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                <title>Panic - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>कश्मीर के हल के लिए बातचीत</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र की मोदी सरकार ने अटल बिहारी बाजपेयी के फार्मूले पर वापिसी करते बातचीत द्वारा कश्मीर मसले को हल करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस संबंधी नारा दे चुके हैं, ‘न गोली से, न गाली से, गले मिलने से हल निकलेगा’। इस कार्य के लिए पूर्व आईबी प्रमुख दिनेश्वर शर्मा को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/negotiation-for-solution-of-kashmir/article-3451"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-10/modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">केन्द्र की मोदी सरकार ने अटल बिहारी बाजपेयी के फार्मूले पर वापिसी करते बातचीत द्वारा कश्मीर मसले को हल करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस संबंधी नारा दे चुके हैं, ‘न गोली से, न गाली से, गले मिलने से हल निकलेगा’। इस कार्य के लिए पूर्व आईबी प्रमुख दिनेश्वर शर्मा को बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बातचीत का रास्ता लोकतंत्र व सद्भावना से जुड़ा है। अगर इस तरीके से बात किसी सही दिशा में चलती है तो यह सरकार की उपलब्धि होगी, लेकिन जहां तक पिछले तर्जुबे की बात है वह कोई बहुत अच्छा नहीं रहा है। पहले भी विभिन्न पार्टियों के सीनीयर नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल कश्मीर पहुंचा था लेकिन सैयद अली शाह गिलानी जैसे नेताओं ने घर के दरवाजे ही बंद कर दिए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस तरह यूपीए सरकार के समय भी बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजा गया, जिसकी बातचीत तो सद्भावना भरे माहौल में हुई लेकिन मसले के हल के लिए शुरुआत तक न हो सकी। दरअसल कश्मीर मसले में कई पेचीदगीयां आ गई हैं। सख्ती और बातचीत दोनों तरफ से जरूरी है। आतंकवाद से निपटने के लिए सख्त एक्शन लिए बिना गुजारा नहीं है। दूसरी तरफ जनता की सुरक्षा की बात है। पिछले वर्ष सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की घटनाएं ही बड़ी चुनौती बन गई थी। बुरहान वानी जैसे आंतकवादी के मारे जाने के बाद प्रदर्शन भी होते रहे। आम जनता को गुमराह होने से बचाने के लिए सेना व जनता के बीच के रिश्ते को मजबूत करना होगा। जनता को आतंकवाद के खिलाफ खड़ा करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">युवा पीढ़ी को रोजगार व कल्याणकारी कार्यांे की तरफ लाने की मुख्य जरुरत है। जनता व अलगाववादिओं के मसले अलग-अलग हैं। अलगाववादी सीधे तौर पर पाकिस्तान की जय-जयकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जनता के मसले सुरक्षा बलों व प्रशासन से संबंधित हैं। यह बात भी विचार योग्य है कि एक ही व्यक्ति अलग-अलग पक्षों से बातचीत कर कोई सांझी राय तैयार कर सकेगा। वैसे केन्द्र द्वारा यह छूट दी गई है कि दिनेश्वर जिससे भी चाहें उससे बातचीत कर सकते हैं। नाजुक बने हुए हालातों को ठीक करने के लिए बातचीत का कोई भी प्रयास ठोस साबित हो तो मिशन की सार्थकता बनेगी। किसी भी उठाए गए कदम से सिर्फ समय की बर्बादी न हो, इसलिए दृढ़ इच्छा शक्ति को बरकरार रखना होगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Oct 2017 04:27:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कश्मीर: सिक्युरिटी फोर्सेस ने लश्कर के 3 आतंकियों को मार गिराया</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के सोपोर में शनिवार को सिक्युरिटी फोर्सेस ने एनकाउंटर में 3 आतंकियों को मार गिराया। पुलिस का एक जवान जख्मी हुआ है। फोर्सेस ने 3 एके-47 राइफलें भी बरामद की हैं। इसी हफ्ते एनकाउंटर में लश्कर का टॉप कमांडर अबु दुजाना समेत 2 आतंकी मारे गए थे। यावर ने पुलिस गार्ड से एक सेल्फ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/kashmir-three-terrorists-killed/article-2888"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/army1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर:</strong> जम्मू-कश्मीर के सोपोर में शनिवार को सिक्युरिटी फोर्सेस ने एनकाउंटर में 3 आतंकियों को मार गिराया। पुलिस का एक जवान जख्मी हुआ है। फोर्सेस ने 3 एके-47 राइफलें भी बरामद की हैं। इसी हफ्ते एनकाउंटर में लश्कर का टॉप कमांडर अबु दुजाना समेत 2 आतंकी मारे गए थे। यावर ने पुलिस गार्ड से एक सेल्फ लोडिंग राइफल (SLR) लूटी थी। एक राइफल, 2 मैगजीन और 40 राउंड गोलियां बरामद की गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यावर की बॉडी को अंतिम संस्कार के लिए उसके परिवार को सौंप दिया गया है। गुरुवार को ही कुलगाम में सिक्युरिटी फोर्सेस ने 2 आतंकियों को मार गिराया था। 1 अगस्त को सिक्युरिटी फोर्सेस ने पुलवामा के हाकरीपोरा में एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर अबु दुजाना समेत 2 आतंकियों को मार गिराया था। दुजाना पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्तिस्तान का रहने वाला था।</p>
<h1>आतंकी का शव ले जाओ: पुलिस</h1>
<p style="text-align:justify;">दुजाना के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने उसका शव ले जाने के लिए दिल्ली स्थित पाक हाईकमीशन को अप्रोच किया। बीते 27 साल में ये पहली बार है कि एनकाउंटर के बाद जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तान को अप्रोच किया। 1990 से कश्मीर में आतंकवाद शुरू हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान आतंकी मारे जाते रहे लेकिन कभी भी किसी अफसर या पुलिस ने पाकिस्तान से उसका शव लेने के लिए नहीं कहा। बता दें कि पिछले साल 8 जुलाई को आर्मी ने बुरहान वानी को मार गिराया था। इस साल कुछ महीने पहले बुरहान का दोस्त सब्जार अहमद भट मारा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                            <category>देश</category>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/kashmir-three-terrorists-killed/article-2888</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Aug 2017 22:22:50 +0530</pubDate>
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                <title>आर्मी के काफिले पर आतंकी हमला, 2 आतंकी ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर: कश्मीर के शोपियां में गुरुवार सुबह आर्मी के काफिले पर आतंकियों ने हमला कर दिया। इसमें एक मेजर और एक जवान शहीद हो गया। वहींं, एक जवान जख्मी है। ऐसा कहा जा रहा है कि हमले के बाद ये आतंकी भाग निकलने में कामयाब रहे। आर्मी इनकी तलाश कर रही है। उधर, साउथ कश्मीर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/terror-attack-on-army-convoy/article-2816"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/army.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर:</strong> कश्मीर के शोपियां में गुरुवार सुबह आर्मी के काफिले पर आतंकियों ने हमला कर दिया। इसमें एक मेजर और एक जवान शहीद हो गया। वहींं, एक जवान जख्मी है। ऐसा कहा जा रहा है कि हमले के बाद ये आतंकी भाग निकलने में कामयाब रहे। आर्मी इनकी तलाश कर रही है। उधर, साउथ कश्मीर के कुलगाम में जवानों ने एक दूसरे एनकाउंटर में दो आतंकवादियों को मार गिराया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कुलगाम में दो आतंकी ढेर</h2>
<p style="text-align:justify;">दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में आज तड़के सुरक्षा बलों के साथ एनकाउंटर में दो आतंकवादी मारे गये। डिफेंस मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि सिक्युरिटी फोर्सेस को जिले में आतंकवादी के बारे में जानकारी मिली थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उसके बाद सुरक्षा बलों ने जिले के गोपालपोरा में घेराबंदी कर दो आतंकवादियों को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन इन्होंने गोलियां चलानी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आतंकवादी मारे गये।घटनास्थल से दो हथियार मिले हैं। आतंकवादियों के खिलाफ अभियान खत्म गया है। मारे गये आतंकवादियों की पहचान की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Wed, 02 Aug 2017 23:23:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पुलवामा में एनकाउंटर, 3 आतंकियों को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर: कश्मीर के पुलवामा (Encounter Pulwama) में सिक्युरिटी फोर्सेस ने मंगलवार तड़के साढ़े चार बजे से हाकरीपोरा गांव को घेर रखा है। सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि तीनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के हैं। दोनों तरफ से गोलीबारी हो रही है। इससे पहले फोर्सेस ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/pulwama-encounter/article-2760"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/encounter.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर:</strong> कश्मीर के पुलवामा <strong>(Encounter Pulwama)</strong> में सिक्युरिटी फोर्सेस ने मंगलवार तड़के साढ़े चार बजे से हाकरीपोरा गांव को घेर रखा है। सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि तीनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के हैं। दोनों तरफ से गोलीबारी हो रही है। इससे पहले फोर्सेस ने रविवार को पुलवामा के तहाब गांव में 2 आतंकियों को मार गिराया था।</p>
<h1 style="text-align:justify;">घुसपैठ की कोशिशें नाकाम | Encounter Pulwama</h1>
<ul style="text-align:justify;">
<li>कश्मीर में इस साल आतंकी घुसपैठ की कोशिशों में इजाफा हुआ है।</li>
<li>आर्मी ने अब तक 23 घुसपैठ की कोशिशें नाकाम की हैं।</li>
<li>इस दौरान हुई फायरिंग में 41 आतंकी मारे गए हैं।</li>
<li>गुरेज सेक्टर : यहां 27 जुलाई को आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी</li>
<li>जिसे आर्मी ने नाकाम कर दिया था। तीन आतंकी मारे गए थे।</li>
<li> माछिल सेक्टर: 23 जुलाई को नॉर्थ कश्मीर के माछिल सेक्टर में आर्मी ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम की थी।</li>
<li>इस दौरान हुई फायरिंग में एक आतंकी मारा गया था।</li>
<li>नौगाम सेक्टर: कुपवाड़ा के नौगाम इलाके में 10 जुलाई को घुसपैठ की एक बड़ी साजिश नाकाम की गई थी।</li>
<li>आर्मी की फायरिंग में 3 आतंकी मारे गए थे।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:justify;">कश्मीर में कैसे हैं हालात? | Encounter Pulwama</h1>
<p style="text-align:justify;">जून में पाकिस्तान ने 23 बार कश्मीर में सीजफायर वॉयलेशन किया। जून में ही पाक की BAT (बॉर्डर एक्शन टीम) ने भी पेट्रोलिंग कर रहे भारतीय जवानों पर हमला बोला। इसके अलावा पाक ने जून में 2 बार आतंकियों की भारतीय सीमा में घुसपैठ कराने की कोशिश भी की। इन सब घटनाओं में 3 जवान शहीद हुए। एक अन्य शख्स की भी मौत हो गई। 12 लोग जख्मी भी हुए। पाक की तरफ से कश्मीर में हाल में की गई <strong>(Encounter Pulwama)</strong> फायरिंग में 8000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इनमें नौशेरा के 3000 और मांजाकोट-राजधानी-पंजग्रेन-नायका के 5000 लोग शामिल हैं। पाक की तरफ से इस साल जुलाई में कश्मीर में की गई फायरिंग में अब तक 4 जवान शहीद हुए हैं। इनके अलावा 3 सिटिजंस की भी मौत हुई है। कश्मीर में रेल सर्विस सस्पेंड है। पिछले कुछ समय से हिंसक घटनाओं में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे की प्रॉपर्टीज को जानबूझकर निशाना बनाया है जिससे रेलवे को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/pulwama-encounter/article-2760</link>
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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2017 22:40:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काबुल में कार ब्लास्ट, 24 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[42 लोग घायल | Kabul Car Blast काबुल: यहां के गुलाई दावा खाना इलाके में सोमवार को हुए कार ब्लास्ट ( Kabul Car Blast) में 24 लोगाें की मौत हो गई। 42 लोग घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह ब्लास्ट एक फिदायीन ने किया। अभी तक इस की आतंकी गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/kabul-car-blast-24-killed/article-2571"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/kabul-car-blast.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">42 लोग घायल | Kabul Car Blast</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>काबुल:</strong> यहां के गुलाई दावा खाना इलाके में सोमवार को हुए कार ब्लास्ट <strong>( Kabul Car Blast)</strong> में 24 लोगाें की मौत हो गई। 42 लोग घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह ब्लास्ट एक फिदायीन ने किया। अभी तक इस की आतंकी गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली है। मौके पर रेस्क्यु किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। काबुल में बीते दो महीने में हुआ यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले 31 मई को इंडियन एंबेसी के पास हुए ब्लास्ट में 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि यह ब्लास्ट अफगानिस्तान की पार्लियामेंट के मेंबर मोहम्मद मोहाकिक के घर के पास हुआ है। मोहाकिक पीपुल्स इस्लामिक यूनिटी पार्टी के फाउंडर हैं।</p>
<h1 style="text-align:justify;">पहले अटैक में हुई थी 90 की मौत | Kabul Car Blast</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">31 मई को काबुल में इंडियन एंबेसी के पास एक टैंकर में भरे बारूद से ब्लास्ट किया गया था।</li>
<li style="text-align:justify;">इस हमले में 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। 300 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।</li>
<li style="text-align:justify;">हमले के पीछे तालिबान के होने का शक जताया गया था। हालांकि, तालिबान ने इससे इनकार किया था।</li>
<li style="text-align:justify;">कुछ महीनों में हुए हमलों की आईएसआईएस ने जिम्मेदारी ली है।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:justify;">11418 लोग हुए हताहत | Kabul Car Blast</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">अफगानिस्तान में हमलों में 3498 आम लोगों की मौत हुई थी। 7920 लोग घायल हुए।</li>
<li style="text-align:justify;">यानी 11418 लोग हताहत हुए। पिछले आठ सालों में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा था।</li>
<li style="text-align:justify;">2015 की तुलना में इसमें 2% का इजाफा हुआ था।</li>
<li style="text-align:justify;">इस साल मार्च तक अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक और आतंकी हमलों में 715 लोगों की मौत हुई थी।</li>
<li style="text-align:justify;">1466 लोग घायल हुए थे।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी और विदेशी सेनाएं अफगानिस्तानी फोर्स की मदद करती रही हैं। फिलहाल यहां 8400 अमेरिकी सैनिक और 5000 नाटो सैनिक हैं। इनका मुख्य काम सलाहकार के रूप में काम करना है। छह साल पहले तक यहां एक लाख से ज्यादा अमेरिकी सैनिक थे। 2011 से 2013 के बीच अमेरिकी फौज की वापसी के बाद यहां आतंकी हमलों में तेजी आई है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Jul 2017 00:47:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाक को ‘आतंक पोषित’ संज्ञा मिलना, भारत की बड़ी जीत</title>
                                    <description><![CDATA[भारत लंबे समय से पाक परस्त आतंकवाद से पीड़ित रहा है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर वैश्विक मंच से आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरते रहे हैं। भारत संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य वैश्विक मंचों पर इस बात पर विशेष जोर देता रहा है कि पाक जैसे देश जो विश्व शांति के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/hindi-article-on-terrorism/article-2526"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/pakistan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत लंबे समय से पाक परस्त आतंकवाद से पीड़ित रहा है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर वैश्विक मंच से आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरते रहे हैं। भारत संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य वैश्विक मंचों पर इस बात पर विशेष जोर देता रहा है कि पाक जैसे देश जो विश्व शांति के लिए खतरा बनते जा रहे हैं, उन्हें आतंकी देश की सूची में शामिल किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की इस मुहिम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट ‘कंट्री रिपोर्ट आॅन टेरेरिज्म’ में इस बात को स्वीकार किया है कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन पाक से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं तथा ये आतंकी सगंठन आतंकियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ चंदा भी जुटाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका द्वारा आतंकवाद को पोषित करने वाले देशों की सूची में पाकिस्तान 13वां देश बना है। इससे पहले इस सूचि में अफगानिस्तान, सोमालिया, यमन, इराक समेत बारह और देश शामिल है। आतंकवाद परस्त देशों की सूची में पकिस्तान का नाम आने पर उसके ऊपर आतंकी सगठनों पर कार्यवाही करने का दबाव बनना तय है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि भारत में हर आतंकवादी हमलों के पीछे पाक पोषित आतंकवाद का हाथ होता है, जिसके पुख्ता सुबूत भी भारत के पास मौजूद हैं, पर पाकिस्तान इस बात को नकारता रहा है। उरी हमला हो अथवा पठानकोट आतंकी हमला, भारत में हर आतंकी घटनाओं में पाकिस्तान का हाथ होता है और इस बात के सुबूत भारत ने पाकिस्तान को सौंपे भी हैं। लेकिन, अभी तक पाकिस्तान ने उन आतंकियों पर कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की है ।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बात जगजाहिर है कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है और उसका ज्यादातर इस्तेमाल भारत में अस्थिरता उत्पन्न करने के लिए करता है। भारत, पाकिस्तान को हर वैश्विक मंच से अलग-थलग करने में कूटनीतिक कामयाबी तो हासिल कर रहा है, बावजूद इसके आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान के अड़ियल रवैये में जरा भी परिवर्तन देखने को नहीं मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब अमेरिका द्वारा आतंक की पनाहगाह देशों की सूचि में पाकिस्तान का नाम होने से उसके रूख में क्या बदलाव आता है, यह देखने वाली बात होगी। किन्तु इस बात को दरकिनार नहीं किया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकसूत्रीय एजेंडे के तहत जिस प्रकार से आतंकवाद के खिलाफ विश्व को एक मंच पर लाने की कवायद की है उसी का परिणाम है कि अमेरिका ने यह कड़ा कदम उठाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि इस रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर में होने वाले आतंकी हमलों के लिए भी पाकिस्तान को जिम्मेदार बताया गया है। रिपोर्ट में इस बात की भी पुष्टि की गई है कि भारत ने 2016 से अमेरिका के साथ आतंकवाद रोधी सहयोग को और गहरा बनाया है तथा सूचनाएं भी साझा करने का प्रयास किया है। पाक को हर मंच से अलग-थलग करने की भारत की रणनीति के चलते पाकिस्तान अब बैकफुट पर आ गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आतंक को पनाह देने की बात भारत ने हर मंच से उठाई है और इसके पुख्ता सुबूत भी वैश्विक मंचों पर रखे हैं, जिससे पाकिस्तान की फजीहत हर वैश्विक मंच पर हो रही है। निश्चित रूप से इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जाना चाहिए। इस रिपोर्ट में भारत में हो रहे लगातार आतंकी हमलों का विशेष जिक्र करते हुए पाक परस्त आतंकियों तथा नक्सलियों को दोषी बताया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल, यह सवाल आज भी यक्ष प्रश्न की तरह है कि क्या अमेरिका के इस कदम के बाद से पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देना बंद कर देगा? जाहिर है कि पाकिस्तान की आतंक परस्त नीति की आलोचना भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका अफगानिस्तान, बांग्लादेश समेत कई देश समय-समय पर करते रहते हैं, किन्तु पाकिस्तान के ऊपर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता, इसलिए यह बात स्वीकारना कठिन है कि अमेरिका के इस कदम के बाद पाकिस्तानी हुकूमत पर कोई असर दिखेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-आदर्श तिवारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/hindi-article-on-terrorism/article-2526</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Jul 2017 02:02:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीजफायर उल्लंघन का भारतीय सेना ने दिया करारा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[नदी के पास चल रहे वाहन को बनाया निशाना नई दिल्ली: पाकिस्तान सेना ने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पुंछ के बालाकोट और राजौरी के मंजाकोट में युद्ध विराम का फिर उल्लंघन किया। इससे पहले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर(POK) में नियंत्रण रेखा पर हुई संघर्ष विराम उल्लंघन की घटना में भारतीय सैनिकों ने करारा जवाब […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indian-army-killed-four-terrorists/article-2367"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/army-6.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">नदी के पास चल रहे वाहन को बनाया निशाना</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> पाकिस्तान सेना ने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पुंछ के बालाकोट और राजौरी के मंजाकोट में युद्ध विराम का फिर उल्लंघन किया। इससे पहले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर(POK) में नियंत्रण रेखा पर हुई संघर्ष विराम उल्लंघन की घटना में भारतीय सैनिकों ने करारा जवाब दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय सेना ने उनके वाहन पर गोलीबारी की। इसके कारण उनके चार जवान नदी में डूब गए। बता दें कि प्रधान मंत्री मुहम्मद नवाज शरीफ ने रविवार को आरोप लगाया है कि नीलम घाटी में पाकिस्तान की सेना की जीप पर भारत की गोलीबारी ने 4 सैनिक कर्मियों को डूबने और हत्या कर दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मुजफ्फराबाद से 73 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आठमुकाम में नीलम नदी के पास चल रहे वाहन को निशाना बनाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया, गोलीबारी से वाहन नदी में गिर गया। उन्होंने बताया कि एक सैनिक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि चार में से तीन की खोज जारी है। बता दें कि नियंत्रण रेखा संघर्ष विराम उल्लंघन की घटना में चार पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Jul 2017 23:27:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंकियों से निपटने को उठाएं कड़े कदम</title>
                                    <description><![CDATA[जब कभी कहीं आतंकी हमले होते हैं तो मानवता की चीख-पुकार पूरी दुनिया सुनती है। पर, अफसोस कि एकाध दिन में हालात सामान्य हो जाते हैं और सरकार आतंकियों पर की जाने वाली कार्रवाईयों को भूल जाती है। परिणाम यह होता है कि मौका पाकर खूनी खेल खेलने वाले ये दुर्दांत आतंकी फिर कोई बड़ा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/strict-action-to-combat-terrorists/article-2245"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/attack-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जब कभी कहीं आतंकी हमले होते हैं तो मानवता की चीख-पुकार पूरी दुनिया सुनती है। पर, अफसोस कि एकाध दिन में हालात सामान्य हो जाते हैं और सरकार आतंकियों पर की जाने वाली कार्रवाईयों को भूल जाती है। परिणाम यह होता है कि मौका पाकर खूनी खेल खेलने वाले ये दुर्दांत आतंकी फिर कोई बड़ा कारनामा कर जाते हैं। हम चर्चा 10 जुलाई की देर शाम अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के प्रसंग की कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में 6 महिलाओं समेत 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई, जबकि 32 घायल हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">कश्मीर के आईजी मुनीर खान के अनुसार, पाकिस्तानी आतंकवादी अबू इस्माइल ने हमले की साजिश रची थी। आईबी का कहना है कि इस हमले को कुल 4 आतंकियों ने अंजाम दिया। इसमें पाकिस्तान के दो और दो स्थानीय आतंकी थे।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हमले के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कश्मीर की स्थिति से जुड़ी जानकारी दी। जानकारी मिलने पर पीएम ने घटना की कड़ी निन्दा की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। सबके बावजूद इस हमले ने कुछ सवाल छोड़े हैं, जिसका जवाब सरकार व खुफिया एजेंसियों को देर-सबेर देना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि 17 साल पहले 2001 में अमरनाथ यात्रियों पर हुआ आतंकी हमला आखिरी था। 21 जून, 2001 को शेषनाग के निकट हुई आंतकी घटना में 6 तीर्थयात्रियों समेत 13 लोगों की मौत हुई थी। जिसमें 2 पुलिस वाले भी शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">आतंकियों ने यात्रा के रास्ते में लैंड माइन से धमाका कर और गोलीबारी कर यात्रियों पर हमला किया था। यह घटना पवित्र गुफा से महज 19 किमी दूर हुई थी। इस आतंकी घटना के बाद यात्रा स्थगित कर दी गई थी। जब ये हमला हुआ था उस वक्त तकरीबन 3 हजार अमरनाथ यात्री शेषनाग में रात्रि विश्राम कर रहे थे। हमला करने वाला आतंकी साधु के भेष में तीर्थ यात्रियों के साथ घुलमिल गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उसने पहले से रास्ते में बिछाई गई आईईडी डिवाइस को रिमोट के जरिए ब्लास्ट किया और एके-47 से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। उस आतंकी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। 2001 से पहले साल 2000 में पहलगाम में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों को अपना निशाना बनाया था। इस हमले में 30 लोगों की जान चली गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि अमरनाथ यात्रा हिंदुओं के लिए पवित्र अमरनाथ गुफा तक की यात्रा है। यह गुफा समुद्र तल से 3,888 मीटर यानी 12,756 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां तक केवल पैदल या खच्चर के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम से ये दूरी करीब 46 किलोमीटर की है। जिसे पैदल पूरा करना होता है। इसमें अमूमन पांच दिन तक का वक्त लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक दूसरा रास्ता सोनमर्ग के बालटाल से भी है, जिससे अमरनाथ गुफा की दूरी महज 16 किलोमीटर है। लेकिन मुश्किल चढ़ाई होने के कारण ये रास्ता बेहद कठिन माना जाता है। ये गुफा बर्फ से ढकी रहती है, लेकिन गर्मियों में थोड़े वक्त के लिए जब गुफा के बाहर बर्फ मौजूद नहीं होती, उस वक्त तीर्थयात्री यहां पहुंच सकते हैं। श्रावण के महीने में ये यात्रा शुरू होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">45 दिनों तक तीर्थ यात्री यहां आ सकते हैं। इस यात्रा के लिए आने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को देखकर ही 2000 में श्राइन बोर्ड का गठन किया गया जो राज्य सरकार से मिलकर इस यात्रा को कामयाब बनाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए हर साल लाखों हिंदू श्रद्धालु अपना पंजीयन कराते हैं। हालांकि भारत प्रशासित कश्मीर में मौजूदा तनाव को देखते हुए इस साल इस यात्रा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस यात्रा की शुरूआत से पहले सुरक्षा बलों ने मीडिया को जो जानकारी दी थी, उसके मुताबिक 300 किलोमीटर लंबे रूट के लिए सेना, पैरामिलिट्री फोर्स और राज्य पुलिस के करीब 14 हजार जवानों को तैनात किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेना की दो बटालियनों के अलावा सीआरपीएफ और बीएसएफ की 100 टुकड़ियों को तैनात किया गया है। यह संख्या पिछले साल अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा कर रहे जवानों की तुलना में दोगुनी है। कश्मीर में मौजूदा तनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों को किसी चरमपंथी हमले की आशंका पहले से थी, लिहाजा इस बार ज्यादा सुरक्षा बलों को अत्याधुनिक तकनीकों से भी लैस किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">अलग से बटालियनों को कवर अप के लिए भी तैनात रखा गया। बावजूद इसके 10 जुलाई की रात आतंकी हमले हुए, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग जख्मी हो गए। अब सवाल यह है कि बगैर श्राइन बोर्ड की अनुमति और उसमें पंजीकृत हुए बगैर गुजरात की यात्रियों से भरी बस को वहां क्यों जाने दिया गया? बस को रास्ते में रोककर सुरक्षाकर्मियों ने जांच-पड़ताल क्यों नहीं की?</p>
<p style="text-align:justify;">यदि वह बस सुरक्षा के मानकों को पूरा नहीं कर रही थी तो उसे आगे जाने की अनुमति देनी ही नहीं चाहिए। बहरहाल, कहा जा रहा है कि कश्मीर में आतंकियों ने अपने 15 साल पुराने अलिखित वादे को तोड़ दिया है, जिसमें अमरनाथ यात्रियों पर हमला नहीं करने की बात कही गई थी। अमरनाथ यात्रा कश्मीर में काफी विवाद का विषय रहा है,</p>
<p style="text-align:justify;">बावजूद पिछले एक दशक से ज्यादा समय से यह आतंकी घटनाओं से दूर ही रहा। पिछले साल एक एनकाउंटर में मारे गए हिज्बुल आतंकी बुरहान वानी का भी एक वीडियो जून में जारी हुआ था, जिसमें वह अमरनाथ यात्रियों को विश्वास दिला रहा था कि उन्हें आतंकियों द्वारा नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि खून के प्यासे आतंकियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अब देखना यह है कि सरकार इस घटना के बाद क्या कार्रवाई करती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-राजीव रंजन तिवारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jul 2017 23:46:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>जी-20 सम्मेलन में छाए रहे आपसी मसले</title>
                                    <description><![CDATA[जर्मनी में आयोजित 12वें जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान आतंकवाद से मुकाबला और आर्थिक सुधार जैसे मुद्दों पर बात तो जरूर हुई, लेकिन कोई सकारात्मक बात नहीं निकल सकी। पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशों से अपील करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया। कुछ देशों ने समर्थन किया, तो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/g20-meet-discussion-on-several-matters/article-2115"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/g20.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जर्मनी में आयोजित 12वें जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान आतंकवाद से मुकाबला और आर्थिक सुधार जैसे मुद्दों पर बात तो जरूर हुई, लेकिन कोई सकारात्मक बात नहीं निकल सकी। पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशों से अपील करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया। कुछ देशों ने समर्थन किया, तो कुछ चुप रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन के दौरान मोदी ने मुक्त और खुला व्यापार, जलवायु परिवर्तन, आव्रजन, सतत् विकास और वैश्विक स्थायित्व जैसे विषयों पर भी चर्चा की। दरअसल यह सम्मेलन उस वक्त आयोजित हो रहा है, जब चीन-भारत में सीमा विवाद को लेकर तनातनी का माहौल है। हैम्बर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति  शी जिनपिंग आपस में मिले भी, लेकिन मुलाकात में वह बात नहीं दिखाई दी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि पहले कहा जा रहा था कि दोनों नेताओं के लिए ब्रिक्स का मंच बातचीत के लिए उचित नहीं है, लेकिन फिर भी जी-20 सम्मेलन के दौरान दोनों नेता मिले। हाथ मिलाया। एक-दूसरे की ‘तारीफ’ की।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि सीमा विवाद पर कोई बात नहीं हुई। इसके तुरंत बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने ट्वीट कर जानकारी दी कि हैम्बर्ग में चीन की मेजबानी में हुई ब्रिक्स नेताओं की अनौपचारिक बैठक में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी ने व्यापक मुद्दों पर बात की। यह बातचीत किसी दिशा में पहुंचेगी, यह बताना मुश्किल होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल ब्रिक्स के दौरान दोनों नेताओं का मिलना महज औपचारिकता ही समझा जाएगा, नहीं मिलते तो उसका गलत संदेश भी जा सकता था। लेकिन मौजूदा मसला बहुत ही नाजुक स्थिति में पहुंच गया है। इसे सुलझाने के लिए दोनों देशों को एक मंच पर आना होगाा। ऐसा होगा, यह भी उम्मीद न के बराबर ही है। माहौल जंग जैसे बन गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">12वें ब्रिक्स सम्मेलन का वैसे भी इस बार जमकर विरोध हो रहा है। दरअसल ये लोग अमेरिका द्वारा पेरिस जलवायु समझौते से खुद को अलग किए जाने का विरोध कर रहे हैं। विरोध को देखते हुए कोई अनहोनी न हो इसके लिए सम्मेलन स्थल की सुरक्षा चाक-चौबन्द कर दी गई है। सभी नेताओं को भी अलग से सुरक्षा प्रदान की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने चीन के राष्ट्रपति  शी जिनपिंग की अध्यक्षता में ब्रिक्स के काम करने की गति की तारीफ की और सहयोग का वादा किया। इसके बाद चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में 2016 में हुए गोवा सम्मेलन के बाद ब्रिक्स ने अच्छी गति पकड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने भारत की तरक्की की तारीफ की। मोदी ने जीएसटी का भी जिक्र किया। दोनों देशों के बीच बातचीत का सिलसिला यूं ही आगे भी चलता रहे इस बात की दरकार है। सिक्किम क्षेत्र में भारत एवं चीन के बीच गतिरोध और विवादित दक्षिण एवं पूर्व चीन सागरों में बीजिंग के दावों के बीच चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने ब्रिक्स देशों से अपील की कि वे ‘क्षेत्रीय संघर्षों एवं विवादों’ का ‘राजनीतिक एवं शांतिपूर्ण समाधान’ खोजें।</p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन के दौरान जब मोदी को बोलना था तो उन्होंने कहा कि कुछ देश आतंकवाद को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि आतंकवाद का साथ देने वालों के खिलाफ जी-20 के सभी देशों को एकजुट होना चाहिए। आतंक को पालने वालों को अलग-थलग किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी इस बात का शी जिनपिंग ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत संकल्प की तारीफ की और समर्थन किया। हालांकि यह सब पाकिस्तान को अभी से चुभने लगा है। पाकिस्तान कतई नहीं चाहता कि चीन-भारत नजदीक आएं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की बात न करें तो ब्रिक्स सम्मेलन में अमेरिकी और चीन की कलह सामने आ गई। अमेरिका ने एक बार फिर चीन को चुनौती दी है। अमेरिकी वायुसेना के दो लड़ाकू विमानों ने विवादित दक्षिणी चीन सागर के ऊपर उड़ान भरी। अमेरिकी वायुसेना ने इसकी जानकारी दी और इस क्षेत्र पर चीन के दावे को दरकिनार करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र करार दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बात की तिलमिलाहट सम्मेलन में साफ तौर पर दिखाई दी। सम्मेलन के पहले दिन कई देशों के आपसी आतंरिक मसले आपस में टकराते रहे। ब्रिक्स का मौजूदा सम्मेलन जिस मकसद के लिए आयोजित किया गया, उससे भटकता दिखाई दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-रमेश ठाकुर</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Sun, 09 Jul 2017 00:48:06 +0530</pubDate>
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                <title>LoC पर फायरिंग का भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[सीमा पर पाकिस्तानी पोस्ट क्षतिग्रस्त जम्मू: शनिवार को पाकिस्तानी ने संघर्ष विराम का उल्लंघन कर जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा से सटी अग्रिम चौकियों एवं बस्तियों को निशाना बनाया, जिसमें सेना के एक जवान और उसकी पत्नी की मौत हो गई तथा उनकी तीन बेटियां घायल हो गई। हालांकि भारतीय सेना द्वारा दिए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/encounter-between-pakistani-army-and-indian-army/article-2113"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/army-2.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">सीमा पर पाकिस्तानी पोस्ट क्षतिग्रस्त</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>जम्मू:</strong> शनिवार को पाकिस्तानी ने संघर्ष विराम का उल्लंघन कर जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा से सटी अग्रिम चौकियों एवं बस्तियों को निशाना बनाया, जिसमें सेना के एक जवान और उसकी पत्नी की मौत हो गई तथा उनकी तीन बेटियां घायल हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि भारतीय सेना द्वारा दिए गए करारे जवाब में पाकिस्तान को भी बड़ा नुकसान हुआ है। खुफिया एजेंसियों ने बताया कि कुल 7 पाकिस्तानी सैनिक और नागरिक मारे गए हैं, जबकि 16 घायल हुए हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">दो पाकिस्तान सैनिकों की मौत, सात घायल</h2>
<p style="text-align:justify;">सीमा पर एक पाकिस्तानी पोस्ट को भी क्षतिग्रस्त किया गया, जिसमें दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और सात घायल हो गए जिसमें तीन गंभीर हैं। जो भी पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और घायल हुए हैं, वो नियंत्रण रेखा पर तैनात 24 फ्रंटियर फोर्स यूनिट से हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तानी सेना ने संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए एलओसी से सटी भारतीय सैन्य चौकियों पर छोटे एवं स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी एवं मोर्टार दागे। भारतीय सैनिकों ने इसका माकूल जवाब दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तानी सैनिकों ने स्थानीय गांवों को निशाना बनाकर भारी गोलीबारी की थी। पाकिस्तान की ओर से जून महीने में संघर्षविराम उल्लंघन की 23 घटनाएं, पाकिस्तान के विशेष दस्ते का एक हमला और घुसपैठ की कोशिशों की दो घटनाएं हुई हैं, जिनमें तीन जवान शहीद होने के साथ चार लोगों की मौत हो गई थी और 12 अन्य घायल हो गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Jul 2017 00:30:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मिस्र: कार बम हमलों में 23 सैनिकों की मौत, 26 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली इस हमले की जिम्मेदारी काहिरा:  मिस्र के उत्तरी सिनाई शहर में सेना के दो सुरक्षा नाकों पर हुए आत्मघाती कार बम हमलों में कम से कम 23 सैनिक मारे गए और 26 घायल हो गए हैं। रक्षा सूत्रों ने बताया कि रफा शहर की सीमा पर कल आतंकवादियों ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/car-bomb-attacks-23-soldiers-killed-26-injured/article-2073"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/blast.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली इस हमले की जिम्मेदारी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>काहिरा:</strong>  मिस्र के उत्तरी सिनाई शहर में सेना के दो सुरक्षा नाकों पर हुए आत्मघाती कार बम हमलों में कम से कम 23 सैनिक मारे गए और 26 घायल हो गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा सूत्रों ने बताया कि रफा शहर की सीमा पर कल आतंकवादियों ने दो कार बम हमलों को अंजाम दिया है। आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">आईएस ने एक बयान जारी कर कहा कि उनके लड़ाकों ने सेना को निशाना बनाया क्योंकि सेना आतंकवादी समूह के खिलाफ अभियान की तैयारी कर रही थी। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में सिनाई में आईएस ने सुरक्षा नाके पर विस्फोट किया था जिसमें 17 सैनिक मारे गए थे।</p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2017 23:49:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सेना के काफिले पर आतंकी हमला, दो जवान घायल</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान की ओर से सीजफायर वॉयलेशन में एक ही परिवार के दो लोगों की मौत पाकिस्तान  82 मिमी और 120 मिमी मोर्टार के गोले का कर रहा उपयोग श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा इलाके के हाजिन में शनिवार सुबह सेना के काफिले पर घात लगाकर आतंकी हमला किया गया। इसमें दो भारतीय जवान घायल हो गए। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/terror-attack-in-hajin-area-of-bandipora/article-2069"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/army-11.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">पाकिस्तान की ओर से सीजफायर वॉयलेशन में एक ही परिवार के दो लोगों की मौत</h2>
<h3 style="text-align:justify;">पाकिस्तान  82 मिमी और 120 मिमी मोर्टार के गोले का कर रहा उपयोग</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर:</strong> जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा इलाके के हाजिन में शनिवार सुबह सेना के काफिले पर घात लगाकर आतंकी हमला किया गया। इसमें दो भारतीय जवान घायल हो गए। वहीं पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर वॉयलेशन में एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;"> जम्मू में पूंछ में चक्का दा बाघ और खारी करमारा में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिक द्वारा सीजफायर उल्लंघन किया गया। पाकिस्तानी सेना भारी मोर्टार गोलाबारी कर रही है। इस सीजफायर उल्लंघन का हमारे सैनिकों ने भी  करारा जवाब दिया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">आर्मी के पोस्ट और हमारे गांवों पर चला रहा गोलियां</h2>
<p style="text-align:justify;">डिफेंस प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष मेहता ने बताया कि नॉर्थ कश्मीर के बांदीपोरा में आतंकियों ने यह हमला उस वक्त किया जब सेना के काफिले की गाड़ियां कैम्प से बाहर निकल रही थीं। बता दे कि पाकिस्तान  82 मिमी और 120 मिमी मोर्टार के गोले का उपयोग कर रहा है। साथ ही आर्मी के पोस्ट और हमारे गांवों पर गोलियां चला रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार पाकिस्तान लगातार फायरिंग करके ध्यान भटकाना चाह रहा है और फायरिंग को उनके कवर के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। बता दे कि हाजिन इलाके में ही 23 जून को जुमे की नमाज के बाद कुछ युवा विराेध-प्रदर्शन करने सड़कों पर आ गए। सिक्युरिटी फोर्सेस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो पथराव किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बाद में सिक्युरिटी फोर्स आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को काबू किया था। पुंछ सेक्टर में भी पाकिस्तान की ओर से सीजफायर वॉलेशन किया गया है, जिसका सेना की ओर से जवाब दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2017 23:10:14 +0530</pubDate>
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