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                <title>Rohtak PGI News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Rohtak PGI News: हरियाणा वालों हो जाओ सावधान, बहुत तेजी से फैल रही ये बीमारी, डॉक्टर भी हैरान, जानें&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Rohtak PGI News: रोहतक (सच कहूँ / नवीन मलिक)। काले पीलिया के बढ़ते मरीजों की संख्या ने चिकित्सों को चिंता में डाल दिया है। पीजीआई में अब तक करीब 26 हजार हेपेटाइटिस सी व 12 हजार हेपेटाइटिस बी के मरीज पंजीकृत करा चुके है और उनका इलाज जारी है। प्रतिदिन मरीजों की संख्या की बात […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/people-of-haryana-be-careful-this-disease-is-spreading-very-fast-even-doctors-are-surprised-know/article-73976"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/rohtak-pgi-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Rohtak PGI News: रोहतक (सच कहूँ / नवीन मलिक)।</strong> काले पीलिया के बढ़ते मरीजों की संख्या ने चिकित्सों को चिंता में डाल दिया है। पीजीआई में अब तक करीब 26 हजार हेपेटाइटिस सी व 12 हजार हेपेटाइटिस बी के मरीज पंजीकृत करा चुके है और उनका इलाज जारी है। प्रतिदिन मरीजों की संख्या की बात करें तो यह आंकडा 70 से 80 के बीच है, जोकि चौंकाने वाला है। हालांकि पीजीआई में पिछले 12 सालों से काले पीलिया को लेकर गस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में बीस सदस्यीय टीम काम कर रही है और काफी सफलता भी मिली है और 40 हजार मरीज अब सामान्य जीवन जी रहे है। बड़ी बात तो यह भी सामने आई कि करीब 500 से अधिक गर्भवती महिला भी काले पीलिया से पीड़ित पाई गई, जिनका समय पर ईलाज किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इस वर्ष की थीम लेट्स ब्रेक इट डाउन | Rohtak PGI News</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को पीलिया व काला पीलिया की जागृति फैलाने के लिए विश्व हेपेटाइटिस डे मनाया जाता है और इस वर्ष की थीम है लेट्स ब्रेक इट डाउन अर्थात पीलिया व काले पीलिया को जड से मिटाना। पीजीआई के गस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मल्होत्रा एवं इंचार्ज नोडल ट्रीटमेंट सेंटर पीजीआईएमएस रोहतक ने बताया कि पिछले 12 वर्षों से उनके विभाग में पीलिया व काला पीलिया का इलाज निशुल्क, प्रतिदिन, बगैर किसी वेटिंग के तहत सारे टेस्ट एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी, फाइब्रोस्कैन तथा दवाइयां निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं और इसके लिए बीस सदस्यीय टीम दिन रात काम कर रही है। इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि अब तक 26 हजार हेपेटाइटिस सी एवं 12 हजार हेपेटाइटिस बी के मरीज उनके विभाग में पंजीकृत हो चुके हैं और इलाज के उपरांत सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पीजीआईएमएस काले पीलिया का नोडल ट्रीटमेंट सेंटर है। डॉ. प्रवीन मल्होत्रा ने कहा कि स्त्री रोग विभाग की प्रो. डॉ. वाणी मल्होत्रा एवं नोडल अधिकारी द्वारा 500 काले पीलिया के गर्भवती महिलाओं मे जरूरत अनुसार इलाज तथा हर नवजात को हेपेटाइटिस बी की इम्युनोग्लोबिन तथा हेपेटाइटिस बी वैक्सीन के लगाने से नवजात को हेपेटाइटिस बी से पूर्ण सुरक्षित करने में सफलता प्राप्त की।</p>
<h4 style="text-align:justify;">आठ हजार हेल्थकेयर वर्कर्स को हेपेटाइटिस बी की निशुल्क तीन खुराक</h4>
<p style="text-align:justify;">कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. वरूण अरोडा ने बताया कि पीजीआई ने लगभग 8 हजार हेल्थकेयर वर्कर्स को हेपेटाइटिस बी की नि शुल्क तीन खुराक लगाई जा रही हैं और इसके लिए 24 हजार खुराक पीजीआईएमएस को मिल चुकी हैं और प्रतिमाह 70-80 काले पीलिया के मरीजों को चिन्हित कर निशुलक् इलाज किया जाता है जो रक्तदान के लिए आते हैं। ऐसे ही 25-30 मरीज प्रतिमाह डायलिसिस के दौरान काले पीलिया की बीमारी से ग्रसित पाए जाते हैं और इलाज के लिए पंजीकृत किये जाते हैं। काले पीलिया मरीजों के परिवार में 13 प्रतिशत सदस्यों में काला पीलिया पाया गया है और उनको इलाज के लिए पंजीकृत किया गया और बाकी सदस्यों जिनमें काला पीलिया नहीं है उन्हें हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए वैक्सीन दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आठ हजार हेल्थकेयर वर्कर्स को हेपेटाइटिस बी की निशुल्क तीन खुराक</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि काला पीलिया खून के संक्रमण से फैलता है और इससे बचने के लिए नशे के टीके ना लगाएं, इंजेक्शन के वक्त नई सुंई का ही प्रयोग करवाएं, सुरक्षित यौन संबंध का ध्यान रखें, नाई की दुकान पर नए ब्लेड का प्रयोग करवाएं, गर्भावस्था में काले पीलिया की जांच अवश्य कराएं और जिन मरीजों को भी काला पीलिया मिलता है वें अपना निशुल्क इलाज हरियाणा के किसी भी सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और पीजीआई में ले सकता है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Jul 2025 11:34:31 +0530</pubDate>
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