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                <title>Kalesar National Park - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Kalesar National Park RSS Feed</description>
                
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                <title>Haryana Environment News: हरियाणा के कलेसर वन में बड़ा घोटाला! हजारों खैर के पेड़ गायब, अधिकारी सस्पेंड</title>
                                    <description><![CDATA[Haryana Environment News:  यमुनानगर के कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में 3253 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि होने के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। जानिए पूरा मामला और जांच की ताजा जानकारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/big-scam-in-haryanas-kalesar-forest-felling-of-thousands-of/article-85389"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/haryana-environment-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Haryana Environment News:  प्रताप नगर, (सच कहूं राजेंद्र कुमार)। </strong>यमुनानगर के कलेसर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव विहार क्षेत्र में खैर के हजारों पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में 3253 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि होने पर क्षेत्र के इंचार्ज वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर लीलू राम को सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, वन विभाग को कलेसर क्षेत्र में खैर के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक, हरियाणा के निर्देश पर मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) गुरुग्राम की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति गठित की गई थी जिसमें बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई से उठे सवाल थे।</p>
<p><a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-family-id-these-big-changes-are-going-to-happen/article-85372">Haryana Family ID: फैमिली आईडी सिस्टम में होने जा रहे हैं ये बड़े बदलाव, इन लोगों के कटेंगे नाम, जानें</a></p>
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<div><span style="text-align:justify;">वहीं रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कलेसर क्षेत्र में कुल 3253 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। इनमें 1473 नए कटान और 1780 पुराने कटान के मामले शामिल पाए गए। </span><span style="text-align:justify;">जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि संबंधित क्षेत्र की निगरानी और संरक्षण की जिम्मेदारी वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर लीलू राम के पास थी। </span></div>
</div>
</div>
<h4 style="text-align:justify;">अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी | Haryana Environment News</h4>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के आधार पर वन विभाग ने इसे कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियमों के तहत लीलू राम को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पंचकूला निर्धारित किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अवैध कटाई में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जाएगी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:14:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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                <title>Kalesar National Park: यमुना में पक्षी प्रेमियों को लुभा रहे रंग-बिरंगे प्रवासी पक्षी </title>
                                    <description><![CDATA[वन्य प्राणी विभाग रखे हुए है प्रवासी पक्षियों पर सुरक्षा की नजर प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Kalesar National Park: कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में हाल ही में कई लुप्तप्राय और प्रवासी पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई है। सर्दियों के मौसम की शुरूआत के साथ, बर्फीले देशों से बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी यहां […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-kalesar-national-park-is-home-to-several-endangered-and-migratory-bird-species/article-78637"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/kalesar-national-park.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">वन्य प्राणी विभाग रखे हुए है प्रवासी पक्षियों पर सुरक्षा की नजर</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। </strong>Kalesar National Park: कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में हाल ही में कई लुप्तप्राय और प्रवासी पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई है। सर्दियों के मौसम की शुरूआत के साथ, बर्फीले देशों से बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी यहां पहुंचते हैं। अप्रैल 2025 में किए गए एक सर्वेक्षण में, कलेसर राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और सीआईटीईएस के तहत संरक्षित सात लुप्तप्राय पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। अक्सर नवंबर के महीने मे, यमुना नदी क्षेत्र और हथिनीकुंड बैराज पर झीलनुमा पानी में रंग-बिरंगे प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं। जो पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि यह क्षेत्र पक्षी प्रेमियों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है, खासकर सर्दियों में जब विविध प्रवासी पक्षी यहाँ देखे जा सकते हैं। वन्य प्राणी विभाग इन मेहमान पक्षियों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरत रहा है और उनके संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं। कलेसर नेशनल पार्क में विदेशी पक्षियों की कई प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं। यह पार्क हर साल सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षियों का घर बन जाता है। इनमें से कुछ प्रमुख प्रजातियाँ हैं। जो अपनी विशेषता के लिए जाने जाते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कलेसर वेटलैंड विदेशी पक्षियों के लिए एक आदर्श आवास</h3>
<p style="text-align:justify;">कलेसर नेशनल पार्क में इन विदेशी पक्षियों को देखने के लिए नवंबर से मार्च तक का समय सबसे अच्छा रहता है। जब ये पक्षी अपने प्रवास के लिए यहाँ आते हैं। कलेसर वेटलैंड विदेशी पक्षियों के लिए एक आदर्श आवास है, क्योंकि यहाँ उन्हें भोजन, पानी, और आश्रय की सभी आवश्यक चीजें मिलती हैं। कलेसर वेटलैंड में विभिन्न प्रकार के जलीय पौधे, मछलियाँ, और अन्य जलीय जीव पाए जाते हैं, जो पक्षियों के लिए एक विविध और रोमांचक वातावरण प्रदान करते हैं। कलेसर वेटलैंड का मौसम पक्षियों के लिए उपयुक्त है, जो उन्हें अपने प्रवास के दौरान आराम करने और भोजन करने के लिए एक अच्छा स्थान प्रदान करता है। कलेसर वेटलैंड विदेशी पक्षियों के लिए एक आदर्श आवास है, जो उन्हें अपने प्रवास के दौरान आवश्यक सभी चीजें प्रदान करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विदेशी पक्षी कलेसर की शाल वैली और वेटलैंड में करते है विचरण: लीलू राम</h3>
<p style="text-align:justify;">वन्य प्राणी विभाग के जिला निरीक्षक लीलू राम और वन्य प्राणी रक्षक सुमित कुमार ने बताया कि नवम्बर माह में अधिक ठंडे देशों से कुछ विदेशी पक्षी कलेसर की शाल वैली और वेटलैंड में विचरण करते है। वन्य प्राणी विभाग लगातार इन पर जर बनाए हुए है और इनकी गतिविधियों पर भी सुरक्षा के मद्देनजर नजर रखे हुए है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यूरोप से भी आ जाते हैं पक्षी | Kalesar National Park</h3>
<p style="text-align:justify;">कलेसर वेटलैंड में आने वाले विदेशी पक्षी मुख्य रूप से रूस, यूरोप, साइबेरिया, अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, ईरान, चीन और मंगोलिया से आते हैं। ये पक्षी सर्दियों में अपने मूल स्थानों से प्रवास करके कलेसर वेटलैंड में आते हैं, जहां उन्हें भोजन, पानी और आश्रय मिलता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन पक्षियों का हुआ है यहां आगमन</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">फ्लेमिंगो पक्षी अपनी लंबी चोंच और गुलाबी रंग के लिए जाने जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">पेलिकन पक्षी अपनी बड़ी चोंच और जल में तैरने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">शॉवलर पक्षी अपनी चपटी चोंच और जल में भोजन ढूंढ़ने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">वेडर व कॉमन क्रन पक्षी अपने लंबे पैरों और जल में तैरने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">पिनटेल पक्षी अपनी लंबी पूंछ और जल में तैरने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">बार-हेडेड गीज पक्षी अपनी काली धारियों और जल में तैरने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रे लेग गीज पक्षी अपनी भूरे रंग की पैरों और जल में तैरने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">टफ्टेड डक पक्षी अपनी चमकदार हरी चोंच और जल में तैरने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">पेरेग्रीन फाल्कन पक्षी अपनी तेज गति और शिकारी क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं।</li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="ये भात हरियाणा में बन गया चर्चा का विषय, जानिये…" href="http://10.0.0.122:1245/the-ritual-of-filling-rice-on-the-occasion-of-marriage-in-bhattu-kalan-has-become-a-topic-of-discussion-in-haryana/">ये भात हरियाणा में बन गया चर्चा का विषय, जानिये…</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 15:22:10 +0530</pubDate>
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