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                <title>Credit Card New Rules - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>New Credit Card Rules : क्रेडिट कार्ड यूजर्स हो तो जान लो ये नए नियम! बहुत महंगा पड़ सकता है के्रडिट कार्ड!</title>
                                    <description><![CDATA[New Credit Card Rules From 1st August : नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी क्रेडिट कार्ड यूजर्स हो तो यह खबर आपके लिए सही है। क्योंकि एक अगस्त से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक अपने क्रेडिट कार्ड पर देय न्यूनतम राशि को मूल देय राशि के 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर देगा। इससे पहले, एक्सिस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/if-you-are-a-credit-card-user-know-these-new-rules-credit-card-can-be-very-expensive/article-60466"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/credit-card-new-rules.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">New Credit Card Rules From 1st August : नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी क्रेडिट कार्ड यूजर्स हो तो यह खबर आपके लिए सही है। क्योंकि एक अगस्त से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक अपने क्रेडिट कार्ड पर देय न्यूनतम राशि को मूल देय राशि के 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर देगा। इससे पहले, एक्सिस बैंक ने नवंबर 2023 में ऐसा ही किया था। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, देय न्यूनतम राशि में इन बदलावों से क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए ब्याज लागत बढ़ सकती है। Credit Card New Rules</p>
<p style="text-align:justify;">एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रेडिट कार्ड यूजर्स को बकाया राशि पर हर महीने लगभग 3-4 प्रतिशत का ब्याज देना पड़ सकता है, जो सालाना 40 प्रतिशत से अधिक होगा। उदाहरण के लिए, यदि क्रेडिट कार्ड का बिल 1 लाख रुपये है, तो पहले देय न्यूनतम राशि 5,000 रुपये (5%) होती थी। अब, यह 2,000 रुपये (2%) होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल लेंडिंग कंसल्टेंट के हवाले से एक रिपोर्ट में बताया गया है ‘‘क्रेडिट कार्ड यूजर अब 5,000 रुपये की जगह 2,000 रुपये का भुगतान करके लेट पेमेंट चार्ज से बच सकते हैं और अपने क्रेडिट स्कोर पर पड़ने वाले प्रभाव को कम कर सकते हैं।’’ हालांकि, रिपोर्ट में कहा है कि यूजर को अब 95,000 रुपये की जगह 98,000 रुपये की बकाया राशि पर ब्याज देना होगा। न्यूनतम देय राशि न्यूनतम देय राशि वह न्यूनतम राशि है जिसे क्रेडिट कार्ड की मासिक बकाया राशि के विरुद्ध चुकाया जाना चाहिए ताकि अच्छी स्थिति बनी रहे और लेट पेमेंट फीस से बचा जा सके। यह किसी खास स्टेटमेंट या बिलिंग अवधि के लिए कुल देय राशि का एक प्रतिशत होता है।</p>
<h3>आपसे लेन-देन की तारीख से ही ब्याज लिया जाएगा | New Credit Card Rules</h3>
<p style="text-align:justify;">एक अन्य रिपोर्ट में पर्सनल फाइनेंस एडवाइजरी स्टेबलइन्वेस्टर डॉट कॉम के संस्थापक देव आशीष के हवाले से कहा गया है, ‘‘ध्यान देने वाली एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर आपके पास अपने पिछले बिल से कोई बकाया राशि बची हुई है, तो आपको उसके बाद अपने लेन-देन के लिए कोई ब्याज-मुक्त अवधि नहीं मिलेगी। आपसे लेन-देन की तारीख से ही ब्याज लिया जाएगा।’’</p>
<p style="text-align:justify;">न्यूनतम देय राशि घटाने से ग्राहक डिफॉल्ट करने के बजाय अधिक नियमित रूप से भुगतान कर पाते हैं, जो बैंकों के लिए फायदेमंद है। गर्ग का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है, ‘‘इसके अलावा, जो ग्राहक शेष राशि को आगे बढ़ाता है, उसे बकाया राशि पर ब्याज देना पड़ता है – इसका मतलब है कि बैंक के लिए संभावित राजस्व में वृद्धि होगी।’’ इसलिए, न्यूनतम देय राशि घटाना बैंक के लिए फायदेमंद है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्रेडिट कार्ड ऋण जाल | Credit Card New Rules</h3>
<p style="text-align:justify;">केवल न्यूनतम देय राशि का भुगतान करने से क्रेडिट कार्ड ऋण जाल में फंसने की संभावना है। डेबिट और क्रेडिट कार्ड समीक्षा करने वाले प्लेटफॉर्म टेक्नोफिनो के संस्थापक सुमंत मंडल के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ग्राहकों को इस कम की गई न्यूनतम देय राशि को अनदेखा करना चाहिए और पहले की तरह ही अपना कुल बिल चुकाना जारी रखना चाहिए।’’</p>
<p style="text-align:justify;">एक मीडिया रिपोर्ट में एक्सिस बैंक की गणना का भी हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार 5,000 रुपये के क्रेडिट कार्ड खर्च और हर महीने केवल न्यूनतम देय राशि (न्यूनतम 100 रुपये के अधीन) का भुगतान करने पर, कुल राशि का भुगतान करने में लगभग सात साल लगेंगे। इसलिए, केवल न्यूनतम बकाया राशि का भुगतान करना, या पूरी बकाया राशि से कम का भुगतान करना, क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ता के लिए महंगा हो सकता है। Credit Card New Rules</p>
<p><a title="Gold Price Today : सोने की कीमतों में फिर बढ़ोतरी! जानें, आज के भाव" href="http://10.0.0.122:1245/gold-prices-rise-again-know-todays-rates/">Gold Price Today : सोने की कीमतों में फिर बढ़ोतरी! जानें, आज के भाव</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 15:47:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Credit Card New Rules: क्रेडिट कार्ड धारकों को रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने दी बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[Credit Card New Rules: डॉ. संदीप सिंहमार। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने विभिन्न बैंकों में वित्तीय संस्थानों के क्रेडिट कार्ड धारकों को बड़ी राहत प्रदान की है। अब तक क्रेडिट कार्ड धारक को सिर्फ बैंक के शेड्यूल के अनुसार ही अपनी मिनिमम पेमेंट या फुल पेमेंट करनी होती थी।लेकिन अब क्रेडिट कार्ड धारक खुद अपने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/credit-card-new-rules/article-55700"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/credit-card-new-rules.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Credit Card New Rules: <strong>डॉ. संदीप सिंहमार। </strong>रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने विभिन्न बैंकों में वित्तीय संस्थानों के क्रेडिट कार्ड धारकों को बड़ी राहत प्रदान की है। अब तक क्रेडिट कार्ड धारक को सिर्फ बैंक के शेड्यूल के अनुसार ही अपनी मिनिमम पेमेंट या फुल पेमेंट करनी होती थी।लेकिन अब क्रेडिट कार्ड धारक खुद अपने हिसाब से कितनी ही बार अपने बिल साइकिल को चेंज कर सकता है। इससे पहले बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं मनमानी करते हुए केवल एक बार ही ऐसा करने मौका देती थी। वजह से क्रेडिट कार्ड धारक कई बार समय पर भुगतान नहीं कर पाते थे। इसी वजह से उनका क्रेडिट कार्ड एनपीए में चला जाता था। लेकिन यह सुविधा प्रदान करने के बाद ग्राहकों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा वहीं बैंक का भी भुगतान हो सकेगा। ग्राहकों की सुविधा को देखते हुए रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने यह सीमा हटाने को कहा है। आरबीआई की तरफ से यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू भी हो गया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/cbse-new-books/#google_vignette">CBSE New Books: सीबीएसई ने इन कक्षाओं की किताबें बदली, देखें सभी छात्र!</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">ऐसे कर सकते हैं बदलाव | Credit Card New Rules</h3>
<p style="text-align:justify;">आरबीआई के इस नए नियम का लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को सबसे पहले अपने क्रेडिट कार्ड से संबंधित पिछला बकाया चुकाना होगा। इसके बाद क्रेडिट कार्ड बैंक या कंपनी को फोन या ईमेल के जरिए बिलिंग साइकिल में बदलाव करने के लिए कहा जा सकता है। इस बदलाव के लिए संबंधित क्रेडिट कार्ड के कस्टमर केयर नंबर या फिर एप्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। आरबीआई ने सभी बैंकों को अपने एप्प में भी है ऑप्शन देने की बात कही है। कई बार ऐसा होता है चाहते हुए भी ग्राहक के पास बैंक द्वारा निर्धारित किए गए साइकिल के अनुसार पर्याप्त नगदी या खाते में बैलेंस नहीं होता इसी वजह से दुविधा का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब अपनी मर्जी से भुगतान किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये होता है billing cycle</h3>
<p style="text-align:justify;">मान लो किसी ग्राहक का क्रेडिट कार्ड का कुल बिल स्टेटमेंट हर महीने की 10 तारीख को आता है तो ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति का Billing cycle उस महीने की 11 तारीख से शुरू होगा और अगले महीने की 10 तारीख को खत्म होगा। इस 30 दिन अवधि के दौरान क्रेडिट कार्ड से किए गए सभी लेन-देन क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में दिखाई देंगे। इसमें कार्ड से किए गए सभी भुगतान, नकद निकासी, क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान की जानकारी होती है। बिल की यह अवधि कार्ड के प्रकार और क्रेडिट कार्ड प्रदाता के मुताबिक 27 दिन से लेकर 31 दिन तक हो सकती है। इस दौरान यदि हम मिनिमम भुगतान भी कर देते है तो भी ग्राहक को फायनेंस चार्ज का भुगतान करना पड़ सकता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/this-new-rule-related-to-pension-will-come-into-effect-from-april-1/">Pension New Rules: 1 अप्रैल से लागू होगा, पेंशन से जुड़ा यह नया नियम!</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">नए नियम का ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?</h3>
<p style="text-align:justify;">अब तक यह सब केवल क्रेडिट कार्ड संबंधी बैंक या कंपनी ही तय करती थी कि ग्राहक को जारी किए गए क्रेडिट कार्ड का बिलिंग साइकिल क्या होगा? यानी ग्राहक को कब भुगतान करना होगा। ऐसी स्थिति में कभी-कभी ग्राहकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब भारतीय रिजर्व बैंक ने नए नियम जारी कर दिए हैं। यह नियम लागू होने के बाद ग्राहक अपनी मर्जी के से एक बार से अधिक क्रेडिट कार्ड के बिलिंग चक्र को अपने हिसाब से बदल सकता है , इसके लिए ग्राहक को बैंक से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्रेडिट कार्ड से संबंधित इस जानकारी को भी समझे</h3>
<p style="text-align:justify;">क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक बिल का पूरा बकाया चुकाने के बजाए न्यूनतम भुगतान का विकल्प भी देते हैं। पर संबंधित बैंक ग्राहकों को यह नहीं बताते हैं कि ऐसा करने से न केवल वर्तमान बिलिंग चक्र में बकाया राशि पर ब्याज लगता है, बल्कि बाद के बिलिंग चक्र में किए गए अन्य सभी लेनदेन पर ब्याज मुक्त अवधि खत्म हो जाती है। इस बात को हमेशा छुपाया जाता है। रिकवरी एजेंट भी सिर्फ मिनिमम भुगतान के बारे में ही दबाव बनाते है। लेकिन यह नहीं बताते की नियत तारीख के बाद किए गए सभी लेनदेन पर तब तक ब्याज लगता है। जब तक कि कुल बकाया राशि पूरी तरह से चुका नहीं दी जाती। इस बात का ग्राहक को अगले बिल के दौरान देखने को मिलता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इससे बचने के लिए देय तिथि तक पूरा बिल चुकाना ही सबसे अच्छा रहता है। ताकि ब्याज से बचा जा सके।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Mar 2024 16:53:38 +0530</pubDate>
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