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                <title>Hopes - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>ममता के विपक्षी दलों के नेताओं से मिलने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली आयीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के इस दौरान राष्ट्रीय विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए इन दलों के शीर्ष नेताओं से मिलने की संभावना है। वह उन्हें आगामी 19 जनवरी की रैली के लिए आमंत्रित भी करेंगी। तृणमूल के सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/mamata-hopes-to-meet-leaders-of-opposition-parties/article-5066"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/mamata-hopes-meet-leaders-opposition-parties.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली आयीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के इस दौरान राष्ट्रीय विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए इन दलों के शीर्ष नेताओं से मिलने की संभावना है। वह उन्हें आगामी 19 जनवरी की रैली के लिए आमंत्रित भी करेंगी। तृणमूल के सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के मंगलवार या बुधवार को संसद के सेंट्रल हॉल जाने का कार्यक्रम है और वह विपक्षी दलों के नेताओं में शामिल संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर आगामी 19 जनवरी को कोलकाता में ‘संघीय एवं भाजपा विरोधी ताकतों’ की रैली के लिए आमंत्रित कर सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सुश्री बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात का समय मांगा है और उनसे असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(एनआरसी) के मुद्दे पर चर्चा करने करने की संभावना है। वह कैथोलिक बिशप कांफ्रेंस द्वारा मंगलवार को आयोजित सम्मेलन में व्याख्यान भी देंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार सुश्री बनर्जी का वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी, पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और वर्तमान भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा से भी मिलने का कार्यक्रम है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भी उनसे मिलने की उम्मीद है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Jul 2018 06:48:06 +0530</pubDate>
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                <title>ट्रम्प की जीत से उम्मीदें बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका में चुनाव सर्वे को पलटते हुए रिपब्लिकशन नेता डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद का चुनाव काफी बड़े अंतर से जीत लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह चुनाव दुनियाभर के लोगों में बेहद दिलचस्प रहा। खासकर आंतकवाद व अमेरिका की अर्थव्यवस्था ऐसे मुद्दे बने जिनका प्रभाव इस वक्त पूरी दुनिया पर देखा जा रहा है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/trumps-victory-hopes/article-320"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/trump-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अमेरिका में चुनाव सर्वे को पलटते हुए रिपब्लिकशन नेता डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद का चुनाव काफी बड़े अंतर से जीत लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह चुनाव दुनियाभर के लोगों में बेहद दिलचस्प रहा। खासकर आंतकवाद व अमेरिका की अर्थव्यवस्था ऐसे मुद्दे बने जिनका प्रभाव इस वक्त पूरी दुनिया पर देखा जा रहा है। ट्रम्प की जीत को यहां श्वेत लोगों की जीत व आतंक के विरुद्ध एक जोरदार विचार की जीत के तौर पर देखा जा रहा है। अपने पूरे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान ट्रम्प ने आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाईयों के ही वादे किए है, साथ ही अमेरिका में पहुंचे प्रवासी लोगों को भी मूल अमेरिकी की तरक्की में बड़ी बाधा बताया है। इससे अमेरिका में गोरी चमड़ी के लोग आंख मंूदकर ट्रम्प के साथ हो लिए। खासकर वह लोग जो ज्यादा पढ़े लिखे नहीं है और साधारण रोजगार के कामों से जुड़े हुए हैं। फिर ट्रम्प ने अमेरिकियों से वादा किया है कि वह रोजगार वापिस लाएंगे जो रोजगार उनसे चीनी या भारतीयों ने छीन लिए हैं। ट्रम्प ने चुनाव प्रचार में भले ही राष्ट्रवाद, नस्लवाद की बातें हुई लेकिन उन राजनीतिक विश्लेषकों की बातें भी सच साबित हुई जिन्होंने कहा कि ट्रम्प के ये भाषण महज चुनाव जतीने के लिए, चुनाव के बाद ट्रम्प ऐसा कुछ नहीं करने वाला क्योंकि ट्रम्प ने अपने पहले ही भाषण में समस्त अमेरिकियों की बेहतरी के लिए काम करने की बात की है। ट्रम्प  ने जीत के बाद भाषण में संजीदगी व सदभावना और अमेरिकियों के लिए बेहद राहत भरी हैं। ट्रम्प  ने यह कहकर पूरे अमेरिका का दिल जीत लिया है कि वह उन वोटरों के पास भी जाएंगे जिन्होंने उन्हें वोट नहीं भी दिया। इतना ही ट्रम्प  उनसे यह भी जानेंगे कि उन्हें कैसा अमेरिका चाहिए। अब यह डोनान्ड ट्रम्प  की जिम्मेवारी है कि वह अमेरिकियों को कैसे चार साल में एक समृद्ध व शांत अमेरिका देंगे। यहां नस्लभेद, गैर अमेरिकीवाद, मंहगाई या बेरोजगारी नहीं होंगे। आंतक ने अमेरिका को गहरे जख्म दिए हैं, साथ ही अवैध प्रवासियों ने आर्थिक, सामाजिक तौर पर अमेरिका का काफी नुकसान किया हैं। उनसे मानवीय सीमाओं के दायरे में रहते हुए ट्रंप कैसे निपटेंगे। यह बेहद महत्वपूर्ण है चूंकि ट्रंप को जीत ही उपरोक्त वायदों के संदर्भ में मिली है। ट्रंप की जीत से रुस के साथ तनाव भी कम होगा क्योंकि ट्रम्प ऐसा चाहते हैं अन्यथा अभी रुप के विरुद्ध पुन नाटो सेनाओं को तैयार किया जाने लगा है। यदि रूस व अमेरिकी एक मत होकर विश्व जगत के लिए काम करते हैं तब यह पूरी दुनिया के विकास में पंख लगने जैसा होगा जोकि अभी आतंक, युद्ध, विस्थापन, बेरोजगारी की मार झेल रही है।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Nov 2016 01:28:53 +0530</pubDate>
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