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                <title>Worried - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>नहरी पानी चोरी को लेकर तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[आपस में भिड़े किसानों के दो गुट लंबी/श्री मुक्तसर साहिब (सच कहूँ न्यूज)। जिले में नहरी पानी की चोरी किसानों की गंभीर समस्या बन गई है। बारिश के दगा दे जाने और नहरों में भी पानी की सप्लाई कम होने से खास कर टेल के किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। रही सही कसर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/worried-about-theft-of-canal-water/article-3068"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/water.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">आपस में भिड़े किसानों के दो गुट</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>लंबी/श्री मुक्तसर साहिब (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जिले में नहरी पानी की चोरी किसानों की गंभीर समस्या बन गई है। बारिश के दगा दे जाने और नहरों में भी पानी की सप्लाई कम होने से खास कर टेल के किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। रही सही कसर अब पानी की चोरी निकाल रही है। जिले भर में अकसर कहीं न कहीं पर पानी चोरी की समस्या को लेकर किसानों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को गांव डबवाली ढाब, शाम खेड़ा, कोलियांवाली तथा रहूड़ियांवाली के किसानों ने फाजिल्का-नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गांव अबुल खुराना एवं माहूआना के बीच इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके खेत अबुल खुराणा माइनर की टेल पर हैं। टेल पर होने की वजह से पहले ही उनके खेतों को पानी बहुत कम पहुंच रहा है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">किसानों ने बढ़ाया मोघे का साइज</h1>
<p style="text-align:justify;">अब रास्ते में कुछ किसानों ने पानी चोरी के मकसद के साथ अपने खेतों को लगने वाले मोघा नंबर 10, 11, 12, 13 व 14 को तोड़कर उनका साइज बढ़ा लिया है। ऐसा करने से उनके खेतों को पानी पहुंचना ही बंद हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों ने आरोप लगाया कि सुबह जब सभी किसानों ने इकट्ठा होकर उक्त अवैध तौर पर बढ़ाए मोघों को बंद कर दिया तो विरोध में पहुंचे किसानों में से एक ने उन पर हवाई फायरिंग भी कर दी। बताया जाता है कि इस दौरान दोनों पक्षों में किसानों के बीच टकराव की स्थिति भी पैदा हो गई। प्रदर्शनाकारी किसानों ने अवैध मोघों को बंद करने तथा आरोपी किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।</p>
<h1 style="text-align:justify;">आश्वासन देकर करवाया शांत</h1>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलने पर थाना सिटी मलोट के प्रभारी बूटा सिंह तथा थाना लंबी के प्रभारी बिक्रमजीत सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। मौके पर पहुंचे नहरी विभाग के अधिकारी रमनदीप सिंह ने किसानों को बताया कि इन मोघों को सील किया जा रहा है। अगर किसी ने इन्हें तोड़ने की कोशिश की तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। थाना सिटी मलोट के प्रभारी बूटा सिंह ने बताया कि हवाई फायरिंग समेत पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के उपरांत आरोपी किसानों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Aug 2017 00:58:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>लिजवाना खुर्द के सरकारी स्कूल में जलभराव</title>
                                    <description><![CDATA[उचित प्रबंध न होने से बिगड़े हालात, कन्या स्कूल में किया शिफ्ट जुलाना (कर्मवीर)। सोमवार रात व मंगलवार को जुलाना क्षेत्र में हुई जोरदार बरसात के कारण खेतों में तो हजारों एकड़ फसल पानी में डूब ही गई साथ में गांवों में तालाब ओवर फ्लो होकर बरसात का पानी घरों तथा सरकारी संस्थानों तक भी पहुंच […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/water-logging-in-government-school/article-2825"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/school.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">उचित प्रबंध न होने से बिगड़े हालात, कन्या स्कूल में किया शिफ्ट</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जुलाना (कर्मवीर)। </strong>सोमवार रात व मंगलवार को जुलाना क्षेत्र में हुई जोरदार बरसात के कारण खेतों में तो हजारों एकड़ फसल पानी में डूब ही गई साथ में गांवों में तालाब ओवर फ्लो होकर बरसात का पानी घरों तथा सरकारी संस्थानों तक भी पहुंच गया।</p>
<p style="text-align:justify;">लिजवाना खुर्द गांव में पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं होने के कारण बरसात का पानी लड़कों के प्राईमारी स्कूल में भर गया। स्कूल तालाब बन गया। बुधवार को स्कूल के छात्रों को गांव के बीच में बने कन्या प्राईमरी स्कूल में शिफ्ट करना पड़ा। लिजवाना खुर्द गांव में लड़कों का प्राईमरी स्कूल सिरसा खेड़ी गांव के रास्ते पर गांव से बाहर स्थित है। स्कूल का लेवल जमीन के लेवल से काफी नीचा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को हुई जोरदार बारिश के चलते स्कूल की पानी की निकासी नहीं होने के कारण स्कूल तालाब बन गया। आसपास के उपल्ले व गंदगी भी स्कूल में पहुंच गई। इसके चलते बुधवार को छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो छात्रों को कन्या स्कूल में शिफ्ट कर दिया।</p>
<h1 style="text-align:justify;">क्या कहते हैं ग्रामीण</h1>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण जगजीत, प्रवीन, राजेश, रामकुवार व काला का कहना था कि स्कूल में थोड़ी बरसात होते ही पानी भर जाता है। स्कूल का लेवल जमीन के लेवल से नीचा होने के कारण व पानी की निकासी नहीं होने के कारण स्कूल में कई फुट पानी जमा है। स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों में रोष</h1>
<p style="text-align:justify;">स्कूल में जलभराव की शिकायत ग्रामीणों द्वारा खंड शिक्षा कार्यालय में दी गई। शिकायत करने के बाद भी खंड शिक्षा अधिकारी ने गांव में पहुंचकर स्कूल का हाल देखना भी मुनासिब नहीं समझा। इससे ग्रामीणों में शिक्षा विभाग के प्रति रोष पनप रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना था कि खंड शिक्षा कार्यालय बच्चों की पढ़ाई प्रति गंभीर नहीं है। जब स्कूल में पानी भर गया है तो बीईओ को स्कूल का दौरा कर इसका समाधान करना चाहिए था। ग्रामीणों ने, स्कूल प्रबंधक कमेटी तथा अध्यापकों ने मिलकर ही छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो इस कारण स्कूल के बच्चों को कन्या स्कूल में शिफ्ट कर दिया।</p>
<h1 style="text-align:justify;">स्कूल में बरसात के कारण भर जाता है पानी : सुनील</h1>
<p style="text-align:justify;">बरसात होते ही स्कूल में बरसात का पानी जमा हो जाता है। प्रशासन को कई बार इसके बारे में सूचित किया जा चुका है।<br />
<strong>सुनील कुमार, स्कूल इंचार्ज।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Aug 2017 00:15:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>सलैज कैरियर में दरार, फसलें जलमग्न</title>
                                    <description><![CDATA[भटिंडा (अशोक वर्मा)। बुधवार को नगर निगम भटिंडा द्वारा शहर के गंदे पानी की निकाली के लिए बनाए सलैज कैरियर (गंदा नाला) में दरार पड़ने के कारण किसानों की ढाई से तीन सौ एकड़ नरमें व धान की फसल जलमग्न होगई। यह पहली बार नहीं हुआ कि बारिश होने के कारण यह नाला टूटा हो। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/slez-career-cracks-submerged-crops/article-2822"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/kanal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा (अशोक वर्मा)।</strong> बुधवार को नगर निगम भटिंडा द्वारा शहर के गंदे पानी की निकाली के लिए बनाए सलैज कैरियर (गंदा नाला) में दरार पड़ने के कारण किसानों की ढाई से तीन सौ एकड़ नरमें व धान की फसल जलमग्न होगई। यह पहली बार नहीं हुआ कि बारिश होने के कारण यह नाला टूटा हो। इससे पहले भी यह पांच बार टूट चुका है। नाले में करीब 30 से 35 फीट आई दरार ने गांव गहरी भागी के दो दर्जन किसानों को प्रभावित किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी मुताबिक दरार आज सुबह करीब 3 बजे पड़ी, जिसका पता चलने पर गांव वासी व किसान मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। इस दौरान नगर निगम के एक्सीयन दविन्द्र जौड़ा, संदीप गुप्ता व एक्सईएन रविन्द्र सिंगला भी मजदूर लेकर दरार वाली जगह पर पहुंचे, जिन्होंने पत्रकारों को इस बारे में कोई भी टिपणी करने से इंकार कर दिया। दरार को भरने में काफी मशकत करनी पड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">पास ही रेलवे लाईन होने के कारण मिट्टी दूर से लानी पड़ी, जिस कारण दरार भरने में देरी हुई। पता चला है कि सलैज कैरियर टूटने के बाद पंपिंग स्टेशन भी बंद करना पड़ा, जिस कारण शहर के पानी की निकासी प्रभावित हुई। गांव गहरी भागी के किसान गुरमीत सिंह ने बताया कि वह तीन भाई हैं और उनकी करीब 35 एकड़ धान की फसल गंदे पानी की चपेट में आ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान हरदेव सिंह की 4 एकड़ नरमें की फसल में पानी भर गया है। उक्त किसानों ने नगर निगम से मुआवजे की मांग की है। किसान गुरांदित्ता सिंह व शेर सिंह ने कहा कि पहले भी फसल का नुक्सान हुआ था, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला। किसान गुरप्रीत सिंह व गुरसेवक सिंह ने 16 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर धान की बिजाई की थी, जो कि गंदे पानी से भर गई। इसी तरह किसान गुरतेज सिंह, गुरबचन सिंह व दरबारा सिंह ने भी अपनी फसल में पानी भरने का दुखड़ा रोया। किसानों का प्रतिक्रम था कि उन्हें नगम निगम की लापरवाही की सजा भुगतनी पड़ रही है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">नुक्सान का मुआवजा दे दिया जाएगा: कमीश्नर</h1>
<p style="text-align:justify;">नगर निगम भटिंडा के कमीश्नर संयम अग्रवाल ने कहा कि सलैज कैरियर में पड़ी दरार को भर दिया गया है। फसलों संबंधी अध्यन करवा कर खराब फसलों का मुआवजा दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दरार पड़ने के कारणों की जांच की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/slez-career-cracks-submerged-crops/article-2822</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Aug 2017 23:52:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मी में बिजली खेले आंख-मिचौली, शहर निवासी परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[भटिंडा (अशोक वर्मा)। भटिंडा में आए दिन चल रहे बिजली के आंख-मिचौली खेल ने शहर निवासियों की नाक में दम कर रखा है। गत एक माह से ( Power Affected ) बिजली कटौती से परेशान शहर निवासियों ने कहना शुरू कर दिया है कि आखिर बिजली सप्लाई के अच्छे दिन कब आएंगे? गत एक माह दौरान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/many-areas-power-affected/article-2684"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/power-affected.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भटिंडा (अशोक वर्मा)।</strong> भटिंडा में आए दिन चल रहे बिजली के आंख-मिचौली खेल ने शहर निवासियों की नाक में दम कर रखा है। गत एक माह से <strong>( Power Affected )</strong> बिजली कटौती से परेशान शहर निवासियों ने कहना शुरू कर दिया है कि आखिर बिजली सप्लाई के अच्छे दिन कब आएंगे?</p>
<p style="text-align:justify;">गत एक माह दौरान शहर के कई क्षेत्रों में तो दिन व रात के समय कम से कम 12 से 14 बार बिजली प्रभावित होती रही है। हालांकि विभाग की तरफ से कोई पॉवर कट नहीं है, फिर भी फीडरों व लाईनों की मुरम्मत के नाम पर दिन व रात के समय अकसर बिजली ठप रखी जाती रही है। जानकारी मुताबिक भीषण गर्मी ने हर वर्ग के लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। ऐसे में बार-बार बिजली जाने से लोगों की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पॉवरकाम के कुछ कर्मचारियों ने माना कि शहर का बिजली ढांचा पुराना होने के कारण गर्मी में बिजली संकट से राहत की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर बिजली लाईनों आदि की आवश्यक मुरम्मत करवाई जा रही है, किन्तु यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">20-22 लाख यूनिट रोजाना बिजली की मांग | Power Affected</h1>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों के मुताबिक शहर में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या एक लाख से अधिक है। आम दिनों में 20-22 लाख यूनिट रोजाना बिजली की मांग रहती है, जो कि गर्मी में 25 से 27 लाख यूनिट तक पहुंच जाती है। बिजली समस्या को देखते हुए वर्ष 2009 में शहर में वितरण प्रणाली को दुरूस्त करने हेतु 48 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इस प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाले फंड केन्द्र सरकार द्वारा दिए जाने थे। इस प्रोजेक्ट तहत पुरानी तारें, केबलें व बुनियादी बिजली ढांचा बदला जाना था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही शहर में जो ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे थे, उनका लोड कम करने की योजना थी। इसी तरह गोल डिग्गी के पास 16 करोड़ रुपये की राशी से 66 केवी सब स्टेशन बनाने की योजना थी, जिसके लिए नई इमारत पर चार करोड़ खर्च किए जाने थे। इस सब स्टेशन से बीबी वाला चौक के पास एमईएस ग्रिड तक शहर के कई हिस्सों से होती हुई 4 किलोमीटर लंबी जमीनदोज केबल बिछाने का प्रोग्राम था।</p>
<h1 style="text-align:justify;">बिजली सप्लाई में होना था सुधार | Power Affected</h1>
<p style="text-align:justify;">एमईएस ग्रिड की क्षमता 12 एमवीए से 20 एमवीए की जानी है। इसी तरह रिंग रोड पर स्थित ग्रिड को दोहरी लाईन से जोड़ने की योजना है। ऐसा करने से एक लाईन खराब होने की सूरत में तुरंत दूसरी चलाई जा सकेगी। इस प्रोजेक्ट में पुराने ब्रेकरों व बैटरियों की तबदीली, नए ट्रांसफार्मर रखने, कडंक्टर मोटा डालना आदि शामिल किया गया था। तकनीकी माहिर के अनुसार 11केवी लाईनों की तार व उपभोक्ताओं के मीटरों को जाने वाली केबल आदि बदलने से ‘पॉवर लास’ कम होने थे और बिजली सप्लाई में सुधार होना था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रोजेक्ट पर कितना काम हुआ और कितना बाकी है, इस बारे में बताने के लिए कोई तैयार नहीं। पॉवरकाम अधिकारियों का प्रतिक्रम है कि वह स्टाफ की कमी से जूझते हुए अपनी क्षमता से अधिक काम कर रहे हैं। वर्णनीय है कि वर्ष 2011 में विधान सभा चुनाव का सियासी लाभ लेने के लिए भटिंडा को कट फरी जोन घोषित किया गया था, किन्तु शहर की बिजली प्रणाली खराब होने के कारण शहरी लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा। वैसे कुछ समय पहले शहर की कुछ जगहों पर नए ट्रांसफार्मर व नई तारें डाली गई थी। ओवरलोड चल रहे ट्रांसफार्मर अपग्रेड किए गए थे, किन्तु इस बदलाव से मामूली राहत ही मिल सकी है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">वर्षों से नहीं बदली कई तारें:महेश्वरी | Power Affected</h1>
<p style="text-align:justify;">सामाजिक कार्यकर्ता सोनू महेश्वरी ने कहा कि पुराने ढांचे में मामूली नुक्स पड़ने के कारण किसी न किसी मोहल्ले की बिजाई गायब रहती है। कई तारें ऐसे ही, जो बेहद पुरानी हो चुकी हैं और उन्हें वर्षों से बदला नहीं गया है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">आगामी वर्ष में खत्म हो जाएगी समस्या: एक्सईएन | Power Affected</h1>
<p style="text-align:justify;">पॉवरकाम के कार्यकारी इंजीनियर गगनदीप सिंगला ने कहा कि 175 नए ट्रांसफार्मर रखे गए हैं और 11 नई लाईनें बिछाई गई हैं, जिससे काफी सुधार आया है। जल्दी ही 170 ट्रांसफार्मर नए रखने व पांच नई लाईनें बिछाने की योजना है। इसके अतिरिक्त बिजली ढांचा तबदील किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आगामी वर्ष तक गर्मी से पहले यह प्रोजेक्ट मुकम्मल हो जाएगा, जिसके बाद शहर में बिजली की समस्या समाप्त हो जाएगी।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2017 00:22:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>231 विद्यार्थियों को पढ़ा रहा केवल एक अध्यापक</title>
                                    <description><![CDATA[चिंतन: विद्यार्थियों को पढ़ाई के क्षेत्र में करना पड़ रहा परेशानियों का सामना 9 पोस्टों में 8 रिक्त एक सप्ताह में अध्यापकों की कमी पूरी न की तो संघर्ष शुरू करेंगे: मैनेजमैंट झुनीर(गुरजीत सिंह)। पंजाब की अकाली भाजपा सरकार ने चाहे पंजाब को शिक्षा के स्तर पर ऊपर लेजाने का दस साल दावा किया परंतु […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/231-students-studying-only-one-teacher/article-2485"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/school-3.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">चिंतन: विद्यार्थियों को पढ़ाई के क्षेत्र में करना पड़ रहा परेशानियों का सामना</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>9 पोस्टों में 8 रिक्त</strong></li>
<li><strong>एक सप्ताह में अध्यापकों की कमी पूरी न की तो संघर्ष शुरू करेंगे: मैनेजमैंट</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>झुनीर(गुरजीत सिंह)।</strong> पंजाब की अकाली भाजपा सरकार ने चाहे पंजाब को शिक्षा के स्तर पर ऊपर लेजाने का दस साल दावा किया परंतु उसके कार्यकाल में गांव झेरियांवाली के हाई स्कूल में अध्यापकों के पड़े रिक्त पदों की पूर्ति नहीं हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्ता बदल गई परंतु इस स्कूल के हालात अब भी वैसे के वैसे ही हैं। अध्यापकों की कमी होने के कारण स्कूल मैनेजमेंट ने संघर्ष शुरू करने की चेतावनी दी है। स्कूल मैनेजमेंट समिति, पीटीए समिति की चेयरमैन व गांव की सरपंच सुखपाल कौर ने बताया कि हाई स्कूल में 6वीं कक्षा से 10वीं कक्षा तक विद्यार्थियों की संख्या 231 है। इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए सिर्फ 1 ही अध्यापक को तैनात किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि स्कूल में कुल 9 पदों में 8 पद रिक्त पड़े हैं। एक अध्यापक 231 विद्यार्थियों को नहीं पढ़ा सकता। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कई सालों से पढ़ाई के क्षेत्र में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके लिए कई सालों से इस गांव के व्यक्ति उच्च शिक्षा हासिल करने से भी वंचित रह जाते हैं। इस मौके कैप्टन कृष्ण सिंह, सरपंच सुखपाल कौर, गुरदीप सिंह, हरबंस सिंह, प्रिथी सिंह पंच, राम सिंह पंच आदि विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अभिभावकों ने पिछले वर्ष जड़ा था स्कूल को ताला: चेयरमैन</h2>
<p style="text-align:justify;">चेयरमैन ने बताया कि पिछले साल भी स्कूल समिति व विद्यार्थियों के माता-पिता ने मजबूर होकर पिछले साल भी स्कूल को ताला लगा दिया था। उस मौके विभाग ने छह अध्यापक भेज दिए थे परंतु कुछ समय बाद ही यह अध्यापक अपनी बदली कराकर यहां से चले गए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी नगर पंचायत स्कूल मैनेजमेंट समिति व विद्यार्थियों के अभिभावकों शिक्षा विभाग को चेतावनी देते कहा कि यदि इस स्कूल में एक सप्ताह के अंदर अध्यापकों की कमी को पूरा न किया तो वह अपना संघर्ष शुरू करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jul 2017 01:11:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसात से दो सौ एकड़ धान की फसल बर्बाद</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार बरसात होने से नीची जगहों पर भर गया पानी लहरागागा (भीम सैन इन्सां)। क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बरसात से गांव भुटाल कलां में 200 एकड़ के करीब धान की फसल पानी में डूब गई। इस संबंधी जानकारी देते जिला शिक्षा सलाहकार समिति मैंबर बाबरजीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/two-hundred-acres-of-paddy-crop-ruin-in-heavy-rain/article-1860"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/paddy-crop.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">लगातार बरसात होने से नीची जगहों पर भर गया पानी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>लहरागागा (भीम सैन इन्सां)।</strong> क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बरसात से गांव भुटाल कलां में 200 एकड़ के करीब धान की फसल पानी में डूब गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी जानकारी देते जिला शिक्षा सलाहकार समिति मैंबर बाबरजीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि किसानों ने महंगे भाव का डीजल खर्च कर धान की रोपाई करवाई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">लगातार बरसात होने से नीची जगहों पर पानी भर गया, जिससे धान की फसल पानी में डूबने के कारण किसानों को आर्थिक नुक्सान हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान सुखदेव सिंह, दाता सिंह, बिन्दर सिंह, हजूरा सिंह, देवी लाल, मेवा शर्मा, गुरदेव सिंह, जगमेल सिंह, सेमी सिंह, गुरदीप सिंह ने बताया कि धान की फसल डूबने से उनको दोबारा महंगे भाव की लेबर का प्रबंध कर</p>
<p style="text-align:justify;">फिर से धान की रोपाई करवानी पड़ेगी और पनीरी का इंतजाम करने में भी मुश्किल आएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का बनता मुआवजा दिया जाए, जिससे किसानों को राहत महसूस हो।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2017 00:37:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप-मोदी मुलाकात से चीन-पाक चिंतित</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रंप-मोदी की मुलाकात की चर्चा चीन व पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हो रही है। विदेशी निवेश के लिए जिस तरह से दोनों देशों ने एक-दूसरे के लिए रास्ते खोले हैं। उससे चीन सबसे ज्यादा विचलित हो रहा है। उसकी विचलाहट इसलिए है कि अगर अमेरिका का निवेश भारतीय बाजार में ज्यादा होने लगेगा, तो उसका […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/china-pak-worried-from-trump-modi-meet/article-1697"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/trump-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ट्रंप-मोदी की मुलाकात की चर्चा चीन व पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हो रही है। विदेशी निवेश के लिए जिस तरह से दोनों देशों ने एक-दूसरे के लिए रास्ते खोले हैं। उससे चीन सबसे ज्यादा विचलित हो रहा है। उसकी विचलाहट इसलिए है कि अगर अमेरिका का निवेश भारतीय बाजार में ज्यादा होने लगेगा, तो उसका भारत का बाजार ठंडा पड़ जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन के लिए भारतीय बाजारों के रास्ते बंद होने का मतलब उसे कंगाली की तरफ धकेलने जैसा होगा। इसलिए पूरी दुनिया की निगाहें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई पहली बार मुलाकात पर टिकी रहीं। दो पड़ोसी मुल्क इस मुलाकात को अपने लिए किसी खतरे से कम नहीं मान रहे। सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप से मिले।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी, ट्रंप के विशेष आमतंत्र पर अमेरिका गए थे। दोनों नेताओं के बीच हुई पहली मीटिंग में एक-दूसरे को नापा और तौला। कई देश इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात पर नजरें रखे थे। मुलाकात में मोदी और ट्रंप की पर्सनल केमिस्ट्री क्या रहती है, पूरी दुनिया ने देख लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बराक ओबामा जैसे मधुर संबंध आगे भी चलते रहेंगे, इस बात के संकेत मिल गए हैं। मुलाकात से पहले मोदी ने एक एजेंडा तैयार किया था कि वह ट्रंप को भारत की चुनौतियों से वाकिफ कराएं। खासतौर पर चीन और पाकिस्तान के संबंध में। चीन-पाकिस्तान की केमिस्ट्री भारत के खिलाफ बन रही है, इस बात से फिलहाल अमेरिका पहले से ही परिचित है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप इस बात से भी ठीक से वाकिफ हैं कि पाकिस्तान हमेशा से भारत के लिए गुमराह करता आ रहा है। मोदी अपने एजेंडे में सफल होते दिखे हैं। अमेरिकी दौरे पर रवाना होने से पहले मोदी ने सकारात्मक संदेश दिया था कि उनकी मौजूदा यात्रा का लक्ष्य द्विपक्षीय साझेदारी के लिए भविष्य की ओर देखने वाले विजन को विकसित करने के साथ-साथ पहले से मजबूत रिश्तों को और मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकता होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बात सतप्रतिशत सच है कि भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्ते दोनों देशों के साथ-साथ दुनिया के लिए भी अच्छे साबित होते रहेंगे। पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा निश्चित रूप से दोनों राष्ट्रपति के बीच संबंधों को और बल देगी। भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों से ही विश्व को लाभ हो सकता है। भारत को उम्मीद करनी चाहिए कि यह मुलाकात उनके लिए भविष्य के विजन के लिए सार्थक साबित हो।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री अमेरिका के साथ प्रगाढ़ और व्यापक साझेदारी रिश्तों को लेकर काफी आशावादी दिखे। दुनिया इस बात से वाकिफ है कि अमेरिका के साथ भारत की साझेदारी बहुस्तरीय और बहुमुखी है, जिसका न सिर्फ दोनों देशों की सरकारें, बल्कि दोनों ही जगहों के हितधारक भी समर्थन करते हैं। ट्रंप भारत को अपना घनिष्ठ मित्र मानते हैं, इस लिहाज से अमेरिका के नए प्रशासन के साथ वह हमारी साझेदारी के लिए भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण विकसित करने को लेकर बहुत उत्सुक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्रम्प के कैबिनेट सहयोगियों के साथ बैठक भी हुई। साथ ही व्यापार को और गति देने के लिए मोदी अमेरिका के कई बड़े महत्वपूर्ण सीईओ से मिलकर उन्हें भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित भी किया। हर बार की तरह इस बार भी मोदी भारतीय समुदाय के लोगों से मिले और बातचीत की। यात्रा के प्रथम चरण में पीएम मोदी सबसे पहले पुर्तगाल गए, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा से मुलाकात की। पुर्तगाल से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने के उनके प्रशासकों से भेंट भी हुई। भारत और पुर्तगाल दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। मोदी की तीन देशों की संपन्न हुई यात्रा भविष्य में भारत के लिए हितकर साबित होगी। साथ ही विदेशनीति को और मजबूती मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप-मोदी की मुलाकात का मुख्यबिंदु अमेरिका की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, इकोनमिक ग्रोथ को बढ़ावा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर रहा। दरअसल यह ऐसे मामले हैं, जिनसे दोनों देशों के रिश्तों में गर्मी लौटी है। लेकिन जबतक इनमें सहयोगी की तस्वीर साफ नहीं की जाती, तब तक कुछ हाथ नहीं लग जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">तब तक समय का इंतजार करना पड़ेगा। मिसाल के लिए, आतंकवाद से लड़ाई में सिर्फ आईएसआईएस के जिक्र से बात नहीं बनेगी। इसमें उन देशों का जिक्र भी करना होगा, जो विदेश नीति के तौर पर इसका इस्तेमाल करते आए हैं। हमारे लिए अच्छी बात यह है कि ट्रंप सरकार की पलिसी फिलहाल पाकिस्तान की तरफ झुकाव का इशारा नहीं करती,</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन फिर भी भारत को सर्तक रहने की जरूरत है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति के तेवर शुरू में चीन और पाकिस्तान को लेकर कड़े थे। तब वह रूस की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए दिख रहे थे। उस समय भारत को अमेरिका की विदेश नीति में प्राथमिकता मिलने की गुंजाइश बनी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रंप भविष्य में मजबूत भारत को अमेरिका के हित से जोड़कर देखेंगे। उनसे पहले बराक ओबामा और जर्ज डब्ल्यू बुश तो ऐसा ही मानते थे। एक जाने-माने अमेरिकी एक्सपर्ट ने कहा कि अगर कोई चीन को साधने के लिए भारत की अहमियत बताए तो ट्रंप शायद उसे अनसुना कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वह कुछ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति को सलाह दे चुके हैं। अगर ट्रंप भारत को अमेरिकी हितों से जोड़कर देखते हैं तो दोनों देशों के रिश्ते मजबूत होते रहेंगे, भले ही उसकी रफ्तार सुस्त हो। ट्रंप किसी भी सूरत में भारत से अपने रिश्ते खराब नहीं करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-रमेश ठाकुर</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/china-pak-worried-from-trump-modi-meet/article-1697</link>
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                <pubDate>Wed, 28 Jun 2017 02:57:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘किसानों का कपास की फसल की तरफ बढ़ा रूझान’</title>
                                    <description><![CDATA[रूझानकिसानों को कपास की बिजाई से अधिक झाड़ व अच्छे भाव मिलने के आसार धान की रोपाई गत वर्ष की अपेक्षा 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफलहुआ कम मजदूर न मिलने से किसान हो रहे हैं परेशान लम्बी (मेवा सिंह)। पंजाब में धान की रोपाई का काम सरकार के आदेशों के अनुसार किसानों ने चाहे 15 जून […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/farmers-are-getting-worried-of-not-getting-laborers/article-1455"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/cotton-crop.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">रूझानकिसानों को कपास की बिजाई से अधिक झाड़ व अच्छे भाव मिलने के आसार</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>धान की रोपाई गत वर्ष की अपेक्षा 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफलहुआ कम </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मजदूर न मिलने से किसान हो रहे हैं परेशान </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>लम्बी (मेवा सिंह)।</strong> पंजाब में धान की रोपाई का काम सरकार के आदेशों के अनुसार किसानों ने चाहे 15 जून से शुरू कर दिया है लेकिन इसके साथ ही किसान अब कपास की फसल को लेकर क्षेत्रफल बढ़ा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार किसानों ने 15 जून से आज तक करीब 30 प्रतिशत धान की रोपाई कर ली गई है। विभिन्न गांवों के किसानों कुलदीप सिंह माहूआना, जगमीत सिंह नीटू तप्पाखेड़ा, बलजिन्दर सिंह और धरत सिंह फतेहपुर ने बताया कि धान की रोपाई का काम तो सभी क्षेत्रों में शुरू हो गया है, परंतु सभी क्षेत्रों में एक ही समय में धान की रोपाई का काम शुरू होने से किसानों को धान की रोपाई के लिए मजदूर न मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों ने बताया कि पिछले वर्षाें के दौरान जरूरत अनुसार हुई बरसात से लोगों का रूझान अब कपास की फसल की तरफ भी बढ़ रहा है।क्योंकि कपास की फसल को बहुत अधिक पानी की जरूरत नहीं होती और धान की फसल से कमाई भी कुछ अधिक होती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कपास की खेती 35 हजार हैक्टेयर से बढ़कर हुई 65 : कृषि अधिकारी</h2>
<p style="text-align:justify;">जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में किसानों में कपास की कृषि की तरफ रूझान बढ़ने का एक कारण यह भी है कि पिछले 2 वर्षांे में बरसात कम हुई हैं, जिस कारण कपास की फसल बहुत अच्छी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले जब जिला श्री मुक्तसर साहब जो कि सेम की चपेट में नहीं आया था तो उस समय जिले के कुल क्षेत्रफल में से कपास की कृषि का क्षेत्रफल 70 हजार हेक्टेयर था। जैसे-जैसे जिला सेम की चपेट में आता गया, वैसे-वैसे कपास की कृषि घटकर 35 हजार हैक्टेयर तक ही सीमित रह गई थी, और लोगों को मजबूरीवश धान की कृषि का क्षेत्रफल बढ़ाना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">बेअंत सिंह ने कहा कि कम बरसात और पानी का स्तर नीचे जाने कारण किसानों ने इस बार कपास की कृषि 35 हजार हैक्टेयर से बढ़ाकर 65 हजार हैक्टेयर तक पहुुंचा दी है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">1 लाख 35 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में रोपित की जा रही है धान की फसल</h2>
<p style="text-align:justify;">जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले के लगभग 2 लाख 10 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में से इस बार एक लाख 35 हजार हैक्टेयर में धान की फसल, जिसमें बासमती व परमल धान की फसल किसानों द्वारा रोपित की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस बार बासमती के क्षेत्रफल में पिछले साल की अपेक्षा करीब 10 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल बढ़ने की संभावना है। पिछले साल जिले में बासमती फसल के अधीन 35 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल था, जो इस बार 45 हजार हैक्टेयर से करीब 50 हजार हैक्टेयर तक पहुंचने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>कृषि अधिकारी बेअंत सिंह ने बताया कि इस वर्ष धान की रोपाई अधीन पिछले वर्ष के मुकाबले कपास की कृषि का क्षेत्रफल बढ़ा है, जिसका कारण पिछले साल एक एकड़ में कपास की आमदन करीब 60 हजार होने के कारण उत्साह में आए जिले के किसानों द्वारा कपास की कृषि धान की कृषि मुकाबले क्षेत्रफल बढ़ाकर बिजाई की गई है।</em></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2017 21:55:35 +0530</pubDate>
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                <title>एक तो गर्मी, ऊपर से नहरी पानी को तरसे किसान</title>
                                    <description><![CDATA[पेयजल किल्लत: रजवाहे की बंदी कारण प्रभावित हो रही है धान की फसल किसानों को सताने लगा फसलों के बर्बाद होने का डर भटिंडा(मनप्रीत मान)। नहरी विभाग द्वारा धान की रोपाई मौके भटिंडा रजवाहे में पानी की बंदी के कारण किसानों को परेशानी में डाल दिया है। इस रजवाहे पर दर्जनों गांव की उम्मीदें बंधी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/due-to-canal-ban-is-paddy-crop-getting-affected/article-1380"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/canal-2.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">पेयजल किल्लत: रजवाहे की बंदी कारण प्रभावित हो रही है धान की फसल</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>किसानों को सताने लगा फसलों के बर्बाद होने का डर</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा(मनप्रीत मान)।</strong> नहरी विभाग द्वारा धान की रोपाई मौके भटिंडा रजवाहे में पानी की बंदी के कारण किसानों को परेशानी में डाल दिया है। इस रजवाहे पर दर्जनों गांव की उम्मीदें बंधी हुई है लेकिन अधिक जमीन का क्षेत्रफल नरमे वाला न होकर धान वाला है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह रजवाहा किसानों को धान की फसल रोपित करने की तय तिथि 15 जून से पहले तो चल रहा था लेकिन जब धान की फसल रोपित करने का समय आया तो नहरी विभाग द्वारा बिना किसी कारण बताए भटिंडा रजवाहे का पानी बंद कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बेशक ठंडा मौसम होने पर बिजली विभाग द्वारा आठ घंटे बिजली दी जा रही हैै व बिजली स्पलाई से धान की फसल की किसान रोपाई कर रहे हैं परंतु नहरी विभाग द्वारा मौके पर रजवाहे को बंद कर किसानों के बहुत बड़ी बेइंसाफी की है, जिस क्षेत्र में भुमिगत पानी सही नहीं है वहां किसान अधिकतर प्राथमिकता धान की रोपाई को नहर वाले पानी से रोपित करने को देते थे,</p>
<p style="text-align:justify;">जिससे फसल नष्ट होने की बजाए सुचारू रूप से बढ़ने लगती थी परंतु अब उन किसानों को रजवाहे की बंदी के कारण भुमिगत पानी पर धान की फसल रोपित करने लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यदि नहरी विभाग द्वारा रजवाहे में पानी जल्दी न छोड़ा गया तो ऐसे बहुत से किसानों की धान की फसल नष्ट हो जाएगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">नहरी पानी धान के लिए करता है देसी घी की तरह काम</h2>
<p style="text-align:justify;">गांव जय सिंह वाला के किसान हरजीत सिंह का बताया कि धान की फसल रोपित करने के लिए नहरी पानी की बहुत जरूरत होती है। नहरी पानी से रोपित की गई धान की फसल नष्ट नहीं होती। गांव नरूआना के किसान कुलदीप सिंह ढिल्लों का कहना है कि नहरी पानी धान के लिए देसी घी का काम करता है, जहां भुमिगत पानी सही नहीं है वहां नहरी पानी से धान की फसल से जहां झाड़ अधिक होती है वहीं धान की फसल में जल्दी विस्तार होने लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान गुरप्रीत सिंह ने बताया कि नहरी पानी जल्दी न आने व गर्मी पड़ने से धान की फसल नष्ट होने के आसार बढ़ जाते हैं। अभी तो पॉवरकाम द्वारा आठ घंटे बिजली की स्पलाई देकर किसानों की बाजू पकड़ी हुई है, यदि बिजली की पूर्ति न होती तो किसानों की फसल नष्ट हो जानी थी वहीं किसान बलबीर सिंह का कहना है कि नहरी पानी की बंदी के कारण बहुत से किसान धान की फसल रोपित करने के लिए जनरेटर पर महंगे भाव का डीजल फूंक कर मजदूरों से धान की फसल रोपित करवा रहे हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कृषि अधिकारी ने एक्सईएन को ठहराया जिम्मेवार</h2>
<p style="text-align:justify;">ब्लाक संगत के कृषि अधिकारी सुशील कुमार का बताया कि नहरी विभाग द्वारा रजवाहे को इस समय पर बंद करना उनकी बहुत बड़ी गलती है। उन्होंने कहा कि नहरी विभाग के एक्सईएन द्वारा कृषि विभाग को रजवाहे संबंधी पूछकर बंद करना होता है परंतु उनकी ओर से इस तरह नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि भुमिगत पानी सही नहीं होने के कारण नहरी पानी के बिना तो बिल्कुल भी गुजारा नहीं हो रहा। नहरी पानी की बंदी कारण किसानों को गुजारा नहीं हो रहा, जिससे किसानों को पानी की बंदी के कारण नुक्सान झेलना पड़ रहा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सफाई के कारण हुई रजबाहे की बंदी</h2>
<p style="text-align:justify;">जब इस संबंधी केनाल भटिंडा के तार बाबू हरकृष्ण सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि भटिंडा रजवाहे की बंदी सफाई के कारण की गई है। नरेगा मजदूर कम मिलने के कारणपानी छोड़ने में देरी हो रही है, उनके पास जो पानी छोड़ने का प्रपोजल है वह सोमवार सुबह दो बजे तक है।</p>
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                <pubDate>Mon, 19 Jun 2017 00:22:17 +0530</pubDate>
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