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                <title>Jaipur Literature Festival - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Jaipur Literature Festival: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 की शानदार शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[विद्वान वक्ताओं, संगीत प्रस्तुतियों ने श्रोताओं का मन मोहा Jaipur Literature Festival 2025: जयपुर (सच कहूं न्यूज)। दुनिया भर में पुस्तकों और विचारों के सबसे भव्य उत्सव के रूप में प्रसिद्ध, वेदांता की प्रस्तुति, मारुति सुजुकी के सहयोग और वीदा द्वारा संचालित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 की सुरीली शुरुआत शास्त्रीय गायिका सुप्रिया नागराजन द्वारा प्रस्तुत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/jaipur-literature-festival-2025-off-to-a-grand-start/article-66952"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-01/jaipur-letreture-2025.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">विद्वान वक्ताओं, संगीत प्रस्तुतियों ने श्रोताओं का मन मोहा</h3>
<p style="text-align:justify;">Jaipur Literature Festival 2025: जयपुर (सच कहूं न्यूज)। दुनिया भर में पुस्तकों और विचारों के सबसे भव्य उत्सव के रूप में प्रसिद्ध, वेदांता की प्रस्तुति, मारुति सुजुकी के सहयोग और वीदा द्वारा संचालित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 की सुरीली शुरुआत शास्त्रीय गायिका सुप्रिया नागराजन द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना और नाथूलाल सोलंकी के समूह द्वारा बजाए गए नगाड़ों की धमक और अनुगूँज के साथ हुई, जिसने गुलाबी शहर की हवा में फेस्टिवल का रंग घोल दिया। Jaipur Literature Festival</p>
<h3 style="text-align:justify;">दिन के कुछ मुख्य आकर्षण</h3>
<p style="text-align:justify;">18वें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की शुरुआत जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में एक उद्घाटन समारोह के साथ हुई, जिसमें संगीत, स्वागत भाषण और पारंपरिक दीप प्रज्वलन के कार्यक्रम शामिल थे। सुबह की शुरुआत कर्नाटक गायिका सुप्रिया नागराजन की मुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति के साथ हुई। फेस्टिवल की सह-निदेशक नमिता गोखले और विलियम डैलरिम्पल ने इस वर्ष के कार्यक्रमों के बारे में बात की, जिसमें मुख्य सत्रों पर प्रकाश डाला गया, जबकि फेस्टिवल के निर्माता और टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के. रॉय ने फेस्टिवल के 18 साल के सफर पर बात की।</p>
<p style="text-align:justify;">मंच पर मौजूद गणमान्य व्यक्तियों अपूर्व और टिम्मी कुमार, वेंकी रामकृष्णन, फेथ सिंह, यूरोपीय संघ के राजदूत महामहिम हर्वे डेल्फिन, संजय और ज्योति अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। प्रसिद्ध जीवविज्ञानी और नोबेल पुरस्कार विजेता वेंकी रामकृष्णन ने मुख्य भाषण दिया, जिन्होंने कला और विज्ञान के मिलन-बिन्दु पर चर्चा की। उद्घाटन समारोह का समापन महात्मा गांधी की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर हुआ, जिनकी 77 साल पहले आज ही के दिन हत्या कर दी गई थी। Jaipur Literature Festival</p>
<h3>सत्रों में इतिहास और संस्कृति जैसे विषयों पर चर्चा हुई</h3>
<p style="text-align:justify;">वेदांता प्रस्तुति, मारुति सुजुकी के सहयोग और वीदा द्वारा संचालित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025, के पहले दिन के सत्रों में प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने विचार रखे, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता एस्थर डुफ्लो, कैलाश सत्यार्थी, गिदोन लेवी, विलियम डैलरिम्पल, इजेओमा ओलुओ, गीतांजलि श्री, जावेद अख्तर और वेंकी रामकृष्णन शामिल थे। सत्रों में लोकतंत्र और समानता, भू-राजनीति, जीवनी और संस्मरण, इतिहास और संस्कृति जैसे विषयों पर चर्चा हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की सह-निदेशक नमिता गोखले ने कहा, “यह फेस्टिवल, जिसे धरती का सबसे बड़ा साहित्यिक आयोजन कहा जाता है, एक तरह की तीर्थयात्रा है। यह विचार और चेतना का मिलन है, शब्द और अर्थ की खोज का मंच है।” जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के सह-निदेशक विलियम डैलरिम्पल ने कहा, “मानवता की कहानी की शुरुआत से ही, साहित्य की समाज में उपस्थिति रही है लेकिन यह थोड़ी अलग तरह से रही है, भारत में यह उपस्थिति हमेशा से मजबूत रही है।” टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के. रॉय ने कहा, “आज हमारे आसपास जो अंधेरा है, जो युद्ध हैं, जो नफरत है जो सब कुछ निगल रही है, उसमें एक चीज जो हमें सांत्वना दे सकती है, वह है लेखन और पुस्तकें।”</p>
<h3>कहानियों में लोगों को जोड़ने और बदलाव को प्रेरित करने की शक्ति होती है</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रस्तुति-सहयोगी, प्रिया अग्रवाल हेब्बर, जो की वेदांता लिमिटेड की गैर-कार्यकारी निदेशक और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं, उन्होंने कहा, “कहानियों में लोगों को जोड़ने और बदलाव को प्रेरित करने की शक्ति होती है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, विभिन्न आवाजों और पूरी दुनिया के मुद्दों पर बात करते हुए, विचारों के विकसित होने और कहानियों पर बातचीत को बढ़ावा देने की जगह है।</p>
<p style="text-align:justify;">वेदांता में, हम परिवर्तन की कहानियां बनाने में विश्वास करते हैं। हिंदुस्तान जिंक और केयर्न ऑयल एंड गैस के माध्यम से, राजस्थान में हमने अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के माध्यम से सामाजिक-हित में कई पहल की हैं, जिन्होंने लोगों को स्थायी आजीविका प्रदान की है और सूक्ष्म उद्यमों का समर्थन किया है जिसने बहुत से समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है । 17.3 मिलियन लोगों तक पहुंचने वाली इन सामाजिक प्रभाव पहलों के साथ, यह फेस्टिवल महज एक उत्सव से कहीं अधिक है – यह वेदांता के संस्कृति और प्रगति को मिलाने के दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है, जो एक ऐसे भविष्य को बढ़ावा देता है जहां हर कहानी सामूहिक विकास में योगदान देती है।”</p>
<h3>जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का सबसे ज्यादा इंतजार रहता है</h3>
<p style="text-align:justify;">एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रमोटर, एमडी और सीईओ संजय अग्रवाल ने कहा, “जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल एक ऐसा आयोजन है जिसका सबसे ज्यादा इंतजार रहता है, और मुझे टीमवर्क आर्ट्स के साथ जुड़कर बदलाव को प्रेरित करने और जीवन को प्रभावित करने के प्रयास में शामिल होने पर गर्व है। जेएलएफ मेरे लिए और भी खास है क्योंकि इसने जयपुर को विश्व मानचित्र पर स्थापित किया है, जिसने अभिव्यक्ति की आज़ादी और विचारों के लिए एक ऐसा मंच बनाया है जो दुनियाभर में प्रसिद्ध है, जिससे हम दुनिया को बेहतर समझ पाते हैं। इतिहास में, साहित्य क्रांतिकारी विचारों और सामाजिक परिवर्तनों को प्रेरित करता रहा है, और इस वर्ष भी मैं जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 18वें संस्करण में ऐसे कई विचारों को देखने की उम्मीद कर रहा हूं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उद्घाटन सत्रों में से एक सत्र ‘आवर सिटी दैट इयर’ में इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार विजेता गीतांजलि श्री ने समझाया कि “सीमाओं” की अवधारणा और व्यक्तियों, समुदायों और समाजों से जुड़ी हुई है। सांप्रदायिकता लोगों को एक ही परिभाषा में बांध देती है, और श्री ने कहा की उनका उपन्यास ‘हमारा शहर उस बरस’ उनका सबसे उपदेशात्मक उपन्यास, क्योंकि यह भारत में सांप्रदायिकता का सीधे सामना करता है। “कोई भी सीमा पूरी तरह से सील नहीं है, यहां तक कि हमारी पहचान भी नहीं। यही वह चीज है जिसने लोगों के बीच हर तरह के आदान-प्रदान को संभव बनाया है, और यही वह चीज है जिसने संस्कृतियों को समृद्ध किया है। यह आत्मनिरीक्षण करने और खुद से सवाल करने की जरूरत है? यही सवाल इस किताब के पात्रों को परेशान करता हैह्व</p>
<h3 style="text-align:justify;">‘ज्ञान सीपियां: | Jaipur Literature Festival</h3>
<p style="text-align:justify;">पर्ल्स ऑफ विजडम’ नामक सत्र में, कवि और लेखक जावेद अख्तर ने मातृभाषा सीखने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “किसी अन्य भाषा (अंग्रेजी) को सीखने की कीमत आपकी अपनी भाषा नहीं होनी चाहिए। मैं चाहूंगा कि हमारे बच्चे कई भाषाएं बोलने में सक्षम हों।’ उन्होंने आगे कहा, “फासीवाद में कोई कविता नहीं है, क्योंकि कविता प्रेम की भाषा में लिखी जाती है, जबकि फासीवाद नफरत पर आधारित होता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">एक और दिलचस्प सत्र में फेस्टिवल की सह-निदेशक और पुरस्कार विजेता लेखिका नमिता गोखले ने मध्यकालीन रहस्यमयी और स्वतंत्र साधु द्रुक्पा कुनले पर नीद्रुप जांगपो के साथ चर्चा की। संत द्रुक्पा कुनले हिमालय के पार बहुत लोकप्रिय हैं। पारंपरिक धारणाओं को चुनौती देते हुए, द्रुक्पा कुनले बौद्ध धर्म के पुराने सिद्धांत को नकारते हैं और, यहां तक कि सामान्य तर्कों पर भी सवाल उठाने की बात करते हैं। नीद्रुप जांगपो की किताब ‘द्रुक्पा कुनले: सेक्रेड टेल्स ऑफ द मैड मोंक’ में साधु के जीवन और उनके अनोखे दृष्टिकोण के बारे में बताया गया है। इस सत्र में, जांग्पो और नमिता गोखले इसकी तह में जाने का प्रयास करते हैं कि आखिर किस तरह द्रुक्पा कुनले हमें ज्ञान के बारे में नया दृष्टिकोण दे सकते हैं।</p>
<h3>लेखक डेविड निकोल्स ‘यू आर हियर’ नामक सत्र का हिस्सा थे</h3>
<p style="text-align:justify;">बेस्टसेलिंग लेखक और पटकथा लेखक डेविड निकोल्स ‘यू आर हियर’ नामक सत्र का हिस्सा थे। निकोल्स की किताब ‘वन डे’ की लाखों प्रतियां बिकी हैं और जिस पर हाल ही में नेटफ्लिक्स ने एक सीरीज बनाई है। उन्होंने कहा, “जैसा कि अक्सर होता है जब आप 40 साल की उम्र तक पहुंचते हैं, आप खुद से सवाल पूछते हैं कि मैं यहां कैसे पहुंचा और ‘वन डे’ इसी बारे में है, कि आप भविष्य की इस अप्रत्याशितता को कैसे लेते हैं।” निकोल्स अपनी नई किताब ‘यू आर हियर’ में एकांत और अकेलापन के अंतर को समझाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि एक काल्पनिक उपन्यास लिखने के लिए लेखक को किन बाधाओं से गुजरना पड़ता है और अपने पिछले छह उपन्यासों को लिखने का उनका अनुभाव कैसा रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">नोबेल पुरस्कार विजेता एस्तर डुफ्लो और चित्रकार शेयेन ओलिवियर ‘पुअर इकोनॉमिक्स फॉर द यंग’ सत्र में शामिल हुईं, जहां डुफ्लो ने बताया कि उनके प्रारंभिक अनुभवों ने उन्हें बच्चों के लिए लिखने के लिए प्रेरित किया। ओलिवियर ने बताया कि पुस्तक में पात्रों को विविध रंगों में चित्रित किया गया है, जो दुनिया भर की संस्कृतियों से प्रेरित हैं। डुफ्लो ने इस बात पर जोर दिया कि वह युवा पाठकों को गरीबी के विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने में मदद करना चाहती हैं, जिससे वे महाद्वीपों में साझा अनुभवों को महसूस कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">‘डेविड हरे: ए लाइफ इन थिएटर एंड फिल्म’ सत्र में प्रसिद्ध नाटककार और पटकथा लेखक डेविड हरे ने बताया कि दर्शक किसी रचना के साथ कैसे जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके नाटक को दर्शकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तो वे अभिनेताओं पर भरोसा करते हैं कि वे पात्रों को बेहतर ढंग से समझें और अपने प्रदर्शन को उनके अनुकूल बनाएं। हरे ने इस पर भी जोर दिया कि लेखन और प्रदर्शन केवल कला के लिए किए जाने चाहिए, जो कि फिल्म और टीवी के व्यावसायिक उत्पादन में कहीं खो सकता है।</p>
<h3>कि मेरे अंदर एक बच्चा मौजूद है</h3>
<p style="text-align:justify;">एक अन्य सत्र में प्रसिद्ध लेखिका सुधा मूर्ति ने मेरु गोखले से चर्चा की। इस सत्र में मूर्ति ने बताया कि वह बच्चों के लिए लिखते समय खुद को एक बच्चे की तरह महसूस करती हैं। बच्चों का साहित्य किस प्रकार विरासत और संस्कृति को आगे बढ़ाने का माध्यम बन सकता है उन्होंने इस पर भी जोर दिया। मूर्ति ने अपनी किताबों ‘द गोपी डायरीज’ और ‘ग्रैंडपा’ज़ बैग ऑफ स्टोरीज़’ की प्रेरणा साझा की, जो उनकी सबसे चर्चित कृतियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा, “मैं बच्चों की किताबें इसलिए अच्छी तरह लिख पाती हूं क्योंकि मेरे अंदर एक बच्चा मौजूद है। बच्चे की परिभाषा क्या है?… आप मासूम महसूस करते हैं। आप उपयोगी महसूस करते हैं। आप रोमांचकारी और अत्यधिक जिज्ञासु महसूस करते हैं। यही मानसिकता एक बच्चे की होती है।”</p>
<p style="text-align:justify;">फेस्टिवल के सह-निदेशक और पुरस्कार विजेता इतिहासकार विलियम डैलरिम्पल भारतीय कला, विचारों और नवाचारों के माध्यम से, हमें प्राचीन दुनिया की यात्रा कराते हैं और बताते हैं कि भारतीय विचारों ने आधुनिक दुनिया को कैसे प्रभावित किया है। इस सत्र का परिचय लेखक और इतिहासकार अनिरुद्ध कनिसेट्टी ने दिया। Jaipur Literature Festival</p>
<p><a title="Adani Group in Mahakumbh: अदाणी ग्रुप ने 5,000 से अधिक कर्मचारी सेवा में लगाए!" href="http://10.0.0.122:1245/adani-group-puts-over-5000-employees-into-service/">Adani Group in Mahakumbh: अदाणी ग्रुप ने 5,000 से अधिक कर्मचारी सेवा में लगाए!</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 17:43:12 +0530</pubDate>
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                <title>Jaipur Literature Festival 2025: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 के 18वें एडिशन के वक्ताओं की पहली सूची की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[Jaipur Literature Festival 2025: जयपुर, (सच कहूँ न्यूज़)। भारत के जाने-माने फेस्टिवल क्यूरेटर एवं प्रोडक्शन हाउस टीमवर्क आर्ट्स ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के बहुप्रतीक्षित 18वें एडिशन के वक्ताओं की पहली सूची जारी कर दी है। साहित्य की दुनिया के इस प्रतिष्ठित समारोह का आयोजन आगामी 30 जनवरी से 3 फरवरी, 2025 के दौरान, जयपुर स्थित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/first-list-of-speakers-announced-for-the-18th-edition-of-jaipur-literature-festival-2025/article-64730"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/jaipur-literature-festival.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Jaipur Literature Festival 2025: जयपुर, (सच कहूँ न्यूज़)। भारत के जाने-माने फेस्टिवल क्यूरेटर एवं प्रोडक्शन हाउस टीमवर्क आर्ट्स ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के बहुप्रतीक्षित 18वें एडिशन के वक्ताओं की पहली सूची जारी कर दी है। साहित्य की दुनिया के इस प्रतिष्ठित समारोह का आयोजन आगामी 30 जनवरी से 3 फरवरी, 2025 के दौरान, जयपुर स्थित होटल क्लार्क्स आमेर में किया जाएगा। दुनियाभर में ह्यधरती पर आयोजित होने वाले सबसे बड़े साहित्योत्सवह्ण के तौर पर प्रतिष्ठित इस फेस्टिवल के मंच पर एक बार फिर लेखकों, विचारकों और पाठकों की महफिलें जुटेंगी जो साहित्य के हालातों और विभिन्न संस्कृतियों के लोगों के साथ जुड़ाव कायम करने की इसकी अनूठी क्षमता के बारे में मिल-जुलकर विचार-मंथन करेंगे। Jaipur Literature Festival</p>
<p style="text-align:justify;">दुनियाभर में पुस्तकों और विचारों के इस सबसे बड़े उत्सव के 2025 एडिशन के जरिए एक बार फिर दूरियों को घटाने, सहानुभूति जगाने और हमारे साझा मानवीय अनुभवों का उत्सव मनाने के लिए कहानियों की ताकत को दोहराया जाएगा। पर्यावरण अनुकूल व्यवहार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के चलते, 2025 के संस्करण में पर्यावरण के प्रति सजगता पर प्रमुखता से जोर रहेगा। उत्सव के दौरान वाद-विवाद, चर्चाएं और अभूतपूर्व प्रस्तुतियों का दौर जारी रहेगा। 2025 एडिशन में सांस्कृतिक समृद्धियों, दिग्गज साहित्यिक कृतियों और पर्यावरण अनुकूल भविष्य पर जोर दिया जाएगा, जो कुल-मिलाकर इस फेस्टिवल को अभूतपूर्व बनाएगा।</p>
<h3>साहित्य का यह मेला विभिन्न भाषाओं को मंच प्रदान करता है</h3>
<p style="text-align:justify;">जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के मूल में भाषायी विविधता है, और यही वजह है कि साहित्य का यह मेला विभिन्न भाषाओं को मंच प्रदान करता है। इस साल के सत्रों में हिंदी, बांग्ला, राजस्थानी, कन्नड़, तमिल, तेलुगू, ओड़िया, संस्कृति, असमी, मलयालम, मराठी, पंजाबी और उर्दू समेत अनेक भाषाओं में कृतियों और चर्चाओं को परोसा जाएगा और इस प्रकार यह मेला समावेशिता के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिचायक होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">18वें एडिशन में अलग-अलग क्षेत्रों के 300 से अधिक वक्ताओं को शामिल किया गया है, जो प्रतिभागियों को वैश्विक एवं भारतीय साहित्यिक हस्तियों से जुड़ने का मौका देगा। वक्ताओं की पहली सूची में शामिल हैं आंद्रे एचिमन, अनिरुद्ध कनिसेट्टी, अन्ना फंडर, अश्वनी कुमार, कावेरी माधवन, क्लॉडिया डी राम, डेविड निकॉल्स, फियोना कारनारवन, इरा मुखौटी, आइरेनोसेन ओकोजी, जेनी एरपनबेक, जॉन वैलेंट, कलोल भट्टाचार्जी, मैत्री विक्रमसिंघे, मानव कौल, मिरियम मार्गोलिस, नसीम निकोलस तालेब, नाथन थ्राल, प्रयाग अकबर, प्रियंका मट्टू, स्टीफन ग्रीनब्लाट, टीना ब्राउन, वी वी गणेशनंदन, वेंकी रामाकृष्णन, और यरोस्लावा त्रोफिमोफ सरीखी साहित्यिक दुनिया की प्रतिभाएं जो उत्सव के दौरान विचारों से भरे साहित्यिक चर्चाओं का भरोसा दिलाती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फेस्टिवल की प्रमुख प्रेरणाएं | Jaipur Literature Festival</h3>
<p style="text-align:justify;">नमिता गोखले, जानी मानी लेखक और फेस्टिवल की सह-निदेशक, का कहना हैः ”जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल हमेशा से ही कहानियों, नए विचारों और संस्कृतियों का संगम रहा है। अब जबकि हम 18वें एडिशन की तैयारी में जुटे हैं, तो हम वास्तव में, प्रेरित करने, चुनौती देने और एकजुट करने की साहित्य की ताकत का जश्न मना रहे हैं। इस साल, हम लेखकों, कवियों और विचारकों की ऐसी अविश्वसनीय पंक्तियों का स्वागत करने जा रहे हें जो दर्शकों के साथ कभी न भुलाए जा सकने वाले संवाद-सत्रों का नेतृत्व करेंगे और लिखित शब्दों के प्रति परस्पर स्नेहभाव को भी साझा करेंगे।ह्व</p>
<p style="text-align:justify;">विलियम डैलरिंपल, जाने माने इतिहासकार, लेखक और फेस्टिवल के सह-निदेशक, का कहना हैः ”जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल शुरुआत से ही लिखित शब्दों का उत्सव रहा है, यह विविध किस्मों की आवाजों का संगम साबित होता आया है और प्रेरित करने तथा जुड़ाव कायम करने की कहानियों की ताकत का भी जीता-जागता सबूत है। इस साल, जबकि हम एक बार फिर गुलाबी नगरी में जुड़ेंगे, हम दुनियाभर से यहां आने वाले दिग्गज लेखकों, विचारकों और स्वप्नदर्शियों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। यह एक ऐसी जगह हैं जहां विचारों की चिंगारी फूटती है, जहां संस्कृतियों का समागम होता है और जहां आपसी संवादों को फलने-फूलने की जगह मिलती है झ्र यह सही मायने में साहित्य का उत्सव है।”</p>
<h3>”जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल आज ग्लोबल ब्रैंड”</h3>
<p style="text-align:justify;">संजय के रॉय, प्रबंध निदेशक, टीमवर्क आर्ट्स, का कहना हैः ”जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल आज ग्लोबल ब्रैंड है जो संस्कृति, रचनाशीलता और परस्पर सहयोग का पर्याय बन चुका है। इस साल, हम इसके प्रभाव को और बढ़ाना चाहते हैं, और इसे केवल साहित्य के उत्सव तक ही सीमित न रखकर दुनियाभर के दर्शकों को कहानी सुनाने (स्टोरीटेलिंग) वाले शक्तिशाली मंच के तौर पर और मजबूती देने का इरादा रखते हैं। यह फेस्टिवल अपने भागीदारों, प्रायोजकों और अन्य हितधारकों के लिए अभूतपूर्व अवसरों की पेशकश करते हुए उन्हें विस्तृत दर्शक वर्गों से जुड़ने का मौका देता है। साथ ही, सार्थक बातचीत के अवसर प्रदान कर वैश्विक स्तर पर उनकी पहचान बढ़ाता है। यह केवल आयोजन नहीं है झ्र बल्कि संस्कृतियों की आपसी दूरियां मिटाने और नवाचारों को प्रेरित करने वाला आंदोलन है।”</p>
<h3 style="text-align:justify;">जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 की प्रमुख झलकियां | Jaipur Literature Festival</h3>
<p style="text-align:justify;">जयपुर बुकमार्क का यह 11वां एडिशन होगा जो कि साहित्यिक दुनिया के प्रतिष्ठित बी2बी नेटवर्किंग प्लेटफार्म के तौर पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तेयार है। यह प्रकाशकों, लेखकों, साहित्यिक एजेंटों और इंडस्ट्री के दिग्गजों का अड्डा है जो नवाचार, परस्पर सहयोग और नए अवसरों का मंच बनता है। फेस्टिवल के व्यावसायिक पहलू के रूप में, जेबीएम ऐसा मंच है जहां विचारों को प्रभावशाली वैश्विक परियोजनाओं का जामा पहनाया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विरासतों को समर्पित संध्याएं और जयपुर म्युजिक स्टेज</h3>
<p style="text-align:justify;">साहित्य से परे, यह फेस्टिवल कला और संस्कृति की दुनिया का भी उत्सव है, जिसमें विरासतों पर केंद्रित संध्याएं शामिल होती हैं और जयपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में उपस्थित प्रतिभागियों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का स्वाद दिलाती हैं। जयपुर म्युजिक स्टेज, जो कि फेस्टिवल के समानांतर अपनी स्वरलहरियां बिखेरता है, के मंच पर जाने माने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय संगीतकारों की जोरदार प्रस्तुतियां देखी जा सकती हैं, जो इस पूरे आयोजन को सुर-ताल की मधुरता से भरती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वैश्विक स्वरों को भी मिलता है मंच | Jaipur Literature Festival</h3>
<p style="text-align:justify;">विश्व के सर्वाधिक पसंदीदा साहित्यिक जमावड़े के तौर पर अपनी पहचान बना चुके जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने एक लोकतांत्रिक, निर्गुट मंच की अपनी छवि में और निखार लाते हुए बीते वर्षों के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा समावेशिता को भी स्वर दिया है। हर साल, यह फेस्टिवल ऐसी आवाजों को एकजुट करता है जो यथास्थिति को ध्वस्त करती हैं, नवाचार को प्रेरित करती हैं और साथ ही, विविधता का उत्सव मनाते हुए, इस मेले को बौद्धिकता एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान की मशाल के रूप में और चमक प्रदान करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जयपुर लिटरेचर फेस्टवल 2025 केवल आयोजन नहीं है, यह वास्तव में, विचारों, संस्कृतियों तथा कहानी कहने की कला के प्रति सार्वभौमिक प्रेम को दर्शाने वाला उत्सव है। आप साहित्य के दीवाने हैं, या उदीयमान लेखक अथवा बातचीत और संवादों को पसंद करने वाले, इस फेस्टिवल को आपका इंतजार है।  Jaipur Literature Festival</p>
<p><a title="शहरी क्षेत्रों के सतत विकास के लिए तकनीकी नवाचारों का समावेश आवश्यक: महापौर" href="http://10.0.0.122:1245/incorporation-of-technological-innovations-necessary-for-sustainable-development-of-urban-areas-mayor/">शहरी क्षेत्रों के सतत विकास के लिए तकनीकी नवाचारों का समावेश आवश्यक: महापौर</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/first-list-of-speakers-announced-for-the-18th-edition-of-jaipur-literature-festival-2025/article-64730</link>
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                <pubDate>Tue, 26 Nov 2024 16:30:24 +0530</pubDate>
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