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                <title>Coaching Centre - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Coaching Centre RSS Feed</description>
                
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                <title>कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग से हड़कंप मचा</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी और 'शो विंडो' कहे जाने वाले नोएडा में आग की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/a-massive-fire-broke-out-in-the-coaching-center-in/article-84230"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/noida-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नोएडा (एजेंसी)। </strong>Noida News: उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी और 'शो विंडो' कहे जाने वाले नोएडा में आग की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में सेक्टर-4 स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। </p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना थाना फेस-1 क्षेत्र के अंतर्गत स्थित विद्यामंदिर क्लास कोचिंग सेंटर की है, जहां अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग चार मंजिला कॉमर्शियल बिल्डिंग के प्रथम तल (फर्स्ट फ्लोर) पर लगी, जहां कोचिंग सेंटर संचालित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आग लगने के बाद बिल्डिंग में मौजूद अन्य ऑफिसों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोचिंग सेंटर और अन्य कार्यालय बंद थे, जिसके चलते कोई भी छात्र या कर्मचारी वहां मौजूद नहीं था। इस वजह से एक बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की लपटें काफी तेज थीं, जिससे आसपास के क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।</p>
<p style="text-align:justify;">फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। घटनास्थल पर पुलिस और फायर विभाग के अधिकारी मौजूद रहे और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं नोएडा में लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर कॉमर्शियल बिल्डिंग्स में फायर सेफ्टी मानकों के पालन को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 20:17:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Coaching Institutes : बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का खेल! अवैध एनओसी के सहारे चल रहे कोचिंग संस्थान</title>
                                    <description><![CDATA[Coaching Institutes : देश की राजधानी दिल्ली में एक नहीं सैकड़ों की संख्या में ऐसे कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, जिनमें सुरक्षा के प्रबंध न के बराबर हैं। करोलबाग एरिया के ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित एक कोचिंग सेंटर की बेसमेंट में उन विद्यार्थियों की कोचिंग चल रही थी जो भविष्य में असल मायने में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/playing-with-the-future-of-children-coaching-institutes-running-with-the-help-of-illegal-noc/article-60495"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/coaching-centre.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Coaching Institutes : देश की राजधानी दिल्ली में एक नहीं सैकड़ों की संख्या में ऐसे कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, जिनमें सुरक्षा के प्रबंध न के बराबर हैं। करोलबाग एरिया के ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित एक कोचिंग सेंटर की बेसमेंट में उन विद्यार्थियों की कोचिंग चल रही थी जो भविष्य में असल मायने में देश के सबसे बड़े अधिकारी बनना चाह रहे थे। लेकिन उन्हें नहीं पता था कोचिंग सेंटर उनका भविष्य नहीं बल्कि उनका मौत का कारण बनेगा। यदि इन कोचिंग सेंटर्स को सुविधाओं के अभाव में मौत के कोचिंग सेंटर कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। Coaching Centre</p>
<p style="text-align:justify;">अब सबसे बड़ी बात यह है कि इन कोचिंग सेंटर्स को एमसीडी सहित फायर ब्रिगेड विभाग से एनओसी लेनी अनिवार्य होती है। किसी भी स्कूल, कॉलेज व कोचिंग सेंटर्स को सभी प्रकार की एनओसी की आवश्यकता होती है तो आजकल भ्रष्टाचार का सहारा लेकर कुछ सेंटर एनओसी आसानी से ले लेते हैं। यदि फायर ब्रिगेड विभाग के नियमों पर नजर डाली जाए तो किसी भी शिक्षण संस्थान व औद्योगिक संस्थान को विभाग की एनओसी लेने के लिए सबसे पहले एनबीसी एक्ट के तहत सभी प्रकार के उपकरण लगवाने होते हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से आगजनी व जलभराव की स्थिति में निपटा जा सके। जब फायर ब्रिगेड के पास एनओसी के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया जाता है तो इसी एनबीसी एक्ट के तहत सबसे पहले फायर फाइटिंग स्कीम जारी की जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें स्पष्ट तौर पर लिखा होता है कि एनबीसी एक्ट के तहत तमाम उपकरणों का प्रबंध करना होगा। उसके बाद फिर से फायर ब्रिगेड विभाग के पास एनओसी के लिए अप्लाई करना होता है। एनओसी अप्लाई करने के बाद फायर सिक्योरिटी आॅफिसर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर मुआयना करता है कि क्या वास्तव में इस कोचिंग सेंटर में वे सभी उपकरण लगे हुए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में बच्चों को बचा सके। लेकिन ऐसा नहीं होता। देश की राजधानी दिल्ली में ही नहीं ऐसा कहीं भी नहीं होता। Coaching Centre</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों की जेब भारी करते ही ऐसी हजारों एनओसी हर रोज जारी की जाती है। यदि जिन संस्थाओं को पहले एनओसी जारी की गई है, यदि उनकी भी कड़ाई से दोबारा जांच की जाए तो ऐसे संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर के अलावा और दूसरे कई प्रकार के इक्विपमेंट दिखाई नहीं देंगे। यह तो हम एक ही प्रकार की एनओसी की बात कर रहे हैं। लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में ऐसी तमाम प्रकार की एनओसी घर बैठे दलालों के माध्यम से आसानी से मिल रही है। भ्रष्टाचार के इन मामलों पर सरकारों का भी ध्यान होना चाहिए, क्योंकि दिल्ली ऐसा राज्य है, जहां से देश की सरकार भी चलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब खास बात यह है कि बरसाती पानी निकासी का प्रबंध केवल उन्हीं क्षेत्रों में सही तरीके से किया गया है जहां या तो नेताओं के बंगले हैं या फिर सरकारी अधिकारियों के सरकारी निवास है। जिसे हम दिल्ली का पॉश एरिया कह सकते हैं। यदि दिल्ली के इस पॉश एरिया को छोड़ दिया जाए तो बाहरी दिल्ली का हाल बेहाल है। बारिश के दिनों में जलभराव की स्थिति इतनी ज्यादा हो जाती है कि सीवरेज सिस्टम पूरी तरह से ब्लॉक हो जाता है। इतना ही नहीं कहने को तो सड़क के दोनों किनारों पर बरसाती पानी निकासी के लिए बड़े-बड़े नाले भी बनाए गए हैं। लेकिन इन नालों को सालों से खोलकर भी नहीं देखा गया है। Coaching Centre</p>
<p style="text-align:justify;">यानी यह नाले गंदगी से पूरी तरह से बंद है। यह स्थिति किसी की भी समझ से दूर की बात है। पूंजीपति घराने के लोग तो सेक्टरों में निवास करते हैं। लेकिन गरीब और मध्यम स्तर के लोग दिल्ली के गांवों में रहते हैं। असल मायने में जमीनी स्तर पर यदि दिल्ली की एक-एक गली का मुआयना किया जाए तो देखा जा सकता है कि बारिश के दिनों में यहां से गाड़ियों से तो दूर की बात कोई भी इंसान पैदल भी नहीं गुजर सकता। यही हाल कोचिंग सेंटर्स और विभिन्न प्रकार की शिक्षण संस्थाओं का है। पहली बात तो कोई भी कोचिंग सेंटर या शिक्षण संस्थान बेसमेंट में चलना ही नहीं चाहिए। बेसमेंट दिल्ली के दिल में सबसे बड़ा छेद है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर यह छेद एक जगह पर नहीं है, यह हर गली मोहल्ले या पॉश से पॉश इलाके में भी बने हुए हैं। जिन विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन की तैयारी करवाने के लिए आईएएस व आईपीएस के सपने देखे थे,आज उनके बच्चे इन कोचिंग सेंटर्स में दम तोड़ रहे हैं। यह तो बात है बेसमेंट के पानी में डूबों कर मारने वाले सस्थानों की। अब कोचिंग सेंटर ऐसे भी है, जिनमें बच्चे यूपीएससी सहित नीट या दूसरे किसी भी कोर्स की कोचिंग के लिए भी आते हैं। ऐसी कोचिंग दिल्ली के साथ-साथ राजस्थान के कोटा में भी प्रदान की जाती है। कोटा की घटनाएं पहले ही देश भर के सामने आ चुकी है कि कोटा के कोचिंग सेंटर्स में पढ़ने वाले बच्चे पानी भरने से नहीं बल्कि सुविधाओं के होते हुए भी आत्महत्या कर रहे हैं। Coaching Centre</p>
<p style="text-align:justify;">जब ऐसी बातें जनसंचार के माध्यम से लोगों या सरकार के सामने आती है तब एक बार जांच बैठा कर इस मामले को शांत कर दिया जाता है। उसके बाद फिर से शुरू हो जाता है बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का खेल। इस विषय पर सत्ता का सुख भोग रहे नेताओं को व एनओसी देने वाले विभाग के अधिकारियों को अपने जमीर पर हाथ रखकर सोचना चाहिए कि इन कोचिंग सेंटर्स में कोचिंग लेने वाले बच्चे उनके अपने भी हो सकते हैं। कोई भी कोचिंग या शिक्षण संस्थान हो सबसे पहले वहां सुरक्षा के प्रबंध देखे जाने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">नहीं तो हर बार ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। घटना के बाद आंदोलन होगा और फिर मामला शांति की पेटी में बंद हो जाएगा। दिल्ली की घटना के बाद यह राजनीति करने का वक्त नहीं है। यह ऐसा वक्त है कि इन कोचिंग सेंटर्स या दिल्ली की स्थिति को पूरी तरह से देखा जाए कि देश की राजधानी दिल्ली आमजन के जीवन के लिए कितनी सुरक्षित है और सुरक्षित नहीं है तो उसे सुरक्षित कैसे बनाया जा सकता है। इस मुद्दे पर जनता से विचार करने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डॉ. संदीप सिंहमार (यह लेखक के अपने विचार हैं)  </strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jul 2024 11:06:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Coaching Centre: कैथल जिले के कोचिंग सेंटर और स्कूलो में पढने वाले बच्चो की सुरक्षा से खिलवाड़</title>
                                    <description><![CDATA[जिले में 300 से अधिक स्कूलो के पास नहीं फायर एनओसी, दमकल विभाग के सर्वे में सिर्फ 1 कोचिंग सेंटर के पास मिली फायर एनओसी कैथल (सच कहूं /कुलदीप नैन)। Coaching Centre: जिले के कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले हजारों बच्चों का भविष्य खतरे नजर आ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिले 150 के करीब […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/more-than-three-hundred-schools-in-kaithal-district-do-not-have-fire-noc/article-57371"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/kaithal-news-4.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">जिले में 300 से अधिक स्कूलो के पास नहीं फायर एनओसी, दमकल विभाग के सर्वे में सिर्फ 1 कोचिंग सेंटर के पास मिली फायर एनओसी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूं /कुलदीप नैन)।</strong> Coaching Centre: जिले के कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले हजारों बच्चों का भविष्य खतरे नजर आ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिले 150 के करीब कोचिंग सेंटर बिना फायर एनओसी के चल रहें हैं। जिसके कारण आग लगने की स्थिति में जानमाल का खतरा बना रहता है। लगातार अग्निशमन विभाग द्वारा इनको नोटिस जारी किए जाने के बाद भी संचालक एनओसी लेना जरूरी नहीं समझते। लेकिन विभाग भी सिर्फ नोटिस जारी करने तक ही सिमित रहता है कार्रवाई के नाम पर वे भी आँख बंद करके बैठे है। अधिकांश कोचिंग सेंटर और स्कूल नियमों को ठेंगा दिखाकर संचालित किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="High Cholesterol: नाइट में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर शरीर देता हैं ये संकेत, बीच-बीच में खुलती रहती हैं नींद" href="http://10.0.0.122:1245/when-cholesterol-increases-at-night-the-body-gives-these-signals-keeps-waking-up-from-time-to-time/">High Cholesterol: नाइट में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर शरीर देता हैं ये संकेत, बीच-बीच में खुलती रहती हैं नींद</a></p>
<p style="text-align:justify;">संचालकों ने करोड़ों रुपये खर्च कर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग तो खड़ी कर दी, लेकिन फायर फाइटिंग सिस्टम लगवाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिले में सरकारी और निजी स्कूलो की बात की जाये तो अभी भी 55 से 60 प्रतिशत स्कूलों के पास ही एनओसी नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालाँकि अब दमकल विभाग द्वारा कैथल शहर के सभी कोचिंग सेंटरो का सर्वे किया जा रहा है। अब तक कैथल शहर के 42 कोचिंग सेंटर का सर्वे किया जा चूका है जिनमे से सिर्फ एक कोचिंग सेंटर के पास फायर एनओसी मिली है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपके बच्चो को पढ़ाने वाले कोचिंग सेंटर उनकी सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर है। सी न लेकर विद्यार्थियों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। अगर किसी कोचिग सेंटर में आग लग जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">शहर और कस्बों में जो कोचिंग सेंटर खुले हुए उनमें हर रोज हजारों बच्चे कोचिंग लेने आते हैं। लेकिन इनमें से किसी के पास फायर एनओसी नहीं है। कई कोचिंग सेंटर और स्कूल शहर की आबादी के बीच काफी तंग गलियों में चल रहे हैं। जिनके आगे हर समय अतिक्रमण भी रहता है। ऐसे में आग लगने पर वहां दमकल की गाड़ियां भी नहीं पहुंच सकती। ऐसे में कोचिंग सेंटर विद्यार्थियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे। काफी कोचिंग सेंटर और शिक्षण संस्थान तो बिना नक्शा पास के ही चल रहे हैं, लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इनकी सुध नहीं ले रहा |</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चो की सुरक्षा से खिलवाड़ | Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;">स्कूलों में कई कारणों से आग लगने का अंदेशा बना रहता है। साइंस लैब में प्रयोग के दौरान व शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से आग लगने की स्थिति पैदा हो जाए तो बड़ी अनहोनी भी हो सकती है। बच्चों की सुरक्षा को को ध्यान में रखते हुए फायर विभाग से एनओसी लेना जरूरी होता है। लेकिन स्कूल संचालक एनओसी नहीं लेते और बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे सभी स्कूल और कोचिंग सेंटरो को नोटिस जारी किये जा चुके है जिन्होंने एनओसी नहीं ली हुई | अभी कोचिंग सेंटर का सर्वे चल रहा है | सर्वे के बाद दूसरा नोटिस जारी किया जायेगा |<br />
लेखराम , दमकल केंद्र अधिकारी , कैथल</p>
<h3 style="text-align:justify;">शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरो के लिए ये हैं नियम | Kaithal News</h3>
<ul>
<li>बिल्डिंग का व्यवसायिक नक्शा पास होना चाहिए।</li>
<li>बिल्डिंग के बेसमेंट में स्प्रिंकलर सिस्टम (आग बुझाने की पाइप लाइन) व स्मोक डिटेक्टर होना चाहिए</li>
<li>ग्राउंड फ्लोर पर फायर सिस्टम लगा होना चाहिए।</li>
<li>सेकेंड फ्लोर पर 10 लाख लीटर का पानी का टैंक होना चाहिए।</li>
<li>थर्ड फ्लोर वाले भवनों पर स्प्रिंकलर सिस्टम, पानी की मोटर व जनरेटर जरूरी।</li>
<li>भवन में दो सीढ़ियां और रैंप होना चाहिए।</li>
<li> प्रत्येक कमरे में दो दरवाजे लगे होने चाहिए, जो बाहर की तरफ खुलते हों।</li>
<li> कमरों में कोई भी रोशनदान बंद नहीं होना चाहिए।</li>
<li>ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर सिस्टम का डिजाइन व इंस्टालेशन मानकों को पूरा करें।</li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Monsoon 2024: मानसूनी वर्षा को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस बार किसानों के खिल जाएंगे चेहरे, पढ़ें कब से होंगी बारिश" href="http://10.0.0.122:1245/big-update-regarding-monsoon-rains-this-time-the-faces-of-farmers-will-blossom/">Monsoon 2024: मानसूनी वर्षा को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस बार किसानों के खिल जाएंगे चेहरे, पढ़ें कब से होंगी बारिश</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/more-than-three-hundred-schools-in-kaithal-district-do-not-have-fire-noc/article-57371</link>
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                <pubDate>Sat, 11 May 2024 15:41:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Coaching Centres Industry : कोचिंग सेंटरों का चलन</title>
                                    <description><![CDATA[– Coaching Centres Industry – देश में निजी कोचिंग सेंटर (Coaching Centres Industry) आईएएस, आईपीएस और अन्य उच्च परीक्षाओं के लिए भारी-भरकम फीसें वसूल रहे हैं। कई ऐसे सेंटर हैं जो दो लाख से भी ज्यादा फीस ले रहे हैं। इन परिस्थितियों में मध्यम वर्ग के विद्यार्थी कोचिंग लेने से वंचित रह जाते हैं। केंद्र […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/coaching-centres-industry/article-57124"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/exam-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Coaching Centres Industry –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">देश में निजी कोचिंग सेंटर (Coaching Centres Industry) आईएएस, आईपीएस और अन्य उच्च परीक्षाओं के लिए भारी-भरकम फीसें वसूल रहे हैं। कई ऐसे सेंटर हैं जो दो लाख से भी ज्यादा फीस ले रहे हैं। इन परिस्थितियों में मध्यम वर्ग के विद्यार्थी कोचिंग लेने से वंचित रह जाते हैं। केंद्र व राज्य सरकारों को उच्च परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपने स्तर पर निशुल्क कोचिंग का प्रबंध करवाना चाहिए, ताकि मध्यम व निम्न वर्ग के विद्यार्थियों को भी परीक्षाओं की अच्छी तैयारी का मौका मिल सके। कुछ निजी सेंटर विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को भरमाने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये सेंटर ऐसे विज्ञापन जारी करते हैं जिनमें सफल उम्मीदवारों की संख्या यूपीएसई द्वारा जारी सूची से चार गुणा होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में 933 उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए थे, लेकिन विभिन्न कोचिंग सेंटरों ने 3500 से अधिक उम्मीदवारों के उत्तीर्ण होने का विज्ञापन जारी किए। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने कार्रवाई की और तीन सेंटरों पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया और 17 को नोटिस जारी किए। इसीलिए जरूरी है कि केंद्र व राज्य सरकारें विद्यार्थियों को भरमाने वाल विज्ञापनों पर सख्त निगरानी रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 May 2024 10:35:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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