<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/ai/tag-28341" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>AI - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/28341/rss</link>
                <description>AI RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>AI तकनीक से फर्जी अश्लील तस्वीरें बनाकर युवतियों को ब्लैकमेल करने वाला आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली पुलिस की साइबर थाना उत्तर जिला टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एक युवती को ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/accused-who-blackmailed-girls-by-making-fake-obscene-pictures-with/article-86089"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/new-delhi1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)</strong>। दिल्ली पुलिस की साइबर थाना उत्तर जिला टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एक युवती को ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी एआई आधारित तकनीक का इस्तेमाल कर महिलाओं की मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार करता था और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर वसूली करता था।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि मल्कागंज क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उसे एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर संपर्क कर उसकी मॉर्फ्ड तस्वीर भेजी और तस्वीर हटाने के बदले पैसे की मांग की। आरोपी ने 'लक्ष्य गर्ग' नाम से स्नैपचैट प्रोफाइल बनाकर पीड़िता से बातचीत की और 30 हजार रुपए की मांग की। परिवार ने बदनामी के डर से क्यूआर कोड के माध्यम से रकम ट्रांसफर कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार कुछ महीनों बाद फरवरी 2026 में आरोपी ने दोबारा संपर्क कर अतिरिक्त धनराशि की मांग शुरू कर दी। बातचीत के बाद पीड़िता ने एक साइबर कैफे के जरिए 10 हजार रुपए और भेजे। इसके बावजूद आरोपी लगातार अधिक पैसे मांगता रहा और अन्य युवतियों की संपर्क जानकारी उपलब्ध कराने का दबाव भी बनाता रहा। धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना उत्तर जिला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। डीसीपी नॉर्थ के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के आधार पर पुलिस ने 4 जून 2026 को भलस्वा डेयरी इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पूछताछ में आरोपी की पहचान 30 वर्षीय सौरव के रूप में हुई, जो एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है। पुलिस के अनुसार वह सोशल मीडिया पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवतियों से संपर्क करता था। विश्वास हासिल करने के बाद वह उनसे रिज्यूमे मंगवाता और वीडियो वेरिफिकेशन कॉल में शामिल होने के लिए कहता था। कॉल के दौरान लिए गए स्क्रीनशॉट और एआई टूल्स की मदद से वह फर्जी अश्लील तस्वीरें तैयार करता था, जिनका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग और वसूली के लिए किया जाता था।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को वर्ष 2022 और 2023 में भी यौन उत्पीड़न, पीछा करने और जबरन वसूली से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और अपराध में इस्तेमाल किया गया वाईफाई राउटर बरामद किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/new-delhi1.jpg" alt="New Delhi" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>Fraud Alert</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/accused-who-blackmailed-girls-by-making-fake-obscene-pictures-with/article-86089</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/accused-who-blackmailed-girls-by-making-fake-obscene-pictures-with/article-86089</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 17:13:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/new-delhi1.jpg"                         length="234481"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>YouTube ला रहा है AI Avatar फीचर: बिना कैमरे आए वीडियो बना सकेंगे क्रिएटर्स, वीडियो क्रिएशन का तरीका बदलेगा हमेशा के लिए</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। YouTube News: यूट्यूब (YouTube) कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की तैयारी में है। आने वाले समय में प्लेटफॉर्म एक ऐसा दमदार फीचर लॉन्च करने जा रहा है, जिससे क्रिएटर्स अपना डिजिटल जुड़वां यानी AI Avatar बना सकेंगे। इस फीचर के जरिए अब कैमरे के सामने आए बिना […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/youtube-is-bringing-an-ai-avatar-feature-creators-will-be-able-to-make-videos-without-the-camera-in-sight/article-80719"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/youtube-news.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> YouTube News: यूट्यूब (YouTube) कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की तैयारी में है। आने वाले समय में प्लेटफॉर्म एक ऐसा दमदार फीचर लॉन्च करने जा रहा है, जिससे क्रिएटर्स अपना डिजिटल जुड़वां यानी AI Avatar बना सकेंगे। इस फीचर के जरिए अब कैमरे के सामने आए बिना भी वीडियो बनाना और पोस्ट करना संभव होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यूट्यूब के सीईओ नील मोहन ने अपनी सालाना चिट्ठी में इस भविष्य की तकनीक का खुलासा किया है। उनका कहना है कि AI की मदद से क्रिएटर्स को ज्यादा आज़ादी, समय की बचत और नए एक्सपेरिमेंट करने का मौका मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसा होगा आपका AI Digital Avatar?</h3>
<p style="text-align:justify;">इस नई तकनीक के तहत क्रिएटर्स अपना 3D डिजिटल क्लोन तैयार कर सकेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए क्रिएटर को सिर्फ:</p>
<h3 style="text-align:justify;">एक छोटा सेल्फी वीडियो और अपनी आवाज़ का सैंपल</h3>
<p style="text-align:justify;">देना होगा। इसके बाद AI आपकी शक्ल, हावभाव और आवाज से मिलता-जुलता एक अवतार तैयार कर देगा। यही अवतार आपकी जगह वीडियो में बोलेगा, एक्सप्रेशन देगा और कंटेंट पेश करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">खास बात यह है कि यह फीचर YouTube Shorts के लिए खास तौर पर डिजाइन किया जा रहा है, ताकि क्रिएटर्स बिना शूटिंग के नए-नए फॉर्मेट्स ट्राय कर सकें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">धोखाधड़ी रोकने के लिए सख्त नियम</h3>
<p style="text-align:justify;">AI के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए यूट्यूब ने पारदर्शिता और सुरक्षा पर खास ध्यान दिया है।<br />
AI से बने हर वीडियो पर साफ-साफ “Synthetic Content” लेबल लगाया जाएगा<br />
दर्शकों को पहले से पता होगा कि वीडियो इंसान ने नहीं बल्कि AI ने बनाया है<br />
क्रिएटर्स के पास पूरा कंट्रोल रहेगा कि उनकी शक्ल और आवाज का AI इस्तेमाल कौन और कैसे कर सकता है<br />
बच्चों की सुरक्षा के लिए YouTube Shorts पर ‘जीरो टाइमर’<br />
YouTube Shorts की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और हर दिन करीब 200 अरब व्यूज मिल रहे हैं। इसी को देखते हुए बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए नया फीचर लाया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अब:</h3>
<p style="text-align:justify;">माता-पिता तय कर सकेंगे कि बच्चा कितनी देर Shorts देखे<br />
चाहें तो टाइमर को जीरो पर सेट कर Shorts पूरी तरह बंद कर सकते हैं<br />
Shorts फीड के बीच अब सीधे फोटो (Images) पोस्ट करने की सुविधा भी मिलेगी<br />
YouTube के अन्य शानदार AI टूल्स<br />
YouTube सिर्फ Avatar तक सीमित नहीं है, बल्कि कई और AI फीचर्स पर भी काम कर रहा है:<br />
Dream Screen – AI से वीडियो का बैकग्राउंड बदलने की सुविधा<br />
Auto Dubbing – 20+ भाषाओं में वीडियो का ऑटोमैटिक डब<br />
AI Games – सिर्फ टेक्स्ट लिखकर छोटे गेम्स बनाना</p>
<p style="text-align:justify;">AI Ask बटन – अब तक 2 करोड़ से ज्यादा यूजर्स वीडियो से सवाल पूछ चुके हैं<br />
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए गेम-चेंजर<br />
YouTube का AI Avatar फीचर उन लाखों क्रिएटर्स के लिए वरदान साबित हो सकता है, जो:<br />
कैमरे के सामने आने से हिचकिचाते हैं<br />
समय की कमी से जूझते हैं<br />
या नए-नए एक्सपेरिमेंट करना चाहते हैं<br />
आने वाले समय में यह फीचर न सिर्फ कंटेंट बनाने का तरीका बदलेगा, बल्कि डिजिटल क्रिएशन को पूरी तरह नए स्तर पर ले जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="India-US Trade Deal: ट्रंप की टैरिफ नीति से रिपब्लिकन खेमे में घमासान, सीनेटर टेड क्रूज ने व्हाइट हाउस पर लगाए गंभीर आरोप" href="http://10.0.0.122:1245/the-much-awaited-india-us-trade-deal-remains-in-limbo/">India-US Trade Deal: ट्रंप की टैरिफ नीति से रिपब्लिकन खेमे में घमासान, सीनेटर टेड क्रूज ने व्हाइट हाउस पर लगाए गंभीर आरोप</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/youtube-is-bringing-an-ai-avatar-feature-creators-will-be-able-to-make-videos-without-the-camera-in-sight/article-80719</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/youtube-is-bringing-an-ai-avatar-feature-creators-will-be-able-to-make-videos-without-the-camera-in-sight/article-80719</guid>
                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:10:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-01/youtube-news.jpeg"                         length="75223"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>AI: एआई तकनीक चिकित्सा क्षेत्र में एक अत्यंत उपयोगी सपोर्ट सिस्टम के रूप में उभर रही</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक चिकित्सा क्षेत्र में एक अत्यंत उपयोगी सपोर्ट सिस्टम के रूप में उभर रही है। विशेष रूप से रेडियोलॉजिकल रिपोर्ट्स, एमआरआई, सीटी स्कैन, इको और ईसीजी जैसे जांच माध्यमों के विश्लेषण में एआई टूल्स ने 70 से 80 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय सफलता दर्ज की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/ai-technology-is-emerging-as-a-very-useful-support-system-in-the-medical-field/article-77315"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/new-delhi-2-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक चिकित्सा क्षेत्र में एक अत्यंत उपयोगी सपोर्ट सिस्टम के रूप में उभर रही है। विशेष रूप से रेडियोलॉजिकल रिपोर्ट्स, एमआरआई, सीटी स्कैन, इको और ईसीजी जैसे जांच माध्यमों के विश्लेषण में एआई टूल्स ने 70 से 80 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। इसी प्रकार, ईसीजी के आधार पर एआई तकनीक के माध्यम से भविष्य में संभावित हृदयाघात (हार्ट अटैक) के जोखिम का पूर्वानुमान लगाने में भी 70 प्रतिशत से अधिक मामलों में सटीक परिणाम प्राप्त हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सटीक, तीव्र और सुलभ बनाने की दिशा में क्रांतिकारी योगदान दे रही है। यह जानकारी वार्क रिसर्च सेंटर सिडनी यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया में साइंटिफिक डायरेक्टर प्रोफेसर क्लारा चाओ ने दी। वे महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में चौथे डॉ के डी गुप्ता ऑरेशन में मुख्य वक्त के तौर पर बोल रही थीं। प्रोफेसर क्लारा ने कहा कि एआई टूल्स के जरिए हार्ट अटैक की संभावना की पूर्व सूचना देने में उल्लेखनीय मदद मिल रही है। इसमें भी 85 प्रतिशत तक मामलों में सूचनाएं सही पाई गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह एक सुखद संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि डेटा, रिकॉर्ड रखने, लो रेजोल्यूशन सूचनाओं को हाई रेजोल्यूशन बनाने में भी यह तकनीक उपयोगी साबित हो रही है। बहुत जल्द ही मोबाइल गैजेट्स में बल्ड प्रेशर, धड़कन तथा श्वास गति आदि की जानकारी के लिए अधिक विश्वसनीय टूल्स आ रहे हैं जो सामाजिक स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने कहा कि भारत में भी अब बड़े अस्पतालों में इस तकनीक का प्रयोग बढ़ रहा है। उन्होंने महात्मा गांधी अस्पताल की अत्याधुनिक सेवाओं की सराहना करते हुए इसे विश्वस्तरीय बताया। Artificial Intelligence</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ विकास स्वर्णकार ने बताया कि महात्मा गांधी अस्पताल में साइबर नाइफ, पैट स्कैन, न्यूरो नेविगेशन, रोबोट आदि में ए आई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। संस्थापक डॉ एम एल स्वर्णकार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को डॉक्टर का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए क्योंकि यह तकनीक भी मानवीय समझ से बनाई जा रही है। और फिर इसे रोगी के लक्षणों, हिस्ट्री आदि के बारे में भी समझना होता है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही महात्मा गांधी अस्पताल को पेपरलेस बनाया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रोफेसर के डी गुप्ता की स्मृति में आयोजित इस वैज्ञानिक कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी वाइस चांसलर डॉ अचल गुलाटी, डॉ विनय कपूर, डॉ राजीव गुप्ता, डॉ संजीव गुप्ता, श्रीमती मीना स्वर्णकार, डॉ शोभित स्वर्णकार, श्री आर आर सोनी, डॉ एन डी सोनी, श्री प्रदीप पायने, डॉ राजा बाबू पंवार, डॉ नीरज कासलीवाल सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर्स मौजूद रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="रोडवेज बस स्टेशन पर बदहाल पड़े शौचालय को ठीक कराने की मांग" href="http://10.0.0.122:1245/demand-for-repair-of-toilet-at-kairana-roadways-bus-stand/">रोडवेज बस स्टेशन पर बदहाल पड़े शौचालय को ठीक कराने की मांग</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/ai-technology-is-emerging-as-a-very-useful-support-system-in-the-medical-field/article-77315</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/ai-technology-is-emerging-as-a-very-useful-support-system-in-the-medical-field/article-77315</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 20:11:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-10/new-delhi-2-1.jpg"                         length="50960"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Dell terminated 12,500 employees : AI का असर, डेल ने 12,500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला!</title>
                                    <description><![CDATA[Dell terminated 12,500 employees : नई दिल्ली (एजेंसी)। कंप्यूटर निर्माता कंपनी डेल ने अपने बिक्री प्रभाग के एक बड़े पुनर्गठन की घोषणा करते हुए कंपनी के संचालन को आधुनिक बनाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से कंपनी में बड़े स्तर पर छंटनी की गई है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/impact-of-ai-dell-fired-12500-employees/article-60808"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/dell-with-ai-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Dell terminated 12,500 employees : नई दिल्ली (एजेंसी)। कंप्यूटर निर्माता कंपनी डेल ने अपने बिक्री प्रभाग के एक बड़े पुनर्गठन की घोषणा करते हुए कंपनी के संचालन को आधुनिक बनाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से कंपनी में बड़े स्तर पर छंटनी की गई है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने विगत 6 अगस्त को एक आंतरिक ज्ञापन में कर्मचारियों को एआई के इन परिवर्तनों के बारे में सूचित किया, जिसमें बिक्री टीमों को केंद्रीकृत करने और एक नई एआई-केंद्रित बिक्री इकाई बनाने की योजनाओं की रूपरेखा दी गई है। Dell Technologies</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में प्रभावित कर्मचारियों की सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन अनुमान है कि लगभग 12,500 व्यक्ति या डेल के कार्यबल का लगभग 10% हिस्सा इससे प्रभावित हुआ है।</p>
<h3>अधिकारियों ने लिखा, ‘‘हम कमजोर हो रहे हैं”</h3>
<p style="text-align:justify;">‘ग्लोबल सेल्स मॉडर्नाइजेशन अपडेट’ शीर्षक वाला ज्ञापन वरिष्ठ अधिकारियों बिल स्कैनेल और जॉन बर्न द्वारा भेजा गया था। इसमें प्रबंधन परतों को सुव्यवस्थित करने और निवेशों को पुन: प्राथमिकता देने के कंपनी के इरादों का विवरण दिया गया था। अधिकारियों ने लिखा, ‘‘हम कमजोर हो रहे हैं। हम प्रबंधन के स्तरों को सुव्यवस्थित कर रहे हैं और जहाँ हम निवेश करते हैं, वहाँ पुन: प्राथमिकता तय कर रहे हैं।’’ Dell Technologies</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में छंटनी होने वाले कर्मचारियों की सही संख्या का खुलासा नहीं किया गया है, बिक्री विभाग के कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है या वे ऐसे सहकर्मियों को जानते हैं जो इससे प्रभावित हुए हैं। इन स्रोतों के अनुसार, छंटनी ने मुख्य रूप से प्रबंधकों और वरिष्ठ प्रबंधकों को प्रभावित किया है, जिनमें से कुछ को कंपनी में दो दशकों से अधिक का अनुभव है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक कर्मचारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया, ‘‘इसमें ज्यादातर प्रबंधक, निदेशक और वीपी शामिल थे। उन्होंने मार्केटिंग और संचालन को भी प्रभावित किया। उन्होंने संगठनों को मिला दिया और प्रबंधकों के लिए अनुपात को भी बढ़ा दिया। अब प्रत्येक प्रबंधक के पास कम से कम 15 कर्मचारी हैं।’’ एक अन्य गुस्साए कर्मचारी ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘कई प्रबंधक जो लंबे समय से यहाँ थे, उन्हें निकाल दिया गया। यह बस आपको दिखाता है कि आप इस नौकरी में कितना भी प्रयास करें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जैसे ही यह उनके लाभ में मदद करता है, आप निकाल दिए जाते हैं।’’ Dell Technologies</p>
<p><a title="Farmer found a precious Diamond : किसान की खुली किस्मत, मिली ये बेशकीमती धातु!" href="http://10.0.0.122:1245/farmer-found-a-precious-diamond-in-his-field/">Farmer found a precious Diamond : किसान की खुली किस्मत, मिली ये बेशकीमती धातु!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/impact-of-ai-dell-fired-12500-employees/article-60808</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/impact-of-ai-dell-fired-12500-employees/article-60808</guid>
                <pubDate>Wed, 07 Aug 2024 11:40:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-08/dell-with-ai-1.jpg"                         length="40395"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Artificial Intelligence : AI की नई आहट</title>
                                    <description><![CDATA[– Artificial Intelligence – Artificial Intelligence की ताकत को लेकर दुनिया में तमाम तरह की शंकाएं हों, लेकिन एक बात तय है कि भविष्य में बदलाव का सबसे बड़ा कारण एआई ही बनेगी। यह लगातार नई ताकतवर तकनीकों को जन्म दे रही है। इसी कड़ी में एआई तकनीक की गुणवत्ता से लैस सर्च इंजन के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/artificial-intelligence/article-57563"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/artificial-intelligence.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Artificial Intelligence –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">Artificial Intelligence की ताकत को लेकर दुनिया में तमाम तरह की शंकाएं हों, लेकिन एक बात तय है कि भविष्य में बदलाव का सबसे बड़ा कारण एआई ही बनेगी। यह लगातार नई ताकतवर तकनीकों को जन्म दे रही है। इसी कड़ी में एआई तकनीक की गुणवत्ता से लैस सर्च इंजन के सामने आने की बात कही जा रही है है। कहा जा रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित यह सर्च इंजन कालांतर गूगल के सर्च इंजन की बादशाहत को चुनौती दे सकता है। अभी गूगल का सर्च इंजन हर कंप्यूटर और हरेक स्मार्टफोन में मौजूद है, पर जब ओपनएआई का कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाला सर्च इंजन सक्रिय हो जाएगा, तो स्थितियां बदलेंगी। माइक्रोसॉफ्ट समर्थित ओपनएआई कृत्रिम बुद्धिमत्ता में अभी सबसे आगे है। चैटजीपीटी भी ओपन एआई का अब तक का सफलतम उत्पाद है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब नए सर्च इंजन के आने से ओपन एआई के चैट जीपीटी की क्षमताओं में वृद्धि की उम्मीद है, जिससे यह वेब से वास्तविक समय में या तत्काल जानकारी प्राप्त कर सकेगा। यह अक्सर कहा जा रहा है कि चैट जीपीटी काफी मशीनी या एकरूपता वाले पाठ पेश कर रहा है, जबकि बाजार में ज्यादा विविधता वाले ऐसे पाठों की जरूरत है, जो मशीनी नहीं, बल्कि ज्यादा मानवीय लगें। सरकारों को मौजूदा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खतरों के प्रति सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि आज देश की अधिकतर व्यवस्थाएं इंटरनेट पर टिकी हैं। इसके नियमन के लिये सख्त कानून बनाये जाने चाहिए। पश्चिमी जगत के विशेषज्ञ भी मनुष्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के खतरों के लिये तैयार करने की सलाह दे चुके हैं। ऐसे में इस दिशा में सावधानी के साथ चलने की आवश्यकता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/artificial-intelligence/article-57563</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/artificial-intelligence/article-57563</guid>
                <pubDate>Thu, 16 May 2024 10:08:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-05/artificial-intelligence.jpg"                         length="29950"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Artificial Intelligence : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में रहने की तैयारियां</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका: पीओके को हासिल करने के लिए हमें कुछ ज्यादा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी || Artificial Intelligence  राजीव गुप्ता। ज्ञानिक खोज प्रौद्योगिकी और नवाचार मानव जीवन में उथल-पुथल लाती है। व्यक्ति के सोचने और कार्य करने के तौर-तरीकों में बदलाव लाती है। खगोल विज्ञान, चिकित्सा से लेकर पहिए, मोटर गॉड़ी और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/artificial-intelligence-world/article-55794"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/artificial-intelligence.jpg" alt=""></a><br /><div>
<h3 style="text-align:center;"><strong>शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका: पीओके को हासिल करने के लिए हमें कुछ ज्यादा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी || Artificial Intelligence </strong></h3>
<div style="text-align:justify;"><strong>राजीव गुप्ता।</strong> ज्ञानिक खोज प्रौद्योगिकी और नवाचार मानव जीवन में उथल-पुथल लाती है। व्यक्ति के सोचने और कार्य करने के तौर-तरीकों में बदलाव लाती है। खगोल विज्ञान, चिकित्सा से लेकर पहिए, मोटर गॉड़ी और कंप्यूटर के आविष्कार तक मानव के आविष्कारों ने इस बात को सिद्ध किया है। वर्ष 2016 में हॉलीवुड की फिल्म ‘हिडन फिगर्स’ में एक अश्वेत महिला जॉन ग्लेन का वर्णन किया गया है जो नासा के लिए कार्य करती है तथा जिन्होंने अमरीका के मानव युक्त अंतरिक्ष उडान में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। इस बात की कल्पना करना कठिन है कि आधुनिक कंप्यूटरों के आविष्कार से पूर्व अंतरिक्ष यात्रा के लिए अपेक्षित जटिल और लंबी गणनाओं को व्यक्तियों द्वारा किया जाता था और इसलिए फिल्म में दर्शायी गई इन तीन महिलाओं को मानव कंप्यूटर कहा गया। हम जानते हैं कि इलेक्ट्रोनिक कंप्यूटर के आविष्कार से घर के बजट से लेकर जटिल वैज्ञानिक गणनाओं के तरीकों में पूर्ण बदलाव आया है। एक ऐसी दुनिया में शिक्षा की भूमिका को पूर्णत: स्वीकार किया जाना चाहिए जहां पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence) आज इंटरनेट की तरह अनिवार्य हो जाएगी इसलिए शिक्षा के तीन महत्वपूर्ण अवयवों पर विचार किया जाना चाहिए जिनमें पाठयक्रम का डिजाइन, पाठ्य वस्तु का निर्धारण और मूल्यांकन और इन तीनों पहलुओं पर विचार किए जाने की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम शिक्षा प्रणाली का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है। यदि पाठ्यक्रम छात्रों और समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप न हो तो यह महत्वपूर्ण नहीं रह जाता है कि इसे कितने प्रभावी ढंग से पढाया जाता है।</div>
</div>
<div style="text-align:justify;">अतीत में पाठ्यक्रम में मोटे तौर पर तथ्यों, दृष्टिकोणों और विभिन्न कार्यकलापों को करने की विधियों तक सीमित रहना था और अधिकतर मामलों में तथ्य, दृष्टिकोण और विधियां पुरानी हो जाती थी क्योंकि समाज में नए बदलाव आ जाते हैं। पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में विचार करने और सीखने की क्षमता का विकास करना है। इस क्षमता का तात्पर्य है कि छात्रों की भूमिका सूचना प्राप्त करने वालों के स्थान पर शिक्षण प्रक्रिया में सहयोगी और साझीदारी की बन गयी। इसी तरह अध्यापकों की भूमिका भी बदल गयी है। अब उनकी भूमिका ज्ञान के भंडार के बजाय ऐसे व्यक्ति के रूप में हो गयी है जो छात्रों की सर्वोत्तम क्षमताओं का विकास कर सके।</div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा साफ्ट स्किल्स पर बल दिए जाने की आवश्यकता है। जिस पर आज अधिक ध्यान नहीं दिया जा सकता है। इन साफ्ट स्किल में क्रिटिकल थिंकिंग स्किल, कप्यूनिकेशन, कोलोबोरेशन आदि शामिल हैं। क्रिटिकल थिंकिंग स्किल प्रश्न पूछने, विश्लेषण करने, व्याख्या करने और निर्णय करने की क्षमता है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence) के माध्यम से तथ्यों तक पहुंच आसान हो जाएगी इसलिए सूचना का विश्लेषण और उपयोग करने की क्षमता का विकास करने की आवश्यकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के विकास करने वाले चाहे कोई भी दावा करें, किए जाने वाले कार्यों के बारे में जिनमें निर्णय निकट भविष्य में भी मानव प्रयासों से ही किए जाएंगे। संप्रेषण कौशल लोगों को अपने विचार व्यक्त करने के लिए आवश्यक है। किंतु शिक्षा में वर्तमान नेतृत्व इन छात्रों में इन कौशलों के विकास में शिक्षा की भूमिका को नहीं देख पाते हैं जिसमें बदलाव लाया जाना चाहिए। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के समक्ष समस्याएं और जटिल बन गयी है इसलिए आवश्यक हो गया है कि हम अन्य लोगों के साथ सहयोग करना सीखें तथापि हमारी शिक्षा प्रणाली में व्यक्तिगत कार्य निष्पादन और विकास पर बल दिया जाता है इसलिए आवश्यक कौशल के विकास में अंतर रह जाता है और इस अंतर को दूर किए जाने की आवश्यकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षा का दूसरा महत्वपूर्ण क्षेत्र जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए वह सामग्री को उपलब्ध कराना है। परंपरागत रूप से अध्यापकों को सभी सूचनाओं का स्रोत मााना जाता था जहां पर अध्यापक व्याख्यान देते और छात्र कक्षाओं में निष्क्रिय होकर सीखते। शिक्षा के इस मॉडल मे छात्र सक्रिय साझीदार नहीं होते और पाठ्यक्रम समाप्त होने के बाद छात्र पाठ्य वस्तु को भूल जाते थे। इस बात के र्प्याप्त साक्ष्य हैं कि यदि छात्र अपनी सीखने की प्रक्रिया के दौरान भागीदारी करते हैं तो वे पाठ्य सामग्री को लंबे समय तक याद रखते हैं। इसका तात्पर्य है कि अध्यापकों की भूमिका सर्वज्ञ गुरू से बदलकर ऐसे व्यक्ति के रूप में होनी चाहिए जो छात्रों के साथ संवाद करे और उन्हें सीखने में मदद करे।</div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षा का तीसरा महत्वपूर्ण तत्व मूल्यांकन है। पिछले कुछ दशकों में मूल्यांकन की दिशा में कुछ प्रगति हुई है। सत्र के अंत में परीक्षा के माध्यम से एकल मूल्यांकन का स्थान अब आवधिक मूल्याकनों ने ले लिया है और इसके लिए प्रतियोगिताएं, असाइनमेंट, प्रोजेक्ट आदि का सहारा लिया जाता है किंतु इसमें और प्रगति की आवश्यकता है। मूल्यांकन अभी भी मूलत: किसी विशेष कार्य के पूर्ण होने पर उसमें दक्षता पर आधारित है। छात्रों की क्षमताओं के मूल्यांकन के लिए बेहतर विधियों की आवश्यकता है जो उनके कार्य स्थल पर उनके लिए उपयोगी सिद्ध हों।</div>
<div style="text-align:justify;">हमारी शिक्षा प्रणाली में ग्रेड और मूल्यांकन गहरे समाए हुए हैं और इसमें बदलाव के लिए एक दूरदृष्टि नेतृत्व की आवश्यकता है। तथापि भावी छात्रों के लिए आवश्यक है कि वे नई चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने में क्षमताएं विकसित करें। इस लेख का उद्देश्य भावी दुनिया के लिए छात्रों को तैयार करने हेतु वर्तमान शिक्षा प्रणाली के कुछ पहलुओं में बदलाव की आवश्यकता पर बल देना है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। शिक्षा प्रणाली में बडे बदलाव लाने में समय लगता है इसलिए हमें अभी से शुरूआत करनी चाहिए। <strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)।</strong></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/artificial-intelligence-world/article-55794</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/artificial-intelligence-world/article-55794</guid>
                <pubDate>Sat, 30 Mar 2024 10:56:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-03/artificial-intelligence.jpg"                         length="29950"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        