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                <title>Punjab Roadways Bus Strike - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Punjab Roadways Bus Strike RSS Feed</description>
                
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                <title>Punjab Bus Strike: पनबस और पंजाब रोडवेज के संविदा कर्मचारियों के आंदोलन से राज्यभर में बस सेवाएं बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल का व्यापक प्रभाव आम जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। पनबस और पंजाब रोडवेज के संविदा कर्मचारियों द्वारा शुरू किए गए आंदोलन के कारण राज्यभर में हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/bus-services-disrupted-across-the-state-due-to-agitation-by/article-86184"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/punjab-bus-strike-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Punjab Bus Strike News: पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल का व्यापक प्रभाव आम जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। पनबस और पंजाब रोडवेज के संविदा कर्मचारियों द्वारा शुरू किए गए आंदोलन के कारण राज्यभर में हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस सेवाओं के प्रभावित होने से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, मरीजों और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बुधवार दोपहर 12 बजे से शुरू हुई हड़ताल के चलते विभिन्न जिलों में सरकारी बसों का संचालन प्रभावित हो गया। प्रदेश में लगभग 3,000 पीआरटीसी और 1,600 पनबस बसें संचालित होती हैं। इनके संचालन में करीब 5,500 संविदा कर्मचारी और 4,500 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि संविदा कर्मचारी पूरी तरह काम बंद कर देते हैं तो आधे से अधिक सरकारी बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है। पंजाब रोडवेज और पनबस राज्य के भीतर तथा अंतरराज्यीय मार्गों पर व्यापक परिवहन नेटवर्क संचालित करते हैं। इन सेवाओं के माध्यम से प्रतिदिन लगभग पांच लाख यात्रियों को आवागमन की सुविधा मिलती है। ऐसे में हड़ताल का प्रभाव लाखों लोगों की दैनिक गतिविधियों पर पड़ना स्वाभाविक है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसी कारण कर्मचारियों को आंदोलन और चक्का जाम का रास्ता अपनाना पड़ा। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिनभर परेशान दिखे यात्री</h4>
<p style="text-align:justify;">हड़ताल का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां सरकारी बसें लोगों के लिए मुख्य परिवहन साधन हैं। बस सेवाएं प्रभावित होने से गांवों के लोगों को शहरों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है और उन्हें निजी वाहनों अथवा महंगे परिवहन विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है। गर्मी की छुट्टियों के कारण बड़ी संख्या में परिवार पर्यटन स्थलों की ओर यात्रा कर रहे हैं। ऐसे समय में बसों की कमी ने यात्रियों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। वहीं कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया जारी होने के कारण विद्यार्थियों को भी यात्रा संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हड़ताल का प्रभाव केवल यात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी आय पर भी पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज और पनबस की प्रतिदिन की आय लगभग दो से तीन करोड़ रुपये के बीच रहती है, जबकि पीआरटीसी की दैनिक कमाई करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये बताई जाती है। यदि तीन दिन तक पूर्ण चक्का जाम जारी रहता है तो सरकार को 12 से 15 करोड़ रुपये तक के प्रत्यक्ष वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। पीआरटीसी और पनबस संविदा कर्मचारी यूनियन के महासचिव शमशेर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर 8 मई, 2 जून और 4 जून को सरकार के साथ बैठकें हुई थीं, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने मजबूरी में यह कदम उठाया है और मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मरीजों-महिलाओं पर असर</h4>
<p style="text-align:justify;">अस्पतालों में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों पर भी हड़ताल का असर पड़ा है। विशेष रूप से पीजीआई तथा अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचने वाले लोगों को अतिरिक्त समय और खर्च वहन करना पड़ रहा है। इसके अलावा पंजाब सरकार की मुफ्त बस यात्रा योजना का लाभ लेने वाली हजारों महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी बसों की कमी के कारण उन्हें वैकल्पिक परिवहन साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/punjab-bus-strike-news.jpg" alt="Punjab Bus Strike News" width="1280" height="720"></img>
Punjab Bus Strike News: कर्मचारियों के हड़ताल के बीच बस अड्डे में कतारबद्ध तरीके से खड़ी बसें।

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Punjab Bus Strike News: कर्मचारियों के हड़ताल के बीच बस अड्डे में कतारबद्ध तरीके से खड़ी बसें।
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 21:19:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार ने परिवहन विभाग के संविदा कर्मियों की मांगों पर जताई सहमति, हड़ताल समाप्त</title>
                                    <description><![CDATA[तीन बजे से पूरे राज्य में बस सेवाएं हुई बहाल, यात्रियों को मिली राहत सरकार ने गिरफ़्तार बस कर्मचारियों को किया रिहा कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने पर भी बनी सहमति चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: पंजाब सरकार द्वारा राज्य परिवहन विभाग के संविदा कर्मचारियों की मांगें मान लिए जाने के बाद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-government-agreed-to-the-demands-of-the-contract-workers-of-the-transport-department/article-78841"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/punjab-roadways-strike.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">तीन बजे से पूरे राज्य में बस सेवाएं हुई बहाल, यात्रियों को मिली राहत</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>सरकार ने गिरफ़्तार बस कर्मचारियों को किया रिहा</li>
<li>कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने पर भी बनी सहमति</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। </strong>Chandigarh News: पंजाब सरकार द्वारा राज्य परिवहन विभाग के संविदा कर्मचारियों की मांगें मान लिए जाने के बाद पंजाब रोड़वेज, पनबस और पीआरटीसी परिवहन के संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को पिछले पांच दिनों से चल रही हड़ताल को समाप्त करने की घोषणा की। अपराह्न लगभग तीन बजे से पूरे राज्य में बस सेवाएं बहाल हो गयीं। यह फैसला कर्मचारी यूनियनों और राज्य सरकार के बीच सफल बातचीत के बाद लिया गया है। ट्रांसपोर्ट कर्मचारी 27 नवंबर से हड़ताल पर थे, जिससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, खासकर महिलाओं को बहुत परेशानी हो रही थी, जो मुफ़्त यात्रा के लिए सरकारी बस सेवाओं पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब रोडवेज यूनियन के जिला जालंधर प्रधान सतपाल सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा उनकी मुख्य मांगों पर सहमति जताने के बाद यूनियन हड़ताल वापस ले रही है। यूनियन के प्रतिनिधियों के अनुसार, राज्य सरकार ने गिरफ़्तार बस कर्मचारियों को रिहा कर दिया है। उन्होंने बताया कि अभी तीन से चार कर्मचारी ही पुलिस हिरासत में हैं, जिन्हें भी अगले एक दो दिनों में रिहा करने पर सहमति बन गई है। सरकार विरोध के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने पर भी सहमत हो गई है। हड़ताली कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने, किलोमीटर स्कीम को बंद करने और हिरासत में लिए गए स्टाफ सदस्यों को रिहा करने की मांग कर रहे थे। अब आधिकारिक तौर पर हड़ताल खत्म होने के साथ, सभी सरकारी बसें सामान्य रूप से चलेंगी, जिससे पूरे राज्य में यात्रियों को बहुत जरूरी राहत मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यूनियन के जिला प्रधान गुरप्रीत सिंह के मुताबिक सरकार ने गिरफ्तार किए गए बस कर्मियों को रिहा करने की मांग मान ली है। सरकार ने जिन कर्मचारियों पर केस दर्ज दर्ज थे । उन्हें रद्द करने की मांग करने की मान ली है। यूनियन के मुताबिक बुधवार को यूनियन की बैठक होगी जिसमें अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने तथा किलोमीटर स्कीम बंद करने को लेकर दोबारा चर्चा कर संघर्ष की अगली रणनीति बनेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कर्मचारियों ने किलोमीटर-आधारित बस योजना से जुड़ी निविदा खोलने के खिलाफ शुरू की थी हड़ताल | Chandigarh News</h3>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों ने किलोमीटर-आधारित बस योजना से जुड़ी निविदा खोलने के खिलाफ 27 नवंबर को हड़ताल शुरू की थी। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के कई नेताओं को पुलिस ने गुरुवार देर रात और शुक्रवार सुबह कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने के बाद कर्मचारी हड़ताल पर चले गये थे। यूनियन ने पहले किलोमीटर-आधारित बस योजना के तहत टेंडर खोलने के विरोध और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर हड़ताल की घोषणा की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका दावा था कि यह प्राइवेट बसों को लाने और सरकारी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को खत्म करने की एक पिछले दरवाजे से कोशिश है, जिससे प्राइवेट आॅपरेटर सरकार द्वारा बताये गये रूट पर बसें चला सकें। उनके विरोध प्रदर्शन से पहले, कई यूनियन नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिसके बाद पंजाब में कई जगहों पर अफरा-तफरी मच गयी, क्योंकि विरोध कर रहे कर्मचारियों की पुलिस से झड़प हो गई थी। Chandigarh News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="मिष्ठान की दुकानों पर फ़ूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी, भरे सैंपल" href="http://10.0.0.122:1245/food-safety-department-raids-sweet-shop/">मिष्ठान की दुकानों पर फ़ूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी, भरे सैंपल</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-government-agreed-to-the-demands-of-the-contract-workers-of-the-transport-department/article-78841</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 20:32:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Punjab Govt Bus Strike: पीआरटीसी व पनबस कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में हड़ताल की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़। पंजाब राज्य रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेट (पीआरटीसी) तथा पनबस कर्मियों ने 23 अक्टूबर को पंजाबभर में चक्का जाम करने का ऐलान किया है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार उनके हित की उपेक्षा कर रही है और पीआरटीसी एवं पनबस के निजीकरण संबंधी कदम उठाए जा रहे हैं, जिस पर वे तीव्र विरोध […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/prtc-and-punbus-employees-threaten-strike-against-privatization/article-77084"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/punjab-roadways.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चंडीगढ़। पंजाब राज्य रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेट (पीआरटीसी) तथा पनबस कर्मियों ने 23 अक्टूबर को पंजाबभर में चक्का जाम करने का ऐलान किया है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार उनके हित की उपेक्षा कर रही है और पीआरटीसी एवं पनबस के निजीकरण संबंधी कदम उठाए जा रहे हैं, जिस पर वे तीव्र विरोध दर्ज करा रहे हैं। Punjab Govt Bus Strike News</p>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारी संघों के नेतृत्वकर्ता एवं पनबस यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने कहा कि वर्तमान आम आदमी पार्टी सरकार ने निजीकरण बंद करने का वादा कर सत्ता में प्रवेश किया था, परंतु अब वे वही नीतियाँ अपना रही हैं जो सरकारी परिवहन सेवा को कमजोर कर देगी और कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देगी। उनका कहना है कि यदि सरकार पीआरटीसी-पनबस के निजीकरण के लिए टेंडर जारी करती है तो सार्वजनिक संपत्ति और सार्वजनिक हित दोनों को भारी नुक़सान होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है कर्मचारियों का विरोध कारण | Punjab Govt Bus Strike News</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारियों का कहना है कि टेंडरों के खुलने के बाद प्राइवेट ऑपरेटर कुछ वर्षों में बसों का पूरा वित्त लेकर व्यवस्थित तरीके से सार्वजनिक सेवा पर कब्जा कर लेंगे। वे आशंका जताते हैं कि निजीकरण के कारण सेवाओं की गुणवत्ता व कर्मचारियों की नौकरियों पर संकट आएगा और सार्वजनिक विकलांग वर्ग व गरीब यात्रियों को वृद्धि हुई किराए व घटती सेवा का सामना करना पड़ेगा। कर्मचारियों ने सैलरी भुगतान में लगातार देरी तथा वेतन संबंधी अन्य समस्याओं का भी उल्लेख किया। कई कर्मियों ने बताया कि उन्हें महीना पूरा होने पर भी वेतन समय पर नहीं मिलता और उत्सवों के समय कठिनाई का सामना करना पड़ा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कर्मचारियों की मांगें और चेतावनी | Punjab Govt Bus Strike News</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि सरकार तुरंत निजीकरण की प्रक्रिया रोक दे, बकाया वेतन समय पर जारी किया जाए तथा पीआरटीसी-पनबस के पुनरुद्धार के लिए ठोस नीति बनाई जाए। रेशम सिंह गिल ने कहा कि यदि उनकी माँगें नहीं मानीं तो 23 अक्टूबर के चक्का जाम के साथ-साथ वे तरनतारन चुनाव क्षेत्र में जनसमर्थन जुटाकर राजनीतिक चेतावनी भी देंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कर्मचारियों का योगदान सत्ता दिलवाने में रहा है और अब वे उसी शक्ति का प्रयोग सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरकारी नोट:</strong> (यदि लागू हो) (अभी तक सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई है।)</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/prtc-and-punbus-employees-threaten-strike-against-privatization/article-77084</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 20:50:35 +0530</pubDate>
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