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                <title>नरमे की कृषि में किसानों की सहायता करेंगे ‘स्काऊट’</title>
                                    <description><![CDATA[सफेद सोने के सफल लिए किसानों के साथ कृषि विभाग कर रहा सख्त मेहनत मानसा (सुखजीत मान)। सफेद सोने के सफल उत्पादन के लिए किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग भी सख्त मेहनत कर रहा है। किसानों को नरमे की फसल की चुगाई तक किसी किस्म की समस्या न आए, इस लिए विभाग ने गांव स्तर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/scout-will-help-farmers-in-cotton-agriculture/article-1378"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/cotton.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">सफेद सोने के सफल लिए किसानों के साथ कृषि विभाग कर रहा सख्त मेहनत</h2>
<p><strong>मानसा (सुखजीत मान)।</strong> सफेद सोने के सफल उत्पादन के लिए किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग भी सख्त मेहनत कर रहा है। किसानों को नरमे की फसल की चुगाई तक किसी किस्म की समस्या न आए, इस लिए विभाग ने गांव स्तर पर ही स्काऊट बनाए हैं। यह स्काऊट समय-समय पर नरमे की फसल का सर्वेक्षण करेंगे। इन्हें विभागों ने विशेष ट्रेनिंग भी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य कृषि अधिकारी गुरादित्ता सिंह ने बताया कि मई माह में स्काऊट व सुपरवाईजरों की 2 ट्रेनिंग कक्षाएं भी लगाई गई हैं, जिसमें कृषि वैज्ञानियों ने स्काऊटस को नरमे की फसल पर कीड़े-मकोड़ों का सर्वे करने के ढंग से अवगत करवाया गया, ताकि यह स्काऊट अपने-अपने गांवों में नरमे की फसल का सर्वे कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि 5 ब्लाक स्तर व 240 गांव स्तर के प्रशिक्षण शिविर सतंबर माह तक जारी रहेंगे। उन्होंने बताया कि इन कैंपों में नरमे की फसल को सफल करने के लिए विभिन्न तकनीकों बारे जानकारी दी जाएगी।</p>
<h2><strong>समय-समय पर नरमे की फसल का सर्वेक्षण करेंगे स्काऊट </strong></h2>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त कृषि विभाग द्वारा रिमोट सैंसिंग तकनीक के माध्यम से विभिन्न गांवों में मिट्टी के सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि किसानों को अपने खेत की मिट्टी की किस्म के बारे में जानकारी हो सके और किसान इस मुताबिक ही खाद का अपने खेत में इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को शिविरों के माध्यम से सलाह दी जाती है कि सोइल हैल्थ कार्ड में की गई सिफारिश के आधार पर ही खाद का इस्तेमाल करें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जिले में भो जांच प्रयोगशाला मानसा व बुढलाडा में काम कर रही हैं और वर्ष 2017-18 दौरान 12562 मिट्टी के सैंपल विभिन्न खेतों से एकत्रित किए गए हैं।</p>
<h2><strong>कृषि वैज्ञानियों द्वारा स्काऊटस को सिखाए गए हैं कीड़े-मकोड़ों का सर्वे करने के गुर</strong></h2>
<p>उन्होंने बताया कि यह सैंपल रिमोट सैंसिंग तकनीक के जरीए मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से ग्रिड सिस्टम मुताबिक लिए गए हैं और अब तक 1592 मिट्टी के सैंपल टैस्ट करके किसानों को सोइल हैल्थ कार्ड जारी किए गए हैं और यह मुहिम 30 जून तक जारी रहेगी। क्वालिटी कंट्रोल मुहिम भी चला रहा है विभाग नकली बीज व नकली कीटनाशकों के कारण नमोशी का सामना कर चुका कृषि विभाग अब पूरा चौकस है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा क्वालिटी कंट्रोल मुहिम भी चलाई जा रही है, जिस तहत कीड़ेमार दवाएं, खाद व बीज के सैंपल भर कर टैस्ट करवाए जाते हैं, ताकि किसानों को सही कृषि सामग्री उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक 5 खाद, 10 कीड़ेमार दवाओं व 75 बीजों के सैंपल लिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग द्वारा इस योजना अधीन खरीफ व रबी में एक-एक जिला स्तरीय, एक-एक ब्लाक स्तरीय तथा गांव स्तर पर कैंप आयोजित कर किसानों को तकनीकी जानकारी दी जाती है, ताकि किसान योजना का लाभ उठा कर अधिक से अधिक झाड़ प्राप्त कर सकें।<br />
धर्मपाल गुप्ता डिप्टी कमीश्नर मानसा</p>
<h2 style="text-align:justify;">120 स्काऊट उतरेंगे नरमे के खेतों में</h2>
<p style="text-align:justify;">नरमे की फसल के लिए किसानों को समय समय पर जागरूक करने के लिए 120 स्काऊट तैयार किए गए हैं। प्रत्येक स्काऊट को 4500 रुपये प्रति माह तनख्वाह दी जाएगी। कृषि विज्ञान केन्द्र से ट्रेनिंग प्राप्त यह स्काऊट समय-समय पर नरमे के खेतों में जाकर सर्वे करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jun 2017 00:03:09 +0530</pubDate>
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