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                <title>vegetables - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>vegetables RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Vegetables: गर्मी से बचाव के लिए सब्जियों की तुड़ाई सुबह व शाम को करें: डॉ. सीबी सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी ने जहां आमजन को प्रभावित किया है, वहीं सब्जियों की फसलों पर भी गर्मी का असर साफ दिखने लगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/to-protect-from-heat-dr-cb-singh-should-harvest-vegetables/article-85270"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/vegetables.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)। </strong>Vegetables: गर्मी ने जहां आमजन को प्रभावित किया है, वहीं सब्जियों की फसलों पर भी गर्मी का असर साफ दिखने लगा है। गर्मी के चलते मार्किट में सब्जियों की कीमतों के दाम बढ रहे हैं। सब्जी की फसल को लेकर कृषि विशेषज्ञ डा. सीबी सिंह ने सब्जी उत्पादकों को सलाह दी है। डॉ. सीबी सिंह ने कहा कि आजकल गर्मी का मौसम तीव्रता की ओर है तो सब्जी उत्पादक किसानों को गर्मी से बचाव के लिए सब्जियों की तुड़ाई सुबह व शाम को करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र सहित हरियाणा के अन्य क्षेत्रों में बढ़ते तापमान के बीच सब्जी उत्पादक किसानों को फसल की तुड़ाई के समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कृषि विशेषज्ञों की भी सलाह है कि किसान सुबह या शाम के समय ही सब्जियों की तुड़ाई करें, क्योंकि इस समय तापमान कम होता है। इस छोटे से उपाय से सब्जियों की ताजगी, गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ बरकरार रहती है।  डा. सिंह के अनुसार सब्जियां बहुत जल्दी खराब होने वाली होती हैं और गर्मी के प्रति संवेदनशील होती हैं। दोपहर की तेज धूप में तुड़ाई करने से सब्जियों में नमी की कमी हो सकती है, जिससे वे सिकुड़ जाती हैं और जल्दी खराब हो जाती हैं। इससे बाजार में उनकी कीमत कम मिलती है और फसल का नुकसान होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सुबह-शाम तुड़वाई करने से टमाटर, भिंडी, खीरा, बैंगन और हरी पत्तेदार सब्जियों में नमी बनी रहती है। तुड़ाई के बाद सब्जियों को छायादार जगह या ठंडे शेड में रखना चाहिए, ताकि वे सीधी धूप से बची रहें। खराब या अधिक पकी हुई सब्जियों को अलग कर देना चाहिए और अच्छी सब्जियों को नरम कपड़े से ढककर टोकरियों या बक्सों में रखना चाहिए। यदि भंडारण करना हो तो ठंडी और हवादार जगह का उपयोग करें या साधारण कूलिंग सिस्टम लगाएं। आने वाले दिनों में बढ़ता तापमान सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/vegetables.jpg" alt="Vegetables" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 15:38:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टमाटर के बाद प्याज के दाम भी बढ़े</title>
                                    <description><![CDATA[सब्जी को तड़का लगाना हुआ मुश्किल | Abohar News अबोहर (सच कहूँ/सुधीर अरोड़ा)। महंगाई के इस दौर में जहां आम वर्ग को हर तरफ से मार पड़ रही है, वहीं सब्जियों खासकर टमाटर व प्याज (Tomato and Onion) के बढ़े दामों ने लोगों ने होश उड़ा रखे हैं। पहले लोग टमाटर के बढ़ती कीमतों के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/onion-prices-also-increased-after-tomato/article-49668"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/onion.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सब्जी को तड़का लगाना हुआ मुश्किल | Abohar News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सच कहूँ/सुधीर अरोड़ा)।</strong> महंगाई के इस दौर में जहां आम वर्ग को हर तरफ से मार पड़ रही है, वहीं सब्जियों खासकर टमाटर व प्याज (Tomato and Onion) के बढ़े दामों ने लोगों ने होश उड़ा रखे हैं। पहले लोग टमाटर के बढ़ती कीमतों के कारण परेशान थे, लेकिन अब प्याज ने लोगों के पसीने छुड़ाने शुरु कर दिए हैं। हालात ये है कि इस समय प्याज के दाम परचून रेट पर 35 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। हालात यही रहे तो इसके दामों मेंं और भी बढ़ोतरी संभव है। Abohar News</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार पहले लोग टमाटर के दामों में बढ़ोतरी से परेशान थे। लोगों का कहना है कि इस समय टमाटर के दाम 120 रुपए प्रति किलो के हिसाब से चल रहे हैं, जबकि पहले कभी यह दाम 10 रुपए से लेकर 20 किलो तक थे। इसका मुख्य कारण बारिश के कारण टमाटरों की आपूर्ति कम होना बताया जा रहा है। टमाटर के बढ़ोतरी के कारण सब्जी से टमाटर दूर होकर रह गया है। हालात ये है कि कई बार कोई गृहिणी सब्जी वाले से टमाटर मांगती है, तो सब्जी वाला जवाब देता है कि मैंने तो टमाटर लाने ही बंद कर दिए हैं। Abohar News</p>
<p style="text-align:justify;">बाजारों मेंं भी टमाटर का अलग-अलग व्यंजनों में बहुत कम इस्तेमाल हो रहा है। लोग अभी टमाटर के बढ़े दामों से उभरे ही नहीं थे कि प्याज ने भी लोगों की आंखों में आंसू लाने शुरु कर दिए हैं। इस समय प्याज 35 रुपए किलो तक पहुंच गया है, जो कि कुछ दिन पहले 20 रुपए के आसपास हुआ करता था। Abohar News</p>
<p style="text-align:justify;">सब्जी विक्रेता ओमप्रकाश ने बताया कि महाराष्ट्र में इस समय बारिश काफी है, जिससे वहां से प्याज की आपूर्ति कम हो रही है। ऐसे में प्याज के भाव बढ़ गए हैं। यदि यही सिलसिला जारी रहा, तो प्याज के दाम और भी बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण सब्जियों के दामों पर भी असर पड़ा है और लगभग सभी सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, अब तो सब्जी को तड़का लगाना मुश्किल हो गया है, क्योंकि पहले टमाटर और अब प्याज के दाम बढ़ रहे हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पौधरोपण कर मनाई डॉ श्यामा प्रसाद की जयंती" href="http://10.0.0.122:1245/saplings-were-planted-in-kalyan-singh-park/">पौधरोपण कर मनाई डॉ श्यामा प्रसाद की जयंती</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Jul 2023 18:18:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सब्जियां हुई महंगी, रसोई का बिगड़ा बजट</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। मौसम की मार से सब्जियां (Vegetables) बहुत महंगी हो गई हैं। जिस कारण आम घरों की रसोई का बजट भी बिगड़ गया है। गौरतलब है कि आज सब्जी मंडी में सब्जियों के भाव इतने ऊंचे हो गए हैं, कि गर्मी की मौसम में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां भी इतनी महंगी हो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/vegetables-become-expensive-kitchen-budget-spoiled/article-49531"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/vegetables.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)।</strong> मौसम की मार से सब्जियां (Vegetables) बहुत महंगी हो गई हैं। जिस कारण आम घरों की रसोई का बजट भी बिगड़ गया है। गौरतलब है कि आज सब्जी मंडी में सब्जियों के भाव इतने ऊंचे हो गए हैं, कि गर्मी की मौसम में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां भी इतनी महंगी हो गई है, की आम जनता के जेब पर डाका डालने जैसा महसूस हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सब्जी मंडी में टमाटर ₹100 प्रति किलो, तोरी ₹80 प्रति किलो घिया ₹60 प्रति किलो, अदरक ₹320 प्रति किलो, नींबू ₹120 प्रति किलो, खीरा ₹60 प्रति किलो इसके अलावा गर्मी में एकमात्र फल आम 60 रुपए प्रति किलो, केला ₹70 का एक दर्जन, सेब ₹200 किलो तक खरीदने पर मजबूर है। सब्जी विक्रेता मदनलाल का कहना है कि सब्जियां इतनी महंगी हो गई है कि आमजन को खरीदने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आमतौर पर एक ग्राहक 1 सप्ताह में ₹300 की सब्जी लेकर जाता था। आज वह मात्र ₹100 की सब्जी खरीदने पर मजबूर है। महंगाई के कारण कामकाज भी बहुत मंदे पड़ गए हैं। Vegetables</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रहणी सविता, रेखा ,पूनम आदि का कहना है कि 1 सप्ताह से सब्जियां बहुत महंगी के कारण उन्होंने तो सब्जियां खानी ही बंद कर दी हैं। क्योंकि ₹100 किलो टमाटर खाय तो क्या खाएं। आमतौर पर 1 सप्ताह में सब्जी का बजट 300 से ₹400 लगता था परंतु इतनी महंगी सब्जी ने पूरे महीने का बजट बिगाड़ दिया है। उनका कहना है कि ऐसे मौसम में सब्जियों के भाव इतने कम होते थे कि गर्मियों की इस्तेमाल होने वाली सब्जिया के दाम बहुत कम होते थे जो आसानी से खरीदी व इस्तेमाल की जा सकती थी। जो कि तोरी, घिया व खीरा तो 20 से 30 रुपए किलो में मिलता था, परंतु आज उसका भाव 60-70 ₹80 किलो तक पहुंच गया है। जो खरीद पाना मुश्किल हो गया है। Vegetables</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="मामूली टक्कर में बाईक सवारों ने बंधक बनाकर की मारपीट" href="http://10.0.0.122:1245/the-accused-youth-absconded-after-snatching-the-car/">मामूली टक्कर में बाईक सवारों ने बंधक बनाकर की मारपीट</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2023 20:11:58 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Tomato Price Hike: पूरे देश में अचानक बढ़े टमाटर के दाम, ऐसा क्यों&amp;#8230;राहत कब?</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार को 15 दिनों में टमाटर की कीमतें कम होने की उम्मीद Tomato Price Hike: सरकार को उत्पादक केंद्रों से आपूर्ति बढ़ने के साथ टमाटर की कीमतें (Tomato Price) अगले 15 दिनों में कम होने और एक महीने में सामान्य स्तर पर आ जाने की उम्मीद है। हर घर में इस्तेमाल होने वाली इस प्रमुख […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/tomato-prices-expected-to-come-down/article-49520"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/tomato.gif" alt=""></a><br /><h3>सरकार को 15 दिनों में टमाटर की कीमतें कम होने की उम्मीद</h3>
<p style="text-align:justify;">Tomato Price Hike: सरकार को उत्पादक केंद्रों से आपूर्ति बढ़ने के साथ टमाटर की कीमतें (Tomato Price) अगले 15 दिनों में कम होने और एक महीने में सामान्य स्तर पर आ जाने की उम्मीद है। हर घर में इस्तेमाल होने वाली इस प्रमुख सब्जी की कई प्रमुख शहरों में कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम से भी अधिक हो गई है। उपभोक्ता मामलों के विभाग में सचिव रोहित कुमार सिंह ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि हिमाचल प्रदेश के सोलन और सिरमौर जिलों से बेहतर आपूर्ति होने पर राष्ट्रीय राजधानी में टमाटर की खुदरा कीमतें तुरंत कम हो जाएंगी। Tomato Price</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘टमाटर की कीमत (Tomato Price) में वृद्धि की घटना हर साल इसी समय होती है। हर देश में प्रत्येक कृषि वस्तु मूल्य चक्र में एक मौसमी स्थिति से गुजरती है। जून में इसकी कीमतें उच्च स्तर पर पहुंच गईं हैं।’’ उन्होंने कहा कि टमाटर एक जल्द खराब होने वाला उत्पाद है और मौसम एवं अन्य कारणों से टमाटर की आपूर्ति भी बाधित हुई है। सचिव ने आगे कहा, ‘‘आप टमाटर को लंबे समय तक नहीं रख सकते हैं और इसे लंबी दूरी तक पहुंचाया भी नहीं जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस खाद्य वस्तु में यह एक कमजोरी है।’’ उन्होंने कहा कि जून-अगस्त और अक्टूबर-नवंबर के दौरान टमाटर का उत्पादन कम हो जाता है और इस अवधि में कीमतों में आम तौर पर तेज वृद्धि देखी जाती है। उन्होंने कहा कि 29 जून को टमाटर की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 49 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि एक साल पहले इसी दिन यह 51.50 रुपये प्रति किलोग्राम थी। हालांकि उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस दर को उचित नहीं ठहरा रहा हूं. यह मौसमी समस्या को साबित करता है।’’ इसे एक जटिल समस्या बताते हुए सचिव ने कहा कि सरकार इस पर गौर कर रही है और पूरे वर्ष इसकी आपूर्ति सुव्यवस्थित करने के लिए समाधान ढूंढ रही है। Tomato Price</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग में सचिव रोहित कुमार सिंह ने शुक्रवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि हिमाचल प्रदेश के सोलन और सिरमौर जिलों से बेहतर आपूर्ति होने पर राष्ट्रीय राजधानी में टमाटर की खुदरा कीमतें तुरंत कम हो जाएंगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Water Crisis: करोड़ों भारतीयों पर गंभीर जल संकट, होने वाली है पानी की कमी" href="http://10.0.0.122:1245/water-crisis-in-india/">Water Crisis: करोड़ों भारतीयों पर गंभीर जल संकट, होने वाली है पानी की कमी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2023 17:00:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान रेल से फलों-सब्जियों की ढुलाई में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। अधिसूचित फलों एवं सब्जियों की किसान रेल से ढुलाई पर किराये में 50 प्रतिशत की मिलेगी जिसका भार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय वहन करेगा। यह छूट मंत्रालय की ‘ऑपरेशन ग्रीन्स – टॉप टू टोटल’ योजना के तहत दी जायेगी और इस योजना में अधिसूचित सभी फलों एवं सब्जियों पर लागू होगी। रेलवे ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/farmers-rail-will-get-50-percent-discount-on-transportation-of-fruits-and-vegetables/article-19212"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/train-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> अधिसूचित फलों एवं सब्जियों की किसान रेल से ढुलाई पर किराये में 50 प्रतिशत की मिलेगी जिसका भार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय वहन करेगा। यह छूट मंत्रालय की ‘ऑपरेशन ग्रीन्स – टॉप टू टोटल’ योजना के तहत दी जायेगी और इस योजना में अधिसूचित सभी फलों एवं सब्जियों पर लागू होगी। रेलवे ने सभी जोन के मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों को लिखा है कि वे तत्काल प्रभाव से सभी अधिसूचित फलों एवं सब्जियों की ढुलाई पर किराये में 50 प्रतिशत की छूट दें। इसके लिए आरंभ में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय रेलवे को 10 हजार करोड़ रुपये की राशि देगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/sop-and-ssb-constable-missing-with-weapon-in-budgam/">यह भी पढ़े- बडगाम में एसओपी, एसएसबी कांस्टेबल हथियार सहित लापता</a></p>
<p style="text-align:justify;">एक बार पूरी राशि उपयोग कर लेने के बाद और राशि जारी की जायेगी। रेलवे बोर्ड में मालवहन विपणन निदेशक मुदित चंद्रा ने कहा है कि सभी रेलवे स्टेशनों पर मुख्य पार्सल निरीक्षक की जिम्मेदारी होगी कि सिर्फ अधिसूचित फलों एवं सब्जियों के मालभाड़े में ही छूट दी जाये।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Oct 2020 10:56:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगी सब्जियां बनी परेशानी का सबब</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना महामारी में व्यापार, रोजगार की कमी के बाद सब्जियों की महंगाई ने लोगों को चहुं ओर से घेर लिया है। प्याज 35-40 रुपए और टमाटर 100 रुपए को पार कर गया है। निर्माण कार्य रुकने व उद्योगों की धीमी रफ्तार के कारण मजदूर वर्ग बुरी तरह से फंस गया है। गरीब व मध्यम वर्ग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/expensive-vegetables-cause-trouble/article-18529"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/black-marketing-vegetable.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कोरोना महामारी में व्यापार, रोजगार की कमी के बाद सब्जियों की महंगाई ने लोगों को चहुं ओर से घेर लिया है। प्याज 35-40 रुपए और टमाटर 100 रुपए को पार कर गया है। निर्माण कार्य रुकने व उद्योगों की धीमी रफ्तार के कारण मजदूर वर्ग बुरी तरह से फंस गया है। गरीब व मध्यम वर्ग के लिए सब्जियां खरीदना पहुंच से दूर होता जा रहा है। एक माह पूर्व यही प्याज 15-20 रुपए किलो बिक रहा था। यूं तो प्याज की कीमतों में उछाल 80 रुपए तक भी आता रहा है और कई बार यह मुद्दा राजनीति में भी चर्चा का विषय बनता रहा है। निर्यात पर प्रतिबंध के बावजूद प्याज की कीमतों में वृद्धि हो रही हैं। भले ही प्याजों के दाम बढ़ने का कारण फसल खराब होना बताया जा रहा है लेकिन इसका वास्तविक्त कारण जमाखोरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जमाखोर यह जानते हैं कि अगस्त सितम्बर तक बारिश के कारण दक्षिणी भारत में प्याज की आपूर्ति घट जाती है और जमाखोर इसका पूरा फायदा उठाते हैं। भले ही प्याज की कीमतों के कारण सरकारें भी पलटती रही हैं लेकिन आम दिनों में कोई भी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर आवाज नहीं उठाता, सब हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहते हैं। केवल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ही जमाखोरी को रोकने के लिए आदेश दिए हैं, अधिकतर राज्यों की सरकारों के लिए यह कोई मुद्दा ही नहीं। विगत वर्षों में किसानों ने प्याज डेढ़ रुपए प्रति किलो की कीमत में भी मुश्किल से बेचा था, किसान बर्बाद हो गए लेकिन जमाखोर मालोमाल हो गए। यह मामला इस कारण भी गंभीर है कि संसद में आवश्यक वस्तुओं से संबंधित नया बिल पास होने के बाद जमाखोरी अपराध नहीं रह जाएगी। नए बिल के अनुसार कीमतों पर नियंत्रण रखना ओर भी मुश्किल हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिक पैसे वाला व्यापारी अधिक स्टाक कर मनमर्जी से पैसे वसूल करने का प्रयास करता रहेगा। कीमतों पर नियंत्रण के लिए नए दिशा-निर्देश तैयार करना और भी मुश्किल हो जाएगा। यदि यह कहा जाए कि प्याजों की कीमतों में मौजूदा वृद्धि तो एक ट्रेलर है, कोई झूठ नहीं होगा। व्यापारियों को सुविधा देना आवश्यक है लेकिन लोगों की लूट रोकना भी चुनौती होगा। इससे सब्जियों के उत्पादन संबंधी नीतियों को मजबूत करने की आवश्यकता है। प्याज उत्पादक हर साल फसल खराब होने या कम कीमतों के कारण बर्बाद होते रहे हैं। सब्जियों के लिए किसान को बीज, तकनीक के साथ-साथ भंडारन की सुविधा को बढ़ाने के लिए सरकार को ज्यादा सब्सिडी देनी चाहिए। सही उत्पादन और भंडारन के साथ फसल की बर्बादी भी घटेगी।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Fri, 18 Sep 2020 09:48:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आसमां छू रहे सब्जियों के भाव</title>
                                    <description><![CDATA[ भिवानी सब्जी मंडी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-rs-50-kilo-tomato-cross/article-16600"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/vegetables-expensive.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>चिंताजनक। महामारी के प्रकोप के बीच कोढ में खाज बनी महंगाई</strong></h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>किसान के 5 रुपये न बिके, अब 50 रु. किलो पार हुए टमाटर</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश दुहन)।</strong> एक तरफ कोरोना महामारी तो दूसरी तरफ महंगाई की मार से आमजन में हाहाकार मची हुई है। बात करें भिवानी में हरी सब्जी के भाव की तो यहां आसमान छूने लगे हैं। किसान का जो टमाटर 5 रुपए नहीं बिका, वो आज एक माह बाद 50 के पार हो चुका है। महंगाई की मार से जहां आमजन परेशान है। वहीं विक्रेता भी अच्छी बिक्री ना होने से हताश हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भिवानी सब्जी मंडी में वीरवार के भाव की बात करें तो टमाटर 50 रुपए किलो, आलू 25 रुपये, प्याज 20 रुपए, बैंगन 30 रुपये, अरबी 40 रुपये, भिंडी 30 रुपये, नींबू 40 रुपये, करेला 30 रुपये, तोरी 25 रुपये, पेठा 15 रुपए, घीया 20 रुपये, हरी मिर्ची 30 से 40 रुपये, खीरा 30 रुपए व लहसुन 100 रुपये किलो बिका। बता दें कि ये भाव सब्जी मंडी में थोक के भाव हैं। जब ये सब्जी मंडी से दुकानों या रेहड़ी के माध्यम से आम आदमी के घर जाती है तो वो दुकानदार या रेहड़ी वाला भी प्रति किलो 5 से 10 रुपये अपना मुनाफा लेता है।</p>
<p style="text-align:justify;">महंगाई की इस मार से आमजन बेहद परेशान है। सब्जी खरीदने आए सुरेश व अन्य लोगों ने बताया कि महामारी में आमदनी कम है और महंगाई के चलते खर्च बढ़ रहा है। जिसके कारण वो एक समय की भी आधी सब्जी खरीदने को मजबूर हैं। वहीं सब्जी विक्रेता वेदपाल व नरेश ने कहा कि यूं तो हर साल भाव बढ़ते हैं, लेकिन महामारी में लोगों की आय कम होने के चलते लोगों की खरीद क्षमता भी कम हो गई है। जिसके चलते ग्राहक पहले की तुलना में आधी सब्जी खरीद कर लौट जाता है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-rs-50-kilo-tomato-cross/article-16600</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2020 17:25:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सब्जियों पर ट्रकों की हड़ताल का असर, बढ़ने लगे दाम</title>
                                    <description><![CDATA[हड़ताल से रोजाना 4,000 करोड़ की चपत नई दिल्‍ली (सच कहूँ)। 20 जुलाई थमे ट्रकोें के पहिओं के कारण जहां टमाटर की दाम आसामन पर पहुंच चुके हैं वहीं इस हड़ताल से रोजाना 20,000 करोड़ का नुकसान भी हो रहा है। जिसमें करीब 4,000 करोड़ रुपये की चपत अकेले ट्रांसपॉर्ट सेक्टर को लग रही है। हड़ताल का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-impact-of-trucks-strike-on-vegetables-price-increases/article-5004"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/truck-strike.jpg" alt=""></a><br /><h2>हड़ताल से रोजाना 4,000 करोड़ की चपत</h2>
<p><strong>नई दिल्‍ली (सच कहूँ)।</strong> 20 जुलाई थमे ट्रकोें के पहिओं के कारण जहां टमाटर की दाम आसामन पर पहुंच चुके हैं वहीं इस हड़ताल से रोजाना 20,000 करोड़ का नुकसान भी हो रहा है। जिसमें करीब 4,000 करोड़ रुपये की चपत अकेले ट्रांसपॉर्ट सेक्टर को लग रही है। हड़ताल का असर दिल्‍ली और कई मेट्रो शहरों में आज से दिखने के आसार हैं। ट्रांसपोटर्स ने कड़े रुख अपनाने शुरू कर दिए हैं। उन्‍होंने चेतावनी दी है कि सब्ज़ियों के ट्रक को रोक दिया गया है। सरकार ने अगर उनकी मांगें नहीं मानी, तो आने वाले 2-3 दिनों में सब्ज़ियों की सप्लाई पूरी तरह से ठप कर दी जाएगी।</p>
<h2>टमाटर के दाम में सबसे ज्‍यादा इजाफा</h2>
<p>हड़ताल का असर अब दिल्‍ली में दिखने भी लगा है। दिल्ली की सबसे बड़ी थोक सब्ज़ी मंडी आज़ादपुर में आम दिनों के मुकाबले ट्रकों की संख्या में कमी देखी गई। जानकारों के मुताबिक, पहले जहां हर रोज 1500 तक ट्रक आते थे, वहीं मंगलवार को ट्रकों की संख्या 1000 ट्रक तक रह गई। दिल्‍ली के अलावा अन्‍य राज्‍यों पर भी आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल का असर दिख सकता है। वैसे दिल्‍ली में ट्रकों की हड़ताल की वजह से सब्जियों के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं। टमाटर के दाम में सबसे ज्‍यादा इजाफा देखने को मिल रहा है, जो 40 से 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है।</p>
<h2>ये हैं ट्रांसपोर्टरों की मांग</h2>
<ul>
<li>पेट्रो पदार्थों को जीएसटी में शामिल करने</li>
<li>पूरे देश में डीजल का दाम एक समान करने</li>
</ul>
<h2>लंबी चल सकती है हड़ताल</h2>
<p>हड़ताल के जल्द खत्म होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। इस बारे में दिल्ली गुड्स टांसपो‌र्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर के मुताबिक, अभी केंद्र सरकार की ओर से बातचीत की कोई पहल नहीं हुई है। ऐसे में हड़ताल लंबी चल सकती है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-impact-of-trucks-strike-on-vegetables-price-increases/article-5004</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Jul 2018 05:47:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़कों पर बहाया दूध, फैंकी सब्जियां</title>
                                    <description><![CDATA[गांव बंद: पहले दिन देश भर में किसान आंदोलन का देखने को मिला व्यापक असर नई दिल्ली/जयपुर/चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। किसानों का दस दिनों का ‘गांव बंद’ आंदोलन शुक्रवार से शुरू हो गया और इसका असर देशभर में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखने को मिला। किसानों ने विरोध स्वरूप सड़कों पर दूध बहाया और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/farmer-protest-sheded-milk-on-roads-funky-vegetables/article-3901"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/farmer.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">गांव बंद: पहले दिन देश भर में किसान आंदोलन का देखने को मिला व्यापक असर</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/जयपुर/चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। </strong>किसानों का दस दिनों का ‘गांव बंद’ आंदोलन शुक्रवार से शुरू हो गया और इसका असर देशभर में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखने को मिला। किसानों ने विरोध स्वरूप सड़कों पर दूध बहाया और सब्जियां फेंकीं। गावों से शहर को दूध व सब्जी की आपूर्ति रोकने के लिए हरियाणा के सरसा और फतेहाबाद दोनों जिलों में शहर व कस्बों के करीबी गावों में किसान संगठनों के प्रतिनिधि व ग्रामीण मार्गों पर डेरा डालकर बैठ गए। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा ने कहा कि आंदोलन को गांव-बंद का नाम दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि देशभर के 130 किसान संगठन आंदोलन में शामिल हैं। मध्य प्रदेश में पहले दिन कोई उग्र घटना सामने नहीं आई, हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर मध्यप्रदेश के मंदसौर में हाई अलर्ट है। उल्लेखनीय है कि 10 जून तक चलने वाले इस आंदोलन में देश भर के 172 किसान संगठन शामिल हैं। इस आंदोलन की तीन मुख्य मांगें हैं स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट लागू हो ताकि फसलों का वाजिब दाम मिले, किसान की संपूर्ण कर्जमाफी हो और तीसरी किसान की मासिक आय निश्चित हो।</p>
<h3 style="text-align:justify;">महाराष्ट्र : कई जिलों में दूध की सप्लाई बाधित</h3>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के सातारा, मनमाड़, अहमदनगर, पुणे, कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर, नासिक, जलगांव, परभणी, लातूर, नासिक और औरंगाबाद में किसानों ने प्रदर्शन किया। पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर भी किसानों ने सड़कों दूध बहा दिया। कई जगहों पर किसानों ने सब्जियां फेंककर विरोध जताया। संगठनों ने किसानों से अपील की है कि फल, सब्जी, अनाज शहरों-गांवों में खरीद-बिक्री ना करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/farmer-protest-sheded-milk-on-roads-funky-vegetables/article-3901</link>
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                <pubDate>Fri, 01 Jun 2018 20:47:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश के चलते सब्जियों के रेट में आया उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[महंगाई: बारिश ने बढ़ाई आमजन की मुश्किलें आम से महंगे हुए टमाटर सरसा (सुनील वर्मा)। बारिश से सब्जियां के रेटों में उछाल आना शुरू हो गया है। टमाटर के रेट आम से भी डबल हो गए हैं। बाजारों में आम के भाव 30 से 40 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। जबकि टमाटर के भाव […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/new-rate-of-vegetables-due-to-rain/article-1866"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/vagitable.jpg" alt=""></a><br /><h2>महंगाई: बारिश ने बढ़ाई आमजन की मुश्किलें</h2>
<ul>
<li><strong>आम से महंगे हुए टमाटर </strong></li>
</ul>
<p><strong>सरसा (सुनील वर्मा)।</strong> बारिश से सब्जियां के रेटों में उछाल आना शुरू हो गया है। टमाटर के रेट आम से भी डबल हो गए हैं। बाजारों में आम के भाव 30 से 40 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। जबकि टमाटर के भाव 60 से 70 रुपए तक पहुंच गए हैं। वहीं शिमला मिर्च के भाव 20 रुपए से 80 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गये हैं। बारिश के बाद हिमाचल से आने वाली सब्जियां के रेटों में भी उछाल आने लगा है।</p>
<h2>कम आ रही सब्जियां</h2>
<p>बारिश के बाद अनाज मंडी में सब्जियां की आवक कम पहुंच रही है। इससे सब्जी के रेट में उछाल आ रही है। सब्जियां के रेट बढ़ने से घरों का बजट भी बिगड़ने लगा है। वहीं विवाह का सीजन होने पर सब्जियां की डिमांड भी पूरी नहीं हो रही है। सब्जी विक्रेता महेश कुमार ने बताया कि पिछले तीन चार दिन से सब्जी के तेजी से रेट बढ़ रहे हैं। सब्जी की आवक भी मंडी में कम आ रही है।</p>
<h2>ये हैं सब्जियां के भाव</h2>
<ol>
<li style="text-align:left;"><strong>सब्जी                     मौजूदा समय भाव            दस दिन पहले भाव</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>टमाटर                  60 से 70 रुपए                10 से 15 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>शिमला मिर्च          80 रुपए                          20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>हरी मिर्च               50 रुपए                           20 से 30 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>तोरी                     40 रुपए                            20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>टिंडा                    50 रुपए                             20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>भिंडी                   30 रुपए                             20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>बैंगन                   30 रुपए                             20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>करेला                 30 रुपए                             20 रुपए </strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>अरबी                 40 रुपए                             20 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>घीया                   20 रुपए                             10 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>प्याज                  15 रुपए                              8 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>पेठा                   15 रुपए                               8 रुपए</strong></li>
</ol>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2017 01:31:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>अब सब्जियों पर मंदी की मार</title>
                                    <description><![CDATA[आलू उत्पादक किसानों को पहुंचा था नुक्सान, दो रूपए किलो बेचा था आलू सनौर (वरिन्दर बल्लू)।  इस साल का सब्जी सीजन किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ। पहले आलू उत्पादक किसानों को भाव न मिलने के कारण निराशा का सामना करना पड़ा। आलू खुदाई के दौरान बारिश ने फसल को नुक्सान पहुंचाया। इसके […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/now-the-slowdown-of-vegetables/article-1628"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/sabji.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">आलू उत्पादक किसानों को पहुंचा था नुक्सान, दो रूपए किलो बेचा था आलू</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सनौर (वरिन्दर बल्लू)।</strong>  इस साल का सब्जी सीजन किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ। पहले आलू उत्पादक किसानों को भाव न मिलने के कारण निराशा का सामना करना पड़ा। आलू खुदाई के दौरान बारिश ने फसल को नुक्सान पहुंचाया। इसके बाद फसल का उचित मूल्य नहीं मिला। बेशक आलू 4 से 5 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकता रहा लेकिन बाद में 2 रुपए किलो के हिसाब से ही आलू की बिक्री हुई। इतनी कम कीमत से तो आलू की फसल पर हुए खर्च को भी पूरा नहीं किया जा सकता था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पुण्य करना बेहतर समझा</h2>
<p style="text-align:justify;">किसान करनैल सिंह अनुसार भिंडी व मिर्च को तोड़ने के लिए सात रुपए प्रति किलो के हिसाब से मजदूरी और मेहनत भी ज्यादा करनी पड़ती है। कई किसानों ने अपनी घीया व कददू की सब्जी को गौशाला में ही भेज दिया है। किसानों का कहना था इतने कम रेट से कुछ पल्ले नहीं पड़ता। कम से कम गौशाला में सब्जी भेजने से पुण्य का काम ही करना सही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">घाटा पड़ना कोई नई बात नहीं</h2>
<p style="text-align:justify;">सब्जियों के रेट में आई भारी गिरावट संबंधी जब किसान रुपिन्दर सिंह जोशन और जसबीर सिंह से बातचीत की तो उन्होंने कहा उनका परिवार पिछली कई पीढ़ियों से सब्जी की काश्त कर रहा है। सब्जियों के रेट में इतनी गिरावट आना कोई नई बात नहीं, लेकिन आज के महंगाई के दौर में फसल पर होने वाले खर्च इतने बढ़ हो गए हैं कि फसल से होने वाले घाटे को बर्दास्त नहीं किया जा सकता।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ये भाव बिक रही सब्जियां</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>घीया 5 से 7 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>खीरा 3 से 5 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कददू 3 से 4 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>भिंडी 12 से 15 रुपए</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मिर्च 10 से 12 रुपए </strong></li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>अन</strong>देखा करने का आरोप</h2>
<p style="text-align:justify;">किसानों ने इस फसलों पर मंडराए संकट के लिए केंद्र व राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि समय की सरकारों ने किसानी मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने पंजाब सरकार व केंद्र सरकार से सब्जियों के रेट निर्धारित करने व पाकिस्तान से निर्यात की जाने वाली सब्जी पर पाबंदी लगाने की मांग की।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पहले तोरी के अच्छे रेट मिले थे</h2>
<p style="text-align:justify;">किसान रूपिन्द्र सिंह जोशन ने बताया अब मौजूदा समय में उन्होंने लगभग तीन एकड़ में तोरी की काश्त की गई है। तोरई 2 से 3 रुपए प्रति किलो बिक रही है, जोकि बहुत ही कम है। इस रेट से तो उनकी फसल पर लागत भी पूरी नहीं होती। उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों में तोरई की फसल का रेट ठीक रहा था जिसे देखकर इस बार किसानों ने इस फसल की अधिक पैदावार की।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Mon, 26 Jun 2017 01:08:03 +0530</pubDate>
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