<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/trump-tariff/tag-31382" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Trump Tariff - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/31382/rss</link>
                <description>Trump Tariff RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Trump Tariff: पीएम मोदी ने ट्रम्प को मिलाया फोन और खत्म होगा अमेरिकी टैरिफ!</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। Trump Tariff: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दोनों देशों के व्यापर संबंधों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने ट्रम्प को फोन कर उन्हें गाजा पट्टी में शांति योजना की सफलता के लिए बधाई दी और भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार समझौते के लिए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pm-narendra-modi-discussed-trade-relations-between-the-two-countries-with-us-president-donald-trump/article-76736"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/trump-tariff.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Trump Tariff: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दोनों देशों के व्यापर संबंधों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने ट्रम्प को फोन कर उन्हें गाजा पट्टी में शांति योजना की सफलता के लिए बधाई दी और भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार समझौते के लिए चल रही वातार्ओं की समीक्षा की।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रम्प से बात की और ऐतिहासिक गाजा शांति योजना की सफलता पर उन्हें बधाई दी। व्यापार वार्ता में हुई अच्छी प्रगति की भी समीक्षा की। इस मुद्दे पर आने वाले हफ्तों में भी निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई।”</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार समझौते के न होने के चलते अगस्त के शुरू में भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत का शुल्क लगा दिया था और बाद में रूस से तेल आयात पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए ट्रम्प ने 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी लगा दिया था। प्रधानमंत्री ने इस बीच कहा है कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और छोटे मझौले उद्यमों के हित के खिलाफ कोई समझौता नहीं करेगा। Trump Tariff</p>
<p style="text-align:justify;">भारत पिछला अमेरिका की व्यापारिक कार्रवाई के बाद मोदी ने ट्रम्प के साथ पहली बार व्यापार को लेकर चर्चा की है। इस दोनों पक्षों के बीच आधिकारिक और मंत्री स्तर पर व्यापार समझौते को लेकर कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। अमेरिका भारत का मुख्य व्यापारिक भागीदार है और भारत से वहां सालाना करीब 87 अरब डालर के सामान का निर्यात होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने इससे पहले भी गाजा में शांति योजना के लिए उनकी पहले का स्वागत करते हुए लिखा “हम राष्ट्रपति ट्रम्प की शांति योजना के पहले चरण पर बनी सहमति का स्वागत करते हैं। यह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सशक्त नेतृत्व का भी प्रतिबिंब है। हमें आशा है कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों को मानवीय सहायता में बढ़ोत्तरी से उन्हें राहत मिलेगी और स्थायी शांति का रास्ता साफ मार्ग प्रशस्त होगा।”</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पुलिस और गैंगस्टर के बीच मुठभेड़, बवाना में गैंगस्टर आती घायल" href="http://10.0.0.122:1245/encounter-between-police-and-gangster-gangster-injured-in-bawana/">पुलिस और गैंगस्टर के बीच मुठभेड़, बवाना में गैंगस्टर आती घायल</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/pm-narendra-modi-discussed-trade-relations-between-the-two-countries-with-us-president-donald-trump/article-76736</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/pm-narendra-modi-discussed-trade-relations-between-the-two-countries-with-us-president-donald-trump/article-76736</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 14:37:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-10/trump-tariff.jpg"                         length="73117"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US Tariff: भारत के जीएसटी सुधार के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने लिया ये बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी दवाओं, फर्नीचर और ट्रकों पर लगाया भारी आयात शुल्क Donald Trump Import Tariffs: वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत को चौंकाते हुए नए आयात शुल्क की घोषणा की है। इस बार उनका निशाना विदेशी दवाइयाँ, रसोई कैबिनेट, फर्नीचर और भारी ट्रक रहे। राष्ट्रपति का कहना है कि यह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/following-indias-gst-reform-donald-trump-made-this-major-decision/article-76198"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/2019_4largeimg15_apr_2019_091709977.jpg" alt=""></a><br /><h3>विदेशी दवाओं, फर्नीचर और ट्रकों पर लगाया भारी आयात शुल्क</h3>
<p style="text-align:justify;">Donald Trump Import Tariffs: वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत को चौंकाते हुए नए आयात शुल्क की घोषणा की है। इस बार उनका निशाना विदेशी दवाइयाँ, रसोई कैबिनेट, फर्नीचर और भारी ट्रक रहे। राष्ट्रपति का कहना है कि यह निर्णय अमेरिकी उद्योगों को मज़बूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ट्रंप द्वारा घोषित नियम आगामी 1 अक्तूबर से प्रभावी होंगे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि यह नीति अमेरिकी ट्रक चालकों, विनिर्माण इकाइयों और समग्र अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी। US Tariff News</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे महत्वपूर्ण घोषणा भारी ट्रकों पर की गई है। राष्ट्रपति ने कहा कि अब से विदेशों में बने हर भारी ट्रक पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगेगा। उन्होंने उल्लेख किया कि पीटरबिल्ट, केनवर्थ, फ्रेटलाइनर और मैक ट्रक्स जैसी अमेरिकी कंपनियों को इस कदम से अनुचित प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा मिलेगी।</p>
<h3>रसोई कैबिनेट और स्नानगृह वैनिटी पर 50 प्रतिशत शुल्क</h3>
<p style="text-align:justify;">इसी क्रम में रसोई कैबिनेट और स्नानगृह वैनिटी पर 50 प्रतिशत, जबकि गद्देदार फर्नीचर पर 30 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की गई। ट्रंप का तर्क है कि ये वस्तुएँ अन्य देशों से बहुत अधिक मात्रा में आ रही हैं, जिससे घरेलू उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। US Tariff News</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे कठोर प्रावधान दवा उद्योग को लेकर किया गया। ब्रांडेड या पेटेंट आधारित दवाओं पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा। हालांकि, यदि कोई विदेशी कंपनी अमेरिका में अपना उत्पादन संयंत्र स्थापित करती है तो उसे इस शुल्क से छूट दी जाएगी। राष्ट्रपति के अनुसार, इससे अमेरिकी दवा उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा और आयात पर निर्भरता घटेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप ने दावा किया कि ताज़ा आँकड़े उत्साहजनक हैं और विकास दर लगभग 3.8 प्रतिशत तक पहुँची है। उन्होंने कहा कि ब्याज दरें यदि कम होतीं तो देश और तेज़ी से आगे बढ़ रहा होता, परंतु इसके बावजूद अमेरिका अभूतपूर्व सफलता की ओर बढ़ रहा है। US Tariff News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/following-indias-gst-reform-donald-trump-made-this-major-decision/article-76198</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/following-indias-gst-reform-donald-trump-made-this-major-decision/article-76198</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 09:28:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-09/2019_4largeimg15_apr_2019_091709977.jpg"                         length="17629"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Trump Tariff: ट्रंप के रूख में बड़ा बदलाव, बोले भारत के साथ रिश्ते अहम, पीएम मोदी अच्छे दोस्त</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Trump Tariff: अमेरिका द्वारा भारत पर भारी टैरिफ लगाये जाने के बाद दोनों देशों में चल रही तनातनी के बीच पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत के साथ संबंधों को विशेष और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अच्छा दोस्त बताये जाने वाले बयान और उस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सकारात्मक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/trumps-attitude-changes-says-relations-with-india-are-important-pm-modi-is-a-good-friend/article-75472"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/new-delhi-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Trump Tariff: अमेरिका द्वारा भारत पर भारी टैरिफ लगाये जाने के बाद दोनों देशों में चल रही तनातनी के बीच पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत के साथ संबंधों को विशेष और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अच्छा दोस्त बताये जाने वाले बयान और उस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सकारात्मक जवाब के बाद इस मुद्दे के समाधान की उम्मीद बढ़ गयी है। ट्रंप ने शुक्रवार को अपने पहले दिये गये बयान से बारह घंटे में ही पलटते हुए व्हाइट हाउस में भारत के साथ रिश्तों को बेहद खास बताते हुए कहा था कि वह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमेशा अच्छे दोस्त रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वह महान प्रधानमंत्री हैं। दोनों देशों के संबंधों के बारे में ट्रंप ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ अच्छी बनती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति ने साथ ही यह भी कहा कि लेकिन उन्हें भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर नाराजगी भी है। साथ ही उन्होंंने कहा कि दोनों देशों के बीच कभी-कभी इस तरह की बातें हो जाती हैं। मोदी ने शनिवार को इसके जवाब पर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि वह ट्रंप की भावनाओं का सम्मान करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, ‘राष्ट्रपति ट्रम्प की भावनाओं और हमारे संबंधों के सकारात्मक मूल्यांकन की हम तहे दिल से सराहना करते हैं और उनका पूर्ण समर्थन करते हैं। भारत और अमेरिका के बीच एक अत्यंत सकारात्मक और दूरदर्शी व्यापक एवं वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है। Trump Tariff</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने इससे पहले चीन में प्रधानमंत्री मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद कहा था कि लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। लेकिन बारह घंटे के अंदर ही ट्रंप ने अपने रूख को बदलते हुए भारत के साथ रिश्तों को अहम बताया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी प्रशंसा की और कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। Trump Tariff</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप के इस बयान तथा इस पर प्रधानमंत्री की सकारात्मक प्रतिक्रिया से दोनों देशों के बीच टैरिफ मुद्दे के जल्द समाधान की उम्मीद बढ गयी है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप के भारत, रूस और चीन के बारे मेंं दिये गये बयान के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में भारत अमेरिका संबंधों के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि दोनों देशों के बीच वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है और दोनों उसके एजेन्डे के प्रति बचनबद्ध हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि परस्पर सम्मान और साझा हितों के आधार पर ये संबंध आगे बढ़ते रहेंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Fake Ghee and Salt; भिवानी में बड़ी संख्या में नकली घी व नमक बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी" href="http://10.0.0.122:1245/fake-ghee-and-salt-manufacturing-factory-caught-in-bhiwani/">Fake Ghee and Salt; भिवानी में बड़ी संख्या में नकली घी व नमक बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/trumps-attitude-changes-says-relations-with-india-are-important-pm-modi-is-a-good-friend/article-75472</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/trumps-attitude-changes-says-relations-with-india-are-important-pm-modi-is-a-good-friend/article-75472</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 15:28:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-09/new-delhi-3.jpg"                         length="85934"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Trump Tariff: अमेरिकी हाई टैरिफ पर भारत का पलटवार, तीन बड़े कदम से बदल सकता है खेल</title>
                                    <description><![CDATA[Trump Tariff:  अनु सैनी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने का बड़ा फैसला लिया है, जो बुधवार से लागू होगा। इस महीने की शुरुआत में अमेरिका पहले ही 25% बेस टैरिफ लगा चुका है। यानी अब भारत पर कुल 50% टैरिफ लागू हो जाएगा, जिससे भारत उन देशों की सूची […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/indias-counterattack-on-us-high-tariff-three-big-steps-can-change-the-game/article-75081"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/trump-tariff-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Trump Tariff:  अनु सैनी।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने का बड़ा फैसला लिया है, जो बुधवार से लागू होगा। इस महीने की शुरुआत में अमेरिका पहले ही 25% बेस टैरिफ लगा चुका है। यानी अब भारत पर कुल 50% टैरिफ लागू हो जाएगा, जिससे भारत उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिन पर अमेरिका ने सबसे ज्यादा शुल्क लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वॉशिंगटन ने मंगलवार को इसका औपचारिक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसके बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ना तय है। इस टैरिफ का असर भारतीय निर्यातकों और अमेरिकी बाजार पर पड़ना तय है।<br />
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि देश के किसानों का हित उनके लिए सबसे ऊपर है। दरअसल, अमेरिका चाहता था कि भारत अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को उसके लिए खोल दे, लेकिन भारत ने किसानों के हित में यह मांग मानने से इनकार कर दिया। लंबे समय से चल रही भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता इसी मुद्दे पर बेनतीजा रही।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत के सामने अब क्या हैं विकल्प?Trump Tariff</h3>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के हाई टैरिफ लागू होने के बाद भारत को अपने आर्थिक और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत के पास तीन बड़े विकल्प मौजूद हैं, जिन पर तेजी से काम किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">1. नए बाजारों की तलाश और अमेरिकी निर्भरता कम करना</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत हर साल अमेरिका को करीब 87 अरब डॉलर का निर्यात करता है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था का लगभग 2.5% हिस्सा है। भारत से अमेरिका को जाने वाले प्रमुख उत्पादों में लेदर, ज्वैलरी, टेक्सटाइल, केमिकल्स, ऑटो पार्ट्स और मरीन प्रोडक्ट्स शामिल हैं। हालांकि, फार्मास्युटिकल्स, सेमीकंडक्टर्स और एनर्जी रिसोर्सेज जैसे कुछ सेक्टरों को इस टैरिफ से छूट दी गई है।<br />
उच्च टैरिफ के कारण इन उत्पादों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है। ऐसे में भारत के लिए सबसे बेहतर विकल्प होगा कि वह दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और अफ्रीका जैसे नए बाजारों में अपने निर्यात को बढ़ाए।<br />
सरकार को व्यापारिक समझौते करके इन क्षेत्रों में भारतीय उत्पादों की पहुंच आसान बनानी होगी, ताकि अमेरिकी बाजार पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2. घरेलू उद्योग को मजबूती और सब्सिडी का सहारा</h3>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी हाई टैरिफ से भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा कमजोर हो सकती है, क्योंकि अन्य देशों पर लगने वाले शुल्क अपेक्षाकृत कम हैं। इस स्थिति में भारत अपने घरेलू उद्योगों को सब्सिडी देकर उन्हें मजबूत बना सकता है।<br />
इसके साथ ही, सरकार घरेलू उपभोग को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा सकती है। अगर भारत में बने उत्पादों की मांग घरेलू स्तर पर बढ़ेगी, तो अमेरिकी टैरिफ का असर देश की आर्थिक रफ्तार पर सीमित रहेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">3. रूस और वैकल्पिक साझेदारों से व्यापार बढ़ाना</h4>
<p style="text-align:justify;">भारत ने पिछले कुछ समय में रूस से बड़े पैमाने पर कच्चे तेल की खरीदारी की है, जिससे अमेरिका नाराज हुआ और 25% पेनाल्टी लगाई। हालांकि, रूस ने भारत के साथ आर्थिक साझेदारी मजबूत करने का संकेत दिया है और अपनी अर्थव्यवस्था को भारत के लिए खोलने की पेशकश की है।<br />
इस अवसर का फायदा उठाते हुए भारत रूस के साथ ऊर्जा, रक्षा, तकनीक और कृषि क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा सकता है। इसके अलावा, ब्रिक्स (BRICS) जैसे बहुपक्षीय समूहों के जरिए भी भारत अपने व्यापारिक नेटवर्क को मजबूत कर सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">आगे की राह</h4>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी हाई टैरिफ भारत के लिए एक चुनौती है, लेकिन सही रणनीति और विविधीकृत व्यापार नीति के जरिए भारत इस संकट को अवसर में बदल सकता है। नए बाजारों की तलाश, घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहन और वैकल्पिक साझेदारों के साथ मजबूत संबंध—ये तीन कदम भारत को न केवल अमेरिकी दबाव से उबार सकते हैं, बल्कि दीर्घकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती दे सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/indias-counterattack-on-us-high-tariff-three-big-steps-can-change-the-game/article-75081</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/indias-counterattack-on-us-high-tariff-three-big-steps-can-change-the-game/article-75081</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 13:21:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-08/trump-tariff-3.jpg"                         length="42877"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Trump Tariff: भारत के एक्शन से पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने मारी पलटी और दे दी खुशखबरी!</title>
                                    <description><![CDATA[Trump Tariff: नई दिल्ली। इंडिया -अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में तनाव के बीच एक बड़ी अच्छी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां भारत पर 25% टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का ऐलान कर दिया है, वहीं उन्होंने डीजल, विमान ईंधन और कुछ अन्य अहम पेट्रोलियम उत्पादों को इससे छूट दे दी है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/even-before-indias-action-donald-trump-turned-around-and-gave-the-good-news/article-74187"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/trump-tariff-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Trump Tariff: नई दिल्ली।</strong> इंडिया -अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में तनाव के बीच एक बड़ी अच्छी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां भारत पर 25% टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का ऐलान कर दिया है, वहीं उन्होंने डीजल, विमान ईंधन और कुछ अन्य अहम पेट्रोलियम उत्पादों को इससे छूट दे दी है। इससे उन कंपनियों को भारी राहत मिली है, जो अमेरिका को ईंधन निर्यात करती हैं। इस तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात होने वाली है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण एशिया मामलों के सबसे वरिष्ठ सलाहकार रिकी गिल अगले हफ्ते भारत पहुंच रहे हैं। लेकिन तस्वीर अभी पूरी साफ नहीं है। ट्रंप प्रशासन ने भारत के रूस के साथ ऊर्जा और रक्षा कारोबार पर जुर्माना लगाने की बात कही थी, लेकिन यह जुर्माना कब और कैसा होगा- इस पर अभी भी रहस्य बना हुआ है। वहीं अमेरिका और भारत में एक बार फिर ट्रेड डील से जुड़ी बातचीत होने वाली है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 25% टैरिफ को अमेरिका वापस ले सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ट्रंप ने कई देशों पर लगाए उच्च आयात शुल्क | Trump Tariff</h4>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दर्जनों देशों पर उच्च आयात शुल्क लगाने वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिया है जिससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था तहस नहस हो सकती है और फिर से संरक्षणवादी दौर की शुरूआत हो सकती है। नए आदेश में भारतीय वस्तुओं पर भी 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाये गये हैं। हालांकि, भारत द्वारा रुसी तेल के आयात पर ‘अतिरिक्त जुमार्ने’ की जो धमकी ट्रंप ने दी है वह अभी स्पष्ट नहीं है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता चल रही थी, लेकिन कृषि बाजार पहुँच को लेकर वार्ता ठप हो गई है। वहीं पाकिस्तान के संबंध में सकारात्मक रुख अपनाते हुए अमेरिका ने आयात शुल्क को 29 प्रतिशत से घटा कर 19 प्रतिशत कर दिया है। इसी साल अप्रैल में अमेरिका ने पाकिस्तान पर 29 जवाबी आयात शुल्क लगाया था, लेकिन हाल ही में तेल भंडार के संबध में दोनो के बीच एक समझौता हुआ है। बंगलादेश पर पर भी प्रशुल्क 35 प्रतिशत से घटा कर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक ट्रम्प द्वारा कनाडा से आयातित वस्तुओं पर शुल्क 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया जाना है। हालाँकि, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते के तहत आने वाली वस्तुओं को इससे छूट दी जाएगी, जिससे व्यापक आर्थिक प्रभाव कम होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कदम ट्रम्प प्रशासन के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत उन देशों पर “जवाबी शुल्क” लागू किए जाएँगे जिनके साथ संयुक्त राज्य अमेरिका का व्यापार घाटा है। कार्यकारी आदेश में दो-स्तरीय संरचना की रूपरेखा दी गई है: अमेरिकी व्यापार अधिशेष वाले देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लागू रहेगा, जबकि घाटे वाले देशों पर अब 15 प्रतिशत की आधार दर लागू होगी – जिसमें लगभग 40 देश शामिल हैं। कुछ देशों को अपने व्यापार संतुलन या चल रही वातार्ओं के आधार पर 20 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक के दरों का सामना करना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">नए घोषित आयात शुल्क सात दिनों में प्रभावी होंगे और 69 देशों पर लागू होंगे। सीरियाई आयात पर 41 प्रतिशत, चुनिंदा कनाडाई वस्तुओं पर 35 प्रतिशत, ब्राजील पर 50 प्रतिशत, भारत पर 25 प्रतिशत, ताइवान पर 20 प्रतिशत और स्विट्जरलैंड पर 39 प्रतिशत की विशिष्ट दर से आयात शुल्क लागू होंगे। दक्षिण एशिया में पाकिस्तान एक उल्लेखनीय अपवाद के रूप में उभरा है, जहाँ इस क्षेत्र में सबसे कम टैरिफ दर लागू है। यह कटौती इस्लामाबाद द्वारा विदेशी डिजिटल सेवाओं पर 5 प्रतिशत कर वापस लेने के बाद की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यूएसएमसीए छूट के कारण कनाडाई वस्तुओं पर 35 प्रतिशत का व्यापक टैरिफ द्विपक्षीय व्यापार के केवल एक सीमित हिस्से को ही प्रभावित करेगा। व्हाइट हाउस ने एक अलग आदेश भी जारी किया है, जिसमें फेंटेनाइल से जुड़े कनाडाई सामानों पर टैरिफ 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया गया है। मेक्सिको के बाद कनाडा अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। कनाडा पर संयुक्त राज्य अमेरिका में फेंटेनाइल संबंधी वस्तुओं को रोकने में “सहयोग करने में विफल” रहने का आरोप लगाया गया था। इसके ठीक विपरीत गुरुवार सुबह ट्रंप और मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के बीच हुई बातचीत के बाद मेक्सिको को ज्यादातर गैर-आॅटोमोटिव और गैर-धातु वस्तुओं पर आरोपि 30 प्रतिशत प्रशुल्क से 90 दिनों की राहत मिल गई है। हालाँकि, सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, मैक्सिकन स्टील, एल्युमीनियम और तांबे पर टैरिफ 50 प्रतिशत पर बना रहेगा। जबकि यूएसएमसीए की तहत नहीं आने वाली वस्तुओं पर 25 प्रतिशत शुल्क जारी रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने दावा किया है कि मेक्सिको कई गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को हटाने पर सहमत हो गया है, हालाँकि व्हाइट हाउस ने विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है। इस बीच राष्ट्रपति ने ब्राजील के प्रति और भी कड़ा रुख अपनाया। ट्रंप के करीबी सहयोगी और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो पर मुकदमा चलाने को लेकर उपजे तनाव के बीच ज्यादातर आयातों पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया। हलांकि विमान, ऊर्जा और संतरे के जूस आदि पर छूट है।<br />
स्विस वस्तुओं पर 39 प्रतिशत शुल्क के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रÞैंक में पहले ही गिरावट आ चुकी है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश के अनुलग्नक में जिन देशों का नाम स्पष्ट रूप से नहीं है, उन्हें 10 प्रतिशत की डिफॉल्ट टैरिफ दर का सामना करना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि कनाडा द्वारा फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में औपचारिक मान्यता देने के तुरंत बाद कनाडाई वस्तुओं पर आयात शुल्क 25 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत हो गया है। हालाँकि आधिकारिक बयान में इसका उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से वाशिंगटन का निर्णय प्रभावित हो सकता है।<br />
दक्षिण कोरिया ने अमेरिका के साथ एक समझौता करते हुए प्रस्तावित 25% प्रशुल्क के बजाय 15 प्रतिशत स्वीकार कर लिया। इस व्यापक समझौते के हिस्से के रूप में ट्रम्प द्वारा चुनी जाने वाली अमेरिका-आधारित परियोजनाओं में 350 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा शामिल है। ताइवान पर टैरिफ 20% निर्धारित किया गया था, जबकि कंबोडिया और थाईलैंड दोनों पर 19 प्रतिशत आयात शुल्क लगेगा। दक्षिण अफ्रीका पर 30 प्रतिशत और तुर्की पर 15 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ट्रंप ने इन उपायों का बचाव करते हुए इन्हें लंबे समय से चले आ रहे व्यापार असंतुलन को दूर करने और राष्ट्रीय एवं आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी पहल बताया। कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि बातचीत के बावजूद, कुछ व्यापारिक साझेदार हमारे व्यापारिक संबंधों में असंतुलन को दूर करने में विफल रहे हैं। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि हमारे कुछ समझौते हुए हैं, लेकिन हम राष्ट्रपति को उनकी घोषणाएँ करने देंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत और रूस के बीच पवित्र रिश्ता</h3>
<p style="text-align:justify;">इस बीच नई दिल्ली ने साफ कर दिया है कि भारत और रूस के बीच एक स्थिर और समय पर खरी उतरी साझेदारी है। इसने ट्रंप के आरोपों को खारिज कर दिया है, जिन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों पर बार-बार सवाल उठाए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘विभिन्न देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंध अपने-अपने गुणों पर आधारित हैं और इन्हें किसी तीसरे देश के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। भारत और रूस के बीच एक स्थिर और समय पर टेस्ट की हुई साझेदारी है।’</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/even-before-indias-action-donald-trump-turned-around-and-gave-the-good-news/article-74187</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/even-before-indias-action-donald-trump-turned-around-and-gave-the-good-news/article-74187</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 11:06:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-08/trump-tariff-2.jpg"                         length="49621"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Trump Tariff: भारत वह देश है जिसने अहिंसा के बल पर ब्रिटिश साम्राज्य को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था</title>
                                    <description><![CDATA[Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अपनी चरित्रगत हठधर्मिता का परिचय देते हुए भारत को आर्थिक युद्ध की चुनौती दे दी है। 1 अगस्त से भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा के साथ ही रूस के साथ व्यापार के लिए अतिरिक्त दंड की धमकी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-is-the-country-that-forced-the-british-empire-to-kneel-down-on-the-strength-of-non-violence/article-74162"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/trump-tariff.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अपनी चरित्रगत हठधर्मिता का परिचय देते हुए भारत को आर्थिक युद्ध की चुनौती दे दी है। 1 अगस्त से भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा के साथ ही रूस के साथ व्यापार के लिए अतिरिक्त दंड की धमकी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वाशिंगटन की नीति अब एकतरफा अधिकारवाद की ओर तेजी से बढ़ रही है। यह महज एक व्यापारिक विवाद नहीं है, बल्कि भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और आत्म-सम्मान की गंभीर परीक्षा है। अमेरिकी रणनीति की जड़ें बहुत गहरी हैं। ट्रम्प प्रशासन का लक्ष्य केवल व्यापारिक संतुलन ठीक करना नहीं है, बल्कि एक नई विश्व व्यवस्था स्थापित करना है जिसमें अमेरिका के अलावा कोई भी देश अपनी स्वतंत्र नीति नहीं चला सके। रूस के साथ भारत के संबंधों को लेकर अमेरिकी आपत्ति इसी मानसिकता का प्रतिबिंब है। वाशिंगटन यह भूल जाता है कि भारत एक सभ्यतागत राष्ट्र है, कोई उपनिवेश नहीं। Trump Tariff</p>
<p style="text-align:justify;">भारत के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण इसलिए है क्योंकि देश अपनी तेल आवश्यकता का 88 प्रतिशत आयात करता है और रूसी तेल इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारतीय बैंकों ने रुपए में भुगतान की व्यवस्था करके रूस के साथ व्यापार जारी रखा है। यह भारत की आर्थिक चतुराई और राष्ट्रीय हितों की रक्षा का उदाहरण है। भारत की स्थिति अत्यंत स्पष्ट होनी चाहिए। यह देश न तो अमेरिका का जूनियर पार्टनर बनने को तैयार है और न ही रूस का। भारत की विदेश नीति सदैव बहुध्रुवीयता पर आधारित रही है। नेहरू के गुटनिरपेक्षता से लेकर मोदी की ‘सबका साथ’ नीति तक, भारत ने हमेशा अपना रास्ता खुद बनाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रम्प ने भारत को 25 प्रतिशत टैरिफ की धमकी देते हुए कहा कि भारत हमारा दोस्त है- यह कैसी दोस्ती है जो धमकियों पर आधारित हो? यह अमेरिकी राजनीति की कपटपूर्ण भाषा है। दोस्ती में बराबरी होती है, मालिक-गुलाम का रिश्ता नहीं। भारत के लिए यह समय आत्मचिंतन का है। क्या हमने अमेरिकी बाजार पर अत्यधिक निर्भरता बढ़ा ली है? क्या हमारी आर्थिक कूटनीति में संतुलन की कमी है? इन प्रश्नों के उत्तर खोजने होंगे। लेकिन एक बात स्पष्ट है – भारत को अपनी गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहिए। भारत एक परमाणु और आर्थिक महाशक्ति है जो न तो अमेरिका के आदेश मानती है और न ही पश्चिमी प्रतिबंधों को स्वीकार करती है। यह भारत की वास्तविकता है और इसे बनाए रखना होगा। अमेरिका को यह समझना होगा कि 21वीं सदी में कोई भी बड़ा देश दूसरे की शर्तों के अनुसार अपनी नीति नहीं बनाएगा। Trump Tariff</p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारिक दृष्टि से देखें तो यह टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए अवश्य चुनौती है। सूचना प्रौद्योगिकी, वस्त्र, रसायन और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ेगा। लेकिन यह अंत नहीं है, नई शुरूआत है। यूरोप, जापान, आसियान और अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने का यह सुअवसर है। भारत सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट होनी चाहिए। पहला, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना। दूसरा, निर्यात बाजारों का विविधीकरण। तीसरा, रुपए में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देना। चौथा, भारतीय कंपनियों को वैकल्पिक बाजार खोजने में सहायता करना। अमेरिकी सेनेटर लिंडसे ग्राहम का प्रस्ताव रूसी ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का है। यह पागलपन की हद है। ऐसी नीतियां अमेरिका को दुनिया से अलग-थलग कर देंगी। भारत और चीन रूसी ऊर्जा निर्यात का लगभग 70 प्रतिशत खरीदते हैं – क्या अमेरिका वास्तव में इन दोनों देशों से एक साथ व्यापारिक युद्ध लड़ना चाहता है?</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की रणनीति बहुआयामी होनी चाहिए। राजनीतिक स्तर पर भारत को रूस, चीन और अन्य विकासशील देशों के साथ मिलकर एक वैकल्पिक व्यापारिक गुट बनाने पर विचार करना चाहिए। आर्थिक स्तर पर भारत को अपनी वित्तीय प्रणाली को और मजबूत बनाना होगा ताकि डॉलर की निर्भरता कम हो। यह भी समझना जरूरी है कि 1 अगस्त की समय सीमा के बावजूद भारत इस दबाव से विचलित नहीं दिख रहा। यह भारत की परिपक्व कूटनीति का परिचायक है। हड़बड़ी में लिए गए निर्णय हमेशा गलत होते हैं। अमेरिका को यह समझना होगा कि भारत के साथ साझेदारी एकतरफा शर्तों पर नहीं हो सकती। भारत आज वह देश नहीं है जो 1990 के दशक में आईएमएफ से कर्ज मांगने जाता था। आज का भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, तीसरी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति है और अंतरिक्ष में भी महाशक्ति है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संकट से निपटने के लिए भारत को अपनी आंतरिक शक्ति पर भरोसा करना होगा। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की नीति अब केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन-मरण का प्रश्न बन गई है। घरेलू बाजार को मजबूत बनाना, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देना और तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भारतीय इतिहास गवाह है कि जब भी विदेशी शक्तियों ने इस देश पर दबाव डाला है, भारत ने अपना रास्ता निकाला है। चाहे वह मुगलों का दबाव हो या अंग्रेजों का, भारत ने हमेशा अपनी सभ्यतागत शक्ति से जवाब दिया है। आज भी वही करना होगा। ट्रम्प को लगता है कि वे भारत को झुका देंगे। लेकिन वे भूल जाते हैं कि भारत वह देश है जिसने अहिंसा के बल पर ब्रिटिश साम्राज्य को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। आज भी वही भारत है, वही संस्कार हैं, वही दृढ़ता है। अमेरिका को यह समझना होगा कि भारत के साथ रिश्ता बराबरी का हो सकता है, अधीनता का नहीं।<br />
<strong>                                                                                                  (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Voting Date for Vice President Post: भारत के अगले उपराष्ट्रपति का चुनाव इस दिन होगा!" href="http://10.0.0.122:1245/vice-president-election-date-announced-voting-to-be-held-on-september-9/">Voting Date for Vice President Post: भारत के अगले उपराष्ट्रपति का चुनाव इस दिन होगा!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/india-is-the-country-that-forced-the-british-empire-to-kneel-down-on-the-strength-of-non-violence/article-74162</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/india-is-the-country-that-forced-the-british-empire-to-kneel-down-on-the-strength-of-non-violence/article-74162</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 15:05:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-08/trump-tariff.jpg"                         length="89913"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Trade War: ट्रेड वॉर से गरीबों पर मंडराएगा आर्थिक मंदी का खतरा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र। ट्रेड वॉर से पैदा होने वाली मंदी के खतरों के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा, क्योंकि इसके दुष्परिणाम गरीबों को झेलने पड़ेंगे। उन्होंने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा “पारस्परिक टैरिफ” लागू करने से कुछ घंटे पहले कहा, “मुझे पूरी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-trade-war-will-put-the-poor-at-risk-of-economic-recession/article-69496"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/antonio-guterres.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट्र। ट्रेड वॉर से पैदा होने वाली मंदी के खतरों के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा, क्योंकि इसके दुष्परिणाम गरीबों को झेलने पड़ेंगे। उन्होंने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा “पारस्परिक टैरिफ” लागू करने से कुछ घंटे पहले कहा, “मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे यहां मंदी नहीं आएगी, क्योंकि मंदी के गंभीर परिणाम होंगे, खासकर दुनिया के सबसे गरीब लोगों के लिए।” Trade War News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “ट्रेड वॉर बहुत नुकसानदायक होते हैं। इसमें कोई भी नहीं जीतता, सभी हारते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं खासकर सबसे कमजोर विकासशील देशों को लेकर चिंतित हूं, क्योंकि इसका असर उन पर ज्यादा बुरा होगा।” ट्रंप ने चीन पर 104 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जो बुधवार आधी रात से लागू होगा। इसके जवाब में बीजिंग ने 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।</p>
<h3>व्यापार में सुधार की जरूरत साफ  | Trade War News</h3>
<p style="text-align:justify;">व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) ने कहा कि “व्यापार में सुधार की जरूरत साफ नजर आ रही है।” यूएनसीटीएडी की महासचिव रेबेका ग्रिनस्पैन ने कहा, “वैश्विक व्यापार नियमों को आज की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बदला जाना चाहिए, लेकिन इन बदलावों में यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे सबसे कमजोर लोगों की रक्षा करें और विकास को बढ़ावा दें।” Trump Tariff</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “यह एकजुट होने का समय है, न कि तनाव बढ़ाने का।” विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की उप महानिदेशक एंजेला एलार्ड ने कहा कि संगठन के प्रारंभिक विश्लेषण से पता चलता है कि अमेरिका और अन्य देशों द्वारा हाल में उठाए गए टैरिफ उपायों से इस वर्ष वैश्विक वस्तु व्यापार में लगभग एक प्रतिशत की कमी आ सकती है। यह तीन प्रतिशत की वृद्धि के पूर्व अनुमान से लगभग चार प्रतिशत की महत्वपूर्ण गिरावट होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">एलार्ड ने कहा कि “डब्ल्यूटीओ प्रणाली को कमजोर करने के प्रयासों के बावजूद, अभी भी वैश्विक व्यापार का 74 प्रतिशत डब्ल्यूटीओ के सर्वाधिक-तरजीही-राष्ट्र (एमएफएन) शर्तों के तहत होता है।” उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि विश्व व्यापार संगठन प्रासंगिक बना हुआ है और बहुपक्षीय प्रणाली प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व व्यापार संगठन के अनुसार, चीन और कनाडा ने पहले ही अमेरिका के साथ अपने विवादों को उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने विश्व व्यापार संगठन के ढांचे के तहत परामर्श की मांग की है, जिससे दोनों पक्षों को आपस में बातचीत करने का मौका मिलेगा और मुकदमा करने से बचने के लिए 60 दिन का समय मिलेगा। यदि ऐसा करने पर भी सफलता नहीं मिली तो वे एक पैनल द्वारा निर्णय का अनुरोध कर सकते हैं। Trade War News</p>
<p><a title="Trump’s Tariff News: ट्रंप ने फार्मा इंडस्ट्री को दी टैरिफ सम्बन्धी ये चेतावनी, इंडस्ट्री में हड़कंप" href="http://10.0.0.122:1245/trump-gave-this-warning-to-the-pharma-industry-regarding-tariff-panic-in-the-industry/">Trump’s Tariff News: ट्रंप ने फार्मा इंडस्ट्री को दी टैरिफ सम्बन्धी ये चेतावनी, इंडस्ट्री में हड़कंप</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/the-trade-war-will-put-the-poor-at-risk-of-economic-recession/article-69496</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/the-trade-war-will-put-the-poor-at-risk-of-economic-recession/article-69496</guid>
                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 14:51:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-04/antonio-guterres.jpg"                         length="39376"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Trump&amp;#8217;s Tariff News: ट्रंप ने फार्मा इंडस्ट्री को दी टैरिफ सम्बन्धी ये चेतावनी, इंडस्ट्री में हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[Trump’s Tariff: न्यूयॉर्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि फार्मास्यूटिकल्स को रेसिप्रोकल टैरिफ से दी गई छूट जल्द समाप्त हो जाएगी। भारत अमेरिका को बड़ी मात्रा में फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात करता है। मंगलवार रात को उन्होंने कहा, “हम बहुत जल्द ही फार्मास्यूटिकल्स पर एक बड़ा टैरिफ लगाने की घोषणा करने जा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/trump-gave-this-warning-to-the-pharma-industry-regarding-tariff-panic-in-the-industry/article-69487"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/impeachment-will-also-run-in-the-senate-against-president-donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Trump’s Tariff: न्यूयॉर्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि फार्मास्यूटिकल्स को रेसिप्रोकल टैरिफ से दी गई छूट जल्द समाप्त हो जाएगी। भारत अमेरिका को बड़ी मात्रा में फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात करता है। मंगलवार रात को उन्होंने कहा, “हम बहुत जल्द ही फार्मास्यूटिकल्स पर एक बड़ा टैरिफ लगाने की घोषणा करने जा रहे हैं।” Trump Tariff News</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका की ओर से लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ बुधवार से प्रभावी हो गए हैं। उन्होंने वाशिंगटन में नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमेटी के डिनर में अपने भाषण में चीन का जिक्र किया, लेकिन भारत का जिक्र नहीं किया, जो कि अपने फार्मा निर्यात का 31.5 प्रतिशत अमेरिका को भेजता है। अमेरिका की ओर से भारत पर 27 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान आखिरी बुधवार को किया गया था। ट्रंप ने कहा कि जब फार्मा कंपनियों को टैरिफ की जानकारी मिलेगी, वे चीन और अन्य देशों को छोड़ देंगी, क्योंकि उन्हें अपने ज्यादा उत्पादन अमेरिका में बेचने हैं।</p>
<h3>टैरिफ के बाद सभी कंपनियां पूरे देश में प्लांट खोलेंगी | Trump Tariff News</h3>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, “टैरिफ के बाद सभी फार्मा कंपनियां पूरे देश के अगले हिस्सों में प्लांट खोलेंगी।” जब राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले सप्ताह रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की, तो उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स, कॉपर, सेमीकंडक्टर, लकड़ी, बुलियन, एनर्जी और कुछ मिनरल को टैरिफ से छूट दी, क्योंकि यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। रेसिप्रोकल टैरिफ में फार्मास्यूटिकल्स को राहत इसलिए मिली क्योंकि आयातित दवाएं, विशेष रूप से भारत से आने वाली जेनेरिक दवाएं, अमेरिकी हेल्थ सिस्टम की लागत को कम रखने में मदद करती हैं, जो दुनिया में सबसे महंगे हेल्थ सिस्टम्स में से एक है। Donald Trump News</p>
<p style="text-align:justify;">भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं, जिससे टैरिफ के प्रभाव को कम किया जा सके। हेल्थकेयर डेटा और एनालिटिक्स कंपनी आईक्यूवीआईए ने कहा कि 2022 में अमेरिका में दिए गए दस में से चार प्रिस्क्रिप्शन भारतीय कंपनियों के थे।अमेरिका द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के बाद ट्रेड वार की स्थिति पैदा हो गई है। पिछले सप्ताह चीन द्वारा घोषित 34 प्रतिशत टैरिफ के जवाब में अमेरिका ने चीन से आयात पर अतिरिक्त 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया। अतिरिक्त 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने से चीनी आयात पर अमेरिकी टैरिफ 104 प्रतिशत हो जाएगा। ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ ने मंदी की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। Trump Tariff News</p>
<p><a title="Fatehpur Triple Murder Case Update: फतेहपुर तिहरे हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता" href="http://10.0.0.122:1245/police-got-big-success-in-fatehpur-triple-murder-case/">Fatehpur Triple Murder Case Update: फतेहपुर तिहरे हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/trump-gave-this-warning-to-the-pharma-industry-regarding-tariff-panic-in-the-industry/article-69487</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/trump-gave-this-warning-to-the-pharma-industry-regarding-tariff-panic-in-the-industry/article-69487</guid>
                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 12:49:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-04/impeachment-will-also-run-in-the-senate-against-president-donald-trump.jpg"                         length="32317"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        