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                <title>Stubble Burning Case - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Stubble Burning Case RSS Feed</description>
                
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                <title>Supreme Court: पराली जलाने पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख</title>
                                    <description><![CDATA[“कुछ किसानों को जेल भेजो, सब ठीक हो जाएगा” नई दिल्ली/हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Supreme Court: दिल्ली-एनसीआर में हर साल अक्टूबर से बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाते हुए पराली जलाने के मुद्दे पर सख्त टिप्पणी की। देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/supreme-court-takes-tough-stance-on-stubble-burning/article-75868"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/parali.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">“कुछ किसानों को जेल भेजो, सब ठीक हो जाएगा”</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। </strong>Supreme Court: दिल्ली-एनसीआर में हर साल अक्टूबर से बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाते हुए पराली जलाने के मुद्दे पर सख्त टिप्पणी की। देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जो किसान बार-बार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन पर अब सख्त कार्रवाई की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने साफ शब्दों में कहा, “अगर कुछ किसानों को जेल भेजा गया तो यह मिसाल बनेगी और बाकी लोग भी पराली जलाने से बचेंगे।” सुनवाई के दौरान सीजेआई ने सवाल उठाया कि किसानों पर कार्रवाई करने से प्रशासन क्यों पीछे हट रहा है। उन्होंने कहा, “किसान हमारे लिए खास हैं और हम उनकी बदौलत खा रहे हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम पर्यावरण को नुकसान पहुंचने दें। हमें संतुलन बनाना होगा।”</p>
<h3 style="text-align:justify;">केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मैं रिक्त पद भरने के भी दिए निर्देश</h3>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने इस दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को तीन महीने के भीतर सभी रिक्त पदों को भरने का भी निर्देश दिया। अदालत ने माना कि संस्थागत मजबूती और सख्त प्रवर्तन ही प्रदूषण नियंत्रित करने में मदद करेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पराली से वैकल्पिक ईंधन बनाने पर हो विचार | Supreme Court</h3>
<p style="text-align:justify;">दिलचस्प तौर पर चीफ जस्टिस ने यह सवाल भी उठाया कि क्या जलाई जाने वाली पराली का उपयोग वैकल्पिक ईंधन बनाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने अखबारों में ऐसे प्रयोगों के बारे में पढ़ा है और सरकार को इस पर गंभीरता से पहल करनी चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सर्दियों की शुरुआत में दिल्ली एनसीआर में खराब हो जाती है हवा की सेहत</h3>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली-एनसीआर में हर साल सर्दियों की शुरुआत में पराली जलाने से वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है। अब शीर्ष अदालत की यह सख्त टिप्पणी केंद्र और राज्यों पर दबाव बढ़ा रही है कि वे समस्या को हल करने के लिए ठोस कदम उठाएं। ध्यान रहे कि यही वह समय होता है जब मौसम बदल रहा होता है। गर्मी के समाप्ति के साथ सर्द ऋतु का आगमन होता है। जिस वजह से धरती के समीप ठंडी हवा रुकने की वजह से प्रदूषण वायुमंडल की निचली परत पर बना रहता है। Supreme Court</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 19:03:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रदेश भर में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी, 10 हजार से अधिक घटनाएं दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब में गेहूं की पराली जलाने से बढ़ रही पर्यावरणीय चिंताएं: मंत्री ने की पर्यावरण की रक्षा की अपील स्वास्थ्य मंत्री की किसानों से भावुक अपील, धरती मां को बंजर न करें पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर तूर)। Patiala News: पंजाब में गेहूं की कटाई के बाद बची पराली को आग लगाने की घटनाएं तेजी से बढ़ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/incidents-of-stubble-burning-increased-across-the-state-more-than-ten-thousand-incidents-were-registered/article-71614"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/patiala-news-4.jpg" alt=""></a><br /><h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">पंजाब में गेहूं की पराली जलाने से बढ़ रही पर्यावरणीय चिंताएं: मंत्री ने की पर्यावरण की रक्षा की अपील</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li class="ai-optimize-8 ai-optimize-introduction">स्वास्थ्य मंत्री की किसानों से भावुक अपील, धरती मां को बंजर न करें</li>
</ul>
<p class="ai-optimize-7" style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर तूर)।</strong> Patiala News: पंजाब में गेहूं की कटाई के बाद बची पराली को आग लगाने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक प्रदेश में 10 हजार से अधिक बार खेतों में आग लगाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने हाल ही में एक खेत में खड़े होकर किसानों से अपील की है कि वे धरती माता के सीने को जलाने से बचाएं और पर्यावरण की रक्षा करें। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कृषि विभाग सहित विभिन्न संस्थान किसानों को पराली जलाने से रोकने और जागरूक करने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसका प्रभाव सीमित ही रहा है। एक अप्रैल से 3 मई तक 1052 स्थानों पर आग लगी, जबकि 3 मई से 29 मई के बीच आग की घटनाएं बढ़कर 10,189 तक पहुंच गईं। Patiala News</p>
<p class="ai-optimize-7" style="text-align:justify;">सबसे अधिक आगजनी की घटनाएं अमृतसर, मोगा, गुरदासपुर, फिरोजपुर, तरनतारन, संगरूर, बठिंडा, लुधियाना और पटियाला जिलों में दर्ज की गई हैं। अमृतसर में 1102, मोगा में 863, गुरदासपुर में 856, फिरोजपुर में 742, तरनतारन में 700, संगरूर में 654, बठिंडा में 651, लुधियाना में 639 तथा पटियाला में 458 बार पराली को आग लगाई गई है। Patiala News</p>
<p class="ai-optimize-7" style="text-align:justify;">प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा सख्ती करने पर किसान संगठनों के धरने-प्रदर्शन शुरू हो जाते हैं, इसलिए इस मुद्दे का स्थायी समाधान किसान संगठनों की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं। उन्होंने कहा कि किसान नेताओं को पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।</p>
<p class="ai-optimize-7" style="text-align:justify;">पिछले वर्ष भी करीब 11 हजार से अधिक स्थानों पर आगजनी हुई थी। इस बार किसानों ने बताया कि तूंड़ी (पराली) के भाव गिरने के कारण उन्होंने इसे बेचने की बजाय खेतों में आग लगा दी। किसानों का कहना है कि जब फसल में आग लगती है, तब कोई भी सरकारी अधिकारी अक्सर मौके पर मौजूद नहीं होते। किसान रुलदू सिंह, प्रीतम सिंह और भाग सिंह ने कहा कि पराली जलाने से खेत की मिट्टी में प्राकृतिक उर्वरक तत्व खत्म हो जाते हैं, जिससे अगली फसल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।</p>
<h3 class="ai-optimize-7" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री की अपील | Patiala News</h3>
<p class="ai-optimize-7" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने काठमठी के निकट खेत में खड़े होकर किसानों से आग्रह किया कि वे पराली जलाने से बचें। उन्होंने कहा कि आग से न केवल पशु-पक्षी, कीड़े-मकोड़े और पेड़-पौधे नष्ट होते हैं, बल्कि धुआं बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा भी पैदा करता है। इससे सांस संबंधी बीमारियां, कोरोना, दमा और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ती हैं। मंत्री ने किसानों से धरती, मानवता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की और कहा कि कभी भी खेतों में आग लगाने की प्रवृत्ति को समाप्त करना होगा।</p>
<p class="ai-optimize-9"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="न्यू कैलाश नगर में सेहत मंत्री बलवीर सिंह का निरीक्षण, कई घरों में मिला डेंगू लारवा" href="http://10.0.0.122:1245/health-minister-balbir-singhs-inspection-in-new-kailash-nagar/">न्यू कैलाश नगर में सेहत मंत्री बलवीर सिंह का निरीक्षण, कई घरों में मिला डेंगू लारवा</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 May 2025 21:30:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stubble Burning Case: पराली में आग लगने की घटना के संबंध में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[बारातियों के पटाखे जलाने के दौरान राख में तब्दील हुई थी 25 हजार क्विंटल पराली Stubble Burning Case: हनुमानगढ़। सूरतगढ़ रोड पर स्थित गांव मक्कासर के नजदीक एक खेत में रखी लाखों रुपयों की पराली में आग लगने की घटना के संबंध में जंक्शन पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने पराली एकत्रित करने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/case-filed-against-unknown-persons-in-connection-with-stubble-burning/article-65164"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/accusation-and-counter-accusation-and-not-rigor-technology-is-the-solution-for-stubble.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बारातियों के पटाखे जलाने के दौरान राख में तब्दील हुई थी 25 हजार क्विंटल पराली</h3>
<p style="text-align:justify;">Stubble Burning Case: हनुमानगढ़। सूरतगढ़ रोड पर स्थित गांव मक्कासर के नजदीक एक खेत में रखी लाखों रुपयों की पराली में आग लगने की घटना के संबंध में जंक्शन पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने पराली एकत्रित करने वाले व्यक्ति की रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस के अनुसार बलदेव सिंह (42) पुत्र सन्तराम निवासी वार्ड छह, चक दो केएनजे ने लिखित रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि उन्होंने सूरतगढ़ रोड स्थित वेदिका होटल के नजदीक खेत में 25 हजार क्विंटल पराली रखी हुई थी। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">छह दिसम्बर को दिन में वेदिका होटल में सतपाल वर्मा निवासी वार्ड सात, पांच केएनजे, मक्कासर की दो लड़कियों की शादी थी। दोपहर करीब 12.30 बजे शादी में बाराती पटाखे जला रहे थे। तब उन्होंने होटल मालिक एवं बारातियों को पटाखे जलाने से रोका। तभी वहां से बाइक पर गुजर रहे सुनील पुत्र देवीलाल निवासी मक्कासर की बाइक में एक पटाखा आकर लगा। उसने भी बारातियों को पटाखे जलाने से मना किया व अवगत करवाया कि यहां पराली रखी हुई है। पास ही स्थित ढाणी के लोगों ने भी बारातियों को पटाखे जलाने से रोका लेकिन किसी ने कोई बात नहीं मानी तथा जान-बूझकर पराली के नजदीक आकर पटाखे जलाए। इससे पराली में आग लग गई।</p>
<h3>सूचना देने के बावजूद दमकल दो घंटे देरी से आई</h3>
<p style="text-align:justify;">दमकल विभाग को भी सूचना दी गई लेकिन दमकल दो घंटे देरी से आई। इससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग तेजी से बढ़ती गई तथा सारी पराली जलकर राख हो गई। आस-पास तीन औरतें जो खेत में काम कर रही थीं उनकी जान भी बहुत मुश्किल बचाई गई। बलदेव सिंह के अनुसार आगजनी की घटना होटल मालिक व बारातियों की लापरवाही की वजह से हुई है। उन्होंने बताया कि 25 हजार क्विंटल पराली में से 12-13 हजार क्विंटल पराली गौशाला श्रीकृष्ण गो सेवा समिति दो केएनजे, गौशाला मक्कासर व गौशाला नई खुंजा की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">2500 क्विंटल पराली पशुपालक प्रभुराम पुत्र रावताराम निवासी वार्ड बीस, आईटीआई बस्ती, जंक्शन व शेष पराली उसकी व केसराराम पुत्र भागीरथ कुम्हार निवासी वार्ड चार, नई खुंजा की थी जो पशुओं के चारे के लिए कुतर करने के लिए रखी हुई थी। 25 हजार क्विंटल पराली की कीमत करीब 50 लाख रुपए है। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच एएसआई जयसिंह के सुपुर्द की है। Hanumangarh News</p>
<p><a title="Delhi Schools Bomb Threats Today: 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी: 30,000 डॉलर की मांगी फिरौती!" href="http://10.0.0.122:1245/40-criminals-threatened-to-bomb-30000-release/">Delhi Schools Bomb Threats Today: 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी: 30,000 डॉलर की मांगी फिरौती!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 11:44:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस साल मध्यप्रदेश, पंजाब, यूपी और राजस्थान में हरियाणा से ज्यादा जली पराली</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा में पराली जलाने की 1406 घटनाये तो एमपी में 16 हजार से ज्यादा जगह जली पराली हरियाणा में दो लाख से अधिक किसानो ने फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए करवाया पंजीकरण कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Kaithal News: हरियाणा और पंजाब दोनों राज्‍य ऐसे हैं, जहां ज्‍यादातर किसान खरीफ सीजन में धान की बुवाई करते […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/more-stubble-burnt-in-madhya-pradesh-punjab-up-and-rajasthan-than-in-haryana/article-65134"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/stubble-burning.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">हरियाणा में पराली जलाने की 1406 घटनाये तो एमपी में 16 हजार से ज्यादा जगह जली पराली</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>हरियाणा में दो लाख से अधिक किसानो ने फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए करवाया पंजीकरण</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)।</strong> Kaithal News: हरियाणा और पंजाब दोनों राज्‍य ऐसे हैं, जहां ज्‍यादातर किसान खरीफ सीजन में धान की बुवाई करते हैं, जिससे यहां पराली का प्रबंधन थोड़ा मुश्किल हो जाता है और किसान खेत में आग लगा देते हैं। अब धान का सीजन खत्म हो चूका है। हरियाणा राज्य कृषि आयोग (हार्सेक) के मुताबिक, हरियाणा में इस साल पराली जलाने के मामले में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं मध्यप्रदेश में पराली जलाने के मामलो की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। हरियाणा प्रदेश में 15 सितंबर से 30 नवंबर के बीच पराली जलाने की कुल 1406 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 2303 था। इस साल सबसे ज्यादा 218 मामले जींद में सामने आए हैं। एमपी में इस साल 16 हजार से अधिक पराली जलाने की घटनाये घटी है। Kaithal News</p>
<p>बता दे कि लंबे समय से पंजाब हरि‍याणा और उत्‍तर प्रदेश के किसानों द्वारा पराली जलाने की घटनाओं को दिल्‍ली में प्रदूषण के लिए जिम्‍मेदार ठहराया जाता रहा है। लेकिन आंकड़ो के हिसाब से बात की जाये तो पराली जलाने की घटनाओं के मामले में हरियाणा को लेकर सकारात्‍मक खबर सामने आई है. यहां पिछले कुछ सालों के मुकाबले पराली जलाने के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। हरियाणा राज्य कृषि आयोग (HARSAC) ने पराली जलाने के जो आंकड़े जारी किए है। इन आंकड़ों के अनुसार,पिछले तीन साल से पराली जलाने के मामले कम हो रहे है। 2024 में पराली जलाने की 1406 घटनाएं सामने आई, 2023 में 2303 तो 2022 में 3661 केस सामने आये थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दो लाख से अधिक किसानो ने फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए किया पंजीकरण</h3>
<p style="text-align:justify;">इस साल हरियाणा में दो लाख 29 हजार 878 किसानों ने सरकारी पोर्टल पर पराली प्रबंधन का रजिस्‍ट्रेशन कराया है। कैथल के 30 हजार 174 किसान, कुरुक्षेत्र के 26 हजार 649 किसान और सिरसा के 29 हजार 215, फतेहाबाद के 24 हजार 35 किसानो ने पराली प्रबंधन के लिए रजिस्‍ट्रेशन करा चुके हैं । फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये सब्सिडी देती है, जिसका लाभ लेने के लि‍ए किसानों ने आवेदन दिए है। बता दें कि हरियाणा में 15 सितंबर 2024 से 30 नवंबर 2024 पराली जलाने की सबसे ज्‍यादा घटनाएं जींद में 218, कैथल में 194, सिरसा में 188, कुरूक्षेत्र में 132 और फतेहाबाद में 130 सामने आई हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन कारणों से कम हुए मामले | Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट के पराली जलाने पर बैन को लेकर सख्‍ती, कानूनी कार्रवाई, रेड एंट्री जैसी सख्‍ती, केंद्र और राज्‍य सरकार की योजनाओं के साझा प्रयासों और पर्यावरण पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों को देखते हुए यहां के किसान पराली जलाने से बच रहे हैं। पराली आग की घटनाओं को एक नजर देखें तो इस बार हरियाणा के कई जिले ऐसे हैं जहां एक भी मामला सामने नहीं आया है. वहीं, कुछ जिलों में नाम मात्र घटनाएं सामने आई हैं। इस साल गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, मेवात, चरखी-दादरी, रेवाड़ी में पराली जलाने की एक भी घटना सामने नहीं आई है. वहीं, भिवानी में 10 और झज्जर में 12 घटनाएं दर्ज की गई हैं। Kaithal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा मामले</h3>
<p style="text-align:justify;">हार्सेक के आंकड़ो के अनुसार पंजाब में भी पिछले तीन साल से पराली जलाने के केस कम आये है हालाँकि यह हरियाणा से बहुत ज्यादा है। पंजाब में इस साल 10 हजार 909 पराली जलाने की घटनाएं सामने आई है। 2023 में 36 हजार 663 घटनाये आई थी। 2022 में 49 हजार 922 मामले सामने आए थे। वहीं इस साल भारत में सबसे ज्यादा पराली जलाने की घटनाए 16 हजार 360 मध्यप्रदेश से आई है जोकि हरियाणा और पंजाब दोनों से ज्यादा है। यूपी में इस साल 6142 मामले सामने आये है तो राजस्थान में 2772 पराली जलाने की घटनाए पाई गयी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">15 सितम्बर से 30 नवम्बर तक पराली जलाने के मामले</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>वर्ष मध्यप्रदेश यूपी पंजाब हरियाणा</strong></p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">2024 16630 6142 10909 1406</li>
<li style="text-align:justify;">2023 12500 3996 36663 2303</li>
<li style="text-align:justify;">2022 11737 3017 49922 3661</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">पोर्टल पर हरियाणा के किसानो की रेड एंट्री | Kaithal News</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कुल 1247</li>
<li style="text-align:justify;">जींद 258</li>
<li style="text-align:justify;">फतेहाबाद 148</li>
<li style="text-align:justify;">कैथल 141</li>
<li style="text-align:justify;">करनाल 120</li>
<li style="text-align:justify;">कुरुक्षेत्र 95</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल के मुकाबले पुरे हरियाण में पराली जलाने के कम मामले सामने आए है। वहीं कैथल जिले में भी पिछली साल अब तक 262मामले थे जोकि इस बार घटकर 194 रह गए है। किसानो को लगातार जागरूक किया जा रहा है। एक्ससीटू और इनसीटू मशीनों से फसल अवशेष प्रबंधन किया जा रहा है। लगभग 9 लाख मीट्रिक तक पराली का प्रबंधन कर लिया गया है।<br />
<strong>                                                                               -जगदीश मलिक, सहायक कृषि अभियंता, कैथल</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Delhi Chalo March start again: दिल्ली चलो, दिल्ली मार्च फिर से शुरू होगा, मोदी बातचीत को तैयार नहीं!" href="http://10.0.0.122:1245/lets-go-to-delhi-delhi-march-will-start-again-modi-is-not-ready-for-talks/">Delhi Chalo March start again: दिल्ली चलो, दिल्ली मार्च फिर से शुरू होगा, मोदी बातचीत को तैयार नहीं!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/more-stubble-burnt-in-madhya-pradesh-punjab-up-and-rajasthan-than-in-haryana/article-65134</link>
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                <pubDate>Sun, 08 Dec 2024 15:43:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stubble Burning: पंजाब में हरियाणा के मुकाबले पराली जलाने के मामलों में आई बड़ी गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब में अब तक पराली जलाने के मामलों में 16 प्रतिशत की कमी देखी गई है, जो पड़ोसी राज्यों की तुलना में दोगुना है: गुरुमीत सिंह खुड्डियां पंजाब में धान की खेती के अधीन 32 लाख हेक्टेयर, जबकि हरियाणा में 15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। Chandigarh News: पंजाब ने पराली जलाने के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-drop-in-stubble-burning-cases/article-64234"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/stubble.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पंजाब में अब तक पराली जलाने के मामलों में 16 प्रतिशत की कमी देखी गई है, जो पड़ोसी राज्यों की तुलना में दोगुना है: गुरुमीत सिंह खुड्डियां</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>पंजाब में धान की खेती के अधीन 32 लाख हेक्टेयर, जबकि हरियाणा में 15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Chandigarh News: पंजाब ने पराली जलाने के मामलों में कमी के रुझान को बरकरार रखते हुए, पराली जलाने की समस्या को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस साल 23 अक्टूबर तक पराली जलाने के मामलों में पिछले साल के मुकाबले 16 फीसदी की गिरावट आई है। इस साल 23 अक्टूबर तक राज्य में 1,638 जगह पराली में आग लगाई गई है, जो पिछले साल के 1,946 मामलों से काफी कम है। Stubble Burning</p>
<p style="text-align:justify;">पराली जलाने की घटनाओं में गिरावट के आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि पड़ोसी राज्य हरियाणा इस दौरान पराली जलाने की समस्या पर केवल 8 फीसदी तक ही काबू पा सका है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पंजाब में साल 2020 की तुलना में 2024 में पराली जलाने की घटनाओं में 88 फीसदी की भारी कमी आई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 के दौरान राज्य में पराली जलाने के 13,894 मामले सामने आए थे, जो इस साल काफी हद तक कम होकर सिर्फ 1638 रह गए हैं। Stubble Burning</p>
<h3 style="text-align:justify;">वहीं, पड़ोसी राज्य हरियाणा में इन वर्षों में केवल 56 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि पंजाब में धान की खेती 32 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है, जो हरियाणा के 15 लाख हेक्टेयर से दोगुना से अधिक है।</p>
<p style="text-align:justify;">बताने योग्य है कि पंजाब सरकार ने इस साल अब तक किसानों को 13,616 फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनें प्रदान की हैं, जिससे 2018 के बाद से किसानों को प्रदान की गई मशीनों की कुल संख्या 1.43 लाख हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री. खुड्डियां ने कहा कि पराली जलाने पर नियंत्रण करने और किसानों में जागरूकता पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 8000 से अधिक नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने ‘उन्नत किसान मोबाइल ऐप’ के बारे में भी जानकारी दी, जिसके माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को पराली प्रबंधन मशीनों तक आसान पहुंच के लिए 1.30 लाख सीआरएम को इसके साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पराली प्रबंधन के लिए 500 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार की गई है और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इस मुद्दे से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। Stubble Burning</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं में कमी पंजाब सरकार और किसान समुदाय के ठोस प्रयासों का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हमारी पहल, जिसमें सीआरएम मशीनरी की व्यवस्था और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति शामिल है, के सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘उन्नत किसान’ मोबाइल ऐप हमारे किसानों को पराली प्रबंधन संसाधनों तक आसान पहुंच प्रदान करके इस समस्या से निपटने के सरकार के प्रयासों में सहयोग प्रदान कर रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana Railway: खुशखबरी, हरियाणा के इन जिलों से होकर गुजरेगी नई रेलवे लाइन, जानें रूट" href="http://10.0.0.122:1245/the-new-railway-line-will-pass-through-these-districts-of-haryana-know-the-route/">Haryana Railway: खुशखबरी, हरियाणा के इन जिलों से होकर गुजरेगी नई रेलवे लाइन, जानें रूट</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Nov 2024 14:30:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Stubble Burn: पराली जलाने को लेकर केंद्र सरकार का आया बड़ा फैसला!</title>
                                    <description><![CDATA[Stubble Burn: पराली जलाने वालों पर अब लगेगा दोगुना जुर्माना नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में खराब होती वायु गुणवत्ता की गंभीरता को समझते हुए केन्द्र सरकार ने फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर जुर्माने की राशि दोगुनी कर दी है। पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि वाले किसानों के लिए पराली जलाने पर अब […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/now-double-fine-will-be-imposed-on-those-who-burn-stubble/article-64153"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/burn-stubble-in-sirsa.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">Stubble Burn: पराली जलाने वालों पर अब लगेगा दोगुना जुर्माना</h3>
<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में खराब होती वायु गुणवत्ता की गंभीरता को समझते हुए केन्द्र सरकार ने फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर जुर्माने की राशि दोगुनी कर दी है। पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि वाले किसानों के लिए पराली जलाने पर अब जुर्माना राशि 30,000 रुपये तक हो गई है। केन्द्र की अधिसूचना के अनुसार, दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को अब पराली जलाने पर 2,500 रुपये की जगह 5,000 रुपये का जुमार्ना देना होगा। वहीं दो से पांच एकड़ के बीच भूमि वाले किसानों पर 5,000 रुपये के बजाय 10,000 रुपये का जुर्माना अदा करना पड़ेगा। Stubble Burn</p>
<h3 style="text-align:justify;">देश का दिल दिल्ली सबसे ज्यादा प्रदूषित</h3>
<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और सरकारों के तमाम प्रयासों के बावजूद देश की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण से राहत नहीं मिल रही है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से वीरवार सायं चार बजे जारी बुलेटिन के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दिल्ली में एक्यूआई 377 दर्ज किया गया। वहीं हरियाणा की बात करें तो गुरुग्राम 302 एक्यूआई के साथ प्रदेश में सर्वाधिक प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 320 और गाजियाबाद में एक्यूआई 316 दर्ज किया गया। इनके अलावा मध्य प्रदेश के मंडीदीप में एक्यूआई 339 रहा। Stubble Burn</p>
<p><a title="Gold Price Today: सोना हुआ सस्ता, खरीदने का सुनहरी मौका! जानें एमसीएक्स पर सोने की कीमतें!" href="http://10.0.0.122:1245/gold-becomes-cheaper-know-the-gold-prices-on-mcx/">Gold Price Today: सोना हुआ सस्ता, खरीदने का सुनहरी मौका! जानें एमसीएक्स पर सोने की कीमतें!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Nov 2024 11:14:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stubble Burning Case: कैथल में दो और किसानों पर केस दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Stubble Burning Case: शनिवार को पराली जलाने का नया मामला तो नहीं आया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने जिले में दो और किसानों पर एफआईआर दर्ज की है। जबकि सदर थाना क्षेत्र में धौंस गांव से एक और किसान को गिरफ्तारी किया गया। पूरे जिले में अब 101 किसानों की कृषि विभाग […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/case-filed-against-two-more-farmers-in-kaithal/article-63943"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/stubble-burning-cases1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)।</strong> Stubble Burning Case: शनिवार को पराली जलाने का नया मामला तो नहीं आया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने जिले में दो और किसानों पर एफआईआर दर्ज की है। जबकि सदर थाना क्षेत्र में धौंस गांव से एक और किसान को गिरफ्तारी किया गया। पूरे जिले में अब 101 किसानों की कृषि विभाग की ओर से रेड एंट्री की गई है। वहीं, अभी तक पूरे जिले में 23 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें एक महिला किसान भी शामिल है। हालांकि पुलिस ने इन किसानों को गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही जमानत पर छोड़ दिया था। बता दें कि जिले में अब पराली जलाने के 143 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें से दो लाख 10 हजार रुपये का जुमार्ना भी किसानों पर लगाया गया है। शनिवार को वायु प्रदूषण का स्तर 216 से अधिक रहा है। Kaithal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:–</strong><a title="द बर्निंग कार: बाल-बाल बचे चाचा-भतीजी" href="http://10.0.0.122:1245/a-car-caught-fire-while-running-near-the-chardham-temple-in-unchagaon/">द बर्निंग कार: बाल-बाल बचे चाचा-भतीजी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/case-filed-against-two-more-farmers-in-kaithal/article-63943</link>
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                <pubDate>Sat, 02 Nov 2024 19:06:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stubble Burning: पराली जलाने की सूचना पर तुरंत पहुंचे उपायुक्त, बुझवाई आग</title>
                                    <description><![CDATA[पराली को आग लगाने के मामलों को घटाने के लिए फिरोजपुर प्रशासन बरत रहा सख्ती कार्रवाई दौरान मौके पर नहीं पहुंचा कलस्टर अधिकारी गैरहाजिर रहे कलस्टर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई संबंधी दिए निर्देश फिरोजपुर (सच कहूँ/जगदीप सिंह)। Stubble Burning Case: पराली को आग लगाने के मामलों को घटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्ती बरत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/ferozepur-administration-is-taking-strict-measures-to-reduce-cases-of-stubble-burning/article-63870"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/firozpur.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पराली को आग लगाने के मामलों को घटाने के लिए फिरोजपुर प्रशासन बरत रहा सख्ती</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>कार्रवाई दौरान मौके पर नहीं पहुंचा कलस्टर अधिकारी</li>
<li>गैरहाजिर रहे कलस्टर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई संबंधी दिए निर्देश</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फिरोजपुर (सच कहूँ/जगदीप सिंह)।</strong> Stubble Burning Case: पराली को आग लगाने के मामलों को घटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्ती बरत रहा है। वहीं पुलिस द्वारा किसानों के खेतों में गशत की जा रही है, वहीं सैटेलाईट की रिपोर्ट के आधार पर लगातार मामले दर्ज किए जा रहे हैं, वहीं आग लगाने के मामले घटाने के लिए नियुक्त किए अधिकारियों द्वारा ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी शुरु हो गई है। बता दें कि फिरोजपुर प्रशासन द्वारा पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। डीसी दीपशिखा शर्मा आईएएस ने बताया कि जिले में पराली न जलाने संबंधी किसानों को जागरूक किया जा रहा है। Firozpur News</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को डीसी द्वारा जागरूकता संबंधी ब्लॉक ममदोट के गांवों का दौरा किया जा रहा था। इस दौरान गांव तरां वाली व रहीमे के अधीन आते खेतों में पराली को जलाने संबंधी सूचना मिलने पर डीसी ने मौके पर घटना का जायजा लिया व आग बुझाने के निर्देश दिए। इस दौरान कलस्टर अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थी, गैरहाजिर होने पर उसके खिलाफ कार्रवाई संबंधी संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों से बार-बार पराली को आग न लगाने की की जा रही अपील | Firozpur News</h3>
<p style="text-align:justify;">डीसी ने बताया कि प्रशासन द्वारा बार-बार किसानों को पराली को आग न लगाने संबंधी अपील की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा समय समय पर गांवों में जाकर कैंप भी लगाए जा रहे हैं और अब भी गांवों में किसानों को पराली जलाने के बुरे प्रभावों संबंधी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को हर तरह से पराली को आग न लगाने संबंधी जागरूक करने के बावजूद आग लगाई जा रही है, जिसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस मौके एसडीएम गुरमीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="भाजपा समर्थित कर्मबीर कौल चुने गये नए जिला परिषद चेयरमेन" href="http://10.0.0.122:1245/bjp-supported-karambir-kaul-elected-as-new-zila-parishad-chairman/">भाजपा समर्थित कर्मबीर कौल चुने गये नए जिला परिषद चेयरमेन</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/ferozepur-administration-is-taking-strict-measures-to-reduce-cases-of-stubble-burning/article-63870</link>
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                <pubDate>Wed, 30 Oct 2024 20:35:23 +0530</pubDate>
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                <title>Stubble Burning Case: कैथल जिले में पराली जलाने में गुहला सबसे खराब, कलायत का सबसे अच्छा रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले एक सप्ताह में कम आए पराली जलाने के मामले | Kaithal News कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Stubble Burning Case: सोमवार को जिले में दो नए मामले पराली जलाने के आए हैं। अब जिले में कुल 133 आगजनी के मामले हो गए है। नए मामले सामने आने के साथ ही पराली जलाने के आरोप में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/two-new-cases-of-stubble-burning-have-been-reported-in-kaithal-district/article-63796"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/kaithal-news-17.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पिछले एक सप्ताह में कम आए पराली जलाने के मामले | Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)।</strong> Stubble Burning Case: सोमवार को जिले में दो नए मामले पराली जलाने के आए हैं। अब जिले में कुल 133 आगजनी के मामले हो गए है। नए मामले सामने आने के साथ ही पराली जलाने के आरोप में पुलिस ने चीका में एक और किसान गिरफ्तार किया है। ऐसे में जिले में अब तक 21 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि 96 किसानों की रेड एंट्री की गई है। रेड एंट्री में सबसे ज्यादा गुहला ब्लॉक के 43 किसान है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा इसीलिए है क्योंकि यहां आगजनी के भी सबसे ज्यादा 53 मामले पाए गए है। वहीं एफआईआर सबसे ज्यादा ढांड और पुंडरी में 12 हुई है। जिले में सबसे अच्छा रिकॉर्ड कलायत ब्लॉक का है यहां कोई एफआईआर नहीं हुई और रेड एंट्री भी सिर्फ एक किसान की हुई है। वायु प्रदूषण का स्तर भी पिछले लगभग एक सप्ताह से 200 और 250 के बीच है। सोमवार को भी वायु प्रदूषण का स्तर 212 दर्ज किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में जिला कृषि अधिकारी बाबू लाल ने बताया कि पराली जलाने के मामलों पर अकुंश लाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरुक किया जा रहा है। बताया कि अब जिले में 133 मामले पराली जलाने के आ चुके हैं। इसमें करीब दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। Kaithal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">पराली जलाने के मामले में चीका पुलिस ने महिला किसान को किया गिरफ्तार</h3>
<p style="text-align:justify;">सरकारी आदेशों की अवहेलना करके धान के अवशेष जलाने के एक मामले में थाना चीका पुलिस ने एक महिला किसान को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कृषि अधिकारी की शिकायत अनुसार उपरोक्त आरोपियों ने पराली के अवशेष जलाकर सरकारी आदेशों की अवहेलना की गई थी। इस बारे थाना चीका में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। Kaithal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हरियाणा व राजस्थान रोडवेज के बीच मामला खत्म हो गया है: अनिल विज" href="http://10.0.0.122:1245/minister-anil-vij-said-that-the-dispute-regarding-the-challan-has-been-settled-between-haryana-roadways-and-rajasthan-roadways/">हरियाणा व राजस्थान रोडवेज के बीच मामला खत्म हो गया है: अनिल विज</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Oct 2024 19:24:50 +0530</pubDate>
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