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                <title>attacks - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>इराक में सैन्य अड्डे पर तीन रॉकेट से हमला</title>
                                    <description><![CDATA[बगदाद। बगदाद की राजधानी इराक के पास सैन्य अड्डे पर तीन कतयुशा रॉकेट से हमला किया गया है। इन अड्डों में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। गृह मंत्रालय के सूत्र ने इसकी जानकारी दी। यह हमला सोमवार की शाम को किया गया। तीन रॉकेट उत्तरी बगदाद से 20 किलोमीटर दूर अल-ताजी शिविर में गिरे। सूत्रों के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/three-rocket-attacks-on-military-base-in-iraq/article-17128"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/japan-mini-rocket.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बगदाद।</strong> बगदाद की राजधानी इराक के पास सैन्य अड्डे पर तीन कतयुशा रॉकेट से हमला किया गया है। इन अड्डों में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। गृह मंत्रालय के सूत्र ने इसकी जानकारी दी। यह हमला सोमवार की शाम को किया गया। तीन रॉकेट उत्तरी बगदाद से 20 किलोमीटर दूर अल-ताजी शिविर में गिरे। सूत्रों के मुताबिक इस हमले में कितनी हानि हुई है यह अभी स्पष्ट नहीं है। सूत्रों ने बताया कि इराकी सेना ने इलाके में तलाशी अभियान शुरु कर दिया है। अल-ताजी शिविर बहुत बड़ा सैन्य अड्डा है जहां कुछ अमेरिकी सैनिक तैनात है। किसी भी समूह ने अब तक हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। उल्लेखनीय है कि इस्लामिक स्टेट आतंकवादियों के खिलाफ जंग में इराकी सेना के समर्थन में करीब पांच हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक यहां तैनात है। इनमें से ज्यादातर सैनिक ट्रेनिंग के लिए यहां मौजूद हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2020 09:54:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफगानिस्तान में मस्जिदों पर हमले में 10 की मौत, 14 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[काबुल। अफगानिस्तान में मस्जिदों पर हमले की दो घटनाओं में 10 ग्रामीणों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। प्रांतीय प्रवक्ता ताबिल मांगल ने बुधवार को बताया कि खोस्त प्रांत में सबरी जिले के कोरचको गांव में मंगलवार रात एक मस्जिद के बाहर लोगों पर गोलीबारी में तीन लोग मारे गए थे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/10-killed-in-mosque-attacks-in-afghanistan/article-15489"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/mosque-attacks.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>काबुल।</strong> अफगानिस्तान में मस्जिदों पर हमले की दो घटनाओं में 10 ग्रामीणों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। प्रांतीय प्रवक्ता ताबिल मांगल ने बुधवार को बताया कि खोस्त प्रांत में सबरी जिले के कोरचको गांव में मंगलवार रात एक मस्जिद के बाहर लोगों पर गोलीबारी में तीन लोग मारे गए थे और एक बच्चा घायल हो गया था। घटना के समय मस्जिद में नमाज अदा की जा रही थी। एक अन्य घटना में पूर्वी प्रांत परवान की प्रांतीय राजधानी चारीकर सिटी के बाहरी इलाके में स्थित खलाजाई गांव की मस्जिद में रात 7:00 बजे की नमाज के दौरान इसी तरह के हमले में सात ग्रामीणों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">घायलों को चारीकर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">किसी भी आतंकवादी संगठन ने अब तक हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।</li>
</ul>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2020 14:33:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीरिया में अपने हमलों को रोकेगा तुर्की</title>
                                    <description><![CDATA[अंकारा (एजेंसी)। तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोगोलू ने कहा है कि सीरिया के सुरक्षा बफर क्षेत्र मेें कुर्द बलों की वापसी के लिये तुर्की उत्तरी सीरिया में सैन्य अभियान को रोकेगा। इससे पहले तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्डोगन ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेनस के साथ यहां चार घंटे तक बैठक की जिसमे दोनों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/turkey-will-stop-its-attacks-in-syria/article-10847"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-10/attacks.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अंकारा (एजेंसी)। </strong>तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोगोलू ने कहा है कि सीरिया के सुरक्षा बफर क्षेत्र मेें कुर्द बलों की वापसी के लिये तुर्की उत्तरी सीरिया में सैन्य अभियान को रोकेगा। इससे पहले तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्डोगन ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेनस के साथ यहां चार घंटे तक बैठक की जिसमे दोनों पक्ष सीरिया में सैन्य अभियान को 120 घंटो तक रोकने पर सहमत हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री मेवलुत ने कहा, “ हम पांच दिन तक सीरिया में कोई सैन्य अभियान नहीं चलाएंगे। यह कोई युद्धविराम संधि नहीं है, हमने बस रुकने का निर्णय लिया है। इस दौरान हम कुरदीश सुरक्षा बलों को क्षेत्र से निकल जाने का मौका दे रहे है। हम हालांकि इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे।”</p>
<p> </p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Oct 2019 10:24:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजरायल के लड़ाकू विमानों ने हमास के शिविर पर किए हमले</title>
                                    <description><![CDATA[तेल अवीव 23 जनवरी (एजेंसी) इजरायल की रक्षा सेना (आईडीएफ) के मुताबिक उसके लड़ाकू विमानों ने मंगलवार को उत्तरी गाजा पट्टी में हमास के एक शिविर को निशाना बनाकर हमले किए। आईडीएफ ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह हमले इजरायल-गाजा सीमा पर परिस्थितियों के जवाब में किए गए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>तेल अवीव 23 जनवरी (एजेंसी)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इजरायल की रक्षा सेना (आईडीएफ) के मुताबिक उसके लड़ाकू विमानों ने मंगलवार को उत्तरी गाजा पट्टी में हमास के एक शिविर को निशाना बनाकर हमले किए। आईडीएफ ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह हमले इजरायल-गाजा सीमा पर परिस्थितियों के जवाब में किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली वायु सेना ने मंगलवार को सीमा पर तनाव के बाद उत्तरी गाजा पट्टी में हमास के एक शिविर को निशाना बनाकर हमले किए। आईडीएफ ने टि्वटर पर कहा, “ आतंकवादियों ने दिन भर में कई बार गाजा के साथ इजरायल की सीमा पर तैनात हमारे सैनिकों पर गोलियां चलाईं। इसके जवाब में आईडीएफ के लड़ाकू विमानों ने उत्तरी गाजा पट्टी में हमास के एक शिविर को निशाना बनाकर हमले किए।”</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले आईडीएफ ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि गाजा सीमा पर फिलीस्तीनियों के साथ झड़प में एक इजरायली अधिकारी घायल हो गया। इसके जवाब में इजरायली टैंक ने हमास की एक चौकी को निशाना बनाकर हमला किया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इजरायली हमले में एक फिलीस्तीनी नागरिक की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गए।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Jan 2019 09:45:03 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजरायल ने सीरिया के सैन्य ठिकाने पर रॉकेटों से किया हमला</title>
                                    <description><![CDATA[हमले में कोई हताहत नहीं केवल आर्थिक क्षति बेरूत (एजेंसी)।इजरायल ने सीरिया के अलेप्पो शहर के बाहरी इलाके नैराब हवाई अड्डे के पास रॉकेटों से एक सीरियाई सैन्य ठिकाने पर हमला किया। सीरियाई मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी है। सीरिया की समाचार एजेंसी साना ने सैन्य सूत्रों के हवाला से बताया “यहूदी शत्रुओं ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/israel-attacks-syrias-military-base-on-rockets/article-4852"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/israel-attacks.jpg" alt=""></a><br /><h2>हमले में कोई हताहत नहीं केवल आर्थिक क्षति</h2>
<p><strong>बेरूत (एजेंसी)।</strong>इजरायल ने सीरिया के अलेप्पो शहर के बाहरी इलाके नैराब हवाई अड्डे के पास रॉकेटों से एक सीरियाई सैन्य ठिकाने पर हमला किया। सीरियाई मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी है। सीरिया की समाचार एजेंसी साना ने सैन्य सूत्रों के हवाला से बताया “यहूदी शत्रुओं ने उत्तर के नैराब हवाई अड्डे को निशाना बनाते हुए हमारे सैन्य ठिकाने पर रॉकेट से हमला किया। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है केवल आर्थिक क्षति हुई हैं।”यह कहा गया है कि दक्षिणी सीरिया में विद्रोहियों का समर्थन करने के लिए इजरायल ने यह हमला किया है जहां सीरियाई सेनाओं ने आक्रमक रूख अपनाया हुआ है।</p>
<p>इजरायल के सैन्य प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है।इज़राइल इस बात से चिंतित है कि सीरिया में ईरान की बढ़ती उपस्थिति उसकी सुरक्षा के लिए एक खतरा है। पिछले सात साल के संघर्ष के दौरान इजरायल ने ईरान और ईरान समर्थित ठिकानों पर हमला किया है। ईरान सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद का एक प्रमुख सहयोगी है और श्री असद के समर्थन में लड़ रहे लेबनान के हेज़बुल्लाह सहित कई मिलिशिया का समर्थन करता रहा है।</p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jul 2018 02:57:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आसिया अंद्राबी की पाकिस्तानी परस्ती पर प्रहार</title>
                                    <description><![CDATA[आसिया अंद्राबी को निर्दोष और अपने आप को पीड़ित भी बता रहे । ASEA ANDRABI, PAKISTANI विष्णुगुप्त: आसियां अंद्राबी की गिरफ्तारी पर अलगाववादी, विखंडनकारी और पाकिस्तान परस्त बिलबिलाये पडेÞ हैं, उल्टे-पुलटे आरोप जड़ रहे हैं, भारत सरकार को खलनायक बता रहे हैं, आसिया अंद्राबी को निर्दोष और अपने आप को पीड़ित भी बता रहे हैं, धमकियां […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/asea-andrabis-pakistani-attacks/article-4768"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/pakistan.jpg" alt=""></a><br /><h1>आसिया अंद्राबी को निर्दोष और अपने आप को पीड़ित भी बता रहे । ASEA ANDRABI, PAKISTANI</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>विष्णुगुप्त: </strong>आसियां अंद्राबी की गिरफ्तारी पर अलगाववादी, विखंडनकारी और पाकिस्तान परस्त बिलबिलाये पडेÞ हैं, उल्टे-पुलटे आरोप जड़ रहे हैं, भारत सरकार को खलनायक बता रहे हैं, आसिया अंद्राबी को निर्दोष और अपने आप को पीड़ित भी बता रहे हैं, धमकियां दे रहे हैं, कि इसके खिलाफ दुष्परिणाम भयानक होंगे? उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी परस्ती और आतंकवाद का संरक्षण-समर्थन देने के आरोप में तालिबानी संगठन दुख्तरान ए मिल्लत की प्रमुख आसियां अद्राबी को एनआईए ने गिरफ्तार किया है <strong>(ASEA ANDRABI, PAKISTANI)</strong>। दुष्परिणाम भयानक क्या होंगे? अलगाववादी, विखंडनकारी और पाकिस्तान परस्त आतंकवादी आतंकवाद का कौन सा अवसर छोड़ते हैं, वे तो आतंकवाद व हिंसा का हर अवसर लपकने के लिए तैयार होते हैं। उनके आरोप और उनकी चेतावनियां-धमकियां कोई ज्यादा असरकारी होंगी नहीं और न ही भारत सरकार अपना रूख बदलने वाली है, और न ही भारतीय सेना तथा अन्य भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलगाववादियों, विखंडनकारियों और पाकिस्तान परस्तों को कोई रियायत देने के लिए तैयार होंगी।मान-मनव्वल का समय समाप्त हो गया है, मान-मनव्वल के समय में अलगाववादियों, विखंडकारियों और पाकिस्तान परस्तों की हर मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार होता था, उनकी हर हिंसा को नजरअंदाज कर दिया जाता था। आखिर क्यों? इसलिए कि इन्हेंं शांति और वार्ता का अवसर दिया जाये। इसलिए सैकड़ों पत्थरबाजों को माफी दी गयी, रमजान के अवसर पर एक तरफा युद्ध विराम किया गया। पत्थरबाजों की माफी और रमजान के अवसर पर एक तरफा युद्ध विराम का दुष्परिणाम क्या निकला, यह कौन नहीं जानता है, आतंकवादी हिंसा बढी, पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग बढी। विखंडकारी और पाकिस्तान परस्त यह खुशफहमी पाल रखे थे कि अब भारत सरकार तो कुछ करने ही वाली नहीं है।जब नाउम्मीदी उत्पन्न होती है तब सैनिक-पुलिस कार्यवाही का विकल्प बचता है, भारत सरकार इसी विकल्प का प्रयोग कर रही है। अब आतंकवादी समर्थक राजनीति कश्मीर में नहीं चल सकती है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">जब-जब लोकतांत्रिक शासन कश्मीर के अंदर अस्तित्व में होता है-तब-तब हिंसा बढ जाती</h1>
<h1>। ASEA ANDRABI, PAKISTANI</h1>
<p style="text-align:justify;">जब-जब लोकतांत्रिक शासन कश्मीर के अंदर अस्तित्व में होता है-तब-तब आतंकवाद और हिंसा बढ जाती है, राष्ट्र विराधी अराजक हो जाते हैं, उनकी अराजकता शांति को भंग करती है, पुलिस और सेना पर हिंसक बन कर टूटती है। लोकतांत्रिक शासन में नरम रूख अख्यिार किया जाता है, सुधरने का अवसर दिया जाता है, इंतजार भी किया जाता है, समस्या के समाधन की पिच भी बनायी जाती है। पर कश्मीर का इतिहास यह कहता है कि जब-जब लोकतांत्रिक शासन ने कश्मीर समस्या के प्रति गंभीरता दिखायी है, समाधान के विन्दु तलाशे हैं, तब-तब पाकिस्तान की पैंतरेबाजी सामने आयी, पाकिस्तान की हिंसक कारस्तानी सामने आयी, पाकिस्तान ने अपने मोहरे संगठनों को हिंसक रूप से सक्रिय कर दिया, हिंसा और आतंकवाद की बर्बर सक्रियता दिखायी। भाजपा ने भी पीडीपी के साथ मिलकर लोकतांत्रित सरकार की स्थापना की थी। पीडीपी की करतूत और पीडीपी की हिंसक व विखंडन प्रक्रिया के साथ दोस्ती जगजाहिर थी , परन्तु भाजपा यह समझती भी थी कि पीडीपी और विखंडनकारियों की दोस्ती जल्द छूटने वाली नहीं है। फिर भी भाजपा ने पीडीपी के साथ मिल कर लोकतांत्रिक सरकार बनायी थी। भाजपा को उम्मीद थी कि अच्छी सरकार और अच्छा प्रशासन का लाभ उठाया जा सकता है, अच्छी सरकार और अच्छा प्रशासन देकर अलगाववादियों, विखंडनकारियों और पाकिस्तान परस्तों की सक्रियता तोडी जाये उनके समर्थन को तोड़ा जाये। पर पीडीपी के अघ्यक्ष महबूबा मुफ्ती की विखंडनकारी सोच टूटी नहीं। महबूबा की सोच हमेशा की तरह विखंडनकारियों के प्रति नरम रही। दरअसल पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की सोच गलत थी, वह सोचती थी कि भाजपा की मजबूरी के कारण उसकी अराजकता और आतंकवादी समर्थक नीति चलती रहेगी। सेना के अधिकारियों पर मुकदमा चलने लगे, पुलिस और सेना के अधिकारियों का मनोबल तोड़ा जाने लगा। फलस्वरूप लोकतांत्रिक सरकार दफन हुई। मोदी पर आतंकवादी संगठनों और पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार करने का दबाव था।</p>
<h1 style="text-align:justify;">नरेन्द्र मोदी सरकार के सामने और कोई दूसरा चारा भी नहीं था</h1>
<h1>। ASEA ANDRABI, PAKISTANI</h1>
<p style="text-align:justify;">आसिंया अंद्राबी जैसे हिंसक और विखंडनकारी और पाकिस्तान परस्त आतंकवादियों को तभी समझ में आ जाना चाहिए था जब भाजपा ने पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़ा था और जम्मू-कश्मीर की सरकार गिरायी थी। नरेन्द्र मोदी सरकार के सामने और कोई दूसरा चारा भी नहीं था। अगर वह आतंकवादियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं होती तो फिर उनका आधार ही समाप्त हो जाता। खुद आतंकवादी अपने करतूतों से समर्थन नेटवर्क को जमींदोज किये हैं।आतंकवादी संगठन के पाकिस्तान परस्ती एक अहम प्रश्न है,पाकिस्तान परस्ती के कारण कश्मीर के आतंकवादी संगठनों की छवि हमेशा खराब रहती है। पाकिस्तान अब पहले की तरह मजबूत नहीं है, पहले की तरह वह अतंराष्ट्रीय स्तर पर भारत विरोधी भावनाएं नहीं भड़का सकता है, क्योंकि उसकी छवि एक आतंकवादी देश की है, दुनिया यह जान चुकी है, दुनिया यह मान चुकी है कि पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवाद का आउटसोर्सिंग करता है, कश्मीर में पाकिस्तान ही आतंकवादी हिंसा की जड़ में है। भारत अब मजबूती के साथ दुनिया के नियामकों के अंदर में पाकिस्तान परस्त आतंकवाद का पोल खोलते रहा है और दुनिया को आईना दिखाता रहा है कि पाकिस्तान परस्त आतंकवाद सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरनाक है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">कश्मीर के अंदर वह तालिबानी शासन लागू करना चाहती थी</h1>
<h1>। ASEA ANDRABI, PAKISTANI</h1>
<p style="text-align:justify;">कश्मीर के अंदर वह तालिबानी शासन लागू करना चाहती थी, इसके लिए वह हिंसा का सहारा लेती थी। बुर्का पहनना वह अनिवार्य करना चाहती थी, बुर्का के समर्थन में वह अभियान भी चलायी थी। वह किसी भी स्थिति में कश्मीर के अंदर कैफे संस्कृति विकसित नहीं होने देना चाहती थी, कैफे जाने वाली लड़कियों पर हमला कराने का आरोप भी उस पर लगा था। वह कहती थी कि हर स्त्री को बुर्का पहनना अनिवार्य है और इस्लाम के अनुसार स्वीकार है। बुर्का न पहनने वाली महिलाएं और लडकिया इस्लाम विरोधी हैं, वह यह भी कहती थी कि जो महिलाएं और जो लडकियां इस्लाम का आदेश न मानकर बुर्का नहीं पहनती है वे सभी महिलाएं और लडकियां सजा की लायक हैं। आसियां आद्राबी के अभियान से प्रेरित होकर कई युवकों ने बुर्का न पहलने वाली लडकियों पर हिंसा भी बरपायी थी। आसिया की इस तालिबानी करतूत की कश्मीर में बडी आलोचना भी हुई थी। उदार संस्कृति के पक्षधर लोगों के बीच आसिया आद्रांबी डर पैदा करती थी। आसिया अंद्राबी पर पाकिस्तान परस्ती हमेशा हावी रहती है। वह कहती है कि उसे पाकिस्तान में मिलना है, उसका संघर्ष पाकिस्तान के लिए है। पाकिस्तान में उसे मजहबी शांति मिलेगी। वह भारत को काफिर देश कहती है। काफिर की मानसिकता क्या है? काफिर की मानसिकता बड़ा ही खतरनाक और जहरीली है। गैर मुस्लिमों को काफिर कहा गया है। इस्लाम में काफिर का नामोनिशान मिटाने का आदेश है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि वह हर साल पाकिस्तान डे मनाती है। पाकिस्तान डे पर वह न केवल पाकिस्तान की प्रशंसा करती है बल्कि भारत के खिलाफ आग उगलती है। भारत को वह हिंसक देश कहती है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">दुनिया अब कश्मीर की आतंकवादी हिंसा की जड समझ चुकी है</h1>
<h1>। ASEA ANDRABI, PAKISTANI</h1>
<p style="text-align:justify;">अब तक उसे पाकिस्तान डे मानाने की आजादी कैसे मिली? भारत सरकार की कमजोरी का लाभ उसने खूब उठाया है। भारत में रहकर पाकिस्तान परस्ती किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं है। एनआईए ने आसियां आद्राबी को गिरफ्तार कर प्रहारक संदेश दिया है। विखंडनकारी और हिंसक आतंकवादियों को इसके संदेश समझ लेना चाहिए। अब उनकी पाकिस्तान परस्ती चलने वाली नहीं है। दुनिया भी अब उनकी पाकिस्तान परस्ती पर संज्ञान लेने वाली नहीं है। दुनिया अब कश्मीर की आतंकवादी हिंसा की जड समझ चुकी है। कश्मीर में पाकिस्तान परस्त आतंकवादी संगठनों की सबसे बडी शक्ति भारत और दुनिया के मानवाधिकार संगठन रहे हैं। पर मानवाधिकार संगठन अब खूद ही संदेह के घेरे में हैं। दुनिया की जनमत मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट पर विश्वास नहीं कर रही है। मानवाधिकार संगठन यह कहते हैं कि आतंकवादियों के भी मानवाधिकार हैं पर दुनिया की जनमत अब कहती है कि आतंकवादियों द्वारा मारे गये निर्दोष लोगों और आतंकवादियों की हिंसा से प्रभावित लोगो के भी मानवाधिकार हैं। इसीलिए आसिया आद्राबी की गिरफ्तारी पर कोई बडा देश या बडा नियामक विरोध में सामने नहीं आये हैं।सेना और पुलिस के दबाव से पाकिस्तान परस्त आतंकवादी संगठनों के हौसले पस्त हैं। कई कुख्यात आतंकवादी सरगानाए मारे गये हैं। भारत सरकार को अब किसी भी स्थिति में विखंडनकारियों को कोई अवसर नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि ये विखंडनकारी शांति और सदभाव की बात सुनते ही नहीं है। अब पाकिस्तान परस्त आतंकवाद पर अंतिम कील ठोकने की जरूरत है। इसकी शुरूआत आसिया आद्राबी की गिरफ्तारी से हो चुकी है।</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Jul 2018 02:53:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>केजरीवाल का मोदी पर हमला, कहा: अफसरों की हड़ताल करवा कर ठप किया कामकाज</title>
                                    <description><![CDATA[आईएएस अफसरों के हड़ताल पर जाने के लिए पीएम मोदी को बताया जिम्मेदार नई दिल्ली (एजेंसी) :  दिल्ली प्रशासन में काम कर रहे आईएएस अफसरों की हड़ताल को लेकर उपराज्यपाल के आवास पर धरने पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली सरकार के लिए काम करने वाले आईएएस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/kejriwal-attacks-modi/article-4250"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kejriwal1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">आईएएस अफसरों के हड़ताल पर जाने के<br />
लिए पीएम मोदी को बताया जिम्मेदार</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी) : </strong></p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली प्रशासन में काम कर रहे आईएएस अफसरों की हड़ताल को लेकर उपराज्यपाल के आवास पर धरने पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली सरकार के लिए काम करने वाले आईएएस अफसरों के हड़ताल पर जाने के लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार बताया है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi">Good morning Delhi</p>
<p>जो प्रधान मंत्री किसी राज्य में अफ़सरों की हड़ताल करवा के वहाँ का काम काज ठप करता है, क्या ऐसे प्रधान मंत्री के हाथों में देश का लोकतंत्र सुरक्षित है?</p>
<p>— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) <a href="https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/1008149051152523264?ref_src=twsrc%5Etfw">June 17, 2018</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">सीएम केजरीवाल ने रविवार सुबह ट्वीट करते हुए कहा, ‘जो प्रधानमंत्री किसी राज्य में अफ़सरों की हड़ताल करवा के वहां का काम-काज ठप करता है, क्या ऐसे प्रधानमंत्री के हाथों में देश का लोकतंत्र सुरक्षित है?’ जो प्रधान मंत्री किसी राज्य में अफ़सरों की हड़ताल करवा के वहाँ का काम काज ठप करता है, क्या ऐसे प्रधान मंत्री के हाथों में देश का लोकतंत्र सुरक्षित है?</p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल दिल्ली प्रशासन में काम कर रहे आईएएस अधिकारियों की अघोषित हड़ताल समाप्त करवाने, काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और गरीबों के घर राशन पहुंचाने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग कर रहे हैं। केजरीवाल दिल्ली में नौकरशाहों की ‘हड़ताल’ खत्म करवाने के लिए अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ उपराज्यपाल के कार्यालय में सात दिन से धरना पर बैठे हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/kejriwal-attacks-modi/article-4250</link>
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                <pubDate>Sun, 17 Jun 2018 09:48:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>घाटी में आतंकी हमलों के बाद एक्शन में सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। गृहमंत्री राजनाथ सिंह सात जून को दो दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह प्रदेश में सुरक्षा बलों की कार्रवाई रोके जाने के फैसले से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करेंगे। संभावना तलाशेंगे कि कार्रवाई रोके रखने का फैसला क्या और आगे बढ़ाया जा सकता है। दौरे में वह सीमापार गोलाबारी से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/government-in-action-after-terrorist-attacks-in-the-valley-2/article-3691"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/rajnath-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>गृहमंत्री राजनाथ सिंह सात जून को दो दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह प्रदेश में सुरक्षा बलों की कार्रवाई रोके जाने के फैसले से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करेंगे। संभावना तलाशेंगे कि कार्रवाई रोके रखने का फैसला क्या और आगे बढ़ाया जा सकता है। दौरे में वह सीमापार गोलाबारी से प्रभावित इलाकों में भी जाएंगे और पीडि़त लोगों से मुलाकात करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि रमजान के महीने में सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में कार्रवाई को रोक रखा है। 16 मई को केंद्र सरकार की ओर से कार्रवाई रोकने की एकतरफा घोषणा के बाद यह केंद्र के किसी शीर्ष नेता का दूसरा जम्मू-कश्मीर दौरा होगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख, श्रीनगर और जम्मू का दौरा किया था। अपने दौरे में गृह मंत्री सीमावर्ती जिले कुपवाड़ा भी जाएंगे, वहां पर वह सीमा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वह पुलिस, अर्ध सैन्य बलों और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रमजान के महीने में कार्रवाई रोके जाने से पैदा हुए हालात की समीक्षा करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/government-in-action-after-terrorist-attacks-in-the-valley-2/article-3691</link>
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                <pubDate>Sat, 05 May 2018 07:44:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लंदन : वैन ने लोगों को कुचला, दो की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन में बढ़े हमले लंदन (एजेंसी)। लंदन में फिसबरी पार्क मस्जिद के पास एक वैन ने राहगीरों को टक्कर मार दी, जिससे दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।‘द सन’ ने घटना की पुष्टि की है। इससे पहले पुलिस ने कहा कि दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/two-dead-in-crushed-with-the-van/article-1396"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/2017_6img19_jun_2017_ap6_19_2017_000014b.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">ब्रिटेन में बढ़े हमले</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>लंदन (एजेंसी)।</strong> लंदन में फिसबरी पार्क मस्जिद के पास एक वैन ने राहगीरों को टक्कर मार दी, जिससे दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।‘द सन’ ने घटना की पुष्टि की है। इससे पहले पुलिस ने कहा कि दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मुस्लिम काउंसिल ब्रिटेन (एमसीबी) ने ट्विटर पर कहा कि वैन चालक ने जानबूझकर राहगीरों को कुचलने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रमजान के कारण लोग बड़ी संख्या में नमाज पढ़ने आए थे, जिस कारण यह इलाका काफी व्यस्त था।</p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ‘हर कोई चीख और चिल्ला रहा था कि वैन ने लोगों को टक्कर मारी है। लोग मस्जिद से नमाज अदा करके निकल रहे थे, तभी वैन ने टक्कर मारी।गौरतलब है कि पिछले दिनों में ब्रिटेन में इस तरह के हमले बढ़े हैं। तीन जून को लंदन ब्रिज पर और उसके पास के इलाके में लोगों पर ऐसा ही हमला हुआ था, जिसे पुलिस ने आतंकवादी हमला माना था। हमले में 8 लोग मारे गए थे और 50 लोग घायल हुए थे। 22 मार्च को एक व्यक्ति ने लंदन में वेस्टमिस्टर ब्रिज पर लोगों पर कार चढ़ा दी, जबकि एक पुलिसकर्मी को चाकू से मार डाला। इस हमले में कुल पांच लोग मारे गए थे।</p>
<p>यह खौफनाक घटना है। इस दुर्घटना में जो भी घायल हुए हैं, उनके परिजन और आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।</p>
<p><em>थेरेसा मे, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री</em></p>
<p>मैं फिसबरी पार्क के पास हुई घटना पर पूरी तरह से चौंक गया हूँ। इस भयानक घटना से प्रभावित लोगों और समुदाय के साथ मेरी संवेदनायें है।</p>
<p><em>जेरेमी कॉर्बिन, विपक्षी लेबर पार्टी के अध्यक्ष</em></p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Mon, 19 Jun 2017 05:44:54 +0530</pubDate>
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