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                <title>Bangladesh News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Bangladesh Extremism: बांग्लादेश में राष्ट्रीय स्तर पर हाई अलर्ट जारी, जानें क्या है माजरा?</title>
                                    <description><![CDATA[बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथ और उग्रवाद एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में सुरक्षा एजेंसियों को संभावित आतंकी हमलों के इनपुट मिले हैं, जिसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर हाई अलर्ट जारी किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/growing-islamic-fundamentalism-and-extremism-in-bangladesh-poses-a-challenge/article-84400"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/bangla-alerts.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Bangladesh Extremism: ढाका। बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथ और उग्रवाद एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में सुरक्षा एजेंसियों को संभावित आतंकी हमलों के इनपुट मिले हैं, जिसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। माना जा रहा है कि यह संकट पूर्व अंतरिम सरकार की कथित विफलताओं और सुरक्षा तंत्र की कमजोरी से जुड़ा हुआ है। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय अखबार ढाका ट्रिब्यून में प्रकाशित एक संपादकीय के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय ने संसद भवन, सुरक्षा प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक क्षेत्रों पर संभावित हमलों की आशंका जताई है। यह अलर्ट एक प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन सदस्य की गिरफ्तारी के बाद जारी किया गया, जिसने दो बर्खास्त सैन्य अधिकारियों से संपर्क होने का दावा किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 के जुलाई आंदोलन और उसके बाद शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद देश की सुरक्षा व्यवस्था काफी कमजोर हो गई है । इस दौरान हिंसा, लूटपाट और जेलों से बड़े पैमाने पर कैदियों के फरार होने की घटनाएं सामने आईं। एक अनुमान के अनुसार इस दौरान 70 से अधिक कट्टरपंथी कैदी जेल से भाग निकले। अंतरिम सरकार के दौरान कई अपराधियों और उग्रवादी संगठनों से जुड़े लोगों को जमानत मिली, इसका उल्लेख भी रिपोर्ट में किया गया है। इनमें 2013 में ब्लॉगर और शाहबाग आंदोलन के कार्यकर्ता राजीब हैदर की हत्या के आरोपी जशीमुद्दीन रहमानी की रिहाई को सबसे चिंताजनक बताया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, 2009 में प्रतिबंधित संगठन हिज्ब उत-तहरीर बांग्लादेश ने भी फिर से सक्रियता दिखाई। संगठन ने इस्लामिक खिलाफत की मांग करते हुए प्रदर्शन किए, जिनमें कुछ युवाओं द्वारा आईएसआईएस का झंडा भी लहराया गया था। रिपोर्ट में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि उनके शासन में कट्टरपंथी तत्वों को खुलकर सक्रिय होने का मौका मिला। विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेश में बढ़ती उग्रवादी गतिविधियां केवल देश के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती हैं। Bangladesh News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 16:52:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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                <title>बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही खेल मंत्री अमीनुल हक का आया बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[ढाका। बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के साथ ही द्विपक्षीय कूटनीति को नई दिशा देने के संकेत मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री तारिक रहमान (PM Tariq Rahman) के पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद भारत के साथ संबंधों को सामान्य और सुदृढ़ बनाने की पहल तेज कर दी गई है। Bangladesh News नवनियुक्त खेल मंत्री […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/as-soon-as-the-new-government-was-formed-in-bangladesh-sports-minister-aminul-haque-made-a-big-statement/article-81452"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/bangladesh-sports-minister.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ढाका। बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के साथ ही द्विपक्षीय कूटनीति को नई दिशा देने के संकेत मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री तारिक रहमान (PM Tariq Rahman) के पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद भारत के साथ संबंधों को सामान्य और सुदृढ़ बनाने की पहल तेज कर दी गई है। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">नवनियुक्त खेल मंत्री अमीनुल हक ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करना है। शपथ ग्रहण के पश्चात उन्होंने संसद परिसर में भारत के उप-उच्चायुक्त से भेंट कर आगामी टी20 विश्व कप सहित विभिन्न खेल संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श किया।</p>
<p style="text-align:justify;">खेल मंत्री ने कहा कि संवाद के माध्यम से लंबित विषयों का समाधान संभव है और यदि पूर्व में पर्याप्त वार्ता हुई होती तो परिस्थितियाँ भिन्न हो सकती थीं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राजनीतिक मतभेदों के कारण खेल संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, जिससे टी20 विश्व कप में भागीदारी प्रभावित हुई। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">भारत और बांग्लादेश के बीच खेल संबंधों में तब तनाव उत्पन्न हुआ जब कुछ राजनीतिक घटनाओं के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने कोलकाता नाइट राइडर्स को तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से अलग करने का निर्देश दिया। इसके उपरांत बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने विश्व कप 2026 के लिए भारत जाने से इंकार किया और अपने मैच अन्य स्थान पर आयोजित करने का आग्रह किया।</p>
<p style="text-align:justify;">हालाँकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। परिणामस्वरूप बांग्लादेश ने प्रतियोगिता से स्वयं को अलग कर लिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को अवसर प्रदान किया गया। विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार के नेतृत्व में संवाद और सहयोग की नई शुरुआत हो सकती है। खेल, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक पहल से दोनों देशों के संबंधों में संतुलन और स्थिरता लौटने की संभावना है। Bangladesh News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 10:20:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Tarique Rahman Oath Ceremony: भूटान पीएम से लेकर लोस स्पीकर ओम बिरला तक, बांग्लादेश में जुटेंगी 1200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय हस्तियां</title>
                                    <description><![CDATA[Bangladesh Oath Ceremony 2026: ढाका। बांग्लादेश में हालिया संसदीय चुनावों के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। 17 फरवरी को राजधानी ढाका स्थित Jatiya Sangsad Bhaban के साउथ प्लाजा में सायं 4 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर लगभग 1,200 विशिष्ट अतिथियों के सम्मिलित होने की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/from-bhutan-pm-to-lok-sabha-speaker-om-birla-over-1200-international-dignitaries-will-gather-in-bangladesh/article-81345"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/bangladesh-oath-ceremony.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Bangladesh Oath Ceremony 2026: ढाका। बांग्लादेश में हालिया संसदीय चुनावों के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। 17 फरवरी को राजधानी ढाका स्थित Jatiya Sangsad Bhaban के साउथ प्लाजा में सायं 4 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर लगभग 1,200 विशिष्ट अतिथियों के सम्मिलित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। Tarique Rahman Oath Ceremony</p>
<h3 style="text-align:justify;">तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार</h3>
<p style="text-align:justify;">Tarique Rahman के नेतृत्व में Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) ने संसदीय चुनाव में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। घोषित परिणामों के अनुसार, पार्टी ने बहुमत के साथ सरकार गठन का मार्ग प्रशस्त किया है। यदि तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते हैं, तो बांग्लादेश को लगभग 35 वर्षों बाद पुरुष प्रधानमंत्री प्राप्त होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">समारोह में विभिन्न देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। भूटान के प्रधानमंत्री Tshering Tobgay, भारत के लोकसभा अध्यक्ष Om Birla तथा पाकिस्तान के योजना मंत्री Ahsan Iqbal के उपस्थित रहने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त नेपाल, श्रीलंका, ब्रिटेन और मालदीव सहित अन्य देशों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। हालांकि कुछ देशों की ओर से औपचारिक पुष्टि अभी शेष है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत की ओर से आधिकारिक पुष्टि | Tarique Rahman Oath Ceremony</h3>
<p style="text-align:justify;">Ministry of External Affairs ने पुष्टि की है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्रालय ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह सहभागिता भारत और बांग्लादेश के मध्य लोकतांत्रिक मूल्यों, ऐतिहासिक संबंधों और पारस्परिक सम्मान की सुदृढ़ परंपरा को रेखांकित करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">13वें संसदीय चुनाव के अंतर्गत 300 में से 299 सीटों पर मतदान सम्पन्न हुआ। चुनाव आयोग द्वारा 297 सीटों के अनौपचारिक परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, जबकि चटगांव-2 और चटगांव-4 सीटों के परिणाम न्यायिक निर्देशों के कारण लंबित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">घोषित आंकड़ों के अनुसार बीएनपी ने 209 सीटों पर विजय प्राप्त की है। जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं, जबकि उसके सहयोगी दलों ने भी कुछ सीटों पर सफलता दर्ज की। अन्य दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी सीमित संख्या में सीटें जीती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये रहेंगी प्रमुख चुनौतियां | Tarique Rahman Oath Ceremony</h3>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मत है कि नई सरकार के समक्ष सामाजिक समरसता, आर्थिक स्थिरता तथा कट्टरपंथ से निपटने जैसी चुनौतियां प्रमुख रहेंगी। पूर्व अंतरिम प्रशासन के दौरान जिन मुद्दों ने ध्यान आकर्षित किया, उन्हें सुलझाना नई सरकार की प्राथमिकता होगी। इस प्रकार 17 फरवरी का यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल राजनीतिक परिवर्तन का प्रतीक होगा, बल्कि क्षेत्रीय कूटनीति और दक्षिण एशिया की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:15:37 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Bangladesh Election Violence: बांग्लादेश में चुनाव के दौरान हुई जबरदस्त हिंसा, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े</title>
                                    <description><![CDATA[Bangladesh Election Violence: ढाका। बांग्लादेश में हालिया संसदीय चुनावों के उपरांत मानवाधिकार संगठन Human Rights Support Society ने चुनावी हिंसा को लेकर विस्तृत प्रतिवेदन जारी किया है। जटिया प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2025 से 14 फरवरी 2026 के मध्य कम से कम 10 व्यक्तियों की मृत्यु हुई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bangladesh-witnessed-massive-election-violence-shocking-figures-emerge/article-81313"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/bangladesh-election-voilence.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Bangladesh Election Violence: ढाका। बांग्लादेश में हालिया संसदीय चुनावों के उपरांत मानवाधिकार संगठन Human Rights Support Society ने चुनावी हिंसा को लेकर विस्तृत प्रतिवेदन जारी किया है। जटिया प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2025 से 14 फरवरी 2026 के मध्य कम से कम 10 व्यक्तियों की मृत्यु हुई तथा 2,503 लोग घायल हुए। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">संगठन के कार्यकारी निदेशक Mohammad Ejazul Islam ने बताया कि 12 फरवरी को संपन्न मतदान की निगरानी हेतु सभी 64 जिलों में 565 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई थी। इन पर्यवेक्षकों ने 100 निर्वाचन क्षेत्रों के 1,733 मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया का अवलोकन किया, जबकि मतगणना के समय 347 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कम से कम 48 पर्यवेक्षकों को मतगणना कक्ष में प्रवेश से रोका गया, जबकि विधिक प्रावधान उनकी उपस्थिति की अनुमति देते हैं। इसके बावजूद, संगठन ने मतदान दिवस को पूर्व चुनावों की तुलना में अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण बताया तथा उस दिन किसी मृत्यु की सूचना नहीं दी। Bangladesh News</p>
<h3>प्रारंभिक जांच में 21 मतदान केंद्रों पर अनियमितताओं के संकेत</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में 21 मतदान केंद्रों पर अनियमितताओं के संकेत मिलने की बात कही गई है। इनमें मतदान केंद्र पर कब्जा, पर्यवेक्षकों के कार्य में बाधा, मतपत्रों से संबंधित त्रुटियां, पूर्व-हस्ताक्षरित काउंटरफॉइल तथा परिणामों के सार्वजनिक प्रदर्शन में कमी जैसी शिकायतें शामिल हैं। संगठन के कार्यक्रम अधिकारी Saiful Islam द्वारा प्रस्तुत विवरण के अनुसार, मतदान दिवस पर देशभर में 393 घटनाएं दर्ज की गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन घटनाओं में 149 केंद्रों पर अव्यवस्था, समर्थकों के मध्य 105 झड़पें, मतपत्रों से संबंधित 59 आरोप, मतदान अभिकर्ताओं को हटाने की 19 घटनाएं तथा मतदाताओं को रोकने के 18 मामले सम्मिलित हैं। कुल 145 लोग उसी दिन घायल हुए। साथ ही 50 गिरफ्तारियां, 13 अधिकारियों को हटाए जाने तथा कुछ मामलों में दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा (11 दिसंबर 2025) से लेकर मतदान पूर्व दिवस तक 254 हिंसक घटनाएं हुईं, जिनमें 1,650 लोग घायल और पांच की मृत्यु हुई। परिणाम घोषित होने के बाद भी कम से कम 30 जिलों में तनाव देखा गया, जहां 200 से अधिक झड़पों में 300 से अधिक लोग घायल हुए तथा संपत्ति को क्षति पहुंची।</p>
<h3>विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच आपसी संघर्ष की घटनाएं भी</h3>
<p style="text-align:justify;">विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच आपसी संघर्ष की घटनाएं भी सामने आईं। विशेष रूप से Bangladesh Nationalist Party से जुड़े समर्थकों के बीच आंतरिक विवाद तथा अन्य दलों के साथ टकराव का उल्लेख किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">महिला सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। 11 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 के बीच 32 घटनाओं में महिलाओं को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई, जिनमें 45 महिलाओं के उत्पीड़न तथा 23 के घायल होने की सूचना है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चुनाव परिणाम घोषित होने के पश्चात हिंसा की कुछ घटनाएं और बढ़ीं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न उठे हैं। Bangladesh News</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 17:44:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Tarique Rahman Oath Ceremony: बांग्लादेश की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से ओम बिरला करेंगे प्रतिनिधित्व</title>
                                    <description><![CDATA[Om Birla Bangladesh Visit: नई दिल्ली। बांग्लादेश में संपन्न हुए 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के परिणाम घोषित हो चुके हैं और 17 फरवरी को नई मंत्रिपरिषद शपथ ग्रहण करेगी। शपथ समारोह की तैयारियां ढाका स्थित जातीय संसद भवन में अंतिम चरण में हैं। बांग्लादेश की अंतरिम व्यवस्था ने इस अवसर पर 13 देशों के प्रमुखों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/om-birla-will-represent-india-at-the-swearing-in-ceremony-of-the-new-bangladesh-government/article-81311"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/om-birla.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Om Birla Bangladesh Visit: नई दिल्ली। बांग्लादेश में संपन्न हुए 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के परिणाम घोषित हो चुके हैं और 17 फरवरी को नई मंत्रिपरिषद शपथ ग्रहण करेगी। शपथ समारोह की तैयारियां ढाका स्थित जातीय संसद भवन में अंतिम चरण में हैं। बांग्लादेश की अंतरिम व्यवस्था ने इस अवसर पर 13 देशों के प्रमुखों को आमंत्रण भेजा है। भारत के प्रधानमंत्री को भी निमंत्रण प्रेषित किया गया था, किंतु आधिकारिक जानकारी के अनुसार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व Om Birla करेंगे। विदेश मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वे 17 फरवरी 2026 को ढाका में आयोजित शपथ समारोह में भाग लेंगे। Tarique Rahman Oath Ceremony</p>
<p style="text-align:justify;">नई सरकार का नेतृत्व बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष Tarique Rahman के हाथों में रहेगा। भारत सरकार ने इसे दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों और ऐतिहासिक संबंधों की निरंतरता का प्रतीक बताया है। अंतरिम प्रशासन के मुख्य सलाहकार Muhammad Yunus की पहल पर जिन देशों को आमंत्रित किया गया है, उनमें भारत, चीन, सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्किए, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार प्रातः नव-निर्वाचित सांसद अपने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। सायंकाल मंत्रिपरिषद का गठन कर शपथ ग्रहण कराया जाएगा। समारोह का संचालन मुख्य निर्वाचन आयुक्त A. M. M. Nasir Uddin द्वारा किया जाएगा। चुनाव 12 फरवरी को 300 में से 299 निर्वाचन क्षेत्रों में संपन्न हुए थे। अधिकांश सीटों के अनौपचारिक परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में न्यायालयीय निर्देशों के कारण औपचारिक अधिसूचना लंबित है। इस राजनीतिक परिवर्तन को दक्षिण एशिया की कूटनीतिक और लोकतांत्रिक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Tarique Rahman Oath Ceremony</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 17:11:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>बांग्लादेश में मतदान संपन्न, जानें बीएनपी बनाम जमात गठबंधन, किसको समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश में आज यानि गुरुवार 12 फरवरी को 13वें संसदीय चुनाव की वोटिंग संपन्न हो गई है। कड़ी सुरक्षा और लोगों में भारी उत्साह के बीच 299 सीटों पर वोट डाले गए। हालांकि, वोटिंग के दौरान भारी हिंसा और पोलिंग बूथों पर महिला एजेंट्स के साथ बदतमीजी करना भी शामिल बताया गया है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bangladesh-votes-conclude-find-out-who-supports-bnp-vs-jamaat-alliance/article-81211"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/bangladesh-polling.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश में आज यानि गुरुवार 12 फरवरी को 13वें संसदीय चुनाव की वोटिंग संपन्न हो गई है। कड़ी सुरक्षा और लोगों में भारी उत्साह के बीच 299 सीटों पर वोट डाले गए। हालांकि, वोटिंग के दौरान भारी हिंसा और पोलिंग बूथों पर महिला एजेंट्स के साथ बदतमीजी करना भी शामिल बताया गया है। कई महीनों की राजनीतिक अस्थिरता, विरोध प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है, जिसे देश के लोकतांत्रिक भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। वर्ष 2024 के जनआंदोलन के परिणामस्वरूप पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था। उसके बाद से देश संक्रमण काल से गुजर रहा है। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार के चुनाव में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। अवामी लीग के चुनाव में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण मुकाबला मुख्यतः दो प्रमुख ध्रुवों के बीच सिमट गया है। एक ओर तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) है, तो दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला व्यापक गठबंधन मैदान में है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बीएनपी की रणनीति और वादे</h3>
<p style="text-align:justify;">पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान लंबे समय तक विदेश में रहने के बाद सक्रिय राजनीति में लौटे हैं। उन्होंने अपने अभियान को आर्थिक पुनरुत्थान, प्रशासनिक सुधार और कानून-व्यवस्था की बहाली जैसे मुद्दों पर केंद्रित किया है। बीएनपी का दावा है कि वह संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ कर रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देगी। रहमान स्वयं को स्थिर नेतृत्व और पारदर्शी शासन का विकल्प बताते हुए मतदाताओं से समर्थन की अपील कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी ने वर्षों बाद अपनी राजनीतिक उपस्थिति को सशक्त रूप में स्थापित किया है। उसने कई छोटे दलों और युवा नेतृत्व वाले संगठनों के साथ मिलकर एक साझा मोर्चा बनाया है। इसमें 2024 के आंदोलन से जुड़े युवाओं द्वारा गठित नेशनल सिटिजन पार्टी भी शामिल है। यह गठबंधन भ्रष्टाचार, वंशवाद और केंद्रीकृत सत्ता के विरुद्ध अभियान चला रहा है। उसका उद्देश्य जनआक्रोश को मतों में परिवर्तित कर राजनीतिक परिवर्तन को स्थायी स्वरूप देना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अंतरिम सरकार और संवैधानिक सुधार</h3>
<p style="text-align:justify;">अंतरिम प्रशासन का नेतृत्व कर रहे मुहम्मद यूनुस ने इस चुनाव को देश के लिए निर्णायक क्षण बताया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के पुनर्निर्माण का अवसर कहा है। इस चुनाव में केवल 300 सांसदों का चयन ही नहीं होगा, बल्कि मतदाता संवैधानिक सुधारों पर भी अपना मत देंगे। प्रस्तावित सुधारों में प्रधानमंत्री के कार्यकाल की सीमा निर्धारित करना तथा कार्यपालिका की शक्तियों पर संस्थागत नियंत्रण को मजबूत करना शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में लगभग 12.7 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। चुनाव परिणाम न केवल बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति को प्रभावित करेंगे, बल्कि दक्षिण एशिया के शक्ति संतुलन पर भी असर डाल सकते हैं। क्षेत्रीय शक्तियां ढाका की राजनीतिक दिशा पर गहन दृष्टि बनाए हुए हैं, क्योंकि इसका प्रभाव व्यापार, सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों पर पड़ सकता है। विश्लेषकों का मत है कि यह चुनाव बांग्लादेश के लोकतांत्रिक ढांचे की स्थिरता की वास्तविक परीक्षा है। Bangladesh News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:29:52 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Bangladesh Elections: बांग्लादेश चुनाव पर भारत की नजर, दुनिया भर की नजर भी भारत-बांग्लादेश संबंधों पर टिकी</title>
                                    <description><![CDATA[Bangladesh Election 2026: नई दिल्ली। बांग्लादेश में मतदाता सूचियों को लेकर विवाद और छिटपुट हिंसा की खबरों के बीच गुरुवार को राष्ट्रीय संसदीय चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई। बांग्लादेश निर्वाचन आयोग के अनुसार दोपहर 12 बजे तक देशभर में औसतन 32.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। Bangladesh Elections आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/india-is-keeping-an-eye-on-the-bangladesh-elections-and-the-world-is-also-watching-india-bangladesh-relations/article-81208"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/bangladesh-polls-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Bangladesh Election 2026: नई दिल्ली। बांग्लादेश में मतदाता सूचियों को लेकर विवाद और छिटपुट हिंसा की खबरों के बीच गुरुवार को राष्ट्रीय संसदीय चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई। बांग्लादेश निर्वाचन आयोग के अनुसार दोपहर 12 बजे तक देशभर में औसतन 32.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। Bangladesh Elections</p>
<p style="text-align:justify;">आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने राजधानी स्थित निर्वाचन भवन में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 42,651 मतदान केंद्रों में से 32,789 केंद्रों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह प्रतिशत निर्धारित किया गया है। देश की 300 संसदीय सीटों में से 299 पर मतदान जारी है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">राजनीतिक परिदृश्य और भारत-बांग्लादेश संबंध | Bangladesh Elections</h3>
<p style="text-align:justify;">शेख हसीना सरकार के पतन के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव देखा गया है। वर्तमान में मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम व्यवस्था कार्यरत है, जिसकी विदेश नीति को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर चर्चा बनी हुई है। विश्लेषकों का मत है कि हाल के समय में ढाका की नीतियों में ऐसे संकेत दिखाई दिए हैं, जो भारत के रणनीतिक हितों को प्रभावित कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत का स्पष्ट मत रहा है कि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया शीघ्र बहाल हो और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं। भारत ने स्वतंत्र एवं पारदर्शी चुनाव के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया है। विभिन्न सर्वेक्षणों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को बढ़त मिलती दिखाई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव परिणाम चाहे जिस दल के पक्ष में जाएं, भारत के लिए सुरक्षा और स्थिरता सर्वोपरि मुद्दे रहेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सीमा सुरक्षा और रणनीतिक महत्व</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत और बांग्लादेश के बीच लगभग 4,000 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो भारत की किसी भी पड़ोसी देश के साथ सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा मानी जाती है। सीमा के कुछ हिस्सों में बाड़बंदी अधूरी है, जिससे अवैध आव्रजन, तस्करी, मादक पदार्थों का व्यापार तथा जाली मुद्रा की आवाजाही जैसी चुनौतियां उत्पन्न होती रही हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए बांग्लादेश की आंतरिक स्थिरता अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक सुदृढ़ और निर्वाचित सरकार दोनों देशों के बीच समन्वय को मजबूत कर सकती है और सीमा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बना सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के बीच आतंकवाद-रोधी सहयोग उल्लेखनीय रहा था। संयुक्त अभियानों और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान से दोनों देशों ने कई सफल कार्रवाइयां की थीं। हालांकि हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्रीय गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि बनाए हुए हैं। भारत की प्राथमिकता यही है कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग का संतुलन बना रहे और कट्टरपंथी तत्वों को पनपने का अवसर न मिले।</p>
<h3 style="text-align:justify;">व्यापार और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत और बांग्लादेश दशकों से महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार रहे हैं। भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के सफल क्रियान्वयन में बांग्लादेश की भूमिका अहम मानी जाती है। ऊर्जा सहयोग, बिजली व्यापार और आधारभूत संरचना परियोजनाएं दोनों देशों के संबंधों की मजबूती का प्रतीक रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता बनी रहती है तो द्विपक्षीय सहयोग और भी प्रगाढ़ हो सकता है। परंतु किसी भी प्रकार की अस्थिरता से दोनों देशों द्वारा वर्षों में विकसित विश्वास और रणनीतिक साझेदारी प्रभावित हो सकती है। Bangladesh Elections</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/india-is-keeping-an-eye-on-the-bangladesh-elections-and-the-world-is-also-watching-india-bangladesh-relations/article-81208</link>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 16:35:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bangladesh Nipah Virus: बांग्लादेश में निपाह वायरस! महिला की मौत से हड़कंप, एशियाई देश हुए सतर्क</title>
                                    <description><![CDATA[Bangladesh Nipah Virus: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बांग्लादेश में निपाह वायरस संक्रमण से एक महिला की मृत्यु की पुष्टि की है। इस घटना के पश्चात एशिया के विभिन्न देशों में हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य जांच और निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ कर दिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nipah-virus-in-bangladesh-womans-death-causes-panic-asian-countries-on-high-alert/article-81049"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/nipah-virus-bangladesh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Bangladesh Nipah Virus: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बांग्लादेश में निपाह वायरस संक्रमण से एक महिला की मृत्यु की पुष्टि की है। इस घटना के पश्चात एशिया के विभिन्न देशों में हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य जांच और निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ कर दिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग की महिला में 21 जनवरी को संक्रमण के लक्षण प्रकट हुए। प्रारंभ में उसे तेज बुखार और सिरदर्द की शिकायत थी, जिसके बाद अत्यधिक लार आना, मानसिक भ्रम तथा दौरे पड़ने जैसे गंभीर लक्षण सामने आए। लगभग एक सप्ताह बाद उसकी मृत्यु हो गई और तत्पश्चात प्रयोगशाला जांच में निपाह वायरस की पुष्टि हुई। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह स्पष्ट हुआ कि महिला की कोई अंतरराष्ट्रीय यात्रा का इतिहास नहीं था, किंतु उसने कच्चे खजूर का रस सेवन किया था। विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमित चमगादड़ों द्वारा दूषित खजूर के रस अथवा फलों के माध्यम से यह वायरस मनुष्यों तक पहुंच सकता है। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि संक्रमित महिला के संपर्क में आए 35 व्यक्तियों की पहचान कर उनकी निगरानी की जा रही है। सभी की जांच रिपोर्ट नकारात्मक आई है और अब तक किसी अन्य संक्रमण की सूचना नहीं है।</p>
<h3>मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य परीक्षण प्रारंभ</h3>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि दो सप्ताह पूर्व भारत में भी इसी प्रकार के दो मामले सामने आए थे। इसके बाद मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया सहित कई देशों ने एहतियातन हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य परीक्षण प्रारंभ कर दिया था। हालांकि डब्ल्यूएचओ का आकलन है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संक्रमण के व्यापक प्रसार की आशंका कम है और वर्तमान परिस्थितियों में यात्रा या व्यापार पर किसी प्रकार का प्रतिबंध आवश्यक नहीं है। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार निपाह वायरस संक्रमण घातक सिद्ध हो सकता है और कुछ मामलों में मृत्यु दर अत्यधिक होती है। वर्तमान में इस बीमारी के लिए कोई स्वीकृत टीका या विशिष्ट औषधि उपलब्ध नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोना, संक्रमित चमगादड़ों या बीमार पशुओं से दूरी बनाए रखना, कच्चे खजूर का रस या खुले में रखे फलों का सेवन न करना तथा संदिग्ध स्थानों पर सावधानी बरतना आवश्यक बताया गया है। स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं और जनसामान्य को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। Bangladesh News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/nipah-virus-in-bangladesh-womans-death-causes-panic-asian-countries-on-high-alert/article-81049</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 15:02:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बांग्लादेश में एक अल्पसंख्यक दुकान मालिक की सिर पर फावड़े से हमला कर की हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[Bangladesh Minority Murdered: ढाका। बांग्लादेश में चुनावी माहौल के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताज़ा मामला गाजीपुर जिले का है, जहां एक हिंदू नागरिक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र द […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/a-minority-shopkeeper-in-bangladesh-was-murdered-after-being-attacked-with-a-shovel-to-the-head/article-80449"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/not-cross-police-line1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Bangladesh Minority Murdered: ढाका। बांग्लादेश में चुनावी माहौल के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताज़ा मामला गाजीपुर जिले का है, जहां एक हिंदू नागरिक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र द डेली स्टार के अनुसार, मृतक की पहचान 55 वर्षीय लिटन चंद्र घोष के रूप में हुई है, जिन्हें काली नाम से भी जाना जाता था। उनकी बारानगर रोड पर “बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल” नाम से मिठाई की दुकान थी। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह लिटन घोष अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी करीब 11 बजे एक युवक मासूम मिया (28) दुकान पर आया। किसी मामूली बात को लेकर उसकी दुकान में काम करने वाले 17 वर्षीय कर्मचारी अनंत दास से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया और मारपीट शुरू हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ ही देर में मासूम मिया के माता-पिता, मोहम्मद स्वपन मिया (55) और मजीदा खातून (45) भी मौके पर पहुंच गए और झगड़े में शामिल हो गए। तीनों ने मिलकर दुकान के कर्मचारियों पर हमला कर दिया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। Bangladesh News</p>
<h3>विवाद शांत कराने के उद्देश्य से बीच-बचाव करने पर फावड़े से हमला</h3>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान लिटन घोष अपने कर्मचारी अनंत दास को बचाने और विवाद शांत कराने के उद्देश्य से बीच-बचाव करने लगे। तभी उन पर फावड़े से सिर पर हमला कर दिया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद आसपास के लोग एकत्र हुए और तीनों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">कालीगंज थाना के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद जाकिर हुसैन ने द डेली स्टार से बातचीत में घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है। हत्या के मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">लिटन घोष की हत्या से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पूर्व ही ईंधन के भुगतान को लेकर हुए विवाद में एक अन्य हिंदू युवक रिपन साहा की भी हत्या कर दी गई थी। पेट्रोल पंप पर कार्यरत रिपन साहा एक वाहन को बिना भुगतान किए जाने से रोकने का प्रयास कर रहे थे, तभी उन्हें कार से कुचल दिया गया। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं। Bangladesh News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 13:05:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Bangladesh: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ता हिंसक हमला, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[Bangladesh Minority Violence: ढाका। बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदू समुदाय के विरुद्ध हिंसक घटनाओं में वृद्धि की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीते 24 घंटों के भीतर अलग-अलग स्थानों पर दो हिंदू नागरिकों की हत्या कर दी गई, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rising-violent-attacks-on-minorities-in-bangladesh-raising-serious-questions-about-the-safety-of-minorities/article-80066"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/bangladesh-videsh-mantralaya.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Bangladesh Minority Violence: ढाका। बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदू समुदाय के विरुद्ध हिंसक घटनाओं में वृद्धि की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीते 24 घंटों के भीतर अलग-अलग स्थानों पर दो हिंदू नागरिकों की हत्या कर दी गई, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">पहली घटना राजधानी ढाका से समीप नरसिंदी जिले की बताई जा रही है। यहां पलाश उपजिला क्षेत्र में 40 वर्षीय सरत चक्रवर्ती मणि की सोमवार देर रात हत्या कर दी गई। बताया गया है कि वे चारसिंदूर बाजार में किराना व्यवसाय से जुड़े थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात लोगों ने उन पर धारदार हथियारों से अचानक हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। इस हमले के पीछे कट्टरपंथी तत्वों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी घटना देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित जशोर जिले के मोनिरामपुर उपजिला में घटी। यहां 38 वर्षीय कारोबारी राणा प्रताप बैरागी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। राणा प्रताप कपालिया बाजार में बर्फ निर्माण इकाई के संचालक थे और नारायल से प्रकाशित एक स्थानीय समाचार पत्र से भी जुड़े हुए थे। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार शाम मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावर वहां पहुंचे, उन्हें फैक्ट्री से बाहर बुलाया और पास की गली में ले जाकर नजदीक से गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए।</p>
<h3>हत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया</h3>
<p style="text-align:justify;">मोनिरामपुर थाना प्रभारी मोहम्मद रजिउल्लाह खान ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जशोर अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि हत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है और आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में हिंदू समुदाय के लोगों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे पूर्व शरियतपुर जिले में एक व्यक्ति की कथित रूप से भीड़ द्वारा हत्या की गई थी, जबकि मयमनसिंह क्षेत्र में एक अन्य हिंदू नागरिक को गोली मारे जाने की सूचना मिली थी।</p>
<p style="text-align:justify;">दिसंबर माह में भी अलग-अलग जिलों से भीड़ हिंसा और हत्या की घटनाएं रिपोर्ट की गई थीं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और मानवाधिकार संगठनों का ध्यान भी इस ओर आकर्षित किया है। Bangladesh News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 14:04:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Khaleda Zia Passed away: सुबह-सुबह बांग्लादेश से आई बुरी खबर</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व महिला प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया का निधन Khaleda Zia Passed away: ढाका। बांग्लादेश की राजनीति की प्रमुख हस्ती और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा ज़िया का मंगलवार, 30 दिसंबर को दीर्घकालिक अस्वस्थता के बाद निधन हो गया। वे 80 वर्ष की थीं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की ओर से जारी सूचना के अनुसार, उन्होंने प्रातः लगभग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/former-bangladeshi-prime-minister-khaleda-zia-passed-away-this-morning/article-79806"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/khalida-zia-die.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पूर्व महिला प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया का निधन</h3>
<p style="text-align:justify;">Khaleda Zia Passed away: ढाका। बांग्लादेश की राजनीति की प्रमुख हस्ती और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा ज़िया का मंगलवार, 30 दिसंबर को दीर्घकालिक अस्वस्थता के बाद निधन हो गया। वे 80 वर्ष की थीं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की ओर से जारी सूचना के अनुसार, उन्होंने प्रातः लगभग छह बजे अंतिम सांस ली। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">दो बार देश का नेतृत्व कर चुकीं खालिदा ज़िया का निधन ऐसे समय हुआ है, जब बांग्लादेश एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दौर से गुजर रहा है। उनके पुत्र तारिक रहमान, जिन्हें अगला प्रधानमंत्री बनने का मजबूत दावेदार माना जा रहा है, लंबे निर्वासन के बाद स्वदेश लौट चुके हैं। लगभग 17 वर्षों तक लंदन में रहने के बाद उनकी वापसी को आगामी आम चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि बीएनपी बहुमत प्राप्त करती है, तो तारिक रहमान के सत्ता संभालने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">तारिक रहमान की यह वापसी उस राजनीतिक परिवर्तन के बाद हुई है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था। वर्तमान में शेख हसीना भारत में निर्वासन का जीवन व्यतीत कर रही हैं और उनकी पार्टी के चुनाव में भाग लेने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बेगम खालिदा ज़िया का राजनीतिक परिचय | Bangladesh News</h3>
<p style="text-align:justify;">बेगम खालिदा ज़िया बांग्लादेश की सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिनी जाती थीं। उन्होंने 1991 से 1996 और पुनः 2001 से 2006 तक प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभाला। वे बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं तथा मुस्लिम देशों में पाकिस्तान की बेनज़ीर भुट्टो के बाद दूसरी महिला नेता थीं, जिन्होंने लोकतांत्रिक सरकार का नेतृत्व किया। उनके पहले कार्यकाल को सैन्य शासन के बाद संसदीय लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के रूप में देखा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">खालिदा ज़िया का जन्म 15 अगस्त 1945 को तत्कालीन पूर्वी बंगाल के दिनाजपुर में हुआ था। उनके पिता विभाजन के बाद पश्चिमी पाकिस्तान चले गए थे, जहाँ वे चाय व्यवसाय से जुड़े रहे। उनकी शिक्षा दिनाजपुर गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल और सुरेंद्रनाथ कॉलेज में हुई। वर्ष 1960 में उनका विवाह जियाउर रहमान से हुआ, जो आगे चलकर बांग्लादेश के राष्ट्रपति बने।</p>
<h3 style="text-align:justify;">राजनीतिक संघर्ष और नेतृत्व | Bangladesh News</h3>
<p style="text-align:justify;">1981 में राष्ट्रपति जियाउर रहमान की हत्या के बाद खालिदा ज़िया राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हुईं। उनके पति स्वतंत्रता संग्राम के नायक और बीएनपी के संस्थापक थे। बाद के वर्षों में सैन्य शासक हुसैन मुहम्मद इरशाद के विरुद्ध आंदोलन में खालिदा ज़िया एक केंद्रीय चेहरा बनीं। इस संघर्ष के दौरान उन्हें कई बार हिरासत में भी लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत किया और छात्र राजनीति में भी बीएनपी की सशक्त उपस्थिति स्थापित की। 1990 में इरशाद शासन के पतन के बाद हुए चुनावों में बीएनपी को सफलता मिली और खालिदा ज़िया प्रधानमंत्री बनीं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शेख हसीना के साथ राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता | Bangladesh News</h3>
<p style="text-align:justify;">खालिदा ज़िया और अवामी लीग की नेता शेख हसीना के बीच की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बांग्लादेश की राजनीति का स्थायी विषय रही है। दोनों नेताओं के टकराव ने कई बार शासन व्यवस्था को प्रभावित किया, सड़कों पर व्यापक आंदोलन हुए और चुनावी बहिष्कार की स्थितियाँ भी बनीं।</p>
<p style="text-align:justify;">बेगम खालिदा ज़िया के निधन के साथ ही बांग्लादेश की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया। उनका जीवन संघर्ष, सत्ता, विरोध और लोकतांत्रिक आंदोलनों की गाथा के रूप में लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 09:57:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bangladesh: बांग्लादेश में प्रधानमंत्री पद के दावेदार खालिदा जिया के बेटे 17 साल बाद लौट रहे बांग्लादेश वापस</title>
                                    <description><![CDATA[ढाका। लगभग सत्रह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान (Tarique Rahman) स्वदेश लौट रहे हैं। उन्हें लेकर बांग्लादेश की राष्ट्रीय विमानन कंपनी की एक उड़ान गुरुवार सुबह सिलहट के उस्मानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी। Bangladesh News जानकारी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-son-of-khaleda-zia-a-contender-for-the-prime-ministers-post-in-bangladesh/article-79619"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/tariq-rehman.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ढाका। लगभग सत्रह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान (Tarique Rahman) स्वदेश लौट रहे हैं। उन्हें लेकर बांग्लादेश की राष्ट्रीय विमानन कंपनी की एक उड़ान गुरुवार सुबह सिलहट के उस्मानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, तारिक रहमान और उनके साथ आए लोगों को लेकर फ्लाइट बीजी-102 सुबह करीब 9:57 बजे सिलहट पहुंची। यह विमान लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से देर रात लगभग 12:23 बजे रवाना हुआ था। उनके आगमन की सूचना मिलते ही पार्टी के नेता और समर्थक बड़ी संख्या में हवाई अड्डे पर एकत्र हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विमान सिलहट में लगभग एक घंटे ठहरने के बाद ढाका के लिए रवाना होगा और सुबह करीब 11:50 बजे हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेगा। ढाका में बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्यों और वरिष्ठ नेताओं द्वारा उनका स्वागत किए जाने की तैयारी की गई है। तारिक रहमान के साथ उनकी पत्नी जुबैदा रहमान, पुत्री बैरिस्टर जाइमा रहमान और कुछ करीबी सहयोगी भी देश लौटे हैं। Bangladesh News</p>
<h3>ढाका पहुंचने के बाद तारिक रहमान देशवासियों को संबोधित करेंगे</h3>
<p style="text-align:justify;">राजधानी पहुंचने के बाद तारिक रहमान पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और देशवासियों को संक्षिप्त रूप से संबोधित करेंगे। इस दौरान वह अपनी सुरक्षित वापसी पर आभार व्यक्त करेंगे और देश तथा अपनी माता के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करेंगे। बीएनपी मीडिया प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफेसर डॉ. मौदूद हुसैन आलमगीर पावेल ने उनके आगमन की पुष्टि करते हुए बताया कि ढाका जाने से पहले विमान ने सिलहट में निर्धारित पड़ाव पूरा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह कोई औपचारिक स्वागत समारोह या जनसभा नहीं होगी। बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद के अनुसार, यह आयोजन केवल देशवासियों का धन्यवाद करने और सभी के कल्याण के लिए दुआ करने तक सीमित रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि तारिक रहमान की वापसी ऐसे समय में हो रही है, जब पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। खराब तबीयत के चलते उन्हें ढाका के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऐसे में तारिक की स्वदेश वापसी को राजनीतिक के साथ-साथ पारिवारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री का दावेदार भी माना जा रहा है। Bangladesh News</p>
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                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 12:10:17 +0530</pubDate>
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