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                <title>Farmers News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Farmers News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Rajasthan News: राजस्थान में किसान आंदोलन का किया गया महाशंखनाद</title>
                                    <description><![CDATA[गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ उपखंड कार्यालय के समक्ष पिछले पांच दिनों से भीषण  गर्मी के बीच किसान अपनी गेहूं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ धरने पर बैठे हैं। अन्नदाताओं के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की इसी बेरुखी और मनमानी के खिलाफ किसान नेताओं ने अब आर पार की जंग का ऐलान कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/a-great-shout-was-given-for-the-farmers-movement/article-86442"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/kisan-andolan-pilibanga.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Kisan Andolan: पीलीबंगा। गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ उपखंड कार्यालय के समक्ष पिछले पांच दिनों से भीषण  गर्मी के बीच किसान अपनी गेहूं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ धरने पर बैठे हैं। अन्नदाताओं के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की इसी बेरुखी और मनमानी के खिलाफ किसान नेताओं ने अब आर पार की जंग का ऐलान कर दिया है। Rajasthan News</p>
<p style="text-align:justify;">किसान नेता मंगेज चौधरी गोपाल बिश्नोई चरणप्रीत बराड़ गगनदीप सिंह सिद्धू कुलदीप चहल और मनीराम मेघवाल ने सीधे शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दे दी है कि यदि प्रशासन द्वारा गेहूं खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी और घोटाला करने वालों पर तुरंत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और पोर्टल पर दर्ज किसानों के संपूर्ण गेहूं की खरीद की गारंटी नहीं दी गई तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रणनीति के तहत आने वाली 19 जून को क्षेत्र के हजारों ट्रैक्टरों के साथ पीलीबंगा में एक ऐतिहासिक और विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा इसके बाद भी यदि गूंगे बहरे प्रशासन ने किसानों की सुध नहीं ली और समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकाला तो 21 जून को पीलीबंगा को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर पूर्ण रूप से चक्का जाम कर दिया जाएगा। किसान नेताओं ने साफ किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो रेलवे ट्रैक को भी अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा। Rajasthan News</p>
<h3 style="text-align:justify;">खरीद में फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप</h3>
<p style="text-align:justify;">किसान नेताओं ने सीधे तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत का पर्दाफाश करते हुए आरोप लगाया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और धांधली की गई है। फर्जी फर्मों के नाम पर कागजों में हजारों बैगों की फर्जी खरीद दिखा दी गई है जबकि पीलीबंगा क्षेत्र में अभी भी लगभग पांच लाख थैले गेहूं तुलने के लिए शेष पड़े हैं। इससे पूर्व बारदाना वितरण में भी भारी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार हुआ था जिसे स्थानीय अधिकारियों ने खुद वार्ताओं में स्वीकार किया था परंतु इसके बावजूद आज तक किसी भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई जो प्रशासन की कार्यशैली को पूरी तरह संदिग्ध बनाता है। Rajasthan News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 13:18:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmers News: किसानों को बड़ी राहत : एमएसपी पर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ी </title>
                                    <description><![CDATA[न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेचने से वंचित रह गए किसानों को राहत देते हुए राजस्थान सरकार ने गेहूं खरीद की अवधि बढ़ा दी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार अब पंजीकृत किसानों से एमएसपी पर गेहूं की खरीद 6 जून तक की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/farmers-news-big-relief-to-farmers-extended-period-of-wheat/article-85786"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/msp-gehu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Farmers News: हनुमानगढ़। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेचने से वंचित रह गए किसानों को राहत देते हुए राजस्थान सरकार ने गेहूं खरीद की अवधि बढ़ा दी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार अब पंजीकृत किसानों से एमएसपी पर गेहूं की खरीद 6 जून तक की जाएगी। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के उपायुक्त (पंचम) महावीर प्रसाद व्यास की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि रबी विपणन सीजन (आरएमएस) 2026-27 के तहत जिन पंजीकृत किसानों का गेहूं खरीदना शेष है, उनसे 6 जून तक खरीद सुनिश्चित की जाए। विभाग ने सभी क्रय केन्द्रों और खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे राज्य खरीद पोर्टल पर आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप ही गेहूं की खरीद करें। निर्धारित लक्ष्य से अधिक खरीद करने से पहले विभाग की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में जारी अन्य सभी दिशा-निर्देश यथावत लागू रहेंगे। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार के इस निर्णय से हनुमानगढ़ जिले सहित प्रदेश के हजारों किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो विभिन्न कारणों से अब तक अपना गेहूं समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पाए थे। खरीद अवधि बढ़ने से किसानों को अपनी उपज एमएसपी पर बेचने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि किसान संगठनों की ओर से पिछले कुछ दिनों से एमएसपी पर गेहूं खरीद की अवधि 30 मई से बढ़ाकर 30 जून तक करने की मांग की जा रही थी। दूसरी तरफ, किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि अगर पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध करवाया जाता तो पंजीयन करवाने वाले सभी किसानों की गेहूं की खरीद 30 मई तक हो सकती थी। Hanumangarh News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 15:31:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Farmers News: किसानों ने कलेक्ट्रेट पर डाला गेहूं बारदाना, की सही वितरण व गेहूं खरीद की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[गेहूं की सरकारी खरीद को सुचारू बनाने व सरकार द्वारा भेजे गए एक लाख बारदाने के सही वितरण की मांग को लेकर किसानों ने आज जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष गेहूं के ढेर लगा दिए हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर आर पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है किसानों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती और गेहूं नहीं बिकता तब तक वह यही टिके रहेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/farmers-news-farmers-put-demand-at-collectorate-for-proper-distribution/article-85424"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/farmers-bardaana.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Farmers News: श्रीगंगानगर। गेहूं की सरकारी खरीद को सुचारू बनाने व सरकार द्वारा भेजे गए एक लाख बारदाने के सही वितरण की मांग को लेकर किसानों ने आज जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष गेहूं के ढेर लगा दिए हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर आर पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है किसानों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती और गेहूं नहीं बिकता तब तक वह यही टिके रहेंगे। Sri Ganganagar News </p>
<p style="text-align:justify;">गेहूं कलेक्ट्रेट पर डालने से किसानों को कांग्रेस का समर्थन भी मिला है। सांसद कुलदीप बिंद्रा ने किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से समर्थन मूल्य खरीद बढ़ाने बारदाने के सही वितरण की मांग की है।भारतीय किसान  यूनियन एकता के नेतृत्व में हो रहे इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संदीप ने कहा है कि वह अपनी मांगों को लेकर चार रोज पूर्व जिला कलेक्टर से मिले थे लेकिन उन्होंने हमारी बात को गंभीरता से नहीं लिया। जिसके चलते हमने कलेक्टर पर गेहूं के ढेर लगा दिए है और मांग पूरी होने तक यही टिके रहेंगे। Sri Ganganagar News</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/baardana-protests.jpg" alt="Baardana-Protests" width="1158" height="844"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 14:12:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kisan Karj Mafi Yojana: कर्ज में डूबे किसानों को बड़ी राहत, इस तारीख तक किसानों का कर्ज होगा माफ! सरकार ने लिया फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[Kisan Karj Mafi Yojana: कर्ज में डूबे किसानों को बड़ी राहत, इस तारीख तक किसानों का कर्ज होगा माफ! सरकार ने लिया फैसला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/kisan-karj-mafi-yojana-big-relief-to-debt-ridden-farmers-farmers/article-85253"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/kisan-karj-mafi-yojana.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Kisan Karj Mafi Yojana: मुम्बई। </strong>महाराष्ट्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए इसकी समयसीमा तय कर दी है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने घोषणा की है कि सभी पात्र किसानों को 30 जून से पहले ऋण माफी का लाभ प्रदान कर दिया जाएगा। इससे किसानों को आगामी खरीफ सीजन के लिए नए कृषि ऋण प्राप्त करने में आसानी होगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">30 जून से पहले मिलेगी ऋण माफी | Kisan Karj Mafi Yojana</h4>
<p style="text-align:justify;">खरीफ सीजन की तैयारियों और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए ऋण माफी योजना को तय समय सीमा के भीतर लागू करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 30 जून से पहले सभी पात्र किसानों को कर्ज माफी का लाभ मिल जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार के इस फैसले से उन किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से ऋण माफी के क्रियान्वयन का इंतजार कर रहे थे। इससे नए फसल ऋण लेने का रास्ता भी साफ होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बैंकों को दिए सख्त निर्देश</h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीयकृत बैंकों को कृषि ऋण वितरण को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी बैंक अपने निर्धारित कृषि ऋण लक्ष्यों का कम से कम 80 प्रतिशत हासिल करें। सरकार का मानना है कि किसानों तक समय पर ऋण पहुंचाना कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में जिला सहकारी बैंक और ग्रामीण बैंक कुल कृषि ऋण का लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा प्रदान कर रहे हैं, जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों की हिस्सेदारी करीब 26 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीयकृत बैंकों से कृषि क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">फसल ऋण के लिए CIBIL Score जरूरी नहीं</h4>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने किसानों को राहत देते हुए यह भी स्पष्ट कर दिया है कि फसल ऋण लेने के लिए CIBIL Score अनिवार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी किसान को केवल सिबिल स्कोर के आधार पर फसल ऋण से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी शाखाओं को स्पष्ट सूचना जारी की जाए कि फसल ऋण के लिए सिबिल स्कोर की शर्त लागू नहीं होगी। इससे किसानों को ऋण प्राप्त करने में आने वाली परेशानियां कम होंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">RBI ने भी दिया भरोसा</h4>
<p style="text-align:justify;">बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया और स्पष्ट किया कि फसल ऋण प्रक्रिया में किसानों के सामने कोई अनावश्यक बाधा नहीं आने दी जाएगी। आरबीआई अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या होता है CIBIL Score?</h4>
<p style="text-align:justify;">सिबिल स्कोर एक तीन अंकों का क्रेडिट स्कोर होता है, जो किसी व्यक्ति की ऋण चुकाने की क्षमता और वित्तीय व्यवहार को दर्शाता है। बैंक और वित्तीय संस्थान आमतौर पर ऋण देने से पहले इस स्कोर का आकलन करते हैं। हालांकि अब फसल ऋण के मामलों में किसानों के लिए इसे अनिवार्य नहीं रखा गया है, जिससे अधिक किसानों को ऋण सुविधा का लाभ मिल सकेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मौसम को लेकर भी जताई चिंता</h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने राज्य में संभावित कम वर्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष सामान्य से लगभग 88 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है। वर्षा में कमी के कारण फसलों पर नमी का दबाव बढ़ सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक आकस्मिक योजनाएं तैयार की हैं। जल संरक्षण अभियानों और ‘जलयुक्त शिवार’ जैसी योजनाओं को तेज गति से लागू करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि किसानों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।</p>
<h4 style="text-align:justify;">किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ</h4>
<p style="text-align:justify;">सरकार के इस फैसले से लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। ऋण माफी का लाभ मिलने के बाद किसान नए कृषि ऋण आसानी से प्राप्त कर सकेंगे और खरीफ सीजन की तैयारियां बिना किसी आर्थिक दबाव के कर पाएंगे। साथ ही फसल ऋण के लिए सिबिल स्कोर की अनिवार्यता खत्म होने से भी किसानों को राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, राज्य सरकार की यह पहल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:52:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Fuel Shortage: डीजल की कमी से यहां मचा हाहाकार! डीजल लेने के लिए पेट्रोल पंप पर मच्छरदानी लगाकर सो रहे किसान  </title>
                                    <description><![CDATA[मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ईंधन की किल्लत से महाराजगंज के किसान को ईंधन के लिए कतारों में रातें बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है। डीजल के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइनें  लगानी पड़ रही हैं।  एक किसान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पेट्रोल पंप पर हम लोग डीजल लेने के लिए आए हैं। डीजल की कमी से यहां हाहाकार मचा हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/fuel-shortage-there-is-an-outcry-due-to-diesel-shortage/article-85192"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/diesel-problem.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Fuel Shortage: महाराजगंज। मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ईंधन की किल्लत से महाराजगंज के किसान को ईंधन के लिए कतारों में रातें बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है। डीजल के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइनें  लगानी पड़ रही हैं।  एक किसान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पेट्रोल पंप पर हम लोग डीजल लेने के लिए आए हैं। डीजल की कमी से यहां हाहाकार मचा हुआ है। UP News</p>
<p style="text-align:justify;">रात में लोग पेट्रोल पंप पर मच्छरदानी लगाकर सो रहे हैं। किसानों को पता नहीं चल पा रहा है कि पेट्रोल डीजल मिल रहा है या फिर नहीं मिल रहा है। कब मिलेगा और कब नहीं मिलेगा, इसकी भी कोई जानकारी नहीं है। वे बोतल कनस्तर, डिब्बे लेकर डीजल मिलने का इंतजार करते दिखाई दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान ने कहा कि पीएम मोदी की सभी अपीलों को हम मानने के लिए तैयार है, लेकिन धान के बीज को बोने का यह समय है, किसानों को पानी चलाने के लिए पंपसेट में डीजल की आवश्यकता होती है। ऐसे वक्त महाराजगंज में डीजल की भारी कमी है। किसानों के पास इतना भी तेल नहीं है कि पंपसेट चला सके। इस वक्त तक धान का बीज पड़ जाना चाहिए था और खेतों में पानी चल जाना चाहिए था।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान ने कहा कि डीजल की कमी और ट्यूबवेल और नहरों की व्यवस्था न होने से पानी की कमी है। ऐसे में हमको अपने पंपसेट से खेतों में पानी भरना पड़ता है। इस वक्त खेतों में पानी पहुंचाने के लिए डीजल की भारी कमी हो गई है। सरकार पता नहीं कैसा उपाय कर रही है कि हम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। 19 मई को पेट्रोल 86 पैसे और डीजल 83 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था। इससे पहले 15 मई को भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। तब पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर और सीएनजी में 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। UP News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:48:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरसा की अनाज मंडियां गेहूं से लबालब, नहीं हो रहा उठान, किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[80 लाख मीट्रिक टन से अधिक आवक, उठान मात्र 10 प्रतिशत सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जिले की अनाज मंडियां गेहूं से लबालब भरी हुई हैं, लेकिन उठान की धीमी रफ्तार और ऑनलाइन पोर्टल की गड़बड़ी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है। इसमें […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sirsas-grain-markets-overflowing-with-wheat-lifting-stalled-farmers-distressed/article-83554"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/wheat-mandi-fuill.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">80 लाख मीट्रिक टन से अधिक आवक, उठान मात्र 10 प्रतिशत</h3>
<p style="text-align:justify;">सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जिले की अनाज मंडियां गेहूं से लबालब भरी हुई हैं, लेकिन उठान की धीमी रफ्तार और ऑनलाइन पोर्टल की गड़बड़ी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है। इसमें से करीब आधी खरीद हो चुकी है, लेकिन उठान महज 10 प्रतिशत ही हो पाया है। बाकी गेहूं खुले में पड़ा हुआ है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि पोर्टल पिछले कई दिनों से सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, जिससे खरीद एजेंसियों को भुगतान का सटीक आंकड़ा भी नहीं मिल पा रहा। Sirsa News</p>
<h3 style="text-align:justify;">ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी खराबी, भुगतान प्रक्रिया भी प्रभावित</h3>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, एक ही पोर्टल पर खरीद, गेटपास, उठान और वेरिफिकेशन जैसे सभी काम होने से सिस्टम पर अधिक लोड है और यही समस्या की मुख्य वजह बन रहा है। आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर तक 78 लाख 55 हजार 510 क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है। इसमें से 37 लाख 44 हजार 61 क्विंटल की खरीद हुई, जबकि केवल 4 लाख 81 हजार 837 क्विंटल का ही उठान हो सका। करीब 41 लाख 11 हजार 199 क्विंटल गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा है। किसानों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि फसल बेचने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं मिला है। नियम के अनुसार, खरीद, उठान और गोदाम में स्टॉक दर्ज होने के बाद जे-फॉर्म कटने पर ही किसानों के खातों में पैसा आता है। ऐसे में किसान अपनी छह महीने की मेहनत की कमाई के इंतजार में हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मार्केट कमेटीवार स्थिति | Sirsa News</h3>
<p style="text-align:justify;">मार्केट कमेटीवार आंकड़ों के अनुसार सरसा मार्केट कमेटी में 16,02,867 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, जिसमें से 10,07,788 क्विंटल की खरीद की गई और 1,50,834 क्विंटल का उठान हुआ, जबकि 5,94,829 क्विंटल गेहूं अनसोल्ड रहा। डबवाली मार्केट कमेटी में 17,18,569 क्विंटल आवक के मुकाबले 7,25,331 क्विंटल खरीद हुई, 95,639 क्विंटल उठान हुआ और 9,93,238 क्विंटल गेहूं अभी भी पड़ा है। कालांवाली मार्केट कमेटी में 16,39,694 क्विंटल आवक में से 8,93,574 क्विंटल खरीदा गया, 1,14,538 क्विंटल उठान हुआ और 7,46,120 क्विंटल अनसोल्ड रहा। ऐलनाबाद मार्केट कमेटी में 6,67,476 क्विंटल आवक के मुकाबले 2,96,433 क्विंटल खरीद, 43,315 क्विंटल उठान और 3,71,043 क्विंटल गेहूं शेष है।</p>
<p style="text-align:justify;">रानियां मार्केट कमेटी में 16,63,138 क्विंटल आवक हुई, जिसमें से 5,14,409 क्विंटल खरीदा गया, 36,531 क्विंटल उठान हुआ और 11,48,729 क्विंटल अभी भी मंडी में पड़ा है। डिंग मार्केट कमेटी में 5,63,766 क्विंटल आवक में से 3,06,526 क्विंटल खरीद हुई, 40,980 क्विंटल उठान हुआ और 2,57,240 क्विंटल अनसोल्ड रहा। कुल मिलाकर 78,55,510 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, जिसमें 37,44,061 क्विंटल की खरीद और 4,81,837 क्विंटल का उठान हो सका, जबकि 41,11,199 क्विंटल गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऑनलाइन पोर्टल में दिक्कत के चलते किसानों के भुगतान का सटीक आंकड़ा नहीं मिल पा रहा। पिछले 4-5 दिनों से समस्या बनी हुई है। उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।<br />
<strong>— राजेश कुमार, डीएम, हैफेड</strong></p>
<h3 style="text-align:justify;">खरीद ज्यादा, उठान कम: एजेंसियां फेल</h3>
<p style="text-align:justify;">सरसा मार्केट कमेटी द्वारा सरसा अनाज मंडी सहित 18 परचेज सेंटरों पर खरीद की जा रही है। यहां के आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता को दशार्ते हैं। 16 अप्रैल तक 23,111 किसानों ने गेटपास कटवाए और 14 लाख 67 हजार 72 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। इसके मुकाबले केवल 1 लाख 31 हजार 378 क्विंटल का उठान हुआ, जबकि 13 लाख 35 हजार 694 क्विंटल गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा है। यानी करीब 91 प्रतिशत गेहूं उठान के इंतजार में है। एजेंसीवार स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। हैफेड ने 7 लाख 16 हजार 721 क्विंटल गेहूं खरीदा, लेकिन केवल 33,761 क्विंटल का उठान किया। हरियाणा वेयरहाउस ने 1 लाख 65 हजार 592 क्विंटल खरीद में से महज 4,985 क्विंटल उठाया। वहीं डीएफएससी ने 5 लाख 84 हजार 759 क्विंटल खरीद के मुकाबले 92,632 क्विंटल का ही उठान किया है। Sirsa News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 12:14:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmers News: किसानों ने की ओलावृष्टि से बर्बाद हुई गेहूँ की फसल की स्पेशल गिरदावरी की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[तेज बारिश व ओलों से गेहूं की फसल चौपट, प्रशासन से मुआवजे की लगाई गुहार Farmers News: डबवाली/गोरीवाला (सच कहूँ न्यूज)। गांव लंबी के किसानों ने हाल ही में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को हुए भारी नुकसान (Crops Destroyed) को लेकर प्रशासन से स्पेशल गिरदावरी करवाने की मांग उठाई है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-demand-special-survey-of-wheat-crops-destroyed-by-hailstorm/article-83180"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/lambi-farmers.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<h3>तेज बारिश व ओलों से गेहूं की फसल चौपट, प्रशासन से मुआवजे की लगाई गुहार</h3>
<p>Farmers News: डबवाली/गोरीवाला (सच कहूँ न्यूज)। गांव लंबी के किसानों ने हाल ही में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को हुए भारी नुकसान (Crops Destroyed) को लेकर प्रशासन से स्पेशल गिरदावरी करवाने की मांग उठाई है। किसानों ने इस संबंध में उपमंडल अधिकारी डबवाली को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया। Sirsa News</p>
<p>किसानों के अनुसार 2 अप्रैल से 4 अप्रैल 2026 के बीच हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी फसलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, जबकि कुछ की फसल आंशिक रूप से खराब हुई है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।</p>
<p>किसानों ने बताया कि उन्होंने कड़ी मेहनत और लागत से गेहूं की फसल तैयार की थी, लेकिन अचानक आई ओलावृष्टि ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ऐसे में अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए, ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके। साथ ही हरियाणा सरकार से उचित मुआवजा देने की भी अपील की गई है, जिससे उन्हें इस कठिन परिस्थिति से राहत मिल सके। Sirsa News</p>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:20:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmers News: खुशखबरी! किसानों को मिलेगा सरकार से एक करोड़ तक का अनुदान!</title>
                                    <description><![CDATA[नर्सरी, टिश्यू कल्चर यूनिट, बीज उत्पादन तथा बागवानी प्रबंधन के लिए सरकार दे रही 50 प्रतिशत तक सब्सिडी Farmers News: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। उद्यान विभाग हरियाणा द्वारा किसानों को बागवानी क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। विभाग ने नर्सरी, टिश्यू कल्चर यूनिट, बीज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/good-news-farmers-to-receive-government-subsidies-of-up-to-one-crore/article-83146"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/farmers.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">नर्सरी, टिश्यू कल्चर यूनिट, बीज उत्पादन तथा बागवानी प्रबंधन के लिए सरकार दे रही 50 प्रतिशत तक सब्सिडी</h3>
<p style="text-align:justify;">Farmers News: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। उद्यान विभाग हरियाणा द्वारा किसानों को बागवानी क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। विभाग ने नर्सरी, टिश्यू कल्चर यूनिट, बीज उत्पादन तथा बागवानी प्रबंधन से जुड़े कार्यों पर किसानों के लिए सब्सिडी की योजना क्रियांवित की जा रही है, जिससे किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। योजना के तहत लघु नर्सरी (0.4 से 1 हेक्टेयर) स्थापित करने पर प्रति हेक्टेयर 20 लाख रुपये की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके तहत किसानों को प्रति इकाई 10 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, साथ ही प्रतिवर्ष 50,000 गुणवत्ता वाले पौधों के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार, 1 से 2 हेक्टेयर क्षेत्र में दीर्घ नर्सरी स्थापित करने पर 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर लागत के साथ 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जिसमें अधिकतम 24 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। वर्तमान नर्सरी को उन्नत बनाने के लिए भी विभाग 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 2 लाख रुपये) प्रदान कर रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">टिश्यू कल्चर यूनिट और बीज उत्पादन को बढ़ावा</h3>
<p style="text-align:justify;">नई टिश्यू कल्चर इकाई स्थापित करने पर 250 लाख रुपये की लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम 100 लाख रुपये तक की सहायता संभव है। इसके लिए प्रति वर्ष न्यूनतम 10 लाख पौधों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन, हैंडलिंग, प्रोसेसिंग और पैकिंग के लिए 300 लाख रुपये की लागत पर 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम 150 लाख रुपये तक की सहायता शामिल है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सब्जी और मसाला बीज उत्पादन पर भी सहायता | Sirsa News</h3>
<p style="text-align:justify;">ओपन पॉलिनेटेड तकनीक के तहत 1 से 2 हेक्टेयर में सब्जी/मसाला बीज उत्पादन करने वाले किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान के साथ 7,000 रुपये प्रति एकड़ (अधिकतम 5 एकड़ तक) सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं उच्च तकनीक लघु नर्सरी के लिए 1,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम सीमा 60 लाख रुपये प्रति इकाई निर्धारित की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि सरकार किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर बागवानी और आधुनिक कृषि तकनीकों की ओर प्रेरित कर रही है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले पौधों और बीजों का उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने किसानों से अपील की गई है कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति औ? मजबूत करें। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 14:27:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Farmers News: मार्च में किसान करें ये खेती, हो जाएंगे मालामाल, जानिये यहां पर</title>
                                    <description><![CDATA[Farmers News: भगत सिंह। मार्च का महीना कृषि के लिहाज से खास महत्व रखता है, क्योंकि यह जायद की फसलों की बुवाई के लिए उपयुक्त मौसम माना जाता है। हालांकि, इस वर्ष तेज गर्मी ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है, खासकर गेहूं की फसल को लेकर। सरकार ने गेहूं की फसल पर मौसम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/best-sowing-options-for-farmers-in-march-profitable-farming-methods/article-81956"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/farmers-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Farmers News: भगत सिंह। मार्च का महीना कृषि के लिहाज से खास महत्व रखता है, क्योंकि यह जायद की फसलों की बुवाई के लिए उपयुक्त मौसम माना जाता है। हालांकि, इस वर्ष तेज गर्मी ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है, खासकर गेहूं की फसल को लेकर। सरकार ने गेहूं की फसल पर मौसम के प्रभावों पर नजर रखने के लिए निगरानी कमेटी गठित की है, ताकि बंपर उत्पादन की उम्मीद को बनाए रखा जा सके। अगर आप मार्च में खेती करने की सोच रहे हैं तो जानिए कौन सी फसलें इस माह में सबसे उपयुक्त हैं, जो आपको बेहतर लाभ दे सकती हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">1. ग्वार फली की खेती | Farmers News</h4>
<p style="text-align:justify;">ग्वार फली की खेती मार्च माह में लाभकारी हो सकती है, क्योंकि इस महीने में इसकी बुवाई जायद की फसल के रूप में की जा सकती है। ग्वार की कई किस्में हैं जो अच्छे उत्पादन देती हैं, जैसे शरद बहार, पूसा नवबहार, दुर्गापुर सफेद, और मरू ग्वार। यह फसल विशेष रूप से शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में अच्छे परिणाम देती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">2. लोबिया की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">लोबिया की खेती भी मार्च माह में की जा सकती है। इसके दाने, चारे और हरी फलियों के लिए अलग-अलग किस्में उपलब्ध हैं, जिनका चयन किसान अपनी जरूरत के हिसाब से कर सकते हैं। प्रमुख किस्मों में सी-152, पूसा फाल्गुनी और जीएफसी-1 शामिल हैं। लोबिया की खेती से अच्छा मुनाफा मिल सकता है, क्योंकि इसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">3. खीरा की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">खीरा की खेती एक और बेहतरीन विकल्प है। इसका बाजार में अच्छा दाम मिलता है और इसे सलाद के रूप में अधिक खाया जाता है। खीरे की उन्नत किस्मों में स्वर्ण अगती, पूसा उदय और जापानी लौंग ग्रीन शामिल हैं। किसान इन किस्मों की बुवाई करके अच्छा लाभ कमा सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">4. ककड़ी की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">गर्मी के मौसम में ककड़ी का सेवन शरीर को ठंडक प्रदान करता है। ककड़ी की खेती करके किसान अच्छे दाम पर इसे बेच सकते हैं। प्रमुख किस्मों में प्रिया, हाइब्रिड-1 और पंजाब स्पेशल शामिल हैं, जो अच्छा उत्पादन देती हैं। यह फसल जल्दी तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी डिमांड भी काफी रहती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">5. करेला की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">करेला की खेती भी किसानों के लिए लाभकारी हो सकती है, क्योंकि यह डायबिटीज के मरीजों के लिए औषधि का काम करता है। इसके अच्छे बाजार भाव के कारण किसान इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। उन्नत किस्मों में पूसा विशेष, कल्याणपुर बारहमासी और हिसार सलेक्शन प्रमुख हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">6. लौकी की खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">लौकी का सेवन पाचन के लिए लाभकारी होता है और यह सर्दियों और गर्मियों दोनों मौसमों में उगाई जा सकती है। लौकी की उन्नत किस्मों में अर्का नूतन, पूसा संतुष्टि और पूसा संदेश शामिल हैं। यह फसल जल्दी तैयार होती है और किसान इसे बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">7. तुरई (तोरई) की खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">तोरई की खेती में भी बहुत संभावनाएं हैं। यह फसल जल्दी तैयार होती है और इसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है। पूसा चिकनी, कल्याणपुर चिकनी और पूसा सुप्रिया जैसी किस्में इसके बेहतर उत्पादन देती हैं। किसान इन किस्मों की बुवाई कर अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">8. पालक की खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">पालक की खेती भी सर्दी और गर्मी दोनों में की जा सकती है और इसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है। पालक की प्रमुख किस्में जैसे जोबनेर ग्रीन, पूसा पालक और पूसा ज्योति जल्दी तैयार हो जाती हैं। यह पौष्टिक होने के साथ-साथ सलाद में भी उपयोगी होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">9. भिंडी की खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">गर्मियों में भिंडी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। भिंडी की बाजार में उच्च मांग रहती है, और इसके लिए कई किस्में उपलब्ध हैं जैसे अर्का अभय, हिसार उन्नत और परभानी क्रांति। इस फसल से अच्छा मुनाफा मिल सकता है, क्योंकि इसकी खेती और देखभाल आसान होती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">10. पेठा की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">पेठा का सेवन शीतल और स्वादिष्ट होता है, और इसे मिठाई के रूप में बाजार में अच्छा दाम मिलता है। पेठा की खेती करने से भी किसानों को अच्छा मुनाफा हो सकता है। इसके लिए पूसा हाइब्रिड1, पूसा विकास और काशी हरित कद्‌दू जैसी उन्नत किस्में उपयोगी हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">11. तरबूज और खरबूजे की खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">गर्मियों में तरबूज और खरबूजे की मांग बाजार में बहुत अधिक रहती है। इनकी खेती से किसानों को बहुत अच्छा मुनाफा हो सकता है। तरबूज की किस्मों में शुगर बेबी, अर्का ज्योति और आशायी यामातो प्रमुख हैं। खरबूजे की उन्नत किस्में जैसे पूसा शरबती और हरा मधु किसानों के लिए लाभकारी हो सकती हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Mar 2026 12:43:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmers News: खेत में रखवाली कर रहे किसान पर फायरिंग, पैर में लगी गोली</title>
                                    <description><![CDATA[टाउन थाना में हत्या प्रयास के आरोप में मुकदमा Farmers News: हनुमानगढ़। टाउन थाना क्षेत्र में देर रात खेत की रखवाली कर रहे एक किसान पर बाइक सवार दो युवकों ने फायरिंग कर दी। घटना में किसान के पैर में गोली का छर्रा लगने से वह घायल हो गया। टाउन थाना पुलिस ने पीड़ित की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/a-farmer-guarding-his-field-was-shot-in-the-leg/article-81720"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/hanumangarh-town-police-sta.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">टाउन थाना में हत्या प्रयास के आरोप में मुकदमा</h3>
<p style="text-align:justify;">Farmers News: हनुमानगढ़। टाउन थाना क्षेत्र में देर रात खेत की रखवाली कर रहे एक किसान पर बाइक सवार दो युवकों ने फायरिंग कर दी। घटना में किसान के पैर में गोली का छर्रा लगने से वह घायल हो गया। टाउन थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार लालचंद उर्फ लाल (42) पुत्र फूसाराम जाट निवासी चक सात एमजेडडब्ल्यू ने रिपोर्ट दी कि मंगलवार रात करीब 2.30 बजे वह अपनी जमीन चक 7-8 एमजेडडब्ल्यू में पड़ोसी सतनाम गोदारा और भीमसेन के साथ खेतों की रखवाली कर रहे थे। तीनों खाला की पुलिया के पास बैठकर निगरानी कर रहे थे। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार अलसुबह करीब 4.15 बजे मिर्जावाली से रणजीतपुरा जाने वाली सड़क की ओर से एक बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि सड़क पर खड़ा देखकर बाइक सवारों ने अचानक बाइक तेज की और उनकी दिशा में फायर कर दिया। गोली सड़क पर लगी, जिससे चिंगारियां उठीं और एक छर्रा लालचंद के दाहिने पैर के घुटने के पास जा लगा। इससे वह घायल हो गए और खून बहने लगा। वारदात के बाद आरोपी रणजीतपुरा की ओर फरार हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के तुरंत बाद साथियों ने घायल लालचंद को टाउन के राजकीय जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। टाउन थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच एएसआई किशोर सिंह कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। Hanumangarh News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 11:55:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmer News: सीएम की किसानों के लिए बड़ी सौगात, खातों में ट्रांसफर की गई करोड़ों की धनराशि</title>
                                    <description><![CDATA[अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी रहेगी डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री योगी लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/crores-of-rupees-were-transferred-directly-into-the-accounts-of-farmers/article-81547"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/yogi-adityanath.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी रहेगी डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री योगी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की। Farmers News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज और भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास भवन व लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी किया। उन्होंने होली की शुभकामनाएं देते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अन्नदाता किसान उन्नत खेती के माध्यम से प्रदेश की समृद्धि में योगदान देते रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी ने कहा कि कल ही उत्तर प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट पारित हुआ है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से बजट के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के लिए ढेर सारी योजनाएं पास कराई गई हैं। जब बजट होता है तो लाभार्थियों के अकाउंट में सीधे पैसा जाता है और उन्हें लाभ प्राप्त होता है। आज एक बटन दबाते ही 460 करोड़ रुपए किसानों के खाते में पहुंच रहे हैं, बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई। लखनऊ समेत प्रदेश के सभी जनपदों में लाभार्थी परिवारों को इन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से 2.51 लाख किसान परिवारों को मिली 285 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति को संबल बताया। उन्होंने कहा कि फसल को सूखे-अतिवृष्टि के कारण नुकसान हुआ है। जब हम फसल का बीमा कराते हैं तो जरूरत पर रिटर्न भी मिलता है। आपदा के कारण नुकसान हुआ तो भरपाई होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि योजना के तहत पहले केवल किसान कवर होता था। उसके परिवार के सदस्य, बटाईदार और सह-किसान कवर नहीं होते थे। हमारी सरकार में 1000 करोड़ से अधिक की धनराशि के जरिए किसान या उसके परिवार के सदस्यों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि किसी मनुष्य की कमी की भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन सरकार संबल देने के लिए खड़ी हो सकती है। आपदा प्रभावित 3500 पीड़ित किसानों, सह किसानों, पारिवारिक सदस्यों, बटाईदारों आदि को आज लाभान्वित किया गया है। इससे पहले 16 जून 2025 को 11,690 किसानों व आश्रितों को 561.86 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि कल तक यह पैसा सभी किसानों या आश्रित परिवारों के खाते में पहुंच जाए। Farmers News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर आपदा मित्र हो सकता है। पीएम मोदी ने इस संबंध में बड़ा अभियान चलाया है। उत्तर प्रदेश ने पीएम की इस पहल को बढ़ाने का कार्य किया। 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित कर आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है। इन स्वयंसेवकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण के साथ भी जोड़ा गया है। इन्हें इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट, आपदा मित्र ट्रेनिंग, मॉड्यूल आईडी, आईडी कार्ड व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट में लाइफ जैकेट, सर्च टॉर्च, फर्स्ट-एड बॉक्स, सेफ्टी हेलमेट, चश्मा समेत 15 आइटम हैं। प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों का तीन वर्ष का जीवन व चिकित्सा बीमा करने का निर्णय लिया है। 10 फरवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू किया गया है, जिसमें आपदा मित्र को तीन वर्ष के लिए 5 लाख का बीमा कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में अभी तक 2959 युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं, शेष का प्रशिक्षण भी आगे बढ़ाया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम ने कहा कि पहले आपदा आने पर वर्षों तक पीड़ितों को कोई पूछता तक नहीं था। उन्हें क्षतिपूर्ति तक नहीं मिल पाती थी। 2015-16 में एक बार किसी किसान के खाते में दो रुपए और किसी के खाते में चार रुपए आए थे। हमारा प्रयास है कि बाढ़, आकाशीय बिजली, आगजनी जैसी आपदा आते ही 24 घंटे के भीतर पीड़ित के खाते में पैसा पहुंच जाए। 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसमें से फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़ रुपए का कृषि निवेश अनुदान, जनहानि के 5398 पीड़ितों को 216 करोड़ रुपए और मकान क्षति के 27448 प्रभावितों को 24 करोड़ रुपए सरकार वितरित कर चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना होने जा रही है। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में 45 हजार होमगार्ड्स की भर्ती में आपदा मित्रों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अभी आपदा मित्र की सेवा स्वैच्छिक है, लेकिन जब वे होमगार्ड के रूप में कार्य करेंगे तो उन्हें सरकार की ओर से मानदेय भी दिया जाएगा। प्रदेश में 19 हजार आपदा मित्रों को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से प्रशिक्षित किया जा चुका है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्नातक-परास्नातक विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय आपदा प्रबंधन इंटर्नशिप कार्यक्रम चलाया जा रहा है। Farmers News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Jharkhand: गिरिडीह में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष की हत्या, जंगल से अधजला शव बरामद" href="http://10.0.0.122:1245/former-zila-parishad-chairman-murdered-in-giridih-jharkhand/">Jharkhand: गिरिडीह में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष की हत्या, जंगल से अधजला शव बरामद</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/crores-of-rupees-were-transferred-directly-into-the-accounts-of-farmers/article-81547</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 15:22:11 +0530</pubDate>
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                <title>भिवानी के 84 किसानों का निकला ड्रा</title>
                                    <description><![CDATA[1209 ने ट्रैक्टर पर सब्सिडी के लिए किया था आवेदन लिस्ट में नाम आने पर खुश नजर आए लाभार्थी भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। Bhiwani News: भिवानी के 84 किसानों को ट्रैक्टर पर सब्सिडी देने के लिए बुधवार को पंचायत भवन में ड्रा निकाला गया। ऑनलाइन माध्यम से यह ड्रा हुआ। ट्रैक्टर पर सब्सिडी पाने के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/draw-of-lots-for-eighty-four-farmers-of-bhiwani/article-81438"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/bhiwani-news-10.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">1209 ने ट्रैक्टर पर सब्सिडी के लिए किया था आवेदन</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>लिस्ट में नाम आने पर खुश नजर आए लाभार्थी</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Bhiwani News: भिवानी के 84 किसानों को ट्रैक्टर पर सब्सिडी देने के लिए बुधवार को पंचायत भवन में ड्रा निकाला गया। ऑनलाइन माध्यम से यह ड्रा हुआ। ट्रैक्टर पर सब्सिडी पाने के लिए 1209 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। जिसमें से फाइनल ड्रा में 168 किसानों का नाम शामिल किया गया। इन 168 में से 84 किसान चयनित किए हैं, जिनका नाम ड्रा निकला है और 84 किसानों को वेटिंग में रखा गया है। अगल ड्रा लिस्ट में नाम आने वाले लाभार्थियों में से अगर किसी के दस्तावेज पूरे नहीं होते हैं या किसी अन्य कारण से वह लाभ नहीं ले पाता है तो वेटिंग वाले किसानों को मौका दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि राज्य योजना (एसबी-89) वर्ष 2025-26 के अंतर्गत अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी के किसानों को 45 एचपी एवं उससे अधिक क्षमता के ट्रैक्टर पर तीन लाख प्रति इकाई अनुदान प्रदान किए जाने हेतु विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर 15 जनवरी 2026 तक आॅनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। जिला परिषद के सीईओ अजय चौपड़ा की मौजूदगी में आॅनलाइन ड्रॉ निकाला गया। अजय चौपड़ा ने कहा कि यह स्कीम किसानों के लिए फायदेमंद हैं। कुल 1209 आवेदन आए थे। जिनमें से 84 किसानों का नाम ड्रा निकाला गया है। उन्होंने कहा कि किसान सरकार द्वारा चलाई जाने वाली इस तरह की स्कीम का लाभ उठाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">डीडीए विनोद फौगाट ने बताया कि पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा आवेदन भिवानी में आए हैं। वहीं सब्सिडी देने का टारगेट भी सबसे ज्यादा भिवानी जिले का था। 84 को सब्सिडी देनी थी और उनके खिलाफ दोगुने ड्रा में नाम निकाले हैं। अब नाम आने वाले किसानों को सूचना दी जाएगी। साथ ही अब किसान अपना ट्रैक्टर खरीदकर बिल को आॅनलाइन अपलोड करें। इसके बाद किसान प्रक्रिया को पूरा करेंगे और उनके खाते में पैसे डाल दिए जाएंगे। इस योजना के तहत 3 लाख रुपए तक सब्सिडी है। किसान को ट्रैक्टर की आधी राशि या 3 लाख रुपए जो भी कम होगा, वह सब्सिडी दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव धारण के सरपंच जयभगवान ने बताया कि वह भी इस ड्रा में शामिल होने के लिए आया था। उनके गांव महाबीर का ड्रा में नाम आया है। सरकार द्वारा जो सब्सिडी दी जा रही है, उससे वे काफी खुश हैं। एक गरीब परिवार का ड्रा निकला है और निस्वार्थ भाव से ड्रा निकला है, उसके लिए धन्यवाद। इससे किसान को काफी फायदा होगा। इसमें 3 लाख या 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। Bhiwani News</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 17:21:20 +0530</pubDate>
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