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                <title>chidambaram - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>बजट पूंजीवादी व्यवस्था को बढ़ाने वाला: चिदम्बरम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम (Chidambaram) ने आम बजट 2022-23 को निराशाजनक बताते हुए कहा है कि इसमें गरीबों, कमजोरों, आदिवासियों, युवाओं, मध्यम वर्ग के लिए कुछ नहीं है और यह पूरी तरह से ‘पूंजीवादी बजट’ है। चिदम्बरम ने मंगलवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/budget-to-enhance-capitalist-system-chidambaram/article-30433"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/chidambaram.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम (Chidambaram) ने आम बजट 2022-23 को निराशाजनक बताते हुए कहा है कि इसमें गरीबों, कमजोरों, आदिवासियों, युवाओं, मध्यम वर्ग के लिए कुछ नहीं है और यह पूरी तरह से ‘पूंजीवादी बजट’ है। चिदम्बरम ने मंगलवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी कदम नहीं उठाए गये हैं इसलिए जनता इस बजट को पूरी तरह से नकारती है। उनका कहना था कि जन सामान्य से जुड़े सात, आठ महत्वपूर्ण पहलू मोदी सरकार और वित्त मंत्री के सामने थे लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है और उन्हें पूरी तरह से नकारते हुए बजट को पूंजीवादी व्यवस्था का पोषक बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था 2019-20 के स्तर पर है यानी दो साल पीछे देश की अर्थव्यवस्था चल रही है लेकिन सरकार ने इससे उभरने के लिए कोई कदम बजट में नहीं उठाए हैं। काम कैसे आगे बढ़ेगा इसके लिए बजट में संसाधन जुटाने के वास्ते कोई व्यवस्था नहीं की गई है। प्रति व्यक्ति व्यय 2019-20 में 62,056 रुपये से घटकर 2021-22 में 59,043 रुपये रह गई और 4.6 करोड़ लोगों को सरकार की नीतियों के कारण अत्यधिक गरीबी में धकेल दिया गया है लेकिन इससे निपटने की व्यवस्था नहीं की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>महंगाई पर नियंत्रण के लिए एक शब्द नहीं</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेता ने कहा कि करोड़ों नौकरी चली गई और 84 प्रतिशत घरों की आय के स्रोत खत्म हो गए। प्रति व्यक्ति आय एक लाख आठ हजार से घटकर एक लाख सात हजार रह गई। प्रति व्यक्ति खर्च 62 हजार से घटकर 59 हजार रह गया। युवाओं और खासकर ग्रामीण बच्चों का भविष्य अंधकार में चला गया, देश 116 देशों की सूची में कुपोषण के मामले में 101 पर पहुंच गया है और मुद्रास्फीति छह प्रतिशत को पार कर गई है। उन्होंने कहा कि यह बजट वित्त मंत्री ने जिस तरह से पेश किया है उसमें गरीब, युवाओं, नौकरीपेशा, मध्यम वर्ग, किसानों, दलितों, आदिवासियों, शहरी गरीबों के प्रतिक्रूर मजाक हुआ है। महंगाई पर नियंत्रण के लिए एक शब्द नहीं है। गरीब को पैसा देने तथा कर में कटौती के लिए बजट में कुछ नहीं किया गया है। लोककल्याण को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है और सभी क्षेत्रों में सब्सिडी पर कटौती की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>किसान की खाद में 35 हजार करोड़ रुपए की कटौती</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिदम्बरम ने कहा कि बजट में हर प्रकार की सब्सिडी में कटौती की गई है। किसान की खाद में 35 हजार करोड़ रुपए की कटौती हुई। किसानों के कल्याण की योजनाओं में कटौती हुई है और यहां तक कि मनरेगा में 27 हजार करोड़ की निर्दयतापूर्ण कटौती की गई है। यह गरीब और मध्यम वर्ग पर आघात है और इसके लिए यह वर्ग इस सरकार को माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री का बजट भाषण किसी वित्त मंत्री द्वारा पढ़ा गया अब तक का सबसे पूंजीवादी भाषण था। वित्त मंत्री ने पूंजीवादी अर्थशास्त्र के शब्दजाल में महारत हासिल कर ली है। देश में प्रति व्यक्ति आय एक लाख आठ हजार से घटकर एक लाख सात हजार रह गई।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Feb 2022 20:31:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिदंबरम सीबीआई के चक्रव्यूह में</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीआई अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को 26 अगस्त तक सीबीआई हिरासत में रखकर पूछताछ करने की मांग स्वीकार की है। चिदंबरम को बुधवार को आईएनएक्स घोटाले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की जोरदार और गरमागरम दलीलों को सुनने के बाद चार दिन की रिमांड स्वीकार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/chidambaram-in-the-trap-of-cbi/article-10290"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-08/chidambaram-chidambaram-in-cbis-chakravyuh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सीबीआई अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को 26 अगस्त तक सीबीआई हिरासत में रखकर पूछताछ करने की मांग स्वीकार की है। चिदंबरम को बुधवार को आईएनएक्स घोटाले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की जोरदार और गरमागरम दलीलों को सुनने के बाद चार दिन की रिमांड स्वीकार की। गौरतलब है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष अपनी चुनावी रैलियों में साफ तौर पर चेताया था की वर्षों सत्तासुख भोगने वाले जिन प्रभावी लोगों ने देश को लूटा है वे भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में बेल पर है और जल्दी ही जेल भी जायेंगे। मोदी ने कहा था सत्तासुख भोगने वाले नेता अपने आप को कानून से ऊपर समझते है, उनके घोटाले सामने आते ही वे जाँच एजेंसियों और अदालतों के चक्रव्यूह में फंस गए है। मोदी का इशारा सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, राबर्ट वाड्रा, पी चिदंबरम आदि कांग्रेस के नेताओं की ओर था जो भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरूपयोग के विभिन्न मामलों में बेल पर चल रहे है।</p>
<p style="text-align:justify;">आईएनएक्स भ्रष्टाचार के आरोप में देश के पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम अपने बेटे कार्ति के साथ फंसे हुए है। सीबीआई और ईडी एक लम्बे अर्से से इन प्रकरणों की जाँच में जुटे थे। बेटा जेल की हवा खा चुका मगर पिता कानूनी दावंपेचों के सहारे अग्रिम जमानत का लुत्फ उठा रहे थे। जाँच एजेंसियों का कहना था चिदंबरम जाँच एजेंसियों को सहयोग नहीं कर रहे है इसलिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करनी है। आईएनएक्स मीडिया घोटाले में दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। हाईकोर्ट का प्रथम दृष्टया मानना है कि प्रभावी जांच के लिए चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है। अदालत ने इस मामले को मनी लॉन्ड्रिंग का क्लासिक केस बताया। जस्टिस सुनील गौर ने कहा कि ऐसे मामलों में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हाई कोर्ट से जमानत खारिज होते ही चिदंबरम भूमिगत हो गए। इसके बाद सीबीआई की एक टीम पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम के घर पहुंची जहाँ वे नहीं मिले। सीबीआई दो घंटे में हाजिर होने का नोटिस चिपकाकर लौट आयी। तत्पश्चात सिनेमाई रहष्य, रोमांच और मारधाड़ की फिल्म की तर्ज पर आखिर बुधवार रात्रि सीबीआई ने गिरफ्तार कर ही लिया लिया। इस हाई वोल्टेज ड्रामे को न्यूज चैनलों पर देखने के लिए देशभर के लोग शाम से रात्रि तक अपने टेलीविजन से चिपके रहे। लुकआउट नोटिस जारी करने वाली सीबीआई और ईडी की टीम उनके घर जा पहुंची।</p>
<p style="text-align:justify;">दरवाजा बंद देख सीबीआई की टीम दीवार फांदकर अंदर गई और हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद गिरफ्तार किया। उम्मीद के मुताबिक चिदंबरम के पक्ष में कांग्रेस पार्टी खुलकर सामने आ गयी। गिरफ्तारी से पूर्व कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी की अगुवाई में वकीलों की फौज आनन फानन में सुप्रीम कोर्ट गयी मगर वहां से फौरी तौर पर कोई राहत नहीं मिली। इसी बीच 30 घंटे भूमिगत रहने के बाद पूर्वमंत्री पी चिदंबरम कांग्रेस मुख्यालय में नाटकीय ढंग से प्रकट हुए और मोदी सरकार पर बदले की भावना का आरोप जड़ दिया। कांग्रेस नेता लगातार सरकार को निशाना बना रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट और मीडिया की मंशा पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ भाजपा का कहना है कानून को अपना काम करने दीजिये। जिसने गड़बड़ घोटाला किया है वह जेल तो जायेगा ही। कांग्रेस के रुख को देखकर लगता है कांग्रेस वही गलती दुहराने जा रहे है जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी बोफोर्स के दलालों को बचाने में की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">आखिर क्या था आईएनएक्स घोटाला जिसने देश के पूर्व वित्त मंत्री को सलाखों को पीछे पहुंचा दिया। आइये इसके तथ्यों की जानकारी करते है। चिदंबरम पर आईएनएक्स मीडिया केस में फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी तौर पर मंजूरी दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। इस केस में अभी तक चिदंबरम को 20 से ज्यादा बार गिरफ्तारी से राहत मिल चुकी है, लेकिन हर बार की तरह इस बार उन्हें कोर्ट से राहत नहीं मिली। यह मामला 2007 का है जब पी. चिदंबरम यूपीए-2 सरकार में वित्त मंत्री थे। सीबीआई इस मामले में उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को भी गिरफ्तार कर चुकी है जो फिलहाल जमानत पर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्ति चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया को 2007 में एफआईपीबी से मंजूरी दिलाने के लिए कथित रूप से रिश्वत लेने के आरोप में 28 फरवरी 2018 को गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार पर एक पीएमएलए का मामला दर्ज किया। ईडी ने 2007 में विदेश से 305 करोड़ की राशि प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी मंजूरी देने में कथित तौर पर अनियमितता का आरोप लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong><em>बाल मुकंद ओझा</em></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Aug 2019 20:42:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चिदम्बरम 5 दिन के रिमांड पर</title>
                                    <description><![CDATA[आईएनएक्स मीडिया मामला: सीबीआई ने चिदम्बरम से की पूछताछ, दिया गोलमाल जवाब नई दिल्ली (एजेंसी)। केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहार ने गुरुवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में 26 अगस्त तक सीबीआई हिरासत में भेज दिया। इस मामले में जांच एजेंसी ने आईएनएक्स मीडिया को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/chidambaram-on-5-day-remand/article-10284"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-08/chidambaram.jpg" alt=""></a><br /><h3>आईएनएक्स मीडिया मामला: सीबीआई ने चिदम्बरम से की पूछताछ, दिया गोलमाल जवाब</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहार ने गुरुवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में 26 अगस्त तक सीबीआई हिरासत में भेज दिया। इस मामले में जांच एजेंसी ने आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड की अनुमति में कथित अनियमितताओं के चलते मई 2017 में एक प्राथमिकी दर्ज की थी। ये कथित अनियमिततायें उस समय की हैं जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में 305 करोड़ रुपए विदेशी फंड प्राप्त करने का आरोप है। बुधवार को जांच एजेंसी ने उन्हें नाटकीय घटनाक्रम के बाद उनके जोर बाग स्थित आवास से अरेस्ट किया था। जज अजय कुमार कुहाड़ की अदालत में सुनवाई के दौरान पी. चिदंबरम के वकीलों ने उन्हें जमानत देने की मांग करते हुए तमाम दलीलें दीं, लेकिन कोर्ट ने सभी को खारिज करते हुए उन्हें रिमांड पर भेजने का फैसला सुनाया। चिदंबरम के मामले पर शाम को करीब 5 बजे तक सुनवाई और फिर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में हर दिन 30 मिनट तक वकीलों और परिजनों को चिदंबरम से मिलने की अनुमति दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि रिमांड के दौरान आरोपी की निजी गरिमा का हनन न हो।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>सीबीआई ने की पूछताछ</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) आईएनएक्स मीडिया निवेश मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम से गुरुवार को दूसरे दौर की पूछताछ की। सीबीआई सूत्रों की मानें तो पी। चिदंबरम पूछताछ में अफसरों की मदद नहीं कर रहे हैं और उनके अधिकतर जवाब टालने वाले , हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>वक्त बदला, किरदार बदले, मगर तस्वीर एक जैसी</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">9 साल और 28 दिन पहले जब चिदंबरम गृह मंत्री थे तब देश के वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह को 25 जुलाई साल 2010 में सीबीआई ने सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया था। और आज अमित शाह केंद्रीय गृहमंत्री हैं चिदंबरम आईनेक्स मीडिया को नियमों की अनदेखी कर 305 करोड़ के विदेशी निवेश की मंजूरी देने के आरोप में सीबीआई की गिरफ्त में हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>कांग्रेस ने चिदम्बरम की गिरफ्तारी को लेकर की मोदी सरकार की आलोचना</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी को लेकर गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस के संचार प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘पिछले दो दिन के दौरान देश ने लोकतंत्र की दिनदहाड़े हत्या और सरकार द्वारा व्यक्तिगत बदले की भावना से केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) का उपयोग किऐ जाने के उपक्रमों को देखा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Aug 2019 20:44:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक की अवधि 29 नवंबर तक बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[29 नवंबर तक किसी तरह की प्रतिरोधक कार्रवाई न की जाए | Former Finance Minister P. Chidambaram नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने वीरवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम (Former Finance Minister P. Chidambaram) की गिरफ्तारी पर रोक की अवधि 29 नवंबर तक बढ़ा दी। उच्च न्यायालय ने वीरवार को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/duration-of-stay-on-former-finance-minister-p-chidambaram-arrest-extended-till-29-november/article-6441"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/ppp1.jpg" alt=""></a><br /><h2>29 नवंबर तक किसी तरह की प्रतिरोधक कार्रवाई न की जाए | Former Finance Minister P. Chidambaram</h2>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> दिल्ली उच्च न्यायालय ने वीरवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम <strong>(Former Finance Minister P. Chidambaram)</strong> की गिरफ्तारी पर रोक की अवधि 29 नवंबर तक बढ़ा दी। उच्च न्यायालय ने वीरवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को निर्देश दिया कि 29 नवंबर तक चिदंबरम के खिलाफ किसी तरह की प्रतिरोधक कार्रवाई न की जाए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत में याचिका दायर कर चिदंबरम की गिरफ्तारी की मांग की थी।</p>
<p>ईडी के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह संज्ञान लेने के योग्य नहीं है। ईडी ने इस मामले में एयरसेल-मेक्सिस मामले का भी हवाला दिया। चिदंबरम के वकील ने कहा कि ईडी के मामले और इस याचिका में अंतर यह है कि दूसरे मामले में चिदंबरम को सीबीआई की गिरफ्तारी से छूट मिली हुई है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/duration-of-stay-on-former-finance-minister-p-chidambaram-arrest-extended-till-29-november/article-6441</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Oct 2018 16:54:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>नोटबंदी नासमझी वाला फैसला था : चिदंबरम</title>
                                    <description><![CDATA[करोड़ों लोगों को तकलीफ में डाला नई दिल्ली (एजेंसी)। नोटबंदी का फैसला नासमझी वाला और जल्दबाजी में लिया गया फैसला था। यह बड़ी भूल साबित हुआ। इसकी वजह से इकोनॉमी को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी और करोड़ों आम लोगों को तकलीफ हुई। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने यह बात अपने ट्वीट में लिखी है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/crores-of-people-in-trouble/article-3516"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-11/note-bandi.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:left;">करोड़ों लोगों को तकलीफ में डाला</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> नोटबंदी का फैसला नासमझी वाला और जल्दबाजी में लिया गया फैसला था। यह बड़ी भूल साबित हुआ। इसकी वजह से इकोनॉमी को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी और करोड़ों आम लोगों को तकलीफ हुई। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने यह बात अपने ट्वीट में लिखी है। उन्होंने रविवार को एक के बाद एक कई ट्वीट किए। “नोटबंदी के एक साल बाद, इस फैसले के लिए हर दावा तुच्छ हो चुका है, इसे खारिज कर दिया गया है और हंसी उड़ रही है।” “अब मुझे तर्क दिया जा रहा है कि नोटबंदी नकली नोटों को खत्म करने के लिए थी। ” “एक साल बाद हमसे कहा गया कि आरबीआई के पास वापस आए 15 लाख 28 हजार करोड़ (बंद किए गए नोटों का मूल्य) रुपए में से 41 करोड़ के नोट नकली थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए, नोटबंदी भारतीय नकली नोटों का जवाब नहीं है।”  “नोटबंदी के बाद भी करप्शन हो रहा है, रिश्वत देने और लेने वाले लगातार रंगे हाथों पकड़े जा रहे हैं।” “जहां तक ब्लैकमनी का सवाल है, हर दिन टैक्सेबल इनकम जनरेट होती है। उसका एक हिस्सा ऐसा होता है, जिस पर टैक्स नहीं चुकाया जाता और अलग-अलग मकसद के लिए इसका इस्तेमाल होता है। जैसे- रिश्वत देना, इलेक्शन फंडिंग, कैपिटेशन फीस, जुआ खेलने और लेबर लगाने के लिए।” “नोटबंदी एक नासमझी वाला एकतरफा फैसला था, जो बड़ी भूल साबित हुआ। इकोनॉमी को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी और करोड़ों आम लोगों को इसने तकलीफ में डाल दिया।””डेमोक्रेसी में किसी भी चुनी हुई सरकार को लोगों को बेहद तकलीफ और दुख में डालने का कोई हक नहीं है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Nov 2017 06:28:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>चिदंबरम की शह पर नक्सली नेता आजाद की हत्या करायी गयी: अग्निवेश</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली:  समाजसेवी एवं जनता दल (यूनाइटेड) के सदस्य स्वामी अग्निवेश ने आज आरोप लगाया कि पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम की शह पर नक्सली नेता चेरूकुरी राजकुमार उर्फ आजाद को फर्जी मुठभेड में मारा गया था । श्री अग्निवेश ने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि 2010 में छत्तीसगढ के दंतेवाडा में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/at-the-instigation-of-chidambaram-maoist-leader-azad-s-was-killed-agnivesh/article-315"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/agnivesh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली: </strong> समाजसेवी एवं जनता दल (यूनाइटेड) के सदस्य स्वामी अग्निवेश ने आज आरोप लगाया कि पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम की शह पर नक्सली नेता चेरूकुरी राजकुमार उर्फ आजाद को फर्जी मुठभेड में मारा गया था । श्री अग्निवेश ने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि 2010 में छत्तीसगढ के दंतेवाडा में माओवादी हमले में सुरक्षा बलों के 76 जवानों के शहीद होने के बाद श्री चिदंबरम ने उन्हें नक्सलियों से बातचीत के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया था।<br />
इसके बाद उन्होंने तिहाड़ जेल में माओवादी नेता कोबाड गांधी और रायपुर सेंट्रल जेल में नारायण सान्याल से मुलाकात करके बातचीत की पेशकश की श्री चिदंबरम की चिट्ठी दिखायी तो नक्सलियों का सकारात्मक जवाब आया। <em>(वार्ता) </em></p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Nov 2016 11:33:22 +0530</pubDate>
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