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                <title>West Bengal News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>West Bengal News RSS Feed</description>
                
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                <title>तृणमूल कांग्रेस सांसद के निवास पर ईडी की बड़ी कार्रवाई छापेमारी में पकड़ी गई 60 करोड़ की गड़बड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[ईडी ने नदीमुल हक से जुड़े अखबार-ए-मशरिक के परिसरों में तलाशी के बाद कथित 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/big-action-by-ed-in-raid-at-trinamool-congress-mps/article-90850"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/ed-raid-kolkata.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता (सच कहूँ/एजेंसी)। </strong>तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक से जुड़े मीडिया संस्थान अखबार-ए-मशरिक के परिसरों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तलाशी कार्रवाई मंगलवार को समाप्त हो गई। जांच एजेंसी की इस कार्रवाई के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अखबार से संबंधित कुछ खातों में करीब 60 करोड़ रुपये के लेनदेन में वित्तीय गड़बड़ी का संदेह सामने आया है। इसके अलावा भी कई ऐसे वित्तीय लेनदेन मिले हैं, जिनकी जांच एजेंसी अब विस्तार से जांच कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी की जांच में कुछ ऐसे लेनदेन भी सामने आने की बात कही गई है, जिन पर हवाला के जरिए धन के हस्तांतरण का संदेह है। एजेंसी की कार्रवाई उस शिकायत के आधार पर आगे बढ़ी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि तृणमूल कांग्रेस से संबंधित धन कथित तौर पर मीडिया संगठन तक पहुंचाया जा रहा था। तलाशी के दौरान ईडी अधिकारियों ने कागजी रिकॉर्ड के साथ-साथ डिजिटल दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से संबंधित अन्य सामग्री भी खंगाली। अधिकारियों ने कई दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनका आगे विश्लेषण किया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नदीमुल हक से भी पूछताछ</h3>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान सांसद नदीमुल हक से भी संबंधित वित्तीय लेनदेन के बारे में सवाल किए गए। ईडी सूत्रों के मुताबिक, कुछ सवालों पर उन्हें संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिल सका। हालांकि, जांच एजेंसी को अभी तक 60 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन को लेकर कोई निर्णायक या ठोस सबूत मिलने का दावा नहीं किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध लेनदेन सामान्य बैंकिंग माध्यम से हुए या इनके पीछे हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी अन्य वित्तीय अनियमितताओं के संभावित स्रोत और लाभार्थियों की भी जांच कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कोलकाता से दिल्ली तक कार्रवाई</h3>
<p style="text-align:justify;">ईडी की कार्रवाई केवल कोलकाता स्थित मीडिया कार्यालय तक सीमित नहीं रही। एजेंसी ने दिल्ली के कई स्थानों सहित कोलकाता और रांची में भी तलाशी ली। सोमवार को की गई कार्रवाई में दक्षिण कोलकाता में स्थित नदीमुल हक के आवास को भी शामिल किया गया था। सूत्रों के अनुसार, उनके दामाद के आवास पर भी जांच टीम पहुंची थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अखबार-ए-मशरिक का कार्यालय सेंट्रल कोलकाता के पार्क सर्कल इलाके में बताया गया है। यह उर्दू भाषा का समाचार पत्र है, जिसके विभिन्न संस्करण कई शहरों से प्रकाशित होते हैं। इनमें दिल्ली, रांची, आसनसोल, सिलीगुड़ी, भोपाल, लखनऊ और श्रीनगर जैसे शहर शामिल हैं। ईडी की जांच अभी जारी है और जब्त किए गए दस्तावेजों तथा डिजिटल सामग्री की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 12:56:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Jadavpur University Clash: एसएफआई-एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, अनेक छात्र अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में FETSU की जनरल बॉडी मीटिंग को लेकर SFI और ABVP कार्यकर्ताओं में झड़प के बाद तनाव बढ़ गया। दोनों संगठनों ने एक-दूसरे के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/jadavpur-university-clash-between-sfi-abvp-workers-many-students-admitted-to/article-89938"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/jadavpur-university.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Jadavpur University Clash: कोलकाता। दक्षिण कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों के बीच विवाद के बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन (FETSU) की जनरल बॉडी मीटिंग को लेकर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी। घटना के बाद कुछ छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों का इलाज केपीसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है। गुरुवार सुबह जादवपुर विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक सरबोरी मुखर्जी अस्पताल पहुंचीं और घायल छात्रों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। Kolkata News</p>
<h3 style="text-align:justify;">दोनों छात्र संगठनों ने लगाए गंभीर आरोप</h3>
<p style="text-align:justify;">घटना को लेकर SFI और ABVP ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। SFI की ओर से दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद ABVP विश्वविद्यालय परिसर में अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि ABVP की ओर से बाहरी लोगों को परिसर में लाया गया और कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई। Kolkata News</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, ABVP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया। संगठन का आरोप है कि जनरल बॉडी मीटिंग के दौरान उसके पदाधिकारियों को निशाना बनाया गया और इसमें SFI के अलावा अन्य वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल थे। ABVP की केंद्रीय कार्य समिति के सदस्य सुभाब्रत अधिकारी ने दावा किया कि उनके पदाधिकारियों के साथ हुई कथित मारपीट में कई वामपंथी छात्र समूहों के कार्यकर्ता शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर, SFI महासचिव सृजन भट्टाचार्य ने संगठन की भूमिका से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि विवाद में SFI की कोई भागीदारी नहीं थी और ABVP पर स्थानीय भाजपा समर्थकों की मदद से परिसर में कथित तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया।</p>
<p style="text-align:justify;">विवाद बढ़ने के बाद दोनों प्रतिद्वंद्वी छात्र संगठनों की ओर से जादवपुर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, घटना से संबंधित किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की सूचना खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, दोनों छात्र संगठनों ने गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इससे कैंपस में तनाव और बढ़ने की आशंका के बीच प्रशासन और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। जादवपुर विश्वविद्यालय लंबे समय से पश्चिम बंगाल की छात्र राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में ताजा विवाद के बाद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और छात्र संगठनों के बीच बढ़ते टकराव को लेकर भी निगाहें बनी हुई हैं। Kolkata News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 12:12:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>West Bengal STF: गिरफ्तार पाक जासूस एसआईआर में पहचान साबित करने सुनवाई में नहीं हुआ था शामिल  </title>
                                    <description><![CDATA[हाबरा से गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम को लेकर STF जांच में फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेजों और नेपाल कनेक्शन से जुड़े कथित सुराग सामने आए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/arrested-pak-spy-could-not-prove-his-identity-in-sir/article-89635"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/wb-stf.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हाबरा से गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम को लेकर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में भारतीय पहचान दस्तावेजों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आलम ने भारत में पहचान स्थापित करने के लिए अपने सह-आरोपी मोहम्मद इजाज के पिता के नाम का इस्तेमाल किया था। West Bengal STF</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि 2012 में भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने के बाद आलम लंबे समय तक कोलकाता के टोपसिया इलाके में इजाज के घर पर रहा। इसी दौरान भारतीय पहचान हासिल करने के लिए कथित तौर पर इजाज के पिता से संबंधित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">एसटीएफ के अनुसार, आलम के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड और ईपीआईसी यानी मतदाता पहचान पत्र बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों में कथित तौर पर उसके पिता के स्थान पर इजाज के पिता का नाम दर्ज था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन दस्तावेजों के आधार पर आलम भारतीय पासपोर्ट हासिल करने की कोशिश में था। हालांकि, पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान उसकी पहचान और दस्तावेजों में कथित विसंगतियां सामने आने के बाद यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">SIR प्रक्रिया में सामने आई कथित विसंगति</h3>
<p style="text-align:justify;">जांच के मुताबिक, मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया के दौरान आलम के दस्तावेजों में कथित ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ पाई गई। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ने उसे पहचान से संबंधित सुनवाई के लिए बुलाया था। आरोप है कि वह सुनवाई में शामिल नहीं हुआ और इसके बजाय उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा चला गया। पुलिस का दावा है कि वहां से वह अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते बांग्लादेश जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। West Bengal STF</p>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसियों को आलम के नेपाल कनेक्शन के बारे में भी जानकारी मिली है। बताया गया है कि हल्दिया में रहने के दौरान वह नेपाल आता-जाता था और वहां उसका एक छोटा फ्रेंचाइजी कारोबार होने की बात सामने आई है। एसटीएफ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेपाल में रहते हुए उसके किन लोगों से संपर्क थे और भारत में उसके प्रवेश तथा लंबे समय तक रहने में वहां मौजूद नेटवर्क की क्या भूमिका थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आईएसआई से कथित संपर्क की जांच</h3>
<p style="text-align:justify;">जांच सूत्रों के अनुसार, आलम पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के कथित हैंडलर्स के संपर्क में रहने और पूर्वी भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटाने का आरोप है। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि भारतीय सेना, नौसेना और रेलवे से संबंधित कोई संवेदनशील सूचना कथित तौर पर एकत्र या साझा की गई थी या नहीं। जांच के अनुसार, आलम 2012 में नेपाल के रास्ते भारत आया था। इसी दौरान एक मस्जिद में उसकी मुलाकात मोहम्मद इजाज से होने की बात सामने आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसटीएफ की जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया है कि आलम ने कई प्रीपेड मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। आरोप है कि इन सिम कार्ड को भारतीय पहचान दस्तावेजों के आधार पर हासिल किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान में मौजूद कथित संपर्कों से बातचीत के लिए अलग-अलग सिम कार्ड इस्तेमाल किए जाते थे। कुछ बातचीत के बाद पुराने सिम कार्ड नष्ट करने और नए नंबर लेने की बात भी जांच में सामने आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहाब आलम की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ अब उसके दस्तावेजों, मोबाइल संपर्कों, नेपाल कनेक्शन और कथित स्थानीय सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भारत में रहने के दौरान उसने किन-किन स्थानों पर ठिकाना बनाया और उसके नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हो सकते हैं। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। West Bengal STF</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 16:40:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nirmal Ghosh arrested: आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले में टीएमसी नेता निर्मल घोष गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[आरजी कर मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई पीड़िता के अंतिम संस्कार में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/nirmal-ghosh-arrested-tmc-leader-nirmal-ghosh-arrested-in-rg/article-89633"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/nirmal-ghosh-arrest.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Nirmal Ghosh arrested: कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की जूनियर डॉक्टर के वर्ष 2024 में हुए दुष्कर्म और हत्या मामले में (R.G. Kar Doctor case) तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया है। घोष उत्तर 24 परगना की पानीहाटी विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं और विधानसभा में टीएमसी के मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस की यह कार्रवाई पीड़िता के अंतिम संस्कार से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की गई है। मामले में आरोप लगाया गया है कि 9 अगस्त 2024 की रात पानीहाटी क्षेत्र के एक श्मशान घाट में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़िता के पिता की ओर से खरदह थाने में दी गई नई शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इसमें निर्मल घोष के साथ पानीहाटी नगरपालिका के टीएमसी पार्षद सोमंथ डे और परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी आरोपी बनाया गया है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीनों की कथित निगरानी में अंतिम संस्कार कराया गया और इस दौरान निर्धारित नियमों का पालन नहीं हुआ।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दोबारा पोस्टमार्टम रोकने की साजिश का आरोप</h3>
<p style="text-align:justify;">जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, शव का अंतिम संस्कार इतनी जल्दबाजी में कराया गया कि दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना समाप्त हो जाए। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में किन नियमों की अनदेखी हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। मामले में यह आरोप भी लगाया गया है कि अंतिम संस्कार की फीस तक कथित तौर पर माफ कर दी गई थी और पीड़िता के परिवार के किसी सदस्य के हस्ताक्षर के बिना ही प्रक्रिया पूरी कर दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">नई एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस के अनुसार निर्मल घोष फरार हो गए थे। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली कि वह पुलिस से बचने के लिए नया मोबाइल सिम इस्तेमाल कर रहे थे। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट को बुधवार शाम उनके ओडिशा के पुरी में होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम पुरी पहुंची और गुरुवार दोपहर एक होटल से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की प्रक्रिया के अनुसार, निर्मल घोष को पहले ओडिशा की अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड के जरिए उन्हें पश्चिम बंगाल लाया जाएगा। शुक्रवार को उन्हें बैरकपुर की जिला अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। पुलिस आगे की पूछताछ के लिए अदालत से हिरासत की मांग कर सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पोस्टमार्टम प्रक्रिया पर भी उठे सवाल</h3>
<p style="text-align:justify;">मामले की जांच में पोस्टमार्टम और पंचनामा प्रक्रिया को लेकर भी आरोप सामने आए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि इन प्रक्रियाओं को कथित तौर पर कम समय में पूरा किया गया और निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। अब जांच एजेंसियां अंतिम संस्कार से जुड़े दस्तावेजों, पुलिस रिकॉर्ड, श्मशान घाट की प्रक्रिया और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद आरजी कर मामले से जुड़े अंतिम संस्कार प्रकरण की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अंतिम संस्कार के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे, निर्णय किस स्तर पर लिया गया और कथित तौर पर नियमों की अनदेखी क्यों की गई। मामले में दर्ज आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 16:16:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>West Bengal: बंगाल सरकार में बड़ा बदलाव, ग्रामीण प्रशासन को मिलेगा नया स्वरूप</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल सरकार ने 99 बीडीओ के तबादले कर ग्रामीण प्रशासन में बड़ा बदलाव किया। नई व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और विकास कार्यों में तेजी लाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/west-bengal-big-change-in-bengal-government-rural-administration-will/article-88815"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/bengal-badlav.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्यभर में 99 ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) के स्थानांतरण का आदेश जारी किया है। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जारी इस निर्णय का उद्देश्य स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनाना बताया जा रहा है। West Bengal News</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलावों का क्रम जारी है। इससे पहले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किए जा चुके हैं। अब सरकार ने ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई माने जाने वाले बीडीओ स्तर पर बदलाव कर प्रशासनिक तंत्र को नई गति देने की पहल की है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव के बाद कई पंचायतों में निर्वाचित पदाधिकारियों की सक्रियता प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और नागरिक सेवाओं के संचालन पर असर पड़ा था। ऐसे में सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अनुभवी और युवा अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपने का निर्णय लिया है। West Bengal News</p>
<p style="text-align:justify;">तबादला सूची में विशेष रूप से पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (डब्ल्यूबीसीएस) के हाल के बैचों के अधिकारियों को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का मानना है कि नई ऊर्जा और आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण रखने वाले अधिकारी विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सचिवालय के अधिकारियों का कहना है कि इस पुनर्गठन से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की निगरानी मजबूत होगी, विकास कार्यों में तेजी आएगी और आम नागरिकों को सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी। हाल ही में राज्य विधानसभा ने पश्चिम बंगाल पंचायत (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी है। इस संशोधन का उद्देश्य पंचायत प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाना, वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाना तथा विकास कार्यों के क्रियान्वयन में प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करना है। West Bengal News</p>
<p style="text-align:justify;">नए प्रावधानों के तहत पंचायत स्तर पर प्रस्तावों की स्वीकृति निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास रहेगी, जबकि वित्तीय भुगतान और बिलों की स्वीकृति की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में अनावश्यक विलंब कम होगा। ग्रामीण विकास एवं पंचायत मामलों से जुड़े विभाग का मानना है कि इन प्रशासनिक सुधारों से राज्य के गांवों में विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 15:58:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>West Bengal News: टीएमसी के फ्रीज बैंक खातों की होगी जांच, ED की 164 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर नजर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तृणमूल कांग्रेस के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों में से एक से 164 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन की जांच कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने संबंधित प्राइवेट सेक्टर कमर्शियल बैंक के अधिकारियों को पहले ही एक पत्र भेजकर 164 करोड़ रुपए के ऐसे ट्रांजेक्शन की जानकारी मांगी थी, जिसका खाता वहां है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/west-bengal-news-tmcs-frozen-bank-accounts-will-be-investigated/article-88312"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/ed-raids.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">TMC Bank Accounts  investigation: कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तृणमूल कांग्रेस के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों में से एक से 164 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन की जांच कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने संबंधित प्राइवेट सेक्टर कमर्शियल बैंक के अधिकारियों को पहले ही एक पत्र भेजकर 164 करोड़ रुपए के ऐसे ट्रांजेक्शन की जानकारी मांगी थी, जिसका खाता वहां है। West Bengal News</p>
<p style="text-align:justify;">अभी तृणमूल कांग्रेस के कुल 15 बैंक खातों पर पैसे निकालने (डेबिट) से जुड़ी पाबंदियां लगी हुई हैं। इनमें से 3 खातों पर पश्चिम बंगाल पुलिस और ईडी के निर्देशों के बाद डेबिट पर रोक लगाई गई थी। बाकी 12 खातों पर सिर्फ राज्य पुलिस के निर्देशों के आधार पर ऐसी ही पाबंदियां लगाई गई थीं। जिन 3 बैंक खातों पर राज्य पुलिस और ईडी के निर्देशों के बाद डेबिट पर रोक लगाई गई थी, उनमें कुल जमा राशि 440 करोड़ रुपए है। सभी 15 बैंक खातों में कुल जमा राशि लगभग 1,000 करोड़ रुपए है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी के कहने पर जिन तीन बैंक अकाउंट से पैसे निकालने पर रोक लगाई गई थी, उनकी जांच के दौरान सीबीआई के अधिकारियों को एक अकाउंट में 164 करोड़ रुपए के फर्जी ट्रांजेक्शन का पता चला। एजेंसी को अभी इन ट्रांजेक्शन की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। पश्चिम बंगाल पुलिस के निर्देशों के बाद पिछले महीने तृणमूल कांग्रेस के अलग-अलग बैंक अकाउंट पर पैसे निकालने से जुड़ी कई तरह की रोक लगाने का सिलसिला शुरू हुआ। यह कदम दो अलग-अलग घटनाओं के बाद उठाया गया। West Bengal News</p>
<p style="text-align:justify;">पहली घटना पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष और पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल व बिजली मंत्री अरूप बिस्वास का बैंक अधिकारियों को लिखा गया एक पत्र था। इसमें उन्होंने फंड के गलत इस्तेमाल की आशंका जताते हुए तीनों बैंक अकाउंट को फ्रीज करने की मांग की थी। इसके बाद, तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के विधायकों ने पश्चिम बंगाल पुलिस से इसी तरह की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन खातों में भ्रष्टाचार और जबरन वसूली से मिली रकम हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन आरोपों और शिकायतों पर ध्यान देते हुए राज्य पुलिस ने सबसे पहले बैंक को इन खातों से पैसे निकालने (डेबिट) पर रोक लगाने का निर्देश दिया। बाद में ईडी ने भी बैंक अधिकारियों को इन तीन बैंक खातों से पैसे निकालने पर रोक लगाने का निर्देश दिया। इस महीने की शुरुआत में राज्य पुलिस के निर्देशों के बाद तृणमूल कांग्रेस के 12 अन्य बैंक खातों से पैसे निकालने पर रोक लगा दी गई थी। West Bengal News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 16:31:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Murshidabad Train Accident: ट्रेन की चपेट में आई स्कूल वैन, तीन छात्रों समेत चार लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह ट्रेन ने स्कूल वैन को टक्कर मार दी। इस भयानक हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन स्कूली बच्चे भी शामिल थे। अन्य तीन छात्र और स्कूल वैन चालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/murshidabad-train-accident-school-van-hit-by-train-four-people/article-88226"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/road-accident.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Murshidabad School Van Accident: कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह ट्रेन ने स्कूल वैन को टक्कर मार दी। इस भयानक हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन स्कूली बच्चे भी शामिल थे। अन्य तीन छात्र और स्कूल वैन चालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआती जांच से पता चला है कि रेल गेट को संभालने में रेलवे गेटमैन की गलती इस हादसे की वजह थी। यह जानकारी होने के बावजूद कि निमतिता-कटवा लोकल ट्रेन तेज रफ्तार से आ रही थी, उसने रेल-गेट खुला रखा। Murshidabad Train Accident</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने बताया कि हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ। उस समय निमता-कटवा लोकल ट्रेन आ रही थी। चश्मदीदों का दावा है कि ठीक उससे पहले, हावड़ा जाने वाली नबद्वीप एक्सप्रेस गुजरी थी और गोविंदपुर रेल गेट बंद नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, "गेट खुला देखकर कई स्कूली छात्रों को ले जा रही स्कूल वैन ने रेलवे लाइन पार करना शुरू किया। उसी पल निमतिता-कटवा लोकल ट्रेन तेज रफ्तार से आई और सीधे स्कूल वैन को टक्कर मार दी।"</p>
<p style="text-align:justify;">एक चश्मदीद ने मीडिया को बताया, "स्कूल वैन के ड्राइवर की कोई गलती नहीं थी। वह रेलवे लाइन पार कर रहा था और उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि ट्रेन तेज रफ्तार से आ रही है। ट्रेन की टक्कर से स्कूल वैन पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लिया और सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया।</p>
<p style="text-align:justify;">एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "तीन स्कूली बच्चों समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य बच्चों और स्कूल वैन के ड्राइवर की हालत गंभीर है। उन्हें पास के बहरामपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।" Murshidabad Train Accident</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/murshidabad-train-accident-school-van-hit-by-train-four-people/article-88226</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 10:53:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Koel Mallick Resignation: टीएमसी को एक और बड़ा झटका! राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने दिया इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस को गुरुवार को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी की राज्यसभा सदस्य और लोकप्रिय बंगाली अभिनेत्री रुक्मिणी मलिक (कोयल मलिक) ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।  उनके इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/koel-mallick-resignation-another-big-blow-to-tmc-rajya-sabha/article-88193"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/koel-mallick-resignation.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Koel Mallick Resignation: कोलकाता । तृणमूल कांग्रेस को गुरुवार को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी की राज्यसभा सदस्य और लोकप्रिय बंगाली अभिनेत्री रुक्मिणी मलिक (कोयल मलिक) ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।  उनके इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।  कोयल मलिक ने 6 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी। उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए नामित किया था, हालांकि अब उनके अचानक इस्तीफे को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। Bengal TMC News</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीति में आने से पहले कोयल मलिक बंगाली फिल्म उद्योग का एक बेहद चर्चित और लोकप्रिय चेहरा रही हैं। उन्हें टॉलीवुड की 'टॉली-क्वीन' भी कहा जाता है। पिछले दो दशकों से वह बंगाली सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 2003 में सुपरहिट फिल्म 'नेटर गुरु' से की थी। इसके बाद 'बंधन' (2004), 'शुभदृष्टि' (2005), 'पागलू' (2011), 'हेमलॉक सोसाइटी' (2012) और 'मितिन माशी' थ्रिलर सीरीज (2019) जैसी कई सफल फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाकर दर्शकों के दिलों में खास पहचान बनाई।</p>
<p style="text-align:justify;">कोयल मलिक को अपने शानदार अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं। उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड बांग्ला, दो बीएफजेए अवॉर्ड और साल 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिष्ठित 'महानायक सम्मान' प्रदान किया गया था। अगर उनके पारिवारिक जीवन की बात करें तो वह बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रंजीत मलिक और दीपा मलिक की बेटी हैं। फिलहाल उनके इस फैसले ने टीएमसी की राजनीति और पश्चिम बंगाल के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले भी लगातार टीएमसी में अंदरूनी कलह बढ़ती दिख रही है। 'असली टीएमसी' का मामला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले मूल गुट और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के बीच पार्टी के नाम, सिंबल और राजनीतिक नियंत्रण को लेकर चल रहा एक बड़ा कानूनी और राजनीतिक विवाद बना हुआ है। Bengal TMC News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>रंगमंच</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 16:13:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>West Bengal OBC Bill: पश्चिम बंगाल में टीएमसी काल की ओबीसी सूची रद्द, अब दो महत्वपूर्ण ओबीसी आरक्षण विधेयक पारित </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयक सोमवार को विधानसभा में ध्वनि मत से पारित हो गए। इसके साथ ही, राज्य सरकार के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पिछली सरकार के दौरान तैयार की गई ओबीसी सूची को रद्द करने का रास्ता साफ हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/west-bengal-obc-bill-tmc-era-obc-list-canceled-in/article-87339"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/gauri-shankar-ghosh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">West Bengal OBC Bill: कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयक सोमवार को विधानसभा में ध्वनि मत से पारित हो गए। इसके साथ ही, राज्य सरकार के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पिछली सरकार के दौरान तैयार की गई ओबीसी सूची को रद्द करने का रास्ता साफ हो गया है। OBC Reservation News</p>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा द्वारा पारित किए गए दो विधेयक "पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग (अनुसूचित और अनुसूचित जनजाति के अलावा) सेवाओं और पदों में रिक्तियों के आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2026" और "पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग (संशोधन) विधेयक 2026" हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं जन शिक्षा विस्तार एवं पुस्तकालय सेवा मंत्री गौरी शंकर घोष (Gauri Shankar Ghosh)ने ये दोनों विधेयक पेश किए।</p>
<p style="text-align:justify;">सदन में बहस के दौरान बोलते हुए भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार ने जानबूझकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को बड़ी संख्या में शामिल करके एक पक्षपातपूर्ण ओबीसी सूची तैयार की थी ताकि अपने अल्पसंख्यक वोट बैंक को खुश किया जा सके। पार्टी ने यह भी दावा किया कि संशोधित सूची ने हिंदू समुदायों की कीमत पर मुस्लिम समुदायों को अतिरिक्त लाभ दिए हैं। उस समय भाजपा ने टीएमसी शासन के दौरान तैयार की गई नई सूची पर आपत्ति जताई थी और दावा किया था कि उस सूची में "मुस्लिम" पृष्ठभूमि वाले समुदायों को अतिरिक्त लाभ दिया गया था, जिससे "हिंदू" पृष्ठभूमि वाले समुदायों को वंचित किया गया था। OBC Reservation News</p>
<p style="text-align:justify;">इन दो विधेयकों के पारित होने के साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली कैबिनेट द्वारा तैयार की गई ओबीसी सूची को रद्द करने का रास्ता साफ कर दिया है। इन संशोधनों से पिछड़ा वर्ग आयोग को ओबीसी सूची में किसी भी समुदाय को शामिल करने या बाहर करने पर आपत्ति उठाने का अधिकार भी मिल गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन विधेयकों में यह भी प्रावधान है कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग आयोग के परामर्श से राज्य सरकार की नौकरियों में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रतिशत निर्धारित करेगी। यद्यपि आरक्षण कोटा समय-समय पर संशोधित किया जा सकता है, कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। सरकार को आयोग के परामर्श से पिछड़ेपन के स्तर के आधार पर अन्य पिछड़े समुदायों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत करने का भी अधिकार होगा। OBC Reservation News</p>
<p style="text-align:justify;">नए कानून में पूर्व वाम मोर्चा सरकार द्वारा लागू किए गए आरक्षण कानून की संरचना को भी बहाल किया गया है। पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण 2010 में रंगनाथ मिश्रा आयोग की सिफारिशों के बाद लागू किया गया था। तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने तत्कालीन पिछड़ा वर्ग विकास मंत्री योगेश चंद्र बर्मन द्वारा प्रस्तुत विधेयक के माध्यम से इस कानून को लागू किया। इसमें श्रेणी 'ए' के लिए 10 प्रतिशत और श्रेणी 'बी' के लिए 7 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था। इसका नेतृत्व दिवंगत बुद्धदेव भट्टाचार्य कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, 2011 में सत्ता में आने के बाद, टीएमसी ने 2012 में कानून में संशोधन किया, जिसमें श्रेणी ए में 65 समुदाय और श्रेणी बी में 78 समुदाय बरकरार रखे गए। अनुसूचित जाति से ईसाई धर्म में परिवर्तित हुए लोगों को भी श्रेणी बी में शामिल किया गया। संशोधनों ने मूल कानून की अनुसूचियों को भी पुनर्गठित किया, जिसमें पहले की अनुसूची 1 और अनुसूची 2 को क्रमशः अनुसूची 2 और अनुसूची 3 में स्थानांतरित कर दिया गया। सोमवार को पारित विधेयकों के तहत भाजपा सरकार ने वाम मोर्चा युग की मूल अनुसूची 1 को बहाल कर दिया है, जो टीएमसी कानून के तहत अनुसूची 2 के अनुरूप है जबकि टीएमसी के शासनकाल की अनुसूची 1 और अनुसूची 3 को रद्द कर दिया गया है। OBC Reservation News</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:05:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>West Bengal: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के दो नेता रंगदारी, भ्रष्टाचार और धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो नेताओं को रंगदारी, भ्रष्टाचार और आपराधिक धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी काफी समय से फरार चल रहे थे और अब उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/west-bengal-two-tmc-leaders-arrested-in-west-bengal-on/article-87277"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/arrested7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो नेताओं को रंगदारी, भ्रष्टाचार और आपराधिक धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी काफी समय से फरार चल रहे थे और अब उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।  गिरफ्तार नेताओं की पहचान सुमित शर्मा और सैयद कलीमुद्दीन उर्फ बप्पा के रूप में हुई है। सुमित शर्मा बर्धमान नगर पालिका के वार्ड नंबर-1 के पार्षद हैं। उन्हें पूर्व टीएमसी विधायक खोकन दास का करीबी माना जाता है, जिन्हें इसी से जुड़े एक मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, भ्रष्टाचार, रंगदारी और लोगों को धमकाने के आरोपों का सामना कर रहे सुमित शर्मा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही फरार थे। कुछ दिन पहले पुलिस को सूचना मिली कि वह बर्धमान के लक्ष्मीपुर मठ इलाके स्थित अपने घर लौटे हैं। इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे आरोपी सैयद कलीमुद्दीन उर्फ बप्पा, रैना क्षेत्र के टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष हैं। पुलिस ने विशेष सूचना के आधार पर शनिवार देर रात नवाबहाट इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के पास से उन्हें गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ भी रंगदारी सहित कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि सुमित शर्मा पर बर्धमान के स्थानीय लोगों और व्यापारियों से अवैध वसूली करने का आरोप है। आरोप है कि वह सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से 'कट मनी' वसूलते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, सैयद कलीमुद्दीन पर भी इसी तरह अवैध कमीशन लेने के आरोप हैं। पुलिस के मुताबिक, जो लोग कट मनी देने से इनकार करते थे, उनके साथ कथित तौर पर मारपीट भी की जाती थी। पुलिस ने बताया कि दोनों नेताओं के खिलाफ दर्ज शिकायतों के हर पहलू की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, विधानसभा चुनाव के बाद राज्यभर में पूर्व सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं के खिलाफ रंगदारी, धमकी, मारपीट, अवैध भूमि कब्जा, सरकारी धन के गबन और राहत सामग्री की जमाखोरी जैसे मामलों में केस दर्ज किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी चेतावनी दी है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:32:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Gold News: पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता के सहयोगी से 4 करोड़ का सोना जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल पुलिस ने मंगलवार को नादिया जिले में जिला परिषद की सदस्य टीना भौमिक साहा के घर से 4 करोड़ रुपए कीमत के 3 किलो सोने के गहने बरामद किए। टीना भौमिक साहा को प्रभावशाली तृणमूल कांग्रेस नेता सब्यसाची दत्ता का करीबी सहयोगी माना जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/gold-jewelery-worth-rs-4-crore-recovered-from-associate-of/article-86741"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/4-crore-gold-seized.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस ने मंगलवार को नादिया जिले में जिला परिषद की सदस्य टीना भौमिक साहा के घर से 4 करोड़ रुपए कीमत के 3 किलो सोने के गहने बरामद किए। टीना भौमिक साहा को प्रभावशाली तृणमूल कांग्रेस नेता सब्यसाची दत्ता का करीबी सहयोगी माना जाता है। बिधाननगर के गिरफ्तार पूर्व मेयर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बीती रात टीना भौमिक साहा के घर की तलाशी ली। बिधाननगर पुलिस ने सारा सामान जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। West Bengal News</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक, तेहट्टा में नादिया जिला परिषद की सदस्य टीना भौमिक साहा के घर रातभर चली तलाशी के बाद सोना बरामद किया गया। इस महीने की शुरुआत में बिधाननगर साउथ पुलिस ने पूर्व मेयर और तृणमूल नेता सब्यसाची दत्ता को रंगदारी और अवैध संपत्ति समेत कई आरोपों में गिरफ्तार किया था। वह हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में बारासात से उम्मीदवार थे। लेकिन चुनाव नहीं जीत पाए।</p>
<p style="text-align:justify;">सब्यसाची की अवैध संपत्ति के स्रोत की जांच कर रही पुलिस को पता चला कि उन्होंने मुख्य रूप से रंगदारी और काले धन का इस्तेमाल करके सोना जमा किया था। जांचकर्ताओं को राजारहाट में उनके फ्लैट और एक बैंक लॉकर से सोना खरीदने की रसीदें मिलीं। भारी मात्रा में सोने के गहने भी बरामद किए गए। West Bengal News</p>
<p style="text-align:justify;">पूछताछ में मिली कई जानकारियों के आधार पर, बिधाननगर पुलिस ने कल रात तेहट्टा में तलाशी अभियान चलाया। जांचकर्ता रात भर चले तलाशी अभियान के लिए सब्यसाची को अपने साथ ले गए। वे नादिया जिला परिषद की सदस्य और तृणमूल नेता टीना भौमिक साहा के घर गए, जिनके सब्यसाची से करीबी संबंध बताए जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">टीना के घर से लगभग 3 किलो सोने के गहने बरामद किए गए। जब्त किए गए सोने की बाजार कीमत 4.39 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। पुलिस के मुताबिक, जांचकर्ता टीना भौमिक साहा से पूछताछ कर रहे हैं कि उनके पास इतनी बड़ी मात्रा में सोने के गहने कैसे आए। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच के बारे में और जानकारी नहीं दी। West Bengal News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/gold-jewelery-worth-rs-4-crore-recovered-from-associate-of/article-86741</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:58:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>TMC Headquarters Shift: कोलकाता में अस्थायी मुख्यालय खाली करने लगी टीएमसी, नए ठिकाने पर जल्द होगी शिफ्ट</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पूर्वी कोलकाता में ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास पर स्थित एक किराए की इमारत को खाली करना शुरू कर दिया है, जो पार्टी का अस्थायी मुख्यालय था। मंगलवार रात को सामान हटाने का काम शुरू हुआ, जिसमें पहली और दूसरी मंजिल से फर्नीचर और उपकरण हटाए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/tmc-headquarters-shift-tmc-started-vacating-temporary-headquarters-in-kolkata/article-86458"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/tmc-headquarters-shift.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">TMC Headquarters Shift: कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पूर्वी कोलकाता में ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास पर स्थित एक किराए की इमारत को खाली करना शुरू कर दिया है, जो पार्टी का अस्थायी मुख्यालय था। मंगलवार रात को सामान हटाने का काम शुरू हुआ, जिसमें पहली और दूसरी मंजिल से फर्नीचर और उपकरण हटाए गए। अब उम्मीद है कि पार्टी अपना हेडक्वार्टर किसी नई जगह पर ले जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंगलवार रात से ही तृणमूल बिल्डिंग के सामने सामान से लदे कई वाहन खड़े देखे गए थे। सुबह ये वाहन सामान लेकर चले गए। Bengal News</p>
<p style="text-align:justify;">जिस बिल्डिंग में तृणमूल का हेडक्वार्टर था, वह मोनोतोश साहा (जिन्हें मोंटू साहा भी कहा जाता है) की है। मोंटू की कंपनी 'मॉडर्न डेकोरेटिंग' हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों तक तृणमूल के सभी कार्यक्रमों के लिए स्टेज बनाने का काम करती थी। मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड में 21 जुलाई को तृणमूल के 'शहीद दिवस' कार्यक्रम के लिए बनाया गया स्टेज भी 'मॉडर्न डेकोरेटिंग' ने ही बनाया था। हालांकि, विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मोंटू और टीएमसी के रिश्ते खराब हो गए। मोंटू ने पार्टी नेताओं से बिल्डिंग छोड़ने और मंजिलें खाली करने को कहा। उनका दावा था कि बार-बार कहने के बावजूद तृणमूल ने बिल्डिंग खाली नहीं की।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, मोंटू ने बताया था कि उन्होंने इस मामले को लेकर प्रगति मैदान पुलिस स्टेशन में संपर्क किया था। इसके बाद, तृणमूल के बेलेघाटा विधायक कुणाल घोष और राज्य अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य भी पुलिस स्टेशन गए। उन्होंने पुलिस स्टेशन में किराए की रसीदें और अन्य दस्तावेज जमा किए। तृणमूल सूत्रों के अनुसार, पार्टी का मोंटू के साथ 2027 तक बिल्डिंग इस्तेमाल करने का समझौता था। लेकिन विधानसभा चुनाव में तृणमूल की हार के बाद मोंटू ने अपना मन बदल लिया। बिल्डिंग की पहली मंजिल का इस्तेमाल जिले से आए कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए किया जाता था। दूसरी मंजिल पर मीडिया सेंटर था। कल रात उन दो मंजिलों से कुर्सियां, मेज, फ्लेक्स और बैकड्रॉप हटाने का काम शुरू हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">2021 के विधानसभा चुनावों के बाद, उत्तर पंचाननग्राम इलाके में ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास पर स्थित पुरानी तृणमूल बिल्डिंग को गिराने और नई बिल्डिंग बनाने का काम शुरू हुआ था। तब से, उसी इलाके में मौजूद इस पांच मंजिला बिल्डिंग का इस्तेमाल अस्थायी तृणमूल हेडक्वार्टर के तौर पर किया जा रहा था। इस बीच, पुरानी तृणमूल बिल्डिंग के रेनोवेशन का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसी अटकलें हैं कि तृणमूल हेडक्वार्टर को अस्थायी रूप से कहीं और शिफ्ट किया जाएगा। Bengal News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 16:13:52 +0530</pubDate>
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