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                <title>सफल अधिवक्ता बनने सामाजिक पहलुओं की समझ जरूरी: न्यायमूर्ति</title>
                                    <description><![CDATA[गरीब और कमजोर तबके के लोगों को न्याय दिलाने के लिए हमेशा अपने दरवाजे खुले रखने होंगे जबलपुर(वार्ता): मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश सतीश चंद शर्मा ने कहा कि एक सफल अधिवक्ता बनने के लिए सिर्फ कानून की शिक्षा प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यक्ति में सामाजिक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/need-to-understand-the-social-aspects-of-becoming-a-successful-advocate/article-4213"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/court.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">गरीब और कमजोर तबके के लोगों को न्याय दिलाने के<br />
लिए हमेशा अपने दरवाजे खुले रखने होंगे</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जबलपुर(वार्ता):</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश सतीश चंद शर्मा ने कहा कि एक सफल अधिवक्ता बनने के लिए सिर्फ कानून की शिक्षा प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यक्ति में सामाजिक पहलुओं की समझ भी जरूरी है। न्यायामूर्ति शर्मा ने ये उद्गार यहां महाधिवक्ता कार्यालय में कल आयोजित एक समारोह में विधि अधिकारियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिवक्ता अपने कैरियर में सफलता के उच्चतम पायदानों तक पहुंचना चाहता है तो उसे गरीब और कमजोर तबके के लोगों को न्याय दिलाने के लिए हमेशा अपने दरवाजे खुले रखने होंगे। उन्होंने कहा कि आम लोगों को शीघ्र एवं सहज न्याय मिले हर अधिवक्ता को यह जिम्मेदारी निभानी होगी और इसके लिए हमेशा तत्पर भी रहना होगा।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Jun 2018 10:02:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दस्तकारों तथा शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने में ‘हुनर हाट’ सफल : नकवी</title>
                                    <description><![CDATA[पुड्डुचेरी। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि अल्पसंख्यक मंत्रालय देश के सभी भागों में ‘हुनर हब’ बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जहां दस्तकारों तथा शिल्पकारों को एक ही जगह पर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने के साथ उसकी बिक्री करने का भी मौका मिलेगा। नकवी ने आज […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hunar-haat-successful-in-encouraging-artisans-naqvi/article-3326"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-09/naqvi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पुड्डुचेरी। </strong>केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि अल्पसंख्यक मंत्रालय देश के सभी भागों में ‘हुनर हब’ बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जहां दस्तकारों तथा शिल्पकारों को एक ही जगह पर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने के साथ उसकी बिक्री करने का भी मौका मिलेगा। नकवी ने आज यहां पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी के साथ अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ‘हुनर हाट’ के उद्घाटन के मौके पर कहा कि दस्तकारों तथा शिल्पकारों को वर्तमान समय के बाजार की जरूरतों के मुताबिक प्रशिक्षित किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना तथा कौशल विकास नए भारत के निर्माण के उद्देश्य का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति के प्रसिद्ध केंद्र पुड्डुचेरी में 30 सितंबर तक चलने वाले हुनर हाट में देश भर के शिल्पकारों को बाजार और अवसर प्रदान करने के लिए शिल्प बाजार, गांधी थिडल बीच तथा गोर्बट एवन्यू का आयोजन किया जा रहा है। नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय ने देश भर के दस्तकारों तथा शिल्पकारों के हस्तनिर्मित सामानों की बिक्री के लिए राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार मुहैया कराने के लिए एक ई-पोर्टल तैयार किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक दस्तकारों तथा शिल्पकारों का डाटा बैंक तैयार हो जायेगा, जिसमें देश भर के हजारों कारीगरों ने अपना पंजीकरण करा लिया है। नकवी के अनुसार अल्पसंख्यक मंत्रालय का ‘ हुनर हाट’ गरीब वर्ग के कारीगरों को प्रोत्साहित करने में बेहद सफल साबित हुआ है। इस अवसर पर उनके साथ पुड्डुचेरी के सांसद आर राधाकृष्णन, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम के अध्यक्ष शाहबाज अली, अल्पसंख्यक मंत्रालय और राज्य सरकार के विभिन्न अधिकारी भी उपस्थित थे।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Sep 2017 10:07:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सर्जरी कर डॉक्टरों ने बद्रीलाल के गले से निकली  92 पिने</title>
                                    <description><![CDATA[फरीदाबाद।  पिनमैन के नाम से मशहूर बद्रीलाल मीणा को डॉक्टरों ने इलाज कर नई जिंदगी दी है। बद्रीलाल के शरीर में लगभग 150 से ज्यादा पिन, निडिल और कील धंसी हुई थी। काफी समय से शरीर में होने से कुछ पिन में तो जंग भी लग चुका था। फरीदाबाद के एशियन अस्पताल में शुक्रवार को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/doctors-remove-92-pins-in-badri-lal-throat-by-surgery/article-2090"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/badrilal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>फरीदाबाद।</strong>  पिनमैन के नाम से मशहूर बद्रीलाल मीणा को डॉक्टरों ने इलाज कर नई जिंदगी दी है। बद्रीलाल के शरीर में लगभग 150 से ज्यादा पिन, निडिल और कील धंसी हुई थी। काफी समय से शरीर में होने से कुछ पिन में तो जंग भी लग चुका था। फरीदाबाद के एशियन अस्पताल में शुक्रवार को बद्रीलाल की सर्जरी हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्जरी लगभग 6 घंटे तक चली जिसमे डॉक्टरों ने बद्रीलाल के गले से 92 पिनों को निकाला। के शरीर के बाकी हिस्सों में धंसी पिनों को बाद में निकाला जाएगा। डॉक्टरों के अनुसार सर्जरी में काफी जोखिम था इसमें मरीज की जान जा सकती थी लेकिन फिलहाल बद्रीलाल स्वस्थ हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कोई भी डॉक्टर सर्जरी के लिए नहीं था तैयार</h2>
<p style="text-align:justify;">बद्रीलाल बूंदी के रहने वाले है तथा रेलवे में पानी सप्लाई का काम करते थे। वह लगभग  6 महीने से इलाज के लिए कई अस्पतालों में चक्कर लगा चुके है लेकिन कोई भी डॉक्टर सर्जरी के लिए तैयार नहीं  था। बद्रीलाल की सेहत भी काफी बिगड़ गई थी और लगभग 30 किलो वजन भी कम हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सीटी स्कैन और एंडोस्कोपी के द्वारा पता चला कि शरीर के अलग-अलग अंगों में 150 से भी अधिक पिनें धंसी हैं। बद्रीलाल का कहना  हैं कि ‘मेरे शरीर में ये पिनें कहां से आईं, मुझे कुछ पता नहीं है। मुझे डायबिटीज थी, इसके चलते साल भर पहले मैंने डॉक्टर को दिखाया तो जांच के द्वारा पता चला कि शरीर में पिनें धंसी हुई हैं। इतनी पिनें और कीलें देखकर डॉक्टर खुद हैरान थे। क्योंकि कुछ पिनें उनके सांस नली, खाने की नली, ईसोफेगस, दिमाग को खून पहुंचाने वाली मुख्य धमनी में धंसी हुईं थी।’</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Sat, 08 Jul 2017 04:05:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इसरो के पीएसएलवी-सी 38 का परीक्षण सफल</title>
                                    <description><![CDATA[ 500 किमी ऊंचाई से दुश्मन के टैंकों की गिनती में सक्षम  स्मार्ट सिटी नेटवर्क की योजनाओं में भी मददगार  14 देशों के 30 नैनो उपग्रहों भी एक साथ प्रक्षेपित श्रीहरिकोटा। भारत ने आसमान में एक और सफल छलांग लगाई है। श्रीहरिकोटा से लांच पीएसलवी सी-38 का परीक्षण कामयाब रहा। ये पीएसएलवी की लगातार 40 वीं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/isro-pslv-c38-test-successful/article-1532"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/isro.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> 500 किमी ऊंचाई से दुश्मन के टैंकों की गिनती में सक्षम</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong> स्मार्ट सिटी नेटवर्क की योजनाओं में भी मददगार</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> 14 देशों के 30 नैनो उपग्रहों भी एक साथ प्रक्षेपित </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीहरिकोटा।</strong> भारत ने आसमान में एक और सफल छलांग लगाई है। श्रीहरिकोटा से लांच पीएसलवी सी-38 का परीक्षण कामयाब रहा। ये पीएसएलवी की लगातार 40 वीं सफल उड़ान है। इसके ज़रिए भेजे गए कार्टोसैट-2 सैटेलाइट अपनी कक्षा में पहुंच गया है। ये सैटेलाइट न सिर्फ भारत के सरहदी और पड़ोस के इलाकों पर अपनी पैनी नजर रखेगा, बल्कि स्मार्ट सिटी नेटवर्क की योजनाओं में भी मददगार रहेगा। भारत के पास पहले से ऐसे पांच सैटेलाइट मौजूद है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएसएलवी-सी38 के साथ भेजे गए इन सभी उपग्रहों का कुल वजन करीब 955 किलोग्राम है। इन उपग्रहों में आॅस्ट्रिया, फिनलैंड, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, बेल्जियम, चिली, चेक गणराज्य, फ्रांस, जर्मनी, स्लोवाकिया, ब्रिटेन और अमेरिका समेत 14 देशों के 29 नैनो उपग्रह शामिल हैं। इसके अलावा एक भारतीय नैनो उपग्रह भी शामिल है। पीएसएलवी-सी38 ने सभी उपग्रहों को जमीन से 505 किलोमीटर ऊपर ध्रुवीय सौर स्थैतिक कक्षा (पोलर सन सिनक्रोनस आॅरबिट)में स्थापित किया। पीएसएलवी की ‘एक्सएल’ विन्यास के तौर पर यह 17वीं उड़ान थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यह रहेगा अहम योगदान</h3>
<p style="text-align:justify;">कार्टोसैट-2 शहरी और ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण, सड़क नेटवर्क पर निगरानी रखने, जल वितरण, तटीय इलाकों में विकास कार्य के अलावा अन्य भौगोलिक जानकारी जुटाने में भी सहायक सिद्ध होगा। कार्टोसैट-2 उपग्रह सीमा पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेगा और इससे भारत की सैन्य शक्ति में इजाफा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jun 2017 05:33:58 +0530</pubDate>
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