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                <title>Happy Women’s Day - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Happy Women’s Day 2025: इस महिला दिवस पर सिरसा की महिलाएं पेश करती हैं अपनी वीर गाथाएं! जिन्होंने किया विकट परिस्थितियों का डटकर किया मुकाबला</title>
                                    <description><![CDATA[बुरे समय को याद कर सिहर उठने वाली बोलीं : आज जिंदगी से कोई शिकवा नहीं Happy Women’s Day 2025: ओढ़ां, राजू। कई बार इंसान के जीवन में ऐसी विकट परिस्थितियां आ जाती हैं जिसमें उसे कुछ भी पॉजिटिव नजर नहीं आता। कुछ लोग ऐसी परिस्थितियों में घुटने टेक देते हैं तो वहीं कुछ ऐसे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/on-this-womens-day-the-women-of-sirsa-present-their-heroic-tales/article-68104"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/sirsa-women-day.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बुरे समय को याद कर सिहर उठने वाली बोलीं : आज जिंदगी से कोई शिकवा नहीं</h3>
<p style="text-align:justify;">Happy Women’s Day 2025: ओढ़ां, राजू। कई बार इंसान के जीवन में ऐसी विकट परिस्थितियां आ जाती हैं जिसमें उसे कुछ भी पॉजिटिव नजर नहीं आता। कुछ लोग ऐसी परिस्थितियों में घुटने टेक देते हैं तो वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो हार न मानकर हिम्मत-हौसले को इस कदर ढाल बना लेते हैं कि बुरे समय को भी नतमस्तक होना पड़ जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘सच-कहूँ’ अपने पाठकों को कुछ ऐसी महिलाओं से रू-ब-रू करवा रहा है जिन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी और वक्त के साथ स्वयं को मजबूत बनाते हुए वक्त को ही बदल दिया। कभी बुरे समय को याद कर सिहर उठने वाली इन महिलाओं को आज जिंदगी से कोई शिकवा नहीं है। आज ये महिलाएं समाज में प्रेरणास्त्रोत बन रही हैं। Happy Women’s Day</p>
<h3 style="text-align:justify;">दिहाड़ी-मजदूरी कर बच्चों को दिलाई उच्च शिक्षा</h3>
<p style="text-align:justify;">गांव पन्नीवाला मोटा निवासी कैलाश देवी के पति ओमप्रकाश की 16 वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई थी। उस समय कैलाश देवी की उम्र 26 वर्ष की थी। पति की मृत्यु के बाद कैलाश देवी के समक्ष अपने 3 मासूम बच्चों व स्वयं को संभालना बड़ी चुनौती बन गया। घर की आर्थिक दशा काफी कमजोर थी। लेकिन कैलाश देवी ने किसी पर आश्रित न होकर मिल व खेतों में दिहाड़ी-मजदूरी करते हुए अपने तीनों बच्चों को बड़ी मुश्किल से पाला-पोसा और पढ़ाया-लिखाया।</p>
<p style="text-align:justify;">कैलाश देवी के 2 बेटे 23 वर्षीय लालचंद व 19 वर्षीय संदीप तथा एक बेटी 22 वर्षीय सरस्वती सहित 3 बच्चे हैं। लालचंद बी.ए कर रहा है तो वहीं सरस्वती आईटीआई कर रही है। वहीं संदीप 12वीं कक्षा में पढ़ता है। तीनों बच्चे पढ़ाई में व्यस्त हैं तथा कैलाश देवी दिहाड़ी-मजदूरी कर अपने बच्चों की पढ़ाई व घर का खर्च चलाती है। पति के जाने के बाद कैलाश देवी के लिए वो समय अत्यंत कठिन था, लेकिन उसने हिम्मत-हौसले को ढाल बनाकर अपने बच्चों को सफलता की राह पर अग्रसर किया अपितु कमजोर आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया। Happy Women’s Day</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों के लिए छोड़ दिया घर, उच्च शिक्षा दिलवाकर किया कामयाब :-</h3>
<p style="text-align:justify;">गांव नुहियांवाली की बेटी सुमित्रा देवी का विवाह वर्ष 1996 में ढाणी बचन सिंह (ऐलनाबाद) निवासी लालचंद के साथ हुआ। शादी के 6 वर्ष बाद ही लालचंद की मृत्यु हो गई। एक तो पति की मौत में स्वयं और दूसरा 3 मासूम बच्चों (2 लड़की व एक लड़का) को संभालना सुमित्रा के लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। ये समय उसके लिए अति विकट था, ऐसे में उसके माता-पिता ने उसमें हौसला भरा। सुमित्रा ने जैसे-तैसे कर स्वयं को परस्थितियों से लड़ने के लिए मजबूत बनाया। सुमित्रा ने ठान लिया कि वह अपने बच्चों को एक सफल इंसान बनाएगी चाहे उसके लिए उसे घर-बार ही क्यों न छोड़ना पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">सुमित्रा अपने तीनों बच्चों को शिक्षित करने के लिए 6 वर्ष तक अपने घर को छोड़कर राजस्थान के सीकर में रही। आज सुमित्रा की बड़ी बेटी 25 वर्षीय अंजनी स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल आॅफिसर है। तो वहीं उससे छोटी बेटी 23 वर्षीय प्रीति बागवानी में बीएससी कर आगे की तैयारी कर रही है। बेटा 22 वर्षीय प्रिंस खड़गपुर में आईआईटी कर रहा है। सुमित्रा जब बीता हुआ समय आज याद करती है तो सिहर उठती है, लेकिन आज बच्चों को सफल देखकर उसे अब जिंदगी से कोई शिकवा नहीं है। Happy Women’s Day</p>
<h3 style="text-align:justify;">दूध बेचा तो कभी लोगों के खेतों में मजदूरी की, बनाया दोनों बेटों को फौजी</h3>
<p style="text-align:justify;">गांव नुहियांवाली निवासी राजबाला ने पति की दिव्यांगता के बाद भी हौसला नहीं खोया और स्वयं को मजबूत बनाकर मेहनत-मजदूरी करते हुए अपने दोनों बेटों को पढ़ा-लिखाकर कामयाब किया। राजबाला का पति मदन लाल पेशे से फर्नीचर का अच्छा कारीगर था। करीब 19 वर्ष पूर्व मदन लाल एक दुर्घटना का शिकार होने के चलते हाथों-पैरों से दिव्यांग हो गया। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति बुरी तरह से प्रभावित हो कर रह गई। घर व पति को संभालना राजबाला के लिए चुनौती बन गया।</p>
<p style="text-align:justify;">राजबाला के 2 लड़के हैं। वह दोनों बेटों के साथ लोगों के खेतों में मेहनत-मजदूरी करती रही। साथ-साथ उसके दोनों बेटों ने पढ़ाई भी जारी रखी। कभी पशुओं का दूध बेचा तो कभी दिहाड़ी के चार पैसे जुटाकर अपने बेटों की पढ़ाई-लिखाई व घर का खर्च उठाया। राजबाला का हिम्मत हौसला रंग लाया और उसके दोनों बेटों प्रवीण व सोनू का एक ही दिन फौज में सिलेक्शन हो गया। राजबाला के दोनों बेटे इस समय आर्मी में हैं। राजबाला गांव में एक मिसाल है। विकट परिस्थितियों में हिम्मत-हौसले एवं जी तोड़ मेहनत की जब बात आती है तो लोग राजबाला का जिक्र करते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दोबारा शादी से किया इंकार, कहा अपने दम पर बच्चों को पाल लूंगी</h3>
<p style="text-align:justify;">गांव पन्नीवाला मोटा निवासी कृष्णा देवी की उम्र शादी के समय महज 16 वर्ष की थी। करीब 12 वर्ष बाद पति का साथ छूट गया। पति की मौत के समय उसके दोनों लड़कों की उम्र 9 वर्ष व 11 वर्ष थी। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते कृष्णा देवी ने दिहाड़ी-मजदूरी करते हुए अपने दोनों बच्चों का लालन-पालन करते हुए उन्हें पढ़ाया-लिखाया। युवा अवस्था होने के चलते परिवार ने दूसरी शादी के लिए जोर लगाया, लेकिन कृष्णा देवी ने स्पष्ट इंकार करते हुए कहा कि वह अपने बच्चों को अपने दम पर स्वयं पाल लेगी। Happy Women’s Day</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों बच्चों को साथ लेकर मजदूरी करती रही, लेकिन स्वाभिमानी कृष्णा देवी ने किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया। वक्त के साथ कृष्णा देवी ने स्वयं को मजबूत करते हुए जीना सीख लिया। कृष्णा देवी की मेहनत रंग लाई और बड़े बेटे राजेन्द्र का वर्ष 1997 फौज में सिलेक्शन हो गया। राजेन्द्र इस समय आर्मी में सूबेदार के पद पर है तो वहीं छोटा बेटा सुरेन्द्र शिक्षक है और एक निजी स्कूल चलाता है। Happy Women’s Day</p>
<p><a title="Narendra Modi: हाई-टेक सुविधाओं से लैस नमो हॉस्पिटल से लोगों को मिलेगा अत्याधुनिक चिकित्सा का लाभ" href="http://10.0.0.122:1245/pm-modi-inaugurated-namo-hospital-equipped-with-high-tech-facilities/">Narendra Modi: हाई-टेक सुविधाओं से लैस नमो हॉस्पिटल से लोगों को मिलेगा अत्याधुनिक चिकित्सा का लाभ</a></p>
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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 09:34:05 +0530</pubDate>
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