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                <title>Iran News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Iran News RSS Feed</description>
                
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                <title>Iran Ceasefire: होर्मुज को लेकर ईरान का सामने आया बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[हमास ने ईरान के व्यापक संघर्ष विराम के आह्वान का समर्थन किया है। ईरान ने गाजा और लेबनान समेत क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करने की मांग के साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को जोड़ दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/irans-big-statement-regarding-ceasefire-hormuz/article-89622"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/iran-seazfire-hamas.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Iran Ceasefire: तेहरान। फिलिस्तीनी संगठन हमास ने ईरान के उस रुख का समर्थन किया है, जिसमें क्षेत्र में जारी सभी संघर्षों को खत्म करने और व्यापक संघर्ष विराम लागू करने की मांग की गई है। हमास ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नवनियुक्त सचिव मोहसेन रेजाई की हालिया टिप्पणी का स्वागत किया। रेजाई ने मंगलवार को लेबनान और गाजा समेत पूरे क्षेत्र में “व्यापक संघर्ष विराम” का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि जब तक इसके लिए जरूरी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद रहेगा। उनकी ये टिप्पणी आईआरआईबी ने प्रकाशित की थी। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">हमास के अरब और इस्लामी संबंध कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि युद्धों को समाप्त करना “क्षेत्र, उसके लोगों और उनके भविष्य के सर्वोत्तम हित में होगा।” संगठन ने कहा कि युद्ध जारी रहने से केवल “दुश्मनों” को फायदा हो रहा है। हमास के अनुसार, इन योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र को विभाजित करना, अस्थिरता पैदा करना और उसके संसाधनों को खत्म करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान की ओर से होर्मुज को युद्धविराम से जोड़ना क्षेत्रीय संकट में इस रणनीतिक जलमार्ग की अहमियत को भी रेखांकित करता है। रेजाई ने कहा है कि होर्मुज को फिर से खोलने के लिए अमेरिका को ईरान की मांगों पर सहमत होना होगा, जिनमें युद्ध समाप्त करना और क्षेत्रव्यापी युद्धविराम शामिल हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब गाजा, लेबनान और ईरान से जुड़े संघर्षों के बीच मध्य पूर्व में तनाव लगातार बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की टिप्पणी भी सुर्खियां बटोर रही है। उन्होंने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा है कि दोयम दर्जे की इंटेलिजेंस की वजह से वो वस्तुस्थिति का ठीक से पता नहीं लगा पाया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पोस्ट में कहा, "अमेरिका इंटेलिजेंस की नाकामियों की वजह से लंबे समय से गलत अंदाजा लगाता रहा है, जिसमें ईरान पर युद्ध शुरू करना भी शामिल है।" विदेश मंत्री ने कहा, “फेक न्यूज से भी बदतर फेक इंटेलिजेंस है।” Iran News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 14:48:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Donald Trump: पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा युद्ध का खतरा,  'ईरान के साथ एमओयू अब खत्म'</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन (एमओयू) अब खत्म हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/donald-trump-threat-of-war-increases-again-in-west-asia/article-87783"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/trump-iran-war.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अंकारा। पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन (एमओयू) अब खत्म हो गया है। कुछ सप्ताह पहले तक ईरान के नेतृत्व को लेकर अपेक्षाकृत नरम रुख रखने वाले राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बार तेहरान के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। ट्रंप ने कहा, "उनमें कुछ गड़बड़ है। वे बीमार हैं और गंदा खेल खेलते हैं।" हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अपने वार्ताकारों को बातचीत जारी रखने की अनुमति दे सकते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि "वो लोग (ईरान) केवल समय बर्बाद कर रहे हैं।" Donald Trump</p>
<p style="text-align:justify;">ये बयान यूएस सेंट्रल कमांड और ईरान की आईआरजीसी के बीच हुए हमले के तनावपूर्ण माहौल में सामने आया है। इस बीच यूएई के वरिष्ठ राजनयिक अनवर गर्गश का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में कतर और सऊदी अरब के कमर्शियल टैंकरों पर ईरान के हमले और बहरीन और कुवैत के खिलाफ बार-बार की आक्रामकता यह दिखाती है कि तेहरान तनाव कम करने और "युद्ध का अध्याय समाप्त करने" की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार गर्गश ने बुधवार को एक्स पोस्ट में कहा, "खाड़ी के अरब देश, तनाव बढ़ाने और समझदारी, स्थिरता व शांति के रास्ते के बीच ईरान के बदलते रुख का निशाना नहीं बन सकते।"</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को यूएस सेंटकॉम की ओर से ईरान के 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के दावे के बाद आईआरजीसी ने भी अमेरिका के 85 बेस पर जवाबी कार्रवाई की बात कही। ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने दक्षिणी ईरान पर अमेरिका के हमलों के जवाब में बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर तैनात अमेरिकी बलों को निशाने पर लेते हुए ड्रोन हमला किया। सेना ने कहा कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम का बार-बार और खुलेआम उल्लंघन करने के गंभीर परिणाम होंगे और क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सैन्य ड्रोन हमलों के वैध लक्ष्य होंगे। Donald Trump</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 14:53:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>US Airstrikes: कमर्शियल जहाजों पर हमलों के बाद बौखलाया अमेरिका, ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर किया बड़ा सैन्य हमला</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान की ओर से व्यापारिक जहाजों के निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने भी ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से कहा गया कि ये हमले सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों से किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/us-airstrikes-america-panicked-after-attacks-on-commercial-ships-launched/article-87765"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/us-airstrike-again.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">वॉशिंगटन। ईरान की ओर से व्यापारिक जहाजों के निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने भी ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से कहा गया कि ये हमले सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों से किए गए। यूएस सेंट्रल कमांड की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया गया, "यूएस सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने 7 जुलाई को ईरान के खिलाफ हमले का एक नया दौर पूरा किया। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों के जवाब में, सटीक हथियारों से 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया।" US Airstrikes</p>
<p style="text-align:justify;">'एक्स' पर पोस्ट में आगे कहा गया, "अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड और कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइटों, एंटी-शिप मिसाइल क्षमताओं और जलडमरूमध्य के अंदर और उसके पास इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की 60 से ज्यादा छोटी नावों पर हमला किया। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय व्यापार कॉरिडोर से होने वाले व्यापार पर ईरान के हमले जारी रखने की क्षमता को कम करना था।"</p>
<p style="text-align:justify;">यूएसए के अनुसार, ईरान ने हाल ही में जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तीन कमर्शियल जहाजों पर हमला किया था, जिनमें मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के झंडे वाला एम/टी वेड्यान और लाइबेरिया के झंडे वाला एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी शामिल हैं। US Airstrikes</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से कहा गया, "ईरानी सेनाओं की तरफ से बिना किसी उकसावे के की गई आक्रामकता, युद्धविराम का साफ और खतरनाक उल्लंघन है और यह नेविगेशन की आजादी को कमजोर करती है।" आगे कहा गया, "जब समझौते का पालन नहीं किया जाता है या उसे नहीं माना जाता है, तो अमेरिकी सेनाएं ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए तैयार रहती हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हमलों में ईरान के कई सैन्य संसाधनों को निशाना बनाया गया, जिनमें एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड और कंट्रोल इंफ्रास्ट्रक्चर, तटीय रडार इंस्टॉलेशन, एंटी-शिप मिसाइल क्षमताएं और होर्मुज जलडमरूमध्य के अंदर और उसके आसपास इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की ओर से संचालित दर्जनों नावें शामिल थीं। US Airstrikes</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:19:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Bushehr Drone Attack: ईरान का एयर डिफेंस सक्रिय, मार गिराया अमेरिकी ड्रोन, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति उभरती दिखाई दे रही है। ईरान के दक्षिणी प्रांत बुशहर में गुरुवार देर रात सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम ने संदिग्ध गतिविधि का पता लगाते हुए एक अमेरिकी ड्रोन को निशाना बनाया और उसे निष्क्रिय कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bushehr-drone-attack-irans-air-defense-actively-shot-down-american/article-85611"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/bushahr-high-alert.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Iran-US Tensions: तेहरान। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति उभरती दिखाई दे रही है। ईरान के दक्षिणी प्रांत बुशहर में गुरुवार देर रात सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम ने संदिग्ध गतिविधि का पता लगाते हुए एक अमेरिकी ड्रोन को निशाना बनाया और उसे निष्क्रिय कर दिया। Bushehr Drone Attack</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया गया कि बुशहर क्षेत्र के निकट हवाई सीमा में घुसपैठ की आशंका के बाद मिसाइल प्रणाली सक्रिय की गई। इसके साथ ही दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों में भी सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं। कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि ईरानी बलों ने रणनीतिक इलाकों की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरानी समाचार माध्यमों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। बताया गया कि कुछ जहाज बिना पूर्व समन्वय के समुद्री मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद चेतावनी स्वरूप कार्रवाई की गई। यह इलाका वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। Bushehr Drone Attack</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, बंदर अब्बास क्षेत्र में कई विस्फोटों की खबरों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि अमेरिकी सेना ने रातभर ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका की ओर से इन कार्रवाइयों को अपने सैनिकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा से जोड़ा गया है। इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करने का दावा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही, दोनों देशों के बीच जारी अप्रत्यक्ष वार्ताओं में आर्थिक प्रतिबंधों और फ्रीज फंड को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। गौरतलब है कि हाल ही में लंबे संघर्ष के बाद युद्धविराम लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में अविश्वास और सैन्य गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। पाकिस्तान की मध्यस्थता में कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, हालांकि अब तक किसी स्थायी समाधान पर सहमति नहीं बन पाई है। Bushehr Drone Attack</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 10:03:18 +0530</pubDate>
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                <title>US-Iran War: अमेरिका के 42 फाइटर जेट्स ध्वस्त! हमारे दावे को किया गया स्वीकार: अराघची </title>
                                    <description><![CDATA[हाल ही में अमेरिकी संसद की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) ने एक रिपोर्ट तैयार की। इसमें दावा किया गया कि ईरान संघर्ष में अमेरिका के करीब 42 विमान या तो नष्ट हो गए या उन्हें नुकसान पहुंचा। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इसे उन दावों की पुष्टि करार दिया जिसे तेहरान लगातार कहता आ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/us-iran-war-42-fighter-jets-of-america-destroyed-our-claim/article-85133"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/us-fighter.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">वाशिंगटन/तेहरान। हाल ही में अमेरिकी संसद की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) ने एक रिपोर्ट तैयार की। इसमें दावा किया गया कि ईरान संघर्ष में अमेरिका के करीब 42 विमान या तो नष्ट हो गए या उन्हें नुकसान पहुंचा। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इसे उन दावों की पुष्टि करार दिया जिसे तेहरान लगातार कहता आ रहा है। 13 मई को प्रकाशित सीआरएस रिपोर्ट का हवाला देते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ईरान संघर्ष शुरू होने के कई महीने बाद, अमेरिकी कांग्रेस ने अरबों डॉलर की कीमत वाले दर्जनों विमान खोने की बात स्वीकार की।" US-Iran Conflict News</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अराघची के मुताबिक ये बताता है कि उनकी शक्तिशाली सशस्त्र सेना में एफ-35 को मार गिराने का माद्दा है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जो पाठ इस संघर्ष से सीखा गया है वो बताता है कि "जंग में वापसी कई और चौंकाने वाले मोड़ लेकर आ सकती है।" सीआरएस की रिपोर्ट में कहा गया है कि 42 विमानों के नुकसान का आंकड़ा बढ़ भी सकता है, क्योंकि कई मामलों की जानकारी अभी गोपनीय है और नुकसान की पुष्टि अलग-अलग सोर्स से की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इनमें स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट और स्पेशल ऑपरेशन प्लेन भी शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीआरएस अमेरिकी संसद और उसकी समितियों को कानूनी और नीतिगत विश्लेषण देने वाली संस्था है। उसने यह आंकड़े अमेरिकी रक्षा विभाग और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयानों के अलावा मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान ये नुकसान झेला। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 40 दिन का अमेरिकी-इजराइली हवाई अभियान था, जो 28 फरवरी 2026 से ईरान के खिलाफ चला। रिपोर्ट के अनुसार, 12 मई 2026 को हुई एक सुनवाई के दौरान, अध्यक्षीय पेंटागन नियंत्रक जूल्स डब्ल्यू. हर्स्ट III ने गवाही दी कि ईरान में सैन्य अभियानों के लिए विभाग का लागत अनुमान बढ़कर 29 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि पेंटागन ने अब तक कुल नुकसान का कोई आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है। US-Iran Conflict News</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 14:37:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>समुद्री सुरक्षा पर ईरान सतर्क, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे जहाजों की मदद को तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। ईरान के पोर्ट्स एंड मेरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने स्पष्ट किया है कि देश के बंदरगाह किसी भी आपात स्थिति में जहाजों की सहायता के लिए पूरी तरह तैयार हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/iran-alert-on-maritime-security-ready-to-help-ships-stranded/article-84387"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/iran-elan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Global Oil Supply: तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। ईरान के पोर्ट्स एंड मेरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने स्पष्ट किया है कि देश के बंदरगाह किसी भी आपात स्थिति में जहाजों की सहायता के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, समुद्री प्राधिकरण की ओर से क्षेत्र में संचालित जहाजों के कप्तानों को विशेष संदेश जारी किया गया है। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें कहा गया है कि ईरानी जलक्षेत्र या बंदरगाहों से गुजरने वाले जहाजों को तकनीकी सहयोग, ईंधन आपूर्ति, चिकित्सीय सहायता तथा आवश्यक रखरखाव सेवाएं प्रदान की जाएंगी। ईरान ने यह भी बताया कि यह सूचना समुद्री संचार प्रणाली और वीएचएफ नेटवर्क के माध्यम से लगातार प्रसारित की जाएगी, ताकि समुद्री मार्ग से गुजरने वाले अधिकतम जहाजों तक यह संदेश पहुंच सके। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार का अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का प्रभाव सीधे ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी कंपनियां भी सतर्क हो गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को रोकने संबंधी घोषणा के बाद क्षेत्रीय माहौल में कुछ नरमी देखने को मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह कदम समुद्री व्यापार को सामान्य बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भरोसा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। ईरान ने दोहराया है कि उसके बंदरगाह हर प्रकार की मानवीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं तथा समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। Iran News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 14:54:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान ने यूनेस्को से ट्रांस-ईरानी रेलवे सिस्टम पर हमले को लेकर हस्तक्षेप की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[Iranian Railway Attack: तेहरान। यूनेस्को के समक्ष ईरान ने अपने ऐतिहासिक रेल नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। देश के सांस्कृतिक धरोहर मंत्री रेज़ा सालेही अमीरी ने यूनेस्को की महानिदेशक को औपचारिक पत्र प्रेषित कर इज़राइल द्वारा कथित रूप से दी गई धमकी की निंदा करने तथा इस पर रोक लगाने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/iran-calls-on-unesco-to-intervene-regarding-attacks-on-the-trans-iranian-railway-system/article-83199"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/iranian-railway-attack.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Iranian Railway Attack: तेहरान। यूनेस्को के समक्ष ईरान ने अपने ऐतिहासिक रेल नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। देश के सांस्कृतिक धरोहर मंत्री रेज़ा सालेही अमीरी ने यूनेस्को की महानिदेशक को औपचारिक पत्र प्रेषित कर इज़राइल द्वारा कथित रूप से दी गई धमकी की निंदा करने तथा इस पर रोक लगाने हेतु हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि लगभग 1,394 किलोमीटर लंबा ट्रांस-ईरानी रेलवे, जो उत्तर-पूर्व में कैस्पियन सागर को दक्षिण-पश्चिम में फारस की खाड़ी से जोड़ता है, वर्ष 2021 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका है। यह रेलमार्ग अपने विशाल विस्तार, दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से होकर गुजरने तथा जटिल अभियांत्रिकीय संरचनाओं के कारण वैश्विक स्तर पर विशेष महत्व रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान की आधिकारिक समाचार संस्था आईएसएनए के अनुसार मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि इस प्रकार की धमकियां केवल किसी एक देश की संपत्ति पर नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता की साझा सांस्कृतिक धरोहर पर आघात के समान हैं। उन्होंने यूनेस्को से आग्रह किया कि वह इस विषय पर स्पष्ट एवं त्वरित रुख अपनाए। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच इज़राइली रक्षा बल ने मंगलवार को एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उसने ईरान की वायु-रक्षा प्रणालियों को लक्ष्य बनाकर हवाई कार्रवाई की है। सैन्य सूत्रों के अनुसार अब तक 130 से अधिक वायु-रक्षा इकाइयों को निष्क्रिय किया जा चुका है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर कोई समझौता नहीं होता, तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यक होने पर कार्रवाई शीघ्र की जा सकती है। Iran News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:09:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>1 करोड़ 40 लाख ईरानी, देश के लिए जान कुर्बान करने को तैयार: राष्ट्रपति पेजेश्कियन</title>
                                    <description><![CDATA[Masoud Pezeshkian Statement: तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच मसूद पेज़ेश्कियन (Masoud Pezeshkian) ने देशवासियों की दृढ़ता और एकजुटता को लेकर बड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में नागरिक त्याग और समर्पण के लिए तैयार हैं। Iran News सोशल मीडिया […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/14-million-iranians-ready-to-sacrifice-their-lives-for-the-country-president-pezeshkian/article-83194"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/iran-qurban.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Masoud Pezeshkian Statement: तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच मसूद पेज़ेश्कियन (Masoud Pezeshkian) ने देशवासियों की दृढ़ता और एकजुटता को लेकर बड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में नागरिक त्याग और समर्पण के लिए तैयार हैं। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि लाखों ईरानी नागरिक देश की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त कर चुके हैं। उन्होंने स्वयं भी राष्ट्रहित में हर प्रकार का योगदान देने का संकल्प दोहराया और इसे राष्ट्रीय सम्मान का विषय बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले युवा एवं खेल मामलों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी अलीरेज़ा रहीमी ने नागरिकों से सार्वजनिक अवसंरचना की सुरक्षा के समर्थन में शांतिपूर्ण एकजुटता प्रदर्शित करने की अपील की थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों के आसपास प्रतीकात्मक मानव श्रृंखला बनाकर नागरिक यह संदेश दें कि सार्वजनिक ढांचे पर किसी प्रकार का हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय सिद्धांतों के विरुद्ध है।</p>
<h3>सैन्य गतिविधियों के चलते स्थिति और संवेदनशील</h3>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के चलते स्थिति और संवेदनशील बनी हुई है। Israel Defense Forces (आईडीएफ) ने नागरिकों के लिए विशेष सुरक्षा सलाह जारी करते हुए कुछ समय के लिए रेल सेवाओं के उपयोग से बचने का आग्रह किया है। सेना ने कहा कि रेलवे मार्गों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचना नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में परिवहन अवसंरचना को लेकर सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है। इस कारण लोगों से सावधानीपूर्वक यात्रा करने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर बनी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए कड़े संदेश के बाद हालात और संवेदनशील हो गए हैं। बताया जा रहा है कि सामरिक जलमार्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर समयसीमा निर्धारित की गई है, जिस पर सभी पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियां पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती हैं। ऐसे समय में कूटनीतिक प्रयासों की भूमिका पहले से अधिक अहम हो गई है। Iran News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 15:41:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमलों को लेकर ईरान की रेडिएशन लीक करने की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[तेहरान। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि उसकी निष्क्रियता के कारण देश के परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं। साथ ही ईरान ने संभावित विकिरण रिसाव को लेकर गंभीर आशंका भी प्रकट की है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/iran-warns-against-attacks-on-bushehr-nuclear-plant-threatens-radiation-leak/article-83158"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/iran-radiation-leak.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">तेहरान। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि उसकी निष्क्रियता के कारण देश के परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं। साथ ही ईरान ने संभावित विकिरण रिसाव को लेकर गंभीर आशंका भी प्रकट की है। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने इस विषय में आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी को पत्र लिखकर बुशहर स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर बार-बार हुए हमलों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश के सक्रिय परमाणु संयंत्रों को लगातार निशाना बनाया जाना अत्यंत चिंताजनक है और इससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर अब तक कई बार हमले किए जा चुके हैं। हाल ही में संयंत्र के निकट हुए एक हमले में सुरक्षा दल के एक सदस्य की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य कर्मचारी घायल हुए। इस्लामी ने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति से रेडियोधर्मी पदार्थों के संभावित रिसाव का खतरा उत्पन्न हो सकता है, जिससे मानव जीवन, पर्यावरण तथा पड़ोसी देशों पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका है। Iran News</p>
<h3>केवल औपचारिक चिंता व्यक्त करने तक सीमित न रहकर ठोस कदम उठाए</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु प्रतिष्ठानों पर सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानकों और संधियों के विरुद्ध है। ईरान का मत है कि इस प्रकार की घटनाएं परमाणु अप्रसार संधि सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रावधानों तथा सुरक्षा दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती हैं। ईरान ने संबंधित एजेंसी से अपेक्षा व्यक्त की है कि वह केवल औपचारिक चिंता व्यक्त करने तक सीमित न रहकर ठोस कदम उठाए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने भी परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमलों को गंभीर जोखिम बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं संभावित परमाणु दुर्घटना को जन्म दे सकती हैं, जिसके प्रभाव कई पीढ़ियों तक स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ सकते हैं। उन्होंने बढ़ते तनाव के बीच संयम बरतने और सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। Iran News</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 17:22:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Iran Warning: ईरानी कमांडर ने दी अमेरिका-इज़रायल को विनाशकारी प्रतिघात की धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[Iran Warning: तेहरान। ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका या इज़राइल द्वारा ईरान के आधारभूत ढांचे पर किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो उसके प्रत्युत्तर में पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों तथा इज़रायली प्रतिष्ठानों पर निरंतर और व्यापक प्रतिघात किया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/iranian-commander-threatens-us-and-israel-with-devastating-retaliation/article-83105"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/iran-warning.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Iran Warning: तेहरान। ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका या इज़राइल द्वारा ईरान के आधारभूत ढांचे पर किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो उसके प्रत्युत्तर में पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों तथा इज़रायली प्रतिष्ठानों पर निरंतर और व्यापक प्रतिघात किया जाएगा। यह चेतावनी अली अब्दोल्लाही ने दी, जो खातम अल‑अनबिया केंद्रीय मुख्यालय से संबद्ध वरिष्ठ कमांडर हैं। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को पुनः पूर्ण रूप से खोलने के लिए दी गई समय-सीमा समाप्ति के निकट बताई जा रही है। ईरानी कमांडर ने कहा कि यदि राष्ट्रीय संपत्तियों को लक्ष्य बनाया गया, तो ईरानी सशस्त्र बल देश की सुरक्षा और संप्रभु अधिकारों की रक्षा हेतु कठोर कदम उठाने में कोई विलंब नहीं करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर, अमेरिकी नेतृत्व की ओर से भी कड़े संकेत दिए गए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सामाजिक मंच ट्रुथ सोशल पर एक संदेश में समय-सीमा समाप्त होने से पूर्व चेतावनी दोहराते हुए कहा कि निर्धारित अवधि समाप्त होने पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है। इससे पहले भी उन्होंने संकेत दिया था कि यदि जलडमरूमध्य में नौवहन सामान्य नहीं हुआ, तो ईरान की ऊर्जा संरचनाओं को लक्ष्य बनाया जा सकता है, हालांकि बाद में वार्ता के चलते इस कार्रवाई को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था। Iran News</p>
<h3>आईआरजीसी नौसेना का दावा, इज़रायल के एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया गया</h3>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच, आईआरजीसी नौसेना ने दावा किया है कि उसके ड्रोन अभियान में इज़रायल से संबंधित एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया गया, जिससे उसमें आग लग गई। आधिकारिक सूचना माध्यम सेपाह न्यूज़ के अनुसार यह कार्रवाई बहरीन के एक बंदरगाह क्षेत्र के निकट की गई। साथ ही अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार मानवीय सहायता और आवश्यक वस्तुएँ ले जाने वाले जहाजों को ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति प्रदान की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया था जब फरवरी के अंत में अमेरिका और इज़रायल द्वारा संयुक्त सैन्य कार्रवाइयों की शुरुआत की गई। इसके प्रत्युत्तर में ईरान तथा उसके सहयोगी समूहों द्वारा पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इज़रायली हितों से जुड़े ठिकानों पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियात्मक कार्रवाइयों की घटनाएँ सामने आई हैं। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। Iran News</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 10:03:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>US-Israel-Iran War Updates: ईरान के लोगों का दुनिया से संपर्क लगभग खत्म, 30 दिनों से बंद पड़ा है इंटरनेट</title>
                                    <description><![CDATA[US-Israel-Iran War Updates: तेहरान। ईरान में इंटरनेट 30 दिनों से बंद है। पूरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म हो चुका है और देश में इंटरनेट एक्सेस सामान्य स्तर के सिर्फ करीब 1 प्रतिशत तक रह गया है। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स ने ये तथ्य एक्स पर साझा किया है। बताया कि ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-iranian-peoples-connection-with-the-outside-world-has-virtually-ceased-the-internet-has-been-shut-down-for-30-days/article-82859"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/iran-confilts.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">US-Israel-Iran War Updates: तेहरान। ईरान में इंटरनेट 30 दिनों से बंद है। पूरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म हो चुका है और देश में इंटरनेट एक्सेस सामान्य स्तर के सिर्फ करीब 1 प्रतिशत तक रह गया है। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स ने ये तथ्य एक्स पर साझा किया है। बताया कि ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट अब 30वें दिन में प्रवेश कर गया है। 696 घंटे बीत चुके हैं। देश में इंटरनेट एक्सेस सामान्य स्तर के सिर्फ करीब 1 प्रतिशत तक रह गया है। इसका मतलब है कि अधिकांश लोग इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और देश डिजिटल रूप से दुनिया से लगभग कट चुका है। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">28 फरवरी, 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य हमलों की एक श्रृंखला के बाद से ही इंटरनेट ब्लैकआउट जैसी स्थिति है। मौजूदा हालात के कारण देश के इतिहास में सबसे लंबे डिजिटल शटडाउन हुआ है, इससे लगभग 9 करोड़ नागरिक एक गंभीर राष्ट्रीय संकट के दौरान वैश्विक समुदाय से लगभग पूरी तरह कट गए हैं।</p>
<h3>यह ब्लैकआउट पश्चिमी देशों के समन्वित सैन्य अभियान से हुआ था</h3>
<p style="text-align:justify;">यह ब्लैकआउट ठीक उसी समय हुआ जब पश्चिमी देशों ने ईरान के परमाणु और मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए समन्वित सैन्य अभियान शुरू किए थे। इन हमलों के बीच, ईरानी अधिकारियों ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की। इस ब्लैकआउट के कारण ईरान में केवल कुछ व्हाइटलिस्टेड सेवाएं और राष्ट्रीय इंटरनेट नेटवर्क (एनआईएन) ही सीमित रूप से काम कर पा रहे हैं, जबकि ज्यादातर वैश्विक वेबसाइट और प्लेटफॉर्म ठप पड़े हैं। खबरों के अनुसार, सरकार सैटेलाइट सिग्नलों को ब्लॉक करने के लिए सैन्य-स्तर की जैमिंग तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है—जिसमें स्टारलिंक नेटवर्क के सिग्नल भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एनआईएन को ‘हलाल इंटरनेट’ नाम से भी जाना जाता है; यह एक घरेलू इंट्रानेट सिस्टम है, जिसे सरकार अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट को बंद करने के बावजूद आंतरिक सेवाओं (बैंकिंग, सरकारी वेबसाइट) को चलाने के लिए प्रयोग में लाती है। 2026 की शुरुआत में विरोध प्रदर्शनों के दौरान जब व्यापक इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया गया तो जनता को इसी नियंत्रित नेटवर्क पर स्विच कर दिया गया, जिससे उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह टूट गया था। Iran News</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 15:57:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट से बाहरी दुनिया से संपर्क करना हुआ बेहद मुश्किल</title>
                                    <description><![CDATA[Internet Blackout in Iran: तेहरान। Tehran सहित पूरे Iran में इंटरनेट सेवाओं पर कड़ी पाबंदियां जारी हैं। सोमवार को भी लगातार 17वें दिन आम लोगों को वैश्विक इंटरनेट तक पहुंचने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण नागरिकों के लिए बाहरी दुनिया से संपर्क करना और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/internet-blackout-in-iran-makes-contacting-the-outside-world-extremely-difficult/article-82380"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/internet-blackout-iran.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Internet Blackout in Iran: तेहरान। Tehran सहित पूरे Iran में इंटरनेट सेवाओं पर कड़ी पाबंदियां जारी हैं। सोमवार को भी लगातार 17वें दिन आम लोगों को वैश्विक इंटरनेट तक पहुंचने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण नागरिकों के लिए बाहरी दुनिया से संपर्क करना और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करना बेहद सीमित हो गया है। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">इंटरनेट गतिविधियों की निगरानी करने वाली संस्था NetBlocks के अनुसार देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी सामान्य स्तर से काफी नीचे पहुंच गई है। अधिकांश अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं हैं, जिससे वैश्विक संचार लगभग ठप हो गया है।  बताया जा रहा है कि इस अवधि में केवल कुछ चुनिंदा सेवाएं और देश का आंतरिक नेटवर्क, जिसे राष्ट्रीय सूचना नेटवर्क (NIN) कहा जाता है, सीमित रूप से सक्रिय है। यह एक घरेलू डिजिटल ढांचा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट बंद होने की स्थिति में भी स्थानीय ऑनलाइन सेवाओं को संचालित रखने के लिए बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार इस नेटवर्क को अक्सर “हलाल इंटरनेट” के नाम से भी संबोधित किया जाता है। इस व्यवस्था में केवल उन्हीं वेबसाइटों और सेवाओं को उपयोग की अनुमति होती है, जिन्हें सरकार द्वारा सुरक्षित और स्वीकृत माना जाता है। इसके कारण नागरिकों को वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों तक पहुंच नहीं मिल पाती। Iran News</p>
<h3>देश में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार ने व्यापक स्तर पर इंटरनेट प्रतिबंध लागू किए थे</h3>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, 2026 की शुरुआत में देश में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार ने व्यापक स्तर पर इंटरनेट प्रतिबंध लागू किए थे। उस समय भी लोगों को अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट से काटकर इसी नियंत्रित नेटवर्क के जरिए सीमित ऑनलाइन सेवाएं प्रदान की गई थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य वैश्विक इंटरनेट व्यवस्था में अधिकांश वेबसाइटें खुली रहती हैं और केवल कुछ सामग्री पर प्रतिबंध लगाया जाता है। इसके विपरीत, नियंत्रित नेटवर्क “व्हाइटलिस्ट” प्रणाली पर आधारित होता है, जिसमें अधिकतर वेबसाइटें बंद रहती हैं और केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म ही उपलब्ध होते हैं। ऐसी स्थिति में नागरिक स्थानीय स्तर पर कुछ सेवाओं, जैसे बैंकिंग या सरकारी पोर्टल का उपयोग तो कर सकते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संवाद, वैश्विक समाचार या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक उनकी पहुंच लगभग समाप्त हो जाती है। Iran News</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 17:00:28 +0530</pubDate>
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