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                <title>Bujurgon ka Samman - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>बुजुर्गों का सम्मान: एक जिम्मेदारी, एक कर्तव्य</title>
                                    <description><![CDATA[सुनील कुमार महला। Respect for Elders: पाश्चात्य सभ्यता और आधुनिकता के प्रभाव से भारतीय समाज में कई मूलभूत परिवर्तन हुए हैं। हमारी संस्कृति और संस्कार शनै:-शनै: इस प्रभाव के अधीन होते जा रहे हैं। तकनीकी प्रगति, बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण ने परिवार की संरचना और मूल्यों पर गहरा असर डाला है। संयुक्त परिवारों का स्थान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/respecting-the-elderly-a-responsibility-a-duty/article-65236"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/respect-for-elders.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुनील कुमार महला।</strong> Respect for Elders: पाश्चात्य सभ्यता और आधुनिकता के प्रभाव से भारतीय समाज में कई मूलभूत परिवर्तन हुए हैं। हमारी संस्कृति और संस्कार शनै:-शनै: इस प्रभाव के अधीन होते जा रहे हैं। तकनीकी प्रगति, बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण ने परिवार की संरचना और मूल्यों पर गहरा असर डाला है। संयुक्त परिवारों का स्थान अब एकल परिवार लेते जा रहे हैं, जहां व्यक्ति अपने परिवार तक ही सीमित रह गया है। इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव हमारे बुजुर्गों पर पड़ा है, जो आज उपेक्षा और अकेलेपन का जीवन जीने को मजबूर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह विडंबना है कि जिन माता-पिता ने अपने बच्चों का पालन-पोषण किया, उन्हें आज अपने ही परिवार में तिरस्कार झेलना पड़ रहा है। कई बार बुजुर्ग इतने असहाय हो जाते हैं कि वे अपनी जीवनलीला समाप्त करने की सोचने लगते हैं। वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि समाज अपनी जिम्मेदारियों से विमुख हो रहा है। यहां यह प्रश्न उठता है कि क्या बुजुर्गों की देखभाल केवल सरकार की जिम्मेदारी है? समाज में बुजुर्गों की अहमियत पहले के समय में कहीं अधिक थी। संयुक्त परिवारों में दादा-दादी, नाना-नानी बच्चों को संस्कार और संस्कृति का पाठ पढ़ाते थे। लेकिन आज, वर्चुअल दुनिया में व्यस्त युवा पीढ़ी अपने बुजुर्गों का सम्मान करना भूलती जा रही है। Respect for Elders</p>
<p style="text-align:justify;">यह युवा पीढ़ी यह भूल जाती है कि बुजुर्ग अनुभवों का खजाना हैं। वे परिवार और समाज के नैतिक और भावनात्मक स्तंभ होते हैं। उनकी सलाह और अनुभव कठिन परिस्थितियों में सही मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। सरकार ने बुजुर्गों के लिए कई कानून बनाए हैं, जैसे ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007’। इस कानून के तहत बच्चों और रिश्तेदारों को माता-पिता की देखभाल करना अनिवार्य है। बावजूद इसके, कई बुजुर्ग सामाजिक लोकलाज और जागरूकता की कमी के कारण अपने बच्चों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार को सहने पर मजबूर हैं। युवा पीढ़ी को यह समझने की आवश्यकता है कि बुजुर्ग हमारे समाज और परिवार की आधारशिला हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन परिवार को एकजुट रखते हैं। बुजुर्ग केवल परिवार का हिस्सा नहीं, बल्कि समाज का वैभव हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी उपस्थिति से परिवार को स्थिरता और प्रोत्साहन मिलता है। हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि अपने बुजुर्गों को वृद्धाश्रम में भेजने के बजाय, उन्हें परिवार का सम्मानित हिस्सा बनाए रखें। उनके प्रति आदर और स्नेह का भाव प्रदर्शित करें। उनकी देखभाल और सुरक्षा न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि हमारा कर्तव्य भी है। युवा पीढ़ी को यह याद रखना चाहिए कि बुजुर्गों के योगदान से ही परिवार का सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचा मजबूत होता है। वे परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उनकी छत्रछाया में ही परिवार प्रगति करता है। ऐसे में, यह हमारा नैतिक दायित्व है कि हम उन्हें न केवल सम्मान दें, बल्कि उनकी भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को भी पूरा करें।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतत:, बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर हैं। उनकी देखभाल और सम्मान से ही हमारा परिवार और समाज प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकता है। युवा पीढ़ी को यह हमेशा याद रखना चाहिए कि एक दिन उन्हें भी बुजुर्ग बनना है। जीवन के इस सत्य को स्वीकार करते हुए, हमें अपने बुजुर्गों को स्नेह और सम्मान देना चाहिए। उनका साथ देना, उनकी बातें सुनना, और उनकी सलाह मानना ही हमारी संस्कृति और समाज की सच्ची पहचान है। Respect for Elders<br />
<strong>                                                                                              (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="बीकानेर रेल मंडल पर अब”रोड मोबाइल वाहन”से होगी रेलकर्मियों के स्वास्थ्य की जांच, मिलेंगी विशेष सुविधाएं" href="http://10.0.0.122:1245/now-the-health-of-railway-employees-will-be-checked-by-road-mobile-vehicle-at-bikaner-railway-division-special-facilities-will-be-provided/">बीकानेर रेल मंडल पर अब”रोड मोबाइल वाहन”से होगी रेलकर्मियों के स्वास्थ्य की जांच, मिलेंगी विशेष सुविधाएं</a></p>
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                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 16:30:09 +0530</pubDate>
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