मांग को लेकर 6 फरवरी को रावतसर रोड स्थित कोहला टोल प्लाजा पर चक्काजाम करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के खिलाफ टाउन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में 15 किसान नेताओं को नामजद किया है। टाउन थाना पुलिस के अनुसार एसआई रामकेर ने रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि 6 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान नेता कोहला टोल नाके पर चक्काजाम करने पहुंचे। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान किसान नेता रेशम सिंह मानुका, रायसाहब चाहर, सुरेन्द्र शर्मा, सुभाष गोदारा मक्कासर, संदीप कंग, शेर सिंह शाक्य, काका सिंह, सचिन कौशिक, जयदेव भिड़ासरा, आत्मा सिंह, अमन सिंह हिरणावाली, जगजीत सिंह उर्फ जग्गी, बलविन्द्र सिंह गुरुसर, रविन्द्र सिंह चक ज्वाला सिंह वाला एवं जाकिर हुसैन पीरकामड़िया के नेतृत्व में करीब 50-60 लोग सड़क के बीच बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने भाषणबाजी करते हुए टोल प्लाजा पर आवागमन रोक दिया, जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया। थाना प्रभारी रामचन्द्र कस्वां ने प्रदर्शनकारियों को बार-बार समझाइश कर सड़क के एक ओर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने को कहा, लेकिन वे जाम लगाए रखने पर अड़े रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">करीब 10 मिनट तक यातायात बाधित रहा। सूचना पर उपखण्ड अधिकारी मांगीलाल मौके पर पहुंचे और जाम खोलने तथा आमजन को परेशान नहीं करने की समझाइश की। एसडीएम की समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया। सुबह 11.45 बजे से 11.55 बजे तक यातायात प्रभावित रहा, हालांकि इस दौरान यातायात को डायवर्ट कर चालू रखा गया। पुलिस ने प्रशासन की अनुमति के बिना मेगा हाइवे पर यातायात बाधित करने को लेकर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान एसआई मोहर सिंह को सौंपा है। Hanumangarh News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 16:58:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘किन्नू वैक्सिंग-ग्रेडिंग व जूस प्लांट से किसानों की होगी अच्छी आमदनी’</title>
                                    <description><![CDATA[डब्वाली (सच कहूँ/सुभाष)। मार्केट कमेटी डबवाली के चेयरमैन सतीश जग्गा ने कहा कि किन्नू आधारित आधुनिक सुविधाएं क्षेत्र के किसानों के लिए बागवानी क्रांति का आधार बन रही हैं। उन्होंने अबूबशहर स्थित किन्नू वैक्सिंग एवं ग्रेडिंग प्लांट का निरीक्षण करते हुए बताया कि यहां किसानों को मात्र 2 रुपये प्रति किलो की दर से ग्रेडिंग, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/the-kinnow-waxing-grading-and-juice-plant-will-provide-farmers-with-good-income/article-80447"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/satish-jagga-chairman.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">डब्वाली (सच कहूँ/सुभाष)। मार्केट कमेटी डबवाली के चेयरमैन सतीश जग्गा ने कहा कि किन्नू आधारित आधुनिक सुविधाएं क्षेत्र के किसानों के लिए बागवानी क्रांति का आधार बन रही हैं। उन्होंने अबूबशहर स्थित किन्नू वैक्सिंग एवं ग्रेडिंग प्लांट का निरीक्षण करते हुए बताया कि यहां किसानों को मात्र 2 रुपये प्रति किलो की दर से ग्रेडिंग, वैक्सिंग व पैकेजिंग सुविधा मिल रही है, जिससे फल की गुणवत्ता व शेल्फ लाइफ बढ़ रही है और बबार्दी पर रोक लग रही है। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि सरसा जिले में पीपीपी मॉडल पर 22 हजार मीट्रिक टन क्षमता का अत्याधुनिक जूस प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसमें किन्नू सहित अन्य फलों का प्रसंस्करण होगा। जग्गा ने इस पहल के लिए प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का आभार जताया। इस अवसर पर मार्केट कमेटी अधिकारी मैनपाल वर्मा, महिंदर कुमार, प्रगतिशील किसान मोहन लाल, अजायब सिंह भाटी, मनोज, विनोद नायक, कृष्ण, विनेश छाबड़ा सहित अन्य मौजूद रहे। Sirsa News</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सरसा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 12:34:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ethanol Plant Case Update: एथेनॉल प्लांट के खिलाफ संगरिया में महापंचायत, पड़ोसी राज्यों से भी जुटे किसान</title>
                                    <description><![CDATA[एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू रद्द करने, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग Ethanol Plant Case Update: हनुमानगढ़। टिब्बी के राठीखेड़ा में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को संगरिया की नई धानमंडी में किसान महापंचायत हुई। एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू रद्द करने, आंदोलन के दौरान किसानों पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/a-large-gathering-of-farmers-held-a-mahapanchayat-community-meeting-in-sangaria-to-protest-against-the-ethanol-plant/article-80107"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/farmers-hanumangarh.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू रद्द करने, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग</h3>
<p style="text-align:justify;">Ethanol Plant Case Update: हनुमानगढ़। टिब्बी के राठीखेड़ा में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को संगरिया की नई धानमंडी में किसान महापंचायत हुई। एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू रद्द करने, आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर जिले में करीब एक माह में यह तीसरी महापंचायत हुई। इसमें हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर के साथ ही हरियाणा और पंजाब से भी बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। 7 जनवरी 1970 के किसान शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए मंच के पास ही अस्थाई स्मारक बनाया गया। महापंचायत से पहले किसानों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा महापंचायत से पहले किसानों ने नगर पालिका कार्यालय में बने किसान स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद किसानों के लिए ‘लाल सलाम’ और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, शहीद किसानों का नाम रहेगा’ के नारे भी लगाए गए। किसान नेता जोगिन्द्र सिंह उग्राहां के नेतृत्व में किसानों का जत्था महापंचायत में शामिल हुआ। किसानों के हाथों में संघर्ष समिति के झंडे और सिर पर पीली पगड़ी थी। महापंचायत को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। ऐहतियात के तौर पर संगरिया तहसील और उसके 10 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं मंगलवार रात्रि से ही बंद रही। इलाके में धारा 163 भी लागू रही। चप्पे-चप्पे पर करीब छह सौ से अधिक पुलिस कर्मियों का जाप्ता तैनात रहा। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी हर स्थिति पर नजर बनाए रहे।</p>
<h3>7 जनवरी 1970 के किसान शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बंद रही इंटरनेट सेवाएं</h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने मंगलवार रात से संगरिया कस्बे में प्रवेश के चारों प्रमुख मार्गांे पर बैरिकेडिंग कर दी थी। इसके साथ ही बाहर से आने वालों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। पुलिस और प्रशासन ने टिब्बी की घटना से सबक लेते हुए हर संभव सावधानी बरती। एडीएम उम्मेदीलाल मीणा, एएसपी अरविंद बिश्नोई, संगरिया एसडीएम जय कौशिक, तहसीलदार मोनिका बंसल समेत कई अधिकारी व्यवस्थाओं को संभाले हुए रहे। हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर मंगलवार रात्रि से बंद हुई इंटरनेट सेवा बुधवार दोपहर को बहाल हुई। यद्यपि संगरिया में किसानों की महापंचायत के कारण संगरिया कस्बे की सीमाओं में नेटबंदी की गई थी। तकनीकी कारणों से हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर भी मंगलवार रात्रि को नेट बंद हो गया। महापंचायत में किसान नेताओं ने एथेनॉल फैक्ट्री के कारण होने वाले प्रदूषण को लेकर विरोध जताया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पानी पीने लायक नहीं रहेगा, हवा सांस लेने के लिए शुद्ध नहीं होगी। राजनीति के चलते आम लोगों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। महापंचायत में किसान नेता जगतार सिंह, मनजीत धनेर, पूर्व विधायक बलवान पूनिया, मनदीप सिंह, महंगा सिंह सिद्धू, रामेश्वर वर्मा, रघुवीर वर्मा, मंगेज चौधरी, प्रियंका चाहर, सुभाष गोदारा, ओम जांगू, पाहना सिद्धू, रेशम सिंह मानुका, जगजीत सिंह जग्गी, विजेन्द्र सिंह सिद्धू, मदन दुगेसर, जीत फतेहगढ़िया, बलकौर सिंह ढिल्लों, रमेश भादू, अशोक चौधरी, शिवभगवान बिश्नोई, जसवीर भाटी, सोल ढील, बलतेज सिंह आत्मासिंह, काकासिंह, रणजीत सिंह, सुधीर गोदारा, संजीव सोनी, अभिमन्यु कोहाड़, अमरसिंह आदि मौजूद रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील | Hanumangarh News</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन के अनुसार टिब्बी के राठीखेड़ा में एथेनॉल प्लांट के निर्माण को लेकर संघर्ष समिति की मांगों को राज्य सरकार के स्तर पर प्रेषित किया जा चुका है। इसी क्रम में राज्य सरकार की ओर से पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया। उच्च स्तरीय समिति के तकनीकी सदस्यों की ओर से 4 जनवरी को संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ उनकी आशंकाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। समिति की ओर से साइट विजिट कर भू-जल के नमूने भी एकत्रित किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध के दौरान दर्ज मुकदमों की जांच, संघर्ष समिति एवं प्रशासन के बीच हुई सौहार्दपूर्ण वार्ता के अनुरूप, सीआईडी-सीबी, जयपुर की ओर से की जा रही है। इस संबंध में जिला पुलिस की ओर से वर्तमान में कोई जांच या कार्यवाही नहीं की जा रही है। पूर्व में धरना-प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों की जमानत हो चुकी है। वर्तमान में कोई भी व्यक्ति पुलिस अथवा न्यायिक अभिरक्षा में नहीं है। जिला प्रशासन की जिलेवासियों से अपील है कि जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखें। जिला प्रशासन सभी नागरिकों के प्रति संवेदनशील है तथा संवाद एवं वार्ता के लिए सदैव तैयार है। Hanumangarh News</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/a-large-gathering-of-farmers-held-a-mahapanchayat-community-meeting-in-sangaria-to-protest-against-the-ethanol-plant/article-80107</link>
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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 16:00:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmers News: दूध कम दे रही गाय-भैंस? सर्दियों में ये देसी नुस्खे अपनाएं, भरकर देंगे दूध</title>
                                    <description><![CDATA[भगत सिंह। Farmers News: कभी-कभी बड़ी समस्याओं का हल बहुत छोटा और सस्ता होता है। ठंड के मौसम में अगर किसान रोजाना सिर्फ 13 ग्राम नमक अपने पशुओं को सही तरीके से दें, तो दूध की बाल्टियां भर जाएंगी और पशु भी पूरी तरह स्वस्थ रहेंगे। यह कोई दावा नहीं बल्कि कई किसानों द्वारा आजमाया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/cows-and-buffaloes-are-giving-less-milk-adopt-indigenous-remedies-in-winter/article-78988"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/farmers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भगत सिंह।</strong> Farmers News: कभी-कभी बड़ी समस्याओं का हल बहुत छोटा और सस्ता होता है। ठंड के मौसम में अगर किसान रोजाना सिर्फ 13 ग्राम नमक अपने पशुओं को सही तरीके से दें, तो दूध की बाल्टियां भर जाएंगी और पशु भी पूरी तरह स्वस्थ रहेंगे। यह कोई दावा नहीं बल्कि कई किसानों द्वारा आजमाया गया कारगर नुस्खा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सर्दी में घटता दूध उत्पादन — बड़ी समस्या</h3>
<p style="text-align:justify;">सर्दियों के आते ही पशुपालकों की सबसे बड़ी चिंता होती है दूध उत्पादन में गिरावट। ठंड के मौसम में गाय-भैंसें कम पानी पीती हैं, उनकी भूख कम हो जाती है और इससे दूध की मात्रा पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में अगर हर दिन सिर्फ 13 ग्राम नमक दिया जाए, तो यह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी पूरी कर देता है और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्यों जरूरी है नमक देना?</h3>
<p style="text-align:justify;">पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. हेमंत शाह बताते हैं कि नमक में मौजूद सोडियम और क्लोराइड तत्व पशुओं की पाचन क्रिया को मजबूत करते हैं। इससे भूख बढ़ती है और शरीर पोषक तत्वों को सही ढंग से अवशोषित करता है। जब पशु अच्छा खाते हैं, तो दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों में सुधार आता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई किसान यह गलती कर देते हैं कि वे नमक को महत्व नहीं देते, जिससे पशु धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगते हैं। नमक की कमी से जानवर दीवारें, लकड़ी या मलमूत्र तक चाटने लगते हैं यह स्पष्ट संकेत है कि उनके शरीर में नमक की गहरी कमी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे दें पशु को नमक?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>विशेषज्ञों के अनुसार नमक देने के दो सबसे आसान तरीके हैं।</strong><br />
1. गुनगुने पानी में मिलाकर पिलाएं: हर दिन करीब 13 ग्राम नमक एक बाल्टी गुनगुने पानी में मिलाकर पशु को दें। इससे उनकी प्यास बढ़ेगी और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बना रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">2. हरे चारे या भूसे में मिलाकर दें: नमक को थोड़ी मात्रा में चारे या भूसे में मिलाकर देना भी फायदेमंद है। इससे पशु चारा स्वाद लेकर खाते हैं और उनकी भूख बढ़ती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नमक के अद्भुत फायदे | Farmers News</h3>
<p style="text-align:justify;">दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों में बढ़ोतरी<br />
पाचन शक्ति और ऊर्जा में सुधार<br />
शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखना<br />
ठंड में रक्त संचार को दुरुस्त रखना<br />
त्वचा संबंधी समस्याओं से बचाव</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों का अनुभव</h3>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के किसान भागीरथ पटेल बताते हैं कि नमक को रोजाना देने से गायों की भूख बढ़ी और कुछ ही हफ्तों में दूध उत्पादन में 10-15% तक वृद्धि देखी गई। पशु ज्यादा सक्रिय, शांत और स्वस्थ हो गए। लगातार सही मात्रा में नमक देने से लगभग एक साल में पशु पूरी तरह तंदुरुस्त हो जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्दियों में सिर्फ 13 ग्राम साधारण नमक गाय-भैंस के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं। यह न केवल दूध की मात्रा बढ़ाता है, बल्कि पशुओं की सेहत, ऊर्जा और पाचन को भी बेहतर बनाता है। किसानों के लिए यह एक सस्ता, आसान और आजमाया हुआ उपाय है।</p>
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                                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/cows-and-buffaloes-are-giving-less-milk-adopt-indigenous-remedies-in-winter/article-78988</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 15:51:38 +0530</pubDate>
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                <title>खराब फसलों के मुआवजे का लम्बा होता जा रहा इंतजार, किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे किसान, नहीं मिल रहा कोई संतोषजनक जवाब धान की हजारों एकड़ फसल हुई थी बर्बाद, घोषणा के दो महीने बाद भी भुगतान नहीं कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Kaithal News: बाढ़ और बारिश से खराब हुई फसलों का मुआवजा जारी न होने पर किसान परेशान नजर आ रहे है। मुआवजा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-are-worried-as-compensation-for-crops-damaged-by-floods-and-rains-has-not-been-released/article-78551"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/kaithal-news-16.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे किसान, नहीं मिल रहा कोई संतोषजनक जवाब</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>धान की हजारों एकड़ फसल हुई थी बर्बाद, घोषणा के दो महीने बाद भी भुगतान नहीं</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)।</strong> Kaithal News: बाढ़ और बारिश से खराब हुई फसलों का मुआवजा जारी न होने पर किसान परेशान नजर आ रहे है। मुआवजा न मिलने के चलते किसान लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो स्पष्ट जवाब मिल रहा है और न ही किसी तरह की समय सीमा। किसान सरकार से जल्द से जल्द मुआवजा राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं। वहीं सबंधित अधिकारी भी अब इस मामले में जवाब देने से बचते नजर आ रहे है क्योकि उनके पास भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। किसानों का कहना है कि सरकार और अधिकारियो की चुप्पी उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि जिले के 273 गांवों के करीब 11 हजार किसानों ने पोर्टल पर खराब फसल के मुआवजे के लिए आवेदन किया हुआ है। गुहला-चीका, सीवन, पूंडरी, कलायत और ढांड क्षेत्र में धान व अन्य फसलें खराब हुई थीं। पटवारियों द्वारा जिले में सभी स्थानों पर सर्वे भी किया जा चुका है उसके बावजूद मुआवजा राशि अब तक अटकी हुई है। किसानो ने बौने पौधे और हल्दी रोग से प्रभावित धान की फसलों के लिए भी आवेदन किया है। वहीं घग्गर से आई बाढ़ ने भी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया था। किसानों का कहना है कि सरकार ने दिवाली से पहले मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उनके खातों में राशि नहीं पहुंची है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जल्द मुआवजा राशि जारी करे सरकार: किसान नेता</h3>
<p style="text-align:justify;">किसान नेता विक्रम कसाना का कहना है कि प्रति एकड़ धान पर 15 से 20 हजार रुपये तक की लागत आती है, जबकि जमीन का वार्षिक ठेका 50–80 हजार रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच चुका है। ऐसे में मुआवजा न मिलने से किसान पूरी तरह घाटे में जा रहा है। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द किसानो के खातो में मुआवजा राशि डालनी चाहिए ताकि किसान की कुछ परेशानी कम हो सके ।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सबसे ज्यादा नुकसान गुहला चीका क्षेत्र में | Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;">अगस्त–सितंबर माह में आई बाढ़ से गुहला-चीका क्षेत्र के गांव गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे। आंकड़ों के मुताबिक 90 गाँवों के 5096 किसानों की करीब 40 हजार एकड़ धान की फसल खराब हो गई थी। कई गाँवों में तो 15 से 25 दिनों तक बाढ़ का पानी खड़ा रहा था। फसले पूरी तरह पानी में डूब गयी थी। ग्रामीणों के सामने हरे चारे तक की समस्या पैदा हो गयी थी। इसके अलावा कैथल खंड में दो हजार किसानो ने 17 हजार एकड़ और सीवन खंड में करीब 1300 किसानो ने 10 हजार एकड़ में नुकसान के लिए आवेदन किया हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक सुरेन्द्र यादव ने कहा कि ई क्षति पूर्ति पोर्टल पर आवेदन लिए जा चुके है। मुआवजा कब और कितना जारी होगा इसके बारे में राजस्व विभाग के अधिकारी बता सकते है। इस सबंध में अंतिम जानकारी वही दे सकते है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं जब खराब फसलो के मुआवजे की जानकारी लेने के लिए जिला राजस्व अधिकारी और तहसीलदार से जानकारी लेनी चाही तो दोनों अधिकारियो में से किसी ने भी फ़ोन नही उठाया। या यूँ कहे कि अधिकारी अब जानकारी देने से बचते नजर आ रहे है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकारी आंकड़ो के अनुसार | Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;">खंड गाँव किसान क्षेत्र (एकड़ में )<br />
गुहला 90 5093 39,629.852<br />
कैथल 66 2032 17,096.519<br />
कलायत 28 1132 8,599.127<br />
पूंडरी 27 1193 9,465.002<br />
ढांड 24 480 3,833.669<br />
सीवन 22 1369 10,894.576<br />
राजौंद 16 305 2,765.622<br />
कुल 273 11418 92284.367</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Murmura Laddu Recipe: बस एक लड्डू रोज खा लो फिर देखना कमाल ही कमाल…. खासी जुकाम न जोड़ो का दर्द हड्डियां …" href="http://10.0.0.122:1245/murmura-laddu-recipe/">Murmura Laddu Recipe: बस एक लड्डू रोज खा लो फिर देखना कमाल ही कमाल…. खासी जुकाम न जोड़ो का दर्द हड्डियां …</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 14:56:56 +0530</pubDate>
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