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                <title>Diwali 2025 - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>क्या यह रोशनी हमारे दिलों के अंधेरे को भी मिटा पा रही है?</title>
                                    <description><![CDATA[अंधकार में छोटा-सा दीप भी उम्मीद का प्रतीक बन जाता है। दिवाली उसी उम्मीद का उत्सव है, जहां प्रकाश, प्रेम और आशा एक साथ जन्म लेते हैं। लेकिन हर साल जब घर-आंगन दीयों से जगमगाते हैं, तो मन यह पूछता है क्या यह उजाला हमारे भीतर भी उतरा है? क्या यह रोशनी हमारे दिलों के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/is-this-light-able-to-remove-the-darkness-from-our-hearts/article-77128"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/diwali-2025-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अंधकार में छोटा-सा दीप भी उम्मीद का प्रतीक बन जाता है। दिवाली उसी उम्मीद का उत्सव है, जहां प्रकाश, प्रेम और आशा एक साथ जन्म लेते हैं। लेकिन हर साल जब घर-आंगन दीयों से जगमगाते हैं, तो मन यह पूछता है क्या यह उजाला हमारे भीतर भी उतरा है? क्या यह रोशनी हमारे दिलों के अंधेरे को भी मिटा पा रही है?</p>
<p style="text-align:justify;">हमारे चारों ओर कृत्रिम रोशनी की चकाचौंध है, पर भीतर संवेदनाओं का दीप मंद पड़ता जा रहा है। यही वह अंधकार है जिसने इंसान के भीतर की करुणा, दया और अपनापन को ढक लिया है। अब त्यौहार भी उपभोग और प्रदर्शन का प्रतीक बनते जा रहे हैं— हाँ दीये बाजार से आते हैं, मिठाई आॅनलाइन आती है और शुभकामनाएं एक क्लिक में खत्म हो जाती हैं। जो पर्व कभी रिश्तों को जोड़ते थे, अब वे ‘सेल’ और ‘आॅफर’ के पोस्टरों में खो गए हैं। रोशनी बढ़ी है, पर उसका ताप कम हो गया है। पर क्या इस चमक-दमक के बीच हम अपने भीतर की संवेदनाओं को भी जागृत कर पा रहे हैं? क्या केवल घर और गली ही रोशन हैं, या हमारे रिश्तों और हृदयों में भी वही प्रकाश फैला है?</p>
<p style="text-align:justify;">शहरों की भागदौड़, बढ़ता एकाकीपन, और सोशल मीडिया का आभासी संसार हमें दूसरों से दूर करता जा रहा है। पहले मोहल्ले दुख-सुख में साथ खड़े होते थे, आज वही लोग स्क्रीन के पीछे से ‘रिएक्शन’ भेजते हैं। हम सुविधाएं बढ़ाते जा रहे हैं, पर संवेदनाएँ घटती जा रही हैं। संवेदनाएँ अब ‘लाइक’ और ‘इमोजी’ में बदल गई हैं। यह बदलाव केवल सामाजिक नहीं, भावनात्मक भी है—और यही हमारी असली चिंता होनी चाहिए। समाजशास्त्र की दृष्टि से देखें तो संवेदनाओं का क्षण एक गहरी सामाजिक समस्या है। शहरीकरण, एकल परिवार, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उपभोक्तावादी संस्कृति ने व्यक्ति को आत्मकेंद्रित बना दिया है। हर व्यक्ति अब ‘मैं’ के घेरे में सिमट गया है। ऐसे में ‘हम’ की अवधारणा धीरे-धीरे विलुप्त हो रही है। संवेदनाएं कम होने का सबसे बड़ा परिणाम यह है कि समाज में सहानुभूति का स्थान उदासीनता ने ले लिया है। जहाँ पहले किसी का दुख सामूहिक होता था, वहाँ अब हर व्यक्ति केवल अपनी सुविधा का हिसाब रखता है। यही कारण है कि अपराध बढ़ रहे हैं, हिंसा और असमानता सामान्य होती जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">संवेदनाएं ही हमारे समाज की आत्मा हैं। यही हमें इंसान बनाती हैं। जब ये कम होने लगती हैं, तो समाज में दूरी, उदासीनता और अकेलापन बढ़ जाता है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ ने हमें इतना व्यस्त कर दिया है कि हम किसी की पीड़ा या अकेलेपन को महसूस करने का समय ही नहीं निकाल पाते। संवेदना—यह शब्द केवल किसी के दु:ख में आँसू बहाने की क्रिया नहीं, बल्कि मानवता का मूल तत्व है। यह वह पुल है जो एक मनुष्य को दूसरे से जोड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कभी हमारे समाज की पहचान ही यही थी कि कोई दुखी होता तो पूरा समुदाय उसके साथ खड़ा हो जाता। परंतु आज की भागदौड़ भरी जिÞंदगी में यह भाव जैसे धुँधला पड़ गया है। हमने आधुनिकता और तकनीक के नाम पर अपने भीतर के इंसान को खो दिया है। यही कारण है कि अकेलेपन, मानसिक तनाव और सामाजिक असमानता बढ़ती जा रही है।<br />
इस बार, जब हम दीया जलाएं, तो उसे केवल घर की देहरी पर न लगाएँ, बल्कि अपने दिल के कोने में भी जलाएँ। यह दीया उन लोगों के नाम हो सकता है जिनकी जिÞन्दगी में हम अनजाने में खुशियां भर सकते हैं। उस मजदूर के लिए जो दूसरों के घर सजाते-सजाते अपने घर के अंधेरे में सोता है। उस माँ के लिए जिसने अपने बच्चों की खुशी में अपनी इच्छाएं भूल गई। उस बुजुर्ग के लिए जो आंगन में अकेला बैठकर पुरानी यादें गिनता है। उस बच्चे के लिए जिसकी हथेलियों में अब भी मेहनत की कालिख है और उस इंसान के लिए जो अब भी भीड़ में भी दूसरों के दर्द को महसूस कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब हम किसी का दु:ख साझा करते हैं, किसी की मदद करते हैं, किसी अकेले के साथ समय बिताते हैं, तो वही असली दीप होता है। यही वह संवेदना है जो समाज को जोड़ती है और मानवता को जीवित रखती है। छोटे-छोटे कदम जैसे किसी को मुस्कान देना, किसी वृद्धाश्रम में समय बिताना, किसी जरूरतमंद के जीवन में खुशी लाना—ये सभी समाज में वास्तविक रोशनी फैलाने के उपाय हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हमें यह स्वीकार करना होगा कि संवेदनाएं केवल किताबों में सिखाई जाने वाली बातें नहीं हैं,वे जीवन की वह सहजता हैं जो हर बच्चे के भीतर जन्मजात होती हैं। जब हम किसी के दु:ख में साथ खड़े होते हैं, किसी की मदद करते हैं, किसी की आँखों में मुस्कान लाते हैं—तभी हम असली दीपक जलाते हैं। बस आवश्यकता है उन्हें पोषित करने की — घर में, विद्यालय में, समाज में। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र और करुणा का निर्माण होना चाहिए। स्कूलों और परिवारों में यह वातावरण बनाना होगा जहां बच्चे ‘सफल’ होने से पहले ‘संवेदनशील’ बनना सीखें। त्योहारों को केवल उपभोग का नहीं, सेवा का अवसर बनाना होगा। जब हम दूसरों की खुशी में अपनी खुशी ढूँढ़ना शुरू करेंगे, तभी यह समाज फिर से उजाला महसूस करेगा। शिक्षा का उद्देश्य केवल करियर या सफलता नहीं होना चाहिए, बल्कि चरित्र, करुणा और सामाजिक चेतना का निर्माण होना चाहिए। जब हम दूसरों के जीवन में अपनी संवेदनाओं की रोशनी पहुंचाएंगे, तभी समाज वास्तव में उजाले का अनुभव करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">दिवाली का असली अर्थ केवल घर को सजाने और दीप जलाने का नहीं है। यह पर्व हमें यह याद दिलाता है कि असली उजाला भीतर होना चाहिए। यह वह समय है जब हम अपने भीतर के स्वार्थ, ईर्ष्या और उदासीनता के अंधकार को मिटाकर, दूसरों के जीवन में रोशनी पहुंचाएं। इस बार दीया जलाते समय एक क्षण रुकें और सोचें—क्या इस रोशनी का कोई असर किसी और के जीवन में भी पड़ा है? क्या किसी के चेहरे पर मुस्कान आई है? अगर हाँ, तो समझिए कि हमारी दीपावली सफल हुई। सच्ची दिवाली केवल घर और गली की रौशनी नहीं, बल्कि दिलों की रोशनी है। यह वही रोशनी है जो हमें याद दिलाती है कि संवेदनाएँ ही इंसानियत का सबसे बड़ा दीपक हैं। घर का अंधेरा मिटाना आसान है, पर दिलों का अंधेरा मिटाना असली चुनौती है। इस दिवाली, आइए हम केवल अपने घर नहीं, अपने दिलों को भी रोशन करें। इस बार एक दिया उन गुम होती संवेदनाओं के नाम जलाएं, जो समाज में फिर से उम्मीद, अपनापन और मानवता की लौ जला सके। यही वह दीप है जो हर अंधकार को दूर करेगा और सच्ची रोशनी का प्रतीक बनेगा।<br />
संध्या राजपुरोहित<br />
(यह लेखक के अपने विचार हैं)</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Oct 2025 11:35:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Rajasthan: “सरस मिठाइयों की रिकॉर्डतोड़ बिक्री दीपावली पूर्व ही 135 टन मिठाइयां बिकी</title>
                                    <description><![CDATA[Happy Diwali 2025: जयपुर। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के अधीन संचालित सरस ब्रांड की मिठाइयों ने इस दीपावली पर रिकॉर्ड बिक्री करते हुए नया इतिहास रच दिया है। दीपावली से पहले ही 135 टन से अधिक मिठाइयों की बिक्री दर्ज की गई है जो की दीपावली के उपरांत तक दोगुनी होने का अनुमान हे । […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/record-breaking-sales-of-saras-sweets-135-tonnes-of-sweets-sold-before-diwali/article-77076"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/saras-sweets.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Happy Diwali 2025: जयपुर। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के अधीन संचालित सरस ब्रांड की मिठाइयों ने इस दीपावली पर रिकॉर्ड बिक्री करते हुए नया इतिहास रच दिया है। दीपावली से पहले ही 135 टन से अधिक मिठाइयों की बिक्री दर्ज की गई है जो की दीपावली के उपरांत तक दोगुनी होने का अनुमान हे । Rajasthan News</p>
<p style="text-align:justify;">आरसीडीएफ की प्रशासक एवं प्रबंध निदेशक श्रुति भारद्वाज ने बताया कि यह उल्लेखनीय उपलब्धि उपभोक्ताओं के बीच शुद्धता के प्रति बढ़ती जागरूकता और मिलावटमुक्त उत्पादों पर बढ़ते भरोसे का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी के “शुद्ध आहार – मिलावट पर वार” अभियान ने लोगों के मन में शुद्ध उत्पादों के प्रति विश्वास को मजबूत किया है। “सरस ब्रांड ने इस विश्वास को और सशक्त बनाया है,” उन्होंने कहा।</p>
<p style="text-align:justify;">जयपुर डेयरी के चेयरमैन ओमप्रकाश पूनिया ने बताया कि जयपुर डेयरी के अत्याधुनिक मिठाई निर्माण संयंत्र में शुद्ध घी से बने सरस गुलाब जामुन, रसगुल्ला और पेड़ा का उत्पादन किया जा रहा है। यह मिठाइयाँ नवीनतम तकनीक से निर्मित होकर प्रतिदिन उपभोक्ताओं तक पहुँचाई जा रही हैं। उत्पाद की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक बैच का परीक्षण किया जाता है। Rajasthan News</p>
<p style="text-align:justify;">इनके अलावा, उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को देखते हुए सरस रसगुल्ला, गुलाब जामुन अलवर का मिल्क केक और सोनपपड़ी जैसी प्रसिद्ध मिठाइयाँ भी सरस ब्रांड के तहत राज्यभर में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन उत्पादों की आपूर्ति राज्य के सरस उत्पादन केंद्रों के माध्यम से की जा रही है, जिससे पूरे राजस्थान मे बनी सरस मिठाइयों की एकरूप गुणवत्ता बनी रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रुति भारद्वाज ने आगे बताया कि पिछले वर्ष दीपावली पर 125 टन मिठाइयों की बिक्री हुई थी, जबकि इस वर्ष यह आँकड़ा पहले ही 135 टन को पार कर चुका है। आने वाले पाँच दिनों में लगभग 25 टन अतिरिक्त मिठाइयों की बिक्री का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उपभोक्ताओं के विश्वास और सरकार की नीतिगत दिशा का प्रतिफल है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यभर में उपभोक्ताओं को सरस मिठाइयाँ आसानी से उपलब्ध कराने के लिए 550 से अधिक विशेष बिक्री केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं, जयपुर डेयरी परिसर में भी दीपावली पर्व पर विशेष काउंटर बनाकर शुद्ध एवं ताज़ी मिठाइयों की बिक्री निरंतर जारी है। Rajasthan News</p>
<p style="text-align:justify;">श्रुति भारद्वाज ने कहा कि -“सरस ब्रांड अब शुद्धता का पर्याय बन चुका है। मुख्यमंत्री जी के ‘शुद्ध आहार – मिलावट पर वार’ अभियान ने समाज में जो जागरूकता उत्पन्न की है, उसका परिणाम यह है कि लोग अब मिलावट से दूर रहकर भरोसेमंद ब्रांड की ओर लौट रहे हैं। सरस की यह रिकॉर्डतोड़ बिक्री राजस्थान में उपभोक्ता विश्वास की नई मिसाल है।” Rajasthan News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 19:23:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Traffic Rules: खबरदार! नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा किया तो होगी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[दीपावली के मद्देनजर यातायात शाखा प्रभारी की शहर के व्यापारियों के साथ बैठक Traffic Rules: हनुमानगढ़। दीपावली त्योहार को मद्देनजर रखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस अधीक्षक हरी शंकर के निर्देशानुसार यातायात शाखा प्रभारी अनिल चिन्दा ने जंक्शन में रेलवे स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा प्रांगण में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/if-the-vehicle-is-parked-in-a-no-parking-zone-action-will-be-taken-as-per-rules/article-76968"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/traffic-violations.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">दीपावली के मद्देनजर यातायात शाखा प्रभारी की शहर के व्यापारियों के साथ बैठक</h3>
<p style="text-align:justify;">Traffic Rules: हनुमानगढ़। दीपावली त्योहार को मद्देनजर रखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस अधीक्षक हरी शंकर के निर्देशानुसार यातायात शाखा प्रभारी अनिल चिन्दा ने जंक्शन में रेलवे स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा प्रांगण में बाजार के व्यापारियों के साथ बैठक की। बैठक में दीपावली त्योहार पर सामान को दुकानों के सामने रोड पर नहीं रखने के सम्बन्ध में विचार-विमर्श किया गया। व्यापारियों के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को सहयोग करने का आश्वासन दिया। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">यातायात शाखा प्रभारी अनिल चिन्दा ने बताया कि दीपावली के त्योहार को मद्देनजर रखते हुए 18 अक्टूबर से लेकर 20 अक्टूबर तक जंक्शन बाजार में शहीद भगतसिंह चौक से लेकर रेलवे स्टेशन तक, शहीद भगत सिंह चौक से लेकर बस अड्डा तक चौपहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतया बंद रहेगा। इस क्षेत्र में दोपहिया वाहन चालकों का आवागमन पूर्व की भांति रहेगा। दोपहिया वाहन चालक अपने वाहनों को रेलवे स्टेशन रोड पर बने डिवाइडर के दोनों तरफ खड़ा कर सकेंगे जबकि चौपहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था संगरिया रोड सरकारी स्कूल के पास दोनों तरफ, राजीव चौक के पास कुमार पेट्रोल पम्प के सामने मोटर मार्केट व पेट्रोल पम्प के पीछे, जंक्शन बस स्टैंड के सामने मान प्लाजा के पीछे खाली जगह पर रहेगी।</p>
<h3>मुख्य बाजार में चौपहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतया बंद रहेगा</h3>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार टाउन में भी मुख्य बाजार में चौपहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतया बंद रहेगा। चौपहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था यातायात शाखा के पीछे पार्किंग स्थल, वाल्मीकि चौक के पास खाली जगह के सामने, दीनदयाल चौक के पास व सुभाष चौक के पास चिल्ड्रन स्कूल के सामने डिवाइडर के पास पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। यातायात शाखा प्रभारी ने वाहन चालकों से अपील की कि, दीपावली त्योहार को मद्देनजर रखते हुए अपने वाहन को सड़क पर व नो पार्किंग जोन में खड़ा नहीं करें। अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। चौपहिया वाहन चालक 18 से 20 अक्टूबर तक बाजार आने-जाने के लिए कम से कम चौपहिया वाहनों का इस्तेमाल करें। बैठक में अशोक व्यास, सुनील बतरा, सतीश चुघ, इन्द्रपाल, अनिल गुप्ता, सुभाष नारंग, विजय बलाड़िया, टोनी गुप्ता सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद रहे। Hanumangarh News</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 14:03:32 +0530</pubDate>
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                <title>Diwali 2025: दिवाली से पहले बंदर ने की 500 रुपये के नोटों की बारिश, लोगों में मचा हड़कंप, जानिये</title>
                                    <description><![CDATA[Diwali 2025:प्रयागराज (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के गंगानगर जोन के सोरांव तहसील में मंगलवार सुबह एक बंदर ने पेड़ पर चढ़कर 500-500 रुपए के नोट लुटाए। पेड़ से नोटों की बारिश होते देख लोग उसे बटोरने लगे। बंदर के पेड़ से नोटों की बारिश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोरांव […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/monkey-showers-rs-500-notes-before-diwali-panic-among-people-know-why/article-76908"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/diwali-2025.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Diwali 2025:प्रयागराज (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के गंगानगर जोन के सोरांव तहसील में मंगलवार सुबह एक बंदर ने पेड़ पर चढ़कर 500-500 रुपए के नोट लुटाए। पेड़ से नोटों की बारिश होते देख लोग उसे बटोरने लगे। बंदर के पेड़ से नोटों की बारिश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोरांव तहसील के आजाद सभागार के सामने एक युवक ने बाइक खड़ी की थी, वह किसी जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए तहसील आया था। बाइक की डिग्गी में उसने एक झोले में रुपए रखे थे, वह बाइक के आस-पास ही मौजूद था। युवक के जरा ओझल होते ही एक बंदर बाइक के करीब पहुंच गया। बंदर ने बाइक की डिग्गी खोली और एक बैग निकाल लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">लोग जब बैग वापस लेने के लिए दौड़े तो उसे लेकर वह नजदीक के पीपल के पेड़ पर चढ़ गया, लोग बैग लौटाने के लिए नीचे से शोर मचाते और र्इंट पत्थर मारते रहे, लेकिन बंदर ने बैग लौटने के बजाय बैग खोला और बैग के अंदर रखे पॉलिथीन से रुपए निकाले। पेड़ पर बैठकर बंदर मजे से 500-500 रुपए के नोटों की बारिश करने लगा। पेड़ के नीचे मौजूद लोगों ने नोट बटोरे, आस-पास मौजूद लोगों ने जो नोट बटोरे थे उसे युवक को वापस कर दिया, इसके बाद युवक ने कहीं जाकर राहत की सांस ली। हालांकि युवक ने अपनी पहचान बताने से इंकार कर दिया है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 10:20:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Diwali 2025 updates: दिवाली को लेकर कंफ्यूजन खत्म, इस तारीख को मनाई जाएगी दिवाली</title>
                                    <description><![CDATA[Diwali 2025 date and time in India: वाराणसी। दीपों का महापर्व दीपावली नज़दीक आते ही इस वर्ष इसकी तिथि को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। कई पंचांगों में 20 अक्टूबर तो कुछ में 21 अक्टूबर को दिवाली बताई गई, जिससे श्रद्धालु संशय में थे। इस भ्रम को समाप्त करते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/diwali-confusion-ends-diwali-will-be-celebrated-on-this-date/article-76546"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/diwali-confusion.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Diwali 2025 date and time in India: वाराणसी। दीपों का महापर्व दीपावली नज़दीक आते ही इस वर्ष इसकी तिथि को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। कई पंचांगों में 20 अक्टूबर तो कुछ में 21 अक्टूबर को दिवाली बताई गई, जिससे श्रद्धालु संशय में थे। इस भ्रम को समाप्त करते हुए काशी विद्वत परिषद ने अब दीपावली की सही तिथि स्पष्ट कर दी है। Diwali 2025 updates</p>
<p style="text-align:justify;">काशी विद्वत परिषद के महामंत्री पंडित रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि धर्मशास्त्रों और सूर्य सिद्धांतिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष दीपावली का पर्व 20 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में दीपावली का पर्व प्रदोष व्यापिनी अमावस्या के दिन मनाने का विधान है, और यह योग इस वर्ष 20 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ होकर अगले दिन शाम 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। चूंकि देवी लक्ष्मी की आराधना रात्रि के अमावस्या निशीथ काल में की जाती है, अतः दीपावली 20 अक्टूबर को ही मनाना शुभ फलदायी रहेगा।</p>
<h3>उदया तिथि के आधार पर 21 अक्टूबर को दीपावली बताई गई थी</h3>
<p style="text-align:justify;">पंडित द्विवेदी के अनुसार, कुछ पंचांगों में उदया तिथि के आधार पर 21 अक्टूबर को दीपावली बताई गई थी, परंतु दिवाली का पूजन निशीथ काल में होता है, इस कारण उदया तिथि का इस पर्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर की सायं 7 बजकर 8 मिनट से लेकर 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से धन, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूजन के समय महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना, मां के पदचिह्नों का पूजन और सिद्ध लक्ष्मी मंत्रों का जप विशेष रूप से फलदायी माना गया है। मान्यता है कि दीपावली की रात्रि में जो साधक श्रद्धा से मां लक्ष्मी का आवाहन करता है, उसके घर में देवी स्वयं समृद्धि का वास करती हैं और वर्षभर कृपा बरसाती हैं। Diwali 2025 updates</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Oct 2025 16:28:47 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>Diwali 2025: दिवाली की मस्ती में हेल्थ और सेफ्टी को न करें इग्नोर, इन बातों का रखें याद, नहीं होगा कोई नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[Diwali 2025: परिवार और रिश्तेदारों की अपेक्षा पड़ोसी ही हमारे सबसे नजदीक होते हैं। चाहने पर भी वो अपने हमेशा हमारी मदद के लिए अक्सर नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे समय में पड़ोसी ही हमारी मदद के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पड़ोसियों से अपने रिलेशन को अच्छा बना कर रखना बहुत जरूरी होता है […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/dont-ignore-health-and-safety-during-diwali-celebrations-remember-these-things-to-avoid-any-harm/article-76023"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/diwali-2025.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Diwali 2025: परिवार और रिश्तेदारों की अपेक्षा पड़ोसी ही हमारे सबसे नजदीक होते हैं। चाहने पर भी वो अपने हमेशा हमारी मदद के लिए अक्सर नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे समय में पड़ोसी ही हमारी मदद के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पड़ोसियों से अपने रिलेशन को अच्छा बना कर रखना बहुत जरूरी होता है और इस काम के लिए त्यौहार एक बेहतर मौका है। पड़ोसियों से मित्रता बढ़ा कर उन्हें अपना बनाएं। इसके लिए इस दीवाली पर आप अपने पड़ोसियों को आमंत्रित करें। लेकिन ध्यान रखें कि त्यौहार वाले दिन तो सभी अपने घर में व्यस्त होते हैं तो उन्हें एक दिन पहले निमंत्रण दें और मिलकर जश्न मनाएं।<br />
कुछ हट कर खिलाएं</p>
<p style="text-align:justify;">त्यौहारों पर पकवान और हैवी खाने से सब बोर हो चुके होते हैं, ऐसे में कुछ लाइट स्नैक्स या कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स सर्व करें जिन्हें सभी लोग त्यौहार के बाद एंजॉय कर सकें। इससे एक तो आप की अतिरिक्त मेहनत भी बचेगी और दूसरा लोगों को मजा भी आयेगा। जैसे ढोकले डिफरेंट लुक में या कुछ नए तरीके से सैंडविच और चाय के डिफरेंट फ्लेवर। आप अपने पड़ोसियों से डिस्कस भी कर सकते हैं ताकि आपको एक आइडिया मिल सके या पूल पार्टी भी कर सकते हैं जिसमें सभी का कांट्रीब्यूशन हो जाएगा। गैदरिंग भी हो जाएगी और अकेले आप पर भार भी नहीं पड़ेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"> मतभेद दूर करें | Diwali 2025</h3>
<p style="text-align:justify;">त्यौहार तो होते ही हैं सौहार्द बढ़ाने के लिए। यदि आपके किसी रिश्तेदार या मित्र से रिश्ते मतभेद वाले हैं तो आप उनसे अपने गिले शिकवे दूर करें। अगर आप बड़प्पन दिखाकर उसे किसी पार्टी या कार्यक्रम के लिए निमंत्रित करेंगे तो आपका कद बढ़ेगा और सामने वाले को शर्मिंदगी होगी और वो अपना रवैया जरूर बदलने की सोचेगा जिससे बेवजह की नाराजगी खत्म हो जायेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">संभव हो तो तोहफे भी दें</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आप गैट टु गैदर नहीं कर पा रहे हैं तो फिर दीपावली के तोहफे बांट कर भी दोस्ती बढ़ा सकते हैं। आर्टिस्टिक दीए या कैंडल्स जैसे छोटे गिफ्ट भी पड़ोसियों को आपके करीब ले आएंगे। अगर बजट ज्यादा नहीं है तो ग्रीटिंग कार्ड और बच्चों के लिए टॉफी या चॉकलेट के छोटे पैकेट ही तोहफे में दे सकते हैं। ये छोटा-सा तोहफा आपको जीवन-भर के मजबूत रिश्तों का रिटर्न गिफ्ट दे देगा।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">अगर आप ग्रुप में पटाखे जला रहे हैं तो एक वक्त पर सिर्फ एक ही आदमी पटाखा जलाए और बाकी लोग उसे खड़े होकर देखें। जब सब लोग एक साथ पटाखे जलाने की कोशिश करते हैं तो दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।</li>
<li style="text-align:justify;"> दीवाली की रात अपनी गाड़ी को गैराज में रखें। गैराज नहीं है तो उसे अच्छे से कवर कर दें।</li>
<li style="text-align:justify;"> दीवाली की रात खिड़कियां बंद रखने की कोशिश करें और उन पर बेहद रेशमी पर्दों का इस्तेमाल करने से भी बचें।</li>
<li style="text-align:justify;"> अपने पेट्स यानि कुत्ते-बिल्लियों को पटाखों से दूर रखें। वे अक्सर इस दिन शोर से परेशान हो जाते हैं, तो उनके कानों में रूई से बने ईयर बॉल लगा दें।</li>
<li style="text-align:justify;">पटाखे जलाने से पहले हमेशा उसके पैकेट पर लिखे इंस्ट्रक्शन को जरूर पढ़ें। उसके मुताबिक ही पटाखे जलाने की कोशिश करें।</li>
<li style="text-align:justify;">पटाखे हमेशा खुली जगह पर ही जलाएं। इसके लिए पार्क या प्लेग्राउंड का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन पटाखे जलाने के बाद जगह को साफ जरूर कर दें।</li>
<li style="text-align:justify;">पटाखे जलाते हुए हमेशा उनसे दूर खड़े हों और फुल स्लीव्स वाले कपड़े ही पहनें।</li>
<li style="text-align:justify;">पटाखे जलाने के बाद उसके बचे हुए अवशेषों पर पानी जरूर डालें। कई बार उनमें आग बची रह जाती है, इससे किसी और या आपका भी पैर जला सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">पटाखे जलाने के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें और साथ में एक बाल्टी पानी और कंबल जरूर रखें।</li>
<li style="text-align:justify;">पटाखे जलाने के दौरान रेशमी कपड़े न पहनें बल्कि मोटे सूती कपड़ों को तरजीह दें।</li>
<li style="text-align:justify;">दीवाली पर रॉकेट जैसे पटाखे सबसे ज्यादा सावधानी से जलाएं। ये सुनिश्चित कर लें कि जिस भी बोतल या अन्य किसी चीज के जरिये आप उसे जला रहे हैं वो सीधी हो। दीवाली के दिन सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं ऐसे ही पटाखों से देखने को मिलती हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">पैरों में जूते पहनें और नंगे पांव कभी भी पटाखे न जलाएं।</li>
<li style="text-align:justify;"> अगर आप आतिशबाजी के शौकीन हैं तो आपको इस बात का जरूर खयाल रखना चाहिए कि पटाखे हमेशा अधिकृत और लाइसेंस्ड दुकानों से ही खरीदें।</li>
<li style="text-align:justify;">पटाखे हमेशा एक बंद डिब्बे में रखें, खासकर जब आप दीवाली की रात उन्हें जला रहे हों।</li>
<li style="text-align:justify;">पटाखों को हमेशा आग से दूर ही रखें। कोशिश करें कि जलने के बाद बचे हुए पटाखों के अवशेषों से भी बिना जले पटाखों को दूर रखा जाए।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 11:07:53 +0530</pubDate>
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