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                <title>Vegetable Prices - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Vegetable Prices RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Vegetable Prices: आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम, सब्जी मंडी में कम हुई रौनक</title>
                                    <description><![CDATA[आगामी दिनों में आमजन की पॉकेट पर दिखाई देगा महंगाई का असर हरा मटर, नींबू, अदरक ने 100 रुपए किलो का आंकड़ा किया पार, प्याज व आलू 120 रुपए 5 किलो पटियाला (सच कहूँ/नरेन्द्र सिंह बठोई)। Patiala News: आने वाले दिनों में गरीब की थाली का बजट हिलने वाला है। अब आम आदमी को दो […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/vegetable-prices-skyrocketed-leaving-the-vegetable-market-in-a-state-of-disrepair/article-78113"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/vegetable.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">आगामी दिनों में आमजन की पॉकेट पर दिखाई देगा महंगाई का असर</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>हरा मटर, नींबू, अदरक ने 100 रुपए किलो का आंकड़ा किया पार, प्याज व आलू 120 रुपए 5 किलो</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूँ/नरेन्द्र सिंह बठोई)।</strong> Patiala News: आने वाले दिनों में गरीब की थाली का बजट हिलने वाला है। अब आम आदमी को दो वक्त की रोटी के लिए जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ सकती है। जी हाँ, बात हो रही है रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों के बढ़ते दामों की। कुछ दिनों तक सब्जियों के दाम सामान्य रहने के बाद अब धीरे-धीरे उनमें बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे आम आदमी को सब्जी खरीदते समय सोच-विचार कर खर्च करना पड़ सकता है। वीरवार को जब पटियाला की सब्जी मंडी का दौरा किया गया तो यह देखने को मिला कि बढ़ते दामों के कारण मंडी में ग्राहकों की संख्या पहले से काफी कम थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इक्का-दुक्का दुकानों पर ही कुछ ग्राहक नजर आए। सब्जी विक्रेताओं में इस बात की निराशा साफ झलक रही थी। जब उनसे दामों के बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्याज 120 रुपए के 5 किलो, आलू भी 120 रुपए के 5 किलो, नया आलू 40 रुपए किलो के हिसाब से बिक रहा है। इसके अलावा हरा मटर 140 रुपए किलो, गाजर 60 रुपए किलो, गोभी 40 रुपए किलो, शिमला मिर्च 60 रुपए किलो, नींबू 100 रुपए किलो, अदरक 110 रुपए किलो, हरी मिर्च 60 रुपए किलो, टमाटर 60 रुपए किलो, खीरा 40 रुपए किलो बिक रहा है। बाकी सब्जियां भी 30 से 40 रुपए किलो के बीच बिक रही हैं। इन विके्रताओं ने बताया कि जब तक नई फसलें मंडी में नहीं आ जातीं, तब तक दाम और भी बढ़ सकते हैं। Patiala News</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि प्याज का दाम इस बार स्थिर रहा है, नहीं तो दीपावली के आसपास प्याज 100 रुपए किलो तक पहुंच जाता था। टमाटर के दाम भी कुछ दिन पहले तक सामान्य थे, लेकिन अब यह 60 रुपए किलो तक पहुंच चुका है और आगे और बढ़ने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं सब्जी खरीदने आए दरबारा सिंह, भगवंत सिंह, हाकम सिंह, परगट सिंह आदि ने बताया कि पहले दाम ठीक थे, लेकिन अब लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले हम ज्यादा मात्रा में सब्जी ले जाते थे, अब केवल जरूरत के हिसाब से ही खरीदते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि आम जनता को ध्यान में रखते हुए रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दामों को स्थिर रखा जाए ताकि आम व्यक्ति की रसोई का बजट न बिगड़े और हर कोई अपने परिवार का पालन-पोषण ठीक से कर सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सब्जी मंडी में न दिखा कूड़ा और न ही बेसहारा पशु</h3>
<p style="text-align:justify;">जब सब्जी मंडी के उस हिस्से का दौरा किया गया जहाँ पहले हमेशा कूड़े के ढेर लगे रहते थे और बेसहारा पशु मुंह मारते दिखाई देते थे, तो देखा गया कि इस बार नगर निगम के कर्मचारियों ने उस जगह को पूरी तरह साफ रखा था। मंडी में न तो कहीं कूड़ा था और न ही कोई बेसहारा पशु नजर आया। इस सफाई व्यवस्था की सराहना ग्राहकों और सब्जी विके्रताओं ने की। Patiala News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="एसडीएम काहलों ने सफाई व ट्रैफिक व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण" href="http://10.0.0.122:1245/sdm-kahlon-conducted-a-surprise-inspection-of-cleanliness-and-traffic-arrangements/">एसडीएम काहलों ने सफाई व ट्रैफिक व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 20:57:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Agricultural News: बारिश से हरी मिर्च और सब्जियों का भारी नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम में ठंडक, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ी पक्का कलां (सच कहूँ/पुष्पिन्द्र सिंह)। Pakka Kalan News: लगातार बारिश ने जहां तापमान में कमी लाकर मौसम को सुहावना बना दिया है, वहीं इसने वैकल्पिक खेती करने वाले किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। बारिश ने लोगों के चेहरों पर रौनक तो लाई, लेकिन सब्जियों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/heavy-loss-of-green-chillies-and-vegetables-due-to-rain/article-73304"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/pakka-kalan-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मौसम में ठंडक, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>पक्का कलां (सच कहूँ/पुष्पिन्द्र सिंह)।</strong> Pakka Kalan News: लगातार बारिश ने जहां तापमान में कमी लाकर मौसम को सुहावना बना दिया है, वहीं इसने वैकल्पिक खेती करने वाले किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। बारिश ने लोगों के चेहरों पर रौनक तो लाई, लेकिन सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। खेतों में पानी भरने से सब्जियों की फसलें लगभग नष्ट हो चुकी हैं, जिसके चलते सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। Agricultural News</p>
<h3 style="text-align:justify;">सब्जियों के दाम बढ़े</h3>
<p style="text-align:justify;">किसान इकबाल सिंह ने बताया कि उन्होंने गेहूं-धान के फसली चक्र से हटकर वैकल्पिक खेती को अपनाया था। इसके तहत उन्होंने हरी मिर्च, कद्दू, चौले और ग्वार जैसी सब्जियों की बिजाई की थीं। लेकिन बारिश के कारण खेतों में पानी जमा होने से उनकी फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। इसी तरह, बलवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन कनाल खेत में हरी मिर्च की खेती की थी, जो बारिश की मार से पूरी तरह नष्ट हो गई। सब्जियों की पैदावार कम होने से बाजार में उनके दाम बढ़ गए हैं, जिसके चलते आम लोगों को महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकार से मुआवजे की मांग | Agricultural News</h3>
<p style="text-align:justify;">भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर इकाई के अध्यक्ष जब्बरजंग सिंह ने सरकार से मांग की है कि वैकल्पिक खेती करने वाले किसानों को बारिश के कारण हुए फसली नुकसान के लिए उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों ने मेहनत और पूंजी लगाकर फसलें उगाई थीं, लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="बठिंडा में टूटा नाला, रातोंरात घरों में घुसा पानी, लोगों में मचा हड़कंप" href="http://10.0.0.122:1245/drain-broke-in-bathinda-water-entered-the-house-creating-panic-among-people/">बठिंडा में टूटा नाला, रातोंरात घरों में घुसा पानी, लोगों में मचा हड़कंप</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Jul 2025 11:26:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Vegetable Prices: बारिश से आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम, पपीते से महंगा हुआ खीरा</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले एक सप्ताह से लगभग दुगुने हुए दाम बरनाला/संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)। Vegetable Prices: बीते दिनों हुई बारिश के कारण सब्जियों के भाव बेहद बढ़ गए हैं, जिस कारण मध्यवर्गीय परिवारों की रसोई में सब्जियां कुछ दिन से गायब हो गई हैं। सब्जियों के भाव पिछले एक सप्ताह से लगभग दुगुने हो गए हैं।  Vegetable […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/vegetable-prices-have-increased-due-to-rain/article-72918"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/vegetable.jpg" alt=""></a><br /><h3>पिछले एक सप्ताह से लगभग दुगुने हुए दाम</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनाला/संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)।</strong> Vegetable Prices: बीते दिनों हुई बारिश के कारण सब्जियों के भाव बेहद बढ़ गए हैं, जिस कारण मध्यवर्गीय परिवारों की रसोई में सब्जियां कुछ दिन से गायब हो गई हैं। सब्जियों के भाव पिछले एक सप्ताह से लगभग दुगुने हो गए हैं।  Vegetable Prices Increased</p>
<p style="text-align:justify;">हासिल की जानकारी के अनुसार लगभग सभी शहरोंं में सब्जियो के भाव आसमान को छूने लगे हैं। संगरूर व बरनाला की मंडियों में भाव बढ़ने के कारण लोगों में इस संबंधी चर्चा जोरों पर हैं। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार पहले तो गर्मी के कारण कुछ सब्जियां झुलस गई और इसके बाद किसानों ने धान की रोपाई के लिए पहले बीजी गई सब्जियों को नष्ट कर दिया और अब जो थोड़ा-बहुत सब्जी उत्पादक हैं, वह इसका फायदा लेने में लगे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऊपर से अब रहती कसर बारिश ने निकाल दी है, जिस कारण सब्जियों की भारी कमी आ गई है। करीब दस दिन पहले सभी सब्जियों के भाव काफी कम होने से लोगों को राहत मिली हुई थी परंतु अब मंडी में सब्जी का भाव सुनकर लोगों को अपनी जेब की तरफ देखना पड़ रहा है। सब्जियां महंगी होने से महिलाओं को अपनी रसोई का बजट बनाना मुश्किल हो गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बरनाला मंडी में सब्जियों के मौजूदा भाव | Vegetable Prices Increased</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं अगर सब्जियों के मौजूदा भाव की बात की जाए तो बरनाला में कद्दू 80 रुपये किला बिक रहा है, तोरी का भाव 100 रुपए किलो तक पहुंच गया है। भिंडी 80 रुपये किलो, प्याज 25 रुपये किलो, खीरा (जपानी) 80 रुपये किलो, पपीता 50 रुपये किलो, आलू 25 रुपये किलो, फलियां 100 रुपये किलो व टमाटर का भाव 40 रुपये किलो बिक रहा है। इसके अलावा संगरूर मंडी में भी लगभग इसी तरह के भाव हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं संगरूर के सब्जी विक्रेता ने बताया कि पहले खेत खाली होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों ने सब्जियां बीजी हुई थीं, जिस कारण सब्जियों के भाव कम थे। अब ज्यादातर किसानों ने खेतों में धान की रोपाई कर दी है। वहीं ऊपर बारिश होने से सब्जियों के भाव पर भी बुरा असर पड़ा है। मंडी में प्याज, आलू, टमाटर, यूपी, गुजरात, राजस्थान व महाराष्टÑ से आते हैं, जिनके भाव तेज ही होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बरनाला की ग्रहणियां कमलजीत कौर, गुरमीत कौर व हरजिन्दर कौर ने बताया कि पिछले दो तीन दिन से सब्जियों के भाव बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं, जिससे उन्होंने फिलहाल सब्जियों से किनारा कर लिया है। उन्होंने बताया कि सब्जियों के भाव ने तो फलों को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने मांग की कि सरकार को चाहिए कि एकदम बढ़े भाव को कंट्रोल करने के लिए कोई प्रयास किए जाएं व सब्जियों की ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्ती की जाए, ताकि मध्यवर्गीय परिवारोंं को कुछ राहत मिल सके।Vegetable Prices Increased</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="प्रधान ने दी लूट की फर्जी सूचना, पुलिस ने प्रधान के घर से बरामद किया 4.40 लाख" href="http://10.0.0.122:1245/jasrana-police-arrested-the-pradhan/">प्रधान ने दी लूट की फर्जी सूचना, पुलिस ने प्रधान के घर से बरामद किया 4.40 लाख</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
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                <pubDate>Wed, 02 Jul 2025 20:15:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Vegetable Prices: लाल हुआ टमाटर, बिक रहा है इतने रुपए प्रति किलो, प्याज ने भी रुलाया, जाने सब्जियों के भाव</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश ने बिगाड़ा जायका, थाली से कम हुई तरकारी.. रेवाड़ी (सच कहूँ/महेंद्र भारती)। Vegetable Prices Increased: रेवाड़ी में बारिश के बाद सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। एक सप्ताह पहले तक 20 रुपये किलो बिक रहे टमाटर के दाम अब 80-90 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। इतना ही नहीं, प्याज, आलू, भिंडी, गोभी और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/vegetable-prices-have-increased-after-the-rain/article-59653"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/vegetables.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बारिश ने बिगाड़ा जायका, थाली से कम हुई तरकारी..</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>रेवाड़ी (सच कहूँ/महेंद्र भारती)।</strong> Vegetable Prices Increased: रेवाड़ी में बारिश के बाद सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। एक सप्ताह पहले तक 20 रुपये किलो बिक रहे टमाटर के दाम अब 80-90 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। इतना ही नहीं, प्याज, आलू, भिंडी, गोभी और अन्य सब्जियों के दामों में भी 50 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। इसके अलावा फलों के दामों में भी भारी उछाल आया है। अगर बात टमाटर की करें तो टमाटर व प्याज तरकारी के साथ-साथ सलाद से गायब होने लगा है। टमाटर इस समय 70 से 80 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। Vegetable Prices</p>
<p style="text-align:justify;">वही प्याज की बात करें तो एक सप्ताह पूर्व 20 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकने वाली प्याज अब 50 से 60 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। तरकारी में खुशबू के लिए डालने वाला धनिया भी 200 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। सब्जियों के बढ़ते दाम के कारण थाली से तरकारी की कटोरिया कम होने लगी हैं। रेवाड़ी में प्याज व टमाटर की आवक महाराष्ट्र से होती है, लेकिन बरसात के कारण आवक अब कम हो रही है। हर वर्ष बरसात के मौसम में सब्जियों के दाम बढ़ना अब आम बात हो गई है। Vegetable Prices</p>
<p style="text-align:justify;">मांग व आपूर्ति के बढ़ते अंतर के कारण सब्जियों के दामों में उछाल देखने को मिल रहा है। सब्जियों का राजा आलू भी आंखें तरेर रहा है। एक सप्ताह पूर्व 10 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकने वाला आलू अब 35 से 40 रुपए के हिसाब से बिक रहा है। इसी तरह गोभी, भिंडी, लौकी, तुरई, मटर, बीन्स जैसी अन्य सब्जियों के दामों में भी काफी इजाफा हुआ है। एक सप्ताह में सब्जियों के दाम 50 फीसदी तक बढ़े हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सब्जी        पहले          अब   | Vegetable Prices</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">टमाटर         30             80-90</li>
<li style="text-align:justify;">प्याज          30             60-70</li>
<li style="text-align:justify;">आलू           15             30-35</li>
<li style="text-align:justify;">तौरी           20             50-55</li>
<li style="text-align:justify;">भिंडी          40              70-80</li>
<li style="text-align:justify;">टिंडा          40              50-60</li>
<li style="text-align:justify;">पेठा( सीताफल )20-         40-50</li>
<li style="text-align:justify;">खीरा         20              40-50</li>
<li style="text-align:justify;">मिर्च         60              80-100</li>
<li style="text-align:justify;">धनिया     120            150-200</li>
<li style="text-align:justify;">करेला       30               40-45</li>
<li style="text-align:justify;">बैंगन       20-30           40-45</li>
<li style="text-align:justify;">शिमला मिर्च 50              60-80</li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 16:25:11 +0530</pubDate>
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