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                <title>Rupee News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Indian Rupee Gain: रुपए हुआ मजबूत, 13 वर्षों बाद आई ऐसी ऐतिहासिक तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[Indian Rupee Gain: नई दिल्ली। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में भारतीय रुपए ने उल्लेखनीय मजबूती प्रदर्शित करते हुए पिछले लगभग 13 वर्षों की सबसे बड़ी छलांग दर्ज की। कारोबार के अंत में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.10 के स्तर पर बंद हुआ, जो हाल के महीनों की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार माना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rupee-strengthens-historic-rally-witnessed-after-13-years/article-83008"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/indian-rupee.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Indian Rupee Gain: नई दिल्ली। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में भारतीय रुपए ने उल्लेखनीय मजबूती प्रदर्शित करते हुए पिछले लगभग 13 वर्षों की सबसे बड़ी छलांग दर्ज की। कारोबार के अंत में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.10 के स्तर पर बंद हुआ, जो हाल के महीनों की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस मजबूती के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए सख्त नियामकीय कदम प्रमुख कारण रहे हैं। केंद्रीय बैंक ने हाल के दिनों में रुपये पर बढ़ती सट्टा गतिविधियों को नियंत्रित करने और विनिमय दर को स्थिर बनाए रखने के उद्देश्य से कई प्रतिबंधात्मक उपाय लागू किए हैं। Rupee News</p>
<p style="text-align:justify;">बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों की धारणा में भी कुछ सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला। विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप के हालिया वक्तव्य के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होने की संभावना जताई गई, जिससे जोखिम लेने की प्रवृत्ति में वृद्धि हुई और इसका लाभ उभरते बाजारों की मुद्राओं को मिला। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी संकेत दिया कि वैश्विक अनिश्चितता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, जिससे मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">तीन दिन के अवकाश के बाद जब मुद्रा बाजारों में पुनः कारोबार आरम्भ हुआ, तो दिन के दौरान रुपया लगभग 1.7 प्रतिशत मजबूत होकर 93.25 तक पहुंच गया। यह वृद्धि सितंबर 2013 के बाद डॉलर के मुकाबले रुपये की सबसे उल्लेखनीय दैनिक मजबूती मानी जा रही है। Rupee News</p>
<h3>केंद्रीय बैंक ने नॉन-डिलीवरी फॉरवर्ड जारी करने पर रोक लगाई</h3>
<p style="text-align:justify;">हाल के निर्णयों के अंतर्गत केंद्रीय बैंक ने बैंकों को निवासी और अनिवासी ग्राहकों के लिए रुपये आधारित नॉन-डिलीवरी फॉरवर्ड जारी करने पर रोक लगाई है। इसके अतिरिक्त कंपनियों को निरस्त किए गए फॉरवर्ड अनुबंधों को पुनः सक्रिय करने की अनुमति भी नहीं दी गई है। इससे पहले बैंकों की विदेशी मुद्रा से संबंधित खुली स्थिति की सीमा निर्धारित करने और संबंधित पक्षों के साथ डेरिवेटिव सौदों पर नियंत्रण जैसे कदम भी उठाए जा चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपायों का उद्देश्य विदेशी मुद्रा बाजार में अनावश्यक सट्टा गतिविधियों को नियंत्रित करना तथा रुपये को स्थिर आधार प्रदान करना है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से अधिक होने के कारण केंद्रीय बैंक के पास आवश्यकता पड़ने पर हस्तक्षेप करने की पर्याप्त क्षमता उपलब्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;">वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी के संकेतों के बावजूद भारतीय मुद्रा में यह मजबूती दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग तथा दक्षिण कोरिया का कोस्पी जैसे प्रमुख सूचकांक लगभग तीन प्रतिशत तक गिरावट के साथ बंद हुए। इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भी देखा गया। ब्रेंट क्रूड वायदा 106 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई वायदा भी 104 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से अधिक दर्ज किया गया, जिससे वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि सप्ताह की शुरुआत में महावीर जयंती तथा नए वित्तीय वर्ष के कारण मुद्रा बाजार बंद रहे थे और शुक्रवार को गुड फ्राइडे के अवसर पर भी बाजारों में अवकाश रहेगा। Rupee News</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:53:48 +0530</pubDate>
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                <title>Rupee News: 10,20, 50 नोटों को लेकर केन्द्र सरकार का आया बड़ा बयान, जल्दी पढ़ेेंं</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। Rupee News: देश में करेंसी सर्कुलेशन में 10,20 और 50 रुपए के नोटों की कोई कमी नहीं है। यह जानकारी सरकार की ओर से मंगलवार को संसद में दी गई। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्य सभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि आरबीआई के अनुसार, कम मूल्य […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/central-governments-statement-on-rs-ten-twenty-and-fifty-notes/article-82176"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/rupee-news.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> Rupee News: देश में करेंसी सर्कुलेशन में 10,20 और 50 रुपए के नोटों की कोई कमी नहीं है। यह जानकारी सरकार की ओर से मंगलवार को संसद में दी गई। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्य सभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि आरबीआई के अनुसार, कम मूल्य के नोट परंपरागत रूप से एटीएम के माध्यम से नहीं दिए जाते रहे हैं। उन्होंने सदन को सूचित किया कि कम मूल्यवर्ग के नोटों को छोटे मूल्य के नोट वितरकों के माध्यम से वितरित करने के लिए एक पायलय प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। सरकार के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (26 फरवरी तक) में केंद्रीय बैंक द्वारा 10 रुपए के 439.40 करोड़ नोट, 20 रुपए के 193.70 करोड़ नोट और 50 रुपए के 130.30 करोड़ नोटों की आपूर्ति की गई है। पिछले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025) में 10 रुपए के 180 करोड़ नोट, 20 रुपए के 150 करोड़ नोट और 50 रुपए के 300 करोड़ नोटों की आपूर्ति की गई थी। Rupee News</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 14:28:14 +0530</pubDate>
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                <title>INR Price Today: रुपए में जबरदस्त तेजी, डॉलर के मुकाबले 75 पैसे चढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[Rupee Price Today: मुंबई। अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपये की मजबूती का सिलसिला जारी है। मंगलवार को रुपया 75 पैसे की मज़बूती के साथ 84.65 के स्तर पर खुला। इससे पहले के कारोबारी सत्र में यह डॉलर के मुकाबले 85.38 पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आज के कारोबारी सत्र […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/tremendous-rise-in-rupee-rose-by-75-paise-against-dollar/article-70832"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/indian-rupee-price.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Rupee Price Today: मुंबई।</strong> अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपये की मजबूती का सिलसिला जारी है। मंगलवार को रुपया 75 पैसे की मज़बूती के साथ 84.65 के स्तर पर खुला। इससे पहले के कारोबारी सत्र में यह डॉलर के मुकाबले 85.38 पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आज के कारोबारी सत्र में रुपया डॉलर के मुकाबले 84.50 से 85.25 के दायरे में रह सकता है। यह बढ़त ऐसे समय पर दर्ज की गई है जब हाल ही में अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौता हुआ है, जिससे वैश्विक बाज़ारों में स्थिरता आने की संभावना जताई जा रही है। INR Price Today</p>
<p style="text-align:justify;">इस समझौते के तहत अमेरिका आगामी 90 दिनों तक चीनी वस्तुओं पर आयात शुल्क को 145 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत तक कर देगा। वहीं, चीन भी अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क को 125 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने पर सहमत हुआ है। दोनों देशों ने व्यापार और आर्थिक संबंधों पर विचार-विमर्श जारी रखने हेतु एक प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में भू-राजनीतिक परिस्थितियों में आने वाले किसी भी बदलाव का असर रुपये की दिशा पर अवश्य पड़ेगा।</p>
<h3>2024-25 में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 83.10 से 87.60 के मध्य रहा</h3>
<p style="text-align:justify;">वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 83.10 से 87.60 के मध्य रहा। इस अवधि में रुपये की कीमत में लगभग 2.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके पीछे मुख्य कारण विदेशी निवेशकों की बिकवाली और डॉलर की मज़बूती रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की ‘मार्केट पल्स रिपोर्ट’ के अनुसार, इन तमाम चुनौतियों के बावजूद रुपया वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अपेक्षाकृत स्थिर रहा है। इसका कारण घटता चालू खाता घाटा, सरकार की सुदृढ़ वित्तीय स्थिति, तरलता में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मार्च 2025 में डॉलर की कमजोरी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) में बढ़ोतरी के चलते रुपया डॉलर के मुकाबले 2.4 प्रतिशत तक मज़बूत हुआ है। INR Price Today</p>
<p><a title="HBSE 12th Result 2025: हरियाणा बोर्ड 12वीं का रिजल्ट हुआ जारी,  लड़कियों ने मारी बाज़ी" href="http://10.0.0.122:1245/haryana-board-12th-result-declared-girls-outdo-boys/">HBSE 12th Result 2025: हरियाणा बोर्ड 12वीं का रिजल्ट हुआ जारी, लड़कियों ने मारी बाज़ी</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                                            <category>कारोबार</category>
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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 13:36:36 +0530</pubDate>
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                <title>Rupee Gains: डॉलर की अपेक्षा रुपया पहुंचा 3 महीने के उच्चतम स्तर पर</title>
                                    <description><![CDATA[Rupee Gains: नई दिल्ली। रुपये में तेजी जारी है। इसी तेजी के चलते आज यानि शुक्रवार को रुपया 85 के नीचे पहुंच गया, जो कि अमेरिकी मुद्रा के खिलाफ तीन महीने का सबसे उच्चतम स्तर है। कारोबारी सत्र की शुरूआत में डॉलर के मुकाबले रुपया 85.04 पर खुला और शुरूआती कारोबार में ही यह 84.99 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rupee-reaches-3-month-high-against-dollar/article-69252"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/rupee-increse.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Rupee Gains: नई दिल्ली। रुपये में तेजी जारी है। इसी तेजी के चलते आज यानि शुक्रवार को रुपया 85 के नीचे पहुंच गया, जो कि अमेरिकी मुद्रा के खिलाफ तीन महीने का सबसे उच्चतम स्तर है। कारोबारी सत्र की शुरूआत में डॉलर के मुकाबले रुपया 85.04 पर खुला और शुरूआती कारोबार में ही यह 84.99 पर पहुंच गया है, जो पिछले सत्र में डॉलर के मुकाबले रुपया की क्लोजिंग 85.44 से 40 पैसे अधिक है। Rupee News</p>
<h3>डॉलर कमजोर होकर 101.69 के करीब आ गया</h3>
<p style="text-align:justify;">एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डॉलर के मुकाबले रुपये में तेजी का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ से डॉलर के कमजोर होने और कच्चे तेल में गिरावट को माना जा रहा है। ट्रंप द्वारा टैरिफ के ऐलान के बाद से दुनिया के छह बड़े देशों की मुद्रा के खिलाफ अमेरिकी मुद्रा की मजबूती दर्शाने वाले डॉलर इंडेक्स में बड़ी गिरावट देखी गई है। यह कमजोर होकर 101.69 के करीब आ गया है। टैरिफ ऐलान के समय गुरुवार को डॉलर 104 के आसपास था। जानकारों का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ उम्मीद से ज्यादा हैं, जिसके कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने का खतरा है और इस कारण डॉलर में कमजोरी देखी जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती की एक वजह कच्चे तेल में बड़ी गिरावट होना है। ब्रेंट क्रूड 69.64 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में जब भी कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आती है तो देश को बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा बचत करने में मदद मिलती है और इससे रुपये को सहारा मिलता है। एलकेपी सिक्योरिटी में वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी), जतिन त्रिवेदी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज रिकवरी देखने को मिली है। वैश्विक संकेतों और एफआईआई फ्लो के कारण डॉलर के मुकाबले रुपया 85 से 85.90 के बीच में रह सकता है। Rupee News</p>
<p><a title="Pension News: ना लें कोई टेंशन! गंभीर बीमारी से ग्रसित रोगियों के खातों में जल्द आएगी पेंशन!" href="http://10.0.0.122:1245/pension-will-soon-be-credited-to-the-accounts-of-patients-suffering-from-serious-illnesses/">Pension News: ना लें कोई टेंशन! गंभीर बीमारी से ग्रसित रोगियों के खातों में जल्द आएगी पेंशन!</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 12:40:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Rupee Rises: डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत, 6 वर्षों की सबसे बड़ी तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[Rupee Rises: नई दिल्ली। भारतीय रुपये में तेजी का रुख बना हुआ है, जोकि डॉलर के मुकाबले मार्च में अब तक 2 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुका है। यह नवंबर 2018 के बाद स्वदेशी मुद्रा का अब तक का सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन है। रुपये में तेजी की वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफपीआई) का भारतीय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/rupee-strengthens-against-dollar-biggest-gain-in-6-years/article-68986"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/rupee-rises.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Rupee Rises: नई दिल्ली। भारतीय रुपये में तेजी का रुख बना हुआ है, जोकि डॉलर के मुकाबले मार्च में अब तक 2 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुका है। यह नवंबर 2018 के बाद स्वदेशी मुद्रा का अब तक का सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन है। रुपये में तेजी की वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफपीआई) का भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी करना और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी को माना जा रहा है। Rupee News</p>
<h3>डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड लो 87.95 पर</h3>
<p style="text-align:justify;">फरवरी में वैश्विक अस्थिरता और डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने के कारण डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड लो 87.95 पर पहुंच गया था। तब से रुपये में एक मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। मौजूदा समय में, डॉलर के मुकाबले रुपया 85.58 पर है। रुपये में तेजी की वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफपीआई) द्वारा भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी करना है। गुरुवार के कारोबारी सत्र में एफपीआई ने करीब 1.2 अरब डॉलर का निवेश भारतीय इक्विटी बाजार में किया। वहीं, बीते छह कारोबारी सत्र में एफपीआई 6 अरब डॉलर से अधिक की इक्विटी खरीद चुके हैं। इसके अलावा, अप्रैल में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो रेट में कमी की संभावना के कारण देश के बॉन्ड मार्केट में भी बड़ी संख्या में विदेशी निवेशक निवेश कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक मार्च में भारतीय बॉन्ड्स में 3 अरब डॉलर से ज्यादा का प्रवाह आ चुका है। रुपये में तेजी की एक वजह दुनिया की बड़ी करेंसी के खिलाफ अमेरिकी मुद्रा की मजबूती दर्शाने वाले डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आना है, जो अब गिरकर 104 पर आ गया है। फरवरी में यह 108 के करीब था। डॉलर इंडेक्स में कमजोरी का कारण अमेरिकी फेड रिजर्व की ओर से ब्याज दर में कटौती के संकेत देना है। आखिरी फेड बैठक में जारी बयान में कहा गया कि इस साल दो बार ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। ऐसा माना जाता है कि जब भी अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती होती है तो डॉलर दुनिया की अन्य बड़ी मुद्राओं के खिलाफ कमजोर होता है। Rupee News</p>
<p><a title="Biometric Challenge: बायोमेट्रिक चैलेंज पूरा करें और पाएं 7.7 लाख रुपये का पुरस्कार" href="http://10.0.0.122:1245/complete-the-biometric-challenge-and-get-a-prize-of-rs-7-7-lakh/">Biometric Challenge: बायोमेट्रिक चैलेंज पूरा करें और पाएं 7.7 लाख रुपये का पुरस्कार</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 15:42:05 +0530</pubDate>
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