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                <title>Heritage - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Heritage RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Heritage Festival 2025: हवाई जहाज के मॉडलों का शो कल, तैयारियों मुकम्मल</title>
                                    <description><![CDATA[पीडीए के सीए मनीषा राणा व जशनप्रीत कौर गिल ने एविएशन क्लब का किया दौरा लोगों के हवाई जहाजों के मॉडलों के करतब देखने एविएशन क्लब में आने का खुला निमंत्रण: राणा पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। Patiala Heritage Festival 2025: पटियाला हैरीटेज फैस्टीवल 2025 के तहत 15 फरवरी को करवाए जा रहे एयरो मॉडलिंग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/preparations-for-the-aero-modelling-show-being-organised-under-patiala-heritage-festival-have-been-completed/article-67401"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/patiala-news-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पीडीए के सीए मनीषा राणा व जशनप्रीत कौर गिल ने एविएशन क्लब का किया दौरा</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>लोगों के हवाई जहाजों के मॉडलों के करतब देखने एविएशन क्लब में आने का खुला निमंत्रण: राणा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)।</strong> Patiala Heritage Festival 2025: पटियाला हैरीटेज फैस्टीवल 2025 के तहत 15 फरवरी को करवाए जा रहे एयरो मॉडलिंग शो की तैयारियां मुकम्मल हो गई हैं। इस समारोह के नोडल अधिकारी व पटियाला विकास अथॉरिटी के मुख्य प्रकाशक मनीषा राणा व एसीए जशनप्रीत कौर गिल ने सिविल एविएशन क्लब में प्रबंधों का जायजा लेते लोगों को विभिन्न हवाई जहाजों के मॉडलों के शो देखने के लिए पहुंचने के लिए कहा। Patiala Heritage Festival</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यह दाखिला बिल्कुल मुफ्त है। राणा ने बताया कि सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा करवाए जा रहे पटियाला हैरीटेज फैस्टीवल के तहत डिप्टी कमिशनर डॉ. प्रीती यादव की देखरेख में एयरो मॉडलिंग शो यहां संगरूर रोड पर स्थित सिविल एविएशन क्लब में 15 फरवरी को करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पटियाला हैरीटेज फैस्टीवल के समारोहों की कड़ी के तहत जिला प्रशासन द्वारा करवाए जाने वाले हवाई जहाजों के मॉडलों के शो</p>
<p style="text-align:justify;">दौरान एविएशन क्लब पटियाला के चीफ इंस्ट्रक्टर कैप्टन हरप्रीत सिंह द्वारा हवाई जहाज के करतब दिखाने सहित विभिन्न एयरो मॉडलिंग क्लबों की टीमें जहाजों के मॉडलों के करबत दिखाईगीं। राणा ने बताया कि विद्यार्थियों को भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरत करने वास्ते करवाए जाने वाली इस एयरो मॉडलिंग दौरान माईक्रो-लाईट एयरक्राफ्ट फ्लार्इंग, हवाई जहाज से पर्चे फैंकना, पैराग्लाईडिंग शो सहित एनसीसी, पीएएमईसी व डीबीईई द्वारा कैरियर काऊंसलिंग भी होगी। Patiala Heritage Festival</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="‘डिजीटल शिक्षा’: सीएम मान ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सौंपे लैपटॉप" href="http://10.0.0.122:1245/cm-bhagwant-mann-handed-over-laptop-to-students-of-government-schools/">‘डिजीटल शिक्षा’: सीएम मान ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सौंपे लैपटॉप</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 20:25:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>विरासत पर न हो निंदा प्रचार</title>
                                    <description><![CDATA[महान देशभक्त बाबू सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित की गई आजाद हिंद सरकार के 75वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले पर तिरंगा लहराया। देश भक्तों को याद रखना जरूरी व अच्छी बात है लेकिन इस दौरान प्रधानमंत्री ने जिस प्रकार कांग्रेस पर शाब्दिक प्रहार किए वह इस समारोह की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/do-not-dishonored-propaganda-on-heritage/article-6386"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">महान देशभक्त बाबू सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित की गई आजाद हिंद सरकार के 75वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले पर तिरंगा लहराया। देश भक्तों को याद रखना जरूरी व अच्छी बात है लेकिन इस दौरान प्रधानमंत्री ने जिस प्रकार कांग्रेस पर शाब्दिक प्रहार किए वह इस समारोह की महत्वता को फीका कर गए। यह समारोह भी नेहरू-गांधी परिवार के खिलाफ बयानबाजी बनकर रह गया। प्रधानमंत्री पर अक्सर यह सवाल उठते हैं कि वह देश भक्तों पर पार्टियों के ठप्पे लगा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आजाद हिंद सरकार का दिवस धूमधाम से मनाया जाना चाहिए लेकिन ऐसे समारोह किसी दूसरी पार्टी को नीचा दिखाएं तो यह बात अपने आप में छोटी नजर आती है। यूं भी प्रधानमंत्री मोदी इस बात को न भूलें कि उनकी सरकार के चार साल बाद भी शहीद भगत सिंह को सरकारी तौर पर शहीद का दर्जा नहीं मिल सका। दरअसल प्रधानमंत्री इससे पूर्व सरदार पटेल व डॉ. अम्बेदकर के बारे में भी ऐसा ही प्रचार करते आ रहे हैं कि कांग्रेस के 60 साल के कार्यकाल में इन महान नेताओं का सम्मान नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा कहकर प्रधानमंत्री यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि सरदार पटेल व बाबू सुभाष चंद्र बोस कांग्रेसी थे और आज भाजपा उनकी कीमत लगा रही है, दूसरी तरफ सच्चाई यह है कि सुभाष चंद्र बोस व सरदार पटेल को दिल से प्यार करने वाले करोड़ों भारतीय उन्हें कांग्रेसी होने के कारण प्यार नहीं करते, बल्कि देश के महान स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर सम्मान देते हैं। स्वतंत्रता से लेकर आज तक करोड़ों गैर-कांग्रेसी सरदार पटेल व बोस के प्रशंसक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बात किसी को समझाने या बताने की जरूरत नहीं कि सुभाष चन्द्र बोस ने देश के लिए क्या-क्या कुर्बानियां दी हैं। 10-15 सालों के बच्चे भी दिल से बोस का सम्मान करते हैं, जिन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं कि बोस कौन थे और वह पार्टी के साथ कब जुड़े? सुभाष बाबू लोगों के दिलों में बसतें हैं। नेता जी की भाषा, क्षेत्र, संस्कृति बेमिसाल है, बिल्कुल उसी तरह जैसे शहीद भगत सिंह आज देश के लोगों के नायक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोई शहीद भगत सिंह को आर्य समाजी कोई सिख, कोई नास्तिक बताता रहा लेकिन यह सब प्रयास नाकाम रहे और आखिर शहीद भगत सिंह पूरे हिंदूस्तान व अब पाकिस्तानियों के भी प्यारे नेता हंै। राजनेताओं को देश भक्तों के नाम पर देशवासियों को बांटने से परहेज करना चाहिए। बेहतर है यदि देश-भक्तों के समारोह राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मनाए जाएं। किसी पार्टी विशेष पर निशाना साधने से समारोह के संदेश, महत्व एवं उद्देश्य में भी राजनीति झलकती है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Oct 2018 09:54:46 +0530</pubDate>
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                <title>स्वास्थ्य के लिए वरदान है योगासन</title>
                                    <description><![CDATA[योग हजारों साल से भारतीयों की जीवन-शैली का हिस्सा रहा है। ये भारत की धरोहर है। योग में पूरी मानव जाति को एकजुट करने की शक्ति है। यह ज्ञान, कर्म और भक्ति का आदर्श मिश्रण है। दुनिया भर के अनगिनत लोगों ने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया है। योग और प्राणायाम भारतीय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/yoga-is-a-boon-for-health/article-1448"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/yog-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">योग हजारों साल से भारतीयों की जीवन-शैली का हिस्सा रहा है। ये भारत की धरोहर है। योग में पूरी मानव जाति को एकजुट करने की शक्ति है। यह ज्ञान, कर्म और भक्ति का आदर्श मिश्रण है। दुनिया भर के अनगिनत लोगों ने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया है। योग और प्राणायाम भारतीय संस्कृति और जीवन शैली के प्राण हैं। योग और प्राणायाम हमारे ऋषि-मुनियों की संसार को देन है। शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग को वरदान माना गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">योग साधना के आठ अंग हैं। इनमें क्रमश: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि शामिल हैं। इन अष्ठांग योग में प्रथम पांच अंग बहिरंग और शेष तीन अंग अंतरंग के नाम से जाने और पहचाने जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आठ अंगों में प्रथम अंग नियम में शौच, सन्तोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वर प्रणिधाम शामिल हैं। दूसरे अंग आसन में योगासनों द्वारा शारीरिक नियंत्रण, तीसरे प्राणयाम में श्वास लेने सम्बन्धी तकनीकों द्वारा प्राण पर नियंत्रण, चौथे प्रत्याहार में इन्द्रियों को वश में करना, पांचवें में एकाग्र चित्त होकर अपने मन को नियंत्रित करना, छठे अंग ध्यान में निरन्तर ध्यान मग्न होना, सातवें समाधि में आत्मा से जुड़ना है। इसके अतिरिक्त यम अंग में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का पालन करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">योग हमारे देश में कोई नई प्रणाली नहीं है। इसे हमने अपनी जीवन शैली के रूप में अपनाया है। प्राचीन काल में दवाओं का प्रयोग न के बराबर होता था। जड़ी-बूटियां और औषधीय पौधे और योग ही प्रचलित थे, जो शरीर को स्वस्थ रख कर निरोग रखते थे और रोग को भगाते थे। इन्हें अपनाकर लोग शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से स्वस्थ और प्रसन्नचित्त रहते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">योग और प्राणायाम का स्वास्थ्य रक्षा में भारी योगदान है। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। यदि हमारा शरीर पूरी तरह स्वस्थ होगा तो निश्चय ही मन भी प्रसन्न और प्रफुल्लित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">योगासन का सबसे बड़ा लाभ यह है कि ये सहज, सरल और सुलभ है। इसके लिए धन की आवश्यकता नहीं है। यह अमीर, गरीब सबके लिए बराबर है। योगासनों में जहां माँसपेशियों को तानने, सिकोड़ने और ऐंठने वाली शारीरिक क्रियाएं करनी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर तनाव, खिंचाव दूर करने वाली क्रियाएं भी होती हैं। इससे शारीरिक थकान मिटने के साथ-साथ आधुनिक जीवन शैली की विभिन्न बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है। इससे शरीर पुष्ट होने के साथ पाचन संस्थानों में विकार उत्पन्न नहीं होते। मोटापा कटता है। शरीर सुडोल बनता है। निश्चय ही योग शारीरिक स्वास्थ्य के लिए वरदान है।</p>
<p style="text-align:justify;">योगासन हमारे शरीर के विकारों को नष्ट करता है। नेत्र ज्योति बढ़ाता है। योग हमारे तन और मन दोनों का ध्यान रखता है और विभिन्न बीमारियों से मुक्त रखता है। शारीरिक स्वास्थ्य को प्राप्त करने के लिए योगासनों का अपना महत्व और उपयोगिता है। आसनों से शारीरिक सौष्ठव के साथ-साथ श्वास-पश्वास की प्रक्रिया और रक्त संचार आवश्यक और नियमित रूप से बना रहता है। जो स्वस्थ तन-मन के लिए बेहद जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">योगासनों को सीखने से पूर्व आवश्यक सावधानियाँ भी रखनी चाहिये। सही आसन ही प्रयोग में लाने चाहिये। योगासन शौच क्रिया और स्रान से निवृत्त होने के बाद किया जाना चाहिये। यह समतल जमीन पर आसन बिछा कर करना चाहिये। योगासन के लिए खुला और हवादार स्थान होना परम आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज घर-घर में फास्ट और जंक फूड का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। मैगी की पोल खुलने से आम आदमी अवश्य सावचेत हुआ है। मगर अभी भी फास्ट फूड का उपयोग हम कर रहे हैं। विशेषकर बच्चे इसका सर्वाधिक उपयोग कर रहे हैं। इससे हमारी पाचन शक्ति के साथ-साथ पेट के रोगों को बढ़ावा मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि हम चाहते हैं कि हम स्वस्थ रहें। तन-मन प्रफुल्लित हो तो हमें योग को अंगीकार करना होगा। यह बिना खर्चे का बहुत ही उपयोगी और महत्वपूर्ण उपाय है जिसे अपना कर हम अपना जीवन खुशहाल बना सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-बाल मुकुन्द ओझा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2017 21:11:27 +0530</pubDate>
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