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                <title>विश्व जल दिवस - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>World Water Day: लंगर की पुरातन विधि से डेरा सच्चा सौदा हर साल बचा रहा करोड़ों लीटर पानी</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरु जी के टिप्स | World Water Day 2024 दांतों को ब्रुश करते समय नल को खुला नहीं छोड़ें, बल्कि गिलास में पानी रखकर इस्तेमाल करें। नहाने के लिए पानी सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल में लाएं। नल को अच्छी तरह बंद करें ताकि पानी व्यर्थ न बहे। सरसा (सच कहूँ/तिलक राज इन्सां)। World […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dera-sacha-sauda-is-saving-crores-of-liters-of-water-every-year-through-the-ancient-method-of-langar/article-55514"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/world-water-day.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी के टिप्स | World Water Day 2024</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>दांतों को ब्रुश करते समय नल को खुला नहीं छोड़ें, बल्कि गिलास में पानी रखकर इस्तेमाल करें।</li>
<li>नहाने के लिए पानी सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल में लाएं।</li>
<li>नल को अच्छी तरह बंद करें ताकि पानी व्यर्थ न बहे।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ/तिलक राज इन्सां)।</strong> World Water Day 2024: पूरी दुनिया में भूमिगत पानी का संकट छाया हुआ है। सरकारें पानी बचाने के लिए कोई न कोई तरीके ढूंढ रही हैं। डेरा सच्चा सौदा पिछले 75 सालों से पानी के घरेलू इस्तेमाल के क्षेत्र में अनोखी मिसाल पेश कर रहा है। डेरा सच्चा सौदा में लंगर की पुरातन व सादगी वाली विधि से हर साल करोड़ों लीटर पानी बचाया जा रहा है। World Water Day 2024</p>
<p style="text-align:justify;">पूजनीय बेपरवाह साई शाह मस्ताना जी महाराज ने सन् 1948 में डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की। स्थापना के समय से डेरा सच्चा सौदा में लंगर की पुरातन प्रथा चल रही है, जिसमें लंगर (सब्जी) प्रशाद हाथों पर लिया जाता है व लंगर पर ही दाले का वितरण किया जाता है और लंगर के लिए थाली, कटोरी व गिलास जैसे बर्तन इस्तेमाल में नहीं लाए जाते। बर्तनों को धोने के लिए इस्तेमाल में आने वाला पानी बच जाता है। वहीं अगर एक व्यक्ति बर्तनों में लंगर खाए तो बर्तन धोने के लिए कम से कम एक लीटर पानी की जरूरत होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पावन भंडारे पर डेरा सच्चा सौदा में 2-3 करोड़ साध-संगत पहुंचती है। वहीं सत्संगों में रोजाना आने वाली साध-संगत की गिनती इससे अलग है। इस तरह हर साल 15-20 करोड़ लोग डेरा सच्चा सौदा पहुंचते हैं। अगर एक व्यक्ति एक लीटर पानी बर्तन धोने के लिए इस्तेमाल करे तो पूरे साल में 15-20 करोड़ लीटर पानी खपत होगा। इसी तरह इतने बडेÞ स्तर पर डेरा सच्चा सौदा पानी की घरेलू बचत कर रहा है। World Water Day 2024</p>
<p style="text-align:justify;">एक व्यक्ति द्वारा भोजन करते समय अगर बर्तनों का इस्तेमाल किया जाए तो उन बर्तनों को धोने के<br />
लिए कम से कम एक लीटर पानी लगता है, लंगर की पुरातन विधि से एक लाख लोगों द्वारा भोजन करने से एक लाख लीटर पानी की बचत होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लंगर व दाल का खास तरीका</h3>
<p style="text-align:justify;">लंगर तैयार करने के लिए इस बात का खास ख्याल रखा जाता है कि लंगर का आकार बड़ा हो ताकि लंगर पर तरी वाली सब्जी को आसानी से संभाला जा सके। इसी तरह दाल तैयार करने वाले लांगरी दाल न तो अधिक पतला रखते हैं और न ही ज्यादा गाढ़ा। इसका फायदा यह है कि दाल नीचे नहीं गिरती।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वर्षा जल संग्रहण</h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा में कई डिग्गियां बनाई गई हैं, जिनमें वर्षा का जल संग्रहण किया जाता है। फिर यह पानी फिर कृषि के लिए प्रयोग किया जाता है। इसी तरह फुव्वारा तकनीक के तहत पानी की बचत की जाती है। सीवरेज के पानी को साफ कर कृषि क्षेत्र के लिए प्रयोग में लिया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वाटर रियूज सिस्टम | World Water Day 2024</h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने कृषि क्षेत्र में पानी की बचत के लिए विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसे वॉटर रियूज सिस्टम कहा जाता है। इसके तहत फसल की सिंचाई के बाद बचा हुआ पानी दोबारा एक टैंक में भर जाता है। इस तकनीक से फ्लॅड इरीगेशन के मुकाबले पानी की बहुत ज्यादा बचत होती है। वहीं सीवरेज के पानी को ट्रीट करके खेती में इस्तेमाल किया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पानी की बूंद-बूंद बचाई जाए : पूज्य गुरू जी</h3>
<p style="text-align:justify;">सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि आज का समय ऐसा है कि इन्सान प्रकृति का नाश कर रहा है। संस्कृति का नाश कर रहा है। इन्सानियत को रसातल में ले जा रहा है। किसी भी दृष्टिकोण से देख लो इन्सान दिन-ब-दिन अपने विनाश को खुद बुलाने को आतुर है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि पानी की बात करें, तो पानी इतना नीचे जा रहा है, खास कर साइंटिस्टों को बड़ा फिक्र है और यहां तक उन्होंने हमारे पास बोला गुरू जी, हो सकता है आने वाले समय में पानी के लिए युद्ध ना हो जाए। क्योंकि पानी दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है। डॉक्टर साहिबान जानते हैं, हमारी बॉडी में 70 से 90 पर्सेंट पानी होता है। और साजो-सामान के बिना काम चल जाएगा, पानी के बिना कैसे चलेगा? पानी तो जरूरी है। तो क्या पानी को बचाना नहीं चाहिए? बचाया जा सकता है और बचाना चाहिए। छोटी-छोटी बातें अगर आप नोट करें तो आप काफी पानी बचा सकते हैं। आप कहेंगे कि जी, मेरे एक अकेले के पानी बचाने से क्या फायदा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आपजी फरमाते हैं कि हमारे धर्मानुसार कहावत है बूंद-बूंद से तालाब भर जाता है। कभी लीकेज होती देखो, बूंद-बूंद टपक रही है, बाल्टी रख दो नीचे कुछ देर में भरी नजर आएगी। इसलिए आप शुरूआत तो करो। आप ब्रश करते हैं सुबह सवेरे तो वॉशबेसन में एक गिलास रख लीजिये, उसको भर लीजिये। टूंटी खुली छोड़ कर ब्रश करना और उधर से पानी बहे जा रहा है यह गलत है। यूरिन वगैराह आप जाते हैं, टॉयलेट जाते हैं तो फ्लश में अलग-अलग फंक्शन होते हैं कि एक थोड़े पानी के लिए और एक ज्यादा पानी के लिए है उसका इस्तेमाल किया करो। World Water Day 2024</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Food Technology: फूड टेक्नोलॉजी में बनाएं करियर" href="http://10.0.0.122:1245/make-a-career-in-food-technology/">Food Technology: फूड टेक्नोलॉजी में बनाएं करियर</a></p>
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                <pubDate>Thu, 21 Mar 2024 20:59:39 +0530</pubDate>
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