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                <title>DharamShala - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>भारत की बेंच स्ट्रेंथ दुनिया में सबसे अच्छी है, आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल</title>
                                    <description><![CDATA[धर्मशाला (एजेंसी)। आईपीएल चेयरमैन अरुण सिंह धूमल ने कहा है कि भारत की बेंच स्ट्रेंथ दुनिया में सबसे अच्छी है, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत में साफ दिखी थी। एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला में सेंट्रल यूनिवर्सिटी आॅफ हिमाचल प्रदेश के स्टूडेंट्स और फैकल्टी के साथ एक इनफॉर्मल बातचीत के दौरान बोलते हुए, धूमल ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/indias-bench-strength-is-the-best-in-the-world-says-ipl-chairman-arun-dhumal/article-82198"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/dharamshala.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>धर्मशाला (एजेंसी)।</strong> आईपीएल चेयरमैन अरुण सिंह धूमल ने कहा है कि भारत की बेंच स्ट्रेंथ दुनिया में सबसे अच्छी है, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत में साफ दिखी थी।<br />
एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला में सेंट्रल यूनिवर्सिटी आॅफ हिमाचल प्रदेश के स्टूडेंट्स और फैकल्टी के साथ एक इनफॉर्मल बातचीत के दौरान बोलते हुए, धूमल ने अंडर-19 से सीनियर लेवल तक दबदबा बनाने का क्रेडिट बीसीसीआई और स्टेट एसोसिएशन को भी दिया। धूमल आईपीएल के 2026 एडिशन से पहले ग्राउंड पिच और आउटफील्ड की तैयारियों का इंस्पेक्शन करने के लिए एचपीसीए स्टेडियम में थे।</p>
<p style="text-align:justify;">तैयारियों का रिव्यू करने के बाद, धूमल को सीयूएचपी के स्टूडेंट्स और फैकल्टी ने अपने पॉडकास्ट धौलाधार डायलॉग्स-सीयूएचपी संवाद में शामिल होने के लिए इनवाइट किया, जिसे एचपीसीए स्टेडियम के कैंपस में रिकॉर्ड किया जा रहा था। हिमाचल में उभरते और नए क्रिकेटरों के भविष्य की संभावनाओं पर कमेंट करने के लिए कहे जाने पर, धूमल, जो विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के भी हेड हैं, ने कहा कि ज्यादा मौके और सुविधाएं पहाड़ी राज्य के युवा टैलेंट को बड़ा बढ़ावा दे रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">“आईपीएल कैंप हिमाचल के युवाओं के लिए एक वरदान साबित हो रहे हैं। पैट कमिंस और जोस बटलर जैसे स्टार्स के साथ नेट सेशन कॉन्फिडेंस, टेक्निक, प्रेशर में मेंटल बैलेंस और इंटरनेशनल फिटनेस को बढ़ाते हैं – जिससे घरेलू परफॉर्मेंस बेहतर होती है।” पिच की क्वालिटी से खुश होकर, उन्होंने लोकल इकॉनमी और टूरिज्म को बढ़ावा देने में आईपीएल की भूमिका पर जोर दिया। उम्मीदवारों और नए क्रिकेटरों के भविष्य की संभावनाओं और इंटरनेशनल क्रिकेट में राज्य के युवाओं के योगदान पर कमेंट करने के लिए कहे जाने पर, उन्होंने कहा, “रेणुका (सिंह ठाकुर), ऋषि धवन, वैभव अरोड़ा, सुषमा वर्मा और मयंक डागर जैसे टैलेंट इंटरनेशनल लेवल पर चमके हैं।” उन्होंने कहा, “हिमाचल ने क्रिकेट और दूसरे खेलों में अहम योगदान देना शुरू कर दिया है और हमारे युवा टैलेंट का भविष्य अच्छा है।”<br />
बाद में अरुण धूमल ने जर्नलिज्म के स्टूडेंट्स और फैकल्टी को डिपार्टमेंट द्वारा बनाए जा रहे धौलाधार डायलॉग्स को लॉन्च करने की उनकी अनोखी पहल के लिए बधाई दी। ‘धौलाधार डायलॉग्स- सीयूएचपी संवाद’, एक दो हफ़्ते में आने वाला इंटरैक्टिव प्रोग्राम है जिसे सीयूएचपी दूरदर्शन हिमाचल के साथ मिलकर बना रहा है। दूरदर्शन पर हिमाचल के युवाओं के लिए जरूरी मुद्दों और करियर के मौकों पर बात करने वाले इस प्रोग्राम को पूरे राज्य में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 10:55:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>‘ज्ञान का दीपक जलाता है सच्चा गुरु’</title>
                                    <description><![CDATA[रूहानी सत्संग: धर्मशाला में हुई राम-नाम की बरसात, 2520 लोगों ने लिया गुरुमंत्र धर्मशाला (सुनील वर्मा)। गुरु शब्द दो अक्षरों के संयोग से बना है। ‘गु’ प्लस ‘रु’। ‘गु’ का अर्थ है अंधकार व ‘रु’ का अर्थ प्रकाश यानि जो अज्ञानता रूपी अंधकार में ज्ञान रूपी दीपक जला दे और इन्सानियत की अलख जगाए, उसे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/religious-congregation-in-dharamshala-hp-by-saint-dr-msg/article-1391"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/msg.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">रूहानी सत्संग: धर्मशाला में हुई राम-नाम की बरसात, 2520 लोगों ने लिया गुरुमंत्र</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>धर्मशाला (सुनील वर्मा)।</strong> गुरु शब्द दो अक्षरों के संयोग से बना है। ‘गु’ प्लस ‘रु’। ‘गु’ का अर्थ है अंधकार व ‘रु’ का अर्थ प्रकाश यानि जो अज्ञानता रूपी अंधकार में ज्ञान रूपी दीपक जला दे और इन्सानियत की अलख जगाए, उसे सच्चा गुरु कहा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उक्त अनमोल वचन पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने धर्मशाला के पुलिस ग्राउंड में आयोजित विशाल रूहानी सत्संग में उपस्थित साध-संगत को लाभान्वित करते हुए फरमाए।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्संग के दौरान पूज्य गुरु जी ने श्रद्धालुओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को भी शांत किया। वहीं 2520 लोगों ने पूज्य गुरु जी से गुरुमंत्र (नाम शब्द) की अनमोल दात प्राप्त कर तमाम दुनियावी नशे नहीं करने का प्रण लिया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">‘लिये जा प्रभु का नाम लिये जा, अमृत रस घूंट पिये जा…’</h2>
<p style="text-align:justify;">सत्संग के दौरान पूज्य गुरु जी ने अपनी अलौकिक वाणी से ‘लिये जा प्रभु का नाम लिये जा, अमृत रस घूंट पिये जा…’ गाया, जिस पर उपस्थित साध-संगत झूम उठी। पूज्य गुुरु जी ने फरमाया कि गुरुमंत्र पुरातन शब्द है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरुमंत्र गुरु के शब्द नहीं होते, बल्कि भगवान के शब्द होते हैं, जिन्हें पहले गुरु खुद अभ्यास करता है, जाप करता है। गुरु मंत्र का नियमित अभ्यास करने से ही भगवान के दर्श-दीदार हो सकते हैं। राम-नाम का निरंतर जाप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, नेगेटिव विचार खत्म होते हैं। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि अक्सर देखा जाता है कि जैसा हम मन में विचार लाते हैं, वैसा ही होने लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर हम परीक्षा के समय यह देखेंगे कि मैं परीक्षा में फेल होऊंगा तो रिजल्ट नेगटिव ही आता है। अगर हम परीक्षा से पहले मन में धार लें कि मेरी मेरिट आएगी तो परिणाम भी वैसा ही आता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">राम के नाम का जाप करने से जिंदगी जीने की आ जाती है ताकत</h2>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि गुरुमंत्र का जाप करने से चौथे स्टेज तक का कैंसर, जिसे डॉक्टर जवाब दे देते हैं, वो भी श्रद्धा से राम-नाम का जाप करने पर खत्म हो जाता है। राम के नाम का जाप करने से जिंदगी जीने की ताकत आ जाती है। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि आत्मबल बढ़ता है। ईश्वर के नाम का जाप करने से इंसान अपनी तकदीर बदल सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जीव-जंतु, पशु-पक्षी किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह अपना भाग्य बदल सके। आप जी ने फरमाया कि दुनियादारी में देखने में आता है कि लोग जितनी मेहनत करते हैं, उन्हें उतना फल नहीं मिलता, इसका कारण है जन्मों-जन्मों के संचित कर्मों का होना। संचित कर्म इन्सान को मनुष्य जीवन में ही भोगने पड़ते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संचित कर्मों को खत्म करने का एकमात्र तरीका है भगवान का नाम। जो इन्सान मालिक की भक्ति करेगा, यकीनन उसके संचित कर्म, गलत कर्म कट जाएंगे। जब शरीर और आत्मा अलग-अलग राह पर चलने लगते हैं तो शरीर बीमारियों का घर बन जाता है। आत्मा की खुराक सिर्फ प्रभू का नाम है। अगर इन्सान परमात्मा का नाम जपता है तो वह मन को हराकर आत्मा की बाजी जीत सकता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भगवान दाता था, दाता है और दाता ही रहेगा</h2>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने भगवान की परिभाषा बताते हुए फरमाया कि भगवान वह है जो किसी से कुछ नहीं लेता। भगवान दाता था, दाता है और दाता ही रहेगा। भगवान कभी किसी से चढ़ावा नहीं लेता।</p>
<p style="text-align:justify;">जो इन्सान भगवान के नाम से चढ़ाते हैं, वो चढ़वा उन जैसे इन्सान ही ले जाते हैं। ईश्वर के पास कुछ नहीं जाता। भगवान से इन्सान को मांगना चाहिए अच्छी धरती, अच्छा पानी, अच्छी संतान और मांगना ही है तो भगवान से भगवान को मांगों। सभी धर्मों में लिखा गया है कि जब भगवान रहमोकर्म करता है तो इन्सान के दामन छोटे पड़ जाते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">संतों का कोई ड्रेस कोड नहीं होता: पूज्य गुरु जी</h2>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि संतों का कोई ड्रेस कोड नहीं होता। संत सच्ची बात सुनाते हैं, सच की राह दिखाते हैं तथा एक-दूसरे को जोड़ना सिखाते हैं। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि धर्म का अर्थ है धारण करना, यानि जोड़ना। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जो इन्सान दूसरों के लिए कार्य करते हैं, उनके मरने के पश्चात वो लोग उन्हें पूरी इज्जत के साथ याद करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए इन्सान को चाहिए कि वह अपनी जिंदगी को मशाल-चिराग की तरह जीये। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि इन्सान नशा करता है शौकिया तौर पर, गम भुलाने के लिये, इंज्वायमेंट के लिए लेकिन ये नशा सिर्फ चंद घंटों के लिए होता है, परमानेंट नहीं। राम-नाम का नशा ऐसा नशा है, जो एक बार चढ़ जाता है तो जल्दी से उतरता नहीं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">राम-नाम की मिठास से  कटते हैं जन्मोंजन्म के पाप कर्म</h2>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि राम-नाम की मिठास के सामने दुनियादारी में मौजूद चीनी, सहित अन्य वस्तुओं की मिठास गंदगी के सामान है। राम-नाम की मिठास से जन्मोंजन्म के पाप कर्म तो कटते ही हैं, साथ में इस जन्म की बुराई भी खत्म हो जाती हैं। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि भगवान का नाम पूरी श्रद्धा और ध्यान को एकाग्र करके करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">जो ऐसा करके ईश्वर का नाम जपते हैं, वो दरगाह में मंजूर-कबूल होता है। राम की महिमा अपरम पार है। राम नाम शब्द, गुरुमंत्र पवित्र ग्रंथों में से निकलकर आए हैं। राम नाम की साबुन से जन्मों-जन्मों की मैल साफ हो जाती है, परमानंद की प्राप्ति होती है, बीमारियों से छुटकारा पाने का अंदर से हल मिल जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि राम का नाम अनमोल है, उसका कोई दाम नहीं होता। जिसे सच्चा संत, पीर-फकीर बिना दाम के देता है। राम का नाम पुन: जिंदगी बख्श देता है। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि इन्सान अपने बच्चों के साथ फ्रैंड जैसा व्यवहार करे। अगर बच्चे पहली बार कहने पर गलती मान लें तो उसे डांटने की बजाय आगे से ऐसा न करने का प्रण लें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मंदबुद्धियों को अपनों से मिलवाया</h2>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत सड़कों पर बेसहारा घूम रहे व अपनों से बिछड़े हुए लोगों को घर पहुंचाने में मददगार बन रही है। इसी के तहत सत्संग के दौरान दो और मंदबुद्धि साध-संगत की सेवाभावना के चलते अपने परिजनों से मिल पाए। इस दौरान पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि साध-संगत यह बेमिसाल काम कर रही है। भगवान उनके घर में बरकत डाले। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जो इन्सान ईश्वर की बनाई सृष्टि की, औलाद की सेवा करता है, भगवान उनके घर कोई कमी नहीं छोड़ता।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अब तक साध-संगत ले चुकी है ये प्रण</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>मरणोपरांत नेत्रदान           1,44,090   लोग</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जीते जी गुर्दादान               56,768       लोग</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>नियमित रक्तदान              1,30,000   से अधिक लोग</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मरणोपरांत शरीरदान        1,21,260</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>दहेज न लेने वाले               1,35,173     परिवार</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>सफाई अभियान के लिए    1,49,587    लोग</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>भक्तयोद्धा                         1522           युवा</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>21 शुभदेवियों की भक्तयोद्धाओं से हो चुकी हैं शादियां</strong></li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jun 2017 02:40:04 +0530</pubDate>
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