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                <title>PM Awas - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>PM Awas: दीपावली तोहफा, पीएम आवास योजना 2.0 के तहत अब इतनी आय वाले लोग ही कर सकेंगे आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[PM Awas: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत 1.41 लाख अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही पीएमएवाई-यू 2.0 योजना के अंतर्गत मंजूरियों की कुल संख्या 10 लाख से अधिक हो गई है। यह निर्णय आवासन और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/diwali-gift-only-people-with-this-much-income-can-apply-under-pm-awas-yojana-2-0/article-76998"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/pm-awas.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>PM Awas: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत 1.41 लाख अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही पीएमएवाई-यू 2.0 योजना के अंतर्गत मंजूरियों की कुल संख्या 10 लाख से अधिक हो गई है। यह निर्णय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकिथला की अध्यक्षता में केंद्रीय मंजूरी एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) की 5वीं बैठक में लिया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के संकल्प भवन में आयोजित इस बैठक में कुलदीप नारायण, संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक (जेएसएंडएमडी), एचएफए, एमओएचयूए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिव, विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पीएमएवाई-यू मिशन निदेशक और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में 14 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों अर्थात् असम, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, पुदुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, मेघालय, हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में आवास निर्माण के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए, आवासन और शहरी कार्य सचिव ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को घरों में आॅक्यूपेन्सी बढ़ाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत घरों का निर्माण पूरा होने के बाद, यह सुनिश्चित करें कि इसके हितधारकों के आवंटन में तेजी आए। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि परियोजनाओं को उन जगहों पर अंतिम रूप दिया जाना चाहिए जहां लाभार्थियों के जीवन को सुगम बनाने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा, सड़कें, सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी उपलब्ध हो।</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक (जेएसएंडएमडी), एचएफए ने आवासन और शहरी कार्य सचिव को पीएमएवाई-यू 2.0 के कार्यान्वयन की स्थिति से अवगत कराया और कहा कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को घरों के निर्माण कार्य की नींव रखने और उन्हें तेजी से पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। संयुक्त सचिव एवं प्रबंध निदेशक ने यह भी बताया कि प्रगति की निगरानी के लिए पीएमएवाई-यू घरों की नींव रखने और पूरा करने के लिए एक नियमित अभियान चलाया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति ने पीएमएवाई-यू 2.0 की प्रगति की भी समीक्षा की और घरों का समय पर निर्माण पूरा करना सुनिश्चित करते हुए योजना के कार्यान्वयन को बढ़ाने की कार्यनीतियों पर चर्चा की। पीएमएवाई-यू 2.0 पात्र शहरी लाभार्थियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने पर केंद्रित है। यह शहरी गरीबों और समाज के निर्बल वर्गों को किफायती पक्के मकान उपलब्ध कराकर एक समतामूलक समाज के निर्माण में योगदान देती है जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति की बैठक में, केवल महिलाओं के लिए लगभग 76,976 घरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें एकल महिलाएं, विधवाएं और अलग रह रही महिलाएं शामिल हैं, जो महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सशक्त बनाने के सरकार के संकल्प को रेखांकित करता है। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए 13,509 घरों को मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, ट्रांसजेंडरों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, उन्हें 7 घर आवंटित किए गए हैं। विभिन्न वंचित समूहों में, अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए 29,131 घर, अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों के लिए 6,561 घर और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 74,291 घर स्वीकृत किए गए हैं। पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत स्वीकृत कुल 10 लाख से ज्यादा घरों में से 6.31 लाख से ज्यादा घर केवल महिला लाभार्थियों को आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 70,794 लाभार्थी विधवाएं, अलग रह रही महिलाएं या अविवाहित हैं। पीएमएवाई-यू 2.0 ने ट्रांसजेंडरों के लिए भी 163 आवास इकाइयां स्वीकृत की हैं। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों को 1.04 लाख घर आवंटित किए गए हैं। अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए 2.20 लाख घर स्वीकृत किए गए हैं, 51,181 अनुसूचित जनजाति के लाभार्थी हैं, जबकि 5.35 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञात रहे कि प्रधानमंत्री आवास योजना – अर्बन, शहरी भारत के पात्र लाभार्थियों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त, हर मौसम में उपयोग के लिए उपयुक्त पक्के घर उपलब्ध कराने हेतु 2015 में शुरू की गई थी। पीएमएवाई-यूके अंतर्गत, 95.51 लाख पक्के घर पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं और लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं। किफायती आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए, इस योजना को नया रूप दिया गया और सितंबर 2024 में पीएमएवाई-यू 2.0 के रूप में लॉन्च किया गया ताकि अतिरिक्त एक करोड़ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को पक्का घर बनाने या खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके। पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत, स्वीकृत घरों की कुल संख्या 122 लाख है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत, एक करोड़ परिवारों को शहरी क्षेत्रों में पक्का घर बनाने या खरीदने के लिए सरकार द्वारा 2.50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। योजना के अंतर्आगत र्थिक रूप से निर्बल वर्ग (ईडब्ल्यूएस)/निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के वे परिवार, जिनके पास देश में कहीं भी पक्का घर नहीं है, पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत लाभ के पात्र हैं। योजना के लिए आवेदन करने वाले परिवारों की वार्षिक घरेलू आय नौ लाख रुपये तक होनी चाहिए। पीएमएवाई-यू 2.0 को चार चरणों – लाभार्थी-आधारित निर्माण (बीएलसी), साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी), किफायती किराये के आवास (एआरएच) और ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस) के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Oct 2025 10:28:25 +0530</pubDate>
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