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                <title>CJI DY Chandrachud - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>CJI Chandrachud: ‘अगर मैंने किसी का दिल दुखाया हो तो माफी चाहूंगा’</title>
                                    <description><![CDATA[CJI DY Chandrachud: विदाई समारोह में बोले सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ नई दिल्ली (एजेंसी)। सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ रविवार 10 नवंबर को पद से मुक्त हो जाएंगे। 9 और 10 तारीख को शनिवार व रविवार को कोर्ट की छुट्टी रहेगी। इसलिए उनके सम्मान में विदाई समारोह शुक्रवार को ही आयोजित किया गया। उनकी विदाई के लिए सेरेमोनियल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/cji-dy-chandrachud-said-if-i-have-hurt-anyone-i-would-like-to-apologize/article-64181"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/cji-chandrachud-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">CJI DY Chandrachud: विदाई समारोह में बोले सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ रविवार 10 नवंबर को पद से मुक्त हो जाएंगे। 9 और 10 तारीख को शनिवार व रविवार को कोर्ट की छुट्टी रहेगी। इसलिए उनके सम्मान में विदाई समारोह शुक्रवार को ही आयोजित किया गया। उनकी विदाई के लिए सेरेमोनियल बेंच बैठी। इसकी लाइव स्ट्रीमिंग हुई। इस अवसर पर सीजेआई ने कहा कि ‘‘मैं आज बहुत कुछ सीखा हूँ। कोई भी मामला पहले के मामले जैसा नहीं होता। अगर कोर्ट में किसी कोई तकलीफ पहुंची हो तो मैं विनम्रतापूर्व माफी चाहता हूँ। CJI Chandrachud</p>
<p style="text-align:justify;">अंत में धन्यवाद देते हुए न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, आप सभी का दिल से धन्यवाद, आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए। इसके लिए मैं सदा कृतज्ञ रहूंगा।’’ उनकी जगह अब न्यायमूर्ति संजीव खन्ना देश के 51वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने 9 नवंबर 2022 को भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। 13 मई 2016 को उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय से पदोन्नत किया गया था। CJI Chandrachud</p>
<h3>10 नवंबर रविवार को होंगे सेवानिवृत्त</h3>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने विदाई समारोह के मौके पर भावुक होते हुए कहा, ‘‘रात को मैं सोच रहा था कि दोपहर दो बजे कोर्ट खाली होगा और मैं स्क्रीन पर खुद को देख रहा होउंगा। आप सभी की मौजूदगी से मैं अभिभूत हूँ।’ सीजेआई ने कहा, ‘‘जब मैं छोटा था, तो सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में आकर यहां की कार्यवाही और कोर्ट में लगी दो तस्वीरों को देखता था। उन्होंने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट में भी न्यायमूर्ति चागला का बहुत प्रभाव था। उन्होंने आगे कहा कि हम सभी यहां यात्रियों की तरह हैं, जो कुछ समय के लिए आते हैं, अपना काम करते हैं और फिर चले जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट के रूप में यह संस्थान हमेशा चलता रहेगा और इसमें विभिन्न विचारों वाले लोग आते रहेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि मेरा बाद न्यायमूर्ति खन्ना इस संस्थान को मजबूती और गरिमा के साथ आगे बढ़ाएंगे।’ सीजेआई ने यह भी बताया कि वह न्यायमूर्ति जे.बी.पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा के साथ बैठकर काम करने के अनुभव को बहुत याद करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यही कोर्ट है, जो मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हम ऐसे लोगों से मिलते हैं, जिन्हें हम नहीं जानते थे और ये अनुभव जीवन को एक नया दृष्टिकोण देते हैं।’</p>
<h3>”आपने न्याय देने में पूरी निष्पक्षता की”</h3>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, एएसजी एन वेंकटरमन, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एएम सिंघवी, मुकुल रोहतगी व अन्य ने डीवाई चंद्रचूड़ के साथ बिताए पलों को याद किया। सिंघवी ने उनके यंग लुक का राज पूछा। मुकुल रोहतगी ने लंच करने की इच्छा जाहिर की।</p>
<p style="text-align:justify;">सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आपने न्याय देने में पूरी निष्पक्षता की। हम आपके सामने कभी हिचकिचाते नहीं थे। आपने हमेशा परिवार के कर्ता के रूप में स्टैंड लिया। आपको याद किया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि आप एक असाधारण पिता के असाधारण पुत्र हैं। हमेशा मुस्कुराते रहने वाले चंद्रचूड़, आपको हम हमेशा याद करेंगे। एक न्यायाधीश के रूप में आपका आचरण अनुकरणीय था। CJI Chandrachud</p>
<p><a title="लावारिस ट्रक में मिले 11 शव" href="http://10.0.0.122:1245/11-bodies-found-in-an-abandoned-truck/">लावारिस ट्रक में मिले 11 शव</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Fri, 08 Nov 2024 17:46:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Supreme Court: निजी संपत्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी अपडेट, सुनाया बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[Supreme Court: नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को नागरिकों की निजी संपत्ति (Private property) को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि हर निजी संपत्ति को राज्य नहीं खरीद सकते। एक मीडिया रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 39(बी) Article 39(B) के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/supreme-court-gave-a-big-update-regarding-private-property-gave-a-big-decision/article-64030"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/dy-chanderchud-singh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Supreme Court: नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को नागरिकों की निजी संपत्ति (Private property) को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि हर निजी संपत्ति को राज्य नहीं खरीद सकते। एक मीडिया रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 39(बी) Article 39(B) के तहत नागरिकों की हर निजी संपत्ति को राज्य के पास खरीदने का अधिकार नहीं है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud), जस्टिस हृषिकेश रॉय, जेबी पारदीवाला, मनोज मिश्रा, राजेश बिंदल, एससी शर्मा और आॅगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने बहुमत से अपना फैसला सुनाया। Supreme Court</p>
<p><a title="US Election 2024: डोनाल्ड ट्रंप जीते तो वीजा प्रणाली होगी प्रभावित?" href="http://10.0.0.122:1245/will-the-visa-system-be-affected-if-donald-trump-wins/">US Election 2024: डोनाल्ड ट्रंप जीते तो वीजा प्रणाली होगी प्रभावित?</a></p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि निजी संसाधन अनुच्छेद 39(बी) के तहत भौतिक संसाधन की परिभाषा के अंतर्गत आ सकते हैं, जोकि संसाधन की प्रकृति और समुदाय पर संसाधन के प्रभाव पर निर्भर करता है। कानूनी समाचार एजेंसी बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने घोषणा करते हुए कहा कि निजी संसाधन भौतिक संसाधन है या नहीं, यह तय करते समय कोर्ट को यह भी तय करना होगा कि इसका वितरण आम नागरिकों की भलाई हेतु है या नहीं। Supreme Court</p>
<h3>यूपी मदरसा अधिनियम का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला भी किया खारिज</h3>
<p>इलाहाबाद (एजेंसी)। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) का वह फैसला खारिज कर दिया, जिसमें मार्च 2004 के उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम (Uttar Pradesh Madrasa Education Board Act) को असंवैधानिक घोषित किया गया था। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मदरसों में शैक्षणिक मानकों को आधुनिक शैक्षणिक अपेक्षाओं के अनुरूप बनाने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया है।</p>
<p><a title="Gold Price Today: अमेरिकी चुनाव के इंतजार में सोने की कीमत हुई कम, जानें एमसीएक्स पर सोने की कीमतें!" href="http://10.0.0.122:1245/gold-prices-fell-in-anticipation-of-us-elections-know-the-gold-prices-on-mcx/">Gold Price Today: अमेरिकी चुनाव के इंतजार में सोने की कीमत हुई कम, जानें एमसीएक्स पर सोने की कीमतें!…</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Tue, 05 Nov 2024 12:00:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Chief Justice Chandrachud: मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने चुना अपना उत्तराधिकारी, रखा इनका प्रस्ताव : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने केंद्रीय कानून मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को अपना उत्तराधिकारी बनाने का प्रस्ताव रखा है। न्यायमूर्ति खन्ना सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। Chief Justice Chandrachud रिपोर्ट के अनुसार मंजूरी मिलने पर न्यायमूर्ति खन्ना भारत के 51वें मुख्य […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/chief-justice-chandrachud-chose-his-successor-proposed-this-report/article-63361"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/chandrachud-chief-justice.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने केंद्रीय कानून मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को अपना उत्तराधिकारी बनाने का प्रस्ताव रखा है। न्यायमूर्ति खन्ना सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। Chief Justice Chandrachud</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार मंजूरी मिलने पर न्यायमूर्ति खन्ना भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। वे 13 मई 2025 को सेवानिवृत्त होने से पहले 6 महीने तक इस पद पर बने रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 10 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ से सरकार ने अपने उत्तराधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखने का अनुरोध किया था। न्यायमूर्ति खन्ना ने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया था। शुरूआत में उन्होंने तीस हजारी परिसर में जिला न्यायालयों में वकालत की, उसके बाद वे दिल्ली उच्च न्यायालय और न्यायाधिकरणों में चले गए। Supreme Court</p>
<h3>संजीव खन्ना को 2006 में स्थायी न्यायाधीश बनाया गया</h3>
<p style="text-align:justify;">आयकर विभाग के वरिष्ठ स्थायी वकील के रूप में लंबे समय तक काम करने के बाद और 2004 में, न्यायमूर्ति खन्ना को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए स्थायी वकील (सिविल) नियुक्त किया गया। खन्ना ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अतिरिक्त लोक अभियोजक और एमिकस क्यूरी के रूप में कई आपराधिक मामलों में पेश होकर बहस भी की। 2005 में, उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और 2006 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, न्यायमूर्ति खन्ना ने दिल्ली न्यायिक अकादमी, दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र और जिला न्यायालय मध्यस्थता केंद्रों के अध्यक्ष/प्रभारी न्यायाधीश का पद भी संभाला। न्यायमूर्ति खन्ना को 18 जनवरी 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। वह उन कुछ लोगों में से हैं, जिन्हें किसी भी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनने से पहले ही सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत कर दिया गया। Chief Justice Chandrachud</p>
<p><a title="खुशखबरी! बिजली कनेक्शन को लेकर सीएम ने की बड़ी घोषणा!" href="http://10.0.0.122:1245/now-you-will-not-need-to-take-noc-for-electricity-connection-in-delhi/">खुशखबरी! बिजली कनेक्शन को लेकर सीएम ने की बड़ी घोषणा!</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Thu, 17 Oct 2024 10:57:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Supreme Court: &amp;#8230;जब सीजेआई ने वकील को कहा-सुप्रीम कोर्ट है ‘कॉफी शॉप नहीं’</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने एक वकील की या-या से एलर्जी जताते हुए इस अनौपचारिक शब्द का इस्तेमाल करने पर आलोचना की। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट में निकलकर सामने आई है। सीजेआई को वकील का यह अंदाज पसंद नहीं आया और उन्होंने वकील को याद दिलाया कि वे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/when-cji-told-the-lawyer-supreme-court-is-not-a-coffee-shop/article-62792"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/dy-chanderchud-singh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने एक वकील की या-या से एलर्जी जताते हुए इस अनौपचारिक शब्द का इस्तेमाल करने पर आलोचना की। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट में निकलकर सामने आई है। सीजेआई को वकील का यह अंदाज पसंद नहीं आया और उन्होंने वकील को याद दिलाया कि वे कोर्ट रूम में हैं, ‘कॉफी शॉप में नहीं।’ Supreme Court</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को एक जनहित याचिका में पक्षकार के रूप में शामिल किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। याचिका में सेवा विवाद से संबंधित याचिका को पहले खारिज करने की आंतरिक जांच की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने पुणे के एक वादी से कहा, ‘‘आप एक न्यायाधीश को प्रतिवादी बनाकर जनहित याचिका कैसे दायर कर सकते हैं? इसमें कुछ गरिमा होनी चाहिए। आप यह नहीं कह सकते कि मैं न्यायाधीश के खिलाफ आंतरिक जांच चाहता हूं। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश थे।’’</p>
<h3>”क्षमा करें, हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।’’</h3>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने कहा, ‘‘वे भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए। आप यह नहीं कह सकते कि मैं न्यायाधीश के खिलाफ आंतरिक जांच चाहता हूं क्योंकि आप पीठ के समक्ष सफल नहीं हुए। क्षमा करें, हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।’’ वादी ने श्रम कानूनों के तहत अपनी बर्खास्तगी से संबंधित याचिका को अब सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ द्वारा खारिज किए जाने के बाद जनहित याचिका दायर की। कार्यवाही की शुरूआत में, मुख्य न्यायाधीश ने उस समय नाराजगी व्यक्त की जब वादी ने न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा सहित पीठ के सवालों का “हां” के बजाय “हां-हां” में जवाब दिया। “यह ‘हां-हां’ क्या है। यह कॉफी शॉप नहीं है। मुझे इस ‘हां-हां’ से बहुत एलर्जी है। सीजेआई ने कहा, इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। Supreme Court</p>
<p><a title="Tax Audit Extension: ई-फाइलिंग पोर्टल पर आई समस्या! टैक्स भरने वालों को होगा लाभ!" href="http://10.0.0.122:1245/problem-on-e-filing-portal-tax-payers-will-benefit/">Tax Audit Extension: ई-फाइलिंग पोर्टल पर आई समस्या! टैक्स भरने वालों को होगा लाभ!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 30 Sep 2024 15:49:36 +0530</pubDate>
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