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                <title>Thiruvananthapuram - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>विजयन ने आरएसएस के सम्मान में स्मारक सिक्का जारी करने को बताया संविधान का अपमान</title>
                                    <description><![CDATA[तिरुवनंतपुरम, (एजेंसी)। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शताब्दी के उपलक्ष्य में 100 रुपये का सिक्का और एक डाक टिकट जारी करने के फैसले की आलोचना की और इसे भारत के संविधान और स्वतंत्रता संग्राम का ‘घोर अपमान’ बताया। विजयन ने कहा कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/vijayan-called-the-release-of-a-commemorative-coin-in-honour-of-the-rss-an-insult-to-the-constitution/article-76455"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/thiruvananthapuram.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तिरुवनंतपुरम, (एजेंसी)।</strong> केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शताब्दी के उपलक्ष्य में 100 रुपये का सिक्का और एक डाक टिकट जारी करने के फैसले की आलोचना की और इसे भारत के संविधान और स्वतंत्रता संग्राम का ‘घोर अपमान’ बताया। विजयन ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान एक ऐसे संगठन को वैधता प्रदान करेगा जिसकी स्वतंत्रता आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी और जिसने औपनिवेशिक रणनीति के अनुकूल एक विभाजनकारी विचारधारा को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल एक सिक्का या डाक टिकट जारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इतिहास को फिर से लिखने और हमारे सच्चे स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति का अपमान करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई संविधान में निहित मूल्यों को कमजोर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला राष्ट्र की सामूहिक स्मृति पर हमला है, और कहा कि आरएसएस जैसे संगठनों ने स्वतंत्रता संग्राम से दूर रहने का विकल्प चुना था। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय सम्मान देना अनगिनत देशभक्तों के बलिदान के साथ विश्वासघात है।<br />
गौरतलब है कि विपक्ष दल इस बात को लेकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं कि केंद्र सरकार ने आरएसएस को उसकी विवादास्पद ऐतिहासिक भूमिका के बावजूद, मुख्यधारा के राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि मुख्यमंत्री के कड़े शब्द बहुलवाद और समावेशिता में निहित आंदोलनों को दरकिनार करके भारत की स्वतंत्रता की कहानी को नया रूप देने की कोशिशों के खिलाफ एक व्यापक चेतावनी है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 13:42:07 +0530</pubDate>
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                <title>भारत में गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल, एचपीबी कैंसर के तेजी से बढ़ते मामले</title>
                                    <description><![CDATA[तिरुवनंतपुरम (एजेंसी)। केरल स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल के उप निदेशक डॉ. शैलेश वी. श्रीखंडे ने कहा कि भारत में गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल और एचपीबी (हेपेटो पैंक्रियाटो बाइलरी) कैंसर बेहद तेजी से बढ़ हे हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कहा, ”इनमें से कई मामलों में सर्जरी ही उपचार का सबसे निश्चित तरीका […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/gastrointestinal-hpb-cancer-cases-rising-rapidly-in-india/article-70809"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/thiruvananthapuram.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तिरुवनंतपुरम (एजेंसी)।</strong> केरल स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल के उप निदेशक डॉ. शैलेश वी. श्रीखंडे ने कहा कि भारत में गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल और एचपीबी (हेपेटो पैंक्रियाटो बाइलरी) कैंसर बेहद तेजी से बढ़ हे हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कहा, ”इनमें से कई मामलों में सर्जरी ही उपचार का सबसे निश्चित तरीका है। ‘एचपीबी और जीआई कैंसर सर्जरी समिट-2025’ सर्जिकल सटीकता, आॅन्कोलॉजिकल सुरक्षा और कौशल तथा नवाचार के साथ बढ़ते बोझ को संभालने के लिए विशेषज्ञों की अगली पीढ़ी को तैयार करने पर केंद्रित है।”</p>
<p style="text-align:justify;">गुरुग्राम के मेदांता मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आदर्श चौधरी ने कहा, ”अपर जीआई कैंसर आॅन्कोलॉजिकल सर्जरी में सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है। इस तरह की वैज्ञानिक बैठकें हमारे दृष्टिकोण को परिष्कृत करने और रोगियों के लिए सर्वोत्तम संभव परिणाम सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">सेनाधिपन एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से आयोजित शिखर सम्मेलन 2025, फाउंडेशन का पहला अंतरराष्ट्रीय भौतिक सम्मेलन है जिसमें भारत और विदेशों से 400 से अधिक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और एचपीबी सर्जरी पेशेवर भाग ले रहे हैं। यात्रा में चुनौतियों के बावजूद, देश-विदेश के प्रमुख चिकित्सकों की भागीदारी ने कैंसर उपचार को आगे बढ़ाने की वैश्विक प्रतिबद्धता को दशार्या।</p>
<p style="text-align:justify;">आयोजन सचिव डॉ. बैजू सेनाधिपन ने कहा, ”यह शिखर सम्मेलन एक गंभीर शैक्षणिक मंच के निर्माण में एक दशक के काम को दशार्ता है।” प्रमुख सर्जन ऊपरी जीआई और एचपीबी कैंसर में प्रमुख चिंताओं पर चर्चा का नेतृत्व कर रहे हैं। विषयों में सर्जिकल परिणामों में पुनर्वास की भूमिका, रिसेक्शन रणनीतियों में प्रगति और एसोफैजियल और गैस्ट्रिक कैंसर में जटिलताओं का प्रबंधन शामिल है। अकादमिक समिति ने एक ऐसा कार्यक्रम तैयार किया है जो वैज्ञानिक गहराई को नैदानिक प्रासंगिकता के साथ संतुलित करता है। जापान के प्रो. त्सुयोशी एटोह और इटली के प्रो. गुइडो टॉर्ज़िली जैसे वैश्विक विशेषज्ञ वर्चुअल सेशनों के माध्यम से योगदान दे रहे हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 14:46:38 +0530</pubDate>
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