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                <title>New Railway Line - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>New Railway Line RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>UP Railway News: यूपी के लोगों को रेल मंत्री ने दी खुशखबरी, 240 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन, मिली मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ (सच कहूँ/अनु सैनी)। UP Railway News: तराई के जिलों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। संतकबीरनगर के खलीलाबाद से बहराइच को जोड़ने वाली 240 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना पर काम तेजी से शुरू हो गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और आने वाले वर्षों में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/two-hundred-forty-km-long-new-railway-line-approved-in-up/article-81427"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/up-railway-news.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (सच कहूँ/अनु सैनी)।</strong> UP Railway News: तराई के जिलों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। संतकबीरनगर के खलीलाबाद से बहराइच को जोड़ने वाली 240 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना पर काम तेजी से शुरू हो गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और आने वाले वर्षों में इसका सीधा लाभ बहराइच, श्रावस्ती समेत पाँच जिलों के लोगों को मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">श्रावस्ती को पहली बार मिलेगी रेल लाइन की सुविधा</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रावस्ती जिला वर्ष 1997 में बहराइच से अलग होकर अस्तित्व में आया था और यह एक प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। अब तक यहां रेल लाइन न होने के कारण विदेशी व घरेलू पर्यटकों को दिल्ली, मुंबई से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचकर निजी साधनों से श्रावस्ती जाना पड़ता था। नई रेल लाइन बनने से यह परेशानी खत्म होगी और श्रावस्ती पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बहराइच बनेगा बड़ा रेल हब</h3>
<p style="text-align:justify;">जनप्रतिनिधियों ने चार वर्ष पूर्व रेल मंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर रेल नेटवर्क विस्तार की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने श्रावस्ती को रेल मार्ग से जोड़ने का निर्णय लिया और बहराइच को रेल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">खलीलाबादझ्रबहराइच रेल लाइन के लिए जमीन का सर्वे और अधिग्रहण पूरा हो चुका है। अब निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सीधे महानगरों तक चलेगी ट्रेन</h3>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों में इस परियोजना को लेकर उत्साह है। उनका कहना है कि नई रेल लाइन के बाद:-<br />
यात्री सीधे बड़े महानगरों तक ट्रेन से यात्रा कर सकेंगे<br />
श्रावस्ती जाने वाली सभी ट्रेनें बहराइच होकर गुजरेंगी<br />
क्षेत्र का पर्यटन, व्यापार और रोजगार तेजी से बढ़ेगा</p>
<h3 style="text-align:justify;">निर्माण कार्य को मिली गति</h3>
<p style="text-align:justify;">पिछली सरकार के कार्यकाल में रेल मंत्री द्वारा खलीलाबादझ्रबहराइचझ्रबांसीझ्रश्रावस्ती रेल लाइन को मंजूरी दी गई थी। अब जमीन अधिग्रहण पूरा होने के बाद प्रोजेक्ट निर्माण चरण में प्रवेश कर चुका है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 14:31:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>New Railway Line: बीकानेर-बठिंडा रेल लाइन के 324 किमी दोहरीकरण को मिली मंजूरी, 4500 करोड़ की लागत से होगा काम</title>
                                    <description><![CDATA[बठिंडा (सच कहूँ न्यूज़)। New Railway Line: राजस्थान के रेल नेटवर्क को मजबूती देने वाली एक अहम परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। बीकानेर-बठिंडा के बीच 324 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग का दोहरीकरण (Double Track) किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे न केवल यात्री ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/doubling-of-three-hundred-twenty-four-km-of-bikaner-bathinda-railway-line-gets-approval/article-75090"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/new-railway-line.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बठिंडा (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> New Railway Line: राजस्थान के रेल नेटवर्क को मजबूती देने वाली एक अहम परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। बीकानेर-बठिंडा के बीच 324 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग का दोहरीकरण (Double Track) किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे न केवल यात्री ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि मालगाड़ियों को भी समय पर गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। खासतौर पर सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट को इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी, जिसे कोयले की आपूर्ति में अब तक बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>वर्तमान स्थिति:</strong> सिंगल ट्रैक से बढ़ती परेशानी | New Railway Line</h3>
<p style="text-align:justify;">बीकानेर से बठिंडा के बीच वर्तमान में केवल सिंगल ट्रैक है। इसका मतलब है कि मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें एक ही ट्रैक पर चलती हैं। नतीजतन, ट्रेनों को एक-दूसरे के लिए इंतजार करना पड़ता है, जिससे घंटों की देरी आम हो गई है। कई बार तो कोयले से भरी मालगाड़ियों को दो-दो दिन तक खड़े रहना पड़ता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दोहरीकरण से मिलने वाले बड़े फायदे</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>1. सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट को राहत</strong><br />
प्रदेश का सबसे बड़ा तापीय ऊर्जा संयंत्र, सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट, रोजाना लगभग 10 कोल रैक (कोयले से लदी मालगाड़ियां) प्राप्त करता है। लेकिन सिंगल ट्रैक के कारण ये गाड़ियां समय पर प्लांट तक नहीं पहुंच पातीं। दोहरीकरण के बाद कोल रैक का मूवमेंट सुचारू होगा, जिससे बिजली उत्पादन में कोई बाधा नहीं आएगी और प्रदेश में बिजली की आपूर्ति स्थिर बनी रहेगी। New Railway Line</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2. यात्री ट्रेनों का समय पर संचालन</strong><br />
डबल ट्रैक बन जाने से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का संचालन अलग-अलग ट्रैक पर होगा, जिससे लेट होने की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। साथ ही, नई यात्री ट्रेनों को शुरू करने में भी आसानी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>3. व्यापारिक गतिविधियों में तेजी</strong><br />
यह रेल मार्ग कांडला पोर्ट से पंजाब और दिल्ली तक माल ढुलाई का एक प्रमुख रास्ता है। दोहरीकरण से मालगाड़ियों की रफ्तार और आवागमन में तेजी आएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">परियोजना की मुख्य विशेषताएं</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>324 किलोमीटर का डबल ट्रैक</strong><br />
रेलवे बोर्ड ने बठिंडा-लालगढ़ खंड पर 324 किमी लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी है। यह नई लाइन मौजूदा ट्रैक के समानांतर बिछाई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अंतिम स्थान सर्वेक्षण (FLS) शुरू</strong><br />
रेलवे बोर्ड ने परियोजना के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण (Final Location Survey – FLS) के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बाद डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार की जाएगी और निर्माण कार्य की शुरुआत होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लागत और बजट</strong><br />
इस परियोजना की अनुमानित लागत 4,500 करोड़ रुपये है। इसके अलावा बीकानेर ईस्ट से लालगढ़ के बीच पहले से 11.08 किमी के दोहरीकरण के लिए 278.73 करोड़ रुपये का बजट पहले ही जारी किया जा चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रमुख लाभार्थी क्षेत्र</strong><br />
दोहरीकरण के बाद निम्न रेलवे खंडों पर सीधा असर पड़ेगा:-<br />
बठिंडा – हनुमानगढ़<br />
हनुमानगढ़ – सूरतगढ़<br />
सूरतगढ़ – लालगढ़<br />
लालगढ़ – बीकानेर</p>
<p style="text-align:justify;">इन खंडों पर न केवल ट्रेन संचालन सुचारू होगा बल्कि माल ढुलाई में भी रफ्तार आएगी<br />
राज्य के विकास में योगदान</p>
<h3 style="text-align:justify;">रोजगार के अवसर | New Railway Line</h3>
<p style="text-align:justify;">इस विशाल रेल परियोजना के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में मजदूरों, इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">औद्योगिक विकास</h3>
<p style="text-align:justify;">तेज और समयबद्ध माल ढुलाई से प्रदेश के उद्योगों को फायदा मिलेगा, खासकर कृषि उत्पाद, कोयला, सीमेंट और अन्य माल की ढुलाई में।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पर्यटन को बढ़ावा</h3>
<p style="text-align:justify;">बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे होटल और परिवहन उद्योग को भी लाभ होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भविष्य की संभावनाएं</h3>
<p style="text-align:justify;">रेलवे बोर्ड द्वारा इस परियोजना को गतिशक्ति यूनिट को सौंपा गया है। गतिशक्ति योजना के तहत देशभर में रेल, सड़क, बंदरगाह और हवाई अड्डों को बेहतर तरीके से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। बीकानेर-बठिंडा दोहरीकरण इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। परियोजना पूरी होने के बाद यह मार्ग न केवल राजस्थान बल्कि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बीकानेर-बठिंडा रेल लाइन के 324 किलोमीटर लंबे दोहरीकरण से राजस्थान की रेल कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार होगा। इससे जहां सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट को कोयले की समय पर आपूर्ति मिलेगी, वहीं यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म होगी और व्यापारिक गतिविधियां भी तेज होंगी। लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना प्रदेश के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी। New Railway Line</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 17:37:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Railway Line: यहां बिछेगी नई रेलवे लाइन, खर्च होंगे 440 करोड़ रुपये, 14 स्टेशन नए बनेंगे, किसानों की जमीनों का होगा अधिग्रहण</title>
                                    <description><![CDATA[पटना (सच कहूँ न्यूज़)। New Railway Line: बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं से राज्य के कई हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। इनमें बिहटा-औरंगाबाद, विक्रमशिला-कटारिया न्यू डबल लाइन, सुल्तानगंज-देवघर रेल लाइन और सुगौली-वाल्मीकिनगर रेलखंड […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/four-hundred-forty-crore-rupees-will-be-spent-for-the-new-railway-line-and-fourteen-new-stations-will-be-built/article-69447"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/new-railway-line.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटना (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> New Railway Line: बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं से राज्य के कई हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। इनमें बिहटा-औरंगाबाद, विक्रमशिला-कटारिया न्यू डबल लाइन, सुल्तानगंज-देवघर रेल लाइन और सुगौली-वाल्मीकिनगर रेलखंड के निर्माण शामिल हैं। इन परियोजनाओं से न केवल राज्य में ट्रांसपोर्टेशन की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन का महत्व | New Railway Line</h3>
<p style="text-align:justify;">बिहटा-औरंगाबाद के बीच प्रस्तावित नई रेल लाइन बिहार की एक प्रमुख परियोजना बनकर उभरी है। यह 120 किलोमीटर लंबी रेल लाइन पटना और औरंगाबाद के बीच यात्रा के समय को कम कर देगी, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा मात्र डेढ़ घंटे में पूरी की जा सकेगी। इस मार्ग पर कुल 14 नए स्टेशन बनेंगे। इसके निर्माण में 440 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और यह परियोजना 2025-26 के वित्तीय वर्ष तक पूरी हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस रूट पर जमीन अधिग्रहण का काम भी जारी है, जिससे किसानों को उनकी भूमि के लिए अच्छी रकम मिलने की संभावना है। यह परियोजना राज्य के किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकती है, क्योंकि भूमि की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, इस रेल लाइन से आसपास के क्षेत्रों में व्यापार और कृषि उत्पादों के वितरण में भी सुधार होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विक्रमशिला-कटारिया न्यू डबल लाइन: बिहार और झारखंड के बीच आसान यात्रा</h3>
<p style="text-align:justify;">भागलपुर के पास गंगा नदी पर विक्रमशिला और कटारिया के बीच बनाई जा रही न्यू डबल लाइन भी एक अहम परियोजना है। यह लाइन बिहार और झारखंड के बीच यात्रा को और अधिक आसान और तेज बनाएगी। इस परियोजना के तहत गंगा नदी पर 2.44 किलोमीटर लंबा डबल पुल बनेगा, जिसके निर्माण में कुल 2549.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके निर्माण के बाद, कटारिया और नवगछिया (उत्तर) से लेकर विक्रमशिला और शिवनारायणपुर (दक्षिण) तक की यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी। इस लाइन के निर्माण का लक्ष्य 2030-31 तक पूरा किया जाएगा। इससे कोसी और सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी पूर्वी बिहार से बेहतर होगी, जिससे क्षेत्रीय विकास में तेजी आएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सुल्तानगंज-देवघर रेल लाइन का पुनर्निर्माण | New Railway Line</h3>
<p style="text-align:justify;">करीब दो दशक पहले शुरू हुई सुल्तानगंज-देवघर रेल लाइन परियोजना को अब फिर से शुरू किया जा रहा है। 59 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन सुल्तानगंज, असरगंज, तारापुर, बेलहर और देवघर के बीच कनेक्टिविटी स्थापित करेगी। इस परियोजना के लिए 290 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी। इसे पुन: शुरू करने का उद्देश्य इन शहरों और कस्बों के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी स्थापित करना है। इससे लोगों को यात्रा में आसानी होगी और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सुगौली-वाल्मीकिनगर रेलखंड का दोहरीकरण</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त, सुगौली और वाल्मीकिनगर के बीच स्थित 110 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण कार्य जारी है। इस दोहरीकरण से रेलवे मार्ग पर ट्रेनों की संख्या में इजाफा होगा, जिससे यात्रीगण को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। 83 किलोमीटर हिस्से का काम पहले ही पूरा हो चुका है और शेष 9 किलोमीटर का दोहरीकरण कार्य बेतिया और कुमारबाग के बीच चल रहा है। यह परियोजना क्षेत्रीय यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगी और स्थानीय रेल सेवा को मजबूत करेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कृषि और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा</h3>
<p style="text-align:justify;">बिहार में इन नई रेल लाइनों के निर्माण से किसानों और व्यापारियों को विशेष लाभ होगा। पहले जहां किसानों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में कठिनाई होती थी, वहीं अब ये नई रेल लाइनें उनके उत्पादों को जल्दी और सस्ते में बाजारों तक पहुंचाने में मदद करेंगी। कृषि उत्पादों की डिलीवरी में सुधार होने से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही, स्थानीय व्यापार में भी उछाल आएगा, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियाँ तेज होंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रेल परियोजनाओं का आर्थिक प्रभाव</h3>
<p style="text-align:justify;">इन नई रेल परियोजनाओं का असर न केवल यात्रा की सुविधाओं पर पड़ेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव डालेगा। विभिन्न क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, उद्योग और कृषि के क्षेत्र में विकास होगा। खासकर, बिहार के ग्रामीण इलाकों में यह परियोजनाएं स्थानीय विकास को प्रोत्साहित करेंगी और रोजगार के अवसर पैदा करेंगी। किसानों और व्यापारियों के लिए ये परियोजनाएं एक नई दिशा में कदम बढ़ाने का मौका देंगी, जिससे राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिहार में नए रेल प्रोजेक्ट्स राज्य के विकास के लिए एक मजबूत कदम हैं। इन परियोजनाओं से यात्रा की सुविधाएं, कनेक्टिविटी और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। विशेष रूप से, कृषि और व्यापार के क्षेत्र में सुधार होने से बिहार के ग्रामीण इलाकों के लिए यह बड़ी सौगात साबित होगी। इन सभी प्रयासों से राज्य में आर्थिक समृद्धि का रास्ता खुलेगा और बिहार को एक नई पहचान मिलेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Arctic Ocean: आर्कटिक महासागर की बर्फ 47 सालों में सबसे कम, वैज्ञानिकों ने बताई ये वजह" href="http://10.0.0.122:1245/arctic-ocean-ice-is-at-its-lowest-in-forty-seven-years/">Arctic Ocean: आर्कटिक महासागर की बर्फ 47 सालों में सबसे कम, वैज्ञानिकों ने बताई ये वजह</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/four-hundred-forty-crore-rupees-will-be-spent-for-the-new-railway-line-and-fourteen-new-stations-will-be-built/article-69447</link>
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                <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 15:10:36 +0530</pubDate>
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