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                <title>EPFO PENSION - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>EPFO PENSION RSS Feed</description>
                
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                <title>EPFO New Rules: EPFO ने बदल दिए PF के नियम! जानें आपकी सैलरी और पेंशन पर क्या होगा असर</title>
                                    <description><![CDATA[EPFO ने PF योगदान, निकासी और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। जानिए 15,000 रुपये की वेतन सीमा, स्वैच्छिक PF योगदान और आपकी रिटायरमेंट सेविंग पर इसका क्या असर पड़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/epfo-has-changed-the-rules-of-pf-now-mandatory-deduction/article-87513"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/epfo-new-rules.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">EPFO New Rules:  देशभर के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के लिए बड़ी खबर है। <strong>कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO)</strong> ने पीएफ योगदान, निकासी और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए हैं। नए प्रावधानों का उद्देश्य कर्मचारियों को अधिक सुविधा देना और सिस्टम को सरल बनाना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><span><strong>15,000 रुपये की वेतन सीमा पर ही अनिवार्य PF योगदान | EPFO New Rules</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">नए नियमों के अनुसार, <strong>अनिवार्य EPF योगदान की गणना अधिकतम 15,000 रुपये की बेसिक सैलरी</strong> पर ही की जाएगी। यानी कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों की ओर से <strong>12-12 प्रतिशत</strong> का अनिवार्य योगदान अधिकतम <strong>1,800 रुपये प्रति माह</strong> होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका मतलब यह है कि यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये, 75,000 रुपये या 1 लाख रुपये भी है, तब भी कानून के तहत अनिवार्य EPF योगदान 15,000 रुपये की वेतन सीमा के आधार पर ही रहेगा, जब तक कि दोनों पक्ष अधिक योगदान पर सहमत न हों।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><span><strong>ज्यादा PF जमा करना चाहते हैं तो यह है विकल्प</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">यदि कर्मचारी अपने रिटायरमेंट के लिए अधिक बचत करना चाहते हैं, तो वे <strong>स्वैच्छिक भविष्य निधि (Voluntary Provident Fund - VPF)</strong> का विकल्प चुन सकते हैं। इसके तहत कर्मचारी अपनी इच्छा से अधिक राशि EPF खाते में जमा कर सकते हैं। हालांकि, नियोक्ता के लिए अतिरिक्त योगदान देना अनिवार्य नहीं है। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों अपनी सहमति से इस स्वैच्छिक योगदान को शुरू या बंद कर सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><span><strong>PF निकासी के नियम हुए आसान</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">EPFO ने PF खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया को भी पहले से सरल बना दिया है। पहले जहां निकासी के लिए कई अलग-अलग श्रेणियां थीं, अब उन्हें सीमित कर आसान बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब कर्मचारी जरूरत के अनुसार बीमारी, शिक्षा, विवाह, घर निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आसानी से PF की राशि निकाल सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान की पूरी राशि निकालने की अनुमति भी दी जा सकती है, हालांकि इसके लिए निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><span><strong>कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए भी नया प्रावधान</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">नए नियमों में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी राहत दी गई है। EPFO ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कर्मचारियों के PF योगदान की अंतिम जिम्मेदारी <strong>प्रिंसिपल एम्प्लॉयर (मुख्य नियोक्ता)</strong> की होगी, भले ही भुगतान कॉन्ट्रैक्टर के माध्यम से किया जा रहा हो। इसके अलावा, नए कर्मचारी की नियुक्ति के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर आधार, पैन और UAN जैसी जरूरी जानकारी EPFO पोर्टल पर अपडेट करना भी नियोक्ता के लिए आवश्यक होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><span><strong>कर्मचारियों के लिए क्या है इसका मतलब?</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">इन बदलावों का उद्देश्य EPF प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। यदि आप अधिक रिटायरमेंट फंड बनाना चाहते हैं, तो केवल अनिवार्य PF योगदान पर निर्भर रहने के बजाय VPF जैसे विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं। वहीं, निकासी प्रक्रिया आसान होने से जरूरत के समय PF राशि तक पहुंच भी पहले की तुलना में सरल हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/epfo-has-changed-the-rules-of-pf-now-mandatory-deduction/article-87513</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:32:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>EPFO Pension: खुशखबरी, इतने साल भी की है नौकरी, तो मिलेगी इतने हजार की पेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[EPFO Pension: रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा की चिंता आजकल बहुतों को सताती है, खासकर तब जब व्यक्ति अपनी उम्र के उस मोड़ पर पहुंचता है, जहां काम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में पेंशन एक महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है। भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) इसके लिए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/epfo-pension-news/article-71860"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/epfo-pension.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">EPFO Pension: रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा की चिंता आजकल बहुतों को सताती है, खासकर तब जब व्यक्ति अपनी उम्र के उस मोड़ पर पहुंचता है, जहां काम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में पेंशन एक महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है। भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) इसके लिए एक बेहतरीन उपाय है। इस योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद नियमित रूप से पेंशन मिलती है। आइए इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं।</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) की शुरुआत और उद्देश्य | EPFO Pension</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) को Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने 16 नवंबर 1995 को शुरू किया था। इसका उद्देश्य संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक स्थिर और सुनिश्चित आय देना था, ताकि वे अपनी वृद्धावस्था में वित्तीय असुरक्षा से बच सकें। इस योजना के तहत कर्मचारियों को उनके काम किए गए समय और वेतन के आधार पर मासिक पेंशन मिलती है।</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">EPS योजना के लाभार्थी कौन हो सकते हैं?</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">ईपीएस का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलता है, जो संगठित क्षेत्र में काम करते हैं और EPF (Employees’ Provident Fund) के सदस्य होते हैं। इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:<br />
1. काम की अवधि: कर्मचारी को कम से कम 10 वर्षों तक एक कंपनी में काम करना चाहिए।<br />
2. EPF खाता: कर्मचारी का EPF खाता होना आवश्यक है, जिसमें उसने समय-समय पर योगदान किया हो।<br />
3. पेंशन का दावा: 58 वर्ष की आयु के बाद ही पेंशन का भुगतान शुरू होता है। इससे पहले रिटायरमेंट लेने पर कर्मचारी को अपनी जमा राशि पूरी निकालने का विकल्प मिलता है।</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">पेंशन की गणना कैसे होती है?</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) के तहत पेंशन की राशि कर्मचारी के अंतिम वेतन और काम के वर्षों के आधार पर निर्धारित की जाती है। इस पेंशन की गणना निम्नलिखित फार्मूले से की जाती है।<br />
मंथली पेंशन = (पेंशनयोग्य सैलरी × पेंशनयोग्य सेवा अवधि) / 70<br />
पेंशनयोग्य सैलरी: कर्मचारी की अंतिम 60 महीनों की औसत सैलरी।<br />
पेंशनयोग्य सेवा अवधि: कर्मचारी द्वारा की गई कुल सेवा का समय (वर्षों में)।</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">उदाहरण के माध्यम से समझें</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">मान लीजिए कि आपने 10 वर्षों तक किसी कंपनी में काम किया और आपकी अंतिम औसत मासिक सैलरी 15,000 रुपये थी। अब हम पेंशन की गणना इस फार्मूले से करते हैं:</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">1. पेंशनयोग्य सैलरी = 15,000 रुपये<br />
2. पेंशनयोग्य सेवा अवधि = 10 वर्ष</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">फार्मूला में मानों को रखते हुए | EPFO Pension</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">मंथली पेंशन = (15,000 × 10) / 70 = 2,142.85 रुपये<br />
इस प्रकार, आपको रिटायरमेंट के बाद लगभग 2,143 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। यह पेंशन 58 वर्ष की आयु के बाद से शुरू हो जाएगी और आपके जीवनभर जारी रहेगी।</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">EPS के लिए पात्रता और शर्तें</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">कर्मचारी पेंशन स्कीम का लाभ तब मिलता है जब कर्मचारी कुछ खास शर्तों को पूरा करता है। आइए, इस बारे में विस्तार से समझते हैं:</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>1. कम से कम 10 वर्ष की सेवा:</strong> यदि आपने किसी संगठित क्षेत्र में कम से कम 10 वर्षों तक काम किया है और आपने EPF के तहत योगदान दिया है, तो आप EPS के लिए पात्र हैं।</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>2. मिनिमम पेंशन:</strong> EPS के तहत कर्मचारियों को कम से कम 1,000 रुपये प्रति माह की पेंशन मिलती है। हालांकि, इस राशि को बढ़ाने की मांग लंबे समय से चल रही है।</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>3. पेंशन शुरू होने की आयु:</strong> कर्मचारी को पेंशन 58 वर्ष की आयु के बाद मिलने लगती है। इसके पहले रिटायर होने पर कर्मचारी को अपने योगदान को पूरी तरह से निकालने का विकल्प होता है।</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">पेंशन का लाभ और सुधार की आवश्यकता</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>1. नियमित आय:</strong> यह योजना रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को एक निश्चित आय प्रदान करती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है।</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>2. सरकारी गारंटी:</strong> EPS पेंशन सरकार द्वारा गारंटीकृत होती है, जिससे इसमें धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है।</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>3. पारिवारिक लाभ:</strong> यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उनकी पत्नी, बच्चे या अन्य परिजन भी पेंशन का लाभ उठा सकते हैं।</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>4. मिनिमम पेंशन:</strong> हालांकि EPS के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये निर्धारित है, लेकिन इसे बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके बावजूद, यह पेंशन बुजुर्गों के लिए एक अच्छा सहारा है।</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">EPS के तहत पेंशन में सुधार की आवश्यकता</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">हालांकि EPS योजना कर्मचारियों के लिए एक बड़ा सहारा बन सकती है, लेकिन इसमें कुछ सुधार की आवश्यकता महसूस होती है:</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>1. न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग:</strong> वर्तमान में 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन की राशि बहुत कम है। इसे बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग की जा रही है, ताकि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को बेहतर आर्थिक मदद मिल सके।</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>2. कम सैलरी और कम सेवा वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन कम:</strong> अगर किसी कर्मचारी की सैलरी कम थी या उन्होंने कम समय तक काम किया है, तो उनकी पेंशन भी कम हो सकती है, जो पूरी तरह से जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती।</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">निष्कर्ष</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) एक महत्वपूर्ण योजना है, जो संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि और सैलरी के आधार पर पेंशन मिलती है। हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं जैसे न्यूनतम पेंशन की राशि और पेंशन की सीमा, लेकिन फिर भी यह योजना बुजुर्गों के लिए एक आवश्यक सहारा बन सकती है। अगर आपने EPF में योगदान किया है और 10 साल तक किसी कंपनी में काम किया है, तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। EPFO Pension</p>
<p class="ai-optimize-7"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रकृति की संभाल का संकल्प" href="http://10.0.0.122:1245/nagpurs-dera-devotees-took-a-pledge-to-take-care-of-nature/">विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रकृति की संभाल का संकल्प</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 16:01:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>EPFO Pension: जानें 10 हजार सैलरी की नौकरी में मंथली कितनी मिलेगी पेंशन?</title>
                                    <description><![CDATA[EPFO Pension:  मुज्जफरनगर, अनु सैनी। रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा की चिंता आजकल बहुतों को सताती है, खासकर तब जब व्यक्ति अपनी उम्र के उस मोड़ पर पहुंचता है, जहां काम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में पेंशन एक महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है। भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली कर्मचारी पेंशन स्कीम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/know-how-much-monthly-pension-you-will-get-in-a-job-with-a-salary-of-rs-10000/article-66741"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-01/epfo-pension.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>EPFO Pension:  मुज्जफरनगर, अनु सैनी।</strong> रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा की चिंता आजकल बहुतों को सताती है, खासकर तब जब व्यक्ति अपनी उम्र के उस मोड़ पर पहुंचता है, जहां काम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में पेंशन एक महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है। भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) इसके लिए एक बेहतरीन उपाय है। इस योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद नियमित रूप से पेंशन मिलती है। आइए इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/the-new-railway-line-will-pass-through-these-cities-of-haryana-see-the-new-route/">Haryana Railway News: हरियाणा के इन शहरों से होकर गुजरेगी नई रेलवे लाइन, देखें नए रूट…</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) की शुरुआत और उद्देश्य | EPFO Pension</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) को Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने 16 नवंबर 1995 को शुरू किया था। इसका उद्देश्य संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक स्थिर और सुनिश्चित आय देना था, ताकि वे अपनी वृद्धावस्था में वित्तीय असुरक्षा से बच सकें। इस योजना के तहत कर्मचारियों को उनके काम किए गए समय और वेतन के आधार पर मासिक पेंशन मिलती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">EPS योजना के लाभार्थी कौन हो सकते हैं?</h3>
<p style="text-align:justify;">ईपीएस का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलता है, जो संगठित क्षेत्र में काम करते हैं और EPF (Employees’ Provident Fund) के सदस्य होते हैं। इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:<br />
1. काम की अवधि: कर्मचारी को कम से कम 10 वर्षों तक एक कंपनी में काम करना चाहिए।<br />
2. EPF खाता: कर्मचारी का EPF खाता होना आवश्यक है, जिसमें उसने समय-समय पर योगदान किया हो।<br />
3. पेंशन का दावा: 58 वर्ष की आयु के बाद ही पेंशन का भुगतान शुरू होता है। इससे पहले रिटायरमेंट लेने पर कर्मचारी को अपनी जमा राशि पूरी निकालने का विकल्प मिलता है।<br />
पेंशन की गणना कैसे होती है?<br />
कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) के तहत पेंशन की राशि कर्मचारी के अंतिम वेतन और काम के वर्षों के आधार पर निर्धारित की जाती है। इस पेंशन की गणना निम्नलिखित फार्मूले से की जाती है।<br />
मंथली पेंशन = (पेंशनयोग्य सैलरी × पेंशनयोग्य सेवा अवधि) / 70<br />
पेंशनयोग्य सैलरी: कर्मचारी की अंतिम 60 महीनों की औसत सैलरी।<br />
पेंशनयोग्य सेवा अवधि: कर्मचारी द्वारा की गई कुल सेवा का समय (वर्षों में)।</p>
<h3 style="text-align:justify;">उदाहरण के माध्यम से समझें | EPFO Pension</h3>
<p style="text-align:justify;">मान लीजिए कि आपने 10 वर्षों तक किसी कंपनी में काम किया और आपकी अंतिम औसत मासिक सैलरी 15,000 रुपये थी। अब हम पेंशन की गणना इस फार्मूले से करते हैं:<br />
1. पेंशनयोग्य सैलरी = 15,000 रुपये<br />
2. पेंशनयोग्य सेवा अवधि = 10 वर्ष<br />
फार्मूला में मानों को रखते हुए:<br />
मंथली पेंशन = (15,000 × 10) / 70 = 2,142.85 रुपये<br />
इस प्रकार, आपको रिटायरमेंट के बाद लगभग 2,143 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। यह पेंशन 58 वर्ष की आयु के बाद से शुरू हो जाएगी और आपके जीवनभर जारी रहेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">EPS के लिए पात्रता और शर्तें</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारी पेंशन स्कीम का लाभ तब मिलता है जब कर्मचारी कुछ खास शर्तों को पूरा करता है। आइए, इस बारे में विस्तार से समझते हैं:<br />
1. कम से कम 10 वर्ष की सेवा: यदि आपने किसी संगठित क्षेत्र में कम से कम 10 वर्षों तक काम किया है और आपने EPF के तहत योगदान दिया है, तो आप EPS के लिए पात्र हैं।<br />
2. मिनिमम पेंशन: EPS के तहत कर्मचारियों को कम से कम 1,000 रुपये प्रति माह की पेंशन मिलती है। हालांकि, इस राशि को बढ़ाने की मांग लंबे समय से चल रही है।<br />
3. पेंशन शुरू होने की आयु: कर्मचारी को पेंशन 58 वर्ष की आयु के बाद मिलने लगती है। इसके पहले रिटायर होने पर कर्मचारी को अपने योगदान को पूरी तरह से निकालने का विकल्प होता है।<br />
पेंशन का लाभ और सुधार की आवश्यकता<br />
1. नियमित आय: यह योजना रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को एक निश्चित आय प्रदान करती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है।<br />
2. सरकारी गारंटी: EPS पेंशन सरकार द्वारा गारंटीकृत होती है, जिससे इसमें धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है।<br />
3. पारिवारिक लाभ: यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उनकी पत्नी, बच्चे या अन्य परिजन भी पेंशन का लाभ उठा सकते हैं।<br />
4. मिनिमम पेंशन: हालांकि EPS के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये निर्धारित है, लेकिन इसे बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके बावजूद, यह पेंशन बुजुर्गों के लिए एक अच्छा सहारा है।<br />
EPS के तहत पेंशन में सुधार की आवश्यकता<br />
हालांकि EPS योजना कर्मचारियों के लिए एक बड़ा सहारा बन सकती है, लेकिन इसमें कुछ सुधार की आवश्यकता महसूस होती है:<br />
1. न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग: वर्तमान में 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन की राशि बहुत कम है। इसे बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग की जा रही है, ताकि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को बेहतर आर्थिक मदद मिल सके।<br />
2. कम सैलरी और कम सेवा वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन कम: अगर किसी कर्मचारी की सैलरी कम थी या उन्होंने कम समय तक काम किया है, तो उनकी पेंशन भी कम हो सकती है, जो पूरी तरह से जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती।</p>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) एक महत्वपूर्ण योजना है, जो संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि और सैलरी के आधार पर पेंशन मिलती है। हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं जैसे न्यूनतम पेंशन की राशि और पेंशन की सीमा, लेकिन फिर भी यह योजना बुजुर्गों के लिए एक आवश्यक सहारा बन सकती है। अगर आपने EPF में योगदान किया है और 10 साल तक किसी कंपनी में काम किया है, तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/know-how-much-monthly-pension-you-will-get-in-a-job-with-a-salary-of-rs-10000/article-66741</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 11:01:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>EPFO Pension: पीएफ कटने से कैसे मिलती है पेंशन? कितने साल की नौकरी है जरूरी? क्या कहता है ये नियम, जानें यहां&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[EPFO Pension: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला हर व्यक्ति अपनी कमाई में से कुछ न कुछ बचाता जरूर हैं, और ऐसी जगह इसका निवेश करता हैं, जहां से उसे शानदार रिटर्न मिले, जो कि रिटायरमेंट के बाद उसे आर्थिक परेशानी का सामना न करने दें, इस लिहास से पीएफ अकाउंट शानदार विकल्प है, इसमें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/how-do-we-get-pension-from-pf-deduction-how-many-years-of-service-is-necessary/article-62010"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/epfo-pension.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">EPFO Pension: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला हर व्यक्ति अपनी कमाई में से कुछ न कुछ बचाता जरूर हैं, और ऐसी जगह इसका निवेश करता हैं, जहां से उसे शानदार रिटर्न मिले, जो कि रिटायरमेंट के बाद उसे आर्थिक परेशानी का सामना न करने दें, इस लिहास से पीएफ अकाउंट शानदार विकल्प है, इसमें रिटर्न को शानदार मिलता ही हैं, बल्कि आपकी पेंशन की टेंशन भी खत्म हो जाती हैं। जहीं हां, पीएफ खाताधारकों को ईपीएस-95 के तहत पेंशन का लाभ दिया जाता हैं, हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी हैं, तो आइए जानते हैं इसा पूरा प्रोसेस क्या है….</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/is-the-coin-with-10-lines-real-why-are-people-refusing-to-accept-it/">10 Rupees Coin: क्या 10 लाइन वाला ही सिक्का असली है? इसे लेने से क्यों मना कर रहे है लोग, RBI ने खुद बताया इसका सच…</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">10 साल की है नौकरी, तो पेंशन भी पक्की | EPFO Pension</h3>
<p style="text-align:justify;">सबसे पहले ये जान लेना जरूरी हैं कि आखिर ईपीएस क्या होता है? अक्सर लोग ईपीएस को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं, तो आपको बता दें कि यह एक पेंशन स्कीम हैं, जिसे ईपीएफओ की ओर से मैनेज किया जाता हैं, इस स्कीम के तहत मौजूदा और नए ईपीएफ मेम्बर्स शामिल होते हैं, इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए केवल एकमात्र शर्त हैं, जिसे कर्मचारी को पूरा करना जरूरी होता हैं, ईपीएफओ के नियमों के मुताबित कोई भी कर्मचारी 10 साल नौकरी करने के बाद पेंशन पाने का हकदार हो जाता हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ईपीएफओ के द्वारा किया जाता है मैनेज | EPFO Pension</h4>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) को ईपीएफओ ने 19 नवंबर, 1995 को शुरू किया था, जो कि संगठित क्षेत्र में कर्मचारियों के रिटायरमेंट की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से एक सामाजिक सुरक्षा पहल हैं, इसे ईपीएफओ द्वारा मैनेज किया जाता हैं, और यह योजना 58 वर्ष की आयु तक पहुंचने वाले पात्र कर्मचारियों को पेंशन लाभ की गारंटी देती हैं, नियमों को देखें तो 9 साल 6 महीने की सर्विस को भी 10 साल के बराबर काउंट किया जाता हैं, लेकिन अगर नौकरी का वक्त साढे 9 साल से कम हैं, तो फिर उसे 9 साल ही गिना जाएगा, ऐसी स्थिति में कर्मचारी Pension Account में जमा राशि को रिटायरमेंट की उम्र से पहले भी निकाल सकते हैं, क्योंकि वे पेंशन के हकदार नहीं होते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये है पीएफ कटौती का कैलकुलेशन</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की सैलरी का एक बड़ा हिस्सा पीएफ के तौर पर कटता हैं, जो कि हर महीन कर्मचारी के PF अकाउंट में डिपॉजिट हो जाता हैं, अगर आप 10 साल तक प्राइवेट नौकरी भी कर लेते हैं, तो पेंशन लेने के हकदार हो जाते हैं, नियम के मुताबित, कर्मचारी की बेसिक सैलरी+DA का 12 फीसदी हिस्सा हर महीने PF अकाउंट में जमा होता हैं, जिसमें से कर्मचारी का पूरा हिस्सा ईपीएफ में जाता हैं, जबकि नियोक्ता का 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना ईपीएस में जाता हैं और 3.67% हर महीने ईपीएफ योगदान में जाता हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नौकरी में गैप होने पर क्या होगा?</h3>
<p style="text-align:justify;">जैसा कि बताया गया कि 10 साल की नौकरी करने के बाद ही पेंशन पक्की हो जाती हैं, तो अब सवाल उठता हैं कि अगर कर्मचारी ने 5-5 साल के लिए दो अलग-अलग संस्थानों में काम किया हैं, तो फिर क्या होगा? या दोनों नौकरी के बीच दो साल का गैप था, तो क्या वो कर्मचारी पेंशन का हकदार होगा या नहीं? नियम देखें जाए तो जॉब में गैप के बावजूद पूरी नौकरी को जोड़कर 10 साल का टेन्योगर पूरा करने पर भी पेंशन का लाभ मिलता हैं, लेकिन यहां जरूरी हैं कि हर नौकरी में कर्मचारी अपना UAN पर पूरा होना चाहिए, क्योंकि अगर नौकरी बदलने से बाद भी UAN एक ही रहता हैं, और पीएफ खाते में जमा पूरा पैसा उसी UAN में दिखेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ईपीएस के तहत इतनी तरह की पेंशन</h3>
<p style="text-align:justify;">ईपीएस-95 पेंशन योजना पेंशनभोगी के परिवरा के सदस्यों को सहायता प्रदान करने के लिए कई तरह की पेंशन देती हैं, इसमें विधवा पेंशन, बाल पेंशन और अनाथों के लिए पेंशन शामिल हैं, किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर यदि विधवा पति या पत्नी दूसरी शादी करती हैं, तो पेंशन लाभ बच्चों को दिया जाने लगता हैं, अगर 58 वर्ष के बजाय ईपीएफ सदस्य 60 वर्ष की आयु से अपनी पेंशन शुरू करना चाहते हैं, उन्हें सालाना 4 फीसदी की अतिरिक्त वृद्धि का लाभ मिल जाता हैं, इसके अलावा अगर कोई कर्मचारी पूरी तरह से और स्थायी रूप से विकलांग हो जाता हैं, तो वह पेंशन योग्य सर्विस पीरियड पूरा ने करने के बावजूद मासिक पेंशन के लिए पात्र होता हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 11:58:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Pension Calculator: पीएफ अकाउंट से कितनी मिलेगी पेंशन, इस आसान फॉर्मूले से समझें कैलकुलेशन</title>
                                    <description><![CDATA[EPFO Pension Calculator: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने रिटायरमेंट के बाद भी इनकम को जारी रखने के लिए प्रोविडेंट फंड स्कीम चलाई जा रही हैं। इस स्कीम में निवेशक हर महीने अपनी सैलरी से एक फिक्सड अमाउंट पीएफ अकाउंट में डिपॉजिट करता हैं, पीएफ अकाउंट में जितना कर्मचारी कॉन्ट्रिब्यूट करता हैं उतनी ही कंपनी द्वारा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/how-much-pension-will-you-get-from-pf-account/article-57129"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/pension-calculator.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">EPFO Pension Calculator: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने रिटायरमेंट के बाद भी इनकम को जारी रखने के लिए प्रोविडेंट फंड स्कीम चलाई जा रही हैं। इस स्कीम में निवेशक हर महीने अपनी सैलरी से एक फिक्सड अमाउंट पीएफ अकाउंट में डिपॉजिट करता हैं, पीएफ अकाउंट में जितना कर्मचारी कॉन्ट्रिब्यूट करता हैं उतनी ही कंपनी द्वारा भी कॉन्ट्रिब्यूट किया जाता हैं। वहीं कंपनी द्वारा किया जा रहा कॉन्ट्रिब्यूशन में से 3.67% इंप्लॉई प्रॉविडेंट फंड और 8.33% इंप्लॉई पेंशन स्कीम में जाता हैं, पीपीएफ में निवेशक को (Employee’ Deposit Linked Insurance) का बेनिफिट मिलता हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर पीएफ मेंबर की असमय मृत्यु हो जाती हैं, तो पीएफ अकाउंट के नॉमिनी को 7 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस मिलता हैं, अगर आप भी पीएफ अकाउंट में निवेश करते हैं, तो चलिए आपको बताते है कि आपको कितनी पेंशन मिलेंगी।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/nepal-mentioned-indian-areas-in-its-currency-notes/">नेपाल ने किया करेंसी नोट में भारतीय इलाकों का जिक्र</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">कितना मिलेगा पेंशन | Pension Calculator</h3>
<p style="text-align:justify;">EPFO के निवेशकों को सुविधा मिलती हैं, कि वह पेंशन और EDLI बेनेफिट्स को कैलकुलेट कर सकते हैं, इसमें वह जान सकते हैं कि उनके द्वारा किये गए टोटल निवेश पर कितना पेंशन और कितना EDLI का लाभ मिलेगा।<br />
इसके लिए ईपीएफओ की ऑफिशियल वेबसाइट पर निवेशकों को पेंशन कैलकुलेटर की सुविधा मिलती हैं, इसमें आप अपनी नौकरी और इनकम की जानकारी देकर चेक कर सकते हैं कि मैच्योरिटी के बाद आपको कितना मंथली पेंशन मिलेगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/3-new-four-lane-expressways-will-soon-be-built-in-haryana/">New Highway in Haryana: हरियाणा में जल्द बनेंगे 3 नए फॉरलेन एक्सप्रेसवे, यहां जानें कहां-कहां से होकर गुजरेंगे ये नए हाईवे</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे कैलकुलेट करें पेंशन</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;">आपको Pension Calculator के पेज को ओपन करना हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">इसके बाद आप अपना डेट ऑफ बर्थ दर्ज करें और नौकरी जॉइन करने, छोड़ने जैसे बाकी सभी डिटेल भरें।</li>
<li style="text-align:justify;">अब आपको Show/Update details पर क्लिक करना हैं। और इसके बाद आपको सक्रीन पर 58 साल की पूरी होने की तारीख, अर्ली पेंशन के लिए 50 साल की उम्र और पेंशन स्टार्टिंग डेट कैलकुलेट करके शो होगा।</li>
<li style="text-align:justify;">वही अगर आप चाहें तो 50 साल की उम्र के बाद भी आप पेंशन का लाभ ले सकते हैं, हालांकि, अर्ली पेंशन में पेंशन की राशि कम हो जाती हैं, वहीं 58 साल के हो जाने का बाद आपको पूरी पेंशन मिलेंगी।</li>
<li style="text-align:justify;">आप Pension Calculator में पेशन स्टार्टिंग डेट और पेंशन के लिए सैलरी डालकर Show/Update details पर क्लिक करें, इसके बाद आपको स्क्रीन पर मंथली पेंशन अमाउमंट शो होगा।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे काम करता हैं EDLI कैलकुलेटर?</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको ईपीएफओ की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पीएफ अकाउंट लॉग-इन करना हैं, अब डैशबोर्ड पर सर्विसेज टैब में EDLI and Pension Calculator को सेलेक्ट करना हैं, इसके बाद आपके सामने एक नया पेज ओपन होगा, इन ऑप्शन में आपको EDLI Benefit Calculaltor को सेलेक्ट करना हैं, EDLI Benefit Calculator में आपको EPFO मेंबर की मौत की तारीख, एवरेज प्रोग्रेसिव बैलेंस और बाकी जानकारी को दर्ज करके Show Updated Calculation पर क्लिक करना हैं, अब स्क्रीन पर आपको EDLI बेनेफिट्स का लम सम अमाउंट शो होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन जरूरी बातों का रखें ध्यान</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि यह जरूरी नहीं हैं कि आपको जो पेंशन कैलकुलेटर में अमाउंट शो हो रहा है वो बिल्कुल सही हों, अगर पीएफ मेंबर की मौत अप्रैल 2022 में हुई हैं, तो प्रोग्रेसिव बैलेंस अप्रैल 2021 मार्च 2022 तक का कुलकुलेट किया जाएगा।<br />
बता दें कि प्रोग्रेसिव बैलेंस पीएफ बैलेंस और पिछले 12 महीने का पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन का टोटल होता है, आप ईपीएफ पासबुक में प्रोग्रेसिव बैलेंस चेक कर सकते हैं, पेंशन कैलकुलेटर में केवल सुपरएनुएशन पेंशन और अर्ली पेंशन ही शो होता हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
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                <pubDate>Sun, 05 May 2024 11:43:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>EPF Rules: अपने PF खाते से एडवांस में निकाल सकते हैं कितना पैसा, यहां जान ले EPFO के रूल्स</title>
                                    <description><![CDATA[EPF Rules: अगर आप किसी कंपनी या स्कूल में नौकरी करते हैं तो हो सकता है कि आपका कोई PF अकाउंट भी जरूर हो, दरअसल कंपनी के साइज के ऊपर ये निर्भर करता है कि कर्मचारियों का PF कटेगा या नहीं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO द्वारा नौकरीपेशा लोगों के PF खाते खोले जाते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/how-much-money-can-you-withdraw-in-advance-from-your-pf-account/article-55635"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/epf-rules.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">EPF Rules: अगर आप किसी कंपनी या स्कूल में नौकरी करते हैं तो हो सकता है कि आपका कोई PF अकाउंट भी जरूर हो, दरअसल कंपनी के साइज के ऊपर ये निर्भर करता है कि कर्मचारियों का PF कटेगा या नहीं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO द्वारा नौकरीपेशा लोगों के PF खाते खोले जाते हैं, वही इन खातों में हर महीने कर्मचारी की सैलरी में से एक निश्चित अमाउंट काटकर जमा होता है। वहीं ठीक इतना ही अमाउंट कंपनी भी अपने कर्मचारियों के PF खाते में हर महीने जमा करती है। वही इस पैसे पर सालाना ब्याज भी मिलता है। इन सबके बीच अगर आपको कभी पैसों की जरूरत है, तो आप नौकरी के बीच में अपने PF खाते में से एडवांस पैसा निकाल सकते हैं तो चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं… कितने समय में कितना पैसा निकाल सकते हैं?</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/sinking-cities/">Sinking Cities: आने वाले समय में पानी में डूब जाएगें दुनिया के ये शहर, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा</a></p>
<p style="text-align:justify;">बता दे की अगर आप अपने PF खाते से कोविड़ वाला विकल्प चुनकर पैसे निकालते हैं, तो आप 75 फीसदी तक रकम निकाल सकते हैं, वही ये पैसा लगभग 3 दिनों के अंदर आपके खाते में आ जाता है।<br />
इस प्रोसेस को फॉलो करके निकाल सकते हैं PF खाते से पैसे:-<br />
स्टेप 1<br />
अगर आप भी किसी कारण अपने PF खाते से एडवांस पैसा निकालना चाहते हैं, तो निकाल सकते हैं इसके लिए आपको EPFO की आधिकारिक वेबसाइट unifiedportal-men.epfindia.gov.in/memberinterface पर जाना है।<br />
इसके बाद आपको UAN नंबर और पासवर्ड दर्ज करना है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/when-is-eating-figs-beneficial-and-when-is-it-harmful-know-complete-information/#google_vignette">Right Way to Eat Anjeer: अंजीर कब खाना है फायदेमंद और कब नुकसानदायक? जानें पूरी जानकारी</a></p>
<h3>ऐसी गलती होती है खतरनाक | Mobile Blast</h3>
<p style="text-align:justify;">स्टेप 2<br />
इसके बाद स्क्रीन पर दिया हुआ कैप्चर कोड भरना है और फिर लॉगिन करके और सर्विसेज वाला ऑप्शन चुन लेना है फिर आपको (फॉर्म 31,19,10 सी और 10 डी) वाले विकल्प पर क्लिक करना है। और अपना बैंक खाता नंबर दर्ज कर इसे वेरीफाई कर देना है।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/pm-kisan-samman-nidhi/#google_vignette">PM-Kisan Samman Nidhi: करोड़ों किसानों को मोदी सरकार इस दिन देगी खुशखबरी? खाते में आएंगे पैसे, जानें…</a><br />
स्टेप 3<br />
फिर (सर्टिफिकेट ऑफ अंडरटेकिंग) पर क्लिक करें और प्रोसीड फॉर ऑनलाइन कलम को चुनें, अब इसमें पैसे निकालने का कारण कोविड़ एडवांस चुनें। इसके बाद अपना पूरा नाम वह पता भरें और फिर चेकबुक या पासबुक की स्कैन कॉपी अपलोड कर दे। और फिर आखरी में नियम व शर्त पर क्लिक करके मोबाइल पर आए ओटीपी को भर दे। यह प्रोसेस करने के बाद तीन दिन में पैसा आपके अकाउंट में आ जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
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                <pubDate>Mon, 25 Mar 2024 12:27:07 +0530</pubDate>
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