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                <title>Kolkata High Court - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Sharmistha Panoli&amp;#8217;s interim bail: शर्मिष्ठा पनोली की अंतरिम जमानत को लेकर कोलकाता उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला!</title>
                                    <description><![CDATA[Sharmistha Panoli’s interim bail: कोलकाता। सोशल मीडिया पर “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर अभिनेता-अभिनेत्रियों पर विवादित टिप्पणी करने वाली लॉ की छात्रा एवं सोशल मीडिया प्रभावक शर्मिष्ठा पनोली को कोलकाता उच्च न्यायालय (Kolkata High Court) से अंतरिम जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति राजा बसु की एकल पीठ ने उन्हें यह राहत दी है, साथ ही जमानत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/kolkata-high-courts-big-decision-regarding-sharmistha-panolis-interim-bail/article-71824"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/kolkata-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-7 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">Sharmistha Panoli’s interim bail: कोलकाता। सोशल मीडिया पर “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर अभिनेता-अभिनेत्रियों पर विवादित टिप्पणी करने वाली लॉ की छात्रा एवं सोशल मीडिया प्रभावक शर्मिष्ठा पनोली को कोलकाता उच्च न्यायालय (Kolkata High Court) से अंतरिम जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति राजा बसु की एकल पीठ ने उन्हें यह राहत दी है, साथ ही जमानत के साथ कई शर्तें भी निर्धारित की हैं, जिन्हें शर्मिष्ठा को मानना अनिवार्य होगा। Sharmistha Panoli News</p>
<p class="ai-optimize-8" style="text-align:justify;">शर्मिष्ठा के अधिवक्ता डीपी सिंह ने बताया कि न्यायालय ने माना है कि यह अपराध संज्ञेय श्रेणी का नहीं है, साथ ही उनकी गिरफ्तारी का कोई ठोस आधार स्पष्ट नहीं हो पाया है। वकील ने कहा कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा है, जिसमें धमकियों का पहलू भी शामिल है। शर्मिष्ठा ने न्यायालय में यह दावा किया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, अतः उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।</p>
<p class="ai-optimize-9" style="text-align:justify;">इन तर्कों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने जमानत प्रदान करने का निर्णय लिया। अदालत के आदेशानुसार, शर्मिष्ठा को अपना पासपोर्ट न्यायालय में जमा करना होगा तथा विदेश यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, यदि उन्हें कहीं बाहर जाना हो तो उसके लिए न्यायालय से पूर्वानुमति लेनी होगी। शर्मिष्ठा के पिता ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “मैं अत्यंत प्रसन्न हूं कि मेरी बेटी को जमानत मिल गई है। अब केवल औपचारिकताएं पूरी करनी हैं, इसके बाद वह बाहर आ जाएगी।”</p>
<h3 class="ai-optimize-18">पुलिस को गिरफ्तारी का अधिकार प्राप्त है | Sharmistha Panoli News</h3>
<p class="ai-optimize-11" style="text-align:justify;">कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि जब भी शर्मिष्ठा को अदालत में उपस्थित होने को कहा जाएगा, उन्हें अनिवार्य रूप से हाज़िर होना होगा। साथ ही, बंगाल पुलिस को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, क्योंकि शर्मिष्ठा ने स्पष्ट किया है कि उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है। किंतु इस स्वतंत्रता का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से होना चाहिए। स्वतंत्रता का यह अर्थ नहीं कि कोई भी व्यक्ति कुछ भी बोले।” Sharmistha Panoli News</p>
<p class="ai-optimize-13" style="text-align:justify;">भारतीय दंड संहिता की धारा 35 का उल्लेख करते हुए न्यायालय ने कहा कि भले ही किसी अपराध की सज़ा सात वर्ष से कम हो, फिर भी पुलिस को गिरफ्तारी का अधिकार प्राप्त है। साथ ही, यह भी कहा गया कि हमारे देश में विभिन्न धर्मों, समुदायों और मतावलंबियों के लोग रहते हैं, अतः कोई भी वक्तव्य देने से पहले उसके सामाजिक प्रभाव पर विचार आवश्यक है।</p>
<p class="ai-optimize-14" style="text-align:justify;">ज्ञात हो कि शर्मिष्ठा पनोली पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कुछ अभिनेताओं पर निशाना साधा, जिन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” पर मौन साधा था। इस वीडियो में प्रयुक्त शब्दों को लेकर एक धर्म विशेष के अनुयायियों की भावनाओं के आहत होने का आरोप लगाया गया, जिसके बाद पुलिस ने 30 मई को उन्हें गुरुग्राम से गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब कोलकाता उच्च न्यायालय से उन्हें अंतरिम राहत मिल गई है, परंतु मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। Sharmistha Panoli News</p>
<p class="ai-optimize-17"><a title="AAP’s Atishi: प्राइवेट स्कूल फीस वसूली को लेकर ‘आप’ ने भाजपा पर लगाए ये गंभीर आरोप!" href="http://10.0.0.122:1245/aap-made-these-serious-allegations-against-bjp-regarding-private-school-fee-collection/">AAP’s Atishi: प्राइवेट स्कूल फीस वसूली को लेकर ‘आप’ ने भाजपा पर लगाए ये गंभीर आरोप…</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 16:43:51 +0530</pubDate>
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                <title>Kolkata Murder-rape Case: हाईकोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को कहा-&amp;#8216;तुम्हें काम नहीं करना चाहिए&amp;#8230;&amp;#8217;</title>
                                    <description><![CDATA[Kolkata Murder-rape Case: कलकत्ता (एजेंसी)। कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रमुख डॉ. संदीप घोष को छुट्टी पर जाने के निर्देश जारी किए है। हाईकोर्ट ने कहा कि वे आज दोपहर 3 बजे तक छुट्टी का आवेदन जमा करें। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यदि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-high-court-told-the-principal-of-rg-kar-medical-college-you-should-not-work/article-61035"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/calcutta-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Kolkata Murder-rape Case: कलकत्ता (एजेंसी)। कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रमुख डॉ. संदीप घोष को छुट्टी पर जाने के निर्देश जारी किए है। हाईकोर्ट ने कहा कि वे आज दोपहर 3 बजे तक छुट्टी का आवेदन जमा करें। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यदि प्रिंसिपल निर्धारित समय सीमा तक छुट्टी नहीं करते हैं, तो कोर्ट उन्हें पद छोड़ने का आदेश दे सकता है। Calcutta High Court</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट के अनुसार ‘‘वे प्रशासनिक पद पर हो सकते हैं, लेकिन उनसे सबसे पहले पूछताछ होनी चाहिए थी। आप (राज्य के वकील) उन्हें क्यों बचा रहे हैं। उनका बयान दर्ज करें। उन्हें जो कुछ भी पता है, वो सब जानकारी उनसे लें।’’ डॉ. घोष को कथित तौर पर पीड़िता को दोषी ठहराने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने सोमवार को इस्तीफा देते हुए कहा, ‘‘जिस लड़की की मौत हुई, वह मेरी बेटी की तरह थी, एक अभिभावक के तौर पर, मैं इस्तीफा दे रहा हूं।’’</p>
<h3>प्रिंसिपल को दूसरे सरकारी कॉलेज का प्रिंसिपल कैसे नियुक्त किया जा सकता है</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, उन्हें 24 घंटे बाद ही कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल के पद पर बहाल कर दिया गया। अदालत ने कहा, ‘‘नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले प्रिंसिपल को दूसरे सरकारी कॉलेज का प्रिंसिपल कैसे नियुक्त किया जा सकता है।’’ अदालत ने राज्य सरकार द्वारा इस दुखद अपराध से निपटने के तरीके की जांच की, जिसमें डॉक्टर के माता-पिता को सूचित करने में देरी और अंतत: उन्हें शव उपलब्ध कराने में देरी शामिल है। टिप्पणी की गई कि युवती की मौत के आसपास की भयावह स्थिति का डॉ. घोष पर बहुत कम प्रभाव पड़ा। Calcutta High Court</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, ‘‘प्रिंसिपल वहां काम करने वाले सभी डॉक्टरों के अभिभावक हैं। यदि वह कोई सहानुभूति नहीं दिखाते हैं तो कौन दिखाएगा? उन्हें घर पर रहना चाहिए और कहीं काम नहीं करना चाहिए…।’’ अदालत ने आरजी मेडिकल कर मेडिकल कॉलेज बलात्कार और हत्या मामले में सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार की भी कड़ी आलोचना की और इसे ‘भयानक’ घटना बताया। अदालत ने कहा, ‘‘हम प्रेस को चुप नहीं करा सकते। आप (राज्य) डॉक्टरों को क्या आश्वासन दे रहे हैं? वे आहत हैं। घटना बहुत ही भयानक है। डॉक्टरों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने का हक है।’’ Calcutta High Court</p>
<p><a title="Breaking News: पूज्य गुरु जी बरनावा आश्रम में पधारे" href="http://10.0.0.122:1245/venerable-saint-dr-msg-visited-barnawa-ashram/">Breaking News: पूज्य गुरु जी बरनावा आश्रम में पधारे</a></p>
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                <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 14:43:09 +0530</pubDate>
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