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                <title>Laborers - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>KVIC: मजदूरों के लिए खुशखबरी! इन मजदूरों की 25 प्रतिशत तक बढ़ेगी मजदूरी!</title>
                                    <description><![CDATA[Khadi and Village Industries Commission: नई दिल्ली (एजेंसी)। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोेग (KVIC) (Khadi and Village Industries Commission) ने बुनकरों की सात प्रतिशत और कताई करने वाले श्रमिकों की मजदूरी 25 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने वीरवार को यहां बताया कि चरखे पर सूत कातने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/good-news-for-kvic-laborers-wages-of-these-laborers-will-increase-by-25-percent/article-62419"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/kvic-labour.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Khadi and Village Industries Commission: नई दिल्ली (एजेंसी)। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोेग (KVIC) (Khadi and Village Industries Commission) ने बुनकरों की सात प्रतिशत और कताई करने वाले श्रमिकों की मजदूरी 25 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने वीरवार को यहां बताया कि चरखे पर सूत कातने वाले श्रमिकों की पारिश्रमिक में 25 प्रतिशत और बुनकरों की पारिश्रमिक में सात प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय किया है। बढ़ा हुआ पारिश्रमिक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन दो अक्टूबर से लागू होगा। कुमार ने बताया कि दो अक्टूबर 2024 से सूत कातने वाली श्रमिकों को प्रति लच्छा 10 रुपये की जगह 12.50 रुपये का मेहनताना मिलेगा। खादी का कारोबार पिछले वित्त वर्ष में एक लाख 55 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। KVIC</p>
<p><a title="PM WANI Scheme: अब नहीं कराना पड़ेगा महंगे इंटरनेट के लिए रिचार्ज! सरकार ला रही नई योजना!" href="http://10.0.0.122:1245/5-crore-pm-wi-fi-hotspots-will-be-installed/">PM WANI Scheme: अब नहीं कराना पड़ेगा महंगे इंटरनेट के लिए रिचार्ज! सरकार ला रही नई योजना!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Sep 2024 11:24:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्माणाधीन राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर मजदूरों पर बदमाशों का हमला</title>
                                    <description><![CDATA[धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर जिले के सरमथुरा थाना क्षेत्र के बरौली गांव में बन रहे राजीव गांधी सेवा केंद्र पर बदमाशों ने मजदूरों पर हमला कर उनसे मोबाइल, रुपए एवं ट्रैक्टर एवं ट्राली छीनकर ले गये। पुलिस के अनुसार निर्माणाधीन गौरव पथ पर हथियारबंद बदमाशों ने शुक्रवार रात वहां बन रहे राजीव गांधी सेवा केंद्र […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/attack-of-miscreants-on-laborers-at-rajiv-gandhi-seva-kendra-under-construction/article-17904"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/one-person-beaten-to-death-in-a-mutual-dispute-in-bhadohi.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>धौलपुर।</strong> राजस्थान में धौलपुर जिले के सरमथुरा थाना क्षेत्र के बरौली गांव में बन रहे राजीव गांधी सेवा केंद्र पर बदमाशों ने मजदूरों पर हमला कर उनसे मोबाइल, रुपए एवं ट्रैक्टर एवं ट्राली छीनकर ले गये। पुलिस के अनुसार निर्माणाधीन गौरव पथ पर हथियारबंद बदमाशों ने शुक्रवार रात वहां बन रहे राजीव गांधी सेवा केंद्र पर मजदूरों पर हमला बोल दिया। उनके साथ मारपीट की और मोबाइल और नकदी छीन ली तथा निर्माण कार्य में लगी फर्म के ट्रैक्टर और ट्राली भी ले गए। पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2020 12:21:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>20 हजार मजदूरों के लिए घर का इंतजाम करेंगे सोनू सूद</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद 20 हजार मजदूरों के लिये घर का इंतजाम करने जा रहे हैं। सोनू सूद कोरोना संकट के दौरान प्रवासी मजदूरों के मसीहा बनकर सामने आए हैं। उन्होंने इस संकट की घड़ी में लोगों की हर संभव मदद की है। सोनू ने प्रवासी मजदूरों का आर्थिक संकट दूर करने के लिए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/rangmanch/sonu-sood-will-arrange-a-house-for-20-thousand-laborers/article-17829"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/sonu-sood-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद 20 हजार मजदूरों के लिये घर का इंतजाम करने जा रहे हैं। सोनू सूद कोरोना संकट के दौरान प्रवासी मजदूरों के मसीहा बनकर सामने आए हैं। उन्होंने इस संकट की घड़ी में लोगों की हर संभव मदद की है। सोनू ने प्रवासी मजदूरों का आर्थिक संकट दूर करने के लिए पहले ‘प्रवासी रोजगार’ जॉब पोर्टल शुरू किया था। अब वह उन 20 हजार कर्मचारियों को रहने की जगह मुहैया कराएंगे, जिन्होंने नोएडा में एक गारमेंट कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन किया है। इसकी घोषणा सोनू सूद ने की है।</p>
<p style="text-align:justify;">सोनू सूद ट्वीट किया, “मुझे अब 20 हजार प्रवासियों के लिए रहने की जगह पेशकश करने में खुशी हो रही है, जिन्हें प्रवासी रोजगार के माध्यम से नोएडा में गारमेंट फैक्ट्री में नौकरी प्रदान की गई है। एनएइसी अध्यक्ष ललित ठुकराल के समर्थन से हम इस नेक कार्य के लिए 24 घंटे काम करेंगे।” सोनू ने अपने फोटो के साथ एक पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, “मेरा वादा रोजगार के साथ अब घर भी, 20 हजार प्रवासी भाई-बहनों के रहने की व्यवस्था तैयार।”</p>
<p> </p>
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                                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2020 14:02:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लेखकों, जन संगठनों ने हज़ारों मजदूरों को लॉकडाउन में घर पहुंचाया</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। अखिल भारतीय ज्ञान विज्ञान समिति और नर्मदा बचाओ आंदोलन समेत करीब बीस जन संगठनों ने लॉकडाउन में देश भर में 10 लाख से अधिक मजदूरों को भूखों मरने से बचाया और 20 हज़ार से अधिक मजदूरों को उनके घर सुरक्षित पहुंचाकर अद्भुत मिसाल कायम की है। इस अभियान में हिंदी के सुप्रसिद्ध लेखक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/writers-mass-organizations-send-thousands-of-laborers-to-home-in-lockdown/article-15651"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/students-shifted1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> अखिल भारतीय ज्ञान विज्ञान समिति और नर्मदा बचाओ आंदोलन समेत करीब बीस जन संगठनों ने लॉकडाउन में देश भर में 10 लाख से अधिक मजदूरों को भूखों मरने से बचाया और 20 हज़ार से अधिक मजदूरों को उनके घर सुरक्षित पहुंचाकर अद्भुत मिसाल कायम की है। इस अभियान में हिंदी के सुप्रसिद्ध लेखक संस्कृतिकर्मी अशोक वाजपेयी से लेकर तेज़ी ग्रोवर और युवा कवयित्री बाबुषा कोहली भी शामिल रही। इन जनसंगठनों ने मजदूरों के भोजन के लिए ‘सामुदायिक किचन’ भी बनाये, उन्हें अनाज भी वितरित किये ,उनके मोबाइल रिचार्ज कराने से लेकर उनके बसों से घर जाने का खर्च उठाया। ट्रेनों में उन्हें बिठाया तथा उनके खाते में पैसे भी जमा कर उनकी मदद की।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए उन्होंने फेसबुक व्हाट्सऐप और मोबाइल फोन का सहारा लेकर इस काम को अंजाम दिया। सोशल मीडिया से देश में एक नेटवर्क तैयार किया। उनकी अपील पर देश के विभिन्न शहरों में लोग जुड़ते गए और इस तरह लोगों ने इन फंसे मजदूरों की मदद की और उन्हें उनके घर भी पहुंचाया। भारतीय ज्ञान विज्ञान समिति की उपाध्यक्ष आशा मिश्र ने यूनीवार्ता को बताया कि उनकी संस्था का लक्ष्य था, ‘कोई भूखा नही रहेगा’ और इस लक्ष्य से उन्होंने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश ,झारखंड ,महाराष्ट्र ,राजस्थान उड़ीसा ,मणिपुर ,मिज़ोरम ,नगालैंड और असम में अनेक सामुदायिक किचन बनाये जहां एक एक किचन से तीन- चार सौ गरीब लोगों को खाना खिलाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">झारखंड में हमारे इस काम से प्रभावित होकर राज्य सरकार ने हमारे साथ मिलकर कार्य किया। उन्होंने कहा, “हम लोगों ने देश भर में अब तक करीब 10 लाख गरीब मजदूरों और लोगों को भोजन उपलब्ध कराया और 20 हज़ार मजदूरों को उनके घर पहुंचाया।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2020 09:42:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनीपत में तीन मजदूरों की मिट्टी के नीचे दबने से मौत</title>
                                    <description><![CDATA[सोनीपत। हरियाणा में सोनीपत के लाठ गांव में सड़क के नीचे खुदाई कर पानी की पाइप लाइन बिछा रहे तीन मजदूरों की मिट्टी के धसने से उसमें दबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लाठ गांव में सड़क निर्माण का काम चल रहा है। गांव का एक किसान बीती […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/three-laborers-died-under-soil-in-sonipat/article-15228"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/death-of-woman-in-suspicious-condition.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सोनीपत।</strong> हरियाणा में सोनीपत के लाठ गांव में सड़क के नीचे खुदाई कर पानी की पाइप लाइन बिछा रहे तीन मजदूरों की मिट्टी के धसने से उसमें दबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लाठ गांव में सड़क निर्माण का काम चल रहा है। गांव का एक किसान बीती रात को तीन मजदूरों की मदद से सड़क की खुदाई कर पानी की पाइप लाइन को नलकूप से दूसरे खेत की ओर ले जाने का काम कर रहा था। कई घंटे तक काम करने के बाद आज तड़के सड़क का मिट्टी धंस गई और तीन मजदूरों के ऊपर गिर गई। मिट्टी के नीचे दबने से तीनों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मजदूरों को मिट्टी के नीचे से निकालकर गोहाना के नागरिक अस्पताल में भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">मृतकों की पहचान मुकेश, अजीत तथा प्रदीप के रूप में हुई है।</li>
<li style="text-align:justify;">पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।</li>
<li style="text-align:justify;">जांच में सामने आया की किसान बगैर कोई सुरक्षा उपाय किए खुदाई का काम करवा रहा था।</li>
<li style="text-align:justify;">नागरिक अस्पताल में मृतकों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।</li>
</ul>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2020 14:15:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लाखों मजदूरों का एक राज्य से दूसरे में जाना जोखिम भरा</title>
                                    <description><![CDATA[मजदूरों की वापिसी भी सरकारों के लिए बड़ी अग्नि परीक्षा ही है। लाखों मजदूरों को रवाना करने से पहले क्या इतनी बड़ी संख्या में उनके कोरोना टैस्ट संभव हो सकेंगे? रास्ते में कोरोना बचाव से पूरे नियमों की पालना हो सकेगी? ये कई सवाल हैं जिनके प्रति सतर्क रहने और जिम्मेदार होने की आवश्यकता है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/it-is-riy-for-millions-of-laborers-to-move-from-one-state-to-another/article-14933"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/it-is-risky-for-millions-of-laborers-to-move-from-one-state-to-another.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;">देश भर में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाऊन में लाखों मजदूर अपने राज्यों से घर वापिसी की मांग कर रहे थे और आखिर केंद्र सरकार ने उनकी घर वापिसी को भी स्वीकार कर लिया है। इसी तरह कई राज्यों की मांग पर मजदूरों की वापिसी के लिए केंद्र ने रेलगाड़ियां चलाने की मंजूरी दे दी है। लेकिन यह कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण होगा और खतरे से खाली भी नहीं है क्योंकि महाराष्ट्र से तीन हजार लोगों की वापिसी पंजाब के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इस बात की चर्चा है कि महाराष्ट्र में इन सभी व्यक्तियों की रिपोर्ट नेगेटिव थी, परन्तु पंजाब में 200 के करीब इन व्यक्तियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। महाराष्ट्र से पंजाब के 2200 किलोमीटर के सफर में यह लोग कहीं रुके या नहीं? ये लोग वायरस से पीड़ित कैसे हुए? यह सवाल काफी पेचीदा हो गया है।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">यह बात स्पष्ट है कि मजदूरों की वापिसी भी सरकारों के लिए बड़ी अग्नि परीक्षा ही है। लाखों मजदूरों को रवाना करने से पहले क्या इतनी बड़ी संख्या में उनके कोरोना टैस्ट संभव हो सकेंगे? रास्ते में कोरोना बचाव से पूरे नियमों की पालना हो सकेगी? ये कई सवाल हैं जिनके प्रति सतर्क रहने और जिम्मेदार होने की आवश्यकता है। विभिन्न स्थानों पर क्वारंटाईन किए मजदूर जब घर जाने के लिए एकत्रित होंगे तब सामाजिक दूरी रखना बेहद कठिन कार्य होगा। हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग को कायम रखने के लिए रेलगाड़ियों या बसों में यात्रा आम दिनों की अपेक्षा आधे से भी कम लोगों के बैठने की अनुमति दी गई है। राज्य सरकारों के लिए यह जरूरी हो गया है कि इस कार्य को सफल बनाने में किसी भी प्रकार की कोई कमी न छोड़ी जाए और जल्दबाजी में कोई कदम न उठाया जाए। मजदूरों का भी यह कर्तव्य है कि वह धैर्य से रहें और नियमों का पूरी तरह से पालन करें।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">इस तथ्य को भी अस्वीकार नहीं किया जा सकता है कि भले ही केंद्र सरकार ने लॉकडाऊन को 17 मई तक बढ़ा दिया है लेकिन सरकार आर्थिक गतिविधियों को तेज करने के लिए भी प्रयत्नशील है। सरकार कुछ कारखाने चलाने की अनुमति दे चुकी है और अगले दिनों में इनका दायरा बढ़ाया जा सकता है इसीलिए मजदूरों को दोबारा काम वापिसी पर भी विचार करना पड़ेगा। क्योंकि एक बार घर जाने के बाद फिर रोजगार स्थल पर दोबारा वापिसी मजदूरों के लिए धन, समय यहां तक कि स्वास्थ्य की बर्बादी बन सकती है।</h6>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2020 22:39:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन दिन से नहीं पहुंचा मजदूरों के घर राशन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन ने राशन व सैनेटाइजर पहुंचाने का दिलवाया भरोसा | Ration of Laborers संगरूर (सच कहूँ न्यूज)। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए कर्फ्यू में हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचाने के प्रशासन द्वारा किए गए दावे खोखले साबित हो रहे हैं। क्योंकि कर्फ्यू में राशन की किल्लत के कारण कई मजदूरों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/ration-of-laborers-did-not-reach-home-for-three-days/article-13970"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/filed-case-against-five-depot-holders-on-ration-in-ration.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">प्रशासन ने राशन व सैनेटाइजर पहुंचाने का दिलवाया भरोसा | Ration of Laborers</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए कर्फ्यू में हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचाने के प्रशासन द्वारा किए गए दावे खोखले साबित हो रहे हैं। क्योंकि कर्फ्यू में राशन की किल्लत के कारण कई मजदूरों ने पैदल ही अपने गांव जाने का फैसला लिया है। डॉ. अंबेडकर नगर में रहने वाले 14 मजदूरों के घरों पर पिछले तीन दिन से राशन नहीं है। प्रशासन द्वारा बांटे जा रहे राशन की मदद का इंतजार करके भी वह थक चुके हैं, लेकिन शनिवार दोपहर तक भी राशन नहीं मिला। भूख से तड़प रहे उक्त परिवारों ने अपने घर झारखंड वापस जाने का फैसला कर लिया। दिहाड़ी करने वाले इन मजदूरों ने दुख जताते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा कर्फ्यू के पांच दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई सहायता नहीं दी गई है।</p>
<h3>भूखमरी से मरने की बजाए उन्होने पैदल ही अपने गांव लौटने का फैसला लिया</h3>
<p style="text-align:justify;">रामजी दास, बनारसी दास, संतोष दास, बिरत दास, सुनील दास, रामदीन दास, बब्लू दास, महेश दास, वरुण दास, बिरजू दास, लक्ष्मण दास, वगंबर दास, बबलू तांती ने बताया कि वह यहां अपने परिवार का पालन करने के लिए दिहाड़ी करते हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">वह जो कमाते हैं उसका अधिकतर हिस्सा यहीं पर खर्च हो जाता है।</li>
<li style="text-align:justify;">कुछ हिस्सा वह अपने गांव में परिजनों को भेज देते थे।</li>
<li style="text-align:justify;">उनके पास जो रकम थी, वह भी कर्फ्यू के दौरान सब्जी व दूध लाने पर खर्च हो गई।</li>
<li style="text-align:justify;">अब हालत ऐसी हो चुकी है कि अगर कुछ दिन यहां रहे तो वह भूख से ही मर जाएंगे।</li>
<li style="text-align:justify;">प्रशासन द्वारा कर्फ्यू दौरान उनकी कोई सहायता नहीं दी गई।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इस भूखमरी से मरने की बजाए उन्होने पैदल ही अपने गांव लौटने का फैसला ले लिया। शनिवार को भी वह इसलिए रुक गए क्योंकि वीरवार को उनके पड़ोस में रहने वाले समाजसेवी डॉ. देव सिंह ने उन्हें कुछ राशन दे दिया था। अगर प्रशासन द्वारा जल्द ही उन्हें कोई सहायता न दी गई तो वह पैदल झारखंड के लिए रवाना हो जाएंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">राशन सहित जरूरी सामान जल्द मुहैया करवाए प्रशासन: रवि</h3>
<p style="text-align:justify;">समाज सेवी रवि कुमार राणा ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाना प्रशासन का पहला दायित्व होता है। इन जरूरतमंद दिहाड़ीदार मजदूरों को प्रशासन द्वारा कोई राशन नहीं दिया गया। कोरोना वायरस को फैलने को रोकने के लिए प्रशासन को ऐसे लोगों को मास्क, साबुन व सैनिटाईजर भी मुहैया करवाना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सहायता देने की जिम्मेदारी प्रशासन की : एसडीएम</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">एसडीएम बबनदीप सिंह ने कहा कि इस घड़ी में प्रशासन हर जरूरतमंद की सहायता के लिए जिम्मेदार है।</li>
<li style="text-align:justify;">इन प्रवासी मजदूरों को भी जल्द ही जरूरत का सारा सामान मुहैया करवाया दिया जाएगा।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2020 10:36:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दर्दनाक हादसा: केबल डालने के दौरान मिट्टी में धसने से छह मजदूरों की मृत्यु</title>
                                    <description><![CDATA[इस मामले में दो लोग गिरफ्तार बरेली (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में बरेली के बारादरी क्षेत्र में पीलीभीत बाईपास पर एयरटेल कंपनी के लिए आॅप्टीकल फाइबर केबल डालने के समय अचानक मिट्टी ढहने से छह मजदूरों की मृत्यु हो गई। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/six-laborers-died-due-to-cable-insert/article-5064"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/laborers-died-cable-insert-accident.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">इस मामले में दो लोग गिरफ्तार</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरेली (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में बरेली के बारादरी क्षेत्र में पीलीभीत बाईपास पर एयरटेल कंपनी के लिए आॅप्टीकल फाइबर केबल डालने के समय अचानक मिट्टी ढहने से छह मजदूरों की मृत्यु हो गई। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गये हैं। बरेली के जिलाधिकारी वीरेन्द्र कुमार सिंह ने मंगलवार यहां बताया कि सोमवार रात शहर के बारादरी क्षेत्र में पीलीभीत बाईपास पर सोमवार रात एयरटेल मोबाइल कंपनी की फॉर जी आॅप्टीकल फाइबर केबल डालने लिए सड़क किनारे खुदाई करने के बाद करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में घुस कर आठ मजदूर केबल का पाइप काट रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान बारिश के कारण अचानक मिट्टी धंस गई और सभी लोग उसमें दब गए। उन्होंने बताया कि पांच मजदूरों की मौके पर ही मृत्यु हो गयी, जबकि एक मजदूर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। दो मजूदरों को बचा लिया गया। उनका उपचार अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव एवं राहत का काम शुरू किया जो रात करीब पौने 12 बजे समाप्त हुआ।</p>
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<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Jul 2018 06:40:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण अफ्रीका में खदान में आग लगने से पांच मजदूरों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[खतरनाक खदानों में सुरक्षा मानकों के पालन की कमी जोहान्सबर्ग (एजेंसी)। दक्षिण अफ्रीका में तांबे की खदान में आग लगने से रविवार को पांच खनिक मजदूरों की मौत हो गयी। सूत्रों के अनुसार असूचीबद्ध पालाबोरा खनन कंपनी की तांबे की खदान में आग लगने से कम से कम पांच खनिक मजदूरों की मौत हो गयी। दक्षिण अफ्रीका […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/five-laborers-die-in-mine-in-south-africa/article-4856"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/mine.jpg" alt=""></a><br /><h1>खतरनाक खदानों में सुरक्षा मानकों के पालन की कमी</h1>
<p><strong>जोहान्सबर्ग (एजेंसी)। </strong>दक्षिण अफ्रीका में तांबे की खदान में आग लगने से रविवार को पांच खनिक मजदूरों की मौत हो गयी। सूत्रों के अनुसार असूचीबद्ध पालाबोरा खनन कंपनी की तांबे की खदान में आग लगने से कम से कम पांच खनिक मजदूरों की मौत हो गयी। दक्षिण अफ्रीका की गहरी और खतरनाक खदानों में सुरक्षा मानकों के पालन की कमी एक बड़ी समस्या है और ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निवेशकों को ध्यान देना चाहिये।</p>
<p>गौरतलब है कि मई के शुरू में एक भूकंप की घटना मे सिबानी-स्टिलवॉटर में सोने की खदान में सात लोगाें की मौत हो गयी थी। सोने और प्लैटिनम खदानों में इस तरह की घटनाएं अधिक होती हैं। पालाबोरा कंपनी के अनुसार यह घटना रविवार तड़के हुई। खनन कंपनी का प्रबंधन, सरकारी अधिकारी और संगठित श्रमिक घटना की जांच कर रहे है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/five-laborers-die-in-mine-in-south-africa/article-4856</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Jul 2018 03:37:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हमले में 24 वर्षीय महिला की मौत, दो प्रवासी मजदूर घायल</title>
                                    <description><![CDATA[सो रहे प्रवासी मजदूरों पर अज्ञात युवकों ने किया कातिलाना हमला पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लिया घटना का जायजा लुधियाना (राम गोपाल राएकोटी)। गांव पंडोरी के एक मछली फार्म पर रहते प्रवासी मजदूरों पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने तेजधार हथियारों से हमला कर दो अन्य मजदूरों को गंभीर रूप में घायल कर दिया जबकि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/24-year-old-woman-killed-two-migrant-laborers-injured-in-attack/article-4734"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/hmla-copy.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">सो रहे प्रवासी मजदूरों पर अज्ञात युवकों ने किया कातिलाना हमला</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li>पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लिया घटना का जायजा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong> लुधियाना (राम गोपाल राएकोटी)। </strong>गांव पंडोरी के एक मछली फार्म पर रहते प्रवासी मजदूरों पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने तेजधार हथियारों से हमला कर दो अन्य मजदूरों को गंभीर रूप में घायल कर दिया जबकि एक महिला की हत्या कर दी गई। पुलिस से से प्राप्त जानकारी अनुसार गांव पंडोरी में लुधियाना फिरोजपुर मुख्य मार्ग पर स्थित मछली फार्म पर प्रवासी मजदूर सुधीर और विनोद इसकी संभाल के लिए नियुक्त किए हुए हैं। सुधीर कुछ दिनों से अपने गांव हाजीपुर बिहार गया हुआ है। बीती रात अपने काम कार से फ्री हो कर सुधीर की पत्नी संगीता।</p>
<p style="text-align:justify;">सुधीर की माता रामकली देवी, सुधीर की भतीजी व विनोद कुमार सो गए तो आधी रात को कुछ अज्ञात व्यक्ति मछली फार्म पर आए व इन सो रहे प्रवासियों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया, जिस के परिणाम स्वरूप संगीता की मौत हो गई व विनोद और रामकली गंभीर रूप में घायल हो गए, जिनको ईलाज के लिए लुधियाना के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। थाना प्रमुख दाखा विक्रमजीत सिंह के अनुसार इन मजदूरों ने हमलावरों का डट कर मुकाबला किया और मृतक संगीता ने हमले की जानकारी मोबायल फोन के द्वारा अपने बिहार गए अपने पति सुधीर को भी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">हमले की जानकारी मिलते ही सुधीर ने इस हमले की जानकारी अपने अन्य साथियों को दी, जिन्होंने तुरंत गांव के सरपंच सत्तपाल सिंह को इस बारे बताया। जब सरपंच व अन्य व्यक्ति फार्म पर पहुँचे तो हमलावर फरार हो चुके थे। सरपंच सत्तपाल सिंह ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर घायलों को लुधियाना में ईलाज के लिए दाखिल करवाया। घटनास्थल पर लुधियाना देहाती के एसएसपी सुरजीत सिंह, एसपीडी रुपिन्दर भारद्वाज, सीआईए स्टाफ, डोग स्क्वाइड, फिंगर पिंट विशेषज्ञ व मोबाइल फॉरैंसिक लैब टीम मौके पर पहुंची व सारी जांच करने उपरांत एसएसपी सुरजीत सिंह ने कहा कर इस मामले को 24 घंटो में सुलझा लिया जाएगा।</p>
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                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Jul 2018 07:31:04 +0530</pubDate>
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                <title>गटर साफ करते मजदूरों की मौतों से उठते सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[देश की राजधानी दिल्ली में छह-सात दिन के भीतर अलग-अलग स्थानों पर गटर साफ करते हुए पांच मजदूरों की मौत सफाई व्यवस्था पर कर्इं तरह के सवाल खड़े कर रही है। पहली बात तो यही कि इतने तकनीकी विकास के बावजूद आज भी गटर अंदर जाकर क्यों साफ करने पड़ रहे हैं? दूसरा, स्वच्छ भारत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/questions-on-laborers-death/article-3197"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/died.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की राजधानी दिल्ली में छह-सात दिन के भीतर अलग-अलग स्थानों पर गटर साफ करते हुए पांच मजदूरों की मौत सफाई व्यवस्था पर कर्इं तरह के सवाल खड़े कर रही है। पहली बात तो यही कि इतने तकनीकी विकास के बावजूद आज भी गटर अंदर जाकर क्यों साफ करने पड़ रहे हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा, स्वच्छ भारत अभियान में इस तरह के क्षेत्रों पर आखिर कब काम किया जाने लगेगा? क्या सफाई करते कर्मियों को बुनियादी सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं करवाए जा सकते? हालांकि इस तरह के कोई आंकड़े रखने की सुव्यवस्थित प्रणाली नहीं है। अनुमान के अनुसार हर वर्ष करीब सीवर साफ करते हुए सौ लोगों की मौत हो जाती है। 1993 से अब तक 1471 मजदूरों की मौत हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश की आजादी के 70 साल बाद भी देश के हालात नाजुक बने हुए हैं। हालांकि देश की दो प्रतिशत आबादी ऐसी भी है, जोकि सभी प्रकार की सुविधाओं के साथ विकसित यूरोपियन देशों के सम्पन्न लोगों सा जीवन बिता रहे हैं, लेकिन बहुसंख्यक आबादी गरीबी, बेरोजगारी, कर्ज और बदहाली का जीवन जीने को मजबूर है।</p>
<p style="text-align:justify;">जाति व्यवस्था का ऊंच-नीच और भेदभाव देश व समाज के लिए एक कलंक के समान है। यह बात किसी से छुपी नहीं है कि सफाई व्यवस्था का सारा जिम्मा एक विशेष जाति या जाति व्यवस्था में बिल्कुल निचले पायदान पर स्थित लोगों के ऊपर है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">जब उनसे पूछा गया कि आजादी और सफाई में से आप किसे वरियता देते हैं, तो उन्होंने कहा था कि आजादी तो इंतजार कर सकती है, लेकिन सफाई तो हमें हमेशा चाहिए। उन्होंने जगह-जगह जाकर खुद सफाई की और आजादी के साथ ही स्वच्छता की अलख जगाई। वर्तमान में प्रधानमंत्री सहित सरकार के प्रमुख लोगों ने गलियों में निकल कर सफाई करके लोगों को संदेश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वच्छता को इतनी महत्ता दिए जाने के बाद भी सफाई की मुख्य जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मियों की बेकद्री चिंता पैदा करने वाली है। यह बेकद्री उनकी जान को जोखिम में डाल रही है। सफाई करने के लिए अतिदलित समाज के मजदूरों को गटर की दुर्गन्ध और दमघोंटू वातावरण में प्रवेश करना पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीवर में पैदा होने वाली जहरीली गैस की चपेट में आने से उनकी भयावह मौतें हो जाती हैं। ऐसा तब होता है, जब उन्हें जान बचाने वाली जरूरी सामग्री भी उपलब्ध नहीं करवाई जाती। सीवर में प्रवेश करके सफाई कर रहे मजदूरों के ऊपर मानव मल-मूत्र भी पड़ता रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आस-पास के लोग अक्सर उन्हें इन्सानियत की नजर से भी नहीं देखते हैं। यह सारा मंजर किसी भयावह दौर के संकेत देता है। भयावह यह भी है कि हमेशा दुर्गन्ध और मौत के मुंह में रहने वाले इन लोगों की जान की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। अक्सर ये मजदूर नाममात्र की दिहाड़ी पर काम करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सवाल यह भी है कि सफाई कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों के वेतन में इतना अधिक अंतर क्यों है। स्वच्छ भारत के लिए जब सरकार ने अलग से कर वसूली की है तो सफाई का काम करने वाले लोगों के जीवन-स्तर को ऊपर उठाने के लिए आखिर क्यों उपाय नहीं किए जा रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">दुर्भाग्यपूर्ण यह भी है कि जान जोखिम में डाल कर सीवर की सफाई करने वाले मजदूरों के कोई आंकड़े रखने की भी कोई कोशिश नहीं हो रही है। सुरक्षित, सम्मानजनक व बराबरीपूर्ण जीवन सबका बुनियादी हक है। हाथ से मल उठाने और साफ करने की विवशता को हर हालत में समाप्त किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत की दिशा में सफाईकर्मियों के रोजगार व जीवन की सुरक्षा और बेहतर वेतन की दिशा में ठोस प्रबंध होने चाहिएं। गटर साफ करते हुए हुई मजदूरों की मौतों पर देश की जनता व सरकार को चिंतन करने की जरूरत है। यह भी जरूरी है कि मृतक मजदूरों के परिजनों के बेहतर जीवन का जिम्मा सरकार वहन करे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-अरुण कुमार कैहरबा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Aug 2017 23:53:39 +0530</pubDate>
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                <title>दुकानों पर मजदूरी करते 11 बाल मजदूर छुड़वाए</title>
                                    <description><![CDATA[सहायक आयुक्त के नेतृत्व में जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति ने की रेड लुधियाना(रघबीर सिंह)। डिप्टी कमीश्नर लुधियाना प्रदीप कुमार अग्रवाल की हिदायतों पर जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की ओर से आज की गई कार्यवाही दौरान स्थानीय शेरपुर क्षेत्र की दुकानों में काम करते 11 बाल मजदूरों को छुड़ा लिया गया है। यह कार्यवाही […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/ta-force-committee-raids/article-2893"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/bal-majduri.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">सहायक आयुक्त के नेतृत्व में जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति ने की रेड</h2>
<p>लुधियाना(रघबीर सिंह)। डिप्टी कमीश्नर लुधियाना प्रदीप कुमार अग्रवाल की हिदायतों पर जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की ओर से आज की गई कार्यवाही दौरान स्थानीय शेरपुर क्षेत्र की दुकानों में काम करते 11 बाल मजदूरों को छुड़ा लिया गया है। यह कार्यवाही सहायक कमीश्ननर (शिकायतें) डॉ. पूनम प्रीत कौर के नेतृत्व में की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">बताने योग्य है कि दुकानदारों के अपने आप बने कुछ प्रधानों ने इस कार्यवाही में विघ्न डालने की कोशिश की जिसको टीम ने अनदेखा करके इन बाल मजदूरों को छुड़ा लिया। इस रेड के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. पूनम प्रीत कौर ने बताया कि समिति को यह सूचना मिली थी कि स्थानीय शेरपुर इलाके में दुकानों में बाल मजदूरी करवाई जा रही है,</p>
<h2>प्रशासन की ओर से बाल मजदूरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी</h2>
<p>जिस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए टास्क फोर्स समिति ने संबंधित इलाके में रेड की और अलग -अलग 8 दुकानों से 11 बाल मजदूर छुडाए। मौके मिली जानकारी के मुताबिक इन बाल मजदूरों को दुकानदारों की ओर से बहुत ही कम मेहनताने पर दिन के कई-कई घंटे काम करवाया जाता था। जब टीम की ओर से रेड करके इन बाल मजदूरों को छुड़ाने की कोशिश की गई तो कुछ दुकानदारों ने इन बाल मजदूरों को चेतावनी देकर छोड़ देने की जिद की परंतु टीम की ओर से कानून के मुताबिक बाल मज़दूरों के हक में कार्यवाही करने का पक्ष देकर इन बालों को रिहा करवाने में सफलता हासिल की।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यवाही दौरान छुड़ाए गए बाल मजदूरों की उम्र करीब 13 -14 साल है, जिन का मैडीकल करवाया जा रहा है। पुलिस के पास मामला दर्ज करवा दिया गया है। अब इनको जिला बाल भलाई समिति के सामने पेश किया जाएगा। समिति की ओर से इन बालों को इनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। यदि इनके माता-पिता के बारे में कोई सुराग नहीं मिलता तो समिति की ओर से इनको ’चाइल्ड केयर होम’ में भेज दिया जायेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Fri, 04 Aug 2017 23:00:46 +0530</pubDate>
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