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                <title>पिता की आस्था..एक पिता ने किया आस्था और श्रद्धा के जल से महादेव का अभिषेक</title>
                                    <description><![CDATA[बागपत, संदीप दहिया। अपनी विभिन्न मनोकामनाओ क़ो लेकर प्रति वर्ष करोडो शिवभक्त कावड़ियाँ हरिद्वार से माँ गंगा का पवित्र जल लाकर अनेको कष्टों क़ो सहते हुए पदयात्रा कर पुरा महादेव या अपने श्रद्धा के स्थान पर महादेव का अभिषेक करते है। अपने माता पिता या अपनी किसी इच्छा की चाह पूरी करने के लिए तो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/fathers-faith-a-father-anointed-mahadev-with-the-water-of-faith-and-devotion/article-73796"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/bagpat.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बागपत, संदीप दहिया।</strong> अपनी विभिन्न मनोकामनाओ क़ो लेकर प्रति वर्ष करोडो शिवभक्त कावड़ियाँ हरिद्वार से माँ गंगा का पवित्र जल लाकर अनेको कष्टों क़ो सहते हुए पदयात्रा कर पुरा महादेव या अपने श्रद्धा के स्थान पर महादेव का अभिषेक करते है। अपने माता पिता या अपनी किसी इच्छा की चाह पूरी करने के लिए तो सभी कांवड लाते हुए देखे जा सकते है लेकिन बागपत में एक ऐसा मामला आया है जिसमे एक शिवभक्त न अपने माता पिता और न अपने परिवार और न ही अपनी व्यक्तिगत इच्छा की पूर्ति के लिए कांवड लाया बल्कि वह बड़ौत के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अभिनव तोमर की लम्बी आयु और सुयश के लिए हरिद्वार से 31 लीटर जल लाकर पुरा महादेव में आशुतोष भगवान पर जलाभिषेक किया।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया गया कि बागपत के विशाल भारद्वाज की नवजात बेटी जिंदगी की जंग हारने वाली थी तभी एक डॉक्टर भगवान बनकर आये और उनकी बेटी क़ो बचा लिया। विशाल भारद्वाज की बेटी प्री मेच्योर होने के कारण जन्म के तुरंत बाद ही गंभीर हालत में पहुँच गयी थी अभी बड़े छोटे बाल चिकित्सकों ने हाथ खडे कर दिए थे। परिवार ने भी उसके बचने की उम्मीद छोड़ दीं थी, लेकिन बड़ौत के डॉ नरेंद्र कुमार मेमोरियल मूर्ति नर्सिंग होम डॉ अभिनव तोमर ने हार नहीं मानी और दिन रात बच्ची क़ो बचाने की कवायद में जुट गए। आखिरकार डॉ अभिनव तोमर की मेहनत रंग लाई और बच्ची ने मौत क़ो हराते हुए जिंदगी क़ो गले लगाया। न केवल उस बच्ची क़ो नई जिंदगी मिली बल्कि पूरे परिवार क़ो जिंदगी की सबसे बड़ी ख़ुशी लौटा दी। बेटी क़ो नई जिंदगी देने पर उसी दिन से विशाल ने डॉ अभिनव तोमर क़ो भगवान मान लिया उसी डॉक्टर की लम्बी आयु के लिए विशाल कांवड पर डॉ की तस्वीर लगा कर 31 लीटर जल लाकर महाशिवरात्रि पर आशुतोष भगवान क़ो समर्पित करते हुए जलाभिषेक किया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डॉक्टर की फोटो लगी कावड़ जनपद में बनी चर्चा का विषय</h3>
<p style="text-align:justify;">इस भावनात्मक घटना ने विशाल के मन में डॉक्टर के प्रति एक अनोखी श्रद्धा जगा दी। उसने ठान लिया कि इस साल जो कावड़ वो लाएगा, उसमें भगवान शिव के साथ डॉक्टर अभिनव तोमर की भी पूजा होगी। हरिद्वार से पैदल कावड़ यात्रा के दौरान विशाल ने अपनी कावड़ पर डॉ. अभिनव तोमर की तस्वीर लगाई। विशाल ने कहा कि”मेरी बेटी को दूसरा जन्म देने वाले डॉक्टर मेरे लिए भगवान से कम नहीं,”। जब बड़ौत नगर में यह विशेष कावड़ पहुंची तो लोग आश्चर्यचकित रह गए। किसी ने पहली बार ऐसा दृश्य देखा था, जहां एक डॉक्टर की छवि के साथ “शिव’ के जयकारे हो रहे थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डॉ अभिनव तोमर बने इंसानियत की मिशाल</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टर अभिनव तोमर इंसानियत की मिसाल बन चुके हैं। बहुत ही कम उम्र में बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में प्रसिद्धि पाने वाले डॉक्टर अभिनव तोमर क्षेत्र के पहले डॉक्टर है जिनके मरीज उन्हें मसीहा मानते हैं। उन्होंने ऐसे अनेकों मामलो में सफलता पाई जिनमें बच्चे का बचाना बेहद ही मुश्किल था। उनकी मेहनत और भावनात्मक अपनापन के कारण बच्चे जिंदगी की डोर को पकड़ लेते थे। बड़ौत सहित पूरे क्षेत्र में वे पहले भी कई जटिल मामलों में जान बचा चुके हैं। अपने कार्यों के कारण वे समाज के बीच इंसानियत की मिशाल बन चुके है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Jul 2025 10:49:34 +0530</pubDate>
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