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                <title>Dr. MSG - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>राम-नाम ही आत्मबल देने वाली ताकत: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब को भुलाए बैठा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/the-name-of-ram-is-the-power-that-gives-self-confidence/article-84098"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/msg-2-2-696x392.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब को भुलाए बैठा है। उसको भूलने से इन्सान के अंदर गम, दु:ख, दर्द, चिंता, परेशानियां बढ़ती जाती हैं और इन्सान आत्मिक कमजोरी की वजह से हमेशा दु:खी व परेशान रहने लगता है। जिनके अंदर आत्मिक कमजोरी होती है, कोई भी बात उन्हें सहन नहीं हो पाती। बात-बात पे तुनक मिजाज, बात-बात पे गुस्सा करना आम बात हो जाती है। एक राम-नाम ही ऐसी ताकत है, जिसका जाप करने से इन्सान के अंदर आत्मबल आता है, जिसके द्वारा इन्सान बड़े से बड़े काम में भी परेशान नहीं होता।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इन्सान के अंदर जब आत्मिक कमजोरी आ जाती है, तो लोग बेवजह ही उलझे रहते हैं, बिना वजह लड़ते रहते हैं। आप जी फरमाते हैं कि आत्मबल, रूहानी शक्ति पाने के लिए सत्संग ही एक ऐसी जगह है, जहां एक अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब का नाम लिया जाता हो, एक मालिक की चर्चा होती हो, इन्सान वहां आकर बैठे, तो उसे पता चलता है कि सब कुछ उसके अंदर है, फिर भी वो कंगाल है।</p>
<p style="text-align:justify;">जो ब्रह्मांड में है, वो इन्सान के शरीर में है, जो राम का नाम जपता है, वही सब कुछ हासिल कर सकता है। उसे ही सब कुछ मिलता है, वरना जैसे लोग आते हैं, वैसे ही वापिस चले जाते हैं।  खाली हाथ आए, खाली हाथ लौट जाते हैं, लेकिन जो लोग सत्संग सुनते हैं, राम-नाम का जाप करते हैं, भक्ति करते हैं, वो ही उस परमात्मा की खुशियां हासिल करते हैं और वो मालिक के रहमो-कर्म को हासिल करके तमाम खुशियां पाकर इस कलियुग, मृतलोक में भी परमानन्द की प्राप्ति कर लिया करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/the-name-of-ram-is-the-power-that-gives-self-confidence/article-84098</link>
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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 17:17:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दीनता-नम्रता के धारणी बनो: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज़)। Saint Dr MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान जब सभी का भला करने लगता है तो किसी का भला हो या न हो लेकिन उस इन्सान की भावना की वजह से परमपिता परमात्मा उस इन्सान का भला जरूर किया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/be-a-follower-of-humility-and-modesty-saint-dr-msg/article-76666"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/saint-dr.-msg-2-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Saint Dr MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान जब सभी का भला करने लगता है तो किसी का भला हो या न हो लेकिन उस इन्सान की भावना की वजह से परमपिता परमात्मा उस इन्सान का भला जरूर किया करते हैं। इन्सान के अंदर जैसी श्रद्धा, भावना होती है वैसी ही मालिक की दया-मेहर, रहमत उस पर बरसती है, लेकिन मालिक पर दृढ़-विश्वास होना कोई छोटी बात नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि आदमी की खुद की कमियां होती हैं जो उसके सामने खड़ी हो जाती हैं। उनकी वजह से वह जैसा खुद होता है उसे सारी दुनिया भी वैसी ही लगती है, लेकिन आप मुर्शिदे-कामिल के वचनों को सुनो और सभी का भला करो। फिर सभी आपके हो जाएंगे। बेगाना कोई भी नहीं है। सभी अपने हैं। बस, किसी को इतना अपना न बनाओ कि सतगुरु, अल्लाह, मालिक को ही भूल जाओ। वो तो रहमत का मालिक है। यह नहीं है कि वह यहां प्रकट होकर ही रहमत बरसाएगा। अगर तड़प हो, दृढ़-विश्वास हो तो बिना प्रकट हुए भी वह बेड़े पार लंघा देगा। पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि इन्सान को अहंकार नहीं करना चाहिए। Saint Dr MSG</p>
<p style="text-align:justify;">दीनता-नम्रता धारण करनी चाहिए कि हम सब एक हैं, सभी मालिक की औलाद हैं। जब आदमी दूसरों की निंदा-चुगली छोड़कर अपने सतगुरु, मालिक पर विश्वास रखता है तो भयानक से भयानक रोग कट जाते हैं। अगर क्यों, किंतु, परन्तु, निंदा-चुगली करते हो तो छोटे रोग भी बड़े बन जाया करते हैं क्योंकि आदमी के कर्म होते हैं। जैसी जुबान का रस है वैसा ही असर होता है। इसलिए अहंकार छोड़कर सभी से बेगर्ज, नि:स्वार्थ भावना से प्यार करो। बड़े हैं तो मां-बाप, बराबर के हैं तो बहन-भाई और छोटे हैं तो बेटा-बेटी के समान वाले रिश्ते से पुकारो। सुमिरन करो तो यकीनन मालिक की दया-मेहर, रहमत के हकदार बन जाओगे। अंदर-बाहर से खुशियां जरूर हासिल होंगी और आपके अंदर-बाहर बहारें खिल जाएंगी। Saint Dr MSG</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab News: पंजाब के इन परिवारों को मिलेगे 51,000 हजार रुपये की वित्तीय सहायता, मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी जानकारी" href="http://10.0.0.122:1245/an-amount-of-rs-twenty-crore-released-for-the-beneficiary-families-of-scheduled-caste-under-ashirvad-scheme/">Punjab News: पंजाब के इन परिवारों को मिलेगे 51,000 हजार रुपये की वित्तीय सहायता, मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी जानकारी</a></p>
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                                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 17:00:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मिशन मुस्कुराहट&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Dera Sacha Sauda: आईए समाज के एक और कोने में चलते हैं, जहां कुछ लोग अपने बेटे, पुत्रवधू, पौत्र-पौत्रियों से भरा परिवार होने के बावजूद घर में भी अकेलेपन व तिरस्कार का संताप झेलते हैं और फिर बच्चे उन्हीं माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ आते हैं फिर उनको मिलने तक नहीं जाते!, अगर मिलना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/mission-muskurahat/article-74659"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/dera-sacha-sauda-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Dera Sacha Sauda: आईए समाज के एक और कोने में चलते हैं, जहां कुछ लोग अपने बेटे, पुत्रवधू, पौत्र-पौत्रियों से भरा परिवार होने के बावजूद घर में भी अकेलेपन व तिरस्कार का संताप झेलते हैं और फिर बच्चे उन्हीं माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ आते हैं फिर उनको मिलने तक नहीं जाते!, अगर मिलना ही होता तो बच्चे उनको वृद्ध आश्रम में क्यों छोड़कर आते ? यहां भी फरिश्ते ही पहुंचते हैं। कोई बाईक से उतरता है, तो कोई कार से। हाथ में फल-फ्रूट और खाने-पीने की अन्य सामग्री लिए ये फरिश्ते अनजान बुजुर्गों के पास इस तरह जाते हैं जैसे वे अपने माता पिता के पास ही आए हों। ये फरिश्ते खाने पीने का सामान छोड़ने नही आते, बल्कि अपनत्व की भावना व सत्कार लेकर पहुंचते हैं और उनसे बातें करते हैं, उनके साथ समय बिताते हैं। इन फरिश्तों से बात कर बुजुर्गों की तन्हाई पंख लगाकर उड़ जाती है। चेहरे पर मुस्कुराहट बिखरने लगती है। बातें कर बुजुर्गों को लगता है कि उनका असली परिवार पहुंच गया है। चेहरे से गम उड़ जाता है, खुशियां पक्का ठिकाना बना लेती हैं। इन फरिश्तों को पूज्य गुरु जी ने अपने मिशन मुस्कुराहट पर भेजा होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अअतीत की स्वर्णिम जीवनशैली से कटकर आधुनिक युग की तनावपूर्ण जिदगी में लोग ठहाके लगाकर हँसना तो दूर, मुस्कुराना भी भूल गए हैं। ऐसे माहौल में उदास चेहरों के लिए हँसी एक तोहफा या भगवान की अनमोल देन होती है। पूज्य गुरु जी साध-संगत को आत्मज्ञान देने के साथ-साथ, किसी-न-किसी रूप में हँसाकर, जीवन में हँसी की आवश्यक खुराक पूरी करते हैं। Dera Sacha Sauda</p>
<p style="text-align:justify;">आप जी फरमाते हैं कि अपने बच्चों (मानवता) को खुशियाँ देना और सभी को हँसता देखना ही हमारे जीवन का मुख्य उद्देश्य है। सामाजिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से एक पिता ही अपने बच्चों का सबसे बड़ा हितैषी होता है, जो उनकी उदासी पर चिंतित रहता है। पूज्य गुरु जी द्वारा मानवता को खुशी देने का दायरा अत्यंत विशाल है। रूहानियत का यह महान सत्य है कि पूर्ण सतगुरु जब हँसते हैं, तो रहमतों की बरसात होती है। लेकिन खुशियों की यह दौलत केवल साध-संगत तक सीमित नहीं है। पूज्य गुरु जी कैसे दुखी मानवता में खुशियाँ बाँटते हैं, इसकी कुछ मिसालें यहाँ प्रस्तुत हैं— आप जी का ध्यान समस्त सृष्टि पर है। आप जी उन चेहरों का भी ख्याल रखते हैं, जो अपने प्रियजनों से बिछुड़ने के कारण अत्यधिक दुखी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वह माँ, जिसका लाडला 5-10 वर्षों से घर नहीं लौटा, उसे रोटी भी अच्छी नहीं लगती। उसका बेटा भूखा प्यासा किस हाल में होगा, यही सोचकर रोटी की कोर गले में अटक जाती है। पिता कुछ कहता नहीं, लेकिन अंदर से टूट जाता है। पूज्य गुरु जी के प्रयासों से ऐसे परिवारों में फिर से मुस्कान लौटती है, जब डेरा सच्चा सौदा के सेवादार सैकड़ों किलोमीटर दूर से बिछड़े व्यक्ति को उसके घर पहुँचा देते हैं। अपने जिगर के टुकड़े को गले लगाकर माँ-बाप की आंखों में खुशी के आँसू आते हैं और वहीं से मुस्कान व हँसी का सिलसिला शुरू हो जाता है। संगरूर, संगरिया, केसरी सिंहपुर, मलोट सहित अनेक ब्लॉकों के डेरा श्रद्धालु पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से खुशियाँ बाँटने की इन्सानियत मुहिम में सेवा का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं। सेवादार सैकड़ों गुमशुदा व्यक्तियों की देखभाल करते हैं, इलाज करवाते हैं, नहलाते हैं, कपड़े देते हैं, भोजन-पानी उपलब्ध कराते हैं—यह दृश्य तो जैसे सतयुग का प्रतीक है।</p>
<p style="text-align:justify;">भोजन के बिना कौन खुश रह सकता है? फिर यदि कोई बुजुर्ग, अकेला रह रहा हो या अपंग हो, तो सेवादार जब घर-घर जाकर महीने भर का राशन देते हैं, तो चेहरे पर खुशी आना तय है। दूसरों की खुशी में अपनी खुशी—यही है पूज्य गुरु जी का खुशियाँ बाँटने का मिशन। अन्न से भरे भंडार में यदि कोई भूखा सो जाए, तो यह मानवता के विरुद्ध है। इसी तरह जब मौत के मुँह में पड़ा मरीज रक्त के अभाव में निराश हो जाता है तो चेहरे से रंग उड़ जाते हैं। ऐसे समय में कोई डेरा श्रद्धालु दौड़कर रक्तदान करता है तो किसी की जान बचाने का सुकून पाकर स्वयं सेवादार भी प्रसन्न हो उठता है, और मरीज व उसके परिवार में खुशियों की बहार छा जाती है। सड़क पर आम देखा जाता है कि हादसे में तड़प रहे घायल मौत के डर से और भी व्याकुल हो जाते हैं, जब लोग उनके पास से तेज रफ़्तार में गुजर जाते हैं और कोई मदद नहीं करता।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में फरिश्ते आते हैं, पर वे आसमान से नहीं उतरते, बल्कि आम इंसानों की भीड़ से ही निकलते हैं और बिना देर किए घायल को उठाकर अस्पताल पहुँचा देते हैं। समय पर इलाज मिलने से घायल जीवन की जंग जीत जाते हैं और उनके परिवार के चेहरों पर अनुपम खुशी के भाव साफ नज़र आते हैं। आईए समाज के एक और कोने में चलते हैं, जहां कुछ लोग अपने बेटे, पुत्रवधू, पौत्र-पौत्रियों से भरा परिवार होने के बावजूद घर में भी अकेलेपन व तिरस्कार का संताप झेलते हैं और फिर बच्चे उन्हीं माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ आते हैं फिर उनको मिलने तक नहीं जाते!, अगर मिलना ही होता तो बच्चे उनको वृद्ध आश्रम में क्यों छोड़कर आते ? यहां भी फरिश्ते ही पहुंचते हैं। कोई बाईक से उतरता है, तो कोई कार से। हाथ में फल-फ्रूट और खाने-पीने की अन्य सामग्री लिए ये फरिश्ते अनजान बुजुर्गों के पास इस तरह जाते हैं जैसे वे अपने माता पिता के पास ही आए हों। Dera Sacha Sauda</p>
<p style="text-align:justify;">ये फरिश्ते खाने पीने का सामान छोड़ने नही आते, बल्कि अपनत्व की भावना व सत्कार लेकर पहुंचते हैं और उनसे बातें करते हैं, उनके साथ समय बिताते हैं। इन फरिश्तों से बात कर बुजुर्गों की तन्हाई पंख लगाकर उड़ जाती है। चेहरे पर मुस्कुराहट बिखरने लगती है। बातें कर बुजुर्गों को लगता है कि उनका असली परिवार पहुंच गया है। चेहरे से गम उड़ जाता है, खुशियां पक्का ठिकाना बना लेती हैं।<br />
इन फरिश्तों को पूज्य गुरु जी ने अपने मिशन मुस्कुराहट पर भेजा होता है। <strong>-संपादक</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Saint MSG: आया दिन खुशियों भरा" href="http://10.0.0.122:1245/aaya-din-khushiyon-bhara/">Saint MSG: आया दिन खुशियों भरा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Aug 2025 10:15:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Saint MSG: आया दिन खुशियों भरा</title>
                                    <description><![CDATA[Saint MSG: सच्चे सतगुरु के पावन अवतार माह में श्रद्धालु जहाँ खुशी मना रहे हैं, वहीं शुक्राना भी कर रहे हैं—क्योंकि सतगुरु ने उनकी सोच बदल दी, जीवन जीने का ढंग बदल दिया और जीवन जीने का असली उद्देश्य सिखा दिया। पाप और अज्ञान के अंधकार से निकालकर, सतगुरु ने उन्हें ऐसा मार्ग दिखाया कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/aaya-din-khushiyon-bhara/article-74658"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/saint-dr.-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Saint MSG: सच्चे सतगुरु के पावन अवतार माह में श्रद्धालु जहाँ खुशी मना रहे हैं, वहीं शुक्राना भी कर रहे हैं—क्योंकि सतगुरु ने उनकी सोच बदल दी, जीवन जीने का ढंग बदल दिया और जीवन जीने का असली उद्देश्य सिखा दिया। पाप और अज्ञान के अंधकार से निकालकर, सतगुरु ने उन्हें ऐसा मार्ग दिखाया कि श्रद्धालु समाज सेवा को ही अपने जीवन का परम उद्देश्य मानने लगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अब उनकी यह सोच बन चुकी है कि कोई भी अवसर बिना भलाई किए हाथ से न जाने दें। यह सतयुग की निशानी नहीं तो और क्या है? बच्चे के जन्मदिन, विवाह, विवाह की वर्षगाँठ, नौकरी मिलने, पदोन्नति, सेवानिवृत्ति अथवा किसी दुख के समय भी जरूरतमंदों को राशन देना, पौधे लगाना और रात के ढाई बजे भी किसी मरीज की जान बचाने व रक्तदान करने के लिए दौड़ पड़ना, यदि यह चमत्कार नहीं तो और क्या है? ऐसे चमत्कार लाखों-करोड़ों बार आँखों के सामने हो रहे हैं। ऐसी आदर्श जीवनशैली का वरदान देने वाले सच्चे रूहानी रहबर प्यारे सतगुरु जी को लाख-लाख प्रणाम और उनके पावन अवतार दिवस की करोड़ों बधाइयाँ।                                                               –<strong>संपादक</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="आप आए, बहार आई…" href="http://10.0.0.122:1245/dera-sacha-sauda-aap-aye-bahaar-ayee/">आप आए, बहार आई…</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Aug 2025 09:53:52 +0530</pubDate>
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                <title>Saint MSG: पूज्य गुरु जी ने बताया, इस तरह बुराइयों पर जीत हासिल हो सकती है</title>
                                    <description><![CDATA[Saint MSG: पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि संत, पीर-फकीर एक ही संदेश देते हैं कि प्रभु, परमात्मा की भक्ति-इबादत करो। हर समय एक ही चर्चा करते हैं कि अच्छे-नेक कर्म करो, सुमिरन करो। सुमिरन करने से इन्सान अपने अंदर की बुराइयां, अंदर के बुरे विचारों, पाप-कर्मों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/this-way-we-can-win-over-evil/article-71548"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/saint-msg.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">Saint MSG: पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि संत, पीर-फकीर एक ही संदेश देते हैं कि प्रभु, परमात्मा की भक्ति-इबादत करो। हर समय एक ही चर्चा करते हैं कि अच्छे-नेक कर्म करो, सुमिरन करो। सुमिरन करने से इन्सान अपने अंदर की बुराइयां, अंदर के बुरे विचारों, पाप-कर्मों पर जीत हासिल कर सकता है और फिर बुरे विचार इन्सान को अपने साथ चलने पर मजबूर नहीं करते। Saint MSG</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि हर इन्सान को सुख मिले, शांति मिले और हर इन्सान परमपिता परमात्मा की दया-मेहर, रहमत के लायक बने, इसीलिए ही पीर-फकीर सबको प्रभु के नाम से जोड़ते हैं, प्रभु का नाम लेने के लिए प्रेरणा देते हैं। संतों ने किसी से प्रभु का नाम जपवाकर खुद के लिए कोई करोड़ों रुपये इकट्ठे नहीं करने होते। उनका तो एक ही मकसद, एक ही उद्देश्य होता है कि किसी भी तरह से हर प्राणी को सुख मिले। जैसे गृहस्थी-दुनियावी लोगों की एक ही इच्छा होती है कि उनका घर, उनकी औलाद, उनका परिवार ऐशो-आराम की जिन्दगी जीए, दूसरे से कोई मतलब नहीं।</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">इंसान कहता है कि मेरे वाले सुखी बसें, उनको पैसा मिले, उन्हें किसी चीज की कमी ना रहे। 99 प्रतिशत लोगों का, जो गृहस्थी हैं, जीने का यही मकसद होता है। आप जी फरमाते हैं कि संत-फकीरों का लक्ष्य कोई औैर होता है। जिस तरह एक घर, परिवार में रहने वाले मुखिया का सारा ध्यान अपने भाई-बहन, बेटा-बेटी, परिवार पर होेता है कि उनको सब कुछ अच्छा मिले, वे अच्छा बनें, उसी तरह संत, पीर-फकीरों का भी लक्ष्य होता है कि मालिक की जितनी भी औलाद है वो भी प्रभु की दया-मेहर, रहमत से मालामाल जरूर हों। Saint MSG</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">वो पीर-फकीर सबके लिए सोचते हैं, क्योंकि जो त्यागी, तपस्वी हैं उनका फर्ज यही होता है कि वो दूसरों का भला सोचें। खुद बेशक थोड़ा दु:ख उठाएं लेकिन दूसरों को सुख पहुंचाएं। जो ऐसा सोचते हैं, अमल करते हैं यकीनन वो मालिक के बहुत प्यारे भक्त होते हैं। तो संत, पीर-फकीरों का यह लक्ष्य, निशाना होता है कि सृष्टि का भला हो और हर प्राणी मालिक की दया-दृष्टि से, दया-मेहर, रहमत से खुशियां हासिल करे। गम, चिंता-परेशानियां लोगों को न हों, उनमें बर्दाश्त-शक्ति बढ़े ताकि आपसी झगड़े न हो, ईर्ष्या-नफरत न हो, कोई किसी की टांग खिंचाई न करे। उनकी सोच सर्वव्यापक, सबके लिए होती है, सर्व-सांझी होती है।</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि हर इन्सान को सुमिरन करना चाहिए और सुमिरन पर कोई जोर भी नहीं लगता। लेटकर, बैठकर, काम-धंधा करते हुए और आप यकीन मानो कि जो सेवा-सुमिरन लगन से करता है, जिसके अंदर मालिक के खजाने हैं वो जरा-जरा सी बात पर कभी पारा ऊपर-नीचे लेकर नहीं जाते। वह अपनी जिन्दगी को एक रस बना लेता है। न ही उसे गमों की मार तोड़ सकती है और न ही खुशियां, बहारेें उसे मालिक से दूर कर पाती हैं यानि खुशियों में बहकता नहीं और गम या कोई चिंता आती है तो उसमें वह टूटता नहीं। मालिक की दया-दृष्टि से, रहमो-करम से वह हमेशा आगे बढ़ता रहता है। वह प्रभु से प्रभु को मांगता हुआ, प्रभु से प्रभु की खलकत का भला मांगता हुआ कदम आगे बढ़ाता है और एक दिन यहां-वहां दोनों जहानों में खुशियों का हकदार बन जाता है।</p>
<p class="ai-optimize-7"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Type 2 Diabetes: स्पोर्ट्स ड्रिंक या फलों का जूस पीना पसंद है, तो हो जाइए सावधान, डायबिटीज (मधुमेह) का बढ़ सकता है खतरा" href="http://10.0.0.122:1245/type-2-diabetes/">Type 2 Diabetes: स्पोर्ट्स ड्रिंक या फलों का जूस पीना पसंद है, तो हो जाइए सावधान, डायबिटीज (मधुमेह) का बढ़ सकता है खतरा</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 May 2025 15:25:54 +0530</pubDate>
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                <title>‘सोने पे सुहागा है सेवा के साथ किया गया सुमिरन’</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सकब)। Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस घोर कलियुग में मालिक के प्यार-मोहब्बत में चलना बड़ा मुश्किल है, लेकिन असंभव नहीं है। मुश्किल इसलिए है, क्योंकि काम-वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, मन-माया ऐसे दुश्मन हैं, जो नजर नहीं आते, लेकिन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/it-is-very-difficult-to-walk-in-the-love-and-affection-of-the-lord-in-this-terrible-kali-yuga/article-69325"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/saint-dr.-msg-4-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सकब)।</strong> Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस घोर कलियुग में मालिक के प्यार-मोहब्बत में चलना बड़ा मुश्किल है, लेकिन असंभव नहीं है। मुश्किल इसलिए है, क्योंकि काम-वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, मन-माया ऐसे दुश्मन हैं, जो नजर नहीं आते, लेकिन बहुत बड़ा घात करते हैं। ये इन्सान को दुखी, परेशान रखते हैं और इनके साथ-साथ मनमते लोग भी होते हैं। जब इन्सान इस सारे चक्रव्यूह में फंस जाता है, तो मालिक का प्यार-मोहब्बत उसे बकबका लगने लगता है और दुनियादारी का साजो-सामान बड़ा मीठा लगता है। Saint Dr. MSG</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मालिक का प्यार-मोहब्बत, उसका नाम दोनों जहान में हमेशा अमर रहने वाला है। हमेशा मस्तो-मस्त रहने वाला है। कुनैन कोई नहीं लेना चाहता, लेकिन जब लेनी पड़ती है, तो बुखार का खात्मा कर देती है। पहले कुनैन बहुत कड़वी होती थी। इसलिए दूध को मीठा करके उसके साथ कुनैन लिया जाता था। आजकल बड़ा आसान है, कुनैन पर पहले से ही चीनी का थोड़ा लेप चढ़ा होता है। उसी तरह पहले समय में अल्लाह, वाहेगुरु, राम का नाम लेना बड़ा मुश्किल होता था। सारी-सारी उम्र उसकी याद में बैठना पड़ता था और तब कहीं जाकर मालिक के प्यार-मोहब्बत की एक झलक मिलती थी। इस कलियुग में संतों ने आसान तरीका बना दिया। उठते-बैठते, लेटते, काम-धन्धा करते हुए अभ्यास करें, तो जो उम्र बीत जाने के बाद मिलता था, वो कुछ घंटों की भक्ति-इबादत से भी हासिल किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आप जी फरमाते हैं कि कलियुग में इन्सान को गम, दु:ख, दर्द, परेशानियों का सामना तो करना पड़ता है। मन-इंद्रियां बड़े फैलाव में हैं, लेकिन इसके साथ ही कलियुग में मालिक का नाम जपना बड़ा आसान भी है। आप किसी भी तरीके से नाम का जाप करें, उसका असर लाजमी होगा और उसका फल आपको जरूर मिलेगा। इसलिए आप चलते, बैठते, लेटते, काम-धन्धा करते हुए मालिक के नाम का सुमिरन करें। सुमिरन करने से ही मालिक का प्यार बढ़ता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि आप बुराई, निंदा करने वालों का साथ देने लग जाते हैं तो सारी करी-कराई भक्ति का नाश हो जाता है। इन्सान बेचैन, परेशान होने लगता है और मालिक के प्यार से दूर होता चला जाता है। आप मालिक से ओड़ निभाना चाहते हैं, तो सुमिरन के पक्के बनो, सेवा करो और दुनियादारी में रहते हुए व्यवहार के सच्चे बनो। ठगी, बेइमानी, भ्रष्टाचार से दूर रहो। Saint Dr. MSG</p>
<p style="text-align:justify;">निंदा-चुगली से जितना हो सके दूर रहो और यह सब संभव है, जब आप सुमिरन करते हैं। सुमिरन के बिना यह संभव नहीं है। अगर आप सुमिरन नहीं करते तो आपकी मन-इंद्रियां फैलाव में रहेंगी, क्या पता कब दगा दे जाएं। जो लोग तन-मन-धन से परमार्थ करते हैं, उनके लिए भी जरूरी है कि आप भी थोड़ा सुमिरन करें, ताकि आपने जो परमार्थ किया है, वो कई गुणा बढ़े-फूले और इस संसार में रहते हुए आप खुशियों से मालामाल हो जाएं। यह सोने पे सुहागे की तरह है कि आप तन-मन-धन से सेवा के साथ-साथ सुमिरन भी करें। फिर अंदर-बाहर कोई कमी नहीं रहती और अपने-आप अच्छे विचार आते रहते हैं और इन्सान उन अच्छे विचारों पर चलता हुआ एक दिन परमानन्द की प्राप्ति जरूर कर लेता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Gold-Silver Price Today: फीकी पड़ी सोने-चांदी की चमक! जानें आज की ताजा कीमतें!" href="http://10.0.0.122:1245/the-shine-of-gold-and-silver-has-faded-know-todays-latest-prices/">Gold-Silver Price Today: फीकी पड़ी सोने-चांदी की चमक! जानें आज की ताजा कीमतें!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 16:52:47 +0530</pubDate>
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                <title>‘दिलो-दिमाग में ताजगी ला देता है भगवान’</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सकब)। Saint Dr MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जब इंसान अल्लाह-वाहेगुरु, गॉड, खुदा, राम से जुड़ जाता है तो उसके विचारों में तबदीली आती है, उसकी राह बदल जाती है और गुजरे हुए रास्तों को जब वो याद करता है तो वैराग्य […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/god-brings-freshness-to-the-heart-and-mind/article-69041"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/saint-dr-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सकब)।</strong> Saint Dr MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जब इंसान अल्लाह-वाहेगुरु, गॉड, खुदा, राम से जुड़ जाता है तो उसके विचारों में तबदीली आती है, उसकी राह बदल जाती है और गुजरे हुए रास्तों को जब वो याद करता है तो वैराग्य आता है कि हे रहबर, मुझे पहले ही यह रास्ता क्यों नहीं मिला। फिर सतगुरु समझाता है कि तेरे कर्म या कर्मों का सिलसिला जब खत्म होता है, इंसान खुदमुख्त्यारी का इस्तेमाल करता है तो अल्लाह-वाहेगुरु का वो नाम सुनने को मिलता है और सच्ची सत्संग नसीब होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर वो जीवात्मा कहती है कि हे प्रभु, तेरे प्यार-मोहब्बत को पाकर मुझे समझ आई है कि आपकी ही नूरे-किरण कण-कण, जर्रे-जर्रे में मौजूद है। सब अपने हैं, कोई दूजा नहीं, कोई वैरी-बेगाना तो है ही नहीं। मैं जिधर नजर मारती हूं, पलक उठाती हूं, बस! तू ही तू नजर आता है। हर किसी में तू समाया है और मुझे तेरे बिना कुछ और नहीं भाया। बस तू चाहिए, तू चाहिए रहबर, बस तू चाहिए। तेरे प्यार-मोहब्बत में जो लज्जत है, जो सुकून है, वो कहने-सुनने से परे है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि एक जीवात्मा कहती है कि मेरी पहचान के लिए मेरे शरीर का नाम रखा जाता है और उस नाम से दुनिया पुकारती है, पहचान बनती है। Saint Dr MSG</p>
<p style="text-align:justify;">पता नहीं कितने लोग उस नाम को लेते रहते हैं, बस यह होता है कि मुझे बुलाया गया है। पर हे प्रभु, जब तू उस नाम को पुकारता है तो दिलो-दिमाग में ताजगी छा जाती है, एक लज्जत छा जाती है, एक नशा झा जाता है। एहसास होता है कि वास्तव में तू ही बुलाने के काबिल है, पर मैं बोलने के काबिल नहीं थी क्योंकि सतगुरु-दाता जब जीवात्मा को बुलाते हैं, आदमी का नाम लेते हैं तो जीवात्मा को भी खींचते हैं सिर्फ शरीर को नहीं। दुनिया में नाम से शरीर की पहचान करते हैं। संत-फकीर नाम के द्वारा आत्मा की पहचान करते हैं और उसे प्यार-मोहब्बत से नवाज देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जब व्यक्ति अल्लाह-मालिक की दरगाह में शामिल हो जाता है या वहां से जुड़ जाता है तो उसे मालूम होने लगता है कि क्या गलत है और क्या सही है। फिर वह दूसरे के कंधे पर तीर रखकर नहीं चला सकता कि फलां आदमी ने कहा इसलिए मैंने बुरा किया। इसलिए वह जिम्मेवार आप हो जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">‘दिलो-दिमाग में | Saint Dr MSG</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर वचनों पर चले तो उसका जिम्मेवार दयाल हो जाता हैं। वो उसके हर कर्म को काट देता है, हर कर्म को बदल कर रख देता है। कोई भी आदमी किसी को गलत करने को कहता है, चाहे वह कितना भी पूजनीयहो तो वो बहुत बड़ा गुनाहगार है। अगर कोई पूजनीय आदमी गलत है वो बेइंतहा-बेइंतहा गुनाहगार हो जाता है, तो वह भी नरक भोगता है। इसलिए न किसी को बरगलाओ, न किसी को अपनी बातों में लेकर आओ, न गुनाह करो और न ही किसी से करवाओ और बुरा कर्म कभी न करो। इस मामले में कभी किसी की न सुनो।</p>
<p style="text-align:justify;">चाहे किसी के कहने पर हो या किसी के साथ हो, बुरा कर्म कभी मत करो, वरना दोनों जहां में ठोकरें खाते फिरोगे, कुलों को बर्बाद कर लोगे। इसलिए बुरा कर्म नहीं करना चाहिए। नेक-अच्छे कर्म पर आगे बढ़ते जाओ, मंजिलें आपके लिए तैयार हैं, दरवाजे खुले हुए हैं। बस कदम बढ़ाते जाओ तो मालिक के रहमो-कर्म को हासिल जरूर कर पाओगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Agriculture News: परंपरागत खेती को छोड़ मशरूम उगाकर लखपति बना प्रहलाद सिंह" href="http://10.0.0.122:1245/prahlad-singh-earns-a-profit-of-twenty-lakh-rupees-annually-by-growing-mushrooms/">Agriculture News: परंपरागत खेती को छोड़ मशरूम उगाकर लखपति बना प्रहलाद सिंह</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/god-brings-freshness-to-the-heart-and-mind/article-69041</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 15:43:13 +0530</pubDate>
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                <title>मन को कंट्रोल में करना हो तो यह करें | Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सकब)। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. MSG)  फरमाते हैं कि एक इंसान जब भी राम-नाम छोड़ देता है तो उसके अंदर की भावना बुरी तरह से मर जाती है। इंसानियत को भूला हुआ इंसान शैतान बन जाता है। वह अपने दिमाग के तंग दायरे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/saint-dr-msg-vachan-on-controlling-the-mind/article-68587"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/saint-dr.-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सकब)।</strong> सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. MSG)  फरमाते हैं कि एक इंसान जब भी राम-नाम छोड़ देता है तो उसके अंदर की भावना बुरी तरह से मर जाती है। इंसानियत को भूला हुआ इंसान शैतान बन जाता है। वह अपने दिमाग के तंग दायरे में इस तरह कैद हो जाता है कि उसे किसी की भी बात अच्छी नहीं लगती। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जब मन बुराई पर आता है तो वह सारे दरवाजे बंद कर देता है, जिससे इंसान को रास्ता न मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">समझाने वाले समझाते हैं, लेकिन जिस तरह से औंधे घड़े पर लेश मात्र असर नहीं होता उसी तरह से मन के मारों का भी यही हाल होता है। कई लोगों को यह पता नहीं होता कि गैरत, अणख किसे कहते हैं? इंसान सोचता है कि मैं बड़ा गैरतमंद हूँ, मैं जिस बात पर अड़ गया पता नहीं मैं कितना अच्छा हूँ। अणख-गैरत है तो मन को सीधा करके दिखा, बुराई से हटकर दिखा। अणख-गैरत है तो इस कलियुग में अल्लाह, वाहेगुरु, राम के नाम पर चलकर दिखा और नेक-भले कर्म करके दिखा। इसे अणख कहते हैं। मन के पीछे लगकर संतों के वचनों को काटते रहना अणख नहीं बल्कि अहंकार होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु (Saint Dr. MSG) जी फरमाते हैं कि अहंकार और अणख में दिन-रात का अंतर होता है। अणख और अहंकार दो अलग-अलग चीजें हैं, जो अहंकार को अणख-गैरत समझ लेते हैं वो जिंदगी में खज्जल-ख्वार होते रहते हैं। इसलिए अपने अंदर की आवाज को पहचानो। संत मन से रोकते हैं, मनमते न बनो, मनमते लोगों का संग न करो। कई लोगों को मनमते लोगों का संग ही अच्छा लगता है और रूहानियत का संग अच्छा नहीं लगता। यह इंसान की मर्जी है, लेकिन सच यह है कि गैरत है तो मन को सीधा करो, अपने बुरे विचारों से लड़ो। इसके अलावा सब अहंंकार है। आप जी फरमाते हैं कि गैरतमंद लोग आज संसार में बहुत कम हैं। वो लोग जो मन की बुराइयों से बचते हुए अल्लाह, राम, वाहेगुरु से लिव लगाए हुए हैं। जो लोग परमात्मा की भक्ति-इबादत में सच्चे दिल से लगे हुए हैं, वो सच्चे गैरतमंद हैं। मालिक की उन पर कृपा है। इस कृपा-दृष्टि के काबिल बना जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिना चूं-चरां के सत्संग सुनकर अमल करो। संत कभी ऐसे वचन नहीं करते जिससे किसी को कोई नुकसान हो। संत हर किसी के सुख के लिए वचन करते हैं ताकि उसका आने वाला भयानक कर्म पहाड़ से कंकर में बदल जाए। संतों का काम जीवों को समझाना है। आगे कौन उसे किस रूप में लेता है, वह इंसान के ऊपर निर्भर करता है। जो सच्चे दिल से बुराइयों से तौबा कर लेते हैं, चाहे वह कितना बड़ा गुनाहगार क्यों न हो और संत, पीर-फकीर उसे माफ कर दे तो भगवान भी उसे जरूर माफ कर देते हैं। इसलिए मन की न सुनो, बल्कि मन से लड़ने के लिए आप लगातार काम-धंधा करते हुए सुमिरन किया करो। मन रुक जाएगा और उसकी दया-मेहर, रहमत के काबिल आप बन जाएंगे। Saint Dr. MSG</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Kisan News: धान की जगह वैकल्पिक फसलों को अपनाने वाले किसानों को मिलेगी 8000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि" href="http://10.0.0.122:1245/farmers-who-adopt-alternative-crops-instead-of-paddy-will-get-an-incentive-of-rs-eight-thousand-per-acre/">Kisan News: धान की जगह वैकल्पिक फसलों को अपनाने वाले किसानों को मिलेगी 8000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि</a></p>
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                                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 15:26:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>‘हरिरस से होती है आत्मा बलवान’</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान कई बार अपने पिछले बुरे कर्मों की वजह से दु:खी रहता है। इन सब परेशानियों का जबाव सत्संग में आकर मिलता है। सत्संग में जब जीव चल कर आता है तो जन्मों-जन्मों के पाप […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/inspiration/hariras-makes-the-soul-strong/article-63936"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/saint-dr.-msg-4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान कई बार अपने पिछले बुरे कर्मों की वजह से दु:खी रहता है। इन सब परेशानियों का जबाव सत्संग में आकर मिलता है। सत्संग में जब जीव चल कर आता है तो जन्मों-जन्मों के पाप कर्म कट जाया करते हैं। इन्सान जब सत्संग में मालिक का नाम लेता है और नाम लेकर उसका सुमिरन करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">तो उसके अंदर का हरिरस आत्मा को मिलना शुरू होता है और जैसे जैसे हरिरस का पान करना आत्मा शुरू करती है तो वह बलवान होना शुरू हो जाती है। जैसे जरा सा भी आत्मा को हरिरस मिलना शुरू होता है तो आत्मा मन को दबाना शुरू कर देती है। ज्यों-ज्यों आत्मा की शक्ति बढ़ती जाती है त्यों-त्यों सतगुरु के पे्रम में इन्सान आगे बढ़ता है। और मालिक की खुशियों का हकदार बनता चला जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि आत्मा की आवाज को सुनो आत्मबल पैदा करो, ताकि उस परमात्मा की खुशियों के लायक बन सको, उसकी तमाम बरकतों को हासिल कर सको। यह तभी संभव है यदि आप सुमिरन करो, सेवा करो, सत्संग सुन कर अमल करो। जब तक इन्सान सत्संग सुन कर अमल नहीं करता वह शातिर रहता है, उसका मन शातिराना चालें चलता रहता है। सत्संग सुना और अमल कर लिया तो मन की सारी चालें नाकाम हो जाती हैं। इसलिए आत्मा की आवाज सुन कर अमल करो, संत पीर-फकीर आत्मबल बढ़ाने का तरीका, गुरूमंत्र जीव को बताते हैं। जो सुन कर अमल कर लिया करते हैं उन्हें अंदर बाहर किसी चीज की कोई कमी नहीं रहा करती। Saint Dr. MSG</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:–  </strong><a title="बरनाला, बठिंडा व रामां की साध-संगत ने इस तरह मनाया दिवाली का त्यौहार" href="http://10.0.0.122:1245/dera-devotees-of-barnala-bathinda-and-pakka-kalan-distributed-sweets-and-ration-to-the-needy-families/">बरनाला, बठिंडा व रामां की साध-संगत ने इस तरह मनाया दिवाली का त्यौहार</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/inspiration/hariras-makes-the-soul-strong/article-63936</link>
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                <pubDate>Sat, 02 Nov 2024 16:46:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नामचर्चा कर धूमधाम से मनाया पावन अवतार माह</title>
                                    <description><![CDATA[कविराजों ने पवित्र ग्रंथों में से गाया गुरु यश | Tibby News टिब्बी (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पवित्र अवतार माह की ब्लॉक की नामचर्चा गुरुवार को लॉयंस क्लब धर्मशाला में हुई। ब्लॉक प्रेमी सेवक जसवीर इन्सां ने पवित्र नारा लगाकर नामचर्चा शुरू की। विनती का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/celebrated-the-holy-incarnation-month-with-great-fanfare/article-51094"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/naamcharcha-tibby.jpg" alt=""></a><br /><h3>कविराजों ने पवित्र ग्रंथों में से गाया गुरु यश | Tibby News</h3>
<p><strong>टिब्बी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पवित्र अवतार माह की ब्लॉक की नामचर्चा गुरुवार को लॉयंस क्लब धर्मशाला में हुई। ब्लॉक प्रेमी सेवक जसवीर इन्सां ने पवित्र नारा लगाकर नामचर्चा शुरू की। विनती का शब्द प्रेमी सुखजिन्द्र इन्सां ने बोला। इसके बाद कविराज मिट्ठू सिंह इन्सां, गुरजन्ट इन्सां, बबलू इन्सां, गुमानाराम इन्सां, भजन सिंह इन्सां, बीरबलदास इन्सां आदि ने पवित्र ग्रंथों में शब्दों के जरिए सतगुरु की महिमा का गुणगान किया। Tibby News</p>
<p>नामचर्चा में 85 मैम्बर भाई-बहनों ने दरबार की हिदायतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नामचर्चा में सलेमगढ़ मसानी, टिब्बी, तलवाड़ा झील, सिलवाला कलां, पांच जीजीआर, चार केएसपी, दो केएसपी से काफी तादाद में साध-संगत मौजूद थी। Tibby News</p>
<p><strong>सिलवाला खुर्द (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सिलवाला खुर्द ब्लॉक की साध-सगत ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का पावन अवतार माह गुरुवार को नामचर्चा कर बड़े धूमधाम से मनाया। नामचर्चा में 85 मेंबर रामचन्द्र चोपड़ा, सुरेंद्र इन्सां, अशोक इन्सां ने 15 अगस्त को पावन एमएसजी भंडारा बीकानेर में होने वाले कार्यक्रम के बारे में अवगत कराया। जो लोग नशा छोड़ना चाहते हैं उनको ले जाने के लिए कहा। ब्लॉक की आगामी नामचर्चा दो सितम्बर को गांव चाहुवाली में होगी। Tibby News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="बदलने जा रहे हैं अंग्रेजों के समय के कानून, सदन में तीन बिल पेश" href="http://10.0.0.122:1245/the-laws-of-the-british-era-are-going-to-change-three-bills-presented-in-the-house/">बदलने जा रहे हैं अंग्रेजों के समय के कानून, सदन में तीन बिल पेश</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Aug 2023 19:05:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूज्य गुरु जी ने साध-संगत से किया आह्वान, जल्दी देखें</title>
                                    <description><![CDATA[भगवान से की प्राकृतिक आपदा रोकने की प्रार्थना | Baba Ram Rahim ‘बाढ़ पीड़ितों की मदद करे साध-संगत’ ‘बाढ़ पीड़ितों की मदद करे साध-संगत’ बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 30 दिन की पैरोल मिलने के बाद वीरवार सायं शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/prayer-to-god-to-stop-natural-calamity/article-50249"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/baba-ram-rahim.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">भगवान से की प्राकृतिक आपदा रोकने की प्रार्थना | Baba Ram Rahim</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>‘बाढ़ पीड़ितों की मदद करे साध-संगत’</li>
<li>‘बाढ़ पीड़ितों की मदद करे साध-संगत’</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 30 दिन की पैरोल मिलने के बाद वीरवार सायं शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश पधारे। जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर साध-संगत के बीच पहुंची तो करोड़ों डेरा सच्चा सौदा श्रद्धालुओं के चेहरों पर अद्भुत मुस्कान खिल उठी और एक-दूसरे को मोबाइल फोनों पर बधाइयां दी। शाह सतनाम जी आश्रम में पावन चरण टिकाते ही पूूज्य गुरु जी ने अपने यूट्यूब चैनल सैंट डॉ. एमएसजी पर वचन फरमाए कि हे! परमपिता परमात्मा हमारे देश और पूरे संसार में जो बरसात, बाढ़ और कहीं गर्मी के रूप में कहर टूट रहा है, मौसम में जबरदस्त बदलाव आ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हे मेरे मालिक, हे मेरे राम, जिससे भी कोई पाप-गुनाह हुए हैं, धरती पर तेरी प्रकृति को जो भी नुक्सान पहुँचा है, उन सबको माफ करते हुए अपने इस कहर को रोक दे। बच्चों की रक्षा कर, तू रक्षक है, तू दया का सागर है, कृपा कर। आपजी ने साध-संगत से आह्वान किया कि जैसा भी आपको प्रशासन कहे, सरकारें कहें उनके अनुसार बाढ़ पीड़ितों का साथ दें और सेवा करें। पूज्य गुरु जी ने आगे फरमाया कि हम आपकी सेवा में आ गए हैं, लेकिन जैसे पहले भी आपको कहा था कि आप सब लोग अपने घरों में रहेंगे, जैसे आपको जिम्मेवार कहेंगे उन बातों को अमल करना है, अपने घरों में रहना है और सेवा करनी है। तो भगवान आपको बहुत-बहुत खुशियां दे, जरूर बढ़कर सेवा करना। बहुत-बहुत आशीर्वाद सबको, भगवान सबको खुशियां दे, आशीर्वाद-आशीर्वाद।</p>
<p><iframe title="Prayer For Those Affected by Floods l Saint Dr. MSG Insan" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/muWqwnkRdtQ?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
<p> </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="घग्गर उफान पर, सरसा और फतेहाबाद में हालात खराब" href="http://10.0.0.122:1245/situation-worsens-in-sirsa-and-fatehabad-on-ghaggar-boom/">घग्गर उफान पर, सरसा और फतेहाबाद में हालात खराब</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/prayer-to-god-to-stop-natural-calamity/article-50249</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Jul 2023 21:37:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Saint MSG की शिक्षाओं से प्रेरित, कार्य किया काबिले-तारीफ</title>
                                    <description><![CDATA[सोनीपत। Honesty डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के सेवादार नित मानवता भलाई के कार्य करते रहते हैं और वो भी निस्वार्थ भावना से। सतगुरु पर पूर्ण विश्वासी सेवादारों का लाखों रुपये भी ईमान डुला नहीं सकता। ईमानदारी उनमें कूट-कूट कर भरी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/inspired-by-the-teachings-of-saint-msg-did-commendable-work/article-49522"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/honesty-snp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सोनीपत।</strong> Honesty डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के सेवादार नित मानवता भलाई के कार्य करते रहते हैं और वो भी निस्वार्थ भावना से। सतगुरु पर पूर्ण विश्वासी सेवादारों का लाखों रुपये भी ईमान डुला नहीं सकता। ईमानदारी उनमें कूट-कूट कर भरी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी के तहत कश्मीरी इन्सां और सोमपाल इंसा सेक्टर 23 सोनीपत में किसी काम से जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें एक महिला पर्स मिला। पर्स को देखकर उन्होंने सोचा कि न जाने किस का पर्स गिर गया है। उन्होंने उसे लौटाने की नीयत से पर्स को टटोला तो उसमें उनको पर्स की मालिक महिला का नाम-पता व मोबाइल नंबर मिल गया। उन्होंने उस नंबर पर संपर्क करके महिला का पता पूछा और उसके पास जाकर महिला का पर्स उसको लौटा दिया। Honesty</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों सेवादारों की ऐसी ईमानदारी देखकर उक्त महिला ने उनका तहेदिल से धन्यवाद किया और साथ ही पूज्य गुरू संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की शिक्षाओं की सराहना की जिनकी शिक्षाओं पर चलकर उन्होंने ईमानदार दिखाकर उक्त महिला का पर्स वापिस लौटाया। Honesty</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Petrol-Diesel Price Update: पेट्रोल-डीजल के रेट्स को लेकर आया ताजा अपडेट" href="http://10.0.0.122:1245/latest-update-on-petrol-and-diesel-rates/">Petrol-Diesel Price Update: पेट्रोल-डीजल के रेट्स को लेकर आया ताजा अपडेट</a></p>
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                                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/inspired-by-the-teachings-of-saint-msg-did-commendable-work/article-49522</link>
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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2023 17:54:55 +0530</pubDate>
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