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                <title>Across - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>देशभर में पांव पसार रहा स्वाइन फ्लू, सैकड़ों लोग बीमार, कई की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली(एजेंसी)। इन दिनों उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़त पर हैं। वायरस से होने वाली यह बीमारी लापरवाही बरतने पर गंभीर रूप अख्तियार कर सकती है, लेकिन सुखद बात यह है कि इसका समय रहते कारगर इलाज संभव है। कुछ सजगताएं बरतकर स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली(एजेंसी)।</strong> इन दिनों उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़त पर हैं। वायरस से होने वाली यह बीमारी लापरवाही बरतने पर गंभीर रूप अख्तियार कर सकती है, लेकिन सुखद बात यह है कि इसका समय रहते कारगर इलाज संभव है। कुछ सजगताएं बरतकर स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाने वाला इंफ्लूजा एक विशेष प्रकार के वायरस इंफ्लूजा ‘ए’ एच1 एन1 के कारण फैल रहा है। यह वायरस सुअर में पाए जाने वाले कई प्रकार के वायरस में से एक है। सुअर के शरीर में इस वायरस के रहने के कारण ही इसे स्वाइन फ्लू कहते हैं। वायरस के ‘जीन्स’ में स्वाभाविक तौर पर परिवर्तन होते रहते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ऐसे फैलता है स्वाइन फ्लू</h2>
<p style="text-align:justify;">स्वाइन फ्लू का संक्रमण व्यक्ति को स्वाइन फ्लू के रोगी के संपर्क में आने पर होता है। इस रोग से प्रभावित व्यक्ति को स्पर्श करने (जैसे हाथ मिलाना), उसके छींकने, खांसने या पीड़ित व्यक्ति की वस्तुओं के संपर्क में आने से स्वाइन फ्लू से कोई व्यक्ति ग्रस्त होता है। खांसने, छींकने या आमने-सामने निकट से बातचीत करते समय रोगी से स्वाइन फ्लू के वायरस दूसरे व्यक्ति के श्वसन तंत्र (नाक, कान, मुंह, सांस मार्ग, फेफड़े) में प्रवेश कर जाते हैं। अनेक लोगों में यह संक्रमण बीमारी का रूप नहीं ले पाता या कई बार सर्दी, जुकाम और गले में खराश तक ही सीमित रहता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">
ऐसे लोग जिनका प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यून सिस्टम) कमजोर होता है। जैसे बच्चे,वृद्ध, डायबिटीज या एच.आई.वी से ग्रस्त व्यक्ति।</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">दमा और ब्रॉन्काइटिस के मरीज।</li>
<li style="text-align:justify;">नशा करने वाले व्यक्ति।</li>
<li style="text-align:justify;">कुपोषण, एनीमिया या अन्य क्रोनिक बीमारियों से प्रभावित लोग।</li>
<li style="text-align:justify;">गर्भवती महिलाएं इस संक्रमण की चपेट में जल्दी आती हैं। गर्भवती महिलाओं में संक्रमण के कारण मृत्यु दर तुलनात्मक रूप से अधिक होती है। ऐसी</li>
<li style="text-align:justify;">महिलाओं को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकती है।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों के जटिल होने से रोगी को लोअर रेस्पाइरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, डीहाइड्रेशन और निमोनिया हो सकता है। ऐसी स्थितियों में रोगी की जान खतरे में पड़ सकती है। गले का खराब होना और कभी-कभी छाती में तकलीफ आदि जटिलताएं संभव हैं। इसके अलावा पुरानी गंभीर बीमारी का बिगड़ना जैसे अपर रेस्पाइरेटरी ट्रैक्ट की बीमारियां (साइनोसाइटिस आदि) और लोअर रेस्पाइरेटरी ट्रैक्ट की बीमारियां (निमोनिया, ब्रॉन्काइटिस और दमा) होने की आशंकाएं ज्यादा होती हैं। इसी तरह हृदय संबंधी कुछ बीमारियों के होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। वहीं स्वाइन फ्लू की गंभीर स्थिति में न्यूरोलॉजिकल डिस्ऑर्डर भी उत्पन्न हो सकते हैं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jan 2019 19:37:27 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>देशभर में नए साल का जश्न, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली(सच कहूँ)। घडी की सुईयों ने जैसे ही बारह बजाए वैसे ही पूरा देश नए साल के आगमन की खुशी में जश्न मनाने में डूब गया। वर्ष 2018 को अलविदा कर वर्ष 2019 का स्वागत करने की खुशी का इजहार लोगों ने अपने-अपने अंदाज में किया। नेताओं से लेकर अभिनेताओं तक नववर्ष की बधाईयां […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-year-celebration-across-the-country/article-7151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-01/happy-new-year.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली(सच कहूँ)।</strong> घडी की सुईयों ने जैसे ही बारह बजाए वैसे ही पूरा देश नए साल के आगमन की खुशी में जश्न मनाने में डूब गया। वर्ष 2018 को अलविदा कर वर्ष 2019 का स्वागत करने की खुशी का इजहार लोगों ने अपने-अपने अंदाज में किया। नेताओं से लेकर अभिनेताओं तक नववर्ष की बधाईयां दे रहे हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने इस मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।नए साल का आगाज हो गया है।भारत में नए साल का जोरदार स्वागत किया गया। दिल्ली से लेकर शिमला और गोवा में जबरदस्त अंदाज में लोगों ने नववर्ष का स्वागत किया। न्यूजीलैंड में सबसे पहले 2019 की शुरुआत हुई और इस मौके पर जमकर जश्न मनाया गया। न्यूजीलैंड के बाद ऑस्ट्रेलिया में नए साल की शुरुआत हुई।</p>
<h2>पीएम मोदी ने सोमवार को ट्वीट कर न्यू ईयर की शुभकामनाएं दीं</h2>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने सोमवार को ट्वीट कर न्यू ईयर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘सभी को 2019 की शुभकामनाएं। मैं कामना करता हूं कि ये साल सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य लेकर आए।’राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने न्यू ईयर की बधाई दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं! वर्ष 2019 में सभी देशवासियों और पूरे विश्व समुदाय के जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और उल्लास का संचार होता रहे।’</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jan 2019 09:34:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेशभर में एस्मा लगने के बावजूद भी कर्मचारियों में आक्रोश, दी गिरफ्तारियां</title>
                                    <description><![CDATA[कर्मचारी विरोधी निर्णयों के खिलाफ गरजे कर्मचारी Embarrassment In The Employees, The Arrests Despite The Incidence Of Esma Across The State सरसा/फतेहाबाद। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में मंगलवार को जिला मुख्यालयों पर जेल भरो आन्दोलन का आयोजन किया गया। जिसमें सरसा, फतेहाबाद, गुरुग्रमा, हिसार, भिवानी सहित अन्य जिलों में कर्मचारियों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/embarrassment-in-the-employees-the-arrests-despite-the-incidence-of-esma-across-the-state/article-6004"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/embarrassment-in-the-employees-the-arrests-despite-the-incidence-of-esma-across-the-state.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">कर्मचारी विरोधी निर्णयों के खिलाफ गरजे कर्मचारी Embarrassment In The Employees, The Arrests Despite The Incidence Of Esma Across The State</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा/फतेहाबाद।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में मंगलवार को जिला मुख्यालयों पर जेल भरो आन्दोलन का आयोजन किया गया। जिसमें सरसा, फतेहाबाद, गुरुग्रमा, हिसार, भिवानी सहित अन्य जिलों में कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार की दमनकारी नीति, रोडवेज के हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा लगाकर उन्हें गिरफ्तार करके बर्खास्त करने का विरोध किया गया। इस दौरान फतेहाबाद जिला प्रधान भूप सिंह भड़ोलांवाली ने स्वास्थ्य विभाग के साथ रोडवेज कर्मचारियों पर एस्मा कानून लागू करने का विरोध किया और सरकार की घोर निंदा करते हुए कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से निलंबित किए गए कर्मचारियों को बहाल करे और एस्मा जैसे काले कानून को निरस्त करें वरना सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा बड़े आन्दोलन करने पर मजबूर होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारी बोले, सरकार बातचीत को नहीं तैयार Embarrassment In The Employees, The Arrests Despite The Incidence Of Esma Across The State</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोहतक।</strong> सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर बहुउदेश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों अनेक विभाग के कर्मचारियों ने सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारियां दी और अपना रोष प्रकट किया। हालांकि कर्मचारियों के आंदोलन को देखते हुए सरकार ने पहले ही एस्मा लागू की हुई है, लेकिन इसके बावजूद भी कर्मचारियों ने सरकार पर तानाशाही रवैये अपने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारियां दी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार कर्मचारियों की एकता को तोड़ने का प्रयास कर रही है, जिसका खामियाजा उसे आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा। बता दें कि पिछले 23 दिनों से बहुउदेश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी स्वीकृत समझौते के तहत नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर आंदोलनरत है, लेकिन सरकार ने अभी तक एक बार भी उन्हें बातचीत के लिए नहीं बुलाया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भिवानी में धारा 144 तोड़ी, पुलिस ने किया लाठी चार्ज</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी।</strong> भिवानी में कर्मचारियों ने एस्मा के विरोध में जेल भरो आंदोलन चलाया तथा सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने अपनी मांगो को लेकर बड़ी संख्या में शहर में प्रदर्शन किया तथा बाद में उपायुक्त कार्यालय पर पहुंच कर सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने जो वायादे किए थे वायदे पूरे करने तो दूर कर्मचारियों पर एस्मा लगा कर उन पर लाठी चार्ज किया तथा कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। वही दूसरी ओर सरकार विरोधी प्रदर्शन के नोटिस के बावजूद आज प्रशासन ने ना तो अस्थाई जेल बनाई ना ही पूर्ण बसों की व्यवस्था करवाई। बाद में कर्मचारी एकत्रित होकर जब उपायुक्त कार्यालय पर पहुंचे तो उन्होंने जोरदार प्रदर्शन शुरु कर दिया। कर्मचारियों ने पुलिस के बेरिकेटस तोड़ दिए तथा धारा 144 भी तोड़ दी। इस दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी भी कर्मचारियों ने की।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Sep 2018 12:52:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब विद्यार्थी प्रदेशभर में चलाएंगे ‘पौधागिरी’ अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[ अभियान को लेकर विभाग ने स्कूलों से मांगी डिमांड साल तक पौधे की विद्यार्थी को करनी होगी संभाल, मिलेंगे 50 रुपए छमाही विद्यालयों में होगी सैल्फी विद ट्री नामक प्रतियोगिता ‘Puddhagiri’ campaign will now run across the state सच कहूँ-सुनील वर्मा सरसा। देश व प्रदेश में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण व ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से निपटने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/puddhagiri-campaign-will-now-run-across-the-state/article-4570"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/ppdharopan.jpg" alt=""></a><br /><h2> अभियान को लेकर विभाग ने स्कूलों से मांगी डिमांड</h2>
<h2>साल तक पौधे की विद्यार्थी को करनी होगी संभाल, मिलेंगे 50 रुपए छमाही</h2>
<h2>विद्यालयों में होगी सैल्फी विद ट्री नामक प्रतियोगिता</h2>
<h2>‘Puddhagiri’ campaign will now run across the state</h2>
<p><strong>सच कहूँ-सुनील वर्मा </strong><strong>सरसा।</strong> देश व प्रदेश में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण व ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से निपटने के लिए प्रदेश सरकार गंभीर नजर आ रही है ‘Puddhagiri’ campaign will now run across the state। वन विभाग द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों से सरकार संतुष्ट नजर नहीं आ रही है,इसलिए अब स्कूलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कड़ा कदम उठाया हैै। सरकार ने स्कूलों में विद्यार्थियों से पौधारोपण करवाने व उनके पालन-पोषण के लिए हरियाणा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश जारी किए है। मानसून के मौसम में अब ‘पौधागिरी’ के नाम से प्रदेश भर के सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में 10 जुलाई से 30 अगस्त तक विशेष पौधारोपण अभियान चलाकर 20 लाख से अधिक पौधे रोपित किए जाएंगे।</p>
<h2>छठीं से 12वीं के विद्यार्थी लेंगे भाग</h2>
<h2>‘Puddhagiri’ campaign will now run across the state</h2>
<p>प्रदेशभर के सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में चलने वाले पौधारोपण अभियान को ‘पौधागिरी’ का नाम दिया गया हैै। इस अभियान में कक्षा छठीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी भाग लेंगे। किस स्कूल में कितने पौधे और किस-किस किस्म के पौधे लगाए जाएंगे,इसकी पूरी जिम्मेवारी स्कूलों में बने इकों क्लब के इंचार्ज की होगी। सर्वप्रथम इकों क्लब के इंचार्ज पौधों की सख्यां व किस्म के बारे में वन अधिकारी को लिखित में देंगे। इसके पश्चात वे पौधशालाओं से पौधे ले पाएंगे।</p>
<h2>10 जुलाई से 30 अगस्त तक चलेगा अभियान</h2>
<h2>‘Puddhagiri’ campaign will now run across the state</h2>
<p>प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण में इस बार विद्यार्थियों की हिस्सेदारी तय की गई है। सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में 10 जुलाई से 30 अगस्त तक विशेष पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। पौधारोपण के लिए जिला के सभी स्कूलों से पौधों की सख्यां और किस्म के बारे में जानकारी मांगी गई है, जल्द ही उसकी पूरी डिटेल वन अधिकारी को सौंप दी जाएगीं।<br />
-डॉ. यज्ञदत्त वर्मा, डीईओ सरसा।</p>
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                <pubDate>Sat, 30 Jun 2018 08:52:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योग की महिमा से महका विश्व</title>
                                    <description><![CDATA[प्रभुनाथ शुक्ल भारत की समस्त सृष्टि और संस्कार में योग समाहित है। योग मानसिक और शारीरिक विकारों से मुक्ति का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक ज्ञान है। इसकी सार्थकता को दुनिया के कई धर्मों ने स्वीकार किया है। योग सिर्फ व्यायाम का नाम नहीं बल्कि इसके आठ आयामों के जरियए हम मन, मस्तिष्क और शारीरं को नियंत्रित […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/the-fragrance-of-the-yoga-spread-across-the-world/article-4351"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/yoga-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रभुनाथ शुक्ल</strong></p>
<p style="text-align:justify;">भारत की समस्त सृष्टि और संस्कार में योग समाहित है। योग मानसिक और शारीरिक विकारों से मुक्ति का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक ज्ञान है। इसकी सार्थकता को दुनिया के कई धर्मों ने स्वीकार किया है। योग सिर्फ व्यायाम का नाम नहीं बल्कि इसके आठ आयामों के जरियए हम मन, मस्तिष्क और शारीरं को नियंत्रित कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आधुनिक जीवन पद्धति में योग सेहत और स्वास्थ्य से जुड़ गया है। योग की परिभाषा को शब्द जाल में नहीं समेटा जा सकता। योग आध्यात्मिक प्रक्रिया है। जिसके माध्यम से हम शरीर, मन और आत्मा को एक साथ केंद्रीय बिंदु में स्थिर कर सकते हैं। योग को सार्वभौंमिक बना कर जहां हम लोगों की तंदुरुस्ती सुधार सकते हैं वहीं कई बीमारियों से मुक्ति पा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
21 जून हमारे लिए गौरव का विषय है। भारत की लाखों साल पुरानी आध्यात्मिक और वैज्ञानिक व्यवस्था पर आधारित यह वैदिक ज्ञान अद्वितीय है। दुनिया ने अब इसकी उपलब्धि को स्वीकार किया है। दुनिया वालों को भारत ने अपनी यौगिग शक्ति और साधना के लाभ से परिचय कराया है। योग भारत के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बाजार साबित हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मेक इन इंडिया पालसी का भी हिस्सा हो सकता है। आयुर्वेद और हर्रबल के नाम से भागने वाली उत्पादन कंपनियां अब खुद अपने विज्ञापनों में आयुर्वेद निर्मित होने का दावा कर रही हैं। भारत के अलवा दुनिया के दूसरे देशों में भी भारत ने योग और आयुर्वेद के जरिये बाजारवाद का नजरिया बदलने में कामयाब हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व के लगभग 200 देश भारत की इस वैदिक परंपरा का अनुसरण करने लगे हैं। योग को अब वैश्विक मान्यता मिल गयी है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। दुनिया भर में योग की महत्वा स्थापित करने में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योग और आयुर्वेद को उन्होंने वैश्विक स्वीकारोक्ति बना दी। महर्षि पतंजलि ने योग साधाना के आठ आयाम बतायें है जिसमें यम, नियम, आसन, प्रणायाम, प्रत्यहार, धारणा, ध्यान और समाधि शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">
भारतीय मिशन ने संयुक्तराष्ट संघ में 11 अक्टूबर 2014 को इसका प्रस्ताव दिया था। अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया के 177 देशों ने भारत के पक्ष में वोट दिया। भारत अब दुनिया का विश्वगुरु बन गया है और वैश्विक स्तर पर 21 जून को अतंरराष्टीय योग दिवस घोषित कर दिया गया। आज भारत सहित दुनिया में 20 करोड़ से अधिक लोग योग साधना का लाभ उठा रहे हैं। काफी संख्या में मुस्लिम देश भी योग को अपना रहे हैं। आधुनिक युग की व्यस्त दिनचर्या में योग हमारे लिए अमृत है।</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी जिंदगी को खुशहाल और डिप्रेशन मुक्त बनाने के लिए योग हमें खुला आकाश देता हैं। भारत में योग की परंपरा 5000 हजार साल पुरानी है। भगवान कृष्ण ने गीता में स्वयं कहा है कि ‘योग: कर्मसु कौशलम’ यानी हमारे कर्मों में सर्वश्रेष्ठ योग है। योग यज्ञ है और यज्ञ कर्म है। योग जीवात्मा और परमेश्वर के मिलन का साधन मात्र ही नहीं ईश साधना का भी साध्य है। योगी भगवान कृष्ण ने योग को सर्वोपरि बताया है। उन्होंने कहा है कि ह्ययोगस्थ: कुरु कर्माणिह्य इसका तात्पर्य है कि योग में स्थिर होकर ही सद्चित कर्म संभव है। गीता में तीन प्रकार के योग ज्ञानयोग, भक्तियोग और कर्मयोग का वर्णन है।</p>
<p style="text-align:justify;">सांख्ययोग में 25 तत्वों का उल्लेख है। गीता का छठवां अध्याय योग को समर्पित है। हमारा योगशास्त्र इस गौरवशाली उपलब्धि से अटा पड़ा है। इसके अलावा हमारे यहां लययोग, राजयोग का भी वर्णन है। चित्त की निरुद्ध अवस्था लयोग में आती है। राजयोग सभी योगों से श्रेष्ठ बताया गया है। महर्षि पतंजलि की योग परंपरा भारत में अधिक संवृद्धशाली है।</p>
<p style="text-align:justify;">
योग का इतिहास प्राचीन है। सिंधु घाटी सभ्यता का भी संबंध योग से है। प्राचीन काल की कई मूर्तियां योग मुद्रा में स्थापित हैं। भगवान शिव को योग मुद्रा में देखा जा सकता है। बुद्ध की मूर्तियां भी योग साधना में स्थापित हैं। बौद्ध और जैनधर्म में भी योग की महत्ता पर काफी कुछ है। बौद्ध और धर्म के अलावा ईसाई और इस्लाम में सूफी संगीत परंपरा में भी योग की बात आयी हैं। 21 जून विश्वयोग दिवस मनाया जाएगा। इसे लेकर पूरे देश और दुनिया में तैयारियां जोरों पर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">योग को धर्म विशेष से जोड़ कर इसकी उपलब्धि को कम करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। बदले दौर में योग का स्वरुप बदल गया है। योग को अपना कर अपनी जिंदगी को सुखी, शांत और निरोगी बना उन्नतशील जीवन जी कसते हैं। वहीं राष्ट निर्माण और विकास में अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
दुनिया भर में करोड़ों लोग योग को अपना नियमित जीवन बना लिया है। यह भारत के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि की बात है। योग संपूर्ण जीवन और चिकित्सा पद्धिति है। दुनिया में शांति युद्ध से नहीं योग से आएगी। देश विदेश के करोड़ों लोग योग से सुखी जीवन जी रहे हैं। योग से संबंधित युनिवर्सिटी, शोध संस्थान, आयुर्वेद मेडिसिन उद्योग नयी उम्मीदें और आशाएं लेकर आ रहे हैं। यही कारण है कि भारत और दुनिया में योग बाजारबाद का ब्रांड बन गया है। कभी आयुर्वेद उत्पादन से जुड़ी कुछ कंपनियां होती थी लेकिन आज बाढ़ आ गयी है। योग को पर्यटन उद्योग के रुप में विकसित किया जा सकता है। लाखों विदेशी आज भी भारत में शांति की खोज के लिए आते हैं। प्राकृकि सुंदरता के दर्शन करने यहां लोग आते है। जिससे पर्यटन उद्योग को करोड़ों रुपये का मुनाफा होता है। अब इसे संयुक्तराष्ट संघ से मान्यता मिल गई है तो यह बड़ी उपलब्धि है।<br />
विज्ञान और विकास के बढ़ते कदम तनाव की जिंदगी दे रहा है। जिंदगी की गति अधिक तेज हो चली है। लोगों के जीने का नजरिया बदल रहा है। काम का अधिक दबाव बढ़ रहा हैं जिसकी वजह से हाईपर टेंशन, और दूसरी बीमारियां फैल रही हैं। तनाव का सबसे बेहतर इलाज योग विज्ञान में ही हैं। वहीं लोगों में सुंदर दिखने की बढ़ती ललक भी योग और आयुर्वेद विज्ञान को नया आयाम देगी। यह पूरे भारत और उद्योग जगत के लिए गर्व का विषय है।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारी हजारों साल की वैदिक परंपरा को तीन साल पूर्व 2015 में वैश्विक मंच मिला है। योग का प्रयोग अब दुनिया भर में चिकित्सा विज्ञान के रुप में भी हा रहा है। यह हेल्दी वर्ल्ड और स्वस्थ भारत की ओर बढ़ता पहला कदम है। दुनिया के साथ मिलकर हम योग के जरिए विश्व को स्वस्थ और शांति के मार्ग पर आगे ले जायें। भारत दुनिया में हमेंशा शांति का प्रतीक रहा है, योग के जरिये हम सेहत और तंदुरुस्ती के भी महागुरु बन गए हैं।]</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Jun 2018 09:18:52 +0530</pubDate>
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                <title>बदलाव: स्कूलों में अब नहीं होगी ‘बत्ती गुल’</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेशभर के 4200 स्कूलों में लगेंगे सौर ऊर्जा सिस्टम, सरकार ने जारी किए निर्देश सरसा के 188 स्कूलों में लगेंगे सौर ऊर्जा सिस्टम सरसा(सच-कहूँ न्यूज)। अक्सर सरकारी स्कूलों में यह शिकायत रहती थी कि लाइट पर्याप्त न होने के कारण न तो बच्चे सही ढंग से पढ़ पा रहे हैं और न ही कम्प्यूटर वगैरह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/4200-schools-across-the-state-will-have-solar-power-systems/article-1668"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/solar-.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">प्रदेशभर के 4200 स्कूलों में लगेंगे सौर ऊर्जा सिस्टम, सरकार ने जारी किए निर्देश</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>सरसा के 188 स्कूलों में लगेंगे सौर ऊर्जा सिस्टम</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा(सच-कहूँ न्यूज)।</strong> अक्सर सरकारी स्कूलों में यह शिकायत रहती थी कि लाइट पर्याप्त न होने के कारण न तो बच्चे सही ढंग से पढ़ पा रहे हैं और न ही कम्प्यूटर वगैरह से काम हो पा रहा है। ऐसी दिक्कतों से पार पाने व विद्यार्थियों की सहुलियत के लिए प्रदेश सरकार ने कड़ा कदम उठाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके तहत चिह्नित सरकारी स्कूलों के लिए सरकार ने निर्देश जारी किए हैं यहां सौर ऊर्जा सिस्टम को लागू किया जाए। प्रदेश सरकार की ओर से इस संदर्भ में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। लिहाजा, शिक्षा विभाग ने इस पत्र के तहत आगामी कार्रवाई को अमल में लाना शुरू कर दिया है और माना जा रहा है कि शीघ्र ही प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सौर ऊर्जा सिस्टम शुरू हो जाएगा जिससे बिजली की किल्लत व दिक्कत दूर हो जाएगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सरसा के 92 सीनियर सैकंडरी व 96 हाई स्कूलों का हुआ चयन</h2>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा विभाग के मुख्यालय के अनुसार इस ताजा निर्देश के तहत पूरे प्रदेश के करीब 4600 स्कूलों का चयन किया गया है। इनमें जिला सरसा के 188 स्कूल हैं,जिनमें 92 सीनियर सैकंडरी व 96 हाई स्कूलों का चयन किया गया है, जहां सौर ऊर्जा सिस्टम लगेंगे। सरकार द्वार जारी हिदायत के तहत डीईओ ने भी इन स्कूलों के बारे में मुख्यालय को अवगत करवा दिया है और अब जल्द ही इन चयनित स्कूलों में सौर ऊर्जा सिस्टम लग जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा मुख्यालय की ओर से एक पत्र मिला है जिसमें यह जानकारी दी गई है कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार बिजली किल्लत को दूर करने के लिए सरकारी स्कूलों में सौर ऊर्जा सिस्टम लगाए जाएंगे। जिला में 188 सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है। इन स्कूलों का ब्यौरा मुख्यालय को भेज दिया गया है जहां कुछ ही दिनों बाद सौर ऊर्जा सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।’<br />
-डॉ.यज्ञदत्त वर्मा, डीईओ सरसा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बिजली गुल होने पर पढ़ाई होती थी बाधित</h2>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को अपने राडार पर ले रखा है। इन सभी स्कूलों में दी जानी वाली सुविधाओं व हो रही असुविधाओं की जानकारी जुटाने के बाद एक खाका तैयार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार को ज्ञात हुआ है कि प्रदेश के अधिकांश ऐसे स्कूल हैं जहां बिजली का खासा संकट छाया हुआ है और इस संकट का असर पढ़ाई से लेकर अन्य विभागीय काम काज पर पड़ रहा है। बिजली न होने के कारण न तो बच्चों को सही ढंग से पढ़ाया जा रहा है और साथ ही कम्प्यूटर इत्यादि भी बेकार साबित हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठकों में लगातार यह मुद्दा उठता रहा है कि स्कूलों में बिजली की काफी किल्लत है। इन सभी दिक्कतों को दूर करने के लिए ही सरकार ने विभाग के मुख्यालय को निर्देश जारी किए हैं कि वे बिजली संकट दूर करने व पढ़ाई का उचित वातावरण तैयार करने के लिए उन सभी स्कूलों को सौर ऊर्जा सिस्टम से जोड़ें जहां बिजली की किल्लत है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jun 2017 01:15:15 +0530</pubDate>
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