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                <title>Heat Wave Alert - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Heat Wave Alert RSS Feed</description>
                
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                <title>भीषण गर्मी में ‘लू’ का कहर, जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी - डॉ. प्रदीप जैन</title>
                                    <description><![CDATA[ क्षेत्र में बढ़ती गर्मी के बीच लू (हीट स्ट्रोक) के मामलों में तेजी देखी जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/a-little-carelessness-can-cause-havoc-due-to-heat-wave/article-83935"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/dr.-pradeep-jain.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार दहिया)।</strong> Baraut News: क्षेत्र में बढ़ती गर्मी के बीच लू (हीट स्ट्रोक) के मामलों में तेजी देखी जा रही है। अक्षय नर्सिंग होम के प्रबंध निदेशक और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. प्रदीप जैन ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि लू को सामान्य बीमारी समझना बड़ी भूल हो सकती है। समय पर ध्यान न देने पर यह गंभीर और जानलेवा स्थिति बन सकती है। डॉ. प्रदीप जैन ने बताया कि लू लगना शरीर के तापमान नियंत्रण तंत्र के असंतुलित होने का परिणाम है। जब तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में शरीर लंबे समय तक रहता है, तो वह खुद को ठंडा नहीं रख पाता और तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लक्षण और कारण को नजरअंदाज करना खतरनाक</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि लू लगने के शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है। तेज बुखार, सिर में भारीपन, चक्कर आना, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, त्वचा का लाल और सूखा होना, तेज धड़कन, भ्रम की स्थिति और बेहोशी इसके प्रमुख लक्षण हैं। कई मामलों में पसीना आना बंद हो जाता है, जो स्थिति के गंभीर होने का संकेत है।</p>
<p style="text-align:justify;">लू लगने के पीछे मुख्य कारणों में तेज धूप में अधिक समय तक रहना, शरीर में पानी और लवण की कमी, धूप में भारी काम करना, तंग और गहरे रंग के कपड़े पहनना तथा खाली पेट बाहर निकलना शामिल हैं। बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार व्यक्ति सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सावधानी ही सुरक्षा, अपनाएं ये आसान उपाय</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. प्रदीप जैन ने बताया कि लू से बचाव पूरी तरह संभव है, यदि समय रहते सावधानी बरती जाए। उन्होंने सलाह दी कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े या टोपी से ढकें और आंखों को भी सुरक्षित रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर को निर्जलित न होने दें। नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और मौसमी फलों का सेवन शरीर को ठंडा बनाए रखने में सहायक होता है। हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनना भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि धूप से घर लौटने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने से बचें और शरीर को सामान्य तापमान में आने दें। यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर आराम दें, शरीर को ठंडा करें और बिना देरी चिकित्सकीय सहायता लें।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. जैन ने अंत में कहा कि “लू से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है।” थोड़ी सी जागरूकता और सतर्कता से इस गंभीर समस्या से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 20:02:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Heat Wave Alert: आईएमडी ने हीट वेव के लिए अलर्ट जारी किया</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान पहुंचा 42.2 डिग्री सेल्सियस हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Heat wave Alert News: उत्तर भारत मे मौसम बदलाव की आशंका के बीच गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अब रात्रि के न्यूनतम तापमान के साथ-साथ दिन का अधिकतम तापमान भी बढ़ने लगा है। राजस्थान के बाड़मेर में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/hisar/imd-issues-alert-for-heat-wave/article-69283"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/heatwave-alert.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान पहुंचा 42.2 डिग्री सेल्सियस</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)।</strong> Heat wave Alert News: उत्तर भारत मे मौसम बदलाव की आशंका के बीच गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अब रात्रि के न्यूनतम तापमान के साथ-साथ दिन का अधिकतम तापमान भी बढ़ने लगा है। राजस्थान के बाड़मेर में जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं हरियाणा के रोहतक का तापमान भी 38.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि राजस्थान में के कोटा संभाग में कहीं कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की वर्षा दर्ज की गई। शेष राज्य में मौसम शुष्क रहा। Heat Wave Alert</p>
<p style="text-align:justify;">चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि शनिवार तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तरपश्चिमी व पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना से विशेषकर दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। भारत मौसम विभाग व निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार राजस्थान व हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली एनसीआर में 7 से 10 अप्रैल के बीच झुलसा देने वाली गर्मी पड़ने की संभावना है। इस दौरान सीजन में पहली बार हरियाणा व दिल्ली का तापमान भी राजस्थान की तरह अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से भी पार जा सकता है। 9 और 10 अप्रैल को हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अप्रैल महीने में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान सामान्य | Heat Wave Alert</h3>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल के महीने में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान का 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंचना कोई असामान्य घटना नहीं है। पिछले 20 वर्षों में केवल एक बार 2012 में अप्रैल की महीने में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस का स्तर तक नहीं पहुंचा था। अप्रैल 2012 एक विशेष साल था, जब पूरे महीने में सबसे अधिक तापमान 38.7 सेल्सियस ही रहा, जो 4 अप्रैल को दर्ज किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">आमतौर पर, अप्रैल का आखिरी सप्ताह सबसे गर्म होता है, लेकिन 2012 में ऐसा नहीं हुआ। पिछले 20 वर्षों में 11 बार अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया और 3 बार तापमान 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। अप्रैल महीने क अब तक का सर्वाधिक तापमान 45.6 सेल्सियस रहा है, जो 29 अप्रैल 1941 को दर्ज हुआ था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पश्चिमी विक्षोभ और तापमान पर प्रभाव</h3>
<p style="text-align:justify;">एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पहाड़ियों से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से दिल्ली के आसपास हल्की बादल छा सकते हैं। 4 अप्रैल और 5 अप्रैल को सतही हवाएँ तेज़ रहेंगी, जिससे इस सप्ताह तापमान 40 डिग्री के पार नहीं जाएगा वहीं, 6 अप्रैल के बाद निचले स्तर की हवाएँ धीमी हो जाएंगी। साथ ही 8 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के हिस्सों में पहुंचेगा। हालांकि, 09 और 10 अप्रैल को हल्की बूंदाबांदी संभावित है, लेकिन यह गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए काफी नहीं होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अप्रैल के दूसरे हिस्से में बढ़ेगी गर्मी</h3>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल के दूसरे हिस्से में गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जाएगा तापमान लगातार ऊँचे स्तर पर बना रहेगा और गर्म हवाएँ चलने की संभावना रहेगी। इसलिए, अप्रैल की दूसरे भाग में लोगों को तेज धूप और गर्मी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी। Heat Wave Alert</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जालंधर में खालिस्तानी नारे लिखने वाले 2 काबू" href="http://10.0.0.122:1245/two-arrested-for-writing-khalistan-slogans-in-jalandhar/">जालंधर में खालिस्तानी नारे लिखने वाले 2 काबू</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हिसार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 21:30:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Monsoon Update : अभी लू की चेतावनी, जाने कब शुरू होगी बरसात?</title>
                                    <description><![CDATA[IMD Forecast || मानसून की धीमी गति के कारण उत्तर भारत में फिर बढ़ रही भीषण गर्मी || Monsoon Update Monsoon Update : हिसार(सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। मानसून की उत्तरी सीमा दक्षिण तटीय गुजरात के सिरे तक पहुंच गई है। जब पूर्वोत्तर भारत में मानसून की शुरुआत हुई थी,तब से ही मानसून की पूर्वी शाखा स्थिर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/monsoon-update/article-58683"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/monsoon-updates1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>IMD Forecast || मानसून की धीमी गति के कारण उत्तर भारत में फिर बढ़ रही भीषण गर्मी || Monsoon Update</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>Monsoon Update : हिसार(सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। </strong>मानसून की उत्तरी सीमा दक्षिण तटीय गुजरात के सिरे तक पहुंच गई है। जब पूर्वोत्तर भारत में मानसून की शुरुआत हुई थी,तब से ही मानसून की पूर्वी शाखा स्थिर बनी हुई है। अगले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता कमजोर होने की संभावना है। मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार इस दौरान मानसून की पूर्वी और पश्चिमी दोनों शाखाऐं धीमी गति से आगे बढ़ेंगी। इससे देश के उत्तरी हिस्सों में गर्मी की स्थिति और अधिक बढ़ जाएगी।दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 जून के आसपास दक्षिण गुजरात में प्रवेश करता है। Monsoon Update</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद 20 जून को अहमदाबाद, 25 जून तक सौराष्ट्र और राजकोट-जामनगर के बाहरी इलाकों में पहुंच जाता है। आखिर में 30 जून को कच्छ के अंतिम गढ़ तक पहुंचकर अपनी यात्रा पूरी करता है। अन्य राज्यों की तुलना में गुजरात में मानसून की अवधि ज्यादा होती है। क्योंकि वलसाड से नलिया तक को कवर में मानसून को अधिक समय लगता है। मानसून को आगे बढ़ाने के लिए स्थिति दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात में समुद्र तट के दोनों ओर बनने वाली प्रणालियों के प्रभाव में आगे बढ़ता है। इसके साथ ही मानसून की बारिश गुजरात के साथ लगते राजस्थान में होनी शुरू हो जाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पिछले वर्ष बिपरजॉय से प्रभावित हुआ था मानसून </strong><strong>| Monsoon Update :</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल 2023 में जून महीने में इसी समय के आसपास चक्रवात ‘बिपरजॉय’ ने राज्य को तबाह कर दिया था। इसके साथ ही राजस्थान के कई जिले भी चक्रवात की चपेट में आ गए थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>वर्तमान में मानसून चक्र</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यदि मानसून चक्र की बात करें तो बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाले मानसून के निचले स्तर/दबाव और मध्य भागों से होते हुए पश्चिम मध्य प्रदेश तक पहुंचने से गुजरात में मानसून आगे बढ़ने की स्थिति बन जाती है। उत्तरी मैदानी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान में कम गर्मी के प्रभाव में अरब सागर से आने वाली मजबूत मानसून धारा भी गुजरात के आंतरिक हिस्सों में मानसून को ले जाने के लिए एक विश्वसनीय स्रोत है। इसके बाद ही मानसून उत्तर भारत का रूख करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कमजोर होते मानसून ने बधाई चिंता | Monsoon Update </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा समय में इनमें से कोई भी स्थिति मानसून के आगे बढ़ने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में देश में मानसून कमजोर हो जाएगा। राज्य के तटीय भागों में वायुमंडल के निचले स्तर में अरब सागर से दक्षिण-पश्चिमी हवाएँ चलेंगी, लेकिन इस सुविधा को समर्थन देने के लिए कोई प्रेरक कारक नहीं है। अगले एक सप्ताह के दौरान बादलों की परत के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। लेकिन, यह मानसून की धारा खींचने के लिए काफी नहीं हो सकती है। नतीजतन, गुजरात के अधिकांश हिस्सों में मानसून की अच्छी प्रगति में थोड़ी देरी हो सकती है। इसी वजह से उत्तर भारत में असर दिख रहा है। उत्तर भारत विशेकर पंजाब,हरियाणा, राजस्थान,दिल्ली एनसीआर,उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश में गर्मी एक बार फिर से अपना रूप दिखा रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पंजाब के पठानकोट का अधिकतम पारा पहुँचा 47.8 डिग्री सेल्सियस</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">आधे देश में मानसूनी हवाएं चलने के बावजूद भी उत्तर भारत में कर्मी एक बार फिर गर्मी अपने उफान पर है। वीरवार को पंजाब के पठानकोट में अधिकतम पर 47.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इसी प्रकार हरियाणा के फरीदाबाद का अधिकतम तापमान भी 46.8 डिग्री सेल्सियस रहा। भारत मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र से जारी हुए मौसम बुलेटिन के अनुसार आगामी 5 दिनों तक भी गर्मी से राहत मिलने वाली नहीं है। भारत मौसम विभाग ने 18 मई तक मौसम इसी प्रकार शुष्क बना रहने व भीषण गर्मी की उम्मीद जताई है। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले 24 घंटे में अमृतसर, पठानकोट,गुरदासपुर,पटियाला,लुधियाना बठिंडा,चंडीगढ़,सिरसा,अंबाला,हिसार करनाल,नारनौल व रोहतक में हीट वेव से सीवियर हीट वेव चली।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>राजस्थान में कहीं बारिश तो कहीं गर्मी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य के दक्षिणी भागों में मेघगर्जन के साथ बारिश,जबकि उत्तरी व पश्चिमी भागों में कहीं-कहीं हीटवेव दर्ज की गई है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 46.7 डिग्री श्रीगंगानगर में तथा सर्वाधिक वर्षा 14.0 मिलीमीटर भोपालसागर, चित्तौड़गढ़ में दर्ज की गयी है। पश्चिमी राजस्थान में आगामी तीन दिन व पूर्वी राजस्थान में आगामी 4-5 दिन दोपहर बाद कहीं-कहीं आंधी बारिश की गतिविधियां दर्ज होने की संभावना है। इसी प्रकार आगामी दो दिनों में राज्य के उत्तरी व पश्चिमी भागों में अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री दर्ज होने व कहीं-कहीं हीटवेव चलने की संभावना है। राज्य के कुछ भागों में तेज सतही हवाएं चलने की भी उम्मीद है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>हरियाणा व राजस्थान में आज धूल भरी आंधी की संभावना</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा राज्य में पश्चिमीविक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण 14 जून को मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में बीच बीच में आंशिक बादलवाई तथा धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट संभावित। परंतु 15 जून से 19 जून के दौरान मौसम आमतौर पर खुश्क व गर्म रहने की संभावना है तथा उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने तथा बीच-बीच में हल्के बादल तथा धूल भरी हवाएं चलने की भी संभावना है। इस के बाद 20 जून से मौसम में फिर से बदलाव संभावित।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 11:00:52 +0530</pubDate>
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