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                <title>Claim - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>डोकलाम पर भूटान ने ठुकराया ड्रैगन का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के दावों को मिला बल थिम्पू। डोकलाम मसले पर चीन के झूठा का पर्दाफाश हो गया है। भूटान सरकार ने डोकलाम मामले पर भारत को सही ठहराते हुए चीन के दावे को खारिज कर दिया है। भूटान सरकार ने डोकलाम पर चीन के विदेश मंत्रालय के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/bhutan-rejects-claim-on-doklam/article-3033"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/china-border1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">भारत के दावों को मिला बल</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>थिम्पू।</strong> डोकलाम मसले पर चीन के झूठा का पर्दाफाश हो गया है। भूटान सरकार ने डोकलाम मामले पर भारत को सही ठहराते हुए चीन के दावे को खारिज कर दिया है। भूटान सरकार ने डोकलाम पर चीन के विदेश मंत्रालय के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उसने कहा था कि सिक्किम सेक्टर पर स्थित डोकलाम उसका (चीन) हिस्सा नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">भूटान के इस बयान से भारत के उस दावे को बल मिला है, जिसमें कहा गया कि चीन भूटान के क्षेत्र में सड़क बना रहा है। चीन के शीर्ष राजनयिक वांग वेनली ने दावा किया था कि भूटान ने राजनयिक चैनल के जरिए बताया है कि डोकलाम का विवादित क्षेत्र उसके हिस्से में नहीं आता है। वेनली चीन के सीमा एवं महासागर मामले विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल हैं। बुधवार को उन्होंने यह दावा भारतीय मीडिया के सामने किया था। हालांकि वेनली ने इस बाबत किसी तरह का कोई सबूत नहीं उपलब्ध कराया था।</p>
<h2 style="text-align:justify;"> सीमा समझौता का उल्लंघन</h2>
<p style="text-align:justify;">भूटान सरकार के सूत्रों ने कहा कि डोकलाम मुद्दे पर हमारी स्थिति बिल्कुल साफ है। मालूम हो कि डोकलाम विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए भूटान ने गत 29 जून को कहा था कि चीन भूटान के भूभाग में सड़क बना रहा है, जो सीधे तौर पर सीमा समझौता का उल्लंघन है।</p>
<p style="text-align:justify;">16 जून 2017 को चीनी सेना ने डोकलाम इलाके के डोकोला से जोम्पेरली स्थित भूटान आर्मी कैंप की तरह सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया है। इस पर भूटान ने कहा कि जब तक सीमा विवाद का समाधान नहीं हो जाता है, तब तक शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए चीन के साथ साल 1988 और 1998 में सीमा समझौता हुआ था। भूटान ने उम्मीद जताई कि चीन 16 जून 2017 से पहले की तरह डोकलाम इलाके में यथास्थिति बनाए रखेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Aug 2017 08:56:49 +0530</pubDate>
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                <title>अब कसरत करने पर मिलेगी बिजली</title>
                                    <description><![CDATA[उपलब्धि: नेजिया के दो ग्रामीणों ने किया अद्भूत साईकिल बनाने का दावा दो घंटे की मेहनत से मिलेगी 6 घंटे बिजली सरसा (सुनील वर्मा)। प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। गाँवों में भी प्रतिभा के धनी लोगों की कमी नहीं है। ये लोग संसाधनों की कमी को अपने राह की बाधा नहीं बनने देते बल्कि कौशल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/villagers-claim-to-make-amazing-cycling/article-1671"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/sirsa-01.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">उपलब्धि: नेजिया के दो ग्रामीणों ने किया अद्भूत साईकिल बनाने का दावा</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दो घंटे की मेहनत से मिलेगी 6 घंटे बिजली </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सुनील वर्मा)। </strong>प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। गाँवों में भी प्रतिभा के धनी लोगों की कमी नहीं है। ये लोग संसाधनों की कमी को अपने राह की बाधा नहीं बनने देते बल्कि कौशल के बल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हैं। सरसा जिले के गाँव नेजियाखेड़ा के दो ग्रामीणों रामेश्वरदास व राजकुमार ने। दोनों ने ऐसी साईकिल बनाने का दावा किया है, जो स्वास्थ्य के साथ-साथ बिजली के खर्च से भी निजात दिलाएगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">साढ़े तीन साल में मिली सफलता</h2>
<p style="text-align:justify;">गाँव नेजियाखेड़ा निवासी रामेश्वरदास व राजकुमार ने साइकिल के माध्यम से बिजली उत्पादन करने की सोची। साढ़े तीन साल बाद वे ऐसी साइकिल तैयार करने में कामयाब हुए, जिसे प्रतिदिन 2 घंटे चलाने पर 6 से 8 घंटे की बिजली का जुगाड़ हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गाँव में ही वैल्डिंग का कार्य करने वाले राजकुमार तथा कज्यूमर कोर्ट में चौकीदार के रूप में कार्यरत रामेश्वरदास के दिमाग में विचार आया कि ऐसा कोई साधन खोजना चाहिए, जिससे बिजली से वंचित लोग भी अंधेरे में न रहें तथा जिन ढाणियों में बिजली नहीं है, वहां पर इंवर्टर व बैट्री को चार्ज करना भी संभव हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में प्रयोग करते-करते रामेश्वर व राजकुमार ने ऐसी साइकिल तैयार की, जिसके पैड़ल मारने से बैट्री चार्ज हो जाती है। एक बार बैट्री चार्ज होने पर 200 वॉट तक का लोड 6 से 8 घंटे तक उठाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इंवर्टर-बैट्री को बिजली की जरूरत नहीं पड़ती। अब साइकिल से बिजली पैदा करने वाले रामेश्वर व राजकुमार इस आविष्कार को लेकर सरकार से मदद की बाट जो रहे हैं, ताकि यह सुविधा उन परिवारों तक पहुंच सके, जो बिजली का कनेक्शन लेने में असमर्थ हैं या बिजली का बिल अदा नहीं कर सकते।</p>
<p style="text-align:justify;">अथवा बिजली से वंचित ढाणियों में रहते हैं। उनका इरादा है कि सरकार मदद करें तो उनकी यह खोज मात्र 5-6 हजार रुपये में उपलब्ध हो सकती है। हालांकि इसे तैयार करने में उनका 15 से 20 हजार रुपया खर्च हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Tue, 27 Jun 2017 01:33:22 +0530</pubDate>
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