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                <title>procurement - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>मंडियों में आवक तेज, कपास खरीद रफ्तार धीमी</title>
                                    <description><![CDATA[मंडियों के हालात ऐसे हैं कि टाउन व जंक्शन मंडी में इस वक्त दस हजार क्विंटल से अधिक कपास की आवक हो रही है। हनुमानगढ़ । किसानों की ओर से कई दिनों तक संघर्ष करने के बाद बीते सप्ताह जंक्शन मंडी में कपास की सरकारी खरीद शुरू हो गई। लेकिन टाउन मंडी में अभी तक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/cotton-case-of-procurement/article-10979"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/cotton.jpg" alt=""></a><br /><h2>मंडियों के हालात ऐसे हैं कि टाउन व जंक्शन मंडी में इस वक्त दस हजार क्विंटल से अधिक कपास की आवक हो रही है।</h2>
<p style="text-align:left;"><strong>हनुमानगढ़ ।</strong> किसानों की ओर से कई दिनों तक संघर्ष करने के बाद बीते सप्ताह जंक्शन मंडी में कपास की सरकारी खरीद शुरू हो गई। लेकिन टाउन मंडी में अभी तक सरकारी खरीद का श्रीगणेश भी नहीं हुआ है। टाउन में खरीद अभी तक ठप रहने के कारणों का उल्लेख करते हुए मंडी समिति सचिव ने इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। वहीं टाउन मंडी में सरकारी खरीद कब से शुरू होगी, इस सवाल का जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है। मंडियों के हालात ऐसे हैं कि टाउन व जंक्शन मंडी में इस वक्त दस हजार क्विंटल से अधिक कपास की आवक हो रही है।</p>
<p style="text-align:left;">लेकिन सरकारी दर पर इसे खरीदने में सीसीआई अधिकारी आनाकानी कर रहे हैं। दबे मन से बोली लगाने के लिए अधिकारी मंडी में आते जरूर हैं मगर खरीद में रुचि नहीं दिखाने के कारण सरकारी खरीद की रफ्तार काफी धीमी है। इससे किसान हैरान-परेशान हो रहे हैं। पूर्व में सीसीआई अधिकारी नमी का बहाना बनाकर खरीद करने से बच रहे थे। लेकिन अब नमी की मात्रा भी खरीद नियमों के आसपास आने के बावजूद अधिकारी सरकारी खरीद करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। आवक की तुलना में नामात्र की खरीद होने से किसान परेशान हो रहे हैं। चालू सीजन में नियमानुसार आठ प्रतिशत तक नमी रहने पर किसानों को ५४५० रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान करने का निर्देश है। लेकिन इस भाव पर ज्यादातर कपास की खरीद नहीं होने से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।</p>
<h2 style="text-align:left;">गत वर्ष सुस्ती पड़ी थी भारी</h2>
<p style="text-align:left;">गत वर्ष कपास की सरकारी खरीद शुरू करवाने में जिला प्रशासन से सुस्ती दिखाई थी। इसके कारण एक भी जिनिंग फैक्ट्री सीसीआई को नहीं मिल पाई थी। हनुमानगढ़ जिले में कपास की सरकारी खरीद को लेकर इस वर्ष सीसीआई ने जंक्शन में जो अनुबंधित किया था, उसमें भी बाद में कई दिक्कतें आ गई। लापरवाही के चलते गत वर्ष सीसीआई के अफसर जिले में एक क्विंटल कपास की सरकारी खरीद भी नहीं कर पाए थे। इस बार भी सरकारी खरीद के हालात ज्यादा संतोषजनक नहीं लग रहे।</p>
<ul>
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</ul>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Nov 2019 16:22:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बाजरा की सरकारी खरीद एक से, न्यूनतम समर्थन मूल्य होगा 1425 रू.</title>
                                    <description><![CDATA[15 नवंबर तक की जाएगी खरीद 48 से 72 घंटे के अंदर भुगतान के आदेश भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। प्रदेशभर की अनाज मंडियों में एक अक्टूबर से बाजरा की खरीद शुरू कर दी जाएगी। बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1425 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। भिवानी जिला उपायुक्त अंशज सिंह ने बताया कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-procurement-of-millet-from-one-october/article-3346"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-09/bajra.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">15 नवंबर तक की जाएगी खरीद</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">48 से 72 घंटे के अंदर भुगतान के आदेश</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रदेशभर की अनाज मंडियों में एक अक्टूबर से बाजरा की खरीद शुरू कर दी जाएगी। बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1425 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। भिवानी जिला उपायुक्त अंशज सिंह ने बताया कि बाजरा की खरीद एक अक्टूबर से 15 नवंबर तक की जाएगी। बाजरा का न्यूनतम मूल्य 1425 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा बाजरा की खरीद के लिए पांच खरीद केन्द्र बनाए गए हंै। उन्होंने बताया कि भिवानी मंडी, तोशाम, लोहारू, चरखी-दादरी व ढिगावा की मंडि?ों में बाजरा की खरीद होगी। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा बाजरा साफ-सुथरा व अपनी उपज का केवल आधा भाग बिक्री के लिए मंडियों में लाएं ताकि उन्हें इसे बेचने में कोई कठिनाई ना हो।</p>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने बताया कि बाजरा में व्यर्थ पदार्थ जैसे जीवित-अजीवित जीव, अन्य अनाज के दाने या घुन -निम्र श्रेणी के दाने न हो। इसके अलावा बाजरा में नमी की अधिकता भी न हो। उन्होंने बताया कि किसान अपने साथ पटवारी द्वारा बाजरा बिजाई व मालिका हक के मूल दस्तावेज ब्रिकी के समय ब्रिकी केन्द्रों/ मंडियों में अपने साथ लाएं। उपायुक्त ने बताया कि किसान को बाजरा का अदायगी उनके व्यक्तिगत बैंक खातों के माध्यम से की जाएगी। किसान पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड भी साथ लाएं। उन्होंने बताया कि 48 से 72 घंटे के अंदर-अंदर किसानों को उनके बाजरा की कीमत का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडियों में आढ़तियों के पास बाजरा की सफाई के लिए बिजली के पंखे, झरने व अन्य साधनों की व्यवस्था की गई है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-procurement-of-millet-from-one-october/article-3346</link>
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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2017 07:06:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>1.64 लाख मैट्रिक टन मूंग की खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों को हुआ 862 करोड़ रुपये का भुगतान खरीद 74 केन्द्रों पर राजफैड, एफसीआई, नैफैड एवं तिलम संघ द्वारा की गई जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में पहली बार मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत समर्थन मूल्य पर 70 हजार 731 किसानों से 1 लाख […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/procurement-of-1-64-lakh-metric-tonnes-of-mung-bean/article-1538"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/ajay-singh.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">किसानों को हुआ 862 करोड़ रुपये का भुगतान</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>खरीद 74 केन्द्रों पर राजफैड, एफसीआई, नैफैड एवं तिलम संघ द्वारा की गई</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में पहली बार मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत समर्थन मूल्य पर 70 हजार 731 किसानों से 1 लाख 64 हजार मैट्रिक टन से अधिक मूंग की खरीद कर लगभग 862 करोड़ रुपये का भुगतान काश्तकारों को कर दिया गया है। यह मूंग खरीद 74 केन्द्रों पर राजफैड, एफसीआई, नैफैड एवं तिलम संघ द्वारा की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">किलक ने बताया कि 14 जिलों के 43 केन्द्रों पर राजफैड द्वारा सर्वाधिक 49 हजार 263 किसानों से 1.04 लाख मैट्रिक टन से अधिक मूंग की खरीद की गई। इन किसानों को 546.65 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है तथा शेष 21 हजार 468 किसानों से एफसीआई, नैफैड एवं तिलम संघ ने 31 केन्द्रों के माध्यम से 60 हजार मैट्रिक टन मूंग की खरीद कर लगभग 312 करोड़ रुपये का भुगतान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि राजफैड द्वारा जोधपुर जिले की 6 समितियों ने 15 हजार 582 किसानों से 35 हजार मैट्रिक टन से अधिक मूंग की खरीद कर 185 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है। पाली जिले की 3 समितियों ने 5 हजार 77 किसानों से 10 हजार मैट्रिक टन से अधिक मूंग खरीद कर 52 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया। जबकि जैसलमेर की 3 समितियों ने 5 हजार मैट्रिक टन से अधिक मूंग खरीद कर 30.34 करोड़ रुपये का भुगतान जिले के 2 हजार 80 किसानों को किया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बीकानेर में 1.98 करोड़ का भुगतान</h2>
<p style="text-align:justify;">बीकानेर जिले की समिति ने 140 किसानों से 3 हजार 805 मैट्रिक टन मूंग की खरीद कर 1.98 करोड़ रुपये का भुगतान किया। सहकारिता मंत्री ने बताया कि इसी प्रकार नागौर जिले के 9 हजार 276 किसानों से 5 समितियों ने 25 हजार 932 मैट्रिक टन से अधिक मूंग की खरीद कर 135 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया। सीकर जिले की 2 समितियों ने 3 हजार 209 किसानों को 254 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया तथा इनसे 48 हजार 710 मैट्रिक टन मूंग की खरीद की। हनुमानगढ़ जिले की 6 समितियों ने 2 हजार 684 किसानों से 46 हजार 107 मैट्रिक टन से अधिक की मूंग की खरीद की तथा उन्हें इसके लिए 24.09 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Fri, 23 Jun 2017 07:27:15 +0530</pubDate>
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