<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/india-china-news/tag-29996" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>India-China News - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/29996/rss</link>
                <description>India-China News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>India-China Direct flights Resume: भारत-चीन सीधी उड़ानें 5 साल बाद फिर शुरू, इंडिगो का विमान कोलकाता से भरेगा उड़ान</title>
                                    <description><![CDATA[India-China Direct flights Resume: नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क लगभग पाँच वर्ष के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से बहाल हो गया है। यह पहल दोनों देशों के बीच ठंडे पड़े संबंधों में नई गर्माहट लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/direct-india-china-flights-resume-after-five-years-with-indigo-flights-operating-from-kolkata/article-77388"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/indigo1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">India-China Direct flights Resume: नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क लगभग पाँच वर्ष के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से बहाल हो गया है। यह पहल दोनों देशों के बीच ठंडे पड़े संबंधों में नई गर्माहट लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो) ने हाल ही में कोलकाता से चीन के ग्वांगझोउ शहर के लिए नॉन-स्टॉप दैनिक उड़ानें शुरू कर दी हैं। इंडिगो का एयरबस A320 विमान इस मार्ग पर सेवाएँ दे रहा है। यह उड़ान पश्चिम बंगाल की राजधानी को उस दक्षिण चीनी शहर से जोड़ती है, जो औद्योगिक उत्पादन और वैश्विक व्यापार के प्रमुख केंद्रों में से एक है। Indigo News</p>
<h3 style="text-align:justify;">उड़ानें पाँच साल बाद क्यों शुरू हुईं?</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत और चीन के बीच सीधी यात्री उड़ानें वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के साथ-साथ डोकलाम विवाद के बाद स्थगित कर दी गई थीं। इन वर्षों में यात्रियों को सिंगापुर, बैंकॉक या हांगकांग जैसे ट्रांजिट हब के माध्यम से यात्रा करनी पड़ती थी। अब स्थिति सामान्य होने और दोनों देशों के बीच संवाद फिर से स्थापित होने के प्रयासों के तहत यह सेवा पुनः आरंभ की गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नई उड़ान योजनाएँ | Indigo News</h3>
<p style="text-align:justify;">इंडिगो ने घोषणा की है कि वह 10 नवंबर से दिल्ली–ग्वांगझोउ के बीच भी सीधी उड़ान शुरू करेगी। इसी प्रकार, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस भी 9 नवंबर से शंघाई–दिल्ली मार्ग पर अपनी उड़ानें पुनः प्रारंभ करेगी। दोनों देशों के बीच पहले एयर इंडिया, इंडिगो, एयर चाइना और चाइना सदर्न जैसी प्रमुख एयरलाइंस उड़ानें संचालित करती थीं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">उड़ान का समय</h3>
<p style="text-align:justify;">कोलकाता से ग्वांगझोउ: उड़ान संख्या 6E 1703 रात 10:00 बजे रवाना होकर सुबह 4:05 बजे पहुँचती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्वांगझोउ से कोलकाता: उड़ान संख्या 6E 1704 सुबह 5:35 बजे उड़ान भरकर सुबह 7:50 बजे लैंड करती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इंडिगो का बयान</h3>
<p style="text-align:justify;">इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स ने कहा, “भारत और चीन के बीच सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक को फिर से जोड़कर हम बेहद प्रसन्न हैं। यह उड़ानें व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">यह नया हवाई मार्ग न केवल दोनों देशों के व्यावसायिक संबंधों को सुदृढ़ करेगा, बल्कि छोटे एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को भी सहयोग प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आयात-निर्यात कारोबार को गति मिलेगी और यात्रियों की आवाजाही भी सरल हो जाएगी। Indigo News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/direct-india-china-flights-resume-after-five-years-with-indigo-flights-operating-from-kolkata/article-77388</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/direct-india-china-flights-resume-after-five-years-with-indigo-flights-operating-from-kolkata/article-77388</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Oct 2025 15:26:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-10/indigo1.jpg"                         length="9475"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>India-China Row: भारत-चीन तनाव के बीच भारतीय सेना की गश्त बढ़ी, देपसांग में जल्द  ही होगा ऑपरेशन शुरू!</title>
                                    <description><![CDATA[India-China Row: भारत-चीन की सीमा पर विवाद जारी है और सीमा पर चल रहे इसी तनाव के बीच में भारतीय सेना ने 1 नवंबर से पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में अपनी गश्त शुरू कर दी है। यह महत्वपूर्ण कदम भारत- चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तनाव कम करने के उद्देश्य से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/indian-army-patrolling-increased-amid-india-china-tension/article-63902"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/indian-china-row.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">India-China Row: भारत-चीन की सीमा पर विवाद जारी है और सीमा पर चल रहे इसी तनाव के बीच में भारतीय सेना ने 1 नवंबर से पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में अपनी गश्त शुरू कर दी है। यह महत्वपूर्ण कदम भारत- चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तनाव कम करने के उद्देश्य से हाल-फिलहाल हुए समझौते के बाद उठाया गया है। India-China Row</p>
<h3 style="text-align:justify;">अप्रैल 2020 से पहले जैसी होगी स्थिति |  India-China Row</h3>
<p style="text-align:justify;">एक मीडिया रिपोर्ट में भारतीय सेना के अधिकारियों के हवाले से संकेत दिया गया कि डेमचोक क्षेत्र में गश्त अप्रैल 2020 से पहले जैसे ही बहाल की जाएगी। साथ ही देपसांग सेक्टर में ऑपरेशन जल्द ही शुरू किया जा सकता है, जोकि रणनीतिक रूप से सामान्य स्थिति के लिए महत्वपूर्ण होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दोनों सेनाओं में हुआ दिवाली की मिठाइयों का आदान-प्रदान</h3>
<p style="text-align:justify;">भारतीय और चीनी सैनिकों ने दिवाली पर पूर्वी लद्दाख सहित विभिन्न सीमा बिंदुओं पर पारंपरिक रूप से मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। एक मीडिया रिपोर्ट में भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा कि दिवाली के अवसर पर एलएसी के साथ कई सीमाओं पर भारत और चीन के सैनिकों ने मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। यह आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच दो विवादास्पद घर्षण बिंदुओं – डेमचोक और देपसांग मैदानों से सैनिकों को सफलतापूर्वक हटाए जाने के ठीक एक दिन बाद हुआ, जोकि द्विपक्षीय संबंधों में आई नरमी को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पारंपरिक प्रथा के रूप में, भारतीय और चीनी सैनिकों ने अतीत में त्यौहारों और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों को चिह्नित करने के लिए पूर्वी लद्दाख सहित एलएसी के साथ कई सीमा चौकियों पर मिठाइयों और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया है। रिपोर्ट में चीन-भारत संबंधों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि दोनों देशों (भारत और चीन) ने विवादित सीमा से दूर अपने अधिकांश अग्रिम पंक्ति के सैनिकों को सफलतापूर्वक तैनात कर दिया है। सिंह ने कहा विघटन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। India-China Row</p>
<p><a title="Muhurat Trading 2024: आज है मुहूर्त ट्रेडिंग! इतने बजे खुलेगा शेयर बाजार!" href="http://10.0.0.122:1245/today-is-muhurat-trading-the-stock-market-will-open-at-this-time/">Muhurat Trading 2024: आज है मुहूर्त ट्रेडिंग! इतने बजे खुलेगा शेयर बाजार!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/indian-army-patrolling-increased-amid-india-china-tension/article-63902</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/indian-army-patrolling-increased-amid-india-china-tension/article-63902</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Nov 2024 16:20:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-11/indian-china-row.jpg"                         length="49097"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>India-China Agreement: भारत-चीन समझौता: भरोसे की परीक्षा का वक्त</title>
                                    <description><![CDATA[India-China Agreement: भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों की गश्त को लेकर हाल ही में हुए समझौते को दोनों देशों के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि इस समझौते का पूरा विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चाएं हैं कि इसके तहत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/india-china-agreement-time-to-test-trust/article-63855"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/india-china-petroling1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">India-China Agreement: भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों की गश्त को लेकर हाल ही में हुए समझौते को दोनों देशों के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि इस समझौते का पूरा विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चाएं हैं कि इसके तहत दोनों देशों की सेनाएँ अपनी पुरानी स्थिति, यानी अप्रैल 2020 (गलवान संघर्ष से पूर्व) पर लौटेंगी। इसके साथ ही देपसांग और डेनचॉक क्षेत्रों में सैनिकों की पीछे हटने की प्रक्रिया होगी और वहाँ गश्त फिर से शुरू हो सकेगी। यह समझौता चार साल से जारी सैन्य गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक अहम प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। मीडिया में भी इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में बताया जा रहा है। India-China News</p>
<p style="text-align:justify;">जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्तों में ठंडक आ गई थी। इस घटना के बाद न केवल दोनों देशों के बीच संवाद सीमित हो गए थे, बल्कि उनके व्यापारिक रिश्ते भी प्रभावित हुए। गलवान में चीन द्वारा किए गए एकतरफा बदलावों के चलते दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता चला गया। भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक सीमा विवाद के मूल कारणों का समाधान नहीं होगा, तब तक द्विपक्षीय संबंध सामान्य नहीं हो सकते।</p>
<h3>दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे के सामने आ गए थे | India-China News</h3>
<p style="text-align:justify;">एलओसी पर हालात इतने नाजुक हो गए थे कि कुछ स्थानों पर दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे के सामने आ गए थे, जिससे टकराव का खतरा लगातार बना हुआ था। यह तनाव न केवल भारत और चीन बल्कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बन गया था। भारत ने कई स्तरों पर सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं का सहारा लिया ताकि इस संकट का समाधान निकाला जा सके। इन वार्ताओं के अंतर्गत कोर कमांडर स्तर की 21 दौर की बातचीत के बाद आखिरकार दोनों देशों के बीच सहमति के कुछ बिंदु तय हो सकें। India-China News</p>
<p style="text-align:justify;">भारत भी पिछले कुछ समय से चीन की बढ़ती ताकत और उसके विस्तारवादी रुख का काउंटर करने की तैयारी में लगा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर, भारत ने क्वाड (अमेरिका, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया) और आईटूयूटू (अमेरिका, भारत, इजरायल, यूएई) जैसे समूहों के जरिए अपनी स्थिति मजबूत की है और चीन पर दबाव डालने की कोशिश की है। इन समूहों के जरिए भारत न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी चीन को एक संदेश दे रहा है कि वह अकेला नहीं है।</p>
<h3>दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे के सामने आ गए थे | India-China News</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त, भारत ने नवंबर 2023 में मॉरीशस के अगालेगा द्वीप को सैन्य अड्डा बनाने का निर्णय लिया, ताकि अफ्रीकी गणराज्य जिबूती में चीन की उपस्थिति का मुकाबला किया जा सके। इस कदम के माध्यम से भारत इस क्षेत्र में गुजरने वाले चीन के जहाजों और युद्धपोतों पर नजर रख सकेगा, जो चीन के ऊर्जा आयात-निर्यात के लिए एक प्रमुख मार्ग है। यदि चीन जिबूती में भारत को किसी भी प्रकार की चुनौती देता है, तो भारत अगालेगा से उस पर नजर रखते हुए जवाब देने में सक्षम होगा। India-China News</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रकार के कदमों से यह कहा जा सकता है कि मौजूदा समझौता भी भारत की ओर से विभिन्न मोर्चों पर बनाए गए दबाव का परिणाम हो सकता है। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि इस समझौते में रूस का भी अप्रत्यक्ष दबाव हो सकता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि रूस, जो ब्रिक्स को मजबूत करने का पक्षधर है, ने इस समझौते के लिए चीन पर दबाव डाला होगा। दूसरी ओर, ताइवान का मुद्दा भी चीन की चिंता का कारण बन सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में ताइवान में डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के विलियम लाई चिंग-ते राष्ट्रपति चुने गए, जो ताइवान की स्वतंत्रता के समर्थक और चीन के साम्राज्यवादी रुख के कट्टर विरोधी माने जाते हैं। इसके साथ ही, राष्ट्रपति शी जिनपिंग का 2025 तक ताइवान पर नियंत्रण की योजना की घोषणा ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। ऐसे में शी जिनपिंग यह चाहते होंगे कि ताइवान मुद्दे पर भारत उनका विरोध न करे। इसी कारण, चीन ने इस समझौते के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया होगा। India-China News</p>
<h3>शी जिनपिंग चाहते होंगे कि ताइवान मुद्दे पर भारत उनका विरोध न करे</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, समझौते के बारे में स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और विपक्ष ने इसको लेकर कई सवाल उठाए हैं। कराकोरम दर्रा से लेकर चुमार तक के 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स में से भारत ने 26 पॉइंट्स पर पहुंच खो दी है। सवाल उठता है कि समझौते के बाद क्या भारत उन पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक पहुंच सकेगा। साथ ही, समाधान की प्रक्रिया क्या लिखित रूप में है या मौखिक? विपक्ष की चिंताएँ जायज हैं, क्योंकि पिछले वर्षों में चीन ने इन क्षेत्रों में आक्रामक गतिविधियाँ की हैं, और यह मानना कठिन है कि वह इन अतिक्रमणों को आसानी से छोड़ देगा। कुल मिलाकर, भारत-चीन संबंध सुधार की प्रक्रिया आगे चुनौतिपूर्ण रहेगी, परंतु पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर विवाद के खत्म होने से जो सकारात्मक माहौल बना है, वह मौजूदा संकटग्रस्त विश्व में एक उम्मीद तो जगाता ही है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में भारत और चीन के बीच वार्ताओं के लिए विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं। भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल इस कार्य का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि चीन की ओर से विदेश मंत्री जिम्मेदारी निभा रहे हैं। दोनों देशों के बीच औपचारिक बैठकें होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रूस के कजान में हुई वार्ता के दौरान मोदी ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया था। उन्होंने कहा कि आपसी विश्वास, सम्मान, और संवेदनशीलता दोनों देशों के रिश्तों का आधार होना चाहिए। India-China News</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डॉ. एन. के. सोमानी (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><a title="Gold-Silver Price Today: दिवाली पर सोना-चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो जानें सोने-चांदी की ताजा कीमतें!" href="http://10.0.0.122:1245/know-the-latest-prices-of-gold-and-silver-today/">Gold-Silver Price Today: दिवाली पर सोना-चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो जानें सोने-चांदी की ताजा कीमत…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>लेख</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/india-china-agreement-time-to-test-trust/article-63855</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/india-china-agreement-time-to-test-trust/article-63855</guid>
                <pubDate>Wed, 30 Oct 2024 15:48:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-10/india-china-petroling1.jpg"                         length="81641"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Indian-Chinese Army: भारत-चीन की सेनाएं पीछे हटना शुरू!</title>
                                    <description><![CDATA[Indian and Chinese troops: नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और चीन की सेनाओं ने शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख सीमा से पीछे हटना शुरू कर दिया। सूत्रों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख के डेमचोक और देपसांग पॉइंट में दोनों सेनाओं ने अपने अस्थायी टेंट और शेड हटा दिए। इसके साथ ही गाड़ियां और मिलिट्री उपकरण भी पीछे किए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indian-and-chinese-troops-start-retreating/article-63670"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/indian-army.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Indian and Chinese troops: नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और चीन की सेनाओं ने शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख सीमा से पीछे हटना शुरू कर दिया। सूत्रों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख के डेमचोक और देपसांग पॉइंट में दोनों सेनाओं ने अपने अस्थायी टेंट और शेड हटा दिए। इसके साथ ही गाड़ियां और मिलिट्री उपकरण भी पीछे किए जा रहे हैं। Indian-Chinese Army</p>
<h3>31 तक सेनाएं अलग-अलग दिन गश्त करेंगी | Indian-Chinese Army</h3>
<p style="text-align:justify;">सैन्य सूत्रों के मुताबिक, 28 और 29 अक्टूबर तक देपसांग और डेमचोक से दोनों देश अपनी सेनाएं पूरी तरह हटा लेंगे। इसके बाद 31 अक्टूबर तक सेनाएं अलग-अलग दिन गश्त करेंगी और इस संबंध में एक दूसरे को सूचित भी करेंगी। बताया जा रहा है कि गश्त के लिए सैनिकों की संख्या सीमिति की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 2020 में भारत-चीन के सैनिकों के बीच गलवान झड़प के बाद से देपसांग और डेमचोक में तनाव बना हुआ था। करीब 4 साल बाद 21 अक्टूबर को दोनों देशों के बीच नया पेट्रोलिंग समझौता हुआ। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया था कि इसका मकसद लद्दाख में गलवान जैसी झड़प रोकना और पहले जैसे हालात बनाना है। Indian-Chinese Army</p>
<p><a title="Mudra Yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अब इतने लाख तक ले सकेंगे लोन!" href="http://10.0.0.122:1245/good-news-for-new-entrepreneurs-now-you-can-avail-loan-up-to-rs-20-lakh-under-mudra-yojana/">Mudra Yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अब इतने लाख तक ले सकेंगे लोन!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indian-and-chinese-troops-start-retreating/article-63670</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indian-and-chinese-troops-start-retreating/article-63670</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 17:23:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-10/indian-army.jpg"                         length="54000"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BRICS Summit: चीन ने इतने अरसे बाद फिर कहा&amp;#8230;‘‘चीनी-हिन्दी भाई-भाई’’</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध खत्म करने को भारत के साथ समझौते को राजी लद्दाख (एजेंसी)। चीन आज 22 अक्तूबर को पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध खत्म करने के लिए भारत के साथ एक समझौते के लिए तैयार हो गया है।, इस बात की पुष्टि चीन द्वारा एक मीडिया रिपोर्ट में की गई है। BRICS Summit […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/china-agrees-with-india-to-end-border-standoff-in-eastern-ladakh/article-63546"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/bricks-submitt.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध खत्म करने को भारत के साथ समझौते को राजी</h3>
<p style="text-align:justify;">लद्दाख (एजेंसी)। चीन आज 22 अक्तूबर को पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध खत्म करने के लिए भारत के साथ एक समझौते के लिए तैयार हो गया है।, इस बात की पुष्टि चीन द्वारा एक मीडिया रिपोर्ट में की गई है। BRICS Summit</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान के हवाले से बताया गया ‘‘हाल के समय में, चीन और भारत चीन-भारत सीमा से संबंधित मुद्दों पर कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से निकट संपर्क में हैं, और चीन भारत के साथ हाथ मिलाना चाहता है। अब दोनों पक्ष प्रासंगिक मामलों पर एक समाधान पर पहुँच गए हैं, जिसकी चीन बहुत प्रशंसा करता है। आगे बढ़ते हुए, चीन इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए भारत के साथ काम करेगा।’’ रिपोर्ट में जियान ने दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते की कोई विशेष जानकारी या विवरण साझा नहीं किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक में प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अगर कुछ भी सामने आता है तो हम आपको अपडेट रखेंगे।’’ 21 अक्तूबर को भारत ने कहा कि उसने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त करने के लिए चीन के साथ समझौता कर लिया है। जून 2020 से दोनों सेनाओं के बीच चार साल से अधिक समय तक चले सैन्य गतिरोध के बाद इस खबर को ‘बड़ी सफलता’ के रूप में देखा गया। BRICS Summit</p>
<p><a title="US Presidential Poll 2024: अमेरिकी चुनावों का शेयर बाजार पर पड़ने वाले असर को लेकर ब्लैकरॉक के सीईओ ने दिया बड़ा ब्यान!" href="http://10.0.0.122:1245/us-presidential-poll-2024/">US Presidential Poll 2024: अमेरिकी चुनावों का शेयर बाजार पर पड़ने वाले असर को लेकर ब्लैकरॉक के सीईओ न…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/china-agrees-with-india-to-end-border-standoff-in-eastern-ladakh/article-63546</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/china-agrees-with-india-to-end-border-standoff-in-eastern-ladakh/article-63546</guid>
                <pubDate>Tue, 22 Oct 2024 14:47:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-10/bricks-submitt.jpg"                         length="74892"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>India-China News: सीमा विवाद सुलझाने के लिए भारत-चीन ने मिलाया हाथ</title>
                                    <description><![CDATA[India and China patrolling: नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और चीन ने लगातार बातचीत के बाद एलएसी पर टकराव रोकने की दिशा में एक सकारात्मक पहल की है। दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पेट्रोलिंग के लिए एक निश्चित व्यवस्था पर सहमति बन गई है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को प्रेस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-and-china-joined-hands-to-resolve-border-dispute/article-63518"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/india-china-petroling.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>India and China patrolling: नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारत और चीन ने लगातार बातचीत के बाद एलएसी पर टकराव रोकने की दिशा में एक सकारात्मक पहल की है। दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पेट्रोलिंग के लिए एक निश्चित व्यवस्था पर सहमति बन गई है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस समझौते के जरिए हमें 2020 सीमा पर जारी तनाव को कम करने में मदद मिलेगी। India-China News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पिछले कई सप्ताहों से जारी बातचीत के बीच अंतत: हम वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पेट्रोलिंग के लिए एक निश्चित व्यवस्था पर पहुंचे हैं। विदेश सचिव ने कहा कि हमें उम्मीद है कि बाकी मुद्दे भी जल्द सुलझ जाएंगे। कथित तौर पर भारत और चीन के बीच पेट्रोलिंग को लेकर हुआ यह समझौता देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों से संबंधित है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2020 से तनावपूर्ण हैं संबंध | India-China News</h3>
<p style="text-align:justify;">दोनों पड़ोसियों के बीच पूर्वी लद्दाख सीमा पर 2020 में हुई झड़प के बाद संबंध तनावपूर्ण हैं। इन वर्षों में भारत और चीन के बीच लगातार मीटिंगों का दौर जारी है लेकिन सहमति नहीं बन पाई थी, इस कारण पेट्रोलिंग के दौरान भारतीय और चीनी सीमा के बीच में लगातार स्टैंडआॅफ की स्थिति बनी हुई थी। भारत और चीन के बीच हुआ यह समझौता पीएम मोदी के रूस दौरे से ठीक पहले हुआ है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ब्रिक्स समिट में मिलेंगे पीएम मोदी-शी जिनपिंग!</h3>
<p style="text-align:justify;">ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोनों ही रूस की यात्रा पर जाने वाले हैं। इन दोनों नेताओं के बीच में द्विपक्षीय बैठक को लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है लेकिन अटकलें है कि दोनों नेता शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं।<br />
रूस के शहर कजान में होने वाले ब्रिक्स समिट पर दुनियाभर की नजरें टिकी होंगी। क्योंकि रूसी राष्ट्रपति भारत और चीन को एक मंच पर खड़ा करके दुनिया को अपनी ताकत दिखाना चाहेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">युद्ध में उलझे हुए हैं सदस्य देश | India-China News</h3>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि शुरूआती तौर पर ब्रिक्स में केवल ब्राजील, रूस, भारत, चाइना और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। बाद में ईरान, मिस्र, इथोपिया और संयुक्त अरब अमीरात भी इसमें शामिल हो गए। ब्रिक्स देशों में रूस इस समय यूक्रेन के साथ युद्ध में उलझा हुआ है, वहीं इजरायल और ईरान के बीच में लगातार युद्ध जैसी हालात बने हुए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रूसी सेना में अभी भी 20 भारतीय नागरिक: विदेश सचिव</h3>
<p style="text-align:justify;">रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की भर्ती पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि इस मुद्दे को उच्चतम स्तर पर उठाया गया। हमारी जानकारी के अनुसार लगभग 85 भारतीय नागरिक भारत लौट आए हैं। कुछ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और उनके शव लौटाए गए। हमारी जानकारी के अनुसार अभी भी रूसी सेना में लगभग 20 भारतीय नागरिक हैं, वे भी जल्द भारत लौट आएंगे। India-China News</p>
<p><a title="Viral Video: नरसंहार में मरे हमास प्रमुख की पत्नी की लाखों रूपयों से भरे बैग के साथ वीडियो हुई वायरल!" href="http://10.0.0.122:1245/video-of-wife-of-hamas-chief-killed-in-massacre-with-a-bag-full-of-lakhs-of-rupees-goes-viral/">Viral Video: नरसंहार में मरे हमास प्रमुख की पत्नी की लाखों रूपयों से भरे बैग के साथ वीडियो हुई वायरल…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/india-and-china-joined-hands-to-resolve-border-dispute/article-63518</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/india-and-china-joined-hands-to-resolve-border-dispute/article-63518</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 18:52:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-10/india-china-petroling.jpg"                         length="81641"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        