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                <title>Bank News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Bank News RSS Feed</description>
                
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                <title>Digital India: ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ पहल! बैंकों में पड़ा 1 लाख करोड़ वापस दिलाने की सरकारी मुहिम तेज</title>
                                    <description><![CDATA[PM मोदी ने नागरिकों से की ये अपील Narendra Modi: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ (Your Money, Your Right) अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक अपनी अव्ययित (बिना दावा की गई) धनराशि को सरलता से वापस प्राप्त कर सके। उन्होंने बताया कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/your-money-your-right-initiative-government-campaign-to-recover-%E2%82%B91-lakh-crore-lying-in-banks-accelerates/article-79039"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/narendra-modi-in-digital-india.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">PM मोदी ने नागरिकों से की ये अपील</h3>
<p style="text-align:justify;">Narendra Modi: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ (Your Money, Your Right) अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक अपनी अव्ययित (बिना दावा की गई) धनराशि को सरलता से वापस प्राप्त कर सके। उन्होंने बताया कि देश के बैंकों, बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड संस्थानों में बड़ी मात्रा में धन बिना दावे के वर्षों से पड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने लिंक्डइन पर साझा संदेश में लिखा, “यह पहल भूली-बिसरी वित्तीय संपत्तियों को एक नए अवसर में बदलने का प्रयास है। आइए, हम सब मिलकर एक पारदर्शी, सशक्त और समावेशी भारत के निर्माण में योगदान दें।” Digital India</p>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में आयोजित हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में प्रधानमंत्री ने इस विषय पर महत्वपूर्ण आँकड़े साझा किए। उनके अनुसार, भारतीय बैंकों में नागरिकों के लगभग 78,000 करोड़ रुपये, बीमा कंपनियों में करीब 14,000 करोड़ रुपये, म्यूचुअल फंड कंपनियों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये तथा डिविडेंड के रूप में करीब 9,000 करोड़ रुपये बिना दावा किए पड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि इन आँकड़ों ने अनेक लोगों को आश्चर्यचकित किया है, क्योंकि यह धनराशि लाखों परिवारों की मेहनत की कमाई और निवेश का परिणाम है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इसी स्थिति को सुधारने हेतु अक्टूबर 2025 में ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान प्रारम्भ किया गया था, ताकि प्रत्येक नागरिक को उसका उचित धन वापस मिल सके। दावों की प्रक्रिया को सरल, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए विभिन्न डिजिटल पोर्टल बनाए गए हैं— Digital India</p>
<h3>देशभर के 477 जिलों में सुविधा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">भारतीय रिज़र्व बैंक का यूडीजीएएम पोर्टल (बिना दावा बैंक जमा के लिए)</li>
<li style="text-align:justify;">आईआरडीएआई का बीमा भरोसा पोर्टल (बिना दावा बीमा राशि के लिए)</li>
<li style="text-align:justify;">सेबी का मित्र पोर्टल (म्यूचुअल फंड की अव्ययित राशि के लिए)</li>
<li style="text-align:justify;">तथा कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय का आईईपीएफए पोर्टल (बिना भुगतान डिविडेंड और बिना दावा शेयरों के लिए)।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दिसंबर 2025 तक देशभर के 477 जिलों में सुविधा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें विशेष ध्यान दूरदराज़ क्षेत्रों को कवर करने पर दिया गया है। सरकार, नियामक संस्थाओं, बैंकों और अन्य वित्तीय संगठनों के संयुक्त प्रयासों से अब तक लगभग 2,000 करोड़ रुपये वास्तविक हकदारों को वापस लौटाए जा चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस अभियान का विस्तार और तेज़ी से किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे यह अवश्य जांचें कि कहीं उनके या उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर कोई जमा राशि, बीमा दावा, डिविडेंड या निवेश बिना दावा किए तो नहीं पड़ा है। उन्होंने सभी से संबंधित पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त करने और अपने जिले में आयोजित सुविधा शिविरों का लाभ उठाने की अपील की। Digital India</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 11:25:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Bank Merger News: 6 सरकारी बैंकों के संभावित मर्जर की तैयारी तेज, सरकार बना रही बड़ी योजना</title>
                                    <description><![CDATA[अनु सैनी। Bank Merger News: सरकारी बैंकों के विलय (Bank Merger) को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। केंद्र सरकार ऐसे पब्लिक सेक्टर बैंक तैयार करना चाहती है जो वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने में सक्षम हों। छोटे सरकारी बैंकों को मिलाकर बड़े और मजबूत बैंक बनाने से न केवल दक्षता बढ़ेगी, बल्कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/preparations-for-the-possible-merger-of-six-public-sector-banks-are-in-full-swing-the-government-is-making-a-big-plan/article-78686"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/bank-merger-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अनु सैनी। </strong>Bank Merger News: सरकारी बैंकों के विलय (Bank Merger) को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। केंद्र सरकार ऐसे पब्लिक सेक्टर बैंक तैयार करना चाहती है जो वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने में सक्षम हों। छोटे सरकारी बैंकों को मिलाकर बड़े और मजबूत बैंक बनाने से न केवल दक्षता बढ़ेगी, बल्कि वित्तीय जोखिम भी कम होगा। बैंकिंग सेक्टर की मजबूती के लिए सरकार पिछले कुछ वर्षों से ‘कम लेकिन मजबूत बैंक’ की नीति पर काम कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">1. किन 6 बैंकों पर है मर्जर की नजर</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान चर्चा छह सरकारी बैंकों के संभावित मर्जर को लेकर है। इनमें बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में इन बैंकों का आपस में या किसी बड़े PSU बैंक के साथ विलय किया जा सकता है। इससे बड़े स्तर पर संचालन और तकनीकी सुधार संभव होंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2. बैंकिंग क्षेत्र में मर्जर की जरूरत क्यों | Bank Merger News</h3>
<p style="text-align:justify;">पिछले वर्षों में बैंकिंग क्षेत्र में मर्जर की रणनीति इसलिए अपनाई गई है ताकि पूंजी क्षमता बढ़ सके, एनपीए कम हो, डिजिटल बैंकिंग में मजबूती आए और ग्राहक सेवा बेहतर बने। बड़े आकार के बैंक न केवल घरेलू जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकते हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होते हैं। SBI ने भी इस दिशा में सरकार के प्रयास का समर्थन किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">3. 2017 में SBI का ऐतिहासिक विलय</h3>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल 2017 में भारत के बैंकिंग सेक्टर में सबसे बड़ा मर्जर हुआ, जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने पांच एसोसिएट बैंकोंएसबीबीजे, एसबीएच, एसबीपी, एसबीएम, एसबीटी—और भारतीय महिला बैंक को शामिल कर लिया। इस एकीकरण ने SBI को देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक बना दिया। इस मर्जर से SBI की मार्केट वैल्यू, ब्रांच नेटवर्क और ग्राहक आधार में ऐतिहासिक वृद्धि हुई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">4. 2019 में बैंक ऑफ बड़ौदा बना तीसरा सबसे बड़ा बैंक</h3>
<p style="text-align:justify;">2019 में सरकार ने दूसरा बड़ा कदम उठाते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा का विजया बैंक और देना बैंक के साथ विलय किया। इस तीन-तरफा मर्जर से बैंक ऑफ बड़ौदा देश का तीसरा सबसे बड़ा PSU बैंक बनकर उभरा। विलय के बाद बैंक की पूंजी क्षमता और तकनीकी दक्षता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">5. 2020 में हुए अब तक के सबसे बड़े PSU बैंक मर्जर</h3>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल 2020 में एक ही वर्ष में कई बड़े विलय हुए। पंजाब नेशनल बैंक ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को मिलाकर देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बनने का दर्जा हासिल किया। इसी साल केनरा बैंक ने सिंडिकेट बैंक का अधिग्रहण किया और चौथा सबसे बड़ा PSU बैंक बना। इसके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक के विलय से बड़ी छलांग लगाई। इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक का एकीकरण भी इसी वर्ष पूरा हुआ। Bank Merger News</p>
<h3 style="text-align:justify;">6. 2026 में नए मर्जर की संभावना</h3>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार अगले चरण के बड़े मर्जर का ऐलान अप्रैल 2026 में कर सकती है। वित्त वर्ष की शुरुआत में मर्जर लागू करना आसान होता है, इसलिए पिछले सभी बड़े एकीकरण भी इसी समय किए गए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार सरकार मर्जर को एक साथ नहीं बल्कि 2–3 चरणों में पूरा कर सकती है, ताकि ऑपरेशनल इंटीग्रेशन और पूंजी प्रबंधन सुचारु रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">7. सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य</h3>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार का उद्देश्य 12 सरकारी बैंकों की संख्या घटाकर लगभग 6 या 7 बड़े और विश्वस्तरीय बैंकों तक सीमित करना है। इससे बैलेंस शीट मजबूत होगी, ऋण देने की क्षमता बढ़ेगी, डिजिटल बैंकिंग में सुधार होगा और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बेहतर फंडिंग मिलेगी। साथ ही परिचालन लागत में कमी आएगी और जोखिम वितरण में संतुलन बनेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">8. बैंकिंग सेक्टर पर संभावित असर</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि प्रस्तावित 6 बैंकों का मर्जर लागू होता है, तो भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह कदम ग्राहक सेवाओं को बेहतर, बैंकिंग सिस्टम को मजबूत और डिजिटल सुविधाओं को उन्नत बनाने में सहायक साबित हो सकता है। हालांकि, मर्जर की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन संकेत साफ हैं कि भारत जल्द ही कम लेकिन शक्तिशाली बैंकों के मॉडल पर आगे बढ़ सकता है। Bank Merger News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Vladimir Putin: इस तारीख को आ रहे हैं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिका हैरान" href="http://10.0.0.122:1245/russian-president-vladimir-putin-is-arriving-on-a-two-day-visit-to-india-on-december-four/">Vladimir Putin: इस तारीख को आ रहे हैं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिका हैरान</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 15:31:37 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Banks Charges Hike: बैंकिंग सेवाओं को लेकर बड़ा ऐलान, बढ़ेगा जेब पर बोझ</title>
                                    <description><![CDATA[1 जुलाई से क्रेडिट कार्ड, बैंकिंग सेवाओं पर शुल्क बढ़ाने का किया ऐलान Banks Charges Hike: नई दिल्ली। एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने आगामी 1 जुलाई से अपनी क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग सेवाओं पर शुल्क बढ़ाने की घोषणा की है। दोनों बैंकों ने अपने ग्राहकों को आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से इन परिवर्तनों की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/big-announcement-regarding-banking-services-burden-on-pocket-will-increase/article-71679"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/banking.jpg" alt=""></a><br /><h3 class="ai-optimize-7 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">1 जुलाई से क्रेडिट कार्ड, बैंकिंग सेवाओं पर शुल्क बढ़ाने का किया ऐलान</h3>
<p class="ai-optimize-7 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">Banks Charges Hike: नई दिल्ली। एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने आगामी 1 जुलाई से अपनी क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग सेवाओं पर शुल्क बढ़ाने की घोषणा की है। दोनों बैंकों ने अपने ग्राहकों को आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से इन परिवर्तनों की जानकारी दी है। Banking News</p>
<h3 class="ai-optimize-8" style="text-align:justify;">एचडीएफसी बैंक के नए शुल्क</h3>
<p class="ai-optimize-8" style="text-align:justify;">1. ऑनलाइन गेमिंग पर शुल्क<br />
यदि कोई ग्राहक ड्रीम11, रम्मी कल्चर, एमपीएल या जंगली गेम्स जैसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर एक महीने में 10,000 रुपये से अधिक खर्च करता है, तो कुल खर्च पर 1% शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क अधिकतम 4,999 रुपये प्रति माह तक सीमित रहेगा। इसके साथ ही, ऐसे लेनदेन पर कोई रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेंगे।</p>
<p class="ai-optimize-9" style="text-align:justify;">2. थर्ड पार्टी वॉलेट पर शुल्क<br />
यदि कोई ग्राहक पेटीएम, मोबिक्विक, फ्रीचार्ज या ओला मनी जैसे डिजिटल वॉलेट में एक महीने में 10,000 रुपये से अधिक की राशि अपने एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड से लोड करता है, तो पूरे लेनदेन पर 1% शुल्क लगेगा। इस पर भी अधिकतम सीमा 4,999 रुपये रखी गई है।</p>
<p class="ai-optimize-10" style="text-align:justify;">3. यूटिलिटी भुगतान पर शुल्क<br />
यदि उपभोक्ता एक महीने में 50,000 रुपये से अधिक यूटिलिटी बिलों का भुगतान करता है, तो उस पर भी 1% शुल्क लगेगा। बीमा प्रीमियम का भुगतान इसमें शामिल नहीं होगा, अतः उस पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।</p>
<p class="ai-optimize-11" style="text-align:justify;">4. अन्य प्रमुख बदलाव</p>
<p class="ai-optimize-11" style="text-align:justify;">किराये, ईंधन, और शैक्षणिक भुगतान जैसे लेनदेन पर शुल्क की सीमा 4,999 रुपये प्रति लेनदेन तक तय की गई है।</p>
<p class="ai-optimize-13" style="text-align:justify;">ईंधन पर 15,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 1% शुल्क लिया जाएगा।</p>
<p class="ai-optimize-14" style="text-align:justify;">कॉलेज/स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट या मशीन के ज़रिए भुगतान करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।</p>
<h3 class="ai-optimize-15" style="text-align:justify;">✦ आईसीआईसीआई बैंक के बदलाव | Banking News</h3>
<p class="ai-optimize-15" style="text-align:justify;">1. नकद, चेक जमा व डिमांड ड्राफ्ट शुल्क में परिवर्तन:<br />
अब इन सेवाओं पर 1,000 रुपये की राशि पर 2 रुपये शुल्क लिया जाएगा। न्यूनतम शुल्क 50 रुपये, और अधिकतम शुल्क 15,000 रुपये तय किया गया है। पहले यह शुल्क 10,000 रुपये तक 50 रुपये और उसके बाद 1,000 रुपये पर 5 रुपये था।</p>
<p class="ai-optimize-16" style="text-align:justify;">2. एटीएम लेनदेन पर शुल्क:<br />
अन्य बैंकों के एटीएम से तीन निःशुल्क लेनदेन के बाद:</p>
<p class="ai-optimize-17" style="text-align:justify;">वित्तीय लेनदेन पर 23 रुपये</p>
<p class="ai-optimize-18" style="text-align:justify;">गैर-वित्तीय लेनदेन पर 8.50 रुपये<br />
(पहले वित्तीय लेनदेन पर शुल्क 21 रुपये था।)</p>
<p class="ai-optimize-19" style="text-align:justify;">3. डेबिट कार्ड वार्षिक शुल्क:<br />
अब आईसीआईसीआई डेबिट कार्ड के लिए वार्षिक शुल्क 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है।</p>
<p class="ai-optimize-20"><a title="PBKS vs MI IPL 2025: क्वालीफायर-2 से पहले इस तेज गेंदबाज ने कर दिया ये बड़ा ऐलान!" href="http://10.0.0.122:1245/varun-aaron-made-this-big-announcement-before-qualifier-2/">PBKS vs MI IPL 2025: क्वालीफायर-2 से पहले इस तेज गेंदबाज ने कर दिया ये बड़ा ऐलान!</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 16:23:09 +0530</pubDate>
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                <title>Bank News: बैंकों में लागू हो सकता है 5 दिन सप्ताह का नियम!</title>
                                    <description><![CDATA[हिसार/नई दिल्ली (सच कहूँ/डॉ. संदीप सिंहमार)। Bank News: बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग में नया मोड़ आया है। भारतीय बैंक संघ (IBA) और कर्मचारी यूनियनों के बीच हाल ही में एक समझौता हुआ है, जो कर्मचारियों की इस मांग को पूरा करने की दिशा में एक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/five-day-week-rule-may-be-implemented-in-banks/article-63498"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/hisar-news-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिसार/नई दिल्ली (सच कहूँ/डॉ. संदीप सिंहमार)।</strong> Bank News: बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग में नया मोड़ आया है। भारतीय बैंक संघ (IBA) और कर्मचारी यूनियनों के बीच हाल ही में एक समझौता हुआ है, जो कर्मचारियों की इस मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इस बदलाव को लागू करने के लिए अभी भी सरकारी स्वीकृति की आवश्यकता है। अगर सरकार से मंजूरी मिलती है, तो कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन का अवकाश मिल सकेगा, जिससे उनका कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बदलाव से कर्मचारियों की उत्पादकता और कार्य संतुष्टि में वृद्धि होने की संभावना है। अभी तक, सरकार की स्वीकृति का इंतजार है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल के अंत तक यह मांग पूरी हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह बैंक कर्मचारियों और पूरे बैंकिंग सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक परिवर्तन होगा। अगर सरकार सप्ताह में 5 दिन काम करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो बैंकिंग सेक्टर में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बैंकिंग समय में बदलाव संभव | Bank News</h3>
<p style="text-align:justify;">सप्ताह में केवल 5 दिन काम होने के कारण बैंकों के कामकाजी समय में बदलाव हो सकता है। बैंकों को संभवतः प्रति दिन अधिक घंटे काम करना पड़ सकता है ताकि कम समय में अधिक सेवाएँ प्रदान की जा सकें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त एक दिन की छुट्टी का मतलब होगा कि वे अधिक संतुलित जीवनशैली पा सकेंगे। इससे उनकी उत्पादकता और संतुष्टि में वृद्धि हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ग्राहकों पर प्रभाव | Bank News</h3>
<p style="text-align:justify;">ग्राहकों को अपने बैंकिंग कार्यों को सोमवार से शुक्रवार के बीच संपन्न करना पड़ेगा। उन्हें अपने वित्तीय योजनाओं को पुनर्समायोजित करना पड़ सकता है ताकि वे इस नए शेड्यूल के साथ तालमेल बिठा सकें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ऑनलाइन बैंकिंग का बढ़ेगा महत्व</h3>
<p style="text-align:justify;">सप्ताहांत में बैंक बंद होने के कारण, ऑनलाइन बैंकिंग की माँग और महत्व बढ़ सकता है। बैंकिंग ऐप्स और वेबसाइट्स के उपयोग में वृद्धि होगी, जिससे बैंक डिजिटल सेवाओं में और नवाचार कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अर्थव्यवस्था पर प्रभाव</h3>
<p style="text-align:justify;">इस कदम से अर्थव्यवस्था पर मिश्रित प्रभाव हो सकते हैं। एक ओर, बैंक कर्मचारियों की कार्यक्षमता और संतोष में वृद्धि हो सकती है, जो दीर्घकालिक में लाभकारी हो सकता है। दूसरी ओर, सीमित बैंकिंग घंटे व्यवसायों और व्यक्तिगत बैंकिंग की समयसारिणी में बदलाव ला सकते हैं। प्रस्तावित बदलाव बैंकिंग सेक्टर के कामकाजी पैटर्न को बदल सकते हैं, जिससे कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों को अनुकूलित करना पड़ेगा। बैंकिंग सेवाओं में लचीलापन और डिजिटल समाधान का महत्व अधिक हो जाएगा। Hisar News</p>
<h3 style="text-align:justify;">कब जारी होगा नोटिफिकेशन?</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया व सरकार की हरी झंडी मिलती है तो बैंकों के कर्मचारियों को यह तोहफा इस साल के अंत या 2025 की शुरुआत तक मिल सकता है। नोटिफिकेशन जारी होते ही आधिकारिक तौर पर बैंकों के कामकाज में बदलाव नजर आएगा। अगर मंजूरी मिलती है, तो यह शनिवार को छुट्टी के रूप में मान्यता पाने के लिए “Negotiable Instruments Act” के तहत आएगा। सरकार के इस नोटिफिकेशन का बैंक कर्मचारी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की भूमिका 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मंजूरी में भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार की अहम भूमिका है। यह प्रस्ताव पहले आरबीआई के पास भेजा जाएगा, क्योंकि बैंकिंग से जुड़े कामकाज की निगरानी आरबीआई ही करता है। आरबीआई से स्वीकृति मिलने के बाद ही सरकार इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा सकती है। समझौते के अनुसार सरकार इस काम को जल्दी से पूरा करना चाहती है। Bank News</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 14:53:27 +0530</pubDate>
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