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                <title>New Criminal laws - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>New Criminal Laws: नया कानून लागू: जानें, किस मामले में अब कितनी जेल की सजा काटनी होगी?</title>
                                    <description><![CDATA[New criminal laws: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। भारत ने बीते सोमवार को आपराधिक कानूनों में नए बदलावों के साथ नए कानून लागू किए, जिसके बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कहा कि इससे देश में न्याय व्यवस्था और भी बेहतर होगी। नए कानूनों को मोदी के पिछले कार्यकाल के दौरान दिसंबर में संसद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-law-implemented-know-how-much-jail-sentence-will-have-to-be-served-in-which-case/article-59382"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/new-criminal-laws.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>New criminal laws: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> भारत ने बीते सोमवार को आपराधिक कानूनों में नए बदलावों के साथ नए कानून लागू किए, जिसके बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कहा कि इससे देश में न्याय व्यवस्था और भी बेहतर होगी। नए कानूनों को मोदी के पिछले कार्यकाल के दौरान दिसंबर में संसद द्वारा अनुमोदित किया गया था, जिसमें सरकार ने कहा था कि उनका उद्देश्य ‘न्याय देना है, दंड नहीं’। यह कहता है कि इनकी आवश्यकता थी क्योंकि औपनिवेशिक कानून एक सदी से भी अधिक समय से आपराधिक न्याय प्रणाली के मूल में थे। प्रमुख परिवर्तनों में से एक है, भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को जेल में डालने के लिए ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के तहत अधिनियमित किए जाने के बाद अक्सर दमन के उपकरण के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले राजद्रोह कानून को बदलना।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/teeth-cleaning-home-remedy/">Teeth Cleaning Home Remedy: आपके किचन में मौजूद ये कुछ चीजें आपके पीले दांतों को मोतियों को तरह चमका देंगी, जानिए कैसे करें इस्तेमाल</a></p>
<p style="text-align:justify;">यौन उत्पीड़न से निपटने वाले कानूनों को मजबूत किया गया है, जबकि समलैंगिकता को अपराध बनाने वाले पिछले कानून को हटा दिया गया है। अन्य प्रमुख बदलावों में पुलिस द्वारा संदिग्ध को हिरासत में रखने की अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 60 दिन करना और कुछ विशेष मामलों में 90 दिन करना शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">नए कानून लागू हो जाने के बाद न्याय प्रक्रिया आॅनलाइन हो जाएगी। इसके साथ ही नए कानून के लागू हो जाने के बाद तारीख पर तारीख के चक्कर से आजादी मिलेगी। इंडियन पीनल कोड की जगह भारतीय न्याय संहिता, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होगा। नए कानून के लागू होने के बाद जो धाराएं अपराध की पहचान बन चुकी थीं, उनमें भी बदलाव होगा। जैसे हत्या के लिए लगाई जाने वाली धारा 302 अब धारा 101 कहलाएगी। ठगी के लिए लगाई जाने वाली धारा 420 अब धारा 316 होगी। हत्या प्रयास के लिए लगाई जाने वाली धारा 307 अब 109 कहलाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">धारा 376 अब धारा 63 होगी| New criminal laws</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं दुष्कर्म के लिए लगाई जाने वाली धारा 376 अब धारा 63 होगी। नए कानूनों में आपराधिक न्याय प्रणाली में तकनीकी का इस्तेमाल बढ़ जाएगा। नए आपराधिक कानून से 3 वर्ष में न्याय मिलेगा। तीन वर्ष के भीतर पीड़ित को न्याय मिल सकेगा। शिकायत दायर करने के 3 दिनों में एफआईआर दर्ज करनी होगी। यौन उत्पीड़न के मामले में 7 दिनों में जांच पूरी करनी होगी। भगोड़े अपराधियों पर 90 दिनों के भीतर केस दर्ज होगा। इसके साथ आपराधिक मामलों की सुनवाई 45 दिनों में पूरी होगी। गैंगरेप में 20 साल का कारावास या आजीवन सजा का प्रावधान है। नाबालिग के गैंगरेप में आजीवन सजा या मौत की सजा होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">7 साल या उससे अधिक सजा के मामलों में फॉरेंसिक जांच होगी</h3>
<p style="text-align:justify;">यौन संबंध के लिए झूठ बोलना भी अपराध माना जाएगा। पीड़िता का बयान महिला अधिकारी की उपस्थिति में होगा। भारत के साथ अन्य देशों में भी अपराधी की संपत्ति जब्त होगी। अगले 50 सालों में हर संभव तकनीकी बदलाव किए जाएंगे। 7 साल या उससे अधिक सजा के मामलों में फॉरेंसिक जांच होगी। नए कानून के लागू हो जाने के बाद पुलिस कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। अदालत में आॅडियो-वीडियो पेश करने का प्रावधान होगा। पूरे देश में एक समान न्याय प्रणाली की व्यवस्था होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मॉब लिंचिंग के मामलों में 7 वर्ष की सजा होगी। एसिड हमलों में कम से कम दस वर्ष से आजीवन कारावास तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नए कानूनों के संबंध में पूर्ण रूप से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सभी को इस विषय में जागरूक कर कानूनी जानकारी दी जा रही है। वर्तमान समय की परिस्थिति के अनुसार ही सरकार की ओर से पुराने कानूनों में संशोधन करते हुए नए कानून बनाए गए हैं। उम्मीद है कि जनमानस के लिए नए कानूनों बहुत उपयोगी रहेंगे और आम जनता को न्याय प्राप्त होगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 14:26:57 +0530</pubDate>
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                <title>New Criminal laws: अपराध मुक्त राजस्थान के लिए मील का पत्थर होंगे साबित नए कानून : सीएम</title>
                                    <description><![CDATA[New Criminal laws : जयपुर (सच कहूं न्यूज)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal Sharma) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से 1 जुलाई से लागू हुए नवीन भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम से संविधान की मूल भावना को बल मिला है। पुराने कानूनों में केवल सजा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/new-laws-will-prove-to-be-a-milestone-for-crime-free-rajasthan-cm/article-59281"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/cm-rajasthan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">New Criminal laws : जयपुर (सच कहूं न्यूज)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal Sharma) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से 1 जुलाई से लागू हुए नवीन भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम से संविधान की मूल भावना को बल मिला है। पुराने कानूनों में केवल सजा का प्रावधान था, लेकिन अब इन नए कानूनों में न्याय पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अपराधमुक्त राजस्थान बनाने तथा शीघ्र एवं सुलभ न्याय के लिए ये कानून मील का पत्थर साबित होंगे। New Criminal laws</p>
<p style="text-align:justify;">भजनलाल शर्मा सोमवार को नवीन आपराधिक कानूनों को आमजन तक पहुंचाने के संबंध में गृह विभाग की उच्चस्तरीय बैठक ले रहे थे। बैठक में सभी 50 जिलों से पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखी, ग्राम रक्षक और पुलिस मित्र तथा आमजन वर्चुअल रूप से जुड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1860 में बने भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता, 1898 में बने दंड प्रक्रिया संहिता के स्थान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा 1872 में बने एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम के लागू होने से कानून में भारतीयता की आत्मा को दुबारा स्थापित किया गया है। इन नए कानूनों में न्याय की अवधारणा, पीड़ित केन्द्रित सोच तथा त्वरित न्याय के सिद्धांत पर बल दिया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नियत समय में न्याय मिलने के प्रावधान शामिल</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री के कहा कि नवीन आपराधिक विधि में आपराधिक मामले के महत्वपूर्ण चरणों को नियत समय-सीमा में बांधा गया है। नए कानूनों में परिवादी को 90 दिन होने पर मुकदमें की प्रगति से पुलिस को अवगत कराना, प्राथमिक जांच को 14 दिन में सम्पन्न करना, बलात्कार संबंधी मेडिकल रिपोर्ट 7 दिन में प्रदान करना, न्यायालय द्वारा पहली सुनवाई के 60 दिन में आरोप तय करना और विचारण पूरा होने के 45 दिन में निर्णय देने जैसे प्रावधान शामिल हैं, जिससे पीड़ित को त्वरित न्याय मिल सकेगा। New Criminal laws</p>
<p style="text-align:justify;">भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पुलिस थाने पर इन कानूनों की जानकारी के संबंध में डेशबोर्ड लगाया जाए। बैठक में बताया गया कि सभी पुलिस कार्मिकों को इन नए कानूनों के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक 51 हजार से अधिक पुलिस कार्मिक इन नए कानूनों का प्रशिक्षण ले चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, पुलिस महानिदेशक यू.आर. साहू, मुख्य सचिव सुधांश पंत ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह आनंद कुमार, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) आलोक गुप्ता मौजूद रहे। New Criminal laws</p>
<p><a title="Governor Kalraj Mishra Birthday: राज्यपाल कलराज मिश्र को राष्ट्रपति, पीएम ने दी जन्मदिन पर बधाई" href="http://10.0.0.122:1245/president-pm-congratulate-governor-kalraj-mishra-on-his-birthday/">Governor Kalraj Mishra Birthday: राज्यपाल कलराज मिश्र को राष्ट्रपति, पीएम ने दी जन्मदिन पर बधाई</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 17:53:40 +0530</pubDate>
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